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Tuesday, May 25, 2021

May 25, 2021

हरियाणा में लॉकडाउन में खुलेंगे शराब ठेके

हरियाणा में लॉकडाउन में खुलेंगे शराब ठेके, जानिये क्या रेट मिलेगी शराब ?

चण्डीगढ़ : हरियाणा में लॉकडाउन को 31 मई सुबह पांच बजे तक आगे बढ़ा दिया है। लेकिन इस बार काफी रियायतें सरकार की तरफ से दी गई है। एक तरफ जहां खुले स्थानों पर सभी दुकानों को खुलने की छूट दे दी है वहीं भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऑड इवन फॉर्मूले पर दुकानों को खोलने के आदेश दिये हैं।

वहीं अब ल़ॉकडाउन में काफी समय से बंद पड़े शराब ठेकों को खोलने की भी मंजूरी दे दी है। शराब के ठेकों पर अब लोगों को आसानी से शराब मिल सकेगी। इससे पहले लोगों को ब्लैक में डबल दामों पर शराब खरीदनी पड़ रही थी।
राज्य सरकार ने कोविड नियमों का पालन करते हुए शराब की दुकानों को खोलने की मंजूरी दी है। वहीं लॉकडाउन में शराब के ठेकों को बंद होने के चलते एक्साइज साल को भी 19 दिन के लिए आगे बढ़ाने का निर्देश जारी किया है।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में लॉकडाउन बढ़ाने के साथ शराब ठेकों के लाईसेंस की वैधता को भी बढ़ा दिया है। एक्साईज विभाग के कलेक्टर की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में शराब की अवैध बिक्री को रोकने के लिए मौजूद शराब ठेका लाईसेंस 19 दिनों के लिए बढ़ाया गया है।

आदेश में बताया गया कि यह निर्णय हरियाणा सरकार की ओर से लिया गया है। इसके साथ ही यह निर्देश भी जारी किए गए कि शराब ठेकों पर कोविड-19 को लेकर जारी गाईडलाइन का पूर्णतय: अनुपालन हो।

आबकारी विभाग के मुताबिक पहले शराब ठेकों को समय 19 मई को खत्म होना था, लेकिन अब इसके आगे बढ़ा दिया है। अब 11 जून तक चलेगा। अगला आबकारी साल 11 जून से माना जाएगा।
आपको बता दें कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने शराब ठेकेदारों को राहत देते हुए पुराना स्टॉक निकालने के लिए वक्त दिया था। ऐसे में अब शराब का पुराना स्टाक खत्म होने तक पुराने रेटों पर ही शराब की बिक्री करनी होगी।

शराब के रेटों को लेकर भी आदेश जारी किया गया है जिसके मुताबिक अभी 11 जून तक सभी ठेकेदारों को पुरानी आबकारी नीति के हिसाब से पुराने दामों पर ही शराब बेचनी होगी।
 
May 25, 2021

हिसार में किसान आंदोलन में एक किसान की मौत, हार्ट अटैक की बताई जा रही है वजह

हिसार में किसान आंदोलन में एक किसान की मौत, हार्ट अटैक की बताई जा रही है वजह


हिसार : हरियाणा के हिसार में किसान आंदोलन के दौरान एक किसान की मौत हो गई है। मृतक किसान आज आंदोलन में आया हुआ था और हिसार के क्रांतिमान पार्क पर पहुंचा हुआ था। किसान की पहचान हिसार के उगालन गांव के रहने वाले रामचंद्र खरब के रुप में हुई है।
बताया जा रहा है कि किसान रामचंद्र आज हिसार में किसान आंदोलन में पहुंचा था। हिसार के क्रांतिमान पार्क में एकत्रित होने के बाद हार्ट अटैक की वजह से किसान रामचंद्र खरब की मौत हो गई है।

हिसार में किसानों के प्रदर्शन के बाद केस दर्ज करने के मामले में आज अलग अलग जगहों से भारी संख्या में किसान प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे हैं। किसानों ने हाल ही में 300 से ज्यादा किसानों पर दर्ज हुए केस वापस लेने की मांग की है।
आपको बता दें कि पिछले रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान किसानों ने सीएम का विरोध करना चाहा था जिसमें किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी हिसार पहुंच चुके हैं। सभी किसान हिसार के क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हो रहे हैं। हरियाणा के अलग अलग हिस्सों से काफी संख्या में किसान यहां पर पहुंचे हुए हैं। वहीं यहां से ही हिसार कमिश्नर के कार्यालय के घेराव के लिए किसान रवाना होंगे।
 
इस मामले में पहले दिन तो आपस में बैठक समझौता हो गया था, लेकिन एक दिन छोड़कर अगले दिन किसानों पर केस दर्ज करवाए गए। इसी से नाराज किसानों ने आज हिसार में प्रदर्शन का ऐलान किया है।

इधर जिला प्रशासन ने छह जिलों से अलग अलग पुलिस के जवान और RPF की टुकड़ियां बुलाई है। सुरक्षा के लिहाज से यहां पर पुख्ता बंदोबस्त किये गए हैं।

गांव में शामिल होने के लिए मुंढाल से 500, खेदड़ से 55 ट्रैक्टर सरसोद से 28 ट्रैक्टर भदावड़ से 58 ट्रैक्टर बिचपड़ी से 27 ट्रैक्टर सिवानी बोरान से 55 ट्रैक्टर बिठमड़ा से 48 ट्रैक्टर डाटा से 60 ट्रैक्टर सिसाय से 75 ट्रैक्टर धनानासे 82 ट्रैक्टर समेत अन्य बड़े-बड़े गांवों से सैकड़ों की संख्या में और भी ट्रैक्टर ट्राली हिसार के लिए रवाना हो चुकी हैं।
May 25, 2021

क्या सुशील कुमार को रेलवे की नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा?

