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Monday, September 27, 2021

September 27, 2021

अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के दिन सम्मानित हुई फरीदाबाद की सृष्टि

अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के दिन सम्मानित हुई फरीदाबाद की सृष्टि

फरीदाबाद : ए.आर.के फाउंडेशन ओर एनी एडवरटाइजिंग द्वारा इंस्पिरिंग स्टोरीज ऑफ इंडिया के छठे ह्यूमैनिटी एचीवर अवार्ड 2021 का आयोजन दिल्ली में किया गया। दिल्ली में हुए के सम्मान समारोह में फरीदाबाद की सृष्टि गुलाटी को  सम्मानित किया गया। वाई.डब्ल्यू.सी.ए ऑटोटेरिम दिल्ली में आयोजित हुए एक समारोह में फरीदाबाद की सृष्टि गुलाटी को ह्यूमैनिटी एचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया। सृष्टि इस समारोह में यह सम्मान प्राप्त करने वाली सबसे छोटी उम्र की प्रतिभागी बनी। यह अवार्ड समारोह एक चैरिटी इवेंट था जो कोविड परिवार की सहायता के लिए किया गया था।(इंस्पिरिंग स्टोरीज ऑफ इंडिया) जिन लोगो के नेक कार्यो से समाज को एक नई दिशा, कुछ नया सीखने को मिले ओर समाज मे एक अच्छा संदेश मिले ऐसे कलाकरों को इस मंच पर सम्मानित किया गया। इस समारोह में उदित, नीलिमा, विकास, हन्नी, वरुण रस्तोगी, जस्वन्दिर, कंवल आदि अनेक गणमान्य अतिथियो को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सृष्टि गुलाटी को उसकी विशेष उपलब्धि समाज मे उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सृष्टि गुलाटी वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर होंने के साथ ही साथ एक बेहतरीन आर्टिस्ट, डांसर, ओर छोटी समाज सेविका भी हैं। सृष्टि गुलाटी अपने माता-पिता के सहयोग से समाज मे अलग-अलग प्रकार के जागरूकता के कार्यक्रम भी करती है। सृष्टि गुलाटी द्वारा मास्क वितरण, सेनेटरी पैड, लेखन सामग्री आदि फरीदाबाद के स्लम एरिया में वितरित किए गए हैं। नीलिमा का कहना है कि समाज मे सभी को मिलकर इस तरह से नेक कार्य करते रहना चाहिए। अपने बच्चो में छोटी उम्र में ही नेक कार्यों को करने के शिक्षा देनी चाहिए। सृष्टि गुलाटी इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। माता-पिता का कहना है कि बेटी की सफलता ही हमको एक नई प्रेणना देती हैं।

Friday, June 4, 2021

June 04, 2021

पंजाब में सनी देओल की गुमशुदगी के लगे पोस्टर, लिखा- जो ढूंढकर लाएगा उसे ईनाम दिया जाएगा

पंजाब में सनी देओल की गुमशुदगी के लगे पोस्टर, लिखा- जो ढूंढकर लाएगा उसे ईनाम दिया जाएगा

चण्डीगढ़ : कांग्रेस शासित पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिससे पहले राज्य में सियासी सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। एक तरफ कांग्रेस खेमे के दिग्गज नेताओं में तनातनी का माहौल बना हुआ है। तो दूसरी तरफ अब भाजपा नेता सनी देओल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है।
खबर के मुताबिक, अमृतसर में कैप्टन सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए थे।
इसके बाद अब गुरदासपुर से सांसद और भाजपा नेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर लगने लगे हैं।
बताया जाता है कि पठानकोट के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भाजपा नेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं।
जिसमें लिखा गया है कि “गुमशुदा की तलाश। जिस किसी को भी सनी देओल मिले। वो यूथ कांग्रेस पठानकोट से संपर्क करें और उचित इनाम हासिल करें।”
बताया जा रहा है कि भाजपा नेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर यूथ कांग्रेस द्वारा लगवाए गए हैं। इस मामले में यूथ कांग्रेस महासचिव वरुण कोहली ने पोस्टर जारी किए थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सनी देओल का संसदीय क्षेत्र गुरदासपुर कोरोना महामारी से जूझ रहा है। लेकिन वह अपने मायानगरी मुंबई में बिजी चल रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि ऐसे वक्त में जहां उन्हें जनता की मदद करने के लिए उनकी जान बचाने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र में होना चाहिए था। वह अपने घर में दुबके हुए हैं।
इसके साथ ही यूथ कांग्रेस महासचिव ने भाजपा नेता सनी देओल पर उनके संसदीय क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
चुनाव प्रचार के दौरान सनी देओल ने गुरदासपुर की जनता के साथ बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन चुनाव जीतने के बाद अब वह जनता के बीच बहुत कम नजर आते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा नेता सनी देओल ने कृषि कानून का भी समर्थन किया था। जिसे लेकर पंजाब के लोगों में उनके खिलाफ गुस्सा साफ तौर पर देखा गया था।

Friday, May 28, 2021

May 28, 2021

रामदेव के बयान पर बोलीं महुआ- किसी का बाप आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता, वो तो विपक्षियों के पीछे पड़े हैं

रामदेव के बयान पर बोलीं महुआ- किसी का बाप आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता, वो तो विपक्षियों के पीछे पड़े हैं

