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Friday, October 9, 2020

कारोबारी को जिंदा जलाने का मामला:लास्ट कॉल के 3 मिनट बाद बंद हो गया था कारोबारी का फोन संदिग्ध नंबर ट्रैस, अब तक की पुलिस जांच में मामला लूट का नहीं

कारोबारी को जिंदा जलाने का मामला:लास्ट कॉल के 3 मिनट बाद बंद हो गया था कारोबारी का फोन संदिग्ध नंबर ट्रैस, अब तक की पुलिस जांच में मामला लूट का नहीं

हांसी : कारोबारी राममेहर जागलान से 10. 90 लाख लूटकर जिंदा जलाने की वारदात की तफ्तीश में पुलिस ने सीन रिक्रिएट किया। कार में जिंदा जला राममेहर ही था, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस डीएनए जांच कराएगी। बैंक से नकदी निकलवाते समय राममेहर के साथ और कौन लोग थे, यह जानने को पुलिस ने बैंक से सीसीटीवी फुटेज मांगी है। बैंक खाते की डिटेल भी मांगी गई है। वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस की तीन टीमें पूरे दिन छानबीन में जुटी रहीं।
एसपी लोकेंद्र सिंह खुद वारदात स्थल पर गए। पुलिस की अब तक की छानबीन में मामला पूरी तरह से लूट का नजर नहीं आ रहा। पुलिस सभी एंगल से छानबीन कर रही है। छानबीन में पुलिस के हाथ कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर लगे हैं। मगर पुलिस की तरफ से इनका खुलासा नहीं किया जा रहा है। वारदात को लेकर परिवार के लोगों ने अभी तक किसी पर शक नहीं जताया है। वह पुलिस की छानबीन में ही कुछ निकलकर आने की उम्मीद में हैं। छानबीन सदर पुलिस कर रही है। सीआईए और साइबर क्राइम सेल को भी लगाया गया है। साइबर क्राइम सेल ने कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर ट्रेस किए हैं। राममेहर का फोन कहां गया, जल गया या हत्यारे साथ ले गए, छानबीन की जा रही है।
कार में जिंदा जला व्यक्ति राममेहर ही था, पुलिस की छानबीन में यह एक बड़ा सवाल है। पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच होगी। डीएनए जांच के लिए पुलिस ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के लिए परिवार के किसी सदस्य का सैंपल भी लिया जाएगा। पुलिस छानबीन के लिए राममेहर की बरवाला बाइपास पर स्थित फैक्ट्री में भी गई, लेकिन फैक्ट्री बंद मिली। कोई मौजूद नहीं था। पुलिस की अब तक की छानबीन में पूरा मामला लूटपाट का नहीं लग रहा है। पुलिस कई एंगल पर छानबीन कर रही है। एसपी लोकेंद्र सिंह खुद वारदात स्थल पर गए और सबूत जुटाने की कोशिश की। उनके साथ अन्य अधिकारी भी थे। पुलिस ने फिलहाल कुछ खुलासा करने से इनकार कर दिया।

*अभी नहीं मिला कारोबारी का फोन*

राममेहर का फोन अपने बेटे और भांजे को कॉल करने के करीब तीन मिनट बाद बंद हो गया था। बंद हो गया था या हत्यारों ने छीनकर बंद कर दिया, पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है। फोन कार में जल गया या हत्यारे अपने साथ ले गए, इसकी भी छानबीन की जा रही है।
पुलिस को पुख्ता सबूत मिले : एसपी
पुख्ता सबूत मिले हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर देंगे। केस को हर एंगल से देख रहे हैं। लोकेंद्र सिंह, एसपी, हांसी।

*बेटी के बस यही दो शब्द, पापा-फोन, फिर हो जाती है बेसुध*

कारोबारी राममेहर को लूट के बाद जिंदा जलाने को लेकर हर कोई स्तब्ध है। जघन्य वारदात का जिक्र डाटा ही नहीं, आसपास के सब गांवों में है। हर कोई यह बोला कि ऐसी घटना पहले न सुनी व न ही देखी। राममेहर जागलान की किसी के साथ कोई दुश्मनी या रंजिश नहीं थी। उम्र भी अधिक नहीं थी। लोग उनकी हत्या के आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे देखना चाहते हैं। राममेहर की बड़ी बेटी 17 वर्षीय साक्षी पिता की मौत की खबर सुनने के बाद से सदमे में है। वह बार-बार अचेत हो रही है। जैसे ही होश में आती है तो पापा-पापा पुकारती है या फिर फोन-फोन बोलती है। फोन इसलिए ताकि वह अपने पिता से बात कर सके। गांव के माहाैल की बात करें ताे दोपहर डेढ़ बजे का समय है।
बस स्टैंड पर कुछ ग्रामीण काम करते नजर आए। घर का पता पूछने के लिए मुंह से राममेहर निकाला तो झट से एक व्यक्ति ने एक घर की तरफ इशारा कर दिया। बताने की जरूरत भी नहीं पड़ी कि किस राममेहर की बात कर रहे हैं। राममेहर के घर के बाहर गाड़ियां खड़ी मिलीं। लोगों का आना-जाना था। पुरुष बाहर बने कमरे में बैठे हैं और महिलाएं अंदर। जहां पुरुष बैठे मिले, उस कमरे के पिछली तरफ चारपाई पर राममेहर की बेटी साक्षी लेटी थी। उसे ग्लुकोज़ की बोतल लगाया जा रही थी। आस-पास परिजन बैठे मिले। साक्षी भी थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर पिता को याद करने लगती थी और पापा-पापा कहती रही। परिजन मुश्किल से उसको संभाल रहे थे।शोक जताने आए लोग पिता टेकराम को ढांढस बंधा रहे थे। पुलिस की कार्रवाई पर भी ग्रामीण भरोसा जताते मिले और इंतजार कर रहे हैं कि कब पुलिस खबर देगी कि आरोपियों को पकड़ लिया है। हत्या के मामले में परिजनों द्वारा किसी पर कोई शक नहीं जताया गया। न ही किसी रंजिश की बात कही जा रही है।

*इलाके में हर जुबां पर एक सवाल- क्या कुछ पता लगा*

भाटला से महजद रोड, यह वह लिंक रोड है जहां पर ये जघन्य वारदात हुई। उस रोड की फोटो लेने के लिए गाड़ी से उतर कर बाहर गए तो वहां चौक पर खड़े लोग पूछने लगे, भाई साहब कुछ पता लगा क्या, आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया क्या। पुलिस क्या कर रही है, कब गिरफ्तारी होगी। ग्रामीण महजद के थे।

*7 बहनों का इकलौता भाई था, गांव में गमगीन माहौल*

राममेहर 7 बहनों के इकलौते भाई थे। वह सबसे छोटे थे। 7 बहनों के बाद जब वह हुए तो परिजनों के साथ आस पड़ोस के लोगों ने भी खुशियां मनाई थीं। शोक जताने पहुंचे एक बुजुर्ग बोले कि जब राममेहर पैदा हुआ तो हम सब उस समय यही कहते थे टेकराम की भगवान ने सुन ली। लेकिन अब जब मौत की खबर सुनते हैं तो दुख बहुत हुआ।

*रुपए घर पर लाने थे*

राममेहर के चाचा पूर्व सरपंच जयबीर ने बताया कि 11 लाख रुपयों को घर पर लेकर आना था। इसी के लिए पैसे उसने बैंक से निकलवाए थे। पैसे कहां देने थे इसका ज्यादा जिक्र नहीं किया। बस यह पता लगा कि हिसार में लेन-देन था।

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