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Saturday, January 23, 2021

January 23, 2021

हरियाणा भाजपा मंत्रिमंडल में बदलाव की तैयारी, विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार

हरियाणा भाजपा मंत्रिमंडल में बदलाव की तैयारी, विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। इसकी संभावना किसान आंदोलन के बाद या हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के बाद की है। इसको लेकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने गुरुवार को पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों के साथ चंडीगढ़ में मंथन किया। तीन दिनों तक चंडीगढ़ प्रवास के दौरान कुछ विधायकों व जिलाध्यक्षों ने तावड़े के समक्ष मंत्रिमंडल में बदलाव की पटकथा तैयार करने में भी सहयोग दिया है।
सूत्रों का कहना है कि किसान आंदोलन के समाप्त होने या फिर हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। सभी विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया है। भाजपा प्रभारी को विधायकों व जिलाध्यक्षों ने कुछ मंत्रियों के मंत्रालयों तो कुछ मंत्रियों को बदले जाने के सुझाव भी दिए हैं। विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड बनाया है। इसे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा।

किसान आंदोलन से संबंधित कुछ सुझावों को कलमबद्ध किया गया है। सूत्रों का कहना है कि बजट सत्र के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल तय है। प्रभारी ने बुधवार देर रात सीएम के साथ उनके निवास पर डिनर किया। सूत्रों के अनुसार इस दौरान संगठन की मजबूती को लेकर गहन मंथन हुआ।
इसके साथ ही खबर है कि हरियाणा कांग्रेस भी जिला और प्रदेश कार्यकारिणी का गठन अगले दो माह में कर सकती है। इसके लिए प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल मैदान में उतर चुके हैं। दरअसल प्रदेश में पिछले सात साल में कांग्रेस सिर्फ प्रदेशाध्यक्ष के भरोसे चल रही है। 2014 में अशोक तंवर के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद खुलकर गुटों में बंटी कांग्रेस का संगठन खड़ा नहीं हो सका। प्रभारी कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलकर जिला और प्रदेश कार्यकारिणी के गठन का काम पूरा करने में जुटे हैं।
तीन दिनों में जीटी बेल्ट के तीन जिले पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र में कार्यकर्ताओं बातचीत के बाद प्रभारी ने अगले एक माह में सभी जिलों के कार्यकर्ताओं से वन-टू वन मिलने का लक्ष्य रखा है। खासकर किसान आंदोलन के बीच पंचायत चुनाव की शुरू हुई सुगबुगाहट के बाद कांग्रेस जिला परिषद के चुनाव सिंबल पर लड़ने का मन भी बना रही है। परंतु इसका फैसला कार्यकर्ताओं से फीडबैक पर निर्भर करेगा।

Sunday, January 17, 2021

January 17, 2021

आज चार राज्यों के किसान निकालेंगे संविधान पदयात्रा,प्रधानमंत्री निवास का करेंगे घेराव

आज चार राज्यों के किसान निकालेंगे संविधान पदयात्रा,प्रधानमंत्री निवास का करेंगे घेराव

रोहतक : लगातार चल रहा किसान आंदोलन अब बढ़ता जा रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ किसानों ने बड़ा ऐलान कर दिया है। बताना लाजमी है कि चार राज्यों के किसान आज दिल्ली को कूच करेंगे। चार राज्य (राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली) के किसान आज दिल्ली कूच करेंगे। सत्याग्रह के तहत संविधान पद यात्रा निकाली जाएगी। दिल्ली में प्रधानमंत्री निवास का घेराव करते हुए धारा 197 के तहत नितिन गडकरी पर मुकदमा चलाने कि मांगे की जाएगी। यह बात रमेश दलाल अध्यक्ष भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश दलाल ने कही। वे शनिवार को गांव हुमायुंपुर में धरनास्थल पर किसानों को संबोधित कर रहे थे।

रमेश दलाल ने कहा कि किसानों की कीमती जमीनों का सरकार ने अधिग्रहण किया है, जो कानून गलत है। इसको लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि सरकार से किसानों के हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने का। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों पर आरोप लगाते हैं कि किसान संविधान और संसद को नहीं मानते। लेकिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उच्च अधिकारियों की त्रुटि और गोलमाल पकड़ी गई है इन जन सेवकों द्वारा संसद में बनाए गए किसानों के हक के कानून का उल्लंघन किया गया है। रमेश दलाल ने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा है कि संविधान और संसद को नहीं मानने वाले जन सेवकों को सजा दिलवाए और किसानों के मुआवजे को बढ़वाएं।
January 17, 2021

