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Saturday, October 17, 2020

October 17, 2020

झज्जर की बैंक में वारदात:रिटायर्ड फौजी के बैग से साढ़े 3 मिनट में 50 हजार रुपए निकाल ले गया बदमाश, घटना सीसीटीवी में कैद

झज्जर की बैंक में वारदात:रिटायर्ड फौजी के बैग से साढ़े 3 मिनट में 50 हजार रुपए निकाल ले गया बदमाश, घटना सीसीटीवी में कैद

झज्जर : झज्जर में शुक्रवार को साढ़े तीन मिनट में बैंक में आए एक पूर्व सैनिक के बैग से 50 हजार रुपए निकाल लिए गए। वारदात को लाइन में पीछे खड़े व्यक्ति ने अंजाम दिया। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है। हालांकि, इसमें चेहरा स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा, लेकिन पुलिस संदिग्ध व्यक्ति के बैंक में प्रवेश करने और वहां से वापस जाने तक की फुटेज के आधार पर पड़ताल कर रही है।
घटना धौड़ चौक स्थित एसबीआई ब्रांच की है। गांव सुरहेती निवासी पूर्व फौजी संजय ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह मां के साथ बैंक आए थे। मां की 60 हजार रुपए पेंशन बैंक से निकलवाई। रुपए अपने पिट्‌ठू बैग में रख लिए और पासबुक अपडेट करवाने के लिए लाइन में लग गए। इसके बाद जब बैग में रखे हुए पैसे संभाले तो 50 हजार रुपए गायब मिले।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के अनुसार सुबह 11 बजकर 17 मिनट पर जब संजय पासबुक अपडेट करवाने के लिए लाइन में लगा तो अधेड़ उम्र का एक व्यक्ति काला बैग लेकर उसके पीछे खड़ा हो गया। 11 बजकर 20 मिनट 25 सेकंड्स तक उसके पीछे खड़ा रहा। इसी बीच उसने संजय के बैग से पैसे निकाल लिए। जैसे ही पैसे निकले तो वह व्यक्ति लाइन से हटकर दूसरी तरफ चला गया।
सिटी थाना प्रभारी राजेश कुमार का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। घटना की जांच के दौरान बैंक की सीसीटीवी फुटेज ली गई है, जिसके आधार पर पैसे निकालने के आरोपी की तलाश की जा रही है। साथ ही सभी लोगों से अपील है कि वो बैंक में किए जाने वाले लेन-देन को लेकर भी अतिरिक्त सावधानी बरतें।

Sunday, October 11, 2020

October 11, 2020

झज्जर:अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज मानसी पुलिस को मिली, दो दिन पहले लापता हुई थी

झज्जर:अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज मानसी पुलिस को मिली, दो दिन पहले लापता हुई थी

झज्जर : दो दिन पहले लापता हुई झज्जर के छारा गांव की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मानसी दलाल शनिवार को मिल गई। पुलिस ने उसे तलाश लिया है। मानसी गुरुवार को एक्सरसाइज करने के लिए निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इसका जल्द खुलासा होगा। अभी पुलिस पहले मानसी का मेडिकल करवाएगी, इसके बाद पूरी घटना की जानकारी दी जाएगी।
17 साल की मानसी रोजाना की तरह गुरुवार को भी दौड़ लगाने के लिए सिकंदरपुर मार्ग पर निकली थी। लेकिन कई घंटे बाद भी वापस नहीं लौटी। मानसी के पिता अंजित दलाल ने बताया कि मानसी गुरुवार शाम 5:30 बजे बादली रोड स्थित ढाबे के आगे ही सिकंदरपुर मोड़ पर दौड़ने के लिए निकली थी उसके पास मोबाइल नहीं था और न ही वह मोबाइल कभी रखती थी।
15-20 मिनट में वह दौड़ लगाकर वापस आ जाती थी। वह सिर्फ अपनी प्रैक्टिस में लगी हुई थी उसे खेलो इंडिया कैंप और इंडिया कैंप के लिए जल्द ही भोपाल भी रवाना होना था। परिवार वालों की शिकायत पर गुरुवार से ही पुलिस भी एक्टिव थी। पुलिस ने अब मानसी को बरामद कर लिया है। उसका मेडिकल करवाया जा रहा है। पुलिस जल्द इस मामले में खुलासा करेगी।

Wednesday, September 2, 2020

September 02, 2020

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा:बर्बाद फसलों का ज्यादा मुआवजा दिलाने का झांसा दे सर्वेयरों ने किसानों से हड़पे लाखों रुपए, केस दर्ज

