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Monday, September 28, 2020

September 28, 2020

पानीपत में पुलिस का कमाल, कार में हेलमेट न पहननेे का काट दिया चालान

पानीपत में पुलिस का कमाल, कार में हेलमेट न पहननेे का काट दिया चालान

पानीपत: अगर आपने अपनी कार नो पार्किंग एरिया में खड़ी की है तो आपका चालान कटना तय है। चालान कटेगा नो पार्किंग जोन का, लेकिन हरियाणा में पानीपत के समालखा में नो पार्किंग के साथ चालक का विदाउट हेलमेल का चालान भी काट दिया। बढ़े ट्रैफिक चालान रेट के बाद ट्रैफिक पुलिस पर कई बार अंगुली उठती रही है, लेकिन यहां तो पुलिस ने हद ही कर दी। 
समालखा रेलवे रोड पर एक क्लीनिक के सामने खड़ी कार का नो पार्किंग के साथ चालक के हेलमेट नहीं पहनने का भी चालान कर आनलाइन कार मालिक के घर भेज दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह लिपिकीय त्रुटि के कारण हुआ है, जिसे सुधारा जाएगा।
बापौली के रहने वाले कार मालिक प्रवीन कुमार ने कार अपने दोस्त को दी थी, जिसे वह अपनी ढाई साल की मूक-बधिर बेटी का इलाज कराने लिए ले गया था। प्रवीन ने बताया कि पांच दिन पहले उसके मोबाइल पर मैसेज के साथ आनलाइन चालान पहुंचा।
कार की गलत पार्किंग के लिए 1500 रुपये जुर्माना लगाने के साथ ही चालक के हेलमेट न पहनने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दोनों जुर्माना राशि मिलकर 2500 रुपये होती है। यह भी 3500 रुपये दिखाई गई है। दोस्त से पूछने पर उसने भी पुलिस द्वारा किसी तरह का चालान काटे जाने की जानकारी होने से मना कर दिया।
प्रवीन के मुताबिक चालान में कार की फोटो है, उसमें कोई नहीं बैठा है। फिर भी कार में हेलमेट न पहनने का चालान कर दिया गया। अब उन्हें ठीक कराने के लिए भटकना पड़ेगा। यदि ठीक नहीं किया जाता है तो सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराएंगे।

पुलिस बोली- लिपिक की गलती से हुआ

हाईवे ट्रैफिक पुलिस चौकी प्रभारी सब निरीक्षक राजेश कुमार का कहना है कि यह प्रकरण शनिवार को उनके संज्ञान में आया। जांच की तो पता चला कि लिपिक की गलती से ऐसा हुआ, इसे ठीक करा दिया जाएगा।
 

Saturday, September 26, 2020

September 26, 2020

उद्घाटन:डीसी ने जींद रोड स्थित रेडक्रॉस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सेंटर का किया उद्घाटन

उद्घाटन:डीसी ने जींद रोड स्थित रेडक्रॉस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सेंटर का किया उद्घाटन

डीसी सुजान सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कुशल भी होना होगा ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें और आधुनिकता की इस दौड़ में अपनी आय के साधन अर्जित कर सकें। वर्तमान परिवेश में बच्चों में तकनीकी दक्षता का विकास करना बहुत जरूरी है। कंप्यूटर शिक्षा का ज्ञान आज के समय की सबसे बड़ी मांग है इसलिए सभी को कंप्यूटर का ज्ञान होना चाहिए।

डीसी शुक्रवार को भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी हरियाणा राज्य शाखा द्वारा संचालित छोटूराम चौक के पास जींद रोड स्थित रेडक्रॉस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का उदघाटन करने के दौरान बोल रहे थे। इससे पहले डीसी सुजान सिंह, रेडक्रॉस सचिव बलवान सिंह, संजय कामरा, बलविंद्र ढुल ने दीप प्रज्ज्वलित किया।