आंदोलन में दो और आंदोलनकारी किसानों की थम गई सांसें

आंदोलन में दो और आंदोलनकारी किसानों की थम गई सांसें

हिसार : लगातार चल रहा किसान आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है लेकिन किसानों की सांसे लगातार रूकती जा रही है। उसके बाबजूद भी सरकार किसानों की बात मानने को तैयार नहीं है। दरअसल कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में एक और किसान की मौत होने का मामला सामने आया है।

तबीयत बिगड़ने अथवा हृदयाघात की आशंका जताई जा रही है। असल कारण का खुलासा पोस्मार्टम रिपोर्ट आने के बाद हो पाएगा। फिलहाल शव को नागरिक अस्पताल में रखवा दिया गया है। कृषि कानूनों को रद कराने की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच शनिवार को दो और किसानों की मौत हो गई है। एक किसान की बहादुरगढ़ में तो दूसरे की हिसार के बरवाला में मौत हुई है। बरवाला में किसान की अचानक मौत होने से ट्रैक्टर मार्च को बीच में ही समाप्त कर दिया गया।

जांच अधिकारी ने बताया कि मृतक बोहर सिंह के परिवार के लोगों को सूचना दी गई है। उनके यहां पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। उधर, शुक्रवार को 83 वर्षीय किसान जगीर सिंह की मौत हो गई थी। शनिवार को स्वजनों के यहां पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम करवाया गया। अब तक हुई मौत के सभी मामलों में पीड़ित परिवारों की ओर से सरकार से मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग की जा रही है।

Wednesday, December 16, 2020

December 16, 2020

'सरकार के जुल्म के खिलाफ', सिंघु बॉर्डर के पास संत बाबा राम सिंह ने खुद को मारी गोली, मौत

सुसाइड नोट के मुताबिक, संत बाबा राम सिंह ने किसानों पर सरकार के जुल्म के खिलाफ आत्महत्या की है. बाबा राम सिंह किसान थे और हरियाणा एसजीपीसी के नेता थे. 

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर (सिंघु बार्डर) पर किसानों के धरने में शामिल संत बाबा राम सिंह ने बुधवार को खुद को गोली मार ली. जिस वजह से उनकी मौत हो गई है. उन्होंने सिंघु बॉर्डर के पास आत्महत्या की है. बाबा राम सिंह करनाल के रहने वाले थे. उनका एक सुसाइड नोट भी सामने आया है.

उन्होंने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए उनके हक के लिए आवाज बुलंद की है. सुसाइड नोट के मुताबिक, संत बाबा राम सिंह ने किसानों पर सरकार के जुल्म के खिलाफ आत्महत्या की है. बाबा राम सिंह किसान थे और हरियाणा एसजीपीसी के नेता थे.



संत बाबा राम सिंह ने सुसाइड नोट में लिखा है कि किसानों का दुख देखा. वो अपना हक लेने के लिए सड़कों पर हैं. बहुत दिल दुखा है. सरकार न्याय नहीं दे रही. जुल्म है. जुल्म करना पाप है, जुल्म सहना भी पाप है.

संत बाबा राम सिंह आगे लिखते हैं कि किसी ने किसानों के हक में और जुल्म के खिलाफ कुछ नहीं किया. कइयों ने सम्मान वापस किए. यह जुल्म के खिलाफ आवाज है. वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह.


संत बाबा राम सिंह की मौत पर

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुख जताया है. राहुल गांधी ने बाबा राम सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं. मोदी सरकार क्रूरता की हर हद पार कर चुकी है.



राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि करनाल के संत बाबा राम सिंह जी ने कुंडली बॉर्डर पर किसानों की दुर्दशा देखकर आत्महत्या कर ली. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं और श्रद्धांजलि. कांग्रेस सांसद ने आगे लिखा कि कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं. मोदी सरकार क्रूरता की हर हद पार कर चुकी है. जिद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी कानून वापस लो. 

बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के कारण अभी तक कई किसान अपनी जान गंवा चुके हैं. सोमवार को दो, मंगलवार को एक किसान और अब बुधवार को संत बाबा राम सिंह की मौत हुई है. सोमवार की देर रात को पटियाला जिले के सफेद गांव में एक सड़क हादसा हो गया था, जिसमें दिल्ली से धरना देकर लौट रहे दो किसानों की मौत हो गई थी. 

मंगलवार को सिंघु बॉर्डर के उषा टॉवर के सामने एक किसान की मौत हो गई. मृतक किसान की पहचान गुरमीत निवासी मोहाली (उम्र 70 साल) के रूप में हुई. 

