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Wednesday, April 26, 2023

April 26, 2023

पकड़ा गया कस्टमर्स के करोड़ों डकारने वाला PNB का कैशियर , शाही शौक और सट्टेबाजी में उड़ा दी लोगों की मेहनत की कमाई

पकड़ा गया कस्टमर्स के करोड़ों डकारने वाला PNB का कैशियर , शाही शौक और सट्टेबाजी में  उड़ा दी लोगों की मेहनत की कमाई
कैथल : हरियाणा के कैथल के नौच गांव की  PNB शाखा में नियुक्त इस कैशियर का नाम रामबीर है। उसे पुलिस ने मंगलवार  देर रात गिरफ्तार किया। उससे अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी को तीन पत्ती व ड्रीम-11 जैसे ऑनलाइन गेम पर सट्टा लगाने की लत थी। आरोपी पिछले करीब एक-डेढ़ साल से लोगों के खातों से रुपये निकाल कर सट्टा खेल रहा था। पुलिस उसे चार दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
*गबन का मामला सोमवार को सामने आया था।*

इस मामले को लेकर बैंक के ग्राहक देर रात तक बैंक के बाहर डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने कैशियर को गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी विवेक चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत  में बताया कि इस संबंध में बैंक के शाखा प्रबंधक धर्मपाल गिल ने सदर थाना में पुलिस को शिकायत दी है। प्रबंधक के अनुसार ग्राहक सुरेश कुमार ने बैंक में 21 अप्रैल को डेढ़ लाख रुपये जमा करवाए थे। उस समय कैशियर रामबीर ने ग्राहक से कहा कि सर्वर डाउन है, इसलिए बैलेंस का पता नहीं लग पाएगा। उसके बाद ग्राहक 24 अप्रैल को बैंक गया और अपने पैसे के बारे में पूछताछ की। इस पर आरोपी कैशियर बैंक से निकल गया। उसने इस संबंध में प्रबंधक को लिखित शिकायत दी। जांच हुई तो काफी ग्राहकों का पैसा उनके खाते में नहीं पाया गया।
*सामानान्तर बैंकिंग कर रहा था कैशियर*

डीएसपी ने बताया कि आरोपी मूल रूप से सेढ़ा माजरा जिला जींद का रहने वाला है। वह एक तरह से सामानान्तर बैंकिंग कर रहा था। इसमें उपभोक्ता के पैसे बैंक में जमा नहीं होते थे। आरोपी ट्रांजेक्शन की ऑफिस कॉपी को भी अपने पास रखता था। अगर कोई पैसे लेने आता तो अपने पास मौजूद रुपयों में से ही देता था। आरोपी हर बार सर्वर डाउन होने की बात कहता था और लोग विश्वास कर लेते थे।
ऐसे ही चेक धारकों से चेक में गलती बताकर दूसरा चेक बनवा लेता था। जो रूपये देने की बात कहकर अपने खाते का चेक बनवाकर उपभोक्ता को भरोसे में ले लेता था। इसी तरह कृषि क्रेडिट कार्ड के उपभोक्ताओं को भरोसे में लेकर उनसे राशि की सेटलमेंट के बहाने साइन करवा लेता था और उनके खाते से राशि अपने या फिर किसी परिचित के अकाउंट में ट्रांसफर कर देता था। ऐसे करके कैशियर रामबीर ने करोड़ों की राशि ठग ली।
*अब तक 23 लोगों ने दी शिकायत*

पुलिस के अनुसार अब तक 23 व्यक्तियों ने धोखाधड़ी होने की शिकायत दी है। शिकायतों में अब तक एक करोड़ 70 लाख रुपए का गबन होने की बात सामने आई है। बाकी जांच में सामने आएगा कि आरोपी ने कितने लोगों से धोखाधड़ी की है। जिन उपभोक्ताओं के खातों से राशि निकली है, उनकी स्टेटमेंट निकाली जाएगी। पुलिस के साथ-साथ बैंक भी अपनी कमेटी के माध्यम से जांच करवाएगा कि मामले में और कौन-कौन शामिल हैं? अभी तक आरोपी से किसी प्रकार की रिकवरी नहीं हुई। बैंक के अन्य कर्मचारियों को जांच में शामिल किया जाएगा।
April 26, 2023

हरियाणा के रेवाड़ी में बनेगा हाईटेक बस अड्डा, 20 एकड़ जमीन हो चुकी है एक्वायर

हरियाणा के रेवाड़ी में बनेगा हाईटेक बस अड्डा, 20 एकड़ जमीन हो चुकी है एक्वायर
रेवाड़ी : हरियाणा के अलग-अलग जिले में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को बेहतर करने का काम किया जा रहा है। साथ ही बस स्टैंडो को भी शहर से बाहर शिफ्ट करने का काम किया जा रहा है ताकि शहर में किसी भी तरह की ट्रैफिक समस्या ना हो। इसी को लेकर रेवाड़ी का भी नया बस स्टैंड शहर से बाहर बाईपास पर बनाया जाना है।
लेकिन अब तक रेवाड़ी नए बस स्टैंड का काम शुरू नहीं हो पाया है जबकि 2011 में ही इस नए बस स्टैंड के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था। परंतु अब खबर आ रही है कि अधिग्रहित की गई जमीन से बिजली लाइन को शिफ्ट करने का काम जोरों शोरों से चल रहा है इसलिए माना जा रहा है कि जल्द ही रेवाड़ी नए बस स्टैंड का काम भी शुरू हो जाएगा। आइए जानते हैं खबर को विस्तार से
*जल्द शुरू हो सकता है रेवाड़ी बस स्टैंड का काम*

खबर आ रही है कि रेवाड़ी नए बस स्टैंड का काम अब जल्द शुरू हो सकता है। नया बस स्टैंड शहर से बाहर बाईपास पर बनाया जाने वाला है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 2011 में इस नए बस स्टैंड के लिए 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। अब अधिग्रहित जमीन से बिजली लाइन को शिफ्ट करने का काम भी जोरों शोरों से किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि रेवाड़ी का पुराना बस स्टैंड 1973 में बनाया गया था और अब यह बस स्टैंड जर्जर हालत में पहुंच चुका है। जानकारी के मुताबिक बारिश के मौसम में बस स्टैंड की छत टपकने लगती है और साथ ही प्लास्टर भी गिरने लगता है जिससे हादसा होने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसी के साथ बस स्टैंड के शहर में होने के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम रहता है और बसों को आवागमन में भी ज्यादा समय लगता है।
*जानिए क्यों हो रही है देरी*

जानकारी के मुताबिक 2011 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था लेकिन मुआवजे को लेकर मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। हालांकि अब बताया जा रहा है कि कॉर्नर के एक टुकड़े को छोड़कर बाकी सभी मामलों का निपटारा किया जा चुका है और औपचारिकताओं को पूरा कर मुख्यालय में फाइल भी भेज दी गई है। रेवाड़ी डिपो के महाप्रबंधक रवीश हुडू ने जानकारी दी कि निदेशालय द्वारा बस स्टैंड के निर्माण वाली फाइल चीफ आर्किटेक्ट को भेजी हुई है। अब जल्द ही निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए जाएंगे।
April 26, 2023

महिला पहलवानों का यौन शोषण, अब तक FIR नहीं:पुलिस लिखने से करे मना तो इस तरह करें शिकायत

*महिला पहलवानों का यौन शोषण, अब तक FIR नहीं:पुलिस लिखने से करे मना तो इस तरह करें शिकायत*
दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष (WFI) और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना दे रही हैं।

*सुप्रीम कोर्ट सात महिला रेसलर्स की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को करेगा।*

इस बीच बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ अब तक FIR दर्ज नहीं करने को लेकर CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।

दरअसल शिकायत मिल जाने के बाद भी दिल्ली पुलिस इस मामले में FIR दर्ज करने को तैयार नहीं है। इस वजह से भी महिला पहलवानों ने FIR दर्ज करने के लिए याचिका दाखिल की थी।
ये तो हुई पदकवीर महिला पहलवानों की बात। हमारे-आपके जैसे कई आम लोगों का क्या, जो FIR करवाने के लिए पुलिस में जाते हैं और पुलिस उन्हें वहां से भगा देती है। या फिर FIR दर्ज करने के लिए पैसे मांगती है।

*आज जरूरत की खबर में हम आपको FIR से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब दे रहे हैं।*

सवाल: FIR क्या होती है?
जवाब: FIR यानी फर्स्‍ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट। दण्ड प्रक्रिया संहिता यानी CrPC 1973 के सेक्‍शन 154 में FIR का जिक्र है।
क्राइम रिलेटेड घटना के संबंध में पुलिस के पास कार्रवाई के लिए दर्ज की गई पहली सूचना को प्राथमिकी या फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट यानी FIR कहा जाता है।

सवाल: FIR के बाद क्या होता है?
जवाब: CrPC की धारा 157(1) के मुताबिक, पुलिस मामला दर्ज कर FIR की रिपोर्ट जिले के या संबंधित मजिस्ट्रेट तक 24 घंटे के अंदर भेज दी जानी चाहिए।
सवाल: FIR करना क्यों जरूरी है?
जवाब: देश में हर व्यक्ति को शिकायत के तौर पर FIR दर्ज करने का अधिकार है। अगर कहीं भी संज्ञेय अपराध यानी Cognizable Offence हो रहा है, तो ऐसे में रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद ही पुलिस छानबीन कर सकती है।

सवाल: संज्ञेय अपराध यानी Cognizable Offence किसे कहते हैं?
जवाब: संज्ञेय अपराध का जिक्र क्रिमिनल प्रोसिजर कोड (CrPC 1973) की धारा 2 (C) और 2 (L) में है। धारा 2 (C) कहती है कि ऐसा अपराध, जिसमें पुलिस किसी व्यक्ति को बिना किसी वारंट अरेस्ट कर सकती है, वह संज्ञेय अपराध यानी Cognizable Offence है।

CrPC 1973 के शेड्यूल 1 में संज्ञेय अपराध की पूरी लिस्ट दी गई है। जिसके अनुसार इस अपराध में बलात्कार, देशद्रोह, हत्या, रिश्वत, अपहरण, दंगा, हथियार से लैस होकर अपराध करना, पब्लिक सर्वेंट अगर रिश्वत ले रहा है, फर्जी पब्लिक सर्वेंट बनकर जनता को कोई बेवकूफ बना रहा है और अगर कोई योजना बनाकर गैरकानूनी काम कर रहा है ये सब शामिल हैं।


सवाल: FIR में क्या-क्या लिखा जाता है?
जवाब: FIR कुछ बातें को ध्यान में रखकर लिखी जाती है…

FIR लिखते या लिखवाते वक्त उसमें बारीक से बारीक डिटेल होनी चाहिए, जैसे– अपराध के वक्त चांदनी रात थी या अंधेरा था। लैंप पोस्ट वहां आसपास था कि नहीं। अगर था तो उसकी रोशनी कितनी दूर तक की थी।
घटना की तारीख, समय, जगह और आरोपी की पहचान (अगर उसे जानते-पहचानते हैं तब) उसमें होना चाहिए।
इसमें घटना के सही तथ्य और घटना में शामिल व्यक्तियों के नाम और डिटेल शामिल होने चाहिए।
गवाहों (यदि कोई हो) के नाम भी पुलिस को उनकी जांच में मदद करने के लिए दिए जाने चाहिए।
गलत जानकारी न दें, IPC, 1860 के सेक्‍शन 203 के तहत आप पर कार्रवाई हो सकती है।
FIR में कोई भी बयान ऐसा न दें, जिसके बारे में आप खुद ही क्लियर नहीं हैं।
 
ऑनलाइन FIR दर्ज कराने के लिए इन स्टेप्स को करें फॉलो
अपने शहर या राज्य के पुलिस पोर्टल में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। दिल्ली के उदाहरण से समझते हैं... जैसे– delhipolice.gov.in पर लॉग इन करें और नीचे स्क्रॉल करें।
यहां आपको Citizen Service का ऑप्शन दिखेगा।
इसके बाद Complaint Lodging, MV theft e-FIR, Theft e-FIR, Economic And Cyber offenses, Missing person report, Lost and Found आदि जैसे ऑप्शन मिलेंगे। इन ऑप्शन को चुनकर क्लिक करें।
अगले पेज पर, अपना यूजर आईडी और फोन नंबर दर्ज करना होगा।
अगर LogIn आईडी और पासवर्ड पहले से नहीं है, तो जनरेट करना होगा।
मोबाइल नंबर डालकर वन टाइम OTP जनरेट भी कर सकते हैं।
लास्ट में सारी डिटेल भरने के बाद आप शिकायत दर्ज कर पाएंगे।
FIR की एक कॉपी आपके रजिस्टर्ड ईमेल अकाउंट पर भेजी जाएगी।
 
सवाल: यह जीरो FIR क्या है?
जवाब: जीरो FIR वो होती है जिसे अपराध होने पर किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज करवा सकते हैं। लेकिन ज्यादातर देखा गया है कि पुलिस इसे दर्ज करने से मना कर देती है।

CrPC के सेक्शन 154 में जिक्र है। चूंकि इसमें कोई भी क्राइम नहीं लिखा जाता इसलिए ही इसे जीरो FIR कहते हैं।

इस मामले में इंस्पेक्टर या सीनियर इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी एक फॉरवर्डिंग लेटर लिखेगा और एक सिपाही उस लेटर को उस पुलिस स्टेशन में लेकर जाएगा जहां का वो केस होगा।

इसके बाद उस केस में आगे की जांच शुरू की जाएगी।

*चलते-चलते*
FIR दर्ज करने का मामला अगर झूठा निकला, तब क्या होगा? कभी भी झूठे मामलों की रिपोर्ट करने पर आपके खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी IPC की धारा 182 और 211 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
April 26, 2023

बिश्नोई महासभा के संरक्षक बने रहेंगे कुलदीप:जांभोलाव पंचायत ने पुराने निर्णय को रद किया; फैसले को एक पक्षीय बताया

बिश्नोई महासभा के संरक्षक बने रहेंगे कुलदीप:जांभोलाव पंचायत ने पुराने निर्णय को रद किया; फैसले को एक पक्षीय बताया
हिसार : जांभोलाव धाम में दोबारा से पंचायत करके पुराने निर्णय को निरस्त किया है। 

हरियाणा के पूर्व सांसद और भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद पर बने रहेंगे। बिश्नोई समाज पंच-पंचायत जांभोलाव धाम जांबा जिला जोधपुर ने 25 अप्रैल को मीटिंग करके पंचायत के 22 अप्रैल के निर्णय को रद कर दिया है।

मीटिंग में दोबारा फैसला लिया गया कि पिछले दिनों जो अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक एवं बिश्नोई रत्न चौधरी कुलदीप बिश्नोई को लेकर जो स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसके बाद मुकाम में समाज के संतों के सामने उन्होंने अपना पक्ष रखा। संत समाज ने उनको अपना आशीर्वाद दिया था।
आज की पंचायत पूरी तरह से 22 अप्रैल के उस निर्णय को निरस्त करती है और यह मानती है कि कुलदीप बिश्नोई एवं अध्यक्ष देवेंद्र बुडिया की रहनुमाई में संरक्षक बिश्नोई समाज के लए बेहतरीन कार्य कर रही है। कुछ लोग जो महासभा के बारे में अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं वह पूरी तरह से गलत है। समाज को कमजोर करने वाली ताकतों की एक चाल है।
*चैतन्य बिश्नोई की सगाई को लेकर कुछ ने आपत्ति जताई थी।*

पंच पंचायत पूरी तरह से कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बुडिया के साथ समाज सेवा के कार्यों में साथ खड़ी है। पंचायत ने पूर्व की सभा में लिए गए निर्णय को एक पक्षीय व अमान्य बताकर उसे रद कर दिया। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई के छोटे बेटे चैतन्य बिश्नोई की सगाई दूसरे समाज की लड़की से होने पर जांभो धाम सभा ने उन्हें नोटिस जारी के स्पष्टीकरण मांगा था।
*श्रीमहंत शिवदास शास्त्री को अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा का कार्यकारी संरक्षण घोषित किया गया था।*
22 अप्रैल को जारी किया पत्र
बिश्नोई समाज पंच-पंचायत जांभोलाव धाम, 

जाम्बा ने जारी पत्र में लिखा कहा कि कुलदीप बिश्नोई अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के सरंक्षक पद पर हैं। बिश्नोई रत्न सम्मान से भी सम्मानित हैं, उनके द्वारा कुछ समय से समाज विरोधी आचरण से बिश्नोई समाज की रीति-रिवाजों, मान्य परंपराओं व मर्यादाओं को तोड़कर समाज की भावनाओं को आहत एवं शर्मसार किया है।
इस संबंध में उन्हें 20 मार्च 2023 को नोटिस देकर दो सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा गया था। मगर, 7 अप्रैल 2023 तक कोई जवाब नहीं दिया गया। इस संबंध में 7 अप्रैल 2023 को बिश्नोई समाज के संतों व प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक उक्त प्रकरण के निर्णय के लिए रखी गई थी, कुछ प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा निवदेन किया गया कि कुलदीप बिश्नोई को एक और अवसर प्रदान किया जाए।

दोबारा 2 सप्ताह का समय दिया जाए। इसके बाद विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया कि कुलदीप बिश्नोई को 22 अप्रैल 2023 तक अपना जवाब पेश करने का अवसर दिया जाए।
जाम्भोलाव धाम द्वारा जारी पत्र पढ़िए...

*पंचायत द्वारा जारी किया गया नया पत्र*

कुलदीप बिश्नोई को किया गया मुक्त

22 अप्रैल को जांभोलाव धाम की पंच-पंचायत ने निर्णय लिया है कि कुलदीप बिश्नोई की मर्यादाओं एवं परंपराओं को तोड़कर समाज की भावनाओं को आहत एवं शर्मसार करने के लिए अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद एवं बिश्नोई रत्न के सम्मान से मुक्त किया जाता है।
भविष्य में इनको समाज के किसी कार्यक्रम में संरक्षक पद एवं बिश्नोई रत्न सम्मान से संबोधित नहीं किया जाएगा। यदि बिश्नोई समाज के किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भविष्य में कुलदीप बिश्नोई को पद एवं सम्मान से संबोधित किया जाता है तो वह समाज व संस्था का दोषी माना जाएगा।
पंचायत द्वारा जारी पत्र।

*आचार्य रामानंद ने दिया था सेवा का आशीर्वाद*

दूसरी ओर 7 अप्रैल को मुकाम में हुई मीटिंग कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उसके लिए समाज सर्वोपरि है। उसके बाद संतों का स्थान सबसे ऊपर है। मैं और महासभा कार्यकारिणी पूरे संत समाज का दिल से सम्मान करते हैं और मैं निजी तौर पर भी संतों का बहुत सम्मान करता हूं। समाज हित में संत समाज जो भी निर्णय लेंगे, हमें वो निर्णय स्वीकार है।
इसके बाद आचार्य रामानंद ने चौधरी कुलदीप बिश्नोई और महासभा अध्यक्ष से पूरे मामले को सुना। साथ ही जांभा के दोनों महंतों भगवान दास एव प्रेमदास ने आचार्य रामानंद को अधिकृत किया कि आप जो भी फैसला लेंगे, हम आपके साथ है।

इसके बाद स्वामी रामानंद ने कुलदीप बिश्नोई को कहा कि आप समाज की सेवा ऐसे ही करते रहो, मेरा आशीर्वाद आपके साथ है। आचार्य स्वामी रामानंद ने सभी को आपसी भेदभाव मिटाकर एक साथ चलने और महासभा के संरक्षक के रूप में कुलदीप बिश्नोई का साथ दें। साथ ही पूरे मामले को समाज हित में विराम देते हैं।
April 26, 2023

धरना दे रहे पहलवानों को खाप पंचायतों का सपोर्ट:1430 गांव वाली खाप ने कहा- बेटियां रो रही हैं, उनके साथ कुछ तो हुआ है

धरना दे रहे पहलवानों को खाप पंचायतों का सपोर्ट:1430 गांव वाली खाप ने कहा- बेटियां रो रही हैं, उनके साथ कुछ तो हुआ है
नई दिल्ली : जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों के समर्थन में हरियाणा की खाप पंचायतें 27 अप्रैल को दिल्ली पहुंचेंगी। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे रेसलर्स में शामिल बजरंग पूनिया ने खाप पंचायतों से साथ देने की अपील की थी।

24 अप्रैल को पूनिया ने कहा, 'पिछली बार हमसे भूल हो गई थी। हम खिलाड़ी हैं, हमें राजनीति नहीं आती। आज हमें आपकी जरूरत है, हमारा साथ दें। इतने बड़े खिलाड़ी धरने पर हैं। अब कुछ नहीं हुआ, तो कभी नहीं होगा। हमारी बहन-बेटियों की लड़ाई में साथ आएं। ये लड़ाई एक बाहुबली के खिलाफ है।'
25 अप्रैल की शाम होते-होते कई खाप पंचायतें एक्टिव हो गईं। मीटिंग होने लगी। फैसला हुआ कि जंतर-मंतर जाकर पहलवानों का सपोर्ट करेंगे। कुछ पंचायतें अब भी बुलावे का इंतजार कर रही हैं। हालांकि पहलवानों के सपोर्ट पर सब एकराय हैं।

रेसलर्स विनेश फोगाट (बाएं) और साक्षी मलिक इस प्रोटेस्ट का सबसे बड़ा चेहरा हैं, विनेश फोगाट ने सबसे पहले कहा था कि बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का सेक्शुअल हैरेसमेंट करते हैं।
*पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई, 28 अप्रैल को सुनवाई*

हरियाणा की अलग-अलग खापों को मिलाकर बनी सर्वखाप पंचायत के प्रवक्ता जगबीर मलिक कहते हैं, 'हम अपनी बेटियों के साथ हैं। वे जंतर-मंतर पर बैठकर रो रही हैं। उनके साथ कुछ तो जरूर हुआ है। वे पहलवान हैं, ऐसे बैठकर नहीं रोतीं। सारी खाप पंचायतें उनके साथ हैं। झज्जर, रोहतक, सोनीपत और बाकी पंचायतों से बात करेंगे।'
BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सिंह पर 7 पहलवानों ने सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया है। प्रोटेस्ट कर रहे रेसलर सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उनकी याचिका पर 28 अप्रैल को सुनवाई होगी।

कोर्ट ने यौन शोषण का आरोप लगाने वाली लड़कियों के नाम ज्यूडिशियल रिकॉर्ड से हटाने के लिए कहा है, ताकि उनकी पहचान सामने न आए। कोर्ट ने कहा, 'पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन पर विचार करने की जरूरत है।'
1430 गांव वाली सबसे बड़ी खाप पहलवानों के साथ
सर्वखाप के प्रवक्ता जगबीर मलिक, मलिक खाप के भी प्रवक्ता हैं। ये देश की सबसे बड़ी खाप पंचायत है। इसमें हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के 1430 गांव आते हैं। जनवरी में भी पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया था। तब खाप पंचायतें इससे दूर रही थीं।

इस पर जगबीर मलिक कहते हैं, 'हमें लगा था इंटरनेशनल और नेशनल लेवल की कमेटी बन रही है। सही जांच होगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ तो पहलवान फिर धरने पर आ गए। अब इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं।’
*52 गांव की नैन खाप ने कहा- बेटियों को अकेला नहीं छोड़ेंगे*

नैन खाप में हिसार, जींद और झज्जर के 52 गांव आते हैं। खाप के प्रधान नफे सिंह काफी बुजुर्ग हैं। उन्हें सुनाई भी कम देता है, लेकिन फोन पर उन्होंने एक बात साफ कही कि 'हम पहलवानों के साथ हैं। उनके लिए आंदोलन करेंगे।'

वे सुन नहीं पा रहे थे, इसलिए मैंने उनके करीब बैठे नैन खाप के एक सदस्य से बात शुरू की। वे बोले, 'हमारा फुल सपोर्ट है। हम हर तरह से उनके साथ हैं। बुलाएंगे तो दिल्ली जाएंगे, कहेंगे तो यहीं आंदोलन करेंगे। वे हमारी बेटियां हैं। हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे।'
*खाप पंचायतों ने सबूत नहीं देखे, लेकिन पहलवानों पर भरोसा*

सर्वखाप के प्रवक्ता जगबीर मलिक से मैंने पूछा कि आप पहलवानों का साथ दे रहे हैं, क्या आपने सबूत देख लिए हैं, वो शिकायत देखी है, जो पहलवानों ने ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दी है। जवाब मिला, ’हमारे लोग पहलवानों से मिले हैं। कोई कागज हमारे पास नहीं है।' नैन खाप और 30 गांव वाली भनवाला खाप का जवाब भी यही था।
*3 महीने में दूसरी बार पहलवान धरने पर*

18 जनवरी को रेसलर्स विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत 30 पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था। विनेश फोगाट ने आरोप लगाए थे कि फेडरेशन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। आरोपों की जांच के लिए दो कमेटियां बनाई गई थीं। इसके बाद पहलवानों ने प्रोटेस्ट खत्म कर दिया था। 23 अप्रैल को वे फिर से धरने पर बैठ गए।

पहलवानों ने रविवार, 23 अप्रैल से धरना शुरू किया है। वे रात भी जंतर-मंतर पर ही बिता रहे हैं। उनका कहना है कि बृजभूषण सिंह पर FIR दर्ज होने तक उनका धरना चलता रहेगा।
*FIR न करने पर दिल्ली पुलिस को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस*

CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज न करने पर दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है। 7 महिला रेसलर्स ने सोमवार को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए याचिका दाखिल की थी।

पहलवानों के वकील नरेंद्र हुड्डा ने कहा, 'हमने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है। गंभीर आरोपों के बावजूद दिल्ली पुलिस FIR नहीं कर रही थी। CJI ने मामले को गंभीर पाया, उन्होंने दिल्ली सरकार और पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।'
*बबीता फोगाट ने कहा- आरोपी की जांच ठीक से नहीं हुई*

बृजभूषण शरण सिंह पर लग रहे आरोपों की जांच कर रही कमेटी की मेंबर बबीता फोगाट ने कहा है कि जांच रिपोर्ट सभी की सहमति के साथ नहीं बनी है। कमेटी के सदस्यों ने जांच भी ठीक से नहीं की। मैं जांच रिपोर्ट पढ़ रही थी, तभी साई निदेशक राधिका श्रीमन ने रिपोर्ट छीन ली। मेरे साथ बदतमीजी की। मैंने अपनी आपत्ति रिपोर्ट में दर्ज करवाई है।
April 26, 2023

पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल का निधन:पंजाब के 5 बार मुख्यमंत्री रहे; 95 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल का निधन:पंजाब के 5 बार मुख्यमंत्री रहे; 95 साल की उम्र में ली आखिरी सांस
चंडीगढ़ : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का 95 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया। शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मोहाली के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वे 5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। केंद्र सरकार दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा करेगी।

जून 2022 में भी सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। कुछ समय बाद अस्पताल से उनकी छुट्टी हो गई थी। सितंबर 2022 में फिर सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें PGI चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था।
*पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से निष्क्रिय*

बादल 2022 में पंजाब विधानसभा का चुनाव हार गए थे। यह उनके राजनीतिक करियर की पहली हार थी। अधिक उम्र के कारण वे चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन बेटे सुखबीर बादल के कहने और पंजाब में अकाली दल की दयनीय स्थिति को देखते हुए प्रकाश सिंह बादल चुनावी मैदान में उतरे थे।
*सबसे कम उम्र के सरपंच और सबसे अधिक उम्र के उम्मीदवार*

प्रकाश सिंह बादल ने साल 1947 में राजनीति शुरू की थी। उन्होंने सरपंच का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। तब वे सबसे कम उम्र के सरपंच बने थे। 1957 में उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। 1969 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। 1969-70 तक वे पंचायत राज, पशु पालन, डेयरी आदि मंत्रालयों के मंत्री रहे।

इसके अलावा वे 1970-71, 1977-80, 1997-2002 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने। वे 1972, 1980 और 2002 में विरोधी दल के नेता भी बने। मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री रहते वे सांसद भी चुने गए। 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद वे सबसे अधिक उम्र के उम्मीदवार भी बने।
*कैंसर से पत्नी की मृत्यु हुई तो छेड़ी मुहिम*

24 मई 2011 को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की पत्नी सुरिंदर कौर बादल का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद PGI में निधन हो गया था। तब सुरिंदर कौर 72 साल की थीं। सुरिंदर कौर गले के कैंसर से पीड़ित थीं। पत्नी के देहांत के बाद मुख्यमंत्री रहते हुए प्रकाश सिंह बादल ने कैंसर के खिलाफ मुहिम छेड़ दी थी।
*घर-घर में कैंसर के मरीजों को डायग्नोस करवाया गया था।*
इतना ही नहीं, सरकारी अस्पतालों में कैंसर के इलाज में तेजी बादल के कारण ही संभव हुई थी। सीएम रिलीफ फंड भी प्रकाश सिंह बादल ने शुरू करवाया था। जिसमें कैंसर के मरीजों की फाइल पास होने के बाद उन्हें फाइनेंशियल सहायता दी जाती थी, ताकि पीड़ित अपना इलाज करवा सकें।
प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री ने शोक जताया।
April 26, 2023

अनिल विज की नाराजगी के बाद एक्शन में अफसर:हांसी के नायब तहसीलदार सस्पेंड, फाइनेंशियल कमिश्नर ने जारी किए ऑर्डर

अनिल विज की नाराजगी के बाद एक्शन में अफसर:हांसी के नायब तहसीलदार सस्पेंड, फाइनेंशियल कमिश्नर ने जारी किए ऑर्डर
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज

चण्डीगढ़: हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की नाराजगी के बाद ब्यूरोक्रेसी हरकत में आ गई है। विज की चीफ सेक्रेटरी संजीव कौशल को चिट्‌ठी के बाद हांसी के नायब तहसीलदार जयवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। राज्य के नए फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू (FCR) राजेश खुल्लर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। जयवीर का हेडक्वार्टर हिसार का डिवीज़नल कमिश्नर ऑफिस बना दिया गया है। उनके बिना इजाजत ऑफिस छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।
बता दें कि अनिल विज ने हिसार में ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में 2 अफसरों को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। इनमें नायब तहसीलदार जयवीर सिंह का नाम भी था। हालांकि अफसरों ने इस संबंध में ऑर्डर जारी नहीं किए। जिससे नाराज होकर अनिल विज ने ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। यहां तक कि उन्होंने चीफ सेक्रेटरी को चिट्‌ठी में कहा कि जब कार्रवाई ही नहीं होती तो वे इस तरह की मीटिंग में नहीं जाएंगे।
*पढ़ें नायब तहसीलदार को सस्पेंड करने के आदेश...*

*पूरा मामला पढ़ें...*

करीब तीन महीने पहले हिसार की ग्रीवेंस कमेटी में गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने शिकायत पर हांसी के नायब तहसीलदार जयवीर सिंह और हिसार के सहायक निबंधक (सहकारी समितियां) संदीप को निलंबित कर दिया था, लेकिन संबंधित अधिकारियों के द्वारा इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
गृह मंत्री के आदेश के बाद 16 जनवरी को जिला प्रशासन ने दोनों अधिकारियों के निलंबन की अनुशंसा की थी, लेकिन मुख्यालय ने इन दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी नहीं किए। मुख्यालय की इस चूक को लेकर ही गृह मंत्री विज ब्यूरोक्रेसी से नाराज हो गए।
*विज ने चिट्‌ठी को लेकर क्या कहा था..*

इस बारे में जब गृह मंत्री अनिल विज से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैंने चीफ सेक्रेटरी को चिट्‌ठी लिखी है। अधिकारी काम नहीं करते तो ये चिटि्ठयां लिखना आम बात है। अफसर काम नहीं करते तो उनसे काम करवाना ही सरकार का काम है। मैं किसी से नाराज नहीं हूं।