Tuesday, October 7, 2025
हरियाणा: खुद को गोली मारने वाले ADG वाईएस पूरन की पत्नी अमनीत पी हैं IAS अफसर,
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा प्रतिनिधिमंडल ने शिंकानसेन - ओसाका बुलेट ट्रेन से की यात्रा
जापान की रेलवे प्रणाली के संचालन, रखरखाव, यात्री सुरक्षा और तकनीकी नवाचारों का भी किया अध्ययन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में भी चलेगी बुलेट ट्रेन, मुंबई से अहमदाबाद के बीच विकसित किया जा रहा हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर - नायब सिंह सैनीचंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और हरियाणा में वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान दौरे पर है। अपने दौरे के दूसरे दिन आज मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध शिंकानसेन - ओसाका बुलेट ट्रेन से टोक्यो से ओसाका तक यात्रा की। यह ट्रेन अपने अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे, सुरक्षा मानकों और परिचालन उत्कृष्टता के लिए जानी जाती है और आधुनिक परिवहन प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. यश गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत भी अब तेज़ रफ़्तार परिवहन क्रांति की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की “विकसित भारत” पहल के अंतर्गत मुंबई से अहमदाबाद के बीच एक हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जो भारत की बड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में यात्रा करना एक प्रेरणादायक अनुभव रहा। भारत में भी जल्द ही हमारे नागरिक ऐसी ही तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्राप्त करेंगे। यह ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।प्रतिनिधिमंडल ने इस यात्रा के दौरान जापान की रेलवे प्रणाली के संचालन, रखरखाव, यात्री सुरक्षा और तकनीकी नवाचारों का भी अध्ययन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सहित पूरे भारत में बेहतर परिवहन व्यवस्था के लिए जापान के अनुभवों और तकनीकी दक्षता से प्रेरणा ली जाएगी।
Monday, October 6, 2025
दीपावली मेला में मक्का के छिलकों से बने प्रोडक्टस देख हो जाएंगे दंग
नगर परिषद, जींद के दो अधिकारियों को लापरवाही बरतने पर दंड व मुआवजा भुगतान के निर्देश
'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता' अभियान को हरियाणा में उल्लेखनीय मिली सफलता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही दिन जापान की कंपनियों के साथ किए 6 एमओयू
हरियाणा सरकार गौ सेवा को समर्पित, गौशालाओं के लिए भेजे 83 करोड़ रुपऐ - कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार
हरियाणा सरकार गौ सेवा को समर्पित, गौशालाओं के लिए भेजे 83 करोड़ रुपऐ - कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार
गौशालाओं को मिलेगा नया जीवन, गोबर गैस प्लांट और सोलर पैनल से होगी आत्मनिर्भरताचण्डीगढ़- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर पूरी तरह कटिबद्ध है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। प्रदेश की गौशालाओं के चारे के लिए सरकार द्वारा 83 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है, ताकि गायों को भरपूर पोषण मिल सके।
विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार सोमवार को पानीपत के गांव नौल्था स्थित बाबा लाठे वाले गौशाला के 25 वें स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।श्री कृष्ण लाल पंवार ने अपने निजी कोष से गौशाला के उत्थान हेतु 11 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। अब तक उन्होंने नौल्था गौशाला को 1 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी है। उन्होंने इस अवसर पर 7 चौपालों का शिलान्यास, एक ई-लाइब्रेरी का भूमि पूजन, 100 फुट ऊंचे तिरंगे का अवलोकन किया और एक वृक्ष मां के नाम पर रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 51 शेड गौशालाओं की स्वीकृति दी जा चुकी है और नंदियो की सुविधा के लिए हर आवश्यक मूलभूत सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पंचायत गौशाला के लिए भूमि खरीदती है तो उसे स्टांप ड्यूटी नहीं देनी होगी, यानी फ्री रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाएगी। मंत्री ने बताया कि गौशालाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए गोबर गैस प्लांट लगाने की योजना चलाई जा रही है। 110 पंजीकृत गौशालाओं के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं, जिससे गांवों में सस्ती गैस की आपूर्ति और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि गोबर गैस प्लांट से हर घर में सस्ती गैस सप्लाई की संभावना को भी बल मिलेगा। प्रदेश की 336 गौशालाओं में अब तक सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिससे गौशालाएं बिजली पर आत्मनिर्भर बन सकें। भविष्य में अन्य गौशालाओं में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता' अभियान को हरियाणा में उल्लेखनीय मिली सफलता