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा:बर्बाद फसलों का ज्यादा मुआवजा दिलाने का झांसा दे सर्वेयरों ने किसानों से हड़पे लाखों रुपए, केस दर्ज

झज्जर : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के सर्वे में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। निजी कंपनी के नुमाइंदों ने किसानों से उनका सर्वे बेहतर दिखाने के नाम पर 1 हजार से 70 हजार रुपए मांगे। इसका खुलासा उस समय हुआ जब बीमा कंपनी के नुमाइंदों ने बेहतर सर्वे दिखाने के नाम पर कुछ किसानों से पेटीएम व गूगल पे के माध्यम से अपने अकाउंट में रुपए डलवा लिए। अब कृषि विभाग ने जांच के बाद कर्मचारियों पर केस दर्ज करवाया है। बताया जा रहा है कि फसल बीमा योजना का काम देख रही कंपनी बजाज एलियांज ने सर्वे का काम आगे एक कंपनी को सबलेट किया हुआ था। अब पुलिस जांच में किसानों से रुपए हड़पने वाले चेहरे बेनकाब होंगे। विभागीय जानकारों का कहना है कि अकेले माजरा गांव से करीब 8 लाख रुपए से अधिक का फ्रॉड किया गया है।
योजना के तहत प्रीमियम की राशि का एक छोटा सा हिस्सा किसान को जमा कराना होता है, जबकि प्रीमियम की एक बड़ी राशि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से कंपनी को दी जाती है। फसल खराब होने पर कृषि विभाग या कंपनी को 48 घंटे में अवगत कराना होता है। इसके बाद कंपनी के सर्वेयर व ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर की संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण करती है कि आखिर किसान की फसल में कितना प्रतिशत नुकसान है। हाल ही में साल्हावास और बेरी ब्लॉक के 1500 के करीब किसानों ने अपनी फसल के पानी में खराब होने की शिकायत दर्ज कराई है।

धोखाधड़ी का ऐसा हुआ खुलासा

किसानों की फसल खराब होने की शिकायतों पर निजी कंपनी के नुमाइंदे अकेले ही पहुंचे। उन्होंने सर्वे बेहतर दिखाने के नाम पर किसानों से सौदेबाजी करने की कोशिश की। कई मामलों में यह कामयाबी हुए और कुछ में शिकायत होने पर कृषि विभाग का ध्यान गया। जांच में एक किसान ने बताया कि उनसे कंपनी के नुमाइंदों की 70000 में बात हुई है। इसके लिए कंपनी के नुमाइंदों ने 15000 रुपए ले लिए। हालांकि जांच रिपोर्ट में इस किसान का हवाला नहीं है, लेकिन खुड्डन गांव के किसान ने सर्वे के नाम पर 35000 रुपए की मांग किए जाने की बात कही है। जांच टीम ने एक गांव के 10 लोगों से बातचीत की, जिसमें 4 लोगों से पेटीएम के माध्यम से पैसा लिया गया।

फर्जी कृषि अधिकारी बनकर भी किसानों को ठगा

जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ कि सर्वेयर के रूप में काम करने वाले कंपनी के नुमाइंदों ने फर्जी कृषि अधिकारी बनकर भी किसानों को ठगा है। पहले से नियम यह है कि किसी भी सर्वे में बीमा कंपनी के नुमाइंदों के साथ-साथ उस क्षेत्र का ब्लॉक कृषि अधिकारी भी साथ रहेगा। एक मामले में जब किसान ने ब्लॉक कृषि अधिकारी के बारे में जानकारी जुट आनी चाहिए तब सर्वेयर ने अपने साथ मौजूद एक व्यक्ति को ही कृषि अधिकारी के रूप में दिखाया।

कृषि मंत्री से शिकायत के बाद शहर थाना पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों के साथ हुए इस अन्याय के बाद जांच करवाई गई। उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शहर थाने में शिकायत दी, लेकिन वहां से बेरी व साल्हावास क्षेत्र में जाने का सुझाव दिया। डीसी से भी शिकायत की। इसके बावजूद कोई संतोषजनक जवाब थाने से नहीं मिला। 2 दिनों से उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई। जब मामला कृषि मंत्री तक पहुंच तो मंगलवार को शहर थाने में शिकायत दर्ज की गई।