क्या सुशील कुमार को रेलवे की नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा?

नई दिल्ली :  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से रविवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी से गिरफ्तार किए गए दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार के लिए मुसीबत और भी बढ़ गई है, क्योंकि भारतीय रेलवे में उनकी नौकरी भी अब अधर में लटकी हुई है। सुशील कुमार, भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं और छत्रसाल स्टेडियम में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) के तौर पर तैनात हैं, जहां अभ्यास करने वाले एक पहलवान की हत्या होने के बाद विवाद पैदा हो गया था।
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, दिल्ली सरकार से पत्र मिलने के बाद हम नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
सुशील कुमार को उसके सहयोगी अजय कुमार के साथ रविवार सुबह गिरफ्तार किया गया था, जो चार मई को यहां छत्रसाल स्टेडियम में हुए विवाद के बाद पहलवान सागर धनखड़ की मौत के बाद कई राज्यों में 18 दिनों से फरार चल रहे थे।
धनखड़ ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, कुमार को पकड़ने के लिए पुलिस पूरा जो लगा रही थी और इन 18 दिनों के दौरान सुशील ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की यात्रा की थी।
आखिरकार रविवार सुबह दिल्ली के मुंडका इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह कुछ नकदी लेने आया था और राष्ट्रीय स्तर के एक खिलाड़ी से स्कूटी भी ली थी। दिल्ली पुलिस ने कुमार पर एक लाख रुपये और उसके सहयोगी अजय पर 50,000 रुपये के इनाम की भी घोषणा की थी।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक, कुमार ने शहर में कुश्ती जगत के पहलवानों को डराने के लिए मोबाइल फोन पर धनखड़ की पिटाई की रिकॉडिर्ंग भी करवाई थी। कुमार को दिल्ली की एक अदालत ने छह दिन की हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि कुमार ने अपने दोस्त प्रिंस से धनखड़ की पिटाई का वीडियो बनाने को कहा था। पुलिस ने अदालत को सूचित किया, वह दिल्ली में कुश्ती समुदाय में डर पैदा करना चाहता था।
कुमार ने 18 मई को नई दिल्ली की रोहिणी अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
4 मई को छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानों के दो समूह आपस में भिड़ गए थे, जिससे 23 वर्षीय धनखड़ की मौत हो गई, क्योंकि वह विवाद के दौरान घायल हो गया था। दिल्ली की अदालत ने कुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी किया था।
दिल्ली पुलिस ने कुमार के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी किया था, जिन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक खेलों में कांस्य और 2012 लंदन ओलंपिक खेलों में 66 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था।
May 25, 2021

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला फ्री बांटी जायेंगी कोरोनिल किट

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला फ्री बांटी जायेंगी कोरोनिल किट,जानिए किसे मिलेंगी

हरियाणा बुलेटिन न्यूज़, चण्डीगढ़ ; हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। हरियाणा में एक लाख मरीजों को पतंजलि कंपनी की कोरोनिल दवा मुफ्त बांटी जाएगी। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि हरियाणा में कोविड मरीजों के बीच एक लाख पतंजलि की कोरोनिल किट मुफ्त बांटी जाएंगी।

कोरोनिल का आधा खर्च पतंजलि तथा आधा खर्च हरियाणा सरकार के कोविड राहत कोष वहन करेगा। हरियाणा सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब योग गुरू बाबा रामदेव द्वारा ऐलोपैथिक दवाओं को लेकर की गई टिप्पणी पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नाराजगी जताई थी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का हवाला देते हुए शनिवार को कहा था कि रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथी बकवास विज्ञान है और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा कोविड.19 के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू और ऐसी अन्य दवाएं कोरोना मरीजों का इलाज करने में कारगार साबित नहीं हुई हैं।

हालांकि योग गुरु रामदेव ने एलोपैथिक दवाओं पर अपने ब्यान को रविवार को वापस ले लिया। डॉक्टरों के विरोध के बाद उन्होंने ऐसा किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के एक पत्र का जवाब देते हुए रामदेव ने कहा कि वह इस मामले को शांत करना चाहते हैं। उन्होंने अपने निजी ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि माननीय श्री हर्षवर्धन जी आपका पत्र प्राप्त हुआ उसके संदर्भ में चिकित्सा पद्धतियों के संघर्ष के इस पूरे विवाद को खेदपूर्वक विराम देते हुए मैं अपना वक्तव्य वापिस लेता हूं और यह पत्र आपको संप्रेषित कर रहा हूं, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एलोपैथी के बारे में दिये गए योग गुरु रामदेव के ब्यान को रविवार को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उनसे वापस लेने को कहा था।

जिसके बाद योग गुरू बाबा रामदेव ने न केवल अपना ब्यान वापिस ले लिया बल्कि अपनी कोरोना के लिए बनाई गई दवाई कोरोनिल की 1 लाख किट हरियाणा में बांटने की घोषणा की। जिस पर विचार करते हुए हरियाणा सरकार ने भी किट का आधा खर्च उठाने का निर्णय लिया है।
May 25, 2021