 नई दिल्ली : योगगुरु के नाम से चर्चित रामकिशन यादव उर्फ रामदेव अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। रामदेव एक बार फिर से एलोपैथ मेडिकल साइंस को लेकर दिए अपने बयान को लेकर विवाद में हैं।
अभी रामदेव के इस बयान का विवाद चल ही रहा था कि रामदेव ने कैमरे पर ही कह दिया कि गिरफ्तार तो मुझे उनका बाप भी नहीं कर सकता!
अब रामदेव के इस नए बयान से देश भर में सवाल खड़ा हो गया कि वो उनका आखिर है कौन, जिसका बाप भी रामदेव को गिरफ्तार नहीं कर सकता !
रामदेव के इस बयान के बाद टीएमसी नेता और सांसद महुआ मोइत्रा ने मोरचा संभाला और रामदेव के बहाने सरकार पर भी हमला बोल दिया।


महुआ ने कहा कि रामदेव कह रहे हैं कि “किसी का बाप भी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकता. सच कहा आपने रामकिशन यादव ! आपको किसी का बाप भी गिरफ्तार नहीं कर सकता क्योंकि भाई और बाप तो विपक्ष को गिरफ्तार करने में व्यस्त है !”

हालांकि महुआ मोइत्रा ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि उन्होंने पिछले दिनों नारदा केस में कुछ टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी हुई थी, उसी संदर्भ में उन्होंने केंद्र सरकार को भी घेर लिया है।
मालूम हो कि पिछले दिनों रामदेव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एक्शन में आ गई और उन्होंने रामदेव को मानहानि का नोटिस भेज दिया। इसके थोड़ी देर बाद ही सोशल मीडिया पर अरेस्ट रामदेव ट्रेंड करने लगा।
अब इस ट्रेंड के बाद रामदेव का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर चलने लगा जिसमें वो यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें बदनाम करने के लिए काफी दिनों से सोशल मीडिया पर तरह तरह के ट्रेंड चलाए जाते हैं।
अब तो हमारे लोगों को इसकी आदत हो गई है लेकिन इस तरह की चीजों से हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।अरेस्ट रामदेव ट्रेंड करने से क्या हो जाएगा ! किसी के बाप में दम नहीं है जो रामदेव को गिरफ्तार कर सके।
दरअसल रामदेव का इस तरह का बयान कोई नया बयान नहीं है। उटपटांग बयान देने में रामदेव कभी कभी नेताओं को अक्सर पीछे छोड़ते रहते हैं।
रामदेव के बयानों का कोई आधार नहीं होता। ये या इनके लोग जब खुद बीमार पड़ते हैं तो एलोपैथी का ही सहारा लेते हैं लेकिन अपना धंधा चमकाने के लिए अब एलोपैथी को निशाना बना रहे हैं।
May 28, 2021

फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा के खिलाफ हिसार में केस दर्ज करने की मांग

फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा के खिलाफ हिसार में केस दर्ज करने की मांग, जानें क्या है पूरा मामला ?


हिसार : युवराज सिंह, मुनमुन दत्ता के बाद अब फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा के खिलाफ हरियाणा के जिला हिसार के पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत दी गई। मामला बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष बहन मायावती के बारे में एक टॉक शो के दौरान अश्लील ,नस्लवादी व आपत्तिजनक जोक सुनाने का है।

शिकायतकर्ता अधिवक्ता मलकीत सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि रणदीप हुड्डा ने एक टॉक शो के दौरान अनुसूचित जाति की सर्वमान्य नेता व बसपा प्रमुख मायावती के बारे में अश्लील, आपत्तिजनक, जातिवादी ,महिला विरोधी व नस्लवादी टिप्पणी करते हुए एक जोक सुनाया जो बेहद अश्लील था।

इस जोक में उक्त अभिनेता ने अनुसूचित जाति नेता मायावती का नाम लेकर अंग्रेजी भाषा में जोक सुनाया, जिसे सोशल मीडिया व टीवी पर पूरी दुनिया में देखा गया तथा पूरी दुनिया में मौजूद करोड़ों अनुसूचित जाति के समाज के लोगों की भावनाएं इससे आहत हुई हैं।

इस अभिनेता ने जानबूझकर पूरे अनुसूचित जाति समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। शिकायतकर्ता ने एसपी से उक्त अभिनेता के खिलाफ अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार करने की मांग की है तथा अपनी शिकायत के साथ उक्त वीडियो की सीडी भी एसपी को प्रस्तुत की है।

Wednesday, May 26, 2021

May 26, 2021

सुशील कुमार के बाद नीरज बवाना गैंग के इतने बदमाश गिरफ्तार

सागर हत्याकांड में पहलवान सुशील कुमार के बाद नीरज बवाना गैंग के इतने बदमाश गिरफ्तार

नई दिल्ली : पहलवान सागर धनकड़ की हत्या के मामले में ओलंपियन सुशील कुमार व उसके साथी अजय उर्फ सुनील बक्करवाला को रविवार सुबह  गिरफ्तार किए गए थे। जिसके बाद  अदालत ने उन्हें 6 दिन की रिमांड पर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया था।

दिल्ली पुलिस की पुछताछ के दौरान सुशील कुमार ने कबूला की सागर के साथ मारपीट में वह शामिल था। तो वहीं अब वारदात  शामिल कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि  दिल्ली के रोहिणी जिले के ऑपरेशन सेल ने कल कंझावला इलाके से कला असौदा-नीरज बवाना गैंग के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया।

