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Sunday, October 18, 2020

October 18, 2020

राफेल के दूसरे बैच लाने की तैयारी:राफेल का दूसरा बैच भी अम्बाला एयरबेस आएगा, नवंबर के पहले सप्ताह में आ सकते हैं 3-4 विमान

राफेल के दूसरे बैच लाने की तैयारी:राफेल का दूसरा बैच भी अम्बाला एयरबेस आएगा, नवंबर के पहले सप्ताह में आ सकते हैं 3-4 विमान

अम्बाला : लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन से तनातनी के बीच राफेल विमानों का दूसरा बैच भी अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन में लाने की तैयारियां चल रही हैं। यहां 3-4 विमानों का बैच नवंबर के पहले सप्ताह में पहुंच सकता है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, अम्बाला से चीन को बेहतर तरीके से काउंटर किया जा सकता है। यहां से एलएसी तक राफेल महज 15-20 मिनट में पहुंच सकता है।
अम्बाला एयरबेस में राफेल विमानों का पूरा ढांचा तैयार हो चुका है। राफेल विमानों की सबसे पहले गठित की गई 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के कुछ पायलट अभी भी फ्रांस में हैं, जिनकी ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। ये पायलट ही राफेल विमानों के दूसरे बैच की अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन पर लैंडिंग कराएंगे। अम्बाला में 29 जुलाई को 5 विमान का पहला बैच आ चुका है।

दिन-रात चल रहा अभ्यास

चीन से तनाव के बीच अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल विमान लगातार उड़ान भर रहे हैं। राफेल​​​​​​​ विमानों के साथ एयरफोर्स द्वारा नाइट फ्लाइंग भी की जा रही है।

Sunday, October 11, 2020

October 11, 2020

पुरानी पैंशन बहाली के लिए लामबंद हुए जींद के कर्मचारी

पुरानी पैंशन बहाली के लिए लामबंद हुए जींद के कर्मचारी

 जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) पैंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा की *जिला जींद की मीटिंग रोडवेज मंदिर परिसर जींद में संपन्न हुई । मीटिंग की अध्यक्षता पी बी एस एस की महिला विंग की कार्यकारी प्रधान श्रीमती राजबाला PGT ने की तथा मंच संचालन जींद ब्लॉक अध्यक्ष देवीलाल सहारन ने किया। मीटिंग में राज्य कार्यकारिणी से वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनूप लाठर व सोनीपत जिला कार्यकारिणी से सुमित रंगा ने मुख्य रूप से शिरकत की। मीटिंग का मुख्य एजेंडा आगामी 01 नवंबर को पुरानी पैंशन बहाली के लिए गोहाना में होने वाले पैंशन अधिकार दिवस में जींद जिले की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करना, अब तक किए गए आंदोलनों का विश्लेषण और जिला जींद की महिला विंग के गठन बारे विचार विमर्श करना था*। मीटिंग को संबोधित करते हुए जिला जींद संयोजक सुरेन्द्र मान, कैशियर सुनील झांझ, उपप्रधान जोगेंद्र नेहरा,    राधेश्याम शर्मा ने कहा कि आगामी एक नवंबर को गोहाना में जींद जिले से सेंकड़ों कर्मचारी अपनी पुरानी पेंशन बहाली के लिए एकजुट होंगें। जिसके लिए सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट हो चुके हैं और पुरानी पैंशन बहाली तक संघर्ष करते रहेंगे। *राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनूप लाठर ने कहा कि ये राजनेता राजनीति में अपनी पकड़ होने के कारण जनता के पैसे को गलत प्रयोग में लाते हुए अपनी तीन तीन - चार चार पेंशन ले रहे हैं जबकि कर्मचारी अपनी जिंदगी के जवानी के अहम 25-30 वर्ष जनता और विभाग की सेवा में लगाता है और फिर भी बुढ़ापे में पेंशन ना मिलने के कारण धक्के खाने को मजबुर होंगे। इसलिए हम नेताओ को खुली चुनौती देते हैं कि अब इतनी आसानी से हम इन राजनेताओं को भी जनता के पैसे से पेंशन नहीं लेने देंगे। बिजली विभाग से सुरेन्द्र जागलान और पी डब्लू डी से सुरेन्द्र ढूल ने कहा कि अब तमाम विभागों के कर्मचारी एकजुट होकर गोहाना के प्रदर्शन के बाद प्रदेश में एक बहुत बड़ा आंदोलन करेंगे जिसकी घोषणा गोहाना में कर दी जाएगी , जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी क्योंकि कर्मचारी बहुत बार धरने/ प्रदर्शनों और रेलियों से सरकार से अपने मान सम्मान के लिए पेंशन की मांग कर चुके हैं लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता को छोड़ कर्मचारियों की मांग को पूरा नहीं कर रही*। मीटिंग में श्रीमती राजबाला कौशिक PGT को सर्वसम्मति से जिला जींद की महिला की कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया और जल्द ही महिला विंग का  विस्तार करने का फैसला लिया गया। आज की बैठक में मुख्य रूप से श्रीमती सीता राठी जेबीटी , अनुराधा गुप्ता पीजीटी, नरेश बिरोली, सुरेन्द्र अहलावत, राजेश लाठर, रविन्द्र सिंधु, ओम प्रकाश नगुरा, सतीश नगूरा, देवेन्द्र पिल्लुखेड़ा, राजकुमार रधाना, मनदीप इगराह, पवन ढांडा, राजकुमार मोर, राजेश, हरीश, विजय शर्मा, मनोज जुलानी, पवन मलिक, राजेश पठान आदि ने भाग लिया।
October 11, 2020

