Breaking

Tuesday, October 7, 2025

October 07, 2025

अग्रवाल समाज के अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने की मांग देवीलाल चौक अंडरपास के दोनो तरफ अवरोधक लगाए जाएं , ताकि दो पहिया वाहनों से बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लग सके

अग्रवाल समाज के अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने की मांग देवीलाल चौक अंडरपास के दोनो तरफ अवरोधक लगाए जाएं , ताकि दो पहिया वाहनों से बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लग सके
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ राजकुमार गोयल ने रेलवे विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि चौधरी देवीलाल चौक के पास जो छोटा अंडरपास बनाया गया है उस अंडर पास के दोनों तरफ पाइपों के स्थाई अवरोधक लगाए जाएं ताकि दो पहिया वाहनों से बड़े वाहन अंडर पास में एंट्री न कर सकें। गोयल का कहना है कि वे इस बारे में जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेंगे और इस समस्या का निदान करने की मांग करेंगे।
गोयल का कहना है कि देवीलाल चौक के पास रेलवे विभाग द्वारा कुछ समय पूर्व एक छोटा अंडरपास बनाया गया था ताकि पैदल यात्रियों, महिलाओं, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को सड़क पार करते समय सुविधा और सुरक्षा मिल सके लेकिन वर्तमान में यह अंडरपास अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। अब इस मार्ग से बड़े वाहन, ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा, कार इत्यादि भी अंदर से गुजरने लगे हैं जिससे अंडरपास के अंदर अक्सर अव्यवस्था, जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे विभाग के उच्चाधिकारियों को इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।।
गोयल ने कहा कि यह अंडरपास केवल पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए बनाया गया था लेकिन अब यहाँ से बड़े वाहन अंदर घुसने लगे हैं जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि रेलवे विभाग को चाहिए कि इस अंडरपास के दोनों सिरों पर मजबूत लोहे के स्थाई अवरोधक लगाए जाएं ताकि केवल पैदल यात्री और दोपहिया वाहन ही इस रास्ते का प्रयोग कर सकें। गोयल ने यह भी कहा कि यह मामला जनहित और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है इसलिए रेलवे विभाग को इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आवश्यक सुधार कार्य करवाने चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।
October 07, 2025

हरियाणा: खुद को गोली मारने वाले ADG वाईएस पूरन की पत्नी अमनीत पी हैं IAS अफसर,

हरियाणा: खुद को गोली मारने वाले ADG वाईएस पूरन की पत्नी अमनीत पी हैं IAS अफसर, 
चंडीगढ़ : अमनीत पी कुमार, 2001 बैच की IAS अधिकारी, वर्तमान में हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख हैं. उन्होंने प्लेस्कूल नीति और 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों में अहम भूमिका निभाई है.
ADG पूरन की पत्नी IAS अमनीत पीADG पूरन की पत्नी IAS अमनीत पी

हरियाणा पुलिस विभाग से एक दुखद खबर सामने आई है. दरअसल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) वाईएस पूरन ने मंगलवार यानी 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपने सरकारी आवास पर खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी है. इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है.
बताया जा रहा है कि इस घटना के दौरान उनकी पत्नी, जो कि IAS हैं, हरियाणा के सीएम सैनी के साथ जापान दौरे पर थीं. 

YS पूरन की पत्नी है वरिष्ठ IAS अधिकारी
दरअसल वाईएस पूरन की पत्नी अमनीत पी कुमार जो हरियाणा की जानी-मानी IAS अधिकारी हैं और महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
October 07, 2025

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा प्रतिनिधिमंडल ने शिंकानसेन - ओसाका बुलेट ट्रेन से की यात्रा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा प्रतिनिधिमंडल ने शिंकानसेन - ओसाका बुलेट ट्रेन से की यात्रा

Monday, October 6, 2025

October 06, 2025

दीपावली मेला में मक्का के छिलकों से बने प्रोडक्टस देख हो जाएंगे दंग

दीपावली मेला में मक्का के छिलकों से बने प्रोडक्टस देख हो जाएंगे दंग

बुलंदशहर के प्रदीप चंद्रा ने दीपावली मेला में लगाई हुई है मक्का के छिलकों से बने विभिन्न सजावटी सामान की स्टॉल