'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता' अभियान को हरियाणा में उल्लेखनीय मिली सफलता चंडीगढ़ - राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC) के सहयोग से पूरे भारत में 90 दिनों तक "राष्ट्र के लिए मध्यस्थता" अभियान सफलतापूर्वक चलाया है। इस दौरान अभी तक हरियाणा के जिला न्यायालयों में लंबित विभिन्न श्रेणियों के 1503 मामलों का निपटारा सफलतापूर्वक किया गया। इसके अलावा पुलिस थानों, बिजली निगमों, वाणिज्यिक विवादों आदि के 3880 मामलों का निपटारा मुकदमे-पूर्व चरण में मध्यस्थता के माध्यम से किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और NALSA एवं MCPC के कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति सूर्यकांत के मार्गदर्शन में इस अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता को एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के रूप में बढ़ावा देना था।इस अभियान में वादियों, अधिवक्ताओं, मध्यस्थों और आम जनता की उल्लेखनीय भागीदारी होनी है। इस पहल को पूरे भारत में सभी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों (SLSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) के समन्वय से क्रियान्वित किया गया।
हरियाणा में यह अभियान हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य संरक्षक, मुख्य न्यायाधीश शील नागू और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति लिसा गिल के नेतृत्व में चलाया गया। सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों ने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से मध्यस्थता बैठकें, जागरूकता शिविर और जनसंवाद आयोजित किए जा रहे हैं।इस अभियान के दौरान संख्या में वाहन दुर्घटना दावा मामले, वैवाहिक मामले, वाणिज्यिक विवाद, आपराधिक मामले, ऋण वसूली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, घरेलू हिंसा मामले, चेक बाउंसिंग मामले और सिविल विवाद मामले आपसी समझ के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाए गए।
हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन, स्वदेशी अभियान में रहेगा सबसे आगे: डॉ. अरविंद शर्मा
हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन, स्वदेशी अभियान में रहेगा सबसे आगे: डॉ. अरविंद शर्मा
गोहाना में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पर कैबिनेट मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस
‘वोकल फॉर लोकल’ हर भारतीय के लिए बना मूल मंत्रचंडीगढ़– हरियाणा के सहकारिता, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया, मेक फॉर वर्ल्ड संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में हरियाणा अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा। आज स्वदेशी के लक्ष्य को साकार करने के लिए भाजपा सरकार हर युवा को नौकरी करने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रही है।
सोमवार को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पर गोहाना में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत निर्माण का जो लक्ष्य रखा है, उसका प्राप्ति मार्ग आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल का अभियान आज पूरे देश का मंत्र बन गया है, जो प्रत्येक भारतीय के स्वाभिमान, सामर्थ्य और संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से प्रारंभ होकर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान में हरियाणा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान स्वदेशी, स्वभूषा और स्वभाषा के स्तंभों पर आधारित है। आज देश में 1 लाख 60 हजार स्टार्टअप्स के माध्यम से हमारे युवा विदेशी कंपनियों को कड़ी टक्कर देते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और सेवाएं न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी उपलब्ध करवा रहे हैं। चिकित्सा, इंजीनियरिंग और विज्ञान जैसी कठिन मानी जाने वाली पढ़ाई को अब भारतीय भाषाओं में करवाने की दिशा में यह एक बड़ी पहल है।
उन्होंने बताया कि देश में खादी का उत्पादन और बिक्री अभूतपूर्व स्तर पर पहुंची है। वर्ष 2014 तक खादी की बिक्री 33 हजार करोड़ रुपये तक थी, जो बीते 11 वर्षों में बढ़कर 1
जापान में गूंजा गीता का शाश्वत संदेश
*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की प्राथमिकता क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा*
*कारोबारी सुगमता में आई तेजी*
*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की प्राथमिकता क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा*चंडीगढ़–हरियाणा देश का सबसे अधिक व्यापार-अनुकूल राज्य बनने के अपने लक्ष्य की तरफ तेज़ी से बढ़ रहा है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की विनियमन और अनुपालन सरलीकरण से जुड़ी पहलों की समीक्षा की। इनमें से 82 प्रतिशत पहलों को या तो लागू किया जा चुका है या इन पर तत्परता से काम चल रहा है।