बाजरे की फसल खराब होने पर मिलते हैं 16 हजार

विभागीय सूत्रों के मुताबिक बाजरे की फसल खराब होने पर किसानों को 16000 रुपए मिलते हैं, जबकि कपास के मामले में यह राशि करीब 35 हजार के आसपास है। ऐसे में सर्वे करने वालों ने उनसे मोटी रकम की मांग की। वहीं दूसरी ओर, किसान भी इस लालच में पड़ गए कि शायद सर्वेयर को कुछ पैसा देने के बाद उनको उनकी फसल का अधिक से अधिक पैसा मिल सकता है।

Sunday, August 23, 2020

August 23, 2020

मुफ्त में सब्जी लेने वाले पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, वीडियो वायरल हुआ था

मुफ्त में सब्जी लेने वाले पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, वीडियो वायरल हुआ था

पिछले कुछ समय से झज्जर रोड पर मंडी के आसपास लगती दुकानों से पुलिसकर्मी  मुफ्त में सब्जी ले रहे थे। रुपये मांगने पर दुकानदार को धमका देते थे। जब शुक्रवार को दो पुलिसकर्मी सब्जी लेने लगे तो किसी जागरूक व्यक्ति ने उनकी करतूत कैमरे में कैद कर ली।

बहादुरगढ़ : झज्जर रोड पर विक्रेताओं से मुफ्त सब्जियां लेने के मामले में दोनों पुलिस कर्मियों  के खिलाफ अधिकारियों ने एक्शन लिया है। दोनों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसी के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच  भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने ये साफ कहा है कि दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
दरअसल, कोरोना के चलते मुख्य सब्जी मंडी बंद हो गई थी। मंडी बंद होने के बाद जगह-जगह सब्जियों की बिक्री शुरू हो गई। झज्जर रोड पर भी मंडी के सामने सब्जियाें की रेहड़ी-दुकानें लगती हैं। पिछले कुछ समय से झज्जर रोड पर मंडी के आसपास लगती दुकानों से पुलिसकर्मी मुफ्त में सब्जी ले रहे थे। रुपये मांगने पर दुकानदार को धमका देते थे। अवैध तरीके से बैठे होने के कारण सब्जी वाले भी ज्यादा विरोध नहीं कर पाते थे। कई दिनों से पुलिस कर्मियों का मुफ्त में सब्जी लेने का सिलसिला जारी था। जब शुक्रवार को दो पुलिसकर्मी सब्जी लेने लगे तो किसी जागरूक व्यक्ति ने उनकी करतूत कैमरे में कैद कर ली।
यह वीडियो फुटेज बेहद तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुई। शनिवार को समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई तो विभाग भी हरकत में आया। मामला सेक्टर-6 थाना क्षेत्र का था। दोनों पुलिस कर्मियों की पहचान हो गई। मामले में संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने इन दोनों पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। उधर, सेक्टर-6 थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि दोनों को लाइन हाजिर करने के साथ-साथ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

Thursday, August 20, 2020

August 20, 2020

अपराध:भ्रूण लिंग जांच के लिए स्टाफ नर्स लाती थी ग्राहक, गाजियाबाद ले जाने वाला पूर्व एंबुलेंस कर्मी काबू

अपराध:भ्रूण लिंग जांच के लिए स्टाफ नर्स लाती थी ग्राहक, गाजियाबाद ले जाने वाला पूर्व एंबुलेंस कर्मी काबू

70 हजार में हुआ था भ्रूण लिंग जांच का साैदा, फर्जी ग्राहक भेज दलाल काे किया गिरफ्तार, 6 पर केस दर्ज, 15 अगस्त काे शक हाेने पर रेड हुई कैंसिल, 70 हजार का लालच दे फिर बिछाया जाल