आपको बता दें कि पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि छत्रसाल स्टेडियम में वारदात वाले दिन नीरज बवाना गैंग के भी कई गुर्गे मौजूद थे जिनकी मदद सुशील कुमार ने ली थी। गौरतलब यह है कि काला जठेड़ी से अनबन होने के बाद सुशील ने जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवानिया और उसके साथी नवीन बाली से नजदीकियां बढ़ाई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि सुशील इन गैंगस्टरों के पारिवारिक कार्यक्रमों में भी शामिल होता रहा है।

वहीं मामले की जांच पड़ताल कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चार मई की रात को सागर धनकड़ हत्याकांड में सुशील ने नीरज बवानिया के करीबियों को मॉडल टाउन बुलाया था। प्रिंस दलाल के मोबाइल से मिली वीडियो फुटेज में इसकी पुष्टि हुई है।

तो वहीं घटनास्थल पर उस रात मिली पांच गाड़ियों में एक स्कोर्पियो गाड़ी नीरज के करीबी बल्लभगढ़ निवासी मोहित की है। पुलिस को घटनास्थल से दो डबल बैरल गन व सात कारतूस भी बरामद हुए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमले के दौरान दो दर्जन से अधिक लड़के वहां मौजूद थे। जिसमें से सात से आठ लोगों की पुलिस ने पहचान कर ली है।
May 26, 2021

किसान नेता राकेश टिकैत ने दी खुलेआम धमकी, कहा- रिपब्लिक भारत और जी न्यूज़ का इलाज करेंगे

किसान नेता राकेश टिकैत ने दी खुलेआम धमकी, कहा- रिपब्लिक भारत और जी न्यूज़ का इलाज करेंगे
हिसार : वर्ष 2013 से ही भारतीय मीडिया का जो चरित्र देखने को मिल रहा है, उससे देश की बहुसंख्यक जनता ने न्यूज चैनलों से किनारा कर लिया है। अब अच्छे घरों में न्यूज चैनल नहीं देखे जाते हैं क्योंकि उनमें भडकाउ और फर्जी खबरों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है। डिबेट्स के दौरान गाली गलौज, सफेद झूठ, उटपटांग शब्दों का प्रयोग आम बात हो गई है। और तो और अब खबरें कम, न्यूज चैनल्स मोदी चालीसा गाते हुए ज्यादा नजर आ जाते हैं।
किसान नेता राकेश टिकैत ने तो खुल्लम खुल्ला कह दिया है कि अब बहुत हो गया। जी न्यूज और रिपब्लिक भारत जैसे इन दोनों चैनलों का इलाज बहुत जरुरी हो गया है और ये इलाज किसान करेंगे।
मालूम हो कि जी न्यूज और रिपब्लिक चैनल लगातार किसान आंदोलन को देश विरोधी आंदोलन बताने में जुटे हैं।
आंदोलन से जुड़ी खबरें चलाते हैं। चूंकि इस आंदोलन में सबसे ज्यादा सिख समुदाय के लोग पगड़ी बांधे और कृपाण के साथ नजर आते हैं, तो ये दोनों चैनल इस आंदोलन को सिखों को खालिस्तानी बताते रहते हैं।
जी न्यूज और रिपब्लिक भारत जैसे चैनलों ने तो मोदी, भाजपा और आरएसएस की चापलूसी में सारी हदें पार कर दी है। इन दोनों चैनलों ने एक तरह से मोदी को भगवान का भाई घोषित कर दिया है और इनकी नजरों में देश की हर समस्या के लिए पंडित नेहरु और कांग्रेस जिम्मेवार है।
यही नहीं केंद्र सरकार के विरोध में कोई भी आंदोलन होता है तो ये दोनों चैनल उसको या तो पाकिस्तान से जोड़ देते हैं या मुसलमानों के साथ।
यही नहीं ये दोनों चैनल किसी भी आंदोलन के पीछे गलत तरीके से फंडिंग की खबर सबसे पहले चलाना शुरु कर देते हैं। ये अलग बात है कि बाद में इन्हें थूक कर चाटना पड़ता है क्योंकि इनकी खबरें फर्जी होती हैं।
पिछले कई महीनों से चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने में इन दोनों चैनलों में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी।
किसान आंदोलन को धार देने के मकसद से राकेश टिकैत हिसार पहुंचे थें और किसानों के साथ बैठक और पदयात्रा कर रहे थे।
इस पर रिपब्लिक भारत सुबह से ही खबर चला रहा था कि राकेश टिकैत कोरोना फैलाने हिसार पहुंचे हैं। किसानों में इस तरह की खबरों को लेकर काफी आक्रोश था।
आर भारत के हिसार संवाददाता ने जब राकेश टिकैत से सवाल पूछा तो टिकैत ने दो टूक अंदाज में कहा कि दो चैनलों का भी इलाज होगा। आर भारत का और जी न्यूज का। अगला टारगेट तुम्हारा ही है। इन दो का इलाज कर लो, सबका इलाज हो जाएगा।

Tuesday, May 25, 2021

May 25, 2021

फेसबुक व वॉट्सऐप ने मानी भारत सरकार की गाइडलाइन

फेसबुक व वॉट्सऐप ने मानी भारत सरकार की गाइडलाइन, ट्विटर व इंस्टाग्राम का क्या होगा, आप भी जान लिजिए