किसान आंदोलन से मोदी को मिली सबसे बड़ी धमकी, टिकैत बोले- कोई दिक्कत नहीं है, हम 2024 तक बैठे रहेंगे

किसान आंदोलन से मोदी को मिली सबसे बड़ी धमकी, टिकैत बोले- कोई दिक्कत नहीं है, हम 2024 तक बैठे रहेंगे

नई दिल्ली : 26 मई को दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को 6 महीने पूरे हो जाएंगे। किसान संगठनों द्वारा इस मौके को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सभी किसान संगठनों से इस मौके पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। इसके साथ ही राकेश टिकैत ने किसानों को अपने गांव के चौराहों पर आकर मोदी सरकार का पुतला दहन करने और काले झंडे लगाने की बात भी कही है।
आज हरियाणा के हिसार में खट्टर सरकार द्वारा किसानों पर किए गए मुक़दमे खारिज करवाने के लिए किसान एकजुट हुए थे। इनमें भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी मौजूद हैं।
राकेश टिकैत ने कहा है कि टिकरी और सिंघु बॉर्डर के बाद अब हिसार में भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
जब तक किसानों पर किए गए मुकदमे खारिज नहीं किए जाते। भले ही उन्हें यहां पर महीने लग जाए या फिर साल। किसान हिसार से वापस नहीं जाएंगे।
किसान नेता राकेश ने तो यहां तक कह दिया है कि वह इस किसान आंदोलन को साल 2024 तक चलाने के लिए भी तैयार है। उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं है।
जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। यह आंदोलन चलता रहेगा। प्रशासन ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। उनके साथ झूठ बोला गया है। इसलिए हम यहीं पर बैठे रहेंगे। बता दें, हिसार में सैंकड़ों किसान एकजुट हुए हैं।
राकेश टिकैत का कहना है कि कोरोना काल में भीड़ इकट्ठे ना हो। इसके लिए पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार है।
दरअसल बीते 16 मई को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हिसार में एक कोविड-19 का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे।
जहां पर किसानों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस और किसानों में झड़प होने की खबरें भी आई थी। इस झड़प के बाद 350 किसानों पर आईपीसी की 11 अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किए गए थे।

Monday, May 24, 2021

May 24, 2021

हरियाणा में कब तक रहेगा लॉकडाउन, गृहमंत्री अनिल विज ने बताई पूरी जानकारी

हरियाणा में कब तक रहेगा लॉकडाउन, गृहमंत्री अनिल विज ने बताई पूरी जानकारी

अम्बाला : हरियाणा में कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन को एक सप्ताह के लिए फिर से बढ़ा दिया गया है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से कोरोना से राहत है और नए केस कम मिल रहे हैं। लेकिन फिर भी सरकार ने लॉकडाउन आगे बढ़ा दिया। इस बार दुकानदारों को कुछ ढील भी दी गई है।
लेकिन इस लॉकडाउन में पूरी ढील कब तक दी जाएगी? इस सवाल का जवाब हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री ने एक शर्त देकर बताया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि अभी कोविड-19 का पॉजिटिविटी रेट 9 प्रतिशत के आसपास है, जब तक यह 5 प्रतिशत पर न आ जाए तब तक पूरी तरह से ढील नहीं दी जा सकती।

मंत्री विज ने बताया कि आज हरियाणा सुरक्षित हरियाणा के तहत दुकानदारों को कुछ राहत दी गई है, जिसमें ऑड-इवन के तहत सुबह 7 से 12 बजे तक बाजार खुलने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा कि अभी पॉजिटिविटी रेट 9 प्रतिशत के आसपास है जब तक 5 प्रतिशत पर न आ जाए तब तक पूरी तरह से ढील नहीं दी जा सकती। विज ने कहा कि अभी कई राज्यों में लॉकडाउन है, जबकि हरियाणा में दुकानदारों की इच्छा को देखते हुए कुछ राहत दी गई है।
वहीं हरियाणा को केंद्र से ब्लैक फंगस के इंजेक्शन मिलने की उम्मीद पर विज ने कहा कि केंद्र के पास जैसे-जैसे इंजेक्शन आ रहे हैं, वे सभी प्रदेशों को दे रहे हैं। हमें 550 वाइल्स आई थी, 600 हमने खुद अरेंज की थी। उन्होंने बताया कि आज काफी मात्रा में इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है।

 
May 24, 2021

हिसार में हजारों की संख्या में पहुंचे किसान, भारी पुलिस बल और RPF की टुकड़ियां तैनात

हिसार में हजारों की संख्या में पहुंचे किसान, भारी पुलिस बल और RPF की टुकड़ियां तैनात
हिसार : हरियाणा के हिसार में आज किसानों का प्रदर्शन है। आज अलग अलग जगहों से हजारों की संख्या में किसान हिसार पहुंचे हैं, जिसके चलते प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं।
हिसार में किसानों के प्रदर्शन के बाद केस दर्ज करने के मामले में आज अलग अलग जगहों से भारी संख्या में किसान प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे हैं। किसानों ने हाल ही में 300 से ज्यादा किसानों पर दर्ज हुए केस वापस लेने की मांग की है।