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत व स्वदेशी विजन को मजबूती प्रदान कर रहा है आत्मनिर्भर भारत-स्वदेशी मेला
चण्डीगढ़ - फरीदाबाद के सूरजकुंड में आत्मनिर्भर भारत-स्वदेशी मेला थीम पर आयोजित किया जा रहा दीपावली मेला प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी विजन को मजबूती प्रदान कर रहा है। दीपावल मेले में बुलंदशहर के गांव जुगसाना कलां से आए श्री प्रदीप चंद्रा द्वारा मक्का के छिलकों से अनूठी कारीगरी करते हुए बैठने का सामान सहित आकर्षक फूल, गुलदस्ते और अन्य सजावटी सामान बनाए गए हैं, जो घर-घर की शोभा बढ़ाते हैं। प्रदीप चंद्रा ने बताया कि ये सभी प्रोडक्ट फूलजा फाउंडेशन के सहयोग से गांव की महिलाओं द्वारा मक्का के छिलकों से तैयार किए जाते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही हैं और महिला सशक्तिकरण का बढ़ावा मिल रहा है।
महिलाओं द्वारा मक्का के छिलकों से सुंदर, उपयोगी और टिकाऊ उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। संस्था द्वारा गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम भी किया जा रहा है। आसपास की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाता है और उन्हें वेस्ट मटेरियल से प्रोडक्ट्स बनाना सिखाया जाता है। इस पहल से महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। प्रदीप चंद्रा ने उनकी कला को मंच प्रदान करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व हरियाणा पर्यटन निगम के मंत्री डा. अरविंद शर्मा का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा वे फरवरी में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में भी अपनी स्टॉल लगाने सूरजकुंड आएंगे।
October 06, 2025

नगर परिषद, जींद के दो अधिकारियों को लापरवाही बरतने पर दंड व मुआवजा भुगतान के निर्देश

नगर परिषद, जींद के दो अधिकारियों को लापरवाही बरतने पर दंड व मुआवजा भुगतान के निर्देश
चंडीगढ़  – हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक प्रकरण में नगर परिषद, जींद के अधिकारियों द्वारा नागरिक सेवा में लापरवाही बरतने और राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना करने पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद पाया कि संबंधित अधिकारियों ने 04 जुलाई 2023 को निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कार्य नहीं किया। इन निर्देशों में स्पष्ट कहा गया था कि अनाधिकृत कॉलोनियों में भी प्रॉपर्टी आईडी में आवश्यक सुधार किया जा सकता है, परंतु उस पर ‘अनऑथराइज्ड’ टैग बना रहना चाहिए।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने पाया कि नगर परिषद, जींद की क्लर्क और सचिव ने उक्त दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए आवेदक के आवेदन को अस्वीकार कर दिया, जिससे आवेदक को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। आयोग ने टिप्पणी की कि “एक सामान्य नागरिक, जो राज्य से बाहर कार्यरत है, को केवल इस कारण नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़े क्योंकि अधिकारियों ने सरकार के निर्देशों का पालन नहीं किया।”
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए आयोग ने अधिनियम की धारा 17(1)(ह) के अंतर्गत दोनों अधिकारियों को दोषी ठहराया है। आयोग ने प्रत्येक पर एक हजार रुपये का प्रतीकात्मक दंड लगाया है और साथ ही शिकायतकर्ता को 2500-2500 रुपये  कुल 5 हजार रुपये  का मुआवजा भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने एसजीआरए-कम-डीएमसी, जींद को निर्देशित किया है कि अक्टूबर 2025 के वेतन से 3500-3500 रुपये की कटौती कर नवम्बर 2025 में भुगतान किया जाए और इसकी रिपोर्ट 10 नवम्बर 2025 तक आयोग को भेजी जाए। दंड की राशि को राज्य कोष में जमा करने के आदेश भी दिए गए हैं।
आयोग ने साथ ही यह भी पाया कि प्रथम अपील (एफजीआरए) के निस्तारण में भी त्रुटि रही है, क्योंकि अपील संबंधित अधिकारी तक नहीं पहुँची। इस संबंध में जीएम (आईटी), शहरी स्थानीय निकाय विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी सेवाएं और अपीलें सही अधिकारियों (डीओ, एफजीआरए, एसजीआरए) से उचित रूप से मैप हों।
अंत में, आयोग ने एसजीआरए-कम-डीएमसी, जींद को भी चेताया है कि उन्होंने न तो 04.07.2023 के निर्देशों का पालन किया और न ही आवेदक को अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत सुनवाई का अवसर प्रदान किया। हालांकि, उनकी बिना शर्त माफी और यह प्रथम त्रुटि होने के कारण आयोग ने भविष्य के लिए उन्हें चेतावनी और सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में शामिल सभी अधिकारियों के नाम आयोग के डेटाबेस में दर्ज कर लिए गए हैं। भविष्य में किसी प्रकार की पुनरावृत्ति या लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
October 06, 2025

