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Saturday, October 17, 2020

October 17, 2020

एग्जाम अलर्ट:डीएड परीक्षाएं 28 अक्टूबर से, एडमिट कार्ड 19 से बाेर्ड की वेबसाइट पर अपलोड होंगे, कार्ड पर काेराेना से बचाव की जानकारी होगी

एग्जाम अलर्ट:डीएड परीक्षाएं 28 अक्टूबर से, एडमिट कार्ड 19 से बाेर्ड की वेबसाइट पर अपलोड होंगे, कार्ड पर काेराेना से बचाव की जानकारी होगी

भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बाेर्ड 28 अक्टूबर से डीएड परीक्षाएं कराएगा। इसके लिए एडमिट कार्ड 19 से बाेर्ड की वेबसाइट पर अपलाेड होंगे। परीक्षा 23 नवंबर तक चलेगी। काेराेना के प्रति जागरूक करने के परीक्षाओं में काेराेना बचाव के नियमाें की पालना करनी हाेगी। बाेर्ड ने परीक्षाओं के एडमिट कार्ड पर काेराेना के पांच नियमाें काे विजुअल समेत अंकित किया है।
*ये नियम लिखे होंगे*
एडमिट कार्ड के सबसे उपर यह लिखा है कि अभी मास्क ही वैक्सीन है। कार्ड के निचले भाग में अवाेइड क्लाेज काॅटेक्ट। क्लीन यूअर हैंडस। खांसी व छींकते समय मुंह काे रूमाल से ढके रखें। वीयर माॅस्क। डीएड प्रथम वर्ष की परीक्षा 28 अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलेगी, जबकि डीएड द्वितीय वर्ष की परीक्षा 29 अक्टूबर से 23 नवंबर तक चलेगी। बाेर्ड सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि दाेनाें परीक्षाएं सायंकालीन सत्र दाे बजे से 5 तक करवाई जाएगी।
काेराेना काे देखते हुए परीक्षार्थियों काे सजग करने के लिए उनके एडमिट कार्ड पर काेराेना बचाव की जानकारियां दी गई हैं, जिनकी पालना करना जरूरी है। डीएड परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड साेमवार से बाेर्ड की वेबसाइट पर अपलाेड कर दिए जाएंगे

Friday, September 18, 2020

September 18, 2020

MDU कर्मचारियों ने कहा- बरोदा का उप-चुनाव करवाया गया तो हम भी इलेक्शन के लिए अड़ेंगे

रोहतक : काेविड-19 की वजह प्रदेश में सभी पंजीकृत संस्थाओं के चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। लेकिन महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय  गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के पूर्व पदाधिकारी कह रहे हैं कि अगर सरकार ने बरौदा विधानसभा का चुनाव करवाया तो फिर उनकी एसोसिएशन का चुनाव भी हर हाल में करवाना पड़ेगा।
कर्मचारियों का कहना है कि जब विधानसभा का चुनाव करवाया जा सकता है तो गैर शिक्षक कर्मचारी संघ का क्यों नहीं। मालूम हो कि राज्य सरकार ने लगातार फैल रही महामारी के कारण सभी पंजीकृत संस्थाओं के चुनाव न करवाने का निर्णय लिया है। मदवि के कर्मचारी अब इसका विरोध करने लगे हैं। इनका कहना है कि प्रदेश के सभी दल बरौदा विधानसभा चुनाव की तैयारियां में लगे हुए हैं। लेकिन दूसरी ओर राज्य सरकार संस्थाओं के चुनाव करवाने में असमर्थता जाहिर कर रही है। कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश में केवल महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय गैर शिक्षक संघ ऐसी यूनियन है, जो विधानसभा से स्वीकृत है। कोविड-19 के दौरान अगर विधानसभा के चुनाव करवाए जा रहे हैं तो मदवि गैर शिक्षक संघ के चुनाव पर सरकार को बिल्कुल भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। 

*संविधान में हर साल चुनाव करने का प्रावधान*

संघ के संविधान में प्रत्येक वर्ष चुनाव करवाए जाने का प्रावधान है। इसलिए सरकार चुनाव को स्थगित नहीं कर सकती है। विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्था है। इसलिए राज्य सरकार के सभी नियम लागू नहीं होते हैं। अगर बरौदा विधानसभा का चुनाव करवाया गया तो हम चुनाव करवाने के लिए कहेंगे। - सुरेश कौशिक, महा सचिव महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक

तो हम भी हर हाल में गैर शिक्षक संघ का चुनाव करवाएंगे

बरौदा विधानसभा का उप चुनाव अगर सरकार ने करवाया तो हम भी हर हाल में गैर शिक्षक संघ का चुनाव करवाएंगे। क्योंकि यह हमारा अधिकार है। ऐसा नहीं हो सकता है कि सरकार चाहे वह चुनाव करवाए जाएं। और न चाहे वह इलेक्शन न हो।- फूल कुमार बोहत, पूर्व प्रधान महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक

बरौदा हलके में नहीं कोरोना

गैर शिक्षक कर्मचारी संघ का गठन हरियाणा विधानसभा की संस्तुति के आधार हुआ है। इसलिए सरकार बरौदा उप चुनाव करवा सकती है तो मदवि कर्मचारी एसोसिएशन क्यों नहीं। कोरोना का प्रकोप क्या बरौदा हलके में नहीं है। सुमेर सिंह अहलावत, पूर्व प्रधान, मदवि रोहतक

वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 31 अक्टूबर को हो रहा पूरा

फुल कुमार गुट से पूर्व प्रधान रणधीर सिंह कटारिया, कुलवंत मलिक से राजकुमार शर्मा और एसडीओ निरंजन उर्फ निन्नी चुनाव लड़ेंगे। वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 31 अक्टूबर को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में चुनाव उससे पहले करवाने अनिवार्य हैं। लेकिन यह तभी सम्भव है, जब कोविड-19 को लेकर स्थिति सामान्य रहती है। अगर महामारी बढ़ती है तो चुनाव स्थगित भी किया जा सकता है। लेकिन वर्तमान कार्यकारिणी काम नहीं करेगी। वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने के बाद संघ की आगामी गतिविधियां चलाने के लिए एक कमेटी का गठन पूर्व प्रधान करते हैं।

