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Saturday, January 23, 2021

January 23, 2021

11वें दौर की बैठक भी बेनतीजा, कानून रद्द नहीं हो सकते, प्रस्ताव मंजूर है तो बताओ

11वें दौर की बैठक भी बेनतीजा, कानून रद्द नहीं हो सकते, प्रस्ताव मंजूर है तो बताओ

नई दिल्ली : नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आज सरकार और आंदोलनरत किसानों के बीच 11वें दौर की बैठक हुई जो कि पहले की 10 बैठकों जैसी बेनतीजा रही । कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कानून रद्द नहीं किये जा सकते यह बात साफ है। हाँ ये जरूर है कि कानूनों के लागू होने पर एक निश्चित समय के लिए हम रोक लगा सकते हैं जैसा कि हमने पहले प्रस्ताव रखा है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो प्रस्ताव दिया गया है वह किसानों के हित के लिए है । इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। इससे बेहतर प्रस्ताव सरकार नहीं दे सकती। अगर आप (आंदोलनरत किसानों) का विचार बने तो एक बार इसपर सोच लीजिए। नरेंद्र तोमर ने किसानों से कहा कि अगर उनकी इस बारे में सलाह बन जाये तो यह बातचीत दोबारा फिर हो सकती है। बतादें कि बैठक की अगली तारीख तय नहीं की गई है। कृषि मंत्री ने आज की बातचीत के लिए किसानों का धन्यवाद किया है।
January 23, 2021

किसान आंदोलन में खूनी खेल की साजिश, किसानों को गोलियों से छलनी करने का बना रखा था प्लान

किसान आंदोलन में खूनी खेल की साजिश, किसानों को गोलियों से छलनी करने का बना रखा था प्लान

नई दिल्ली : नए कृषि कानूनों पर छिड़े किसानों के आंदोलन के बीच से एक बड़ी और बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है।बीती रात दिल्ली सिंघु बॉर्डर पर संदिग्धता के आधार पर काले कपड़े और सफेद नकाब पहने एक शख्स को पकड़ा गया है। वहीँ पकड़े जाने के बाद शख्स ने जो खुलासा किया है उससे चिंताजनक माहौल पैदा हो गया है।

दरअसल, पकड़े गए शख्स ने अपनी नापाक साजिश को अंजाम देने को लेकर खुलासा किया है। शख्स ने प्रेस के सामने बताया है कि वह अकेला नहीं है उसके साथ एक टीम है जो कि किसान आंदोलन में खूनी खेल की साजिश को अंजाम देने की प्लानिंग में थी| शख्स ने बताया कि 26 जनवरी को निकलने वाली ट्रैक्टर रैली के दौरान अफरातफरी मचाने की पूरी कोशिश थी और इसके अलावा मंच पर चार किसान नेताओं को गोली मारने के लिए उससे कहा गया था जिनकी फोटो उसे दी गई थी। शख्स ने ये भी बताया कि ये सब करवाने की साजिश राइ थाने के एसएचओ प्रदीप की है, जोकि हमेशा अपना चेहरा ढके रहता है।

फ़िलहाल दिल्ली पुलिस की टीम शख्स से पूछताछ कर रही है। शख्स से हरियाणा के सोनीपत में रहने की जानकारी सामने आई है। नाम योगेश बताया गया, जोकि 9 वीं कक्षा तक पढ़ा है।

Friday, January 22, 2021

January 22, 2021

किसान आंदोलन में अंग्रेजों के जमाने की कार की एंट्री, कार में है बुलेट के टायर

किसान आंदोलन में अंग्रेजों के जमाने की कार की एंट्री, कार में है बुलेट के टायर

नई दिल्ली : कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच बैठकों का दौर जारी है लेकिन अभी तक कोई हल निकलता दिखाई नहीं दे रहा है। तमाम परेशानियों का सामना करते हुए किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। किसानों के इरादे साफ हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वो अपने घर नहीं लौटेंगे। इसी बीच किसान आंदोलन के दौरान कई बेहद दिलचस्प चीजें भी देखने को मिल रही हैं। कभी किसानों के इस आंदोलन में कार में हुक्के लगे दिख रहे हैं तो अब अंग्रजों के जमाने की कार की भी एंट्री इस आंदोलन में हो गई है। जिसे एक युवा किसान पंजाब के मोगा से लेकर पहुंचा। लोग इस कार को देख काफी आकर्षित हो रहे हैं।