झज्जर : स्वास्थ्य विभाग झज्जर की टीम ने भ्रूण लिंग जांच के मामले में अपने ही विभाग के लाेगाें पर शिकंजा कसने का काम किया है। जो पिछले लंबे समय से गैर कानूनी भ्रूण लिंग जांच के मामले में संलिप्त थे और कानूनी शिकंजे से बच निकलते थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खुलासा किया है कि भ्रूण लिंग जांच के गैर कानूनी काम में सिविल अस्पताल झज्जर के पूर्व एंबुलेंस कर्मचारी सुमित कादयान जाे दलाल की भूमिका में था उसे गिरफ्तार कर लिया।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में तैनात दाे स्टाफ नर्स व दूसरी महिला कर्मचारी मददगार बने थे। जिसमें कई लोगों की एक चेन बनी हुई है। मंगलवार रात भर चली दबिश में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर अचल त्रिपाठी की टीम ने मास्टरमाइंड रहे बेरी के वजीरपुर निवासी सुमित कादयान को रंगे हाथों दबोच लिया। सुमित 3 वर्ष पूर्व सिविल अस्पताल में एंबुलेंस चलाता था। यह सिविल अस्पताल की नर्सों व दूसरे स्टाफ से मिला हुआ था जो उनके लिए भ्रूण लिंग जांच के लिए ग्राहक लाकर देती थी।
इसी जांच के दायरे में अब सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात स्टाफ नर्स का भी नाम सामने आया है, जो गायनी विभाग में भी समय समय पर तैनात रहती थी। सिविल सर्जन कार्यालय के नीचे सेक्टर 6 के पॉलीक्लिनिक में तैनात एक स्टाफ नर्स की भूमिका का भी पता चला है। एक अन्य स्थान पर तैनात अर्बन हेल्थ मिशन के तहत काम करने वाली महिला भी संलिप्त है।
डॉ. अचल त्रिपाठी
ने बताया कि फर्जी ग्राहक के रूप में एक महिला की मदद से यह पूरा रैकेट पकड़ा है। जिसमें झज्जर जिले से और खास तौर पर स्वास्थ्य विभाग के ही छह के करीब कर्मचारी शामिल पाए गए हैं। इन लोगों का एक पूरा गिरोह बना हुआ था जो दूसरे राज्य तक फैला था। मंगलवार की रात भर चले इस विशेष अभियान में भ्रूण लिंग जांच के लिए 70 हजार रुपए लेने वाले पूर्व एंबुलेंस चालक सुमित को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 15500 रुपए की राशि भी बरामद कर ली है।
बाकी राशि किन-किन लोगों में बटी इस बात के लिए अब गहनता से जांच पड़ताल होगी। लेकिन प्राथमिक जांच में जिस प्रकार से सिविल अस्पताल व दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़ी नर्सों और दूसरी महिला कर्मचारियों का नाम सामने आया है उससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है।

आगे से आगे मिले नए-नए लोग

भ्रूण लिंग जांच का काम बड़े ही सुनियोजित तरीके से चल रहा था। यहां पर ग्राहक खोजने का काम स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मी करते थे और उसके बाद सुमित नाम का यह दलाल आगे गाजियाबाद में ग्राहक को ले जाकर भ्रूण के बारे में जानकारी उपलब्ध कराता था। जिस समय फर्जी ग्राहक को सुमित ने संपर्क कर एक निजी अस्पताल के बाहर आने के लिए कहा। और लिंग जांच के लिए मेरठ जाने की बात कही तभी स्वास्थ्य विभाग की टीम सतर्क हो गई।
आनन-फानन में एक टीम का गठन किया गया और पुलिस को सुरक्षा के लिहाज से साथ ले लिया गया। सुमित ग्राहक को गुमराह करता रहा और झज्जर से केएमपी होते हुए आगे मेरठ जाने की बजाए सीधे गाजियाबाद के विजय नगर इलाके में ले गया। यहां पर कॉलोनी में जाने के बाद उनकी गाड़ी रुक गई और यहां दो लोग स्कूटी पर मिले। जो फर्जी महिला ग्राहक को अपने साथ ले गए। कुछ दूरी पर चलने के बाद एक अन्य गाड़ी पहुंची, जिसके माध्यम से आगे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और यहां पर दो महिलाएं उनके सहयोग के लिए मौजूद थी।
बाद में फर्जी ग्राहक को अलग से छोड़ दिया गया और उसके बाद एक घर में मौजूद सिस्टम से पुरुष ने बगैर कोई बातचीत उनका भ्रूण लिंग परीक्षण किया। इसके बाद फिर से फर्जी महिला ग्राहक को उसी स्थान पर लाकर छोड़ दिया गया। जहां पर सुमित ने उसे अपनी गाड़ी से विजय नगर में छोड़ा था। दिन निकलने से पूर्व रातों रात वापस झज्जर आ गए। वापसी में सुमित ने उन्हें गांव में छोड़ने के लिए कहा और साथ ही बताया कि रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस बात की पुष्टि करने पर सुमित को पीएनडीटी टीम ने धर दबोचा और उसको पुलिस के हवाले कर दिया।