'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता' अभियान को हरियाणा में उल्लेखनीय मिली सफलता

'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता' अभियान को हरियाणा में उल्लेखनीय मिली सफलता
चंडीगढ़- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC) के सहयोग से पूरे भारत में 90 दिनों तक "राष्ट्र के लिए मध्यस्थता" अभियान सफलतापूर्वक चलाया है। इस दौरान अभी तक हरियाणा के जिला न्यायालयों में लंबित विभिन्न श्रेणियों के 1503 मामलों का निपटारा सफलतापूर्वक किया गया। इसके अलावा पुलिस थानों, बिजली निगमों, वाणिज्यिक विवादों आदि के 3880 मामलों का निपटारा मुकदमे-पूर्व चरण में मध्यस्थता के माध्यम से किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और NALSA एवं MCPC के कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति सूर्यकांत के मार्गदर्शन में इस अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता को एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के रूप में बढ़ावा देना था।
इस अभियान में वादियों, अधिवक्ताओं, मध्यस्थों और आम जनता की उल्लेखनीय भागीदारी होनी है। इस पहल को पूरे भारत में सभी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों (SLSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) के समन्वय से क्रियान्वित किया गया।
हरियाणा में यह अभियान हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य संरक्षक, मुख्य न्यायाधीश शील नागू और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति लिसा गिल के नेतृत्व में चलाया गया। सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों ने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से मध्यस्थता बैठकें, जागरूकता शिविर और जनसंवाद आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अभियान के दौरान संख्या में वाहन दुर्घटना दावा मामले, वैवाहिक मामले, वाणिज्यिक विवाद, आपराधिक मामले, ऋण वसूली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, घरेलू हिंसा मामले, चेक बाउंसिंग मामले और सिविल विवाद मामले आपसी समझ के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाए गए।
October 06, 2025

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्‍व में प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही दिन जापान की कंपनियों के साथ किए 6 एमओयू

हरियाणा-जापान साझेदारी से विकास को नई उड़ान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्‍व में प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही दिन जापान की कंपनियों के साथ किए 6 एमओयू

राज्य में 1185 करोड़ रुपये का होगा निवेश, 13 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

विकसित भारत-विकसित हरियाणा की दिशा में ऐतिहासिक कदम
चंडीगढ़— विकसित भारत-विकसित हरियाणा विज़न के तहत हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में जापान के दौरे पर गए प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही दिन जापान की बड़ी कंपनियों के साथ 6 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। इन एमओयू के माध्यम से कंपनियों द्वारा हरियाणा में लगभग 1185 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और लगभग 13000 से अधिक युवाओं के लिए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. यश गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
हरियाणा में जापानी निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एआईएसआईएन, एयर वाटर, टीएएसआई, नम्‍बू, डेंसो, सोजित्ज़, निसिन, कावाकिन और टोप्पन सहित प्रमुख जापानी कंपनियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप 1185 करोड़ रुपये के 6 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए, जिससे हरियाणा में लगभग 13000 लोगों के लिए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
मुख्यमंत्री ने कंपनियों के साथ बैठकें कर हरियाणा और जापान के मध्य द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया। उन्होंने छोटे और मध्यम उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ाने की पहल का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में उपकरण, औद्योगिक पुर्ज़े, मेटल वर्किंग उद्योगों के साथ-साथ ऑटो, ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में जापान और हरियाणा के बीच परस्पर सहयोग से व्यापारिक गतिविधियों के काफी फायदा मिलेगा।
October 06, 2025