*कार की खास बात*

युवा किसान गगनदीप सिंह ने अपनी इस कार के बारे में जानकारी दी और बताया की करीब साढे पांच लाख रुपये देकर के उन्होंने इस कार को तैयार करवाया है ये उनके दादा जी ने खरीदी थी और अब उन्होंने इसमें सुधार किया है। उन्होंने बताया कि वो इस कार के साथ 26 जनवरी को परेड में हिस्सा लेगें। ये कार बुलेट के टायरों पर चल रही है।गगनदीप के मुताबिक उनके दादा जी ने इसे 1926 में जर्मनी से इम्पोर्ट करवाया था तब ये मिट्टी के तेल से चलती थी और अब उन्होंने इसके इंजन को मॉडीफाई किया व डीजल के साथ चलने लायक बनाया है।



लोग इस कार को देखने के बाद इसके साथ सेल्फी ले रहे हैं हर कोई इसमें बैठकर सवार होना चाहता है। लोगों को ये कार काफी आकर्षित कर रही है। गगनदीप ने कहा कि कृषि कानूनों को वापिस नहीं लिया जा रहा है जिससे किसानों में नाराजगी है और वो 26 जनवरी की परेड में अपनी विंटेज कार के साथ शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि वो अपने नेताओं के फैसले का सम्मान करते हुए वो जो भी कहेंगे वो ही कहेंगे। फिलहाल कई बैठकों के बावजूद भी कोई समाधान नहीं निकला है और वे अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।

वहीं आप को बता दें कि किसानों के इस आंदोलन के दौरान कई बार ऐसी चीजे देखने को मिली हैं जो कहीं और देखने को नहीं मिल सकती। हाल ही में एक बुजुर्ग की कार में हुक्के भी लगे देखे गए थे जिसे देखकर लोग हैरान हो रहे थे।
January 22, 2021

किसानों और सरकार के बीच 11वें दौर की बैठक आज, इस खास मुद्दे पर हो सकती है आज चर्चा

किसानों और सरकार के बीच 11वें दौर की बैठक आज, इस खास मुद्दे पर हो सकती है आज चर्चा

नई दिल्ली : नए कृषि कानूनों पर किसानों के आंदोलन का आज 58वां दिन है। केंद्र सरकार की तरफ से 10वें राउंड की बैठक में किसानों को जो नया प्रस्ताव दिया गया था, उसके मुताबिक डेढ साल तक कृषि कानूनों को निलंबत कर कमिटी बनाने की सिफारिश की गई थी। इस प्रस्ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है और तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं।

इस माहौल के बीच आज केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच 11वें दौर की वार्ता होने जा रही है। विज्ञान भवन में ये बैठक दोपहर 12 बजे से होगी। इधर, किसान संगठनों की तरफ से दबाव बढ़ाने के लिए यह चेतावनी दी गई है कि वे 26 जनवरी को लाल किला से इंडिया गेट ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।

किसान संगठनों की मांग है कि सरकार तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी के साथ ही एमएसपी को कानून का हिस्सा बनाए। किसानों को डर है कि सरकार इन कानूनों के जरिए उन्हें उद्योगपतियों को भरोसे छोड़ देगी। जबकि, सरकार का कहना है कि इन नए कृषि कानूनों के जरिए निवेश के अवसर खुलेंगे और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।


इसके साथ ही ट्रैक्टर परेड को लेकर पुलिस और किसानों के बीच हुई गुरुवार को तीसरे राउंड की बैठक भी बेनतीजा रही, दरअसल किसान चाहते हैं कि ट्रैक्टर रैली 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली के अंदर आउटर रिंग रोड पर हो, जबकि पुलिस का कहना है कि आप ट्रैक्टर रैली दिल्ली के अंदर ना करके कहीं बाहर कर ले। पुलिस ने रैली के लिए KMP के रास्ते का सुझाव दिया है लेकिन पुलिस के इस सुझाव को किसान मानने को तैयार नहीं है।

