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Wednesday, May 26, 2021

May 26, 2021

जेसीआई जीन्द ब्रदर द्वारा सिविल हास्पिटल में लगाया गया बल्ड डोनेशन कैम्प

कोरोना जैसी महामारी में रक्तदान करना और भी ज्यादा पुण्य का काम : राजकुमार

-जेसीआई जीन्द ब्रदर द्वारा सिविल हास्पिटल में लगाया गया बल्ड डोनेशन कैम्प
जींद : कोरोना जैसी महामारी में रक्तदान करना और भी ज्यादा पुण्य का काम है। यह व्यक्तव्य जींद विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने दिया। राजकुमार गोयल यहां सिविल हास्पिटल में जेसीआई जींद ब्रदर द्वारा आयोजित बल्ड डोनेशन कैम्प में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सुरेश ढुल, पूर्व अध्यक्ष संजय अहलावत एडवोकेट, नवीन गोस्वामी, सुभाष सिहाग, राजकुमार भोला व  मनजीत भौसला इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
जेसीआई जीन्द ब्रदर गत 18 मई से सिविल हास्पिटल रक्तदान शिविर का आयोजित किया जा रहा है। इसी कडी में आज भी रक्तदान शिविर का आयोजित किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि राजकुमार गोयल ने कहा कि रक्तदान सबसे बडा महादान है इससे बडा कोई पुण्य का काम नहीं। किसी व्यक्ति द्वारा दी गई दो बूदं खून किसी की जान बचा सकती है। जो रक्तदान करता है उसके रक्तदान करने से उसके शरीर पर कोई फर्क नहीं पडता लेकिन जिसको रक्त की  जरूरत है उसकी जान बच जाती है। इसलिए हम सब को समय समय पर रक्तदान करते रहना चाहिए। गोयल ने कहा कि कोरोना जैसी इस महामारी में तो रक्तदान करना और भी बडा पुण्य का काम है क्योंकि इस समय मरीजों को सबसे ज्यादा रक्त और प्लाजमा की आवश्यकता पडती है।
गोयल ने कहा है कि जेसीआई जींद ब्रदर द्वारा गत एक सप्ताह से सिविल हास्पिटल मेें जो रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं उसके लिए यह संस्था पूरी पूरी बधाई की पात्र है। संस्था के सुरेश ढुल व संजय अहलावत ने बताया कि प्रतिदिन इस संस्था द्वारा दस दस पंद्रह पंद्रह यूनिट रक्त इक्टठा करके हस्पताल को दिया जा रहा है। आगे भी संस्था इस रक्तदान शिविर को चलाने वाली है। लोगों को चाहिए कि वे इन शिविरों में ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करने आएं ताकि कोरोना जैसी इस महामारी में कोई भी व्यक्ति खून की कमी से न मर सके।
May 26, 2021

किसान नेता राकेश टिकैत ने दी खुलेआम धमकी, कहा- रिपब्लिक भारत और जी न्यूज़ का इलाज करेंगे