हरियाणा सरकार गौ सेवा को समर्पित, गौशालाओं के लिए भेजे 83 करोड़ रुपऐ - कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार

हरियाणा सरकार गौ सेवा को समर्पितगौशालाओं के लिए भेजे 83 करोड़ रुपऐ - कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार

गौशालाओं को मिलेगा नया जीवनगोबर गैस प्लांट और सोलर पैनल से होगी आत्मनिर्भरता

चण्डीगढ़- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर पूरी तरह कटिबद्ध है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। प्रदेश की गौशालाओं के चारे के लिए सरकार द्वारा 83 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी हैताकि गायों को भरपूर पोषण मिल सके।

विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार सोमवार को पानीपत के गांव नौल्था स्थित बाबा लाठे वाले गौशाला के 25 वें स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।

श्री कृष्ण लाल पंवार ने अपने निजी कोष से गौशाला के उत्थान हेतु 11 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। अब तक उन्होंने नौल्था गौशाला को 1 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी है। उन्होंने इस अवसर पर 7 चौपालों का शिलान्यासएक ई-लाइब्रेरी का भूमि पूजन, 100 फुट ऊंचे तिरंगे का अवलोकन किया और एक वृक्ष मां के नाम पर रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 51 शेड गौशालाओं की स्वीकृति दी जा चुकी है और नंदियो की सुविधा के लिए हर आवश्यक मूलभूत सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पंचायत गौशाला के लिए भूमि खरीदती है तो उसे स्टांप ड्यूटी नहीं देनी होगीयानी फ्री रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाएगी।

मंत्री ने बताया कि गौशालाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए गोबर गैस प्लांट लगाने की योजना चलाई जा रही है। 110 पंजीकृत गौशालाओं के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैंजिससे गांवों में सस्ती गैस की आपूर्ति और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि गोबर गैस प्लांट से हर घर में सस्ती गैस सप्लाई की संभावना को भी बल मिलेगा। प्रदेश की 336 गौशालाओं में अब तक सोलर पैनल लगाए जा चुके हैंजिससे गौशालाएं बिजली पर आत्मनिर्भर बन सकें। भविष्य में अन्य गौशालाओं में भी इसका विस्तार किया जाएगा।

October 06, 2025

'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता' अभियान को हरियाणा में उल्लेखनीय मिली सफलता

'राष्ट्र के लिए मध्यस्थताअभियान को हरियाणा में उल्लेखनीय मिली सफलता

 चंडीगढ़ - राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC) के सहयोग से पूरे भारत में 90 दिनों तक "राष्ट्र के लिए मध्यस्थता" अभियान सफलतापूर्वक चलाया है। इस दौरान अभी तक हरियाणा के जिला न्यायालयों में लंबित विभिन्न श्रेणियों के 1503 मामलों का निपटारा सफलतापूर्वक किया गया। इसके अलावा पुलिस थानोंबिजली निगमोंवाणिज्यिक विवादों आदि के 3880 मामलों का निपटारा मुकदमे-पूर्व चरण में मध्यस्थता के माध्यम से किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और NALSA एवं MCPC के कार्यकारी अध्यक्षन्यायमूर्ति सूर्यकांत के मार्गदर्शन में इस अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता को एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के रूप में बढ़ावा देना था।इस अभियान में वादियोंअधिवक्ताओंमध्यस्थों और आम जनता की उल्लेखनीय भागीदारी होनी है। इस पहल को पूरे भारत में सभी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों (SLSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) के समन्वय से क्रियान्वित किया गया।