आपको बता दें कि पिछले रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान किसानों ने सीएम का विरोध करना चाहा था जिसमें किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी हिसार पहुंच चुके हैं। सभी किसान हिसार के क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हो रहे हैं। हरियाणा के अलग अलग हिस्सों से काफी संख्या में किसान यहां पर पहुंचे हुए हैं। वहीं यहां से ही हिसार कमिश्नर के कार्यालय के घेराव के लिए किसान रवाना होंगे।

https://youtu.be/YHZ6jgtIQ5U

इस मामले में पहले दिन तो आपस में बैठक समझौता हो गया था, लेकिन एक दिन छोड़कर अगले दिन किसानों पर केस दर्ज करवाए गए। इसी से नाराज किसानों ने आज हिसार में प्रदर्शन का ऐलान किया है।

इधर जिला प्रशासन ने छह जिलों से अलग अलग पुलिस के जवान और RPF की टुकड़ियां बुलाई है। सुरक्षा के लिहाज से यहां पर पुख्ता बंदोबस्त किये गए हैं।

गांव में शामिल होने के लिए मुंढाल से 500, खेदड़ से 55 ट्रैक्टर सरसोद से 28 ट्रैक्टर भदावड़ से 58 ट्रैक्टर बिचपड़ी से 27 ट्रैक्टर सिवानी बोरान से 55 ट्रैक्टर बिठमड़ा से 48 ट्रैक्टर डाटा से 60 ट्रैक्टर सिसाय से 75 ट्रैक्टर धनाना से 82 ट्रैक्टर समेत अन्य बड़े-बड़े गांवों से सैकड़ों की संख्या में और भी ट्रैक्टर ट्राली हिसार के लिए रवाना हो चुकी हैं।
May 24, 2021

डिस्ट्रीब्यूटरी में तैरती मिली आयरन फोलिड एसिड की सिरप, अस्पतालों में मरीज धक्का खाने को मजबूर

डिस्ट्रीब्यूटरी में तैरती मिली आयरन फोलिड एसिड की सिरप, अस्पतालों में मरीज धक्का खाने को मजबूर

नारनौल : मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा नोलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी में तैरती आयरन फोलिड एसिड की दवाइयों से लगा सकते हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यशैली की आलोचना करते हुए मामले की जांच कराने की गुहार लगाई है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पांच हजार की आबादी पर उप स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए। वहां नियुक्त स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों की देखभाल, टीकाकरण तथा दवा वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जच्चा-बच्चा मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के लिए विभाग द्वारा स्कूल व गांवों में महिलाओं का चेकअप किया गया था। रिपोर्ट में अधिकतर महिलाएं एनिमिया समस्या से पीडि़त मिली, जिस कारण उन्हें प्रसव के दौरान जानलेवा खतरा हो सकता बीवी है। बचाव के लिए सरकार ने स्कूलों में छात्राओं को आयरन की टेबलेट खिलानी आरंभ कर दी। दूसरी ओर प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा कैंप में महिलाओं की जांच होती है। एनिमिया की पुष्टि होने पर उन्हें आयरन फोलिड एसिड दवाइयां निशुल्क मुहैया कराई जाती हैं। दवाइयां वितरण की जिम्मेदारी एएनएम स्टॉफ को सौंपी गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि नीरपुर की तरफ से बहकर आए दवाइयों के पैकेटों को देखकर भ्रूण होने का संदेह था। नहर विभाग के कर्मचारी की मदद से पैकेटों को निकाला गया, जांच में आयरन फोलिड एसिड की सिरप मिली। जिनका कवर अधिक भीगा हुआ नहीं था। जिसके आधार पर ग्रामीणों ने कुछ समय पहले ही फैंकी होने का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रही। ईधर जीवन रक्षक दवाइयां नहरों में फैंकी जा रही हैं। जिससे सरकार की योजना तथा खर्च किया गया बजट नकारा साबित हो रहा है। एक्सपायरी डेट की नहीं हैं सिरप ग्रामीणों के मुताबिक दवाइयों का उत्पादन फरवरी 2020 में हुआ था। जनवरी 2022 में एक्सपायर होनी थी। अभी करीब 6 महीने तक मरीजों के इलाज में इस्तेमाल हो सकता था। सिरप के कवर पर नॉट फॉर सेल तथा सरकार सप्लाई का मार्का है। जिससे ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की करतूत होने का अंदाजा व्यक्त किया है। मामले की जांच कमेटी से कराएंगे सीएचसी के एसएमओ डा. अरुण कालरा ने बताया कि नहर में आयरन फोलिड एसिड दवाइयों को फैंकना गंभीर मामला है। दवाइयों को कब्जे में लेकर मामले की जांच के कमेटी का गठन करेंगे। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई को अंजाम देंगे। उन्होंने बताया कि स्कूलों में भी आयरन फोलिड एसिड की सिरप सप्लाई होती हैं। जिनका बीते 17-18 महीने से इस्तेमाल नहीं हो रहा। किस स्तर पर लापरवाही हुई है, जांच के बाद ही बताना संभव होगा।
May 24, 2021

जींद में किसान नेताओं ने नहीं मानी पुलिस की अपील, हिसार में आईजी को घेरने का फैसला

जींद में किसान नेताओं ने नहीं मानी पुलिस की अपील, हिसार में आईजी को घेरने का फैसला 