किसान नेता राकेश टिकैत ने दी खुलेआम धमकी, कहा- रिपब्लिक भारत और जी न्यूज़ का इलाज करेंगे
हिसार : वर्ष 2013 से ही भारतीय मीडिया का जो चरित्र देखने को मिल रहा है, उससे देश की बहुसंख्यक जनता ने न्यूज चैनलों से किनारा कर लिया है। अब अच्छे घरों में न्यूज चैनल नहीं देखे जाते हैं क्योंकि उनमें भडकाउ और फर्जी खबरों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है। डिबेट्स के दौरान गाली गलौज, सफेद झूठ, उटपटांग शब्दों का प्रयोग आम बात हो गई है। और तो और अब खबरें कम, न्यूज चैनल्स मोदी चालीसा गाते हुए ज्यादा नजर आ जाते हैं।
किसान नेता राकेश टिकैत ने तो खुल्लम खुल्ला कह दिया है कि अब बहुत हो गया। जी न्यूज और रिपब्लिक भारत जैसे इन दोनों चैनलों का इलाज बहुत जरुरी हो गया है और ये इलाज किसान करेंगे।
मालूम हो कि जी न्यूज और रिपब्लिक चैनल लगातार किसान आंदोलन को देश विरोधी आंदोलन बताने में जुटे हैं।
आंदोलन से जुड़ी खबरें चलाते हैं। चूंकि इस आंदोलन में सबसे ज्यादा सिख समुदाय के लोग पगड़ी बांधे और कृपाण के साथ नजर आते हैं, तो ये दोनों चैनल इस आंदोलन को सिखों को खालिस्तानी बताते रहते हैं।
जी न्यूज और रिपब्लिक भारत जैसे चैनलों ने तो मोदी, भाजपा और आरएसएस की चापलूसी में सारी हदें पार कर दी है। इन दोनों चैनलों ने एक तरह से मोदी को भगवान का भाई घोषित कर दिया है और इनकी नजरों में देश की हर समस्या के लिए पंडित नेहरु और कांग्रेस जिम्मेवार है।
यही नहीं केंद्र सरकार के विरोध में कोई भी आंदोलन होता है तो ये दोनों चैनल उसको या तो पाकिस्तान से जोड़ देते हैं या मुसलमानों के साथ।
यही नहीं ये दोनों चैनल किसी भी आंदोलन के पीछे गलत तरीके से फंडिंग की खबर सबसे पहले चलाना शुरु कर देते हैं। ये अलग बात है कि बाद में इन्हें थूक कर चाटना पड़ता है क्योंकि इनकी खबरें फर्जी होती हैं।
पिछले कई महीनों से चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने में इन दोनों चैनलों में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी।
किसान आंदोलन को धार देने के मकसद से राकेश टिकैत हिसार पहुंचे थें और किसानों के साथ बैठक और पदयात्रा कर रहे थे।
इस पर रिपब्लिक भारत सुबह से ही खबर चला रहा था कि राकेश टिकैत कोरोना फैलाने हिसार पहुंचे हैं। किसानों में इस तरह की खबरों को लेकर काफी आक्रोश था।
आर भारत के हिसार संवाददाता ने जब राकेश टिकैत से सवाल पूछा तो टिकैत ने दो टूक अंदाज में कहा कि दो चैनलों का भी इलाज होगा। आर भारत का और जी न्यूज का। अगला टारगेट तुम्हारा ही है। इन दो का इलाज कर लो, सबका इलाज हो जाएगा।

Tuesday, May 25, 2021

May 25, 2021

पत्रकार बोलीं- खुद को कोरोना हुआ तो कोरोनिल क्यों नहीं लिए?

   खट्टर के मंत्री का ऐलान- 1 लाख कोरोनिल बांटेगी सरकार, पत्रकार बोलीं- खुद को कोरोना हुआ तो कोरोनिल क्यों नहीं लिए?

चंडीगढ : बीते हफ्ते हरियाणा की खट्टर सरकार द्वारा हिसार में कोविड-19 अस्पताल का उद्घाटन किया गया था। खट्टर सरकार का कहना है कि कोरोना महामारी में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह से प्रतिबंध है।
इसी बीच हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के बयान ने हंगामा मचा दिया है।
दरअसल खट्टर सरकार अब कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए लोगों को पतंजलि की कोरोनिल किट बांट रही है।
इस मामले में भाजपा नेता और राज्य स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर कहा है कि “हरियाणा में कोविड मरीजों के बीच एक लाख पतंजलि की कोरोनिल किट मुफ्त बांटी जाएंगी । कोरोनिल का आधा खर्च पतंजलि ने और आधा हरियाणा सरकार के कोविड राहत कोष ने वहन किया है।”
हरियाणा सरकार के इस फैसले के चलते भाजपा एक बार फिर विपक्षी दलों के निशाने पर आ चुकी है। दरअसल बाबा रामदेव ने हाल ही में एलोपैथी दवाओं को लेकर विवादित बयान दिया था।
इस मामले में पत्रकार तनुश्री पांडे ने भी भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा है कि “आपने Coronil खाई थी जब आपको Covid हुआ था? जिस अस्पताल में आपका इलाज हुआ क्या वहां आपको क्या डॉक्टरों ने आपको कोरोनिल दी थी?
नहीं उन्होंने आप का इलाज एलोपैथी दवाओं के साथ किया था। मतलब नेताओं के लिए बड़े हॉस्पिटल और जान बचाने वाली दवाई और जनता के लिए सिर्फ कोरोनिल।”