नई दिल्ली : टूलकिट पर ट्विटर को केंद्र की सख्त हिदायतों के बीच अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सामने नई मुसीबत आ गई है। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए इसी साल 25 फरवरी को गाइडलाइन जारी की थी और इन्हें लागू करने के लिए 3 महीने का समय दिया था। डेडलाइन मंगलवार यानी 25 मई को खत्म हो रही है। ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स ने अब तक नहीं बताया है कि गाइडलाइंस को लागू किया गया या नहीं। ऐसे में सरकार इन पर एक्शन ले सकती है।

इस बीच फेसबुक का जवाब आया है। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि वह आईटी के नियमों का पालन करेगी। साथ ही कुछ मुद्दों पर सरकार से बातचीत जारी रखेगी। फेसबुक ने यह भी कहा है कि आईटी के नियमों के मुताबिक ऑपरेशनल प्रोसेस लागू करने और एफिशिएंसी बढ़ाने पर काम जारी है। कंपनी इस बात का ध्यान रखेगी कि लोग आजादी से और सुरक्षित तरीके से अपनी बात हमारे प्लेटफॉर्म के जरिए कह सकें।
50 लाख या इससे ऊपर यूजर बेस वाले मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफ ॉर्म को ये नियम लागू करने के लिए 3 महीने का वक्त दिया गया था। ये मियाद 25 मई को खत्म हो रही है। सिर्फ इंडियन सोशल मीडिया कंपनी कू ने गाइडलाइंस का पालन किया है। वहीं हाल ही में फेसबुक ने भी भारत सरकार की गाईडलाइंस को अपनाने की स्वीकृति दे दी है। जबकि ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी कंपनियों ने अब तक ऐसे किसी कदम की जानकारी नहीं दी है।
ये प्लेटफॉर्म भारत में काम करते हैं, अच्छा मुनाफा कमाते हैं और गाइडलाइंस पर इन्हें अमेरिका से आदेश मिलने का इंतजार रहता है। ट्विटर जैसे कुछ प्लेटफॉर्म अपने खुद के फैक्ट चेकर रखते हैं, हालांकि इनका नाम कभी सार्वजनिक नहीं किया जाता और न इस बात में पारदर्शिता है कि ये किस आधार पर कंटेंट हटाते हैं।
अगर डेडलाइन खत्म होने तक किसी भी सोशल मीडिया का जवाब नहीं आता है तो सरकार इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगी। सूत्रों के मुताबिक नियमों का पालन नहीं होता है तो सरकार इन सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स को दी हुई इम्युनिटी वापस ले सकती है। इस इम्युनिटी के तहत सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स का रोल भारत में बिचौलिए के तौर पर दर्ज है।
इसके मायने यह हैं कि अगर कोई यूजर किसी पोस्ट को लेकर कोर्ट जाता है तो इन प्लेटफॉम्र्स को अदालत में पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि अगर सरकार इम्युनिटी हटा लेगी तो इन सोशल मीडया प्लेटफार्म को भी कोर्ट में पार्टी बनाया जा सकता है। सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर सकती है।
वहीं वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर भी सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने इसे वापस लेने के लिए कहा है। इसके लिए 18 मई को 7 दिन का नोटिस दिया गया था। वॉट्सऐप ने सोमवार को कहा कि उसने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से मिले नोटिस का जवाब भेज दिया है। अब कुलमिलाकर भारत में वॉट्सऐप तथा फेसबुक जारी रह सकता जबकि ट्विटर और इंस्टाग्राम को बंद किया जा सकता है या कोई अन्य कार्रवाई भारत सरकार कर सकती है।
May 25, 2021

क्या सुशील कुमार को रेलवे की नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा?

क्या सुशील कुमार को रेलवे की नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा?

नई दिल्ली :  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से रविवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी से गिरफ्तार किए गए दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार के लिए मुसीबत और भी बढ़ गई है, क्योंकि भारतीय रेलवे में उनकी नौकरी भी अब अधर में लटकी हुई है। सुशील कुमार, भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं और छत्रसाल स्टेडियम में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) के तौर पर तैनात हैं, जहां अभ्यास करने वाले एक पहलवान की हत्या होने के बाद विवाद पैदा हो गया था।
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, दिल्ली सरकार से पत्र मिलने के बाद हम नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
सुशील कुमार को उसके सहयोगी अजय कुमार के साथ रविवार सुबह गिरफ्तार किया गया था, जो चार मई को यहां छत्रसाल स्टेडियम में हुए विवाद के बाद पहलवान सागर धनखड़ की मौत के बाद कई राज्यों में 18 दिनों से फरार चल रहे थे।
धनखड़ ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, कुमार को पकड़ने के लिए पुलिस पूरा जो लगा रही थी और इन 18 दिनों के दौरान सुशील ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की यात्रा की थी।
आखिरकार रविवार सुबह दिल्ली के मुंडका इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह कुछ नकदी लेने आया था और राष्ट्रीय स्तर के एक खिलाड़ी से स्कूटी भी ली थी। दिल्ली पुलिस ने कुमार पर एक लाख रुपये और उसके सहयोगी अजय पर 50,000 रुपये के इनाम की भी घोषणा की थी।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक, कुमार ने शहर में कुश्ती जगत के पहलवानों को डराने के लिए मोबाइल फोन पर धनखड़ की पिटाई की रिकॉडिर्ंग भी करवाई थी। कुमार को दिल्ली की एक अदालत ने छह दिन की हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि कुमार ने अपने दोस्त प्रिंस से धनखड़ की पिटाई का वीडियो बनाने को कहा था। पुलिस ने अदालत को सूचित किया, वह दिल्ली में कुश्ती समुदाय में डर पैदा करना चाहता था।
कुमार ने 18 मई को नई दिल्ली की रोहिणी अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
4 मई को छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानों के दो समूह आपस में भिड़ गए थे, जिससे 23 वर्षीय धनखड़ की मौत हो गई, क्योंकि वह विवाद के दौरान घायल हो गया था। दिल्ली की अदालत ने कुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी किया था।
दिल्ली पुलिस ने कुमार के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी किया था, जिन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक खेलों में कांस्य और 2012 लंदन ओलंपिक खेलों में 66 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था।
May 25, 2021