जींद :  हिसार कमिश्नर कार्यालय का घेराव करने के लिए जींद जिले से भी काफी संख्या में किसान जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने ने शनिवार को किसान नेताओं के साथ मीटिंग कर कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए हिसार घेराव में शामिल ना होने के लिए कहा था। लेकिन किसान नेताओं ने अधिकारियों की अपील को मानने से इंकार कर दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने बताया कि 24 मई को हिसार कमिश्रर ऑफिस का घेराव करने के लिए किसान हिसार पहुंचेंगे। उनका घेराव शांतिपूर्वक होगा। अगर पुलिस उनके साथ ज्यादती करती है, तो वे भी कड़े कदम उठाएंगे। जैसा व्यवहार प्रशासन का होगा, वैसा ही उनका होगा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अपने वायदे से मुकरे हिसार प्रशासन के खिलाफ कमिश्नर ऑफिस का घेराव किसान और मजदूर करेंगे। जो किसानों के साथ बातचीत हुई थी, उस बातचीत में हुए समझौते के बाद भी प्रशासन ने विभिन्न धाराओं के तहत किसानों पर मामले दर्ज किए। अगर सोमवार को कमिश्नर कार्यालय के घेराव के बावजूद भी किसानों पर दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए, तो और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
किसान घेराव के लिए चंडीगढ़ जा सकते हैं। प्रदेशभर में थानों का घेराव करने व विधायक और सांसदों के आवासों का घेराव करने का भी फैसला लिया जा सकता है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जो फैसला लेंगे, उसी के अनुसार किसान आगे बढ़ेंगे। खटकड़ टोल पर रविवार को किसान नेताओं ने घेराव को लेकर रणनीति बनाई और फैसला लिया गया कि उचाना के हर गांव से किसान गाड़ियों से हिसार जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हिसार में सीएम मनोहर लाल का कार्यक्रम पूरी तरह से किसान, जवान को लड़वाने का षड्यंत्र था। सीएम हिसार से जा चुके थे। लेकिन सीएम के जाने के बाद भी वहां पर बैरिकेडिंग की गई थी, जैसे सीएम अभी गए नहीं हो। प्रशासन किसानों को ये समझाने में फेल रहा कि सीएम जा चुके है। किसानों को सीएम का विरोध करना था। इसलिए किसान हिसार गए थे। प्रशासन ने किसानों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले फैंके। महिलाओं पर लाठीचार्ज किया।
 

Sunday, May 23, 2021

May 23, 2021

हरियाणा में एक हफ्ते का और बढ़ा लॉकडाउन, जाने क्या रहेगी नियम व शर्ते

हरियाणा में  एक हफ्ते का और  बढ़ा लॉकडाउन, जाने क्या रहेगी नियम व शर्ते 

हरियाणा सरकार ने 'महामारी अलर्ट सुरक्षित हरियाणा' की पाबंदियों को 1 हफ्ते के लिए बढा दिया है. अब ये पाबंदियां 31 मई तक लागू रहेंगी. अब सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक ऑड-इवन फॉर्मूला के आधार पर खुलेंगी दुकानें. अकेले में बनी दुकानें पूरा दिन खुली



May 23, 2021

गुरमीत राम रहीम को 48 घंटे की पैरोल के बाद भी 12 घंटे में वापस आना पड़ा सुनारिया जेल

गुरमीत राम रहीम को 48 घंटे की पैरोल के बाद भी 12 घंटे में वापस आना पड़ा सुनारिया जेल, जानिये वजह

गुरुग्राम : साध्वी यौन शोषण मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सुनारिया जेल प्रशासन ने 48 घंटे की पैरोल दी थी, लेकिन 12 घंटे के भीतर ही राम रहीम को वापस जेल आना पड़ा।

दरअसल दो दिन पहले राम रहीम को सुनारिया जेल की तरफ से अपनी बीमार मां से मिलने और देखभाल के लिए 48 घंटे की पैरोल दी गई थी। राम रहीम अपनी बीमार मां के लिए कई बार पैरोल मांग चुके हैं।

इस बार उन्होंने जेल प्रशासन से इमरजेंसी पैरोल की मांग की थी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने जिला प्रशासन से इस बारे में जानकारी मांगी थी। वहीं राम रहीम को 48 घंटे की पैरोल दे दी गई थी।
जिसके बाद शुक्रवार की सुबह करीब सवा छह बजे राम रहीम को जेल से गुरुग्राम लेकर जाया गया और वहां मेदांता में राम रहीम की मां का इलाज चल रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राम रहीम को मानेसर में स्थित एक फार्म हाउस में रखा गया था।
राम रहीम को जेल से पैरोल दिये जाने के बाद स्वर्गीय पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के खूंखार कैदी को पैरोल देकर सरकार उसे वापस सिरसा लाना चाहती है।

अब बताया जा रहा है कि 48 घंटे की पैरोल मिलने के बावजूद भी राम रहीम को महज 12 घंटे ही जेल से बार रहने दिया गया। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि सुरक्षा कारणों के चलते वापस राम रहीम को जेल में लाया गया।
इससे पहले राम रहीम को स्वास्थ्य जांच के लिए रोहतक पीजीआई में भी लेकर गए थे, जहां पर करीब 21 घंटे तक राम रहीम को रखा गया था लेकिन भीड़ जुटने के अंदेशे के चलते पीजीआई प्रशासन ने वापस सुनारिया जेल भेज दिया था।
May 23, 2021

कोरोना ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर सफाई कर्मचारियों के परिवारों को 20 लाख मुआवजा