जानकारी के लिए आपको बता दें कि आईसीएमआर ने बाबा रामदेव द्वारा तैयार की गई कोरोनिल को मंजूरी नहीं दी थी। वहीँ एलोपैथी को लेकर दिए गए बयान पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भी काफी नाराज है।
अब पतंजलि द्वारा कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए भी कोरोनिल किट को असरदार बताया गया है।
माना जा रहा है कि देश में वैक्सीन की किल्ल्त होने के चलते भाजपा शासित हरियाणा में मरीजों को कोरोनिल किट बांटी जा रही है।
May 25, 2021

पहलवान सुशील कुमार पर अब गिरी ये गाज

पहलवान सागर हत्याकांड मामले में गिरफ्तारी के बाद, पहलवान सुशील कुमार पर अब गिरी ये गाज


 नई दिल्ली : पहलवान सुशील कुमार की गिरफ्तारी के बाद मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। आपको बता दें कि अब सुशील को उसकी उत्तर रेलवे की नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है। दिल्ली सरकार में डेप्युटेशन पर चल रहे सुशील कुमार को छत्रसाल स्टेडियम में स्कूल में खेलों को बढ़ावा देने के लिए ऑफि सर ऑन स्पेशल ड्यूटी बनाया गया था।वहीं मंगलवार को उत्तर रेलवे के सीपीआरओ ने जानकारी दी है कि सुशील को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि रविवार को रेलवे बोर्ड को दिल्ली सरकार से सुशील कुमार से सबंधित एक रिपोर्ट मिली है। जिसमें सुशील कुमार पर एफ आईआर दर्ज होने का जिक्र है।दिल्ली सरकार ने भी सुशील कुमार के डेप्युटेशन बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकार ने उत्तर रेलवे को भी डेप्युटेशन को खारिज करने आवेदन खारिज करके भेज दिया था। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 से सुशील कुमार रेलवे अधिकारी होने के साथ दिल्ली सरकार में डेप्युटेशन पर कार्यरत था। डेप्युटेशन का कार्यकाल 2020 तक था जिसे वह बढ़वाना चाहता था। जबकि अब दिल्ली कह ही छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद पहलवान सुशील कुमार को उत्तर रेलवे ने नौकरी से बर्खाश्त कर दिया गया है।
May 25, 2021

स्टेडियम की दीवार फांदकर वकील को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियों से भूना

स्टेडियम की दीवार फांदकर वकील को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियों से भूना, लड़की के चक्कर में हत्या की आशंका


