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Friday, February 19, 2021

मसीहा बनकर पहुंचे हेल्प ए मिशन के पदाधिकारी-विधवा पूनम के तीन-तीन बच्चों की सालाना फीस

-- मसीहा बनकर पहुंचे हेल्प ए मिशन के पदाधिकारी

-विधवा पूनम के तीन-तीन बच्चों की सालाना फीस की अदायगी कर किताबें भी कराई उपलब्ध
-सभी के लिए प्रेरणादायक कारगुजारी
जींद : बेरोजगारी के साथ पति की लंबी बीमारी और फिर मौत के बाद वह पूरी तरह टूट चुकी थी। विधवा हुए मात्र 10 दिन ही हुए थे कि कोरोना काल के कारण लंबे समय से बंद पड़े स्कूल भी साल के अंतिम दिनों में एक फरवरी से खुल गए। रोजी-रोटी के लिए तीन लड़कियों सहित चार बच्चों का बोझ शहर के बुलबुल होटल के पीछे रहने वाली 30 वर्षीय पूनम पर आ पड़ा। ऊपर से तीन बच्चों का स्कूल दाखिला और फीस के तौर पर करीब 50 हजार रुपया की अदायगी कैसे होगी, इस चिंता में वह घुटने लगी। मायका व अन्य रिश्तेदार भी कोई ऐसा नहीं है कि उसकी कोई मदद कर सके। भगवान की मेहर ऐसी हुई कि रोजी-रोटी के लिए पड़ौसी आगे आये तो बच्चों की स्कूल फीस के लिए मोहल्ले के कुछ लोगों ने एसडी स्कूल प्रबंधन से बातचीत की। प्रबंधन इस बात पर राजी हो गया कि किसी तरह आधी फीस लगभग 16 हज़ार रुपए तीनों बच्चों की जमा कर दी जाए। अब 16 हज़ार रुपया जमा कौन कराए, यह भी संकट था। इस मामले की जानकारी किसी तरह शहर की सामाजिक संस्था हेल्प ए मिशन के पदाधिकारियों के पास पहुंची। संस्था के प्रधान रजनीश क्वात्रा के नेतृत्व में पदाधिकारी मनोज कुमार, राकेश तनेजा, हरमीत सिंह, सचिन, आकाश नारंग व अमित अरोड़ा आदि एसडी स्कूल प्रबंधन से मिले। आर्थिक संकट से जूझ रहे एसडी स्कूल की प्रबंधक कमेटी के कार्यकारी प्रधान श्याम लाल बंसल से मिले। मामले को सही आंकलन कर और हेल्प के मिशन संस्था के पदाधिकारियों के प्रयास की सराहना करते हुए उन्होंने भी करीब चार हज़ार रुपए फीस में कम कर दिए। 
गुरुवार को जब संस्था हेल्प के मिशन के पदाधिकारी पीयूष गर्ग ने 12 हजार रुपए का चेक सौंपा तो विधवा पूनम इसलिए भावुक हो गई कि भगवान किसी न किसी रूप में मदद करता है। उसने कहा कि हेल्प ए मिशन के पदाधिकारी उसके लिए भगवान का प्रतिनिधि बनकर पहुंचे। पूनम की तीन-तीन बच्चों की फीस की चिंता तो दूर हो ही गई साथ मे संस्था ने बच्चों को किताबें भी उपलब्ध कराकर सराहनीय कार्य किया।
-सेल्यूट है हेल्प ए मिशन को-
शहर की प्राचीन भूतेश्वर मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान देशराज अरोड़ा ने कहा कि हेल्प ए मिशन संस्था के सभी सदस्यों का यह कार्य अति सराहनीय है अन्य के लिए प्रेरणादायक है। इस नेक कार्य के लिए सेल्यूट करता हूं।
फ़ोटो-एसडी स्कूल के प्राचार्य सुरेंद्र राणा को पूनम के तीनों बच्चों की फीस संबंधी चेक सौंपते हेल्प ए मिशन संस्था के पदाधिकारी पीयूष गर्ग

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