किसान आंदोलन से मोदी को मिली सबसे बड़ी धमकी, टिकैत बोले- कोई दिक्कत नहीं है, हम 2024 तक बैठे रहेंगे

किसान आंदोलन से मोदी को मिली सबसे बड़ी धमकी, टिकैत बोले- कोई दिक्कत नहीं है, हम 2024 तक बैठे रहेंगे

नई दिल्ली : 26 मई को दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को 6 महीने पूरे हो जाएंगे। किसान संगठनों द्वारा इस मौके को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सभी किसान संगठनों से इस मौके पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। इसके साथ ही राकेश टिकैत ने किसानों को अपने गांव के चौराहों पर आकर मोदी सरकार का पुतला दहन करने और काले झंडे लगाने की बात भी कही है।
आज हरियाणा के हिसार में खट्टर सरकार द्वारा किसानों पर किए गए मुक़दमे खारिज करवाने के लिए किसान एकजुट हुए थे। इनमें भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी मौजूद हैं।
राकेश टिकैत ने कहा है कि टिकरी और सिंघु बॉर्डर के बाद अब हिसार में भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
जब तक किसानों पर किए गए मुकदमे खारिज नहीं किए जाते। भले ही उन्हें यहां पर महीने लग जाए या फिर साल। किसान हिसार से वापस नहीं जाएंगे।
किसान नेता राकेश ने तो यहां तक कह दिया है कि वह इस किसान आंदोलन को साल 2024 तक चलाने के लिए भी तैयार है। उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं है।
जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। यह आंदोलन चलता रहेगा। प्रशासन ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। उनके साथ झूठ बोला गया है। इसलिए हम यहीं पर बैठे रहेंगे। बता दें, हिसार में सैंकड़ों किसान एकजुट हुए हैं।
राकेश टिकैत का कहना है कि कोरोना काल में भीड़ इकट्ठे ना हो। इसके लिए पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार है।
दरअसल बीते 16 मई को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हिसार में एक कोविड-19 का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे।
जहां पर किसानों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस और किसानों में झड़प होने की खबरें भी आई थी। इस झड़प के बाद 350 किसानों पर आईपीसी की 11 अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किए गए थे।

Sunday, May 23, 2021

May 23, 2021

अंग्रेजी दवाओं के खिलाफ बोलकर फंसे रामदेव! IMA ने कहा- नफ़रत फैला रहे हैं, इनपर केस दर्ज हो

अंग्रेजी दवाओं के खिलाफ बोलकर फंसे रामदेव! IMA ने कहा- नफ़रत फैला रहे हैं, इनपर केस दर्ज हो

नई दिल्ली : कोरोना महामारी से लड़ने में स्वास्थ्य विभाग हर संभव तरीके से लगा हुआ है। देश के तमाम डॉक्टर, नर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स सीमित संसाधनों और भारी-भरकम मानसिक दबाव के बीच काम कर रहे हैं।
ऐसे में रामदेव ने एलोपैथी के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों के मनोबल को तोड़ने वाला बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है।
रामदेव इस वीडियो में साफ साफ कहते नजर आ रहे हैं कि,
“लाखों लोगों की मौत एलोपैथी की दवा खाने से हुई है। जितने लोगों की मौत हॉस्पिटल ना जाने की वजह से हुई है, ऑक्सीजन ना मिलने के वजह से हुई है, उससे ज्यादा मौतें एलोपैथी की दवाइयां खाने से हुई हैं।”
बाबा रामदेव के इस बयान के आने के बाद से डॉक्टरों के मन में जायज़ गुस्सा है।
नई दिल्ली के VMMC और सफदरजंग हॉस्पिटल के रेसिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसियेशन ने बाबा रामदेव के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए उनके बयानों को मद्देनजर रखते हुए महामारी रोग अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करने की मांग की है।
रेसिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसियेशन के बयान में लिखा गया है कि एलोपैथी चिकित्सा शैली पर इस तरह की टिप्पणी विज्ञान का तिरस्कार है।
बाबा रामदेव जैसे प्रसिद्ध व्यकतित्व से जब इस तरह के बयान सामने आते हैं तो संभव है कि समाज के कुछ हिस्सों में इससे नफरत भड़क उठे।
एक तरफ एलोपैथी के सभी कर्मचारी पूरी जान लगा कर कोविड19 के खिलाफ अपनी परवाह किए बिना दिन रात लड़ रहे हैं, दूसरी तरफ बाबा रामदेव के इस तरह आपत्तिजनक बयान सामने आ रहे।
इससे फ्रंटलाइन पर काम कर रहे लाखों कर्मचारियों के मनोबल औऱ ऊर्जा को हानि पहुंचेगी।
डॉक्टरों के इस संयुक्त ने बाबा रामदेव की टिप्पणी को हेट स्पीच की श्रेणी में रखकर कार्यवाही करने की मांग की गई है। बाबा रामदेव निशचित तौर पर आयुर्वेद के समर्थक हैं और अपने ब्रांड पतंजलि से भी इसका प्रचार करते नहीं थकते हैं।
साथ ही कोरोना महामारी के फैलने के बाद उन्होंने कोरोनिल किट लॉन्च की। कोरोनिल किट कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए कितनी कारगर है इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन फिर भी टीवी पर चलने वाले प्रचारों के वजह से ग्रामीणों में इसे लेकर भ्रम बना हुआ है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद सरकार की नाकामी किसी से छुपी नहीं है, लेकिन फिर भी रामदेव बाबा ने डॉक्टरों और वैज्ञानिकों पर सवाल खड़ा किया।
बाबा रामदेव का बयान पूरी स्वास्थ्य प्रणाली और लाखों की तादाद में दिन रात काम कर रहे स्वास्थ कर्मियों की नीयत पर सवाल खड़ा करने के समान है।
अब देखना ये है कि क्या इस तरह के लापरवाही भरे और नफरत भड़काने वाले बयान पर उन पर प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी या नहीं।
May 23, 2021

पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान होंगे सिद्धू?

पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान होंगे सिद्धू? 

चंडीगढ़ : विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में अंदर की उथल-पुथल बढ़ती जा रही है। कहीं न कहीं अब पंजाब में कांग्रेस विभाजित होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच टकराव की स्थिति किस मोड़ पर जाकर क्या परिणाम देगी?..कुछ नहीं कहा जा सकता| वहीं, खबर यह भी है कि नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा अन्य पार्टी नेताओं में भी कैप्टन से नाराजगी का माहौल है। इस बीच यह चर्चा भी खूब जोरों पर है कि पार्टी में शांति कायम करने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का नया प्रधान बनाया जा सकता है।
बतादें कि, अभी पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ हैं और अब उनकी जगह नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश प्रधान बनने की बात उछल रही है। कहा जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू लोगों के बीच एक मशहूर चेहरा हैं और वह अपने जरिये चुनाव में कांग्रेस को लाभ पहुंचाने का काम कर सकते हैं। फिलहाल, पार्टी में कई नेताओं का यह भी मानना है कि नवजोत सिंह सिद्धू पर पार्टी को ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। सिद्धू सिर्फ अमृतसर तक ही सीमित हैं…उनके तिरछे चलने से पार्टी की फिजा पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला ।
सिद्धू सिर्फ दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
इन नेताओं का कहना है कि पंजाब में पार्टी के पास अभी कैप्टन से बड़ा चेहरा नहीं है। पार्टी कैप्टन को नजरअंदाज करती है, तो उसके लिए जीत आसान नहीं होगी। इधर, पार्टी भी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में हार के बाद पंजाब पार्टी नेतृत्व कैप्टन पर दबाव डालने की स्थिति में नजर नहीं आ रही है । ऐसे में पार्टी को अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री कैप्टन के नेतृत्व में ही लड़ना होगा।
पार्टी हाईकमान को भी लगता है कि कैप्टन ही पंजाब में उसकी नैया को पार लगा सकते हैं। कांग्रेस मानती है कि किसान आंदोलन के बाद भाजपा को पंजाब चुनाव में बहुत ज्यादा कुछ मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में तमाम नाराजगी के बावजूद सिद्धू कांग्रेस का हाथ नहीं छोड़ेंगे और कैप्टन के सहारे ही पंजाब में कांग्रेस की दोबारा वापसी हो सकेगी। लेकिन पार्टी हाईकमान सिद्धू वाली टेंशन को भी दूर करने में जुटी हुई है। पार्टी हाईकमान को डर है कि यहां कांग्रेस में यह आपसी कलह चुनाव में कहीं न कहीं तो नुकसान पहुंचाने का काम कर ही सकती है । ऐसे में पार्टी हाईकमान कोई रिस्क नहीं लेना चाहती।
बतादें कि, इससे पहले चर्चा चली थी नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस छोड़कर दोबारा भाजपा में जायेंगे।लेकिन इसी बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनकर आये उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने सिद्धू को मनाने की पुरजोर कोशिश की और वह एक पल इसमें सफल होते हुए भी नजर आये। सिद्धू जो कैप्टन से दूरी बनाकर रखे हुए थे। दोनों ने साथ बैठकर लंच किया और बाद में भी काफी दिन साथ-साथ दिखे। परन्तु यह सब ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। नवजोत सिंह सिद्धू के तेवर फिर बदल गए। अब देखना तो यह होगा कि सिद्धू के तेवर ठीक करने के लिए कांग्रेस क्या करती है और जैसे कि यह चर्चा जोरों पर है कि उन्हें पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनाया जा सकता है तो क्या ऐसा होगा…?