ऐसे समझें मामले को

गत 17 अगस्त को जाट सभा की वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल संपन्न हो गया। इससे पूर्व सभा ने चुनाव प्रक्रिया शुरू करवाने की अनुमति जिला प्रशासन से मांगी। काफी दिनों तक प्रशासन ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। इसके बाद जिला साेसायटी रजिस्ट्रार की तरफ से गत 27 अगस्त को जाट सभा को पत्र भेजा। जिसमें बताया गया कि कोविड-19 की वजह से जाट सभा का चुनाव नहीं करवाया जा सकता है। और बताया गया कि सभा अपना प्रशासनिक कामकाज करने के लिए तदर्थ कमेटी का गठन करे। 

संघ ने की बैठक

सरकार द्वारा चुनाव स्थगित करने की जानकारी बृहस्पतिवार को जब संघ की वर्तमान कार्यकारिणी को मिली तो दोपहर को बैठक का आयोजन किया गया। इसमें संघ ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से मांग की है कि 31 अक्टूबर तक नई कार्यकारिणी के चुनाव करवाएं जाएं। क्योंकि संघ के संविधान में इस प्रकार की व्यवस्था की गई है। प्रधान कुलवंत मलिक ने मीटिंग में कहा कि हम तय समय पर ही चुनाव करवाने के पक्ष में हैं।
September 18, 2020

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने आंसर शीट अपलोड करने के लिए विद्यार्थियों को दिए तकनीकी विकल्प

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने आंसर शीट अपलोड करने के लिए विद्यार्थियों को दिए तकनीकी विकल्प

कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय  द्वारा नियमित, दूरवर्ती पाठ्यक्रमों तथा प्राइवेट विद्यार्थियों  की स्नातक/ स्नातकोत्तर/इंजीनियरिंग/बी.एड. की सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं 10 सितम्बर से शांतिपूर्ण व सुचारु रूप से चल रही हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा  में कोई भी परेशानी ना हो इस बात के लिए कुलपति डॉक्टर नीता खन्ना तत्परता से परीक्षा संबंधी फैसले ले रही है।
इस बारे जानकारी देते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि कुलपति के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय द्वारा सभी कक्षाओं की डेटशीट व विद्यार्थियों के अनुक्रमांक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एक ऐसा विश्वविद्यालय है जोकि इंटर-मीडिएट सेमेस्टर, प्राइवेट व दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय की वार्षिक परीक्षाएं सुचारु व शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न करवा रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के हितों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए ही उक्त परीक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

Sunday, September 13, 2020

September 13, 2020

शिक्षा:स्कूल खाेलने के लिए अभिभावकों की राय जान रहे संचालक, ऑड-ईवन दिनों में कक्षाएं लगाने की योजना

शिक्षा:स्कूल खाेलने के लिए अभिभावकों की राय जान रहे संचालक, ऑड-ईवन दिनों में कक्षाएं लगाने की योजना

केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों काे खाेलने के दिए हैं निर्देश

अम्बाला : 18 मार्च से स्कूल बंद हाेने के बाद बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन कुछ स्टूडेंट्स व अभिभावकाें के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई के फायदे हाेने की बजाय नुकसान अधिक हैं। ऐसे में 10वीं व 12वीं के बच्चाें के भविष्य काे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के स्कूलाें काे खाेलने के निर्देश दिए हैं। लेकिन स्कूल संचालक सबसे पहले अभिभावकाें व बच्चाें की स्कूल आने काे लेकर इच्छा जानना चाहते हैं। ऐसे में स्कूलाें की तरफ से पेरेंट्स के लिए कंसर्न फाॅर्म भेजे जा रहे हैं जिसमें अभिभावकाें की राय मांगी गई है। वैसे स्कूलाें ने बच्चाें की सेहत की सुरक्षा के लिए अपने बंदाेबस्त करने शुरू कर दिए हैं। सेनिटाइजेशन से लेकर साेशल डिस्टेंसिंग तक के प्रबंध किए जा रहे हैं।

पैडल सेनिटाइजर व सेंसर टैप लगाएंगे

स्कूल खुलने के बाद एक कक्षा में 12 बच्चाें काे ही बिठाया जाएगा। बच्चाें की क्लास ऑड-इवन दिनाें के हिसाब से लगेगी, यानि एक दिन छाेड़कर। स्कूल की एंट्री पर फिजिकली डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाएगा। सभी काेरिडाेर में पैडल सेनिटाइजर, वाॅटर टैप व बाथरूम में सेंसर वाले टैप लगवाए जा रहे हैं। टीचर्स व बच्चाें के परिवार की हिस्ट्री नाेट की जाएगी। अभी सिर्फ स्टडी पर ध्यान दिया जाएगा किसी भी तरह की अन्य गतिविधियां नहीं कराई जाएंगी। इसके साथ बच्चाें काे याेग जरूर करवाया जाएगा। -नीलइंद्रजीत संधु, दि एसडी विद्या मंदिर स्कूल की प्रिंसिपल व डायरेक्टर

जानना चाहते हैं राय

ओपीएस स्कूल प्रिंसिपल नीलम शर्मा ने बताया कि स्टूडेंट्स से फाॅर्म भरवाया जा रहा है। पेरेंट्स की राय जानी जाएगी। अभी बच्चाें काे डाउट क्लियर के लिए बुलाया जाएगा। एंट्री व एग्जिट के अलग-अलग गेट लगाए जाएंगे। साेशल डिस्टेंसिंग के लिए 6 फीट की दूरी का ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही माइंड ट्री, आईपीएस, सीसी काॅन्वेंट ऑफ सेकर्ड हार्ट आदि स्कूलाें में बच्चाें व अभिभावकाें की राय काे जानने के बाद निर्णय लिए जाएंगे।

एंट्री-एग्जिट अलग

स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल के चेयरमैन नरेश गुगलानी ने बताया कि पेरेंट्स की राय मांगी जा रही है। बच्चाें के स्कूल के अंदर आने व बाहर जाने वाले रास्ताें काे अलग-अलग किया गया है। बच्चाें काे अलग-अलग बिठाने की व्यवस्था की जा रही है। बाॅर्डिंग के बच्चाें काे अभी नहीं बुलाया जाएगा। बच्चाें के लिए अलग-अलग बाथरूम की व्यवस्था की जाएगी। स्कूल में सेनिटाइजेशन करवाई जा रही है।