रोहतक : रोहतक में सोमवार देर शाम एक युवक की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। पेशे से वकील यह युवक घटना के वक्त ग्राउंड पर कसरत कर रहा था। अचानक एक बाइक पर सवार होकर दो युवक वहां आए और उन्होंने 10 से ज्यादा राउंड फायरिंग की। जान बचाने के लिए युवक भागा, लेकि हमलावर पीछा करते रहे और गोली चलाते रहे। पुलिस ने इस संबंध में 6 युवकों के खिलाफ केस दर्ज करके आगे की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार वारदात को लड़की के चक्कर में अंजाम दिए जाने का शक है।
*दिल्ली में वकालत करते हैं मृतक सिद्धार्थ के पिता*
वारदात सोमवार देर शाम करीब सवा 7 बजे वैश्य इंस्टीट्यूट के स्टेडियम की है। दिल्ली के विजय विहार निवासी अंकुश उर्फ सिद्धार्थ उर्फ गौरी गाजियाबाद में LLB अंतिम वर्ष का छात्र था। करीब डेढ़ महीने से रोहतक की जनता कॉलोनी अपनी दादी के साथ रह रहा था। सिद्धार्थ के पिता दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में वकालत करते हैं, वहीं कुछ दिन पहले ही उसने भी रोहतक कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की थी। सोमवार शाम सिद्धार्थ अपने दोस्त नितीश और कूकी के साथ वैश्य कॉलेज के स्टेडियम में घूमने के लिए गया था। तभी दो हमलावरों ने आकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी थी।
*चौकीदार ने बताया-दीवार फांदकर आए थे बदमाश*
वारदात के वक्त स्टेडियम में चौकीदार भी मौजूद था। चौकीदार ने बताया कि दो युवक दीवार कूदकर स्टेडियम में घुसे और सिद्धार्थ पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। वह जान बचाने के लिए भागा। हमलावरों ने पीछा करके उसे गोलियों से भून डाला। हमलावरों ने 10-12 राउंड फायर किए। 4-5 गोलियां सिद्धार्थ को बगलों, पीठ और सिर के पीछे लगी हैं। हत्या के बाद हमलावर दीवार फांदकर भाग गए।
सूचना के बाद DSP महेश कुमार, शिवाजी कॉलोनी थाने के प्रभारी बलवंत सिंह, FSL इंचार्ज डॉ. सरोज मलिक दहिया मौके पर पहुंचे। मौके से गोलियों के 10 के करीब खोल बरामद हुए हैं। जांच में बड़ा सवाल यह है कि लॉकडाउन के चलते स्टेडियम बंद है और ऐसे में सिद्धार्थ यहां कैसे पहुंचा। हो सकता है कि वह भी दीवार फांदकर ही स्टेडियम में घुसा हो। माना जा रहा है कि सिद्धार्थ यहां दौड़ लगाने आता है, इस बात का पता बदमाशों को पहले से ही था। हत्या के बाद पहचान न हो सके, इसलिए हमलावर उसका पर्स और मोबाइल भी ले गए।
*भाई ने दिया ये बयान*
इस बारे में सिद्धार्थ के भाई आकाश ने शिवाजी कॉलोनी थाने में दी शिकायत में बताया है कि सिद्धार्थ की हत्या लोकेश उर्फ गोगी, रोबिन अहलावत, दीपक छिल्लर, चिंटू खरावड़िया और तेजस बोहर ने साजिश के तहत कराई है, क्योंकि इन सभी ने कुछ साल पहले आकाश के दोस्त कपिल कादियान की हत्या कर दी थी। इसके अलावा सिद्धार्थ की एक लड़की से दोस्ती थी थी। लड़की के भाई गोलू मायना ने भी उसे धमकी दे रखी थी कि उसकी बहन से दूर रहे। आशंका है कि गोली मायना ने अपने साथी के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया है या किसी अन्य से हत्या कराई हो। जनता कॉलोनी के चौकी प्रभारी ASI राजेश कुमार का कहना है कि इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 6 के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
May 25, 2021

अब डबल नहीं सिंगल सीटर डेस्क पर बैठेंगे बच्चे

अब डबल नहीं सिंगल सीटर डेस्क पर बैठेंगे बच्चे, शिक्षा निदेशालय ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की मांगी संख्या