कामकाजी महिलाओं के लिए खुशखबरी, 500 क्रेच खोले जाएंगे

कामकाजी महिलाओं के लिए खुशखबरी, 500 क्रेच खोले जाएंगे

चण्डीगढ़ : हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा  ने कहा कि प्रदेश में कामकाजी महिलाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 500 क्रेच केन्द्र खोले जाएंगे। आज यहां जारी एक वक्तव्य में उन्होंने बताया कि यह योजना दो चरणों में पूरी की जाएगी, जिसके तहत प्रथम चरण में पहले से ही चल रहे 182 क्रेच केन्द्रों को सुदृढ़ व मूलभुत सुविधाएं प्रदान कर बेहतर तरीके से चलाने की योजना है।
इसी प्रकार, दूसरे चरण में शेष 318 नए क्रेच केन्द्र कामकाजी महिलाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों पर खोले जाएंगे, जहां पर ज्यादा संख्या में महिलाएं कार्य करती हैं। उन्होंने बताया कि क्रेच केन्द्रों के प्रशिक्षण, पाठय सामग्री तथा बेहतर संचालन के लिए भी समझौता भी किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश अभी कोविड-19 संक्रमण काल से गुजर रहा है जिसके चलते सभी आंगनवाड़ी केन्द्र  बंद हैं तथा बच्चे इन केन्द्रों में आने में असमर्थ हैं। बच्चों के लिए आवंटित पूरक पोषण उनके घरों में उपलब्ध करवाया जा रहा है।
परंतु आंगनवाड़ी केन्द्रों के बंद होने के कारण बच्चों के लिए निर्धारित स्कूल पूर्व शिक्षा प्रभावित हुई हैं। इसी के मदेनजर विभाग ने निर्णय लिया है कि 3 से 6 साल तक के बच्चों के लिए विशेष वर्कशीट, विभिन्न प्रकार के रंग व अन्य सामग्री उनके घरों में ही उपलब्ध करवाई जाएगी।
मंत्री ढांडा ने बताया कि प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उसके अधीन क्षेत्र में समय-समय पर बच्चों द्वारा इन वर्कशीटों पर किए कार्य का मूल्यांकन करेगी तथा उनके अभिभावकों को इस संबंध में जानकारी देगी ताकि वे घरों में बच्चों की अनौपचारिक शिक्षा पर ध्यान दें सकें।

Friday, October 9, 2020

October 09, 2020

विवाद:112 मॉडल संस्कृति स्कूलों में हरियाणा बोर्ड की जगह सीबीएसई से मान्यता लेने का शिक्षक संगठनों ने जताया

विवाद:112 मॉडल संस्कृति स्कूलों में हरियाणा बोर्ड की जगह सीबीएसई से मान्यता लेने का शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध, 11 अक्टूबर को जींद में शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी बनाएंगे रणनीति