Tuesday, May 18, 2021

May 18, 2021

राहुल का हमला, कहा- सरकार ना सिर्फ कोरोना संकट बल्कि लोगों के साथ खड़े होने में भी विफल रही

राहुल का हमला, कहा- सरकार ना सिर्फ कोरोना संकट बल्कि लोगों के साथ खड़े होने में भी विफल रही

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के विफल होने के बावजूद लगातार लोगों की सेवा करने वाले नायकों की सराहना करता हूं। राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट किया, जहां भारत सरकार न केवल कोविड संकट के प्रबंधन में बल्कि लोगों के साथ खड़े होने में भी विफल रही है, वहीं हर रोज ताकत और परोपकार की कई व्यक्तिगत कहानियां हैं। दूसरों की सेवा करने और दुनिया को यह दिखाने के लिए समर्पित इन नायकों के प्रति अपार कृतज्ञता। भारत वास्तव में खड़ा है।
राहुल गांधी ने पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की यह कहते हुए आलोचना की कि पीएम केयर्स द्वारा प्रदान किए गए वेंटिलेटर काम नहीं करते हैं और पीएम और इन वेंटिलेटर के बीच बहुत कुछ समान है।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, पीएम केयर्स वेंटिलेटर और खुद पीएम के बीच बहुत कुछ सामान्य है बहुत ज्यादा झूठा पीआर, अपना काम न करें और जरूरत पड़ने पर कहीं नजर न आएं।
उनकी टिप्पणी केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए वेंटिलेटर की स्थापना और संचालन के ‘तत्काल’ ऑडिट के आदेश के दो दिन बाद आई है।
सरकार के अनुसार, पीएम केयर फंड ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकार द्वारा संचालित कोविड अस्पतालों में 50,000 वेंटिलेटर की आपूर्ति के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
May 18, 2021

ट्विटर पर अचानक छाईं मायावती! कुछ ही घण्टों में 1 लाख से ज्यादा ट्वीट, लिखा- #NationWantsBahenji

ट्विटर पर अचानक छाईं मायावती! कुछ ही घण्टों में 1 लाख से ज्यादा ट्वीट, लिखा- #NationWantsBahenji

नई दिल्ली : भले ही बहुजन समाज पार्टी इस देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी हो मगर उसका अपना कोई अधिकारिक सोशल मीडिया अकॉउंट और कोई आईटी सेल नहीं है, इसलिए माना जाता है कि ये पार्टी सोशल मीडिया पर कमजोर नज़र आती है।
मगर कल अचानक से चले एक ट्वीटर ट्रेंड के जरिए हजारों लोगों ने सबको हैरत में डाल दिया। कुछ ही घंटों के अंदर #NationWantsBahenji हैश टैग के साथ एक लाख से ज्यादा ट्वीट कर दिया।
वैसे तो सोशल मीडिया पर अक्सर किसी न किसी के समर्थन में इस तरह की मुहिम चलाई जाती है मगर इस बार हैरानी की बात थी कि ऐसी पार्टी की नेता के समर्थन में एक लाख से ज्यादा प्रतिक्रियाएं आ गई जिसका न कोई आईटी सेल है और न ही उस पार्टी का कोई अधिकारिक टि्वटर हैंडल। हां, बसपा प्रमुख मायावती ट्विटर पर जरूर मौजूद हैं।
बहुजन समाज के अधिकतर नौजवानों का मायावती के प्रति उत्साह देखकर चंद्रशेखर रावण जैसे नए नेताओं की प्रासंगिकता पर सवाल उठता है
क्योंकि सोशल मीडिया पर सक्रिय नौजवानों में पकड़ ही उनकी एकमात्र पहचान है, जमीनी संगठन के मामले में तो आजाद समाज पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच में सैकड़ों गुना का अंतर है।
इस ट्रेंड में बसपा कार्यकर्ताओं और मायावती के समर्थकों के अलावा तमाम अधिकारिक व्यक्तियों ने भी भागीदारी दिखाई।
जैसे कि लोकसभा में बसपा के नेता सदन रितेश पांडे और पार्टी के एकमात्र आधिकारिक प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया।
इस टि्वटर स्टॉर्म के बारे में जब हमने बसपा के अधिकारिक प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया से पूछा तो उन्होंने कहा ‘हमारी पार्टी का कोई अधिकारिक आईटी सेल नहीं है, इसे स्वतःस्फूर्त नौजवानों ने ट्रेंड कराया है।
ये उनका उत्साह है, ये उनकी आस्था है, ये उनकी उम्मीद है। इससे पता चलता है कि नौजवानों की बीच में बहन जी की लोकप्रियता बनी हुई है।
जिससे साफ हो जाता है की उनके नेतृत्व के सामने अभी नए-नए दावेदारों की कोई जमीन नहीं है।’

Sunday, May 16, 2021

May 16, 2021

दिल्ली पुलिस की गुंडागर्दी! पोस्टर लगाकर PM मोदी से किया सवाल तो 12 लोगों को किया गिरफ्तार