हरियाणा में यह अभियान हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य संरक्षकमुख्य न्यायाधीश शील नागू और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यकारी अध्यक्षन्यायमूर्ति लिसा गिल के नेतृत्व में चलाया गया। सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों ने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से मध्यस्थता बैठकेंजागरूकता शिविर और जनसंवाद आयोजित किए जा रहे हैं।इस अभियान के दौरान संख्या में वाहन दुर्घटना दावा मामलेवैवाहिक मामलेवाणिज्यिक विवादआपराधिक मामलेऋण वसूली मामलेभूमि अधिग्रहण मामलेघरेलू हिंसा मामलेचेक बाउंसिंग मामले और सिविल विवाद मामले आपसी समझ के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाए गए।

October 06, 2025

हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन, स्वदेशी अभियान में रहेगा सबसे आगे: डॉ. अरविंद शर्मा

हरियाणा देश का ग्रोथ इंजनस्वदेशी अभियान में रहेगा सबसे आगे: डॉ. अरविंद शर्मा

 गोहाना में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पर कैबिनेट मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस

 वोकल फॉर लोकल’ हर भारतीय के लिए बना मूल मंत्र

चंडीगढ़– हरियाणा के सहकारिताविरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडियामेक फॉर वर्ल्ड संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में हरियाणा अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा। आज स्वदेशी के लक्ष्य को साकार करने के लिए भाजपा सरकार हर युवा को नौकरी करने वाला नहींबल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रही है।

सोमवार को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पर गोहाना में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत निर्माण का जो लक्ष्य रखा हैउसका प्राप्ति मार्ग आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल का अभियान आज पूरे देश का मंत्र बन गया हैजो प्रत्येक भारतीय के स्वाभिमानसामर्थ्य और संकल्प का प्रतीक है।

 उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से प्रारंभ होकर भारत रत्नपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान में हरियाणामुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान स्वदेशीस्वभूषा और स्वभाषा के स्तंभों पर आधारित है। आज देश में 1 लाख 60 हजार स्टार्टअप्स के माध्यम से हमारे युवा विदेशी कंपनियों को कड़ी टक्कर देते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और सेवाएं न केवल देश मेंबल्कि विदेशों में भी उपलब्ध करवा रहे हैं। चिकित्साइंजीनियरिंग और विज्ञान जैसी कठिन मानी जाने वाली पढ़ाई को अब भारतीय भाषाओं में करवाने की दिशा में यह एक बड़ी पहल है।

उन्होंने बताया कि देश में खादी का उत्पादन और बिक्री अभूतपूर्व स्तर पर पहुंची है। वर्ष 2014 तक खादी की बिक्री 33 हजार करोड़ रुपये तक थीजो बीते 11 वर्षों में बढ़कर 1


October 06, 2025

जापान में गूंजा गीता का शाश्वत संदेश

जापान में गूंजा गीता का शाश्वत संदेश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिया महोत्सव में हिस्सा

गीता का संदेश सम्पूर्ण मानव जाति का मार्गदर्शन करने वाला ग्रंथ – नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़ — हरियाणा के धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में भगवान श्री कृष्‍ण के श्रीमुख से निकले गीता के संदेश को विश्व पटल पर स्थापित करने के प्रयासों को आज एक नई ऊंचाई मिली, जब जापान की पवित्र धरा पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेकर भारत की सनातन संस्कृति और अध्यात्म का संदेश विश्व तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की कला है। इसमें निहित कर्मयोग, सत्य, कर्तव्य और आत्मबल के संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पूर्व थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य गीता के सार्वभौमिक सिद्धांतों को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना है, ताकि मानवता को शांति, सद्भाव और सहयोग का मार्ग मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत के विदेश मंत्रालय के प्रयास से जापान की धरती पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण जी ने 5162 वर्ष पहले गीता का अमर संदेश दिया था। उस संदेश के प्रसार और गीता में श्रद्धा व्यक्त करने के लिए हर साल कुरुक्षेत्र में अनेक श्रद्धालु गीता जयंती के अवसर पर एकत्र होते आए हैं।
उन्होंने कहा कि अब अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव भारत से बाहर अनेक देशों में मनाया गया है। यह मॉरीशस, लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, यू.के. और इंडोनेशिया में मनाया जा चुका है। इसी श्रृंखला में अब विदेश मंत्रालय द्वारा 40 देशों के भारतीय दूतावास में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
*जापान और भारत के संबंध सदियों पुराने*