रोहतक :  प्रदेश में खाेले जा रहे 112 राजकीय माॅडल संस्कृति सीनियर सेकंडरी स्कूल खाेलने पर विवाद गहराने लगा है। पहली से 12वीं कक्षा के इन सरकारी स्कूलाें में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई हाेगी। प्रदेश सरकार इन स्कूलों को हरियाणा बोर्ड की जगह सीबीएसई से मान्यता लेना चाहती है। इस पर सबसे ज्यादा विवाद है। शिक्षक संगठनों का विरोध है कि सरकार हरियाणा बोर्ड को कमजोर साबित करके स्कूलों को निजीकरण की राह पर धकेल रही है, जबकि विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि सीबीएसई बोर्ड में नंबर ज्यादा आते हैं। अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की ओर लुभाने के लिए सीबीएसई से मान्यता ली जा रही है।
हरियाणा के छात्रों को आगे आती हैं दिक्कतें (नंद किशोर, असिस्टेंट डायरेक्टर, एकेडमिक सेल, स्कूल शिक्षा निदेशालय)

सीबीएसई 10वीं-12वीं कक्षा के परीक्षार्थियों को खुलकर नंबर देता है, जबकि एचबीएसई की मार्किंग सख्त है। अभिभावकों का भी मानना है कि एचबीएसई की तुलना में सीबीएसई में नंबर अच्छे आते हैं।

एचबीएसई बोर्ड से पढ़े हुए विद्यार्थी को राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने के दौरान दिक्कत आती है, क्योंकि बमुश्किल ही 90 फीसदी अंक वह ले पाते हैं, जबकि सीबीएसई में 95 फीसदी से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा रहती है।

अभिभावक को बच्चे के लिए सीबीएसई का ही सर्टिफिकेट चाहिए तो उसे इसके लिए लाखों रुपए की फीस निजी स्कूलाें में देनी होती है, जबकि सीबीएसई से मान्यता लेने वाले राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में नाममात्र की फीस देकर यह सर्टिफिकेट ले सकता है।

फर्क सिर्फ एनसीईआरटी व हरियाणा बोर्ड लिखने का (जगबीर सिंह, हरियाणा बोर्ड चेयरमैन ने असिस्टेंट डायरेक्टर)

पेपरों की मार्किंग हरियाणा बोर्ड नहीं करता। यह शिक्षा विभाग के अध्यापक ही करते हैं। काफी बच्चों के 99 से लेकर 100 प्रतिशत तक नंबर आते हैं। ऐसा नहीं है कि हरियाणा बोर्ड में नंबर कम आते हैं।

एचबीएसई में 9वीं से 12वीं कक्षा का जो पाठ्यक्रम है, वह सीबीएसई के पाठ्यक्रम की तर्ज पर ही है। इन्हीं में से प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रश्न पत्र आता है। फर्क बस इतना है कि एनसीईआरटी की जगह हरियाणा बोर्ड लिखा होता है।

अभिभावकों को समझना होगा कि हरियाणा बोर्ड में कोई कमी नहीं है। यहां मुफ्त और अच्छी शिक्षा मिलती है। बुधवार को सुपर-100 के जिन 25 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है, वह सभी हरियाणा बोर्ड के सरकारी स्कूलों से ही पढ़े हैं।

सरकार अपने ही बोर्ड से संतुष्ट क्यों नहीं : बिजेंद्र
संस्कृति मॉडल स्कूलों से पहले भी प्रत्येक जिले में एक-एक मॉडल संस्कृति स्कूल चल रहा है, जो एचबीएसई से संबंद्ध है। इनमें हिंदी-इंग्लिश मीडियम दोनों हैं। प्रदेश के पास खुद का बोर्ड है तो सीबीएसई से मान्यता की जरूरत क्या है। इसका मतलब सरकार अपने ही बोर्ड से संतुष्ट नहीं है। - बिजेंद्र हुड्‌डा, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा स्कूल एजुकेशन ऑफिसर्स एसोसिएशन।

Thursday, October 8, 2020

October 08, 2020

स्कूलों के लिए राहत की खबर:20 दिन में निपटाई जाएंगी प्राइवेट स्कूलों की पेंडिंग फाइल, निदेशालय ने जारी किया आदेश