डीसी ने कहा कि हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य द्वारा बच्चों को कुशल बनाने हेतु इन सेंटरों की स्थापना की गई है, जिसके तहत सभी जिलों में रेडक्रॉस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सेंटर खोले गए हैं, जिनमें बच्चों को तकनीकी दक्षता देकर उनका सर्वांगीण विकास किया जाएगा।

Tuesday, September 22, 2020

September 22, 2020

कान में किसी भी तरह की समस्या को इग्नोर न कर ईएनटी डॉक्टर को तुरंत कंसल्ट करना चाहिए : डॉ. भोला

कान में किसी भी तरह की समस्या को इग्नोर न कर ईएनटी डॉक्टर को तुरंत कंसल्ट करना चाहिए : डॉ. भोला

जींद : ( संजय तिरँगाधारी )कान शरीर का नाजुक अंग, इससे न करना तुम जंग, परदे पर लग गई चोट तो जीवन भर का लग जाएगा रोग। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कर्ण एवं श्रवण सुरक्षा को लेकर आगामी सप्ताह तक पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएमओ डा. मनजीत सिंह के दिशा-निर्देशन में मंगलवार को नागरिक अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि सभी तरह की आवाजों को सुनने के लिए हमारे कानों का सही रहना जरूरी है लेकिन कई बार बीमारी या लापरवाही की वजह से लोग हियरिंग लॉस का शिकार हो जाते हैं। अगर समय रहते इसका उपचार करवाया जाए तो इससे बचा जा सकता है। डा. भोला ने बताया कि कई बार जब तक हमें पता चलता है कि सुनने में कोई दिक्कत हो रही है तब तक कान के 30 प्रतिशत हियर सेल्स नष्ट हो जाते हैं। कान में किसी भी तरह की समस्या हियरिंग लॉस का कारण बन सकती है। कान से वैक्स का बहना, सर्दी, जुखाम रहना और कान में दर्द होना, कान लाल होना, कान में अत्यधिक मात्रा में वैक्स बनना, वैक्स साफ  न होने के कारण इंफेक्शन होना या पस पडऩा, पस का बाहर निकलना, बुखार होना, कानों में सीटी जैसी आवाजें सुनाई देना इसके मुख्य कारण हैं। जब भी ऐसा हो तो इसे तुरंत प्रभाव से गंभीरता से लेना चाहि। डा. भोला ने बताया कि कान में किसी भी तरह की समस्या को इग्नोर न कर ईएनटी डॉक्टर को तुरंत कंसल्ट करना चाहिए। डॉक्टर कान के अंदरूनी भाग की जांच कर इंफेक्शन का पता लगाते हैं और ऑटोमाइकोटिक प्लग लगा कर इंफेक्शन को साफ  करते हैं। कान में डालने के लिए एंटी फंगल या एंटी बैक्टीरियल ईयर ड्रॉप्स और एंटीबायोटिक दवाइयां दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को लेकर तो अभिभावकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। जब भी सर्दी-जुखाम के बाद कान दर्द हो रहा हो तो ईएनटी सर्जन को तुरंत दिखाना चाहिए। नियमित तौर पर कान की सफाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानों को लेकर छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए हमेशा अपने कानों का ध्यान रखना चाहिए। समय-समय पर अपनी श्रवण क्षमता की जांच जरूर करनी चाहिए और समस्या को इग्नोर न कर इलाज कराना चाहिए।

Friday, September 18, 2020

September 18, 2020

समीक्षा बैठक:800 से कम लिंगानुपात वाले गांवों में विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाएं

समीक्षा बैठक:800 से कम लिंगानुपात वाले गांवों में विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाएं

कन्या भ्रूण हत्या करना व करवाना महापाप है तथा जघन्य अपराध है। इसके साथ-साथ यह एक कानूनी अपराध भी है। जिला में कन्या भ्रूण हत्या की पूर्ण रोकथाम के लिए हम सभी को अथक प्रयास करने होंगे और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं तथा जन प्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है। यह बात डीसी डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, पीएनडीटी एक्ट, पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न महत्वाकांक्षी अभियानों के तहत आयोजित समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करते हुए कहीं।

उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे समय-समय पर कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए छापामार कार्यवाही करें और जिला के जिन गांवों में 800 से कम लिंगानुपात है, उन गांवों में अधिकारी विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाएं।

उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे 11 से 14 वर्ष तक की जो भी बच्चियां स्कूल नहीं जा रही हैं उन्हें तुरंत प्रभाव से स्कूल के साथ जोड़ा जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित ना रह सके। बैठक में नगराधीश अनुभव मेहता, डीईओ दयानंद सिहाग, सीएमओ डॉ. मनीष बंसल, डीईईओ देवेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
September 18, 2020

अलर्ट:डेंगू के बाद फैला वायरल फीवर, अस्पताल की ओपीडी में हर रोज पहुंच रहे हैं बुखार से पीड़ित 200 से ज्यादा मरीज

अलर्ट:डेंगू के बाद फैला वायरल फीवर, अस्पताल की ओपीडी में हर रोज पहुंच रहे हैं बुखार से पीड़ित 200 से ज्यादा मरीज

जिले में कोरोना संक्रमण के साथ नागरिक डेंगू व वायरल फीवर से भी ग्रस्त हो रहे हैं। सिविल अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बुखार से ग्रस्त 200 से ज्यादा मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल के 7 मेडिसिन वार्डों में भर्ती 21 मरीजों में से 17 बुखार से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार अभी तक 14 डेंगू पेशेंट मिले हैं लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में यह संख्या 50 से पार पहुंच चुकी है।

शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा कोई वार्ड व गांव शेष नहीं जहां बुखार से ग्रस्त मरीज न हो लेकिन शहरी क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप अधिक फैल रहा हैं। विभाग के रिकार्ड में डेंगू मरीजों की संख्या भले ही 14 तक पहुंची हो लेकिन वास्तव में जिले में डेंगू के 50 से अधिक मरीज है। प्राइवेट अस्पताल संचालक अपने स्तर पर मरीज में डेंगू का पता लगाते हैं और उनका उपचार करते है।

इस संबंध में वे मौखिक रूप से परिजनों को मरीज में डेंगू के लक्ष्ण होने के बारे में बताते हैं लेकिन सभी मरीजों के सैंपल जांच के लिए सिविल अस्पताल में नहीं भेजते। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्वे व एंटी लारवा अभियान चलाए हुए हैं और जिस घर में डेंगू का लारवा मिलता है उस मकान मालिक को नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। विभाग को पिछले लगभग डेढ़ महीने में लगभग 400 स्थानों पर डेंगू का लारवा मिल चुका है।

जानें कहां-कहां फैला है डेंगू

शहर के सेक्टर 13, डाबर कॉलोनी, बावड़ी गेट क्षेत्र, जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र, दादरी गेट क्षेत्र, हनुमान गेट, नया बाजार, कीर्ति नगर, विद्यानगर, गांव सैय आदि क्षेत्रों में अभी तक कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। यहां एंटी लारवा अभियान के दौरान 300 से ज्यादा घरों में डेंगू का लारवा मिल चुका है। 15 दिन पहले तक जिले में डेंगू के 4 मरीज थे, लेकिन अब तक 14 मरीज मिल चुके हैं।

हर गांव और शहर में हैं बुखार के रोगी

वायरल फीवर जिले में लगभग हर गांव व शहर के वार्ड में फैला हुआ है। इसके चलते सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में बुखार से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सिविल अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बुखार से ग्रस्त 200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।