21 दिनों से जारी है आंदोलन

कृषि कानूनों के खिलाफ 21 दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार और किसानों में कई दौर की वार्ता हो चुकी. सभी बेनतीजा रहीं. किसान तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं. वहीं, सरकार संशोधन करने को तैयार है, लेकिन किसान इस प्रस्ताव को ठुकरा रहे हैं. 

वहीं, बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सरकार को लिखित में जवाब दिया गया. किसान मोर्चा ने सरकार से अपील की है कि वो उनके आंदोलन को बदनाम ना करें और अगर बात करनी है तो सभी किसानों से एक साथ बात करें. 

उधर, किसान आंदोलन को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने कहा है कि वो किसान संगठनों का पक्ष सुनेंगे, साथ ही सरकार से पूछा कि अबतक समझौता क्यों नहीं हुआ. अदालत की ओर से अब किसान संगठनों को नोटिस दिया गया है. अदालत का कहना है कि ऐसे मुद्दों पर जल्द से जल्द समझौता होना चाहिए. अदालत ने सरकार और किसानों के प्रतिनिधियों की एक कमेटी बनाने को कहा है, ताकि दोनों आपस में मुद्दे पर चर्चा कर सकें.



Tuesday, December 15, 2020

December 15, 2020

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की हालत स्थिर, मेदांता अस्पताल में किया जा सकता है शिफ्ट

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की हालत स्थिर, मेदांता अस्पताल में किया जा सकता है शिफ्ट

रोहतक : प्लाज्मा थेरेपी देने के बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की हालत स्थिर है। अनिल विज का पीजीआई में इलाज चल रहा है। कोरोना से संक्रमित अनिल विज को रविवार को प्लाज्मा थैरेपी दी गई थी। सूत्रों की माने तो उन्हें मेदांता में शिफ्ट करने की तैयारी है। हालांकि अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री को हल्का बुखार भी था। चिकित्सकों ने उनके सभी जरूरी टेस्ट किए। अनिल विज को ऑक्सीजन भी दी जा रही है। साथ ही हो सकता है उन्हें मंगलवार को दोबारा प्लाजमा थैरेपी दी जाए। क्योंकि एक बार प्लाजमा थैरेपी देने के बाद 24 से 48 घंटे में दूसरी बार थैैरेपी दी जाती है। 

टीम की निगरानी में विज

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना संक्रमण होने के बाद निगरानी के लिए पीजीआईएमएस के वार्ड-24 में भर्ती है। चिकित्सकों का कहना है कि जब तक उनकी रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती तब तक उनसे मिलने अस्पताल में कोई ना आएं। स्वास्थ्य मंत्री के इलाज के लिए डॉक्टरों की एक टीम का गठन किया गया है जो उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। मेदांता के डॉक्टरों की देखरेख में दी गई थैरेपी बता दें कि रविवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के इलाज के लिए गठित मल्टी स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की टीम में एम्स के डायरेक्टर, मेदांता अस्पताल से डॉ. सुशीला, पीजीआई के पीसीसीएम विभाग के एचओडी व स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी व मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. वीके कत्याल सहित एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों को शामिल किया गया है। मेदांता अस्पताल की कोविड-19 एक्सपर्ट डॉ. सुशीला रविवार को स्वास्थ्य मंत्री का हेल्थ अपडेट लेने पहुंची थी। सभी चिकित्सकों ने एम्स के डायरेक्टर से फोन पर संपर्क कर प्लाज्मा थैरेपी दिए जाने पर चर्चा की। जिसके बाद सभी ने सहमति जताई और शाम को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को सवा घंटे तक चली प्रक्रिया के जरिए प्लाज्मा थैरेपी दी गई l

Saturday, December 12, 2020

December 12, 2020

हरियाणा के मशहूर कलाकार करेंगे एक रुपया -एक ईंट शिक्षा के नाम अभियान कीं शुरूआत : शुभम जयहिंद

जींद शिक्षा भवन का भूमि पूजन एवं एक रुपया-एक ईंट शिक्षा के नाम अभियान कीं कि जाएगी शुरुआत 

:11तीर्थों कीं मिट्टी द्वारा किया जाएगा भूमि पूजन, हरियाणा के मशहूर कलाकार करेंगे एक रुपया -एक ईंट शिक्षा के नाम अभियान कीं शुरआत 