स्कूलों के लिए राहत की खबर:20 दिन में निपटाई जाएंगी प्राइवेट स्कूलों की पेंडिंग फाइल, निदेशालय ने जारी किया आदेश

चंडीगढ़ : उन प्राइवेट स्कूलों के लिए राहत की खबर है, जिनके मान्यता, परमिशन और एनओसी की फाइलें शिक्षा विभाग में अटकी हैं। अब निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों का सख्त लहजे में प्राइवेट स्कूलों की सभी पेंडिंग फाइलों को 20 दिन में निपटाने के लिए कहा है। साथ ही इसकी रिपोर्ट भी मांगी है। ऐसे में स्कूलों को भी राहत मिलेगी। प्राइवेट स्कूल संगठन कई बार फाइलों के आगे न बढ़ने का मामला कई बार उठा चुके हैं।
कुछ दिन पहले ही निदेशक की अध्यक्षता में प्राइवेट स्कूलों के मामलों को लेकर मीटिंग भी हुई थी, जिसमें भी इन मामलों पर गहनता से मंथन किया गया था। आदेशों में कहा गया है कि सभी कार्य ऑनलाइन ही किया जाएगा। सभी फाइलें मैन्युअली की बजाए ऑनलाइन ही आगे बढ़ाई जाए। इससे कोई कर्मचारी या अधिकारी फाइल भी नहीं रोक पाएंगे। जहां भी फाइल रुकेगी, उसकी जानकारी निदेशालय को मिल जाएगी।
अधिकारियों को स्कूल इंस्पेक्शन की फाइलें भी ऑन लाइन ही भेजनी होगी। निदेशालय की ओर प्राइवे स्कूलों में मैनजर या मालिकों के निदेशालय और जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में जाने पर भी रोक लगा दी है। आदेशों में कहा गया है कि कोई भी मैनेजर या मालिक प्राइवेट स्कूल से संबंधित कार्य के लिए ऑन लाइन ही एप्लाई करेगा।

2007 से पहले से चल रहे स्कूल एग्जिस्टिंग स्कूलों में हों शामिल: फैडरेशन

फैडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि राज्य 2007 से पूर्व से चल रहे प्राइवेट स्कूलों को तुरंत एग्जिस्टिंग स्कूलों की लिस्ट में शामिल करें । साथ ही भूमि मानक और अन्य शर्तों में राहत देकर जल्द मान्यता दें ताकि ऐसे स्कूल भी शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल हो। सरकार ने दो बार एग्जिस्टिंग स्कूलों की सूची भी जारी की परंतु विभागीय अधिकारियों की कमी के कारण सैकड़ों स्कूल अनेक स्कूल सूची में शामिल नहीं हो पाए।
October 08, 2020

हरियाणा में 15 अक्टूबर से 6वीं से लेकर 10वीं तक स्कूल खोलने की तैयारी

हरियाणा  में 15 अक्टूबर से 6वीं से लेकर 10वीं तक स्कूल खोलने की तैयारी

चंडीगढ़ : केंद्र की ओर से अनलाक के तहत 15 अक्टूबर से शिक्षण संस्थाओं  को खोलने के लिए जारी एडवाइजरी को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर  का कहना है कि अभिभावकों की सहमति के साथ में फिलहाल दसवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों  को शिक्षक लगातार गाइड कर रहे हैं। विषयों को लेकर उनकी समस्याओं  का समाधान भी कर रहे हैं, इसी तर्ज पर अब केंद्र की एसओपी आ जाने के बाद छठी से लेकर दसवीं तक की क्लासों को 15 के बाद में सशर्त संचालित करने पर विचार किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री कंवरपाल सिंह ने बुधवार को चंडीगढ़ में सवाल के जवाब में इस आशय की जानकारी दी। मंत्री ने यह भी कहा कि जल्द ही वे राज्य शिक्षा विभाग के आला अफसरों के साथ में नई गाइड लाइन को लेकर विचार मंथन करेंगे और 15 के बाद छठी से दसवीं तक की क्लास भी कोविड की सावधानी को ध्यान में रखते हुए खोलने पर विचार कर रहे हैं। सबसे बाद में पहले से लेकर पांचवीं तक की क्लासों को खोलने का विचार है। राज्य की ओर से पंद्रह से पहले इस संबंध में सही स्थिति से अवगत करा दिया जाएगा।
निजी स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर का कहना है, ट्यूशन फीस की बात हमने पहले कही थी लेकिन स्कूल संचालक इसे लेकर कोर्ट में चले गए थे कोर्ट में जो निर्णय दिया था उसके तहत फीस ली गई थी स्कूलों के निश्चित खर्चों के बारे में कोर्ट का भी यह आदेश था कि जब बसें नहीं चलाई, तो फिर पैसे किस बात के लिए ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर से बातचीत में भी टैक्स छोड़ने की बात कही गई थी लेकिन इसके बावजूद भी अगर कोई विषय है तो वह स्कूल संचालक हमसे मिलकर रखेंगे तो समाधान किया जाएगा। 