सिरसा : कोरोना संक्रमण के चलते जिला में लॉकडाउन लगा हुआ है। ऐसे में शिक्षा पर भी कोरोना महामारी का असर पड़ रहा है। कोरोना की वजह से पिछले साल भी स्कूल बंद हो गए थे और अब स्कूलों को बंद कर गर्मी की एडवांस छुट्टियां की गई हैं। स्कूलों के बंद रहने के कारण बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई में कुछ बच्चे दिलचस्पी नहीं दिखाते तो बहुत से बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं।
फिलहाल 31 मई तक गर्मियों की छुट्टियां हैं। ऐसे में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के खुलने से पहले ही नई व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस क्रम में एक सीट पर एक ही बच्चे को बैठाया जाएगा। अभी तक एक बेंच पर दो या तीन बच्चे बैठते थे।
शिक्षा विभाग ने डीईओ को पत्र भेज कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों की संख्या के अनुसार डेस्क की डिमांड मांगी है, ताकि पढ़ते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। सिरसा में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 183 स्कूल हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने बीईओ को निर्देश देकर डेस्क की संख्या मांगी। जिला में 25713 सिंगल डेस्क हैं, जबकि 13726 डेस्क डबल उपलब्ध हैं।
डेस्क डिमांड की जानकारी शिक्षा निदेशालय को भेजी गई है।दरअसल, पिछले साल लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद रहे थे। कोरोना के केस कम होने पर शिक्षा विभाग ने धीरे-धीरे कर स्कूलों को खोलना शुरू किया था। फरवरी में कक्षा पहली से 8वीं तक के स्कूल भी खोल दिए थे।
मार्च से कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई। जिस कारण स्कूलों में कोरोना केस बढ़ने शुरू हो गए थे। इस कारण विभाग ने स्कूल बंद ही करा दिए। अब शिक्षा विभाग नई व्यवस्था को लेकर मंथन कर रहा है।
*एक बेंच एक बच्चा का नियम होगा लागू*
स्कूल खुलने के बाद क्लास रूम में दो छात्रों के बीच छह फुट की दूरी रहेगी। अगर सिंगल सीटर बेंच है तो एक ही छात्र उस पर बैठेगा। स्कूलों में एक बेंच एक बच्चा का नियम लागू किया जायेगा। रिसेप्शन पर कम लोगों को बैठाने का निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ स्कूल खुलने के समय गेट पर स्कूल की तरफ से सोशल डिस्टेंसिंग की पालन करवाई जाएगी।
*सिलेब्स के अनुसार लग रही ऑनलाइन क्लास*
प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में भी ऑनलाइन क्लासेस शुरू हुई हैं। ऑनलाइन कक्षाओं का सिलेबस सभी विद्यार्थियों को वाट्सअप व अन्य सोशल मीडिया सहायता से पढ़ाने का काम शुरू है। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए विद्यालयों के अध्यापकों द्वारा गृह कार्य दिया जा रहा है, ताकि बच्चे घर बैठे अपनी कक्षा का होम वर्क कर सकें। शिक्षक से वाट्सअप, वीडियो बनाकर, प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई करवाने में जुटे हैं।
शिक्षा निदेशालय ने 9वीं से 12वीं तक के बच्चों की संख्या के अनुसार डेस्क की डिमांड मांगी थी। जो उपलब्ध करवाकर विभाग को भेज दी है। स्कूल खुलने पर सिंगल सीटर डेस्क पर विद्यार्थियों को बैठाया जाएगा। ताकि सोशल डिस्टेंस बनी रहे।'' - संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।
May 25, 2021

फेसबुक व वॉट्सऐप ने मानी भारत सरकार की गाइडलाइन

फेसबुक व वॉट्सऐप ने मानी भारत सरकार की गाइडलाइन, ट्विटर व इंस्टाग्राम का क्या होगा, आप भी जान लिजिए


नई दिल्ली : टूलकिट पर ट्विटर को केंद्र की सख्त हिदायतों के बीच अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सामने नई मुसीबत आ गई है। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए इसी साल 25 फरवरी को गाइडलाइन जारी की थी और इन्हें लागू करने के लिए 3 महीने का समय दिया था। डेडलाइन मंगलवार यानी 25 मई को खत्म हो रही है। ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स ने अब तक नहीं बताया है कि गाइडलाइंस को लागू किया गया या नहीं। ऐसे में सरकार इन पर एक्शन ले सकती है।

इस बीच फेसबुक का जवाब आया है। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि वह आईटी के नियमों का पालन करेगी। साथ ही कुछ मुद्दों पर सरकार से बातचीत जारी रखेगी। फेसबुक ने यह भी कहा है कि आईटी के नियमों के मुताबिक ऑपरेशनल प्रोसेस लागू करने और एफिशिएंसी बढ़ाने पर काम जारी है। कंपनी इस बात का ध्यान रखेगी कि लोग आजादी से और सुरक्षित तरीके से अपनी बात हमारे प्लेटफॉर्म के जरिए कह सकें।
50 लाख या इससे ऊपर यूजर बेस वाले मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफ ॉर्म को ये नियम लागू करने के लिए 3 महीने का वक्त दिया गया था। ये मियाद 25 मई को खत्म हो रही है। सिर्फ इंडियन सोशल मीडिया कंपनी कू ने गाइडलाइंस का पालन किया है। वहीं हाल ही में फेसबुक ने भी भारत सरकार की गाईडलाइंस को अपनाने की स्वीकृति दे दी है। जबकि ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी कंपनियों ने अब तक ऐसे किसी कदम की जानकारी नहीं दी है।
ये प्लेटफॉर्म भारत में काम करते हैं, अच्छा मुनाफा कमाते हैं और गाइडलाइंस पर इन्हें अमेरिका से आदेश मिलने का इंतजार रहता है। ट्विटर जैसे कुछ प्लेटफॉर्म अपने खुद के फैक्ट चेकर रखते हैं, हालांकि इनका नाम कभी सार्वजनिक नहीं किया जाता और न इस बात में पारदर्शिता है कि ये किस आधार पर कंटेंट हटाते हैं।
अगर डेडलाइन खत्म होने तक किसी भी सोशल मीडिया का जवाब नहीं आता है तो सरकार इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगी। सूत्रों के मुताबिक नियमों का पालन नहीं होता है तो सरकार इन सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स को दी हुई इम्युनिटी वापस ले सकती है। इस इम्युनिटी के तहत सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स का रोल भारत में बिचौलिए के तौर पर दर्ज है।
इसके मायने यह हैं कि अगर कोई यूजर किसी पोस्ट को लेकर कोर्ट जाता है तो इन प्लेटफॉम्र्स को अदालत में पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि अगर सरकार इम्युनिटी हटा लेगी तो इन सोशल मीडया प्लेटफार्म को भी कोर्ट में पार्टी बनाया जा सकता है। सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर सकती है।
वहीं वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर भी सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने इसे वापस लेने के लिए कहा है। इसके लिए 18 मई को 7 दिन का नोटिस दिया गया था। वॉट्सऐप ने सोमवार को कहा कि उसने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से मिले नोटिस का जवाब भेज दिया है। अब कुलमिलाकर भारत में वॉट्सऐप तथा फेसबुक जारी रह सकता जबकि ट्विटर और इंस्टाग्राम को बंद किया जा सकता है या कोई अन्य कार्रवाई भारत सरकार कर सकती है।
May 25, 2021

