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Tuesday, September 22, 2020

अव्यवस्था:कोरोना काल में धूल फांक रही है रेडक्रॉस की विद्या वाहिनी, गांव जाकर बच्चों को कंप्यूटर सिखाना था जो उद्देश्य

अव्यवस्था:कोरोना काल में धूल फांक रही है रेडक्रॉस की विद्या वाहिनी, गांव जाकर बच्चों को कंप्यूटर सिखाना था जो उद्देश्य

फिलहाल आरसीआईटी में इस्तेमाल हो रहे लैपटॉप, बस जल्द शुरू होने के आसार,लगभग 20 लाख की लागत से तैयार हुई थी बस, सिखाने के लिए 20 लैपटॉप भी लगाए थे

गांव-गांव जाकर बच्चों को कंप्यूटर बेसिक ट्रेनिंग देने वाली रेडक्रॉस की विद्या वाहिनी कंप्यूटर ट्रेनिंग बस आजकल पार्किंग में धूल फांक रही है। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के चलते लॉकडाउन के दौरान कहीं बाहर नहीं निकली। बता दें कि बस का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 2015 में किया था। जिसका उद्देश्य रेडक्रॉस सोसायटी का प्रचार-प्रसार और ऐसे में गांव जाकर ऐसे बच्चों को कंप्यूटर सिखाना था जोकि शहर की दूरी तय कर कंप्यूटर सीखने नहीं आ सकते।

लगभग 20 लाख की लागत से तैयार हुई थी बस, सिखाने के लिए 20 लैपटॉप भी लगाए थे

सूत्रों की मानें तो बस की कीमत 20 लाख है। जो पूरी तरह (वाताकूलित) है। साथ ही इसमें बच्चों को सिखाने के लिए 20 लैपटॉप लगाए गए हैं। और प्रशिक्षण के लिए एक बड़ी एलईडी भी लगी हुई है। साथ ही इन सुविधाओं का सुचारू रूप से चलाने के लिए बस में जनरेटर भी है। इसमें चलाए जाने वाले बेसिक कंप्यूटर कोर्स की अवधि 1 महीना है जबकि फीस 1000 रुपये है।

फिलहाल आरसीआईटी में इस्तेमाल हो रहे लैपटॉप, बस जल्द शुरू होने के आसार

रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव रविंद्र लोहान ने कहा कि कोरोना काल में बस हो गांव-गांव नहीं ले जाया गया। साथ ही हार्डवेयर से लैस होने के कारण और ट्रेनिंग के हिसाब से सिटिंग अरेंजमेंट होने के कारण इसका कोई और इस्तेमाल करना अभी संभव नहीं था, बस में जो लैपटॉप लगाए गए थे वह रेडक्रॉस के आरसीआईटी सेंटर में इस्तेमाल किए जा रहे हैं जहां बच्चों को ऑनलाइन कंप्यूटर क्लास दी जा रही है।

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