कोरोना ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर सफाई कर्मचारियों के परिवारों को 20 लाख मुआवजा
चंडीगढ : हरियाणा सरकार की ओर से कोविड काल के दौरान सफाई कर्मचारियों को कोरोना वारियर्स का दर्जा पहले ही दिया जा चुका है, वहीं अब सरकार इन्हीं सफाई कर्मचारियों के लिए एक राहत भरा फैसला लेकर आई है। ड्यूटी के दौरान मौत हो जाने की सूरत में अब उनको 20 लाख की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय और गृहमन्त्री अनिल विज ने घोषणा की है कि कोरोना ड्यूटी के दौरान यदि किसी सफाई कर्मचारी की कोरोना से मौत हो जाती है तो सरकार की तरफ से उसके परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा राशि दी जाएगी। विज ने बताया कि हरियाणा सरकार ने पहले डॉक्टरों और पुलिस कर्मियों को मुआवजा राशि देने का ऐलान किया था। जिसके तहत डॉक्टरों को 50 लाख और पुलिस कर्मियों को 30 लाख देने का ऐलान पहले ही किया जा चुका है। विज ने कहा कि सरकार की तरफ से की गई ये घोषणा सफाई कर्मचारियोें को राहत देने का काम करेगी और साथ ही उन्हें अपने काम को पूरे मनोबल से पूरा करने का साहस भी देगी
*आईजी वाईपूर्ण कुमार ने दी शिकायत ब्लैक फंगस को लेकर केंद्र से मांगी दवा *
कोरोना महामारी के बाद प्रदेश में आए ब्लैक फंगस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि जितने इंजेक्शन मिल सकते हैं, हमारी ओऱ से हासिल कर रहे हैं और हमने केंद्र से हरियाणा के लिए दवा मांगी है। हमने केंद्र से 12 हजार इंजेक्शन की मांग की है। वहीं बिमारी की गंभीरता को देखते हुए विदेशों से दवा मंगवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अनिल विज ने बताया कि इस बीमारी की गंभीरता और इंजेक्शन की कमी को देखते हुए हमने एक्सपर्ट कमिटी को कहा है कि बीमारी की गंभीरता के हिसाब से मरीजों को इलाज दिया जाए। विज ने कहा को मरीज ज्यादा गंभीर हैं, उनकी इलाज पहले दिया जाए। विज ने बताया कि जो इंजेक्शन मिल रहे हैं वो जरूरत के हिसाब से बहुत कम हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पीजीआई रोहतक के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम को ब्लैक फंगस के लिए कोई वैकल्पिक दवा खोजने की जिम्मेदारी दी है। ताकि जब ब्लैक फंगस के इंजेक्शनों की कमी है तब तक कोई वैकल्पिक दवा मरीजों को दी जा सके। 
*बीपीएल परिवारों का सारा खर्च सरकार देगी* 
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बीपीएल परिवारों के कोरोना इलाज को लेकर कहा है कि सरकार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। यह बीपीएल परिवार है उनके इलाज का सारा ख़र्च सरकार देगी। विज ने कहा कि ये बहुत बड़ा फैसला है और इससे गरीबों का पूरा लाभ मिलेगा।
May 23, 2021

हरियाणा में बुजुर्गों के लिए खुशखबरी, खाते में आई 2500 रुपये पेंशन

हरियाणा में बुजुर्गों के लिए खुशखबरी, खाते में आई 2500 रुपये पेंशन

चंड़ीगढ़ : प्रदेश के बजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन वृद्धि का इंतजार खत्म हो गया है। प्रदेश सरकार ने इनकी पेंशन में में 250 रुपए की वृद्धि की हुई पेंशन खातों में पहुंच गई है। अब बुजुर्गों, विधवा, विकलांगों को पेंशन 2500 रुपये मिली है। हालांकि इसकी घोषणा पहले की थी लेकिन एक अप्रैल से यह लागू हुई है।
अब लाभार्थियों को इसी माह से बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी। वर्तमान समय में प्रदेश में श्रेणियों के तहत कुल 29 लाख 19 हजार 104 पेंशन भोगी हैं। जिनमें से 29 लाख 624 को बैंक खातों के साथ पेंशन की अदायगी हो रही है। 29 लाख 18 हजार 921 के बैंक खाते आधार कार्ड साथ लिंक हो चुके हैं।
सरकार ने गत वर्ष पेंशन 2250 रुपए की थी। अब हरियाणा के पेंशन भोगियों को मई में मिलने वाली पेंशन 2500 रुपए के हिसाब से मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सवा साल के कार्यकाल में 500 रूपए की वृद्घि यह दर्शाती है कि हमारी गठबंधन सरकार ने चौधरी देवीलाल के विजन पर चलकर बुजुर्गों के सम्मान में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब जहां 1500 रूपए तथा दिल्ली 2000 रूपए प्रति माह ही बुजुर्गों को पेंशन दे रहा है वहीं हमारा राज्य अप्रैल से 2500 रूपए प्रतिमाह देने वाला राज्य होगा।
May 23, 2021

पहलवान सुशील कुमार पंजाब से गिरफ्तार, दिल्ली लेकर पहुंचेगी पुलिस

पहलवान सुशील कुमार पंजाब से गिरफ्तार, दिल्ली लेकर पहुंचेगी पुलिस

नई दिल्ली : दिल्ली में बीते दिन छात्रसाल स्टेडियम में हुई हत्या को लेकर दिल्ली पुलिस ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार को पंजाब में गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने पहलवान सुशील कुमार पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