बैठक में अनुपालन कमी से जुड़े 11 प्रमुख प्राथमिकता क्षेत्रों की समीक्षा की गई, जिन्हें नियामक बाधाओं को दूर करने और सभी क्षेत्रों में व्यवसायों के लिए अनुमोदन में तेज़ी लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि डिरेगुलेशन सेल द्वारा पाँच पहलों को पूरी तरह से लागू किया जा चुका है, 14 पहलें इस समय विभिन्न विभागों द्वारा तत्परता से कार्यान्वित की जा रही हैं और केवल चार केंद्र सरकार के पास लंबित हैं।
सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक औद्योगिक भूमि के लिए एक व्यापक जीआईएस-आधारित डेटाबैंक का शुभारंभ है। इसे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा विकसित और भारत औद्योगिक भूमि बैंक के साथ एकीकृत किया गया है। यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म निवेशकों को अभूतपूर्व गति और पारदर्शिता के साथ औद्योगिक प्लॉटों की पहचान, तुलना और अधिग्रहण करने की सुविधा देता है।
राज्य ने भवन अनुमोदन और संयुक्त निरीक्षणों में सूचीबद्ध थर्ड पार्टी एजेंसियों की भूमिका का भी विस्तार किया है, जिससे स्वीकृति प्रक्रिया में लगने वाले समय में काफी कमी आई है। नियमित तकनीकी मूल्यांकन अब इन प्रमाणित एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। इससे विभागों को नीतिगत कार्यों और निगरानी पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में सुविधा मिल रही है।
राज्य सरकार ने कारखानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में महिलाओं को रात्रिकालीन पाली में कार्य करने की अनुमति प्रदान कर दी है, जिससे रोजगार के नए अवसर खुले हैं। यह अनुमति सुरक्षित और विनियमित परिस्थितियों में दी जाएगी। इसके साथ ही, पहले से प्रतिबंधित कुछ उद्योगों में महिलाओं के कार्य पर लगे पुराने प्रतिबंध भी हटाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, मसौदा दुकान अधिनियम और पंजाब फैक्ट्री नियम, 1952 में संशोधन करके आधुनिक सुरक्षा मानकों को शामिल किया जा रहा है। इन सुधारों से महिलाओं की कार्यस्थल भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
हरियाणा अब “सभी के लिए एक जैसा नियम” मॉडल से हटकर एकीकृत जोखिम-आधारित नियामक प्रणाली अपनाने जा रहा है, जिससे छोटे और मध्यम जोखिम वाले उद्यमों को प्रत्यक्ष सरकारी निरीक्षण के बजाय थर्ड पार्टी निरीक्षण की सुविधा मिलेगी। भवन अनुमति, कब्जा प्रमाणपत्र आदि की प्रक्रिया को भी सरल और समयबद्ध बनाया गया है।
*भूमि उपयोग में लचीलापन और पूर्ण डिजिटल स्वीकृति प्रणाली*
राज्य ने मिश्रित भूमि उपयोग (मिस्ड यूज जोनिंग) की नई नीति लागू की है, जिससे औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में विकास की संभावनाएँ बढ़ी हैं। भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर लगने वाले समय में कमी आई है।
फैक्टरी लाइसेंस, व्यापार अनुमति, बिजली कनेक्शन, जल आपूर्ति और पर्यावरण मंजूरी, अब ज्यादातर हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पूरी तरह डिजिटलीकृत हैं, जिसके लिए परिभाषित समयसीमा और स्पष्ट जवाबदेही तंत्र मौजूद है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अनुपालन उद्योगों के लिए स्वचालित सहमति नवीनीकरण लागू कर रहा है। इसके अलावा, गैर‑प्रदूषणकारी उद्योगों को “व्हाइट कैटेगरी” में पुन: वर्गीकृत किया जा रहा है। इससे न्यूनतम पर्यावरण जोखिम वाले व्यवसायों पर गैर‑जरूरी नियामक बोझ हटाया जा रहा है।
प्रदेश में सभी सरकारी सेवाओं को एकीकृत सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़ा जा रहा है, जो नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के साथ पूरी तरह एकीकृत होगा। इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से उद्यमी सभी आवश्यक अनुमोदन एक ही डिजिटल इंटरफेस पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे कई विभागों के चक्कर काटने या बार-बार दस्तावेज़ जमा करवाने की आवश्यकता नहीं होगी।
सरकार राज्य‑स्तरीय कानून भी तैयार कर रही है जो जन विश्वास अधिनियम के सिद्धांतों के अनुरूप होगा। इसका उद्देश्य छोटे अनुपालन उल्लंघनों को गैर‑आपराधिक बनाना और दंडात्मक उपायों के स्थान पर सुविधाजनक तंत्र कायम करना है। साथ ही, आधुनिक श्रम संहिता और व्यापार कानूनों के अनुरूप नए नियम तैयार किए जा रहे हैं ताकि “भविष्य‑सक्षम नियामक ढांचा” स्थापित किया जा सके।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने इस व्यापक परिवर्तन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि हम नियमों की संस्कृति से सुविधा की संस्कृति और अनुपालन बोझ से अनुपालन सरलता की तरफ बढ़ रहे हैं। हरियाणा देश का सबसे अधिक निवेशक‑अनुकूल राज्य बनने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ उद्यमिता फले-फूले, रोजगार सृजन बड़े तथा आर्थिक विकास समावेशी और टिकाऊ हो।
बैठक में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन,अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक श्री शेखर विद्यार्थी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।