जींद : जींद शिक्षा सहयोग समिति जरूरतमंद बच्चों कीं शिक्षा के लिए जींद शिक्षा भवन का निर्माण करने जा रही हैं जिसमें जरूरतमंद बच्चों कीं शिक्षा के लिए वर्ग चलाए जाया करेंगे। संस्था के चेयरमैन शुभम जयहिंद द्वारा बताया गया कीं  जींद शिक्षा भवन का भूमि पूजन एक जनवरी को नए साल वाले दिन किया जाएगा। इस शिक्षा के मंदिर का भूमि पूजन 11 तीर्थों कीं मिट्टी से किया जाएगा। भूमि पूजन के दौरान एक रुपया-एक ईंट शिक्षा के नाम अभियान कीं शुरुआत कीं जाएगी जो कीं हरियाणा के मशहूर कलाकार  गगन हरियाणवी करेंगे। इस मुहिम से समाज के बड़े -बड़े उध्योगपतियों, समाज सेवी, अधिकारीयो एवं सामाजिक संस्थाओं को जोड़ा जाएगा । जींद शहर में ऐसा भवन पहली बार बनने जा रहा हैं जो जरूरतमंद बच्चों कीं शिक्षा के लिए बड़े स्तर पर कार्य करेगा । जींद शिक्षा सहयोग समिति पिछले पांच साल से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा एवं शिक्षा सम्बन्धित सामग्री उपलब्ध करवा रही हैं। संस्थान  अभी 500 से ज्यादा बच्चों को शिक्षित कर चुका हैं। 

Sunday, December 6, 2020

December 06, 2020

-कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर बोला हमला, कहा कि भाजपाई नेता किसान को आज देशद्रोही, टुकड़े-टुकड़े गैंग, खालिस्तानी, चीन और पाकिस्तान का षड्यंत्र बताने की कर रहे गंदी राजनीति

-कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर बोला हमला, कहा कि भाजपाई नेता किसान को आज देशद्रोही, टुकड़े-टुकड़े गैंग, खालिस्तानी, चीन और पाकिस्तान का षड्यंत्र बताने की कर रहे गंदी राजनीति 

कैथल : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आज हरियाणा की भाजपा-जजपा और केंद्र की मोदी सरकार इतनी अत्याचारी व अहंकारी बन चुकी है कि जहाँ उन्होंने एक तरफ भारत के अन्नदाताओं के रास्ते में पत्थर लगाए, कटीले तार और वॉटर केनन से स्वागत किया। दूसरी तरफ कोरोना योद्धाओं स्वास्थ्य कर्मियों के साधारण से समूह पर जिसमें महिलाएं भी हैं उनपर लाठियाँ बरसाई जा रही है। ये है नए भारत का आज का परिदृश्य। जहाँ सरकार विरोधी प्रदर्शन राष्ट्रविरोधी बन जाता है। भाजपा और जजपा की सरकार को एक दिन भी सत्ता में रहने का कोई हक नही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला आज कैथल में कई शादी समारोह में शामिल हुए और अपने निवास किसान भवन पर कार्यकर्ताओं से भी रूबरू हुए। 
सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष में होते हुए अपने आपको किसान हितैषी होने का स्वांग रचने वाले राजनाथ सिंह व भाजपा के नेता आज चुप क्यों बने बैठे हैं? या फिर सत्ता में आने से पहले सिर्फ किसान अन्नदाता और अब कुर्सी पाने के बाद किसान से क्या वास्ता ये सच साबित हो चुका है। अन्नदाता एक सप्ताह से भीषण ठंड में दिल्ली की चौखट पर बैठे हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि किसान-मज़दूर मोदी सरकार से भीख नही माँग रहा बल्कि अपनी मेहनत की क़ीमत माँग रहा है। लेकिन भाजपाई नेता किसान को आज देशद्रोही, टुकड़े-टुकड़े गैंग, खालिस्तानी, चीन और पाकिस्तान का षड्यंत्र बताने की गंदी राजनीति कर रहे हैं। किसानों पर षडयंत्र की बजाय उनको उनका अधिकार दीजिए। 
सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार के मंत्रियों का किसानों के प्रति दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा बहुत ही शर्मनाक है। क्या अब अन्नदाताओं को किसान होने और दिखने का सर्टिफ़िकेट भी मोदी सरकार से लेना पड़ेगा?ये किसान-मज़दूरों के प्रति भाजपाई दुर्भावना का जीता जागता सबूत है। ऐसे मंत्रियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राजहठ त्यागिये,राजधर्म मानिये। अन्नदाता की सुनें,काले क़ानूनों को निरस्त करें। याद कीजिए कि इतिहास ने कभी अहंकार को माफ़ नहीं किया है।