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जापान और भारत के संबंध सदियों पुराने हैं। छठी शताब्दी में जापान में बौद्ध धर्म का आगमन भारत से ही हुआ था। तभी से भारतीय और जापानी लोग साझी संस्कृति में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता एक ऐसा अलौकिक प्रकाश पुंज है, जो काल, देश और सीमाओं से परे है। यह ज्ञान भगवान श्रीकृष्ण जी ने भले ही भारत भूमि पर दिया है, लेकिन यह पूरे संसार के लिए है। यह किसी एक धर्म का ग्रंथ नहीं है। यह सम्पूर्ण मानव जाति का मार्गदर्शन करने वाला ग्रंथ है। दुनिया के बड़े-बड़े विचारक और दार्शनिक गीता में अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढ लेते हैं।
*21वीं सदी की सभी समस्याओं का हल श्रीमद् भगवद् गीता में निहित*

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन प्रबंधन की दृष्टि से श्रीमद् भगवद् गीता विश्व का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। यही नहीं, गीता में विज्ञान, प्रबंधन, चिकित्सा आदि क्षेत्रों के विद्वानों को भी अपने-अपने क्षेत्र के लिए मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की सभी समस्याओं का हल श्रीमद् भगवद् गीता में निहित है। गीता संदेश को जीवन में अंगीकार करने से विश्व में समरसता की स्थापना संभव है। गीता को ध्यान से पढ़ा जाए तो शुरु से लेकर अन्त तक सम्पूर्ण गीता का यही सार निकलता है कि मनुष्य को अपना कर्त्तव्य सही ढंग से निभाना चाहिए, न्यायपूर्ण कर्म करना चाहिए और सामाजिक व्यवस्थाओं का पालन करना चाहिए।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जापान में गीता महोत्सव का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर सीमाओं से परे जाकर विश्व में आध्यात्मिक एकता और वैश्विक शांति का संदेश दे रही है। भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं और जापान की भूमि पर गूंजा उनका शाश्वत संदेश, इस सांस्कृतिक समन्वय का जीवंत प्रतीक बन गया।
इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
October 06, 2025

*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की प्राथमिकता क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा*


*हरियाणा में अनुपालनों में कमी और विनियामक सुधारों का नया दौर*

*कारोबारी सुगमता में आई तेजी*

*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की  प्राथमिकता क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा*

चंडीगढ़हरियाणा देश का सबसे अधिक व्यापार-अनुकूल राज्य बनने के अपने लक्ष्य की तरफ तेज़ी से बढ़ रहा है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की विनियमन और अनुपालन सरलीकरण से जुड़ी पहलों की समीक्षा की। इनमें से 82 प्रतिशत पहलों को या तो लागू किया जा चुका है या इन पर तत्परता से काम चल रहा है।

बैठक में अनुपालन कमी से जुड़े 11 प्रमुख प्राथमिकता क्षेत्रों की समीक्षा की गईजिन्हें नियामक बाधाओं को दूर करने और सभी क्षेत्रों में व्यवसायों के लिए अनुमोदन में तेज़ी लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि डिरेगुलेशन सेल द्वारा पाँच पहलों को पूरी तरह से लागू किया जा चुका है, 14 पहलें इस समय विभिन्न विभागों द्वारा तत्परता से कार्यान्वित की जा रही हैं और केवल चार केंद्र सरकार के पास लंबित हैं।

सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक औद्योगिक भूमि के लिए एक व्यापक जीआईएस-आधारित डेटाबैंक का शुभारंभ है। इसे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा विकसित और भारत औद्योगिक भूमि बैंक के साथ एकीकृत किया गया है। यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म निवेशकों को अभूतपूर्व गति और पारदर्शिता के साथ औद्योगिक प्लॉटों की पहचानतुलना और अधिग्रहण करने की सुविधा देता है।

राज्य ने भवन अनुमोदन और संयुक्त निरीक्षणों में सूचीबद्ध थर्ड पार्टी एजेंसियों की भूमिका का भी विस्तार किया हैजिससे स्वीकृति प्रक्रिया में लगने वाले समय में काफी कमी आई है। नियमित तकनीकी मूल्यांकन अब इन प्रमाणित एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। इससे विभागों को नीतिगत कार्यों और निगरानी पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में सुविधा मिल रही है।