Thursday, September 10, 2020

September 10, 2020

प्रदेश में यूजी-पीजी फाइनल ईयर की परीक्षाएं शुरू, परीक्षार्थी ने उत्तरपुस्तिका के पेज पर मोबाइल नंबर लिखा तो अनफेयर मिन्स केस बनेगा

प्रदेश में यूजी-पीजी फाइनल ईयर की परीक्षाएं शुरू, परीक्षार्थी ने उत्तरपुस्तिका के पेज पर मोबाइल नंबर लिखा तो अनफेयर मिन्स केस बनेगा

अम्बाला : हरियाणा सरकार ने कोरोना के बीच विद्यार्थियों को दिया था ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह परीक्षा देने का मौका फाइनल ईयर के साथ-साथ रिअपीयर की भी हो रही है परीक्षा

हरियाणा में बुधवार से कॉलेजों में यूजी-पीजी अंतिम वर्ष रेगुलर और रिअपीयर की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। परीक्षा देने के लिए ज्यादातर विद्यार्थियों ने ऑनलाइन मोड ही चुना है। दिन में दो शिफ्ट में होने वाली परीक्षा में पहली बार कोरोना की वजह से ऑनलाइन तरीके से ली जा रही है। ऐसे में परीक्षा देने विद्यार्थियों पर ऑनलाइन तरीके से ही नजर रखी जाएगी। ऑनलाइन परीक्षा काे लेकर कई नियम जारी किए गए हैं।
इनमें यह भी कहा गया है कि उत्तरपुस्तिका के किसी भी पेज पर विद्यार्थी अपना या किसी और का मोबाइल नंबर नहीं लिखेगा। अगर नंबर लिखता है ताे यूएमसी अनफेयर मिन्स केस समझा जाएगा। कॅालेज में सितंबर से अक्टूबर के बीच अंडर ग्रेजुएट छठे समेस्टर, पीजी चौथे समेस्टर की वार्षिक परीक्षाएं हाेनी है, जबकि अंडर ग्रेजुएट में दूसरे और चाैथे समेस्टर और पीजी के दूसरे समेस्टर की रिअपीयर परीक्षाएं हाेनी हैं। 10 सितंबर गुरुवार से परीक्षाएं शुरू हाे गई हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे ऑनलाइन माेड से परीक्षा देंगे।

Wednesday, September 9, 2020

September 09, 2020

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, संपर्क में आए लोगों से चेकअप कराने का आग्रह

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, संपर्क में आए लोगों से चेकअप कराने का आग्रह

यमुनानगर : हरियाणा में कोरोना की महामारी आए दिन भयावह हो रही है। इसी बीच बुधवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर को भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने खुद को क्वारैंटाइन कर लिया है। ट्वीट के जरिये सेल्फ क्वारैंटाइन की जानकारी देते हुए गुर्जर ने अपने संपर्क में आ चुके लोगों को कोविड-19 जांच कराने की सलाह दी है। ध्यान रहे, हाल ही में चार दिन पहले गुर्जर ने हिसार जिले में कई कार्यक्रमों में शिरकत की थी। उधर, पहले उनके बेटे को भी संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर मंगलवार को ही टेस्ट करवाया था। बुधवार सुबह टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्होंने खुद को क्वारैंटाइन कर लिया है। गुर्जर ने खुद अपने ट्वीटर हैंडलर पर यह जानकारी सांझा की है। साथ ही उन्होंने अपने संपर्क में आए लोगों से आग्रह किया है कि वो खुद का टेस्ट करवाएं और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए आइसोलेट हो जाएं।
दरअसल, कंवरपाल गुर्जर के बेटे को कई दिन पहले कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कंवरपाल विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। पिछले दिनों कंवरपाल रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी और हिसार जिलों में कार्यक्रमों व्यस्त रहे। यहां उन्होंने शिक्षक सम्मान समारोह के अलावा और भी कई कार्यक्रमों में भाग लिया है। हिसार में ही स्कूल में शिलान्यास समारोह के अलावा चार कार्यक्रमों में उन्होंने शिरकत की थी। ऐसे में वह कोरोना के वाहक बन सकते हैं
September 09, 2020

शिक्षा विभाग ने भेजे प्रदेश के 119 मुख्याध्यापकों को नोटिस , क्यों न उन्हें मूल पदों पर भेजे

शिक्षा विभाग ने भेजे प्रदेश के 119 मुख्याध्यापकों को नोटिस , 'क्यों न उन्हें मूल पदों पर भेजें'

नारनौल : एक तरफ जहां शिक्षा विभाग  अध्यापकों को पदोन्नति के तोहफे डे रहा है वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के 119 मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों पर पदावनत होने की तलवार लटक रही है। शिक्षा विभाग के 119 मुख्याध्यापकों  को 15 दिनों का कारण बताओ नोटिस (Notice) जारी करते हुए उनसे पूछा है कि क्यों न उन्हें पदावनत (रिवर्ट) करते हुए उनके मूल पदों पर वापस भेज दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा 10 फरवरी 2014 को आदेश क्रमांक 04/9 - 2013 एचआरजी-11 (1) के अनुसार प्रदेश भर में 860 मौलिक स्कूल मुख्याधापक को प्रमोशन देकर हाई स्कूलों में मुख्य अध्यापक बनाये थे। इनमें से अनेक सी एवं वी अध्यापक शामिल थे। बाद में एक सिविल रिट संख्या 2884/2014 में इस लिस्ट को अंजू कुमारी एवं अन्य बनाम हरियाणा सरकार मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय में चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता अंजू कुमारी का तर्क था कि इस लिस्ट में अनेक अध्यापक सर्विस रूल 2012 के नियमों के अनुसार योग्य नहीं है। तब न्यायालय ने इन्हें रिवर्ट करने के आदेश दे दिए थे। इसके बाद जब पदोन्नत शिक्षकों को भी कोर्ट से स्टे मिल गया था। अब हरियाणा सरकार ने इन्हें 15 दिन का नोटिस जारी करते हुए इनसे पूछा है कि क्यों न इन्हें पदावनत (रिवर्ट) कर दिया जाए।