एसबीआई ATM के इस नियम का किया उल्लंघन, तो बैंक वसूलेगा जुर्माना

एसबीआई ATM के इस नियम का किया उल्लंघन, तो बैंक वसूलेगा जुर्माना
नई दिल्‍ली :  देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) पर सर्विस चार्ज बदल रहा है। बैंक ने कहा है कि 1 जुलाई 2021 से SBI Account holders के लिए नए सर्विस चार्ज लागू होंगे। चार्ज में बदलाव ATM विड्राल, Cheque book, मनी ट्रांसफर और दूसरे ट्रांजैक्शन में होगा। SBI ने इन खातों को न्यूनतम बैलेंस के जंजाल से फ्री रखा है। यानि मिनिमम बैलेंस जीरो है। खाताधारकों को एक Rupay एटीएम कम डेबिट कार्ड मिलता है।
*कहां-कहां लगेगा अब चार्ज*
ये सभी चार्ज 1 जुलाई 2021 से लागू होंगे। इस तारीख के बाद 4 बार मुफ्त कैश विड्राल पर चार्ज लगेगा। खास बात है कि ब्रांच और ATM दोनों जगह से ट्रांजैक्‍शन को एकसाथ गिना जाएगा। इस तरह महीने में 4 ही ट्रांजैक्‍शन Free हैं, चाहे बैंक से करें या Atm से। Cash निकालने पर 15 रुपये+GST पेमेंट करना होगा।

*जितनी मोटी चेक बुक उतना ज्‍यादा फीस*
यही नहीं SBI के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाताधारक को सिर्फ 10 चेक लीफ (Cheque Leaf) वाली Cheque book मुफ्त मिलेगी। इसके बाद दूसरी Cheque book चाहिए तो 10 लीफ की चेक बुक के लिए 40 रुपये चार्ज देना होगा। इस पर GST भी लिया जाएगा। 25 लीफ की चेक बुक के लिए 75 रुपये+GST लगेगा। अगर Cheque book तत्‍काल चाहिए तो 10 लीफ के लिए 50 रुपये+GTS देना होगा।

*Senior citizen को छूट*
बैंक ने Senior citizen को चेकबुक पर नए सर्विस चार्जेस से छूट दे रखी है। SBI या गैर-एसबीआई ब्रांच में BSBD खाताधारकों द्वारा गैर-वित्तीय ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
May 25, 2021