   दिल्ली पुलिस की गुंडागर्दी! पोस्टर लगाकर PM मोदी से किया सवाल तो 12 लोगों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली : देश में पहली कोरोना महामारी के चलते लोगों में अब मोदी सरकार के खिलाफ रोष साफ तौर पर दिखना शुरू हो चुका है। खास तौर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निभाई जा रही भूमिका पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार के कुप्रबंधन की जमकर आलोचना कर रहे हैं। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने राजधानी से पीएम मोदी की आलोचना भरे पोस्टर लगाने वाले लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
निजी चैंनल की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जो कि कोरोना महासंकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा बनाई जा रही नीतियों की जमकर आलोचना कर रहे थे।
दरअसल बीते कुछ दिनों से दिल्ली के कई इलाकों में ऐसे पोस्टर लगाए गए थे। जिस में सवाल किया गया था कि मोदी जी हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेज दिया ?
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 13 एफआईआर दर्ज की है। इन पोस्टरों को लगाने वाले लोगों को पुलिस ने चार अलग-अलग डिवीजन से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों से करीब 800 पोस्टर और बैनर बरामद किए गए हैं।
आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण की वजह से स्थिति काफी खराब चल रही है।
ऑक्सीजन और वैक्सीन की किल्लत की वजह से भारी तादाद में अस्पतालों में भर्ती लोग दम तोड़ रहे हैं।
ऐसे में केजरीवाल सरकार के साथ-साथ मोदी सरकार भी लोगों के निशाने पर आ गई है। हैरानीजनक बात यह है कि इस दुख की घड़ी में कई नेता लोगों की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं।
जोकि कोरोना मरीजों को बचाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। इन नेताओं की हौसला अफजाई करने की जगह मोदी सरकार इन पर पुलिसिया कार्रवाई कर रही है।
May 16, 2021

पहलवान सुशील कुमार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, हरियाणा के कई जगहों पर छापेमारी

पहलवान सुशील कुमार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, हरियाणा के कई जगहों पर छापेमारी

नई दिल्ली : ओलंपिक पदक विजेता और विश्व विख्यात पहलवान सुशील कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सुशील कुमार के खिलाफ 23 साल के जूनियर पहलवान सागर की हत्या के मामले में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है।
आपको बता दें कि दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में 23 वर्षीय पहलवान सागर राणा की हत्या के मामले में सुशील कुमार आरोपी हैं। वह इस मामले में नाम आने के बाद से फरार चल रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने उनके घर पर भी छापेमारी की थी, लेकिन पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। बाद में जानकारी सामने आई कि सुशील भागकर हरिद्वार और फिर ऋषिकेश पहुंच गए थे।

दरअसल, ओलंपिक पदक विजेता रेसलर सुशील कुमार हत्या के केस में अब तक फरार हैं। दिल्ली पुलिस ने एक दिन पहले ही दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर इस बाबत जानकारी दी थी। आपको बता दें कि पहलवान सुशील कुमार दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले छत्रसाल स्टेडियम में OSD के पद पर तैनात हैं।

हत्या और अपरहण के मामले में फरार होने के बाद भी दिल्ली सरकार ने सुशील कुमार को उनके पद से अब तक नहीं हटाया है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली मे लॉकडाउन के बाबजूद पहलवान सुशील कुमार, लारेंस विश्नोई और काला जखेड़ी गैंग के बदमाशों को लेकर स्टेडियम में दाखिल हुए थे। जहां रेसलर के दो गुटों में में मारपीट हुई, जिसमें एक रेसलर की मौत हो गई थी। इसी केस में दिल्ली पुलिस सरगर्मी से सुशील कुमार की तलाश में जुटी है।

हत्या के इस मामले में कुछ दिन पहले कथित रूप से सुशील कुमार के ठिकानों पर दिल्ली पुलिस ने रेड भी मारी थी। इसके अलावा सुशील के खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस व गैर जमानती वारंट भी निकल चुका है। सूत्रों के मुताबिक सुशील कुमार दिल्ली और हरियाणा में लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है।
May 16, 2021

चक्रवाती तूफान “ताऊते” अगले 12 घंटों में धारण करेगा रौद्र रुप, हरियाणा कब पहुंचेगा ?

चक्रवाती तूफान “ताऊते” अगले 12 घंटों में धारण करेगा रौद्र रुप, हरियाणा कब पहुंचेगा ?
नईं दिल्ली : कोरोना महामारी के बीच आमजन को अब चक्रवाती तूफान ताऊते की मार झेलनी पड़ सकती है। भीषण चक्रवाती तूफान ताऊते तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। शनिवार को पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर की ओर बढ़ गया।
चक्रवाती तूफान ताऊते गोवा से लगभग 190 किमी दक्षिण, मुंबई से 550 किमी, दक्षिण पूर्व में वेरावल (गुजरात) और कराची (पाकिस्तान) के दक्षिण-दक्षिणपूर्व में पूर्व मध्य अरब सागर पर रात 8:30 बजे केंद्रित हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘अगले 12 घंटों के दौरान इसके बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने और और तेज होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान विभाग ने कहा इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 18 मई की सुबह गुजरात तट पर पहुंचने और 18 मई की दोपहर / शाम के आसपास पोरबंदर और नलिया के बीच गुजरात तट को पार करने की बहुत संभावना है।”
आईएमडी ने कहा कि 17 मई को मुंबई सहित उत्तरी कोंकण में कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी। आईएमडी मुंबई के वरिष्ठ निदेशक शुभानी भूटे ने कहा कि मुंबई में रविवार दोपहर से बारिश की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि तूफान फिलहाल गोवा से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है।
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘‘टाउते’’ से निपटने की राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की और उनसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी जरूरी सेवाओं का प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, केबिनेट सचिव, गृह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन, संचार, पोत परिवहन मंत्रालयों के सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के शीर्ष अधिकारी, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री कार्यालय तथा गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें गुजरात के गिर सोमनाथ, अमरेली, पोरबंदर, द्वारका, जामनगर, राजकोट, कच्छ, मोरबी, सूरत, गांधीनगर, वलसाड, भावनगर, नवसारी, भरूच और जूनागढ़ जिलों में तैनात हैं।