Saturday, September 5, 2020

September 05, 2020

स्कूलों में बच्चों को जाना है या नहीं जाना है, अभिभावक करेंगे निर्धारित

स्कूलों में बच्चों को जाना है या नहीं जाना है, अभिभावक करेंगे निर्धारित

चंडीगढ़: शिक्षा विभाग हरियाणा ने कोरोना का कारण पिछले करीब छह माह से बंद पढ़ाई को फिर से शुरू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन इसका फैसला अब गांव और बच्चों के अभिभावकों को ही करना है कि स्कूल में पढ़ाई शुरू कराई जाए या नहीं। शिक्षा निदेशालय की ओर से अब सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इसके जरिए कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन समिति अपने यहां बैठकों का आयोजन करेंगी। इनमें अभिभावकों से लिखित में राय लेगी कि क्या वे स्कूल खोलने के लिए स्कूल भेजने के पक्ष में हैं।

यदि 60 फीसदी अभिभावक स्कूल खोलने को लेकर हां करेंगे तो यह पूरा ब्यौरा एसएमसी यानी स्कूल प्रबंधन समिति के रिकार्ड में दर्ज करना होगा। अभिभावकों की इस राय को समिति रेजुलेशन पास कर अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में सरकार के पास भेजेगी कि उनके स्कूल में पढ़ाई शुरू कर दी जाए। संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर में प्रदेश में पहले 9वीं से 12वीं कक्षा तक के 3500 स्कूलों में पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।
शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि पहले नौंवी से 12वीं कक्षा तक स्कूल खोले जाएंगे। इसके बाद ही अन्य कक्षाओं में पढ़ाई शुरू होगी। केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा।

समिति को सितंबर में बैठक कर यह राय लेनी है कि स्कूल को खोला जाए या नहीं। समिति अपना रेजुलेशन पास कर सरकार के पास अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में भेजेगी कि उनके यहां के स्कूल को खोल दिया जाए। यानी उसी गांव का स्कूल पढ़ाई के लिए खोला जाएगा, जिस गांव में 60 फीसदी अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में होंगे।
प्रदेश में करीब 3500 स्कूल ऐसे हैं जिनमें 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। चूंकि इनमें बोर्ड की कक्षा भी हैं, इस कारण पढ़ाई भी जरूरी है। लेकिन इसके लिए अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। यही नहीं इस सहमति को भी एसएमसी को अपने रिकार्ड में दर्ज करना होगा।
यदि विद्यार्थी अपने स्कूलों में टीचर्स से परामर्श या मार्गदर्शन के लिए आएंगे तो इसके लिए उनके अभिभावकों की ओर से अनुमति देनी जरूरी होगी। कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों में ही विद्यार्थी परामर्श के लिए टीचर के पास स्कूलों में आ सकेंगे। 21 सितंबर से नौंवी व 12वीं कक्षा के विद्यार्थी ही परामर्श के लिए स्कूलों में जा सकेंगे, लेकिन नियमों का पालन करना होगा।

दोनों ही स्कूलों से विद्यार्थियों, अभिभावकों व टीचर्स के शूट किए गए वीडियो को सभी स्कूलों के विद्यार्थियों के पास भेजा जाएगा। वीडियो भेजने का सबसे बड़ा कारण यह है कि इसे अभिभावक व विद्यार्थी आसानी से समझ लेते हैं और जब स्कूल आएंगे तो इन्हीं नियमों का पालन करना होगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूल पढ़ाई के लिए खोला जाता है तो इसके लिए सभी विद्यार्थियों को वीडियो के जरिए सभी तरह की जानकारी दी जाएगी। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग, स्कूल में आना और जाना, कैसे स्कूल में रहना है। 12वीं के विद्यार्थियों के लिए करनाल के निगदू कस्बे का राजकीय सीसे स्कूल चुना गया है, जबकि 10वीं कक्षा के लिए सोनीपत के बजीदपुर गांव के राजकीय उच्च विद्यालय का चयन गया है। वीडियो शूट के लिए स्कूल में 3 दिन तीन-तीन घंटे के लिए विद्यार्थी बुलाए जाएंगे।

Sunday, August 23, 2020

August 23, 2020

री-वैल्यूएशन से बढ़े छह अंक तो रोहतक की टॉपर को पछाड़ मोखरा की आकृति बनी जिले में टॉप

री-वैल्यूएशन से बढ़े छह अंक तो रोहतक की टॉपर को पछाड़ मोखरा की आकृति बनी जिले में टॉप

रोहतक : हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा के आए परिणाम में सेकेंड  पॉजीशन पर आने वाली आकृति अब जिले की टॉपर होगी। जबकि हरियाणा में अब इस छात्रा का तीसरा स्थान होगा।

रोहतक/महम : हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा के आए परिणाम में सेकेंड पॉजीशन पर आने वाली आकृति अब जिले की टॉपर  होगी। जबकि हरियाणा में अब इस छात्रा का तीसरा स्थान होगा। मोखरा खास निवासी आकृति पुत्री नरेंद्र चौधरी ने बोर्ड में री-वैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया था।
जिसके बाद दौबारा से हुई चेकिंग  में बोर्ड द्वारा छात्रा के 6 अंकों की बढ़ौतरी की है। अब छात्रा के 500 में से 496 अंक हो गए हैं, जबकी 493 अंक पाने वाली छात्रा को रोहतक जिले की टॉपर मानी गई थी।
जज बनना चाहती है आकृति
छात्रा आकृति ने बताया कि वह जज बनना चाहती है। जज बनने का सपना उसने सातवीं कक्षा में पढ़ते समय ही देखा था। छात्रा के पिता नरेंद्र चौधरी जो पेशे से डाक्टर हैं तथा गांव में ही अपना क्लीनिक चलाते हैं।
पिता कहना है कि उनकी बेटी ने जो सपना देखा है उसको वह जरूर हासिल करेगी। उस पर हमें पूरा भरोसा है। मां अंजू रानी का कहना है कि हालांकि बेटी ज्यादा समय पढ़ाई नहीं करती, लेकिन जब भी पढ़ने बैठती है मन लगाकर पढ़ती है।
छात्रा ने अब बीए एलएलबी की पढ़ाई करने के लिए अप्लाई कर दिया है। छात्रा ने 12वीं तक की पढ़ाई आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल बसाना से की है। छात्रा की इस उपलब्धि पर स्कूल संचालक व परिजनों ने खुशी जताते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
August 23, 2020