किसानों के आंदोलन और गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर रैली निकालने की उनकी योजना के मद्देनजर हरियाणा पुलिस ने अपने कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक निरस्त करने का निर्णय लिया है। पुलिस कर्मियों के अवकाश निरस्त करने का आदेश गुरुवार को जारी किया गया। केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने 26 जनवरी को दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर रैली निकालने की योजना बनाई है।
January 22, 2021

किसानों की ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर अलर्ट -टकराव मोल नहीं लेगी हरियाणा पुलिस -ड्रोन कैमरों की नजर में रहेगी ट्रेक्टर यात्रा

किसानों की ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर अलर्ट
-टकराव मोल नहीं लेगी हरियाणा पुलिस
-ड्रोन कैमरों की नजर में रहेगी ट्रेक्टर यात्रा

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर परेड निकालने के ऐलान के साथ ही हरियाणा पुलिस सतर्क हो गई है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली से सटे जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ड्रोन कैमरों की मदद से मुख्य मार्गों से निकलने वाले ट्रैक्टरों पर नजर रखी जाएगी। हरियाणा के गृह सचिव राजीव अरोड़ा तथा डीजीपी मनोज यादव ने इस संबंध में सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। हरियाणा व दिल्ली की सीमा पर धरने पर बैठे किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालने का ऐलान कर रखा है। पुलिस को इनपुट मिला है कि इस परेड में हरियाणा के रास्ते से पंजाब के किसान जहां दिल्ली पहुंच रहे हैं, वहीं हरियाणा के विभिन्न जिलों में भी दिल्ली कूच की तैयारियां चल रही हैं। हरियाणा के किसान संगठनों ने हर गांव से ट्रैक्टर इस परेड में शामिल होने का आह्वान किया हुआ है। इसी के चलते किसान जत्थेबंदियां गांव-गांव घूम रही हैं। ट्रैक्टर परेड के दौरान किसी तरह का कोई हादसा या टकराव न हो, इसके लिए पुलिस द्वारा पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। 'ट्रैक्टर परेड' से निपटने को लेकर हरियाणा पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सीएम मनोहर लाल तथा गृह मंत्री अनिल विज ने बृहस्पतिवार को इस बारे में अधिकारियों से फीडबैक लिया। सीआइडी चीफ आलोक मित्तल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को तमाम जानकारियां उपलब्ध कराई। प्रदेश के सभी 22 जिलों विशेष तौर पर दिल्ली बार्डर से सटे जिलों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। हर छोटी-बड़ी घटना की जानकारी बिना किसी देरी के मुख्यालय तक पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।

सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम व 

झज्जर जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा
पंजाब के विभिन्न जिलों, शहरों एवं गांवों से भी किसान ट्रैक्टर लेकर हरियाणा के रास्ते ही दिल्ली बार्डर पर पहुंचेंगे। इसके चलते सभी सीमाओं पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। डीजीपी मनोज यादव भी ट्रैक्टर परेड को लेकर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों व रेंज आईजी के साथ संपर्क साधे हुए हैं। डीजीपी ने बृहस्पतिवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक हिदायतें दी। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा भी पुलिस के आला अफसरों के साथ बैठक कर परेड को लेकर मंथन किया। दिल्ली पुलिस किसानों को इस बात के लिए मनाने की कोशिश में है कि वे रिंग रोड की जगह केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर अपनी ट्रैक्टर परेड निकालें। दिल्ली बार्डर से सटे सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद व पलवल में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा। बार्डर पर नाकेबंदी भी रहेगी और पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रहेगी। हरियाणा पुलिस ने सभी इंटर स्टेट बार्डर पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। किसानों की ट्रैक्टर परेड को देखते हुए एडीजीपी स्तर के अधिकारियों की भी जिलों में ड्यूटी लगाई जाएगी। सरकार की तरफ से पुलिस को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए जाने वाले किसानों के साथ किसी तरह के टकराव की स्थिति पैदा न होने दे। ऐसे में किसानों के ट्रैक्टरों को रोका नहीं जाएगा।