जींद के निजी अस्पताल ने मचाई लूट, कोरोना मरीजों को बना रहा शिकार

जींद के निजी अस्पताल ने मचाई लूट, कोरोना मरीजों को बना रहा शिकार


जींद :  एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बताना लाजमी है कि कोरोना काल में लोग मौत और जिंदगी की जंग लड़ रहे है तो वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के जींद जिले से अजीबो -गरीब मामला सामने आया है। बता दें कि शहर के रोहतक रोड स्थित बालाजी अस्पताल पर कोरोना मरीजों से ज्यादा रुपये वसूलने के आरोप सही पाए गए हैं। मामले की जांच कर रही कमेटी ने डीसी को सौंपी अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा है कि बालाजी अस्पताल में कोरोना मरीजों से जमकर लूट हुई है। इन मरीजों से सरकार द्वारा निर्धारित रेट से ज्यादा रुपये वसूले गए।
बिजेंद्र हुड्डा की अगुआई में टीम ने शुक्रवार को बालाजी अस्पताल पर छापा मारा था। उस दौरान अस्पताल के रिकॉर्ड की फोटोकॉपी कराकर अपने कब्जे में ली थी। जांच के दौरान ने जब अस्पताल से ऑरिजनल रिकॉर्ड मंगाया गया तो उसमें काफी छेड़छाड़ मिली है। जहां 40 हजार थे, उनके चार हजार रुपये बना दिए हैं। सभी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई है, जबकि प्रशासन के पास उनकी फोटो प्रतियां हैं। जांच कमेटी ने रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ मिलने पर अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब इलाज करवा चुके कोरोना मरीजों से ओवर चार्जिंग के मामले में जांच में शामिल किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार डीसी डा. आदित्य दहिया को सौंपी जांच रिपोर्ट में कमेटी ने यह भी कहा है कि अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा है। अस्पताल के अंदर काम करने वाला स्टाफ पीपीई किट नहीं पहनता। आइसीयू के नाम पर पूरी तरह खानापूर्ति है। अस्पताल के अंदर वेंटिलेशन न होने और अन्य खामियों के चलते मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों में भी संक्रमण बढ़ सकता है। सूत्र बताते हैं कि अस्पताल में एक मरीज कई दिन भर्ती रहा। हालत बिगड़ने पर उसे दूसरी जगह रेफर कर दिया। जहां उसकी मौत हो गई। बाद में उस मरीज का बेटा, बहू व पोता भी कोरोना से संक्रमित हो गए।
मरीजों से ज्यादा रुपये वसूलने की जांच का सामना कर रहे बालाजी अस्पताल के कारनामों की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। जांच टीम के संज्ञान में यह मामला भी आया है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत होने के बाद या मौत होने से कुछ समय पहले रेफर के नाम पर मरीज स्वजनों के हवाले कर दिया। ऐसे में अब बालाजी अस्पताल को मिसिंग हुए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जांच का सामना भी करना पड़ सकता है। अब जांच टीम अप्रैल व मई में अस्पताल में हुई मौत व रेफर हुए मरीजों की पड़ताल करेगी।
ऐसे कोरोना पॉजिटिव मरीज जिन्हें अस्पताल से रेफर कर दिया, लेकिन वे उस अस्पताल में पहुंचे या नहीं, जहां रेफर किया था। रेफर किए गए मरीजों की सेहत अब कैसी है। रेफर किए जिन मरीजों की मौत हुई, उनका अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत हुआ या स्वजनों ने साधारण मौत की तरह किया। इसलिए अब जांच टीम अस्पताल में अप्रैल-मई हुई सारी मौतों का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेगी। जांच टीम के संज्ञान में यह भी आया है कि दूसरी लहर के शुरुआती दौर में अस्पताल में काफी मरीजों की मौत हुई, बाद में मौत का सिलसिला थम गया।
डीसी डा. आदित्य दहिया ने कहा कि उन्हें प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिल गई है। इसे सरकार के पास भेजा जाएगा। अस्पताल को बंद करने या अन्य सख्त एक्शन सरकार की तरफ से ही लिया जाएगा। अभी टीम पूरे रिकॉर्ड की जांच कर रही है। वहीं, कालाबाजारी रोकने के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी एवं रोडवेज जीएम बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि बालाजी अस्पताल द्वारा ज्यादा रुपये वसूलने के तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है। मिसिंग हुए मरीजों का डाटा भी लिया जा रहा है। उन्होंने बालाजी अस्पताल में इलाज करवा चुके मरीजों से भी अपील की है कि वे ओवर चार्जिंग समेत अन्य तथ्यों की जांच में सहयोग करें। किसी मरीज से ओवर