कॉलेजों के फर्स्ट व सेकंड ईयर के विद्यार्थी 28 तक होंगे प्रमोट, इस साल नहीं होगी फीस में बढ़ोतरी

उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में पढ़ रहे फस्ट व सेकंड ईयर के हजारों विद्यार्थियों को 28 अगस्त तक प्रमोट कर एमआईएस पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए यूनिवर्सिटी को निर्देश जारी कर दिए गए है। 28 अगस्त से पहले यूनिवर्सिटी फस्ट व सेकंड ईयर के विद्यार्थी प्रमोट कर सकती है, जो विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में आंतरिक मूल्यांकन व असाइनमेंट के अंकों के 50 प्रतिशत वेटेज और पिछली परीक्षाओं में अंकों के 50 प्रतिशत वेटेज के साथ प्रमोट किया गया है।

हालांकि छात्रों के पास राज्य में सामान्य स्थिति होने के बाद शारीरिक परीक्षा के आधार पर ग्रेड में सुधार के लिए परीक्षाओं का विकल्प होगा। ऐसा ही घर बैठे ओपन से पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए भी यही फॉर्मूला लागू होगा। विभाग जल्द ही कॉलेजों को विद्यार्थियों की फीस को लेकर गाइडलाइन जारी करेगा। इस साल कॉलेजों में फीस की बढ़ोतरी कोरोना के चलते नहीं होगी। पिछले साल की फीस ही सभी कॉलेजों में निर्धारित होगी।

अगस्त बीतने को है, जबकि विभाग की ओर से 15 दिन पहले विद्यार्थियों को प्रमोट करने की प्रकिया शुरू की गई थी। जिसके बाद कॉलेजों से पिछले 3 साल का रजिस्ट्रेशन रिटर्न विभाग की ओर से मांगा गया था। विद्यार्थियों को प्रमोट करने के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही विद्यार्थियों की नए सत्र की ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर दिशा निर्देश जारी करने चाहिए। जिससे घर बैठे प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों की कक्षाएं घरों में ऑनलाइन सुचारू रूप से शुरु हो सके। कॉलेजों में आ रहे स्टाफ का विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा में सहायता ले कर सके।

फाइनल ईयर के विद्यार्थी परीक्षाओं को लेकर रहे तैयार

फाइनल ईयर की परीक्षाएं होंगी, इसके लिए विद्यार्थी तैयार रहे। यूनिवर्सिटी जल्द ही परीक्षाओं को लेकर करेगा अधिसूचना जारी करेगा, क्योंकि उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से आदेश में कहा गया है कि यदि कोई विश्वविद्यालय चाहता है तो वह ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कर सकता है। परीक्षाएं ऑफलाइन या ऑनलाइन आयोजित की जा सकती है। फाइनल ईयर की परीक्षाओं को लेकर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी मंथन कर चुका है। जल्द ही यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी की जाएगी।

Friday, August 21, 2020

August 21, 2020

फीडबैक:क्या अपने बच्चे को सितम्बर 2020 से स्कूल भेजना चाहते हैं?

फीडबैक:क्या अपने बच्चे को सितम्बर 2020 से स्कूल भेजना चाहते हैं?

स्कूल खोलने के लिए शिक्षा विभाग 10वीं व 12वीं के स्टूडेंट्स के पेरेंट्स से ऑनलाइन जान रहा राय, स्टूडेंट का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर पेरेंट दे सकेंगे जवाब

चंडीगढ़ : कोरोना संक्रमण के चलते मार्च माह से सभी शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं बंद हैं। इसके बाद अभी तक स्कूल व कॉलेजों में कक्षाएं लगाने की अनुमति नहीं मिल पाई है। इसी कड़ी में अब सरकार द्वारा स्कूल खोलने की तरफ तैयारियां शुरू की जा रही है। स्कूल खोलने को लेकर जहां शिक्षा विभाग ने पहले अभिभावकों व शिक्षकों की राय ली थी, वहीं अब एक बार फिर से विभाग ने सितंबर माह में बच्चों को स्कूल में बुलाने के लिए अभिभावकों की राय जानने के लिए पर्पोजल बनाया है। इस बार 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के अभिभावकों से कुछ प्रश्नों के उत्तर लेकर स्कूल खोलने के लिए राय ली जा रही है।
शिक्षा विभाग ने गूगल लिंक के जरिये अभिभावकों के लिए एक प्रश्नावली तैयार की गई है जिसे 10वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के अभिभावक ही लॉगइन कर सकते है। अभिभावकों को अपने बच्चे के एसआरएन नंबर द्वारा लॉगइन कर कुछ प्रश्नों के उत्तर देने हैं। जिसके नतीजों के आधार पर सितंबर माह से 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाए जाने का फैसला किया जा सकता है।
अभिभावकों से पूछे गए ये प्रश्न

*विद्यार्थी का नाम लिखें*

*विद्यार्थी के पिता का नाम लिखें*

*विद्यार्थी का स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन नंबर लिखें*

*10 अंक का अपना मोबाइल नंबर लिखें*

*अपना जिला चुनें*

*खंड का नाम लिखें*

*विद्यार्थी के स्कूल का नाम लिखें*

*विद्यार्थी की कक्षा पर टिक करें*

*क्या आप चाहते कि सितम्बर 2020 से 10वीं व 12वीं बोर्ड कक्षाओं के लिए विद्यालय खोल देने चाहिए?*

क्या अपने बच्चे को सितम्बर 2020 से स्कूल भेजना चाहते हैं?

क्या आपके परिवार में किसी सदस्य की कोरोना की जांच हुई है?