राज्य सरकार ने कारखानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में महिलाओं को रात्रिकालीन पाली में कार्य करने की अनुमति प्रदान कर दी हैजिससे रोजगार के नए अवसर खुले हैं। यह अनुमति सुरक्षित और विनियमित परिस्थितियों में दी जाएगी। इसके साथ हीपहले से प्रतिबंधित कुछ उद्योगों में महिलाओं के कार्य पर लगे पुराने प्रतिबंध भी हटाए गए हैं।

इसके अतिरिक्तमसौदा दुकान अधिनियम और पंजाब फैक्ट्री नियम, 1952 में संशोधन करके आधुनिक सुरक्षा मानकों को शामिल किया जा रहा है। इन सुधारों से महिलाओं की कार्यस्थल भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

हरियाणा अब सभी के लिए एक जैसा नियम” मॉडल से हटकर एकीकृत जोखिम-आधारित नियामक प्रणाली अपनाने जा रहा हैजिससे छोटे और मध्यम जोखिम वाले उद्यमों को प्रत्यक्ष सरकारी निरीक्षण के बजाय थर्ड पार्टी निरीक्षण की सुविधा मिलेगी। भवन अनुमतिकब्जा प्रमाणपत्र आदि की प्रक्रिया को भी सरल और समयबद्ध बनाया गया है।

*भूमि उपयोग में लचीलापन और पूर्ण डिजिटल स्वीकृति प्रणाली*

राज्य ने मिश्रित भूमि उपयोग (मिस्ड यूज जोनिंग) की नई नीति लागू की हैजिससे औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में विकास की संभावनाएँ बढ़ी हैं। भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हैजिससे प्रशासनिक स्तर पर लगने वाले समय में कमी आई है।

फैक्टरी लाइसेंसव्यापार अनुमतिबिजली कनेक्शनजल आपूर्ति और पर्यावरण मंजूरीअब ज्यादातर हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पूरी तरह डिजिटलीकृत हैंजिसके लिए परिभाषित समयसीमा और स्पष्ट जवाबदेही तंत्र मौजूद है।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अनुपालन उद्योगों के लिए स्वचालित सहमति नवीनीकरण लागू कर रहा है। इसके अलावागैरप्रदूषणकारी उद्योगों को व्हाइट कैटेगरी” में पुन: वर्गीकृत किया जा रहा है। इससे न्यूनतम पर्यावरण जोखिम वाले व्यवसायों पर गैरजरूरी नियामक बोझ हटाया जा रहा है।

प्रदेश में सभी सरकारी सेवाओं को एकीकृत सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़ा जा रहा हैजो नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम  के साथ पूरी तरह एकीकृत होगा। इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से उद्यमी सभी आवश्यक अनुमोदन एक ही डिजिटल इंटरफेस पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे कई विभागों के चक्कर काटने या बार-बार दस्तावेज़ जमा करवाने की आवश्यकता नहीं होगी।

सरकार राज्यस्तरीय कानून भी तैयार कर रही है जो जन विश्वास अधिनियम के सिद्धांतों के अनुरूप होगा। इसका उद्देश्य छोटे अनुपालन उल्लंघनों को गैरआपराधिक बनाना और दंडात्मक उपायों के स्थान पर सुविधाजनक तंत्र कायम करना है। साथ हीआधुनिक श्रम संहिता और व्यापार कानूनों के अनुरूप नए नियम तैयार किए जा रहे हैं ताकि भविष्यसक्षम नियामक ढांचा” स्थापित किया जा सके।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने इस व्यापक परिवर्तन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि हम नियमों की संस्कृति से सुविधा की संस्कृति और अनुपालन बोझ से अनुपालन सरलता की तरफ बढ़ रहे हैं। हरियाणा देश का सबसे अधिक निवेशकअनुकूल राज्य बनने के लिए प्रतिबद्ध हैजहाँ उद्यमिता फले-फूले,  रोजगार सृजन बड़े तथा आर्थिक विकास समावेशी और टिकाऊ हो।

बैठक में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्राश्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन,अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक श्री शेखर विद्यार्थी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।