दादरी भ्रूण लिंग जांच का मास्टरमाइंड भी निशाने पर

पीएनडीटी टीम की ओर से पिछले दिनों दादरी में दबिश देकर भ्रूण लिंग जांच के मामले में एक मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया था। लेकिन अब जांच में यह बात सामने आई है कि उसी मामले से जुड़ा एक व्यक्ति भी इसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। अब शक के दायरे में आए इस युवक से भी गहनता से जांच होगी और उसको भी कानूनी दायरे में लाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की इस उपलब्धि पर टीम में शामिल डॉ. अचल, डॉ. संदीप दलाल, डॉक्टर हर्षदीप, डॉ. रवि गोदारा व अन्य कर्मचारी अनिल, संजय, अजय को सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने बधाई दी।
झज्जर, नोडल अधिकारी पीएनडीटी, डॉ. अचल त्रिपाठी ने कहा कि स्टाफ नर्स के शामिल होने के बारे में कुछ इनपुट मिल रहे थे। इसी पर पूरी योजना तैयार की गई और एक फर्जी ग्राहक के माध्यम से पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। फिलहाल पूर्व एंबुलेंस कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि इस मामले में स्टाफ नर्स सहित दूसरे लोगों पर भी कानूनी शिकंजा कस दिया गया है। स्टाफ नर्स सहित दूसरे लोगों की भूमिका के बारे में सबूत जुटा लिए हैं और अब इन पर भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
झज्जर, सिविल सर्जन , डॉक्टर संजय दहिया भ्रूण लिंग जांच के मामले में जो भी स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है। अब उम्मीद है पुलिस इस पूरे मामले में गहराई से तफ्तीश करेगी। कानूनी दायरे के तहत जो भी विभागीय कार्रवाई आरोपियों के खिलाफ बनेगी उस पर अमल किया जाएगा। विभाग इस मामले में गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। टीम ने रात भर जाग कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

Tuesday, August 11, 2020

August 11, 2020

टायर बनाने वाली जापानी कंपनी ने हरियाणा में किया विस्तार, एक साल में बनाएगी 16 लाख टायर

टायर बनाने वाली जापानी कंपनी ने हरियाणा में किया विस्तार, एक साल में बनाएगी 16 लाख टायर

टायर कंपनी योकोहामा ने कंपनी के विस्तार के लिए खर्च किये 380 करोड़ रुपये। 200 लोगों को दी नौकरी।

चण्डीगढ़ : कोरोना काल और लॉकडाउन के बाद जहां ज्यादातर उद्योग लगभग सुस्त पड गये हैं। वहीं टायर बनाने वाली जापानी कंपनी योकोहामा  ने हरियाणा में अपनी यूनिट का विस्तार कर दिया है। कंपनी ने हाल ही में अपनी यूनिट में 380 करोड़ रुपये का निवेश कर उत्तपादन को दोगुना कर दिया है। इतना ही नहीं कंपनी ने इसके साथ ही 200 लोगों को नौकरी पर रखकर रोजगार दिया है।
दरअसल, टायर बनाने वाली जापानी कंपनी योकोहामा  ने हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित अपने भारतीय संयंत्र की क्षमता का विस्तार कर दोगुना से अधिक कर लिया है। कंपनी का दावा है कि उन्होंने इसमें 380 करोड़ रुपये का निवेश कर इसका विस्तार किया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने 2014 में सात लाख टायर सालाना की क्षमता से परिचालन शुरू किया था। अतिरिक्त क्षमता के उत्पादन के लिए कंपनी ने 200 और लोगों को नौकरी दी है। इसके बाद कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 700 से अधिक हो जाएगी।

अब हर वर्ष 16 लाख टायर बनाएगी कंपनी

वहीं कंपनी ने अपना दूसरा चरण पूरा करने के बाद कार्य क्षमता को 16 लाख टायर प्रतिवर्ष कर दी है। कंपनी के भारतीय परिचालन के उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि देश में योकोहामा के टायरों की बढ़ती मांग और भविष्य के बाजार वृद्धि अनुमान को देखते हुए कंपनी ने अपने स्थानीय विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने का निर्णय किया। योकोहामा वैश्विक स्तर पर ऑडी, होंडा, मर्सडीज बेंज, मित्सुबिशी, निसान, पोर्श, सुजुकी और टोयोटा को टायरों की आपूर्ति करती है। कंपनी पर लगातार टायरों की डिमांड बढ रही है। इसी को देखते हुए कंपनी लगातार अपनी प्रॉडक्टीवीटी को बढाने के साथ ही विकास पर ध्यान दे रही है।