Saturday, October 3, 2020

October 03, 2020

अनलॉक-5 : स्कूल खोलने के लिए अब एसओपी का इंतजार

अनलॉक-5 : स्कूल खोलने के लिए अब एसओपी का इंतजार

बहादुरगढ़ : अनलॉक-5 में स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से खोलने की अनुमति मिलने पर स्कूलों में तैयारी शुरू हो गई है। स्कूल प्रबंधन सरकार के एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर  का इंतजार कर रहे हैं। स्कूलों के प्रबंधन सभी कक्षाओं के लिए एक साथ स्कूल खोलने की बजाय सबसे पहले कक्षा नौवीं से 12वीं या कक्षा 10वीं व 12वीं के छात्रों को ही बुलाने के पक्ष में हैं। स्कूलों के अनुसार बड़े बच्चों को संक्रमण से बचाव को लेकर स्कूलों की तैयारियों में ढालना आसान होगा।
स्कूल खोलने के साथ ही आनलाइन क्लास भी फिलहाल जारी रहेंगी। अभिभावकों की सहमति व अनुमति से ही छात्र स्कूल में पढ़ाई करने आएंगे। जो छात्र आनलाइन ही पढ़ना चाहेंगे, उनके लिए वर्तमान की ही तरह आनलाइन क्लास जारी रहेगी। कुछ बच्चे स्कूल व कुछ आनलाइन रहने की स्थिति में स्कूल अपनी सुविधा व बच्चों के समय के अनुरूप तैयारी करेंगे। कुछ स्कूल आधे समय के लिए स्कूल संचालित करेंगे और आधा दिन आनलाइन क्लास चलेगी। वहीं कुछ स्कूल क्लास की पढ़ाई को ही लाइव व रिकार्ड कर आनलाइन मुहैया कराएंगे।

यह रहेगी स्कूलों की तैयारी

- स्कूल गेट पर थर्मल स्कैनर व परिसर में सैनिटाइजर व साबुन की व्यवस्था।
- हर छात्र को मास्क व निजी सैनिटाइजर बोतल रखना अनिवार्य।
- स्कूल आने के लिए अभिभावक की सहमति अनिवार्य।
- ऑनलाइन व फिजिकल क्लास हर दिन रहेगी जारी।
- कक्षा 10वीं-12वीं या नौवीं से 12वीं तक के छात्र बुलाए जाएंगे पहले।
- इसके बाद जूनियर कक्षाओं को बुलाने पर होगा विचार।
- आधे दिन स्कूल और आधे दिन चलेगी ऑनलाइन क्लास।
- कैंटीन रहेगी बंद, कोई सामान आपस में सांझा नहीं करेंगे छात्र।
- अभिभावकों द्वारा निजी वाहनों से स्कूल छोड़ने को दी जाएगी प्राथमिकता।
- माहौल के साथ सुरक्षित रहने की छात्रों की आदत पड़ने पर धीरे-धीरे बढ़़ेगा स्कूल का समय।
- सुरक्षित तरीके से कुछ स्कूल ट्रांसपोर्ट देंगे, वहीं कुछ नहीं देना चाह रहे।
मॉडर्न स्कूल के चेयरमैन राकेश कोच के अनुसार सरकार की एसओपी का पूर्णरूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। पहले बड़े बच्चों को ही बुलाएंगे, जिससे उन्हें सुरक्षित माहौल में ढाला जा सके। किसी बच्चे पर स्कूल आने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। जो आएंगे उनकी क्लास चलेगी, जो नहीं आएंगे उनका भी नुकसान नहीं होने देंगे।