क्या आपके परिवार में कोई कोरोना पॉजिटिव हुआ है।

लॉगइन कर अभिभावक दे सकते हैं फीडबैकइस
फीडबैक में केवल 10वीं व 12वीं कक्षा से जुड़े विद्यार्थियों के अभिभावक ही जवाब दे सकते हैं जिससे वे अपने बच्चों को भविष्य खुद तय कर सकेंगे। सरकार द्वारा सितंबर माह में फिलहाल केवल 10वीं व 12वीं बोर्ड कक्षाओं को खोलने पर ही विचार किया जा रहा है, ताकि इस सत्र में एहतियात बरतते हुए पढ़ाई को भी समुचित जारी रखा जा सके।

Monday, August 17, 2020

August 17, 2020

NEET और JEE परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?

NEET और JEE परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?

चंडीगढ़ : NEET और JEE परीक्षा रोकने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है। कोरोना के मद्देनजर IIT-JEE और NEET परीक्षा स्थगित करने की मांग वाली याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका में कोरोना के मद्देनजर परीक्षा टालने की मांग की गई थी।

JEE (मेन) की परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच और NEET परीक्षा 13 सितंबर को होनी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या देश में सब कुछ रोक दिया जाए? एक कीमती साल को यूं ही बर्बाद हो जाने दिया जाए? याचिकाकर्ता के वकील ने स्वास्थ्य को खतरे का हवाला दिया। लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज की और कहा, सुनवाई की ज़रूरत नहीं समझते।

11 छात्रों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया था कि JEE (मेन) की परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच और NEET 13 सितंबर को करवाने की घोषणा की गई है। लेकिन अभी हालात सामान्य नहीं हैं। कोर्ट देश में कोरोना की स्थिति सुधरने तक परीक्षा का आयोजन न करने का आदेश दे।
बता दें कि देश भर में 15 लाख से अधिक छात्रों ने नीट परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। यह परीक्षा भारत के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश पाने का रास्ता है। वहीं नौ लाख से अधिक छात्रों ने जेईई-मेंस परीक्षा के लिए आवेदन किया है जिसके जरिये भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी)को छोड़कर देश के अन्य सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश होता है।

Saturday, August 15, 2020

August 15, 2020

ISO ने आखिर क्यों रख दी पीयू के सामने फीस वापिस करने की डिमांड

ISO ने आखिर क्यों रख दी पीयू के सामने फीस वापिस करने की डिमांड

इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई आईएसओ राष्ट्रीय महासचिव रमन ढाका  ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी कोविड वार रूम बनाने के फैसले पर पत्र लिख कर कड़ा एतराज जताया है।

चंडीगढ़ : इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई आईएसओ राष्ट्रीय महासचिव रमन ढाका ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी कोविड वार रूम बनाने के फैसले पर पत्र लिख कर कड़ा एतराज जताया है।
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ यह बहुत बड़ा अन्याय है। छात्रों के समान अभी भी उनके कमरों में रखे हुए हैं जो की लोकडाउन के चलते अपने साथ घर नहीं ले जा सके थे। साथ ही कई छात्रों की किताबें और रिसर्च वर्क से संबधित महत्वपूर्ण दस्तावेज के साथ उनके गैजेटस भी अभी तक उनके कमरों में रखे हैं अगर उनको नुक्सान हुआ तो इसका जिम्मेवार कौन होगा।
ढाका ने लिखा की सभी छात्रों नें अपनी हास्टल की पूरी फीस जमा करा रखी है क्या यूनिवर्सिटी यह फीस वापिस करेगी साथ ही छात्रों को सबसे बड़ा खतरा कोविड वायरस से है जो की अगर मरीजों को वहां रखा गया तो बाद में आने वाले छात्रों तक पहुंच सकता है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।

Sunday, August 2, 2020

August 02, 2020

हरियाणा में 20 किलोमीटर की परिधि में एक राजकीय महाविद्यालय खोला जाएगा

हरियाणा में 20 किलोमीटर की परिधि में एक राजकीय महाविद्यालय खोला जाएगा

चंडीगढ़। हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा है कि उच्चत्तर शिक्षा को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कड़ी प्रदेश के सभी महाविद्यालयों  की मैपिंग करवाकर इस बात का निर्णय  लिया गया कि 20 किलोमीटर की परिधि में कम से कम एक राजकीय महाविद्यालय खोला जाए, जिसके तहत 3 अगस्त को रक्षा बंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल  द्वारा एक साथ 10 नये कन्या महाविद्यालयों का शिलान्यास किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या ब 350 हो जाएगी। शिक्षा मंत्री ने इस सम्बंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 155 राजकीय महाविद्यालय, 97 राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय और 88 स्व-वित्त पोषित महाविद्यालय संचालित हैं, जबकि 10 सरकारी क्षेत्र के विश्वविद्यालय, 22 प्राइवेट विश्वविद्यालयों के अलावा दो राजकीय शिक्षण महाविद्यालय तथा 475 स्व-वित्त पोषित शिक्षण (बी.एड.) महाविद्यालय हैं। कंवर पाल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 घोषित की गई है, जिसमें स्कूल स्तर से लेकर उच्चत्तर शिक्षा, तकनीकी व व्यायसायिक शिक्षा के स्तर में आमूलचुल परिवर्तन कर इसे 21वीं सदी के वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप तैयार किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब हर राज्य को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार पाठयक्रम तैयार करने होंगे। शिक्षा मंत्री ने सभी अध्यापकों के साथ-साथ अभिभावकों से भी अपील की है कि वे नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का अध्ययन अवश्य करें क्योंकि 34 वर्षों के बाद बड़े परिवर्तन के साथ यह शिक्षा नीति आई है।

Friday, July 10, 2020

July 10, 2020

9वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक पढऩे वाले पाठ्यक्रम को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए घटाया जाएगा : कंवर पाल

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबंद्घ स्कूलों की 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक पढऩे वाले विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव कम करने के लिए पाठ्यक्रम को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए घटाया जाएगा
चंडीगढ़, 9 जुलाई- हरियाणा के शिक्षा मंत्री  कंवर पाल ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबंद्घ स्कूलों की 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक पढऩे वाले विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव कम करने के लिए पाठ्यक्रम को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए घटाया जाएगा।

*शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोविड-19 की महामारी के तहत देश व राज्य में लॉकडाऊन के कारण स्कूल भी बंद रहे हैं। इस दौरान कक्षाओं में औपचारिक शिक्षण संभव नहीं हो पाया। हालांकि राज्य सरकार ने प्रतिपूति के लिए ऑनलाइन शिक्षा देने की व्यवस्था की हुई है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव कम करने के उद्देश्य से सीबीएसई बोर्ड की तरह हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबंद्घ स्कूलों में भी शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए पाठ्यक्रम को कम किया जाना है।*

*कंवर पाल ने बताया कि पाठ्यक्रम को कम करने के लिए राज्य सरकार ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि एससीईआरटी गुरूग्राम के साथ समन्वय स्थापित करके एक कमेटी का गठन किया जाए तथा इस बारे में कार्रवाई करके एक सप्ताह के अंदर अपना प्रस्ताव पेश करे। उन्होंने बताया कि अब तक 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक ऑनलाइन जितना पाठ्यक्रम पढ़ाया गया है उसको कम किए जाने वाले पाठ्यक्रम में शामिल करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि अब तक विद्यार्थियों द्वारा पढ़ा हुआ काम आ सके।*

*शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों पर ज्यादा शैक्षणिक भार भी नहीं डालना चाहती और आवश्यक पढ़ाई को जारी रखना चाहती है, इसी कारण 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम को कम किया जाना है।*

Wednesday, July 8, 2020

July 08, 2020

उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन / स्टूडेंट्स के परीक्षा परिणाम के आंतरिक मूल्यांकन में 75% से अधिक अंक पर होगी जांच

मेरिट के लिए नहीं मिलेगा कोई मेडल या सर्टिफिकेट,जीजेयू समेत प्रदेश के 5 विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रकों ने लिया फैसला

हिसार : कोरोना के चलते प्रदेश के सभी कॉलेज व यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के पास करने का फैसला किया गया है। इसके अनुसार सभी कक्षाओं के बच्चों को प्रमोट कर खास कर फाइनल इयर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम तैयार किए जा रहे हैं।
उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग की गाइडलाइन में है कि अगर किसी यूनिवर्सिटी व कॉलेज ने आंतरिक मूल्यांकन में विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक दिए तो उसके पिछले रिकॉर्ड को देखने के साथ ही जांच कराई जा सकती है। इस परीक्षा परिणाम के आधार पर किसी को मेडल व मेरिट प्रमाण-पत्र नहीं दिया जाएगा।
उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए जो गाइडलाइन तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी वह प्रदेश की 5 मुख्य विवि के परीक्षा नियंत्रकों को सौंपी गई थी। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एमएस धनखड़ की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। जिसमें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकुम सिंह व डॉ. अंकेश्वर, एमडीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. बलजीत सिंधु, इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर के परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेश धनेरवाल, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार के परीक्षा नियंत्रक डॉ. यशपाल सिंगला शामिल थे।
जिसके अनुसार तैयार की गई गाइडलाइन विभाग को भेजी गई। जिसमें परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए उदाहरण दिए गए है। यदि किसी की री-अपीयर है और उसके अप्रैल, मई, जून में परीक्षा होनी थी तो उसका री-अपीयर का परीक्षा परिणाम भी औसत के आधार पर जारी किया जाएगा। इस तरह ही किसी की कक्षा के साल पूरे होने पर केवल री-अपीयर की परीक्षा देनी थी तो उसका परिणाम भी औसत के आधार पर जारी होगी।
ये हुई गाइडलाइन जारी
किसी काॅलेज ने आंतरिक मूल्यांकन में 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक दिए तो उसके पिछले पूरे रिकाॅर्ड की जांच कराई जाएगी। प्रथम वर्ष या सेमेस्टर वालों का केवल आंतरिक परीक्षा के आधार पर परिणाम घोषित किया जाएगा। केवल उन री-अपीयर वालों का औसत अंकों के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी होगा जो अप्रैल, मई, जून 2020 की परीक्षा देने के लिए पात्र है।
पहले री-अपीयर का परीक्षा परिणाम जारी होगा और उसको भी शामिल करते हुए मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होगा। जिस सेमेस्टर की पढ़ाई विद्यार्थी कर रहा होगा, उसका परीक्षा परिणाम घोषित करते हुए पिछले सभी सेमेस्टर का औसत निकाला जाएगा। प्रोजेक्ट, ट्रेनिंग, सेमिनार आदि के अंक यूनिवर्सिटी में संबंधित विभाग व काॅलेज देंगे। इस परीक्षा परिणाम के आधार पर किसी को मेडल व मेरिट प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।
यूजीसी द्वारा गाइडलाइन के अनुसार फाइनल ईयर के विद्यार्थियों की परीक्षा जरूरी बताई गई है। परंतु प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए अभी इस मामले पर कोई नया फैसला नहीं आया है। जीजेयू के रजिस्ट्रार प्रो. हरभजन बंसल ने बताया कि उच्चतर शिक्षा निदेशालय से अभी तक कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। जब तक निदेशालय द्वारा कोई आधिकारिक पत्र नहीं दिया जाता तब तक विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला ही माना जाएगा।

Friday, June 26, 2020

June 26, 2020

निजी स्कूलों की फीस सहित अन्य मुद्दों को लेकर स्कूल संचालकों व शिक्षामंत्री के बीच हुई बैठक

पंचकूला । लॉक डाउन के बाद लगातार निजी स्कूल संचालकों की बढ़ती परेशानियों के बीच प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए एसएलसी के बिना सरकारी स्कूलों में एडमिशन दिए जाने के आदेशों पर निजी स्कूल संचालकों के संगठनों ने शिक्षामंत्री कंवरपाल गुज्जर के सामने अपनी बात रखी। पंचकूला में आयोजित की गई बैठक में स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि लॉक डाउन के कारण स्कूल बंद हैं और फीस नहीं आ रही, ऐसे में सरकार द्वारा बिना एसएलसी के सरकारी स्कूलों में एडमिशन देने की बात करना, निजी स्कूल विरोधी फैसला है। स्कूल एसोसिशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कई निजी स्कूलों की तो अभी तक 10 प्रतिशत फीस भी नही आई और ऐसे में सरकार यह फैसला निजी स्कूल विरोधी है। बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के एसीएस डॉ. महावीर सिंह भी मौजूद रहे।