आपको बता दें कि पुलिस का पूरे मामले को लेकर कहना है कि प्रथम दृष्या जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड को सुशील पहलवान व उनके साथियों ने अंजाम दिया है। जिसको लेकर सुशील से पूछताछ करनी जरूरी है। फिल्हाल पुलिस ने इस हत्याकांड को लेकर प्रिंस दलाल नामक युवक को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस ने मौके से एक डबल बैरल गन भी बरामद की थी।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि मंगलवार की देर रात मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानो के दो गुटों में झगड़ा हुआ था। झगड़ा इतना बढ़ गया था कि सागर, सोनू महाल और अमित कुमार घायल हो गए थे। इस बीच सागर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। वहीं अन्य का इलाज चल रहा है।
प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला है कि मॉडल टाउन में सुशील पहलवान का एक फ्लैट है जो उन्होंने सागर को रहने के लिए दिया था। हाल ही में उसने सागर को यह फ्लैट खाली करने के लिए कहा था। इसे लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते मंगलवार रात सागर की पीट पीटकर हत्या कर दी गई।
वहीं बता दें कि मरने वाला सागर मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला था। उसके पिता दिल्ली पुलिस में हवलदार है। वह कुश्ती में जूनियर नेशनल चैंपियन रह चुका है। वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में प्रैक्टिस करता था। वह सीनियर नेशनल कैम्प का हिस्सा था। घायल हुआ उसका साथी सोनू महाल कुख्यात बदमाश काला जठेड़ी का साथी है। वह हत्या एवं लूट के मामले में पहले गिरफ्तार हो चुका है।
May 23, 2021

अंग्रेजी दवाओं के खिलाफ बोलकर फंसे रामदेव! IMA ने कहा- नफ़रत फैला रहे हैं, इनपर केस दर्ज हो

अंग्रेजी दवाओं के खिलाफ बोलकर फंसे रामदेव! IMA ने कहा- नफ़रत फैला रहे हैं, इनपर केस दर्ज हो

नई दिल्ली : कोरोना महामारी से लड़ने में स्वास्थ्य विभाग हर संभव तरीके से लगा हुआ है। देश के तमाम डॉक्टर, नर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स सीमित संसाधनों और भारी-भरकम मानसिक दबाव के बीच काम कर रहे हैं।
ऐसे में रामदेव ने एलोपैथी के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों के मनोबल को तोड़ने वाला बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है।
रामदेव इस वीडियो में साफ साफ कहते नजर आ रहे हैं कि,
“लाखों लोगों की मौत एलोपैथी की दवा खाने से हुई है। जितने लोगों की मौत हॉस्पिटल ना जाने की वजह से हुई है, ऑक्सीजन ना मिलने के वजह से हुई है, उससे ज्यादा मौतें एलोपैथी की दवाइयां खाने से हुई हैं।”
बाबा रामदेव के इस बयान के आने के बाद से डॉक्टरों के मन में जायज़ गुस्सा है।
नई दिल्ली के VMMC और सफदरजंग हॉस्पिटल के रेसिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसियेशन ने बाबा रामदेव के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए उनके बयानों को मद्देनजर रखते हुए महामारी रोग अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करने की मांग की है।
रेसिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसियेशन के बयान में लिखा गया है कि एलोपैथी चिकित्सा शैली पर इस तरह की टिप्पणी विज्ञान का तिरस्कार है।
बाबा रामदेव जैसे प्रसिद्ध व्यकतित्व से जब इस तरह के बयान सामने आते हैं तो संभव है कि समाज के कुछ हिस्सों में इससे नफरत भड़क उठे।
एक तरफ एलोपैथी के सभी कर्मचारी पूरी जान लगा कर कोविड19 के खिलाफ अपनी परवाह किए बिना दिन रात लड़ रहे हैं, दूसरी तरफ बाबा रामदेव के इस तरह आपत्तिजनक बयान सामने आ रहे।
इससे फ्रंटलाइन पर काम कर रहे लाखों कर्मचारियों के मनोबल औऱ ऊर्जा को हानि पहुंचेगी।
डॉक्टरों के इस संयुक्त ने बाबा रामदेव की टिप्पणी को हेट स्पीच की श्रेणी में रखकर कार्यवाही करने की मांग की गई है। बाबा रामदेव निशचित तौर पर आयुर्वेद के समर्थक हैं और अपने ब्रांड पतंजलि से भी इसका प्रचार करते नहीं थकते हैं।
साथ ही कोरोना महामारी के फैलने के बाद उन्होंने कोरोनिल किट लॉन्च की। कोरोनिल किट कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए कितनी कारगर है इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन फिर भी टीवी पर चलने वाले प्रचारों के वजह से ग्रामीणों में इसे लेकर भ्रम बना हुआ है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद सरकार की नाकामी किसी से छुपी नहीं है, लेकिन फिर भी रामदेव बाबा ने डॉक्टरों और वैज्ञानिकों पर सवाल खड़ा किया।
बाबा रामदेव का बयान पूरी स्वास्थ्य प्रणाली और लाखों की तादाद में दिन रात काम कर रहे स्वास्थ कर्मियों की नीयत पर सवाल खड़ा करने के समान है।
अब देखना ये है कि क्या इस तरह के लापरवाही भरे और नफरत भड़काने वाले बयान पर उन पर प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी या नहीं।
May 23, 2021

हरियाणा के इस जिले में अपनों की अस्थियां भी लेने नहीं आ रहे परिजन

कोरोना का खौफ ऐसा की हरियाणा के इस जिले में अपनों की अस्थियां भी लेने नहीं आ रहे परिजन

फरीदाबाद : कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को ऐसे तोड़ा की श्मशान घाट में जलने वाली चिताओं के बाद अपनों की अस्थियों को भी ले जाने से लोग कतराने लगे हैं। बल्लभगढ़ के तिगांव रोड स्थित श्मशान घाट में 60 से 70 ऐसी अस्थिया हैं। जिन्हें लोग लेने अभी तक नहीं आए।