नोडल ऑफिसर एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संध्या गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग लगातार डेंगू एंटी लारवा अभियान चलाए हुए हंै। विभाग की टीमों को अभी तक लगभग 400 स्थानों पर डेंगू का लारवा मिला है। जिन घरों में लारवा मिला है उन्हें नोटिस दिए गए हैं। वायरल फीवर भी चल रहा है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

September 18, 2020

कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों के लिए अलग से ओपीडी सेवा शुरू होगी, जानें क्यों

कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों के लिए अलग से ओपीडी सेवा शुरू होगी, जानें क्यों

फरीदाबाद :  कोरोना संक्रमण  को मात देने वाले लोग सामान्य मरीजों के बीच जाकर चिकित्सकीय परामर्श नहीं ले सकेंगे। निजी अस्पतालों  में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए मरीजों के लिए अलग से ओपीडी सेवा शुरू होगी।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रणदीप सिंह पूनिया ने सभी निजी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्वस्थ होने वालों में भी तेजी आई है। हालांकि संक्रमण को मात देने वाले मरीजों में हृदय, तंत्रिका संबंधी, गुर्दा सहित अन्य परेशानियां बढ़ रही हैं। ऐसे में उनका सामान्य मरीजों की ओपीडी में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना घातक हो सकता है। सामान्य ओपीडी में कोरोना संक्रमित मरीज भी मौजूद हो सकते हैं।
September 18, 2020

हिसार में सीएम फ्लाइंग का छापा:रिफाइंड में केमिकल मिला बनाते थे देसी घी, 1643 लीटर घी जब्त

हिसार में सीएम फ्लाइंग का छापा:रिफाइंड में केमिकल मिला बनाते थे देसी घी, 1643 लीटर घी जब्त

सीएम फ्लाइंग टीम ने सदर थाना पुलिस के साथ मिर्जापुर रोड स्थित उद्योग विहार काॅलोनी में घी बनाने वाली श्री गणेश फूड प्रोडेक्ट फैक्ट्री पर छापा मारा। यहां से 1643 लीटर घी बरामद हुआ है। फूड सेफ्टी ऑफिसर ने पैक्ड घी के तीन सैंपल लिए। डिब्बों पर बैच नंबर व एमएफजी नंबर तक अंकित नहीं मिला। फैक्ट्री मालिक अर्जुन इन्कलेव वासी रवि और सिवानी वासी कृष्ण कुमार घी बनाने का लाइसेंस नहीं दिखा पाए। टीम को मौके से एक प्लास्टिक डिब्बे में रसायन केमिकल फ्लेवर प्राप्त हुआ, जोकि 88 ग्राम हुआ था।

फैक्ट्री में रिफाइंड ऑयल में कैमिकल युक्त सेंट मिला दीप गोपाल कुकिंग मीडियम, मधु सुदन कुकिंग मीडियम व श्री कन्हैया किंग कुक मीडियम के नाम से नकली घी तैयार किया जाता है। नकली घी तैयार करने के लिए भटि्ठयां, 2 घरेलू गैस सिलेंडर, इलेक्ट्रोनिक कांटा, 50 खाली रैपर, 15 लीटर के 10 टीन रिफाइन ऑयल, 1100 लीटर मधु सुदन कुकिंग मीडियम नकली घी, श्री कन्हैया कुकिंग मीडियम नकली घी 15 लीटर वाले प्लास्टिक के 5 पीपे कुल 75 लीटर, 360 लीटर दीप गोपाल नकली घी टेटरा पैकिंग (गत्ते वाली ) एक लीटर वाली, 15 लीटर वाले 3 तीन पीपे दीप गोपाल नकली घी कुल 45 लीटर, दीप गोपाल नकली घी दो लीटर वाली 24 पीपी कुल 48 लीटर तैयार मिला था।

एफएसओ ने कन्हैया किंग के चार सैंपल, मधु सुदन कुकिंग मीडियम नकली देशी घी के चार सैंपल, दीप गोपाल कुकिंग मीडियम के चार सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाए हैं। फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. अरविंद्र जीत सिंह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।