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ द्वारा मांग की गई कि लॉक डाउन के दौरान स्कूलों का सारा ट्रांसपोर्ट बंद पड़ा है इसके चलते बस की किश्ते भी माफ होनी चाहिए। बस पर जो सरकारी टैक्स लगता है उसके साथ-साथ इंश्योरेंस पर भी माफी होनी चाहिए। वहीं कूंडू ने कहा कि एमआईएस पोर्टल को भी स्कूल के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जोड़ना चाहिए। एसएलसी के दौरान एक ओटीपी जनरेट होना चाहिए। जिससे एसएलसी काटा जा सके।

फेडरेशन आॅफ प्राइवेट स्कूल एसोसिशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि लॉक डाउन के कारण निजी स्कूलों को फीस नही आ रही और स्कूल सेलरी नहीं दे पा रहे। जिसके कारण स्कूल स्टाफ व स्कूल संचालक आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। इसलिए सरकार स्कूलों में एसएलसी के बिना एडमिशन दिए जाने के आदेश गलत हैं और वह इसका जमकर विरोध करते हैं और यदि सरकार ने आदेशों को वापस नहीं लिया तो स्कूलों को संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा। 

इंट्रीग्रेटिड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सौरभ कपूर ने कहा कि सरकार कहती है कि निजी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा में बहुत ही सराहनीय काम कर रहे हैं सरकार को उनका सहयोग करना चाहिए। सौरभ ने कहा कि मान्यता मिलने के 10 साल के बाद केवल स्कूलों की समीक्षा के बारे में कहां गया था। परंतु अधिकारियों द्वारा नई मान्यता का फॉर्म भरने पर स्कूलों पर दबाव डाला जा रहा है। जो सरासर गलत है।

पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में हुई बैठक के दौरान हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू, फेडरेशन आॅफ प्राइवेट स्कूल एसोसिशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा, इंट्रीग्रेटिड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सौरभ कपूर सहित कई एसोसिएशन के नेताओं ने अपनी बात रखी। 
June 26, 2020

‘स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट’ के मुद्दे सहित अन्य मामलों पर राज्य के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ शिक्षा मंत्री कंवर पाल की आज होगी बैठक

‘स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट’ के मुद्दे सहित अन्य मामलों पर राज्य के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ शिक्षा मंत्री कंवर पाल की आज होगी बैठक

चंडीगढ़, 24 जून- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल 26 जून, 2020  को ‘स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट’ के मुद्दे सहित अन्य मामलों पर राज्य के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
         यह जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस बैठक में एक स्कूल को छोडक़र दूसरे स्कूल में दाखिला लेने वाले स्कूली बच्चों को दिए जाने वाले ‘स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट’ के बारे में मुख्य रूप से चर्चा होगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

Tuesday, June 2, 2020

June 02, 2020

ऑनलाइन जारी रहेगी बच्चों की पढ़ाई, सर्दियों की छुट्टी में भी लगेंगे स्कूल: मनोहरलाल

स्कूलों के बंद होने से हुए नुकसान की घर बैठे भरपाई की होगी कोशिश,वही परीक्षाए ली जाएंगी जो बहुत जरूरी होंगी

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चंडीगढ़। हरियाणा के स्कूलों में इस बार गर्मी की छुट्टियां होने की कम ही संभावना है। बहुत अधिक गर्मी पड़ी तो ही कुछ दिन की छुट्टियां हो सकती हैं। सरकार तो सर्दियों की छुट्टी में भी स्कूल लगाने की प्लानिंग कर रही है। लॉकडाउन की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई को यह निर्णय लिया गया है। खुद सीएम मनोहर लाल खट्टर ने इसका खुलासा किया है।
मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में सीएम से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि फिलहाल छुट्टियां करने का कोई इरादा नहीं है। अलबत्ता कोविड-19 की वजह से अभी तक स्कूलों की छुट्टियां ही चल रही हैं। मार्च और अप्रैल में लॉकडाउन के बाद सरकार ने स्कूल-कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवाई। सरकारी स्कूलों के बच्चों को टीवी चैनल के जरिये भी पढ़ाया जा रहा है।
इसी तरह से प्राइवेट स्कूलों द्वारा अलग-अलग ऑनलाइन वीडियो एप के जरिये विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। सीएम ने कहा, लॉकडाउन में ऑनलाइन पढ़ाई सिस्टम काफी कारगर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों को खोलने का फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइड लाइन के हिसाब से ही लेंगे।
केंद्र ने शिक्षकों, अभिभावकों व शिक्षाविदों से बातचीत करके पंद्रह जुलाई के बाद स्कूलों को खोलने का फैसला करने के निर्देश दिए हुए हैं।
सीएम ने कहा, लॉकडाउन की वजह से इस बार बहुत छुट्टियां हो गईं। ऐसे में विद्यार्थियों को किसी तरह का नुकसान न हो, इसके लिए गर्मी व सर्दी की छुट्टियों में भी स्कूल लगेंगे। हालांकि फिलहाल पढ़ाई ऑनलाइन ही जारी रहेगी। साफ है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को जून में भी स्कूलों में जाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, अगर बहुत अधिक गर्मी पड़ी तो छुट्टियों के बारे में सोचा जा सकता है। फिलहाल कोई विचार नहीं है।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से जिन कक्षाओं की परीक्षाएं नहीं हो पाई थीं, वे अब होंगी। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए केवल वही परीक्षाए ली जाएंगी, जो बहुत जरूरी होंगी। जहां जरूरी नहीं था, उन कक्षाओं के विद्यार्थियों को पहले ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जा चुका है।  कॉलेजों व यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं को लेकर यूनियन द्वारा किए जा रहे विरोध पर सीएम ने कहा, हायर एजुकेशन काउसिंल इसका फैसला करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस बार शिक्षा के बजट में बढ़ोतरी की। हर ब्लाक में एक संस्कृति मॉडल स्कूल खोलने का फैसला लिया है। इसी तरह से 1000 प्राइमरी स्कूलों को बैग-फ्री अंग्रेजी मीडियम स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा। ये स्कूल प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर होंगे। इनमें बच्चों के बैठने के लिए डेस्क के अलावा पढ़ाई के तौर-तरीके भी कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर होंगे।