बता दें कि हिंदू धर्म के अनुसार चिता जलने के बाद अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया जाता है पर कोरोना महामारी ने लोगों के अंदर ऐसा भय पैदा कर दिया है कि लोग अब अपनों की अस्थियां श्मशान घाट से लेने भी नहीं आ रहे। श्मशान घाट के प्रबंधक दिनेश देशवाल की मानें तो यहां रखी ये अस्थियां उन लोगों की हैं जिनकी कोरोना से मौत हुई है। इनमें कुछ ऐसी भी हैं जो दिल्ली, गुरुग्राम, यूपी के लोग फरीदाबाद के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित होने पर भर्ती हुए थे और उनकी अस्पताल में ही मौत हो गई। उनका भी अंतिम संस्कार इस श्मशान घाट में किया गया था। जिनकी अस्थिया यहां रखी हुई हैं।
दिनेश देशवाल ने बताया कि हमारी परंपरा के अनुसार इन अस्तियों को गंगा में प्रवाहित किया जाता है पर पिछले 1 महीने से ये अस्थियां इस श्मशान घाट में ऐसे ही रखी हुई हैं। इन अस्थियों के परिवार वालों को फोन करके इन्हें ले जाने के लिए कहा जाता है तो वे लोग कोरोना, लॉकडाउन और बीमारी का बहाना बनाने लग जाते हैं। इन अस्थियों को लेकर दिनेश देशवाल ने ये भी कहा कि अगर लोग इन अस्थियों को लेने नहीं आते तो वह खुद इन्हें अपने श्मशान घाट के कमेटी के लोगों के साथ मिलकर गंगा में हिंदू धर्म अनुसार प्रवाहित कर देंगे।
May 23, 2021

पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान होंगे सिद्धू?

पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान होंगे सिद्धू? 

चंडीगढ़ : विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में अंदर की उथल-पुथल बढ़ती जा रही है। कहीं न कहीं अब पंजाब में कांग्रेस विभाजित होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच टकराव की स्थिति किस मोड़ पर जाकर क्या परिणाम देगी?..कुछ नहीं कहा जा सकता| वहीं, खबर यह भी है कि नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा अन्य पार्टी नेताओं में भी कैप्टन से नाराजगी का माहौल है। इस बीच यह चर्चा भी खूब जोरों पर है कि पार्टी में शांति कायम करने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का नया प्रधान बनाया जा सकता है।
बतादें कि, अभी पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ हैं और अब उनकी जगह नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश प्रधान बनने की बात उछल रही है। कहा जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू लोगों के बीच एक मशहूर चेहरा हैं और वह अपने जरिये चुनाव में कांग्रेस को लाभ पहुंचाने का काम कर सकते हैं। फिलहाल, पार्टी में कई नेताओं का यह भी मानना है कि नवजोत सिंह सिद्धू पर पार्टी को ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। सिद्धू सिर्फ अमृतसर तक ही सीमित हैं…उनके तिरछे चलने से पार्टी की फिजा पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला ।
सिद्धू सिर्फ दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
इन नेताओं का कहना है कि पंजाब में पार्टी के पास अभी कैप्टन से बड़ा चेहरा नहीं है। पार्टी कैप्टन को नजरअंदाज करती है, तो उसके लिए जीत आसान नहीं होगी। इधर, पार्टी भी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में हार के बाद पंजाब पार्टी नेतृत्व कैप्टन पर दबाव डालने की स्थिति में नजर नहीं आ रही है । ऐसे में पार्टी को अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री कैप्टन के नेतृत्व में ही लड़ना होगा।
पार्टी हाईकमान को भी लगता है कि कैप्टन ही पंजाब में उसकी नैया को पार लगा सकते हैं। कांग्रेस मानती है कि किसान आंदोलन के बाद भाजपा को पंजाब चुनाव में बहुत ज्यादा कुछ मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में तमाम नाराजगी के बावजूद सिद्धू कांग्रेस का हाथ नहीं छोड़ेंगे और कैप्टन के सहारे ही पंजाब में कांग्रेस की दोबारा वापसी हो सकेगी। लेकिन पार्टी हाईकमान सिद्धू वाली टेंशन को भी दूर करने में जुटी हुई है। पार्टी हाईकमान को डर है कि यहां कांग्रेस में यह आपसी कलह चुनाव में कहीं न कहीं तो नुकसान पहुंचाने का काम कर ही सकती है । ऐसे में पार्टी हाईकमान कोई रिस्क नहीं लेना चाहती।
बतादें कि, इससे पहले चर्चा चली थी नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस छोड़कर दोबारा भाजपा में जायेंगे।लेकिन इसी बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनकर आये उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने सिद्धू को मनाने की पुरजोर कोशिश की और वह एक पल इसमें सफल होते हुए भी नजर आये। सिद्धू जो कैप्टन से दूरी बनाकर रखे हुए थे। दोनों ने साथ बैठकर लंच किया और बाद में भी काफी दिन साथ-साथ दिखे। परन्तु यह सब ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। नवजोत सिंह सिद्धू के तेवर फिर बदल गए। अब देखना तो यह होगा कि सिद्धू के तेवर ठीक करने के लिए कांग्रेस क्या करती है और जैसे कि यह चर्चा जोरों पर है कि उन्हें पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनाया जा सकता है तो क्या ऐसा होगा…?