विवेकानंद विद्या निकेतन में टेलीकॉम उपभोक्ता जागरूकता एवं साइबर हाइजीन कार्यक्रम आयोजित
विवेकानंद विद्या निकेतन में टेलीकॉम उपभोक्ता जागरूकता एवं साइबर हाइजीन कार्यक्रम आयोजित
250 विद्यार्थियों ने लिया भाग, टैरिफ-बिलिंग, शिकायत निवारण और साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी
करनाल, 31 जुलाई 2026।
विवेकानंद विद्या निकेतन, अशांद, करनाल में हरियाणा टेक्निकल एसोसिएशन (HTA Haryana) द्वारा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के सहयोग से टेलीकॉम उपभोक्ता जागरूकता, टैरिफ एवं बिलिंग तथा साइबर हाइजीन विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 250 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाओं के सुरक्षित उपयोग के साथ-साथ टेलीकॉम उपभोक्ता अधिकार, टैरिफ प्लान, प्रीपेड एवं पोस्टपेड बिलिंग, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, अनचाहे व्यावसायिक कॉल एवं संदेश, डिजिटल फ्रॉड तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में विद्यालय के चेयरमैन श्री मोहिंदर श्योकंद तथा प्रधानाचार्य श्री रूप कृष्ण भाट विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने HTA Haryana और TRAI की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी होना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में दूरसंचार क्षेत्र की ओर से Vi की सर्विस इंजीनियर सुश्री आकांक्षा बिष्ट एवं श्री अविनाश कोटवाल तथा Airtel के सर्विस इंजीनियर श्री प्रदीप कुमार ने भी भाग लिया और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
टैरिफ और बिलिंग की दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए HTA Haryana के अध्यक्ष श्री हितेश धांडा ने विद्यार्थियों को टेलीकॉम सेवाओं के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल रिचार्ज या कोई भी टैरिफ प्लान लेने से पहले उपभोक्ताओं को उसकी वैधता, डेटा लिमिट, कॉलिंग सुविधा, एसएमएस सुविधा और अन्य लागू शुल्क की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने प्रीपेड रिचार्ज तथा पोस्टपेड बिल को नियमित रूप से जांचें और यदि कोई ऐसा शुल्क दिखाई देता है जिसका उन्होंने उपयोग नहीं किया है, तो तत्काल संबंधित टेलीकॉम कंपनी के शिकायत केंद्र पर शिकायत दर्ज करवाएं।
शिकायत होने पर घबराएं नहीं, शिकायत नंबर जरूर लें
श्री धांडा ने विद्यार्थियों को टेलीकॉम शिकायत निवारण प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि यदि मोबाइल सेवा, बिलिंग, रिचार्ज, नेटवर्क, अनधिकृत सेवा या अन्य किसी टेलीकॉम सुविधा से संबंधित समस्या आती है तो उपभोक्ता सबसे पहले संबंधित सेवा प्रदाता के Complaint Centre/Customer Care पर शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों को सलाह दी कि शिकायत दर्ज करवाने के बाद मिलने वाला Complaint/Docket Number सुरक्षित रखें। यदि समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं होता है तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित टेलीकॉम कंपनी के Appellate Authority के समक्ष शिकायत को आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को किसी भी समस्या के समाधान के लिए अनजान व्यक्ति को व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी देने के बजाय केवल आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहिए।
साइबर ठगी से बचने के बताए आसान उपाय
कार्यक्रम के दौरान साइबर हाइजीन पर विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर अपराधी अक्सर फोन कॉल, SMS, WhatsApp संदेश, ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने अथवा किसी अज्ञात स्रोत से मोबाइल एप डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।
विद्यार्थियों को फर्जी KYC अपडेट, SIM बंद होने, बैंक खाता बंद होने, कूरियर, नौकरी, इनाम, लोन तथा फर्जी कस्टमर केयर के नाम पर आने वाले फोन और संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी गई।
फर्जी कस्टमर केयर नंबर से रहें सावधान
श्री धांडा ने कहा कि साइबर ठगी के कई मामलों में अपराधी खुद को बैंक, टेलीकॉम कंपनी या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर उपभोक्ता से जानकारी हासिल करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में इंटरनेट पर मिले अनजान कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा करने के बजाय संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक ऐप से संपर्क नंबर प्राप्त करें।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि “किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें, किसी पर विश्वास करने से पहले सत्यापन करें और अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।”
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा संवादात्मक सत्र रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने टेलीकॉम बिलिंग, मोबाइल रिचार्ज, नेटवर्क संबंधी शिकायत, अनचाहे कॉल एवं संदेश, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा, SIM से संबंधित समस्याओं और साइबर ठगी से जुड़े अनेक सवाल पूछे।
Vi एवं Airtel के प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए टेलीकॉम सेवाओं के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
HTA Haryana ने युवाओं को बताया डिजिटल उपभोक्ता अधिकारों का महत्व
HTA Haryana के अध्यक्ष हितेश धांडा ने कहा कि आज विद्यार्थी केवल शिक्षा के उपभोक्ता नहीं हैं, बल्कि वे मोबाइल, इंटरनेट, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के सक्रिय उपभोक्ता हैं। इसलिए उन्हें अपने उपभोक्ता अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जागरूक उपभोक्ता ही साइबर अपराध और गलत बिलिंग जैसी समस्याओं से स्वयं को बेहतर तरीके से सुरक्षित रख सकता है।
कार्यक्रम में HTA Haryana की ओर से श्री हितेश धांडा, श्री विनय, सुश्री नेहा एवं सुश्री वंशिका ने सक्रिय भूमिका निभाई।
विद्यालय प्रबंधन ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के चेयरमैन श्री मोहिंदर श्योकंद एवं प्रधानाचार्य श्री रूप कृष्ण भाट ने HTA Haryana और TRAI के इस जागरूकता अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस प्रकार की व्यावहारिक जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकें।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले लगभग 250 विद्यार्थियों ने इसे उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम ने TRAI, HTA Haryana, शैक्षणिक संस्थानों और टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के संयुक्त प्रयास से डिजिटल रूप से जागरूक एवं सुरक्षित उपभोक्ता समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम प्रस्तुत किया।