Thursday, January 21, 2021

January 21, 2021

झुकी केंद्र सरकार,डेढ़ साल तक कृषि कानून लागू नहीं करने को तैयार, किसान देंगे 22 जनवरी को जवाब

झुकी केंद्र सरकार,डेढ़ साल तक कृषि कानून लागू नहीं करने को तैयार, किसान देंगे 22 जनवरी को जवाब 

नई दिल्ली : किसानों के साथ 11वें राउंड की बातचीत में सरकार कुछ झुकती हुई नजर आई। केंद्र ने बुधवार को किसान नेताओं को दो प्रपोजल दिए। केंद्र ने किसानों के सामने प्रस्ताव रखा कि डेढ़ साल तक कृषि कानून लागू नहीं किए जाएंगे और वो इस संबंध में एक हलफनामा कोर्ट में पेश करने को तैयार है। इसके अलावा MSP पर बातचीत के लिए नई कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी जो राय देगी, उसके बाद MSP और कानूनों पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, किसान नेता कानूनों की वापसी पर ही अड़े हुए हैं। किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक 22 जनवरी को होगी और किसान इसी बैठक में प्रस्ताव पर अपना जवाब देंगे। किसानों ने साफ कर दिया है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली होगी।

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'बातचीत के कई नरम-गरम दौर हुए। हमारे प्रस्ताव को किसानों ने गंभीरता से लिया है। मुझे लगता है 22 तारीख को समाधान की संभावना है। हमने किसानों को प्रस्ताव इसलिए दिया है, क्योंकि आंदोलन खत्म हो और जो किसान कष्ट में हैं, वो अपने घर जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है, वो अपना काम कर रही है। किसानों और किसान आंदोलन से बनी स्थितियों के लिए सरकार की भी सीधी जिम्मेदारी है और इसी के तहत हम प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं। आंदोलन जब खत्म होगा और किसान अपने घर लौटेंगे, तब भारत के लोकतंत्र की जीत होगी।'

गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली निकालने वाले को लेकर बुधवार को फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस विवाद में दखल देने से इंकार किया और कहा कि दिल्ली पुलिस ही इस पर इजाजत दे सकती है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लगातार कमेटी पर उठ रहे सवालों पर नाराजगी व्यक्त की गई। 

Tuesday, January 19, 2021

January 19, 2021

निजी हैसियत में बुलाई थी बैठक : चढूनी

निजी हैसियत  में बुलाई थी बैठक : चढूनी

नई दिल्ली : सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की समन्वय समिति ने हरियाणा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी द्वारा कल अनेक राजनैतिक दलों के साथ की गई बैठक से जुड़े विवाद पर चर्चा की
-गुरनाम सिंह ने समिति के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए लिख कर बताया कि कल की बैठक उन्होंने अपनी निजी हैसियत  में बुलाई थी। इस बैठक का सयुंक्त किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं है। यह एहसास करते हुए उन्होंने समिति को भरोसा दिलाया कि वो इस आंदोलन के दौरान भविष्य में किसी राजनैतिक बैठक में नहीं जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे संयुक्त किसान मोर्चा के साथ थे, है और रहेंगे।
-समिति ने इस स्पष्टीकरण का स्वागत करते हुए यह फैसला किया कि अब इस विवाद को समाप्त किया जाए। यह ऐतिहासिक आंदोलन जिस मोड पर है उसमे एकता और अनुशासन सर्वोपरि है। लोगों के सहयोग से यह आंदोलन किसान संगठन ही यहां तक लेकर आए हैं और किसान संगठन ही इसे मुकाम तक लेकर जाएंगे। कोई भी संगठन या पार्टी अपने तौर पर इस आंदोलन को समर्थन देने को स्वतंत्र हैं, लेकिन आंदोलन सीधे किसी पार्टी से रिश्ता नहीं रखेगा
--जारीकर्ता--
डॉ दर्शन पाल, शिव कुमार कक्काजी, जगजीत सिंह डल्लेवल, बलबीर सिंह रजेवल, हन्नन मौला, योगेंद्र यादव