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Friday, July 9, 2021

हरियाणा में स्कूलों और कॉलेजों को खोलने की तैयारी, जानिये सरकार क्या बना रही है फॉर्मुला ?

हरियाणा में स्कूलों और कॉलेजों को खोलने की तैयारी, जानिये सरकार क्या बना रही है फॉर्मुला ?


नई दिल्ली : कोरोना काल में स्कूल और कॉलेजों पर ताले लगे हुए है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में कोरोना के केस कम हो गया है। जिसकी वजह से हरियाणा में स्कूल और कॉलेज को खोलने की तैयारी कर चल रही है। जिसके लिए मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने आदेश जारी कर दिए है।

हरियाणा पहला ऐसा प्रदेश होगा जहां नई शिक्षा नीति को लागू किया जाएगा। आने वाले 5 सालों में हरियाणा में यह नीति लागू की जाएगी। उम्मीद है कि ये नीति 2030 में लागू होगी, लेकिन हरियाणा में इसे 2025 में लागू कर दिया जाएगा।
राज्‍य के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में इसको लेकर रोडमैप तैयार कर लिया गया। मुख्‍यमंत्री ने राज्‍य के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर और शिक्षा अधिकारियों के साथ नई शिक्षा नीति लागू करने को लेकर मंथन किया।
बैठक में प्राइमरी एजुकेशन, हायर एजुकेशन, सेकेंडरी एजुकेशन और टेक्निकल एजुकेशन से जुड़े अधिकारियों ने शिरकत की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बैठक में निर्देश दिए कि दूसरी लहर में बंद हुए स्कूल-कालेजों को जल्द खोलने की योजना बनाई जाए।


नई नीति के तहक कोविड-19 प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करते हुए शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त व्यवस्था दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का सौ फीसद दाखिला सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में फैसला किया गया है कि कोविड की वजह से स्कूलों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इन स्कूलों में आवासीय सुविधा भी हो। इन स्कूलों के लिए क्लस्टर प्लान बनाया जाए। नई शिक्षा नीति तीसरी क्लास से लेकर हायर एजुकेशन पर लागू होगी।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में केजी से पीजी तक की शिक्षा शुरू होगी। हरियाणा सरकार प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर प्रदेश को शिक्षा का हब बनाएगी। नई शिक्षा नीति में अनुसंधान पर ज्यादा जोर रहेगा।

हरियाणा उच्चतर शिक्षा परिषद नई शिक्षा नीति को लागू करने की निगरानी करेगी। सीएम मनोहरलाल ने कहा कि अब तक देश में बच्‍चों की शिक्षा छह साल कर आयु से शुरू होती थी, लेकिन अब सरकार आंगनवाड़ी के जरिए तीन साल की आयु से ही बच्‍चों की शिक्षा शुरू करेगी।
बैठक में शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि चार हजार प्ले-वे स्मार्ट स्कूलों में से एक हजार स्कूल बन कर तैयार हैं। जैसे ही शैक्षणिक संस्थान दोबारा खुलेंगे, वैसे ही इन प्ले-वे स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शेष तीन हजार स्कूल खोलने का लक्ष्य भी इसी वर्ष प्राप्त कर लिया जाएगा।
मनोहरलाल ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के हिसाब से पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। अब तक बच्चे एक ही विषय को पढ़ पाते थे, लेकिन अब मल्टीपल सब्जेक्ट पढ़ाने की शुरुआत की जाएगी। ताकि, उनको दूसरे विषयों की भी जानकारी मिले।

अब तक सरकार ने 1418 कलस्टर बनाए हैं। हर क्लस्टर में एक साइंस स्कूल जरूर खोला जाएगा। उन्‍होंने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और उसके स्तर पर जोर देगी। शिक्षा में बदलाव के चलते इस बार प्रदेश में अब तक एक लाख 60 हजार बच्चों ने सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है।
बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, उच्चतर शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को वर्ष 2025 तक नई शिक्षा नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए बनाई गई रूपरेखा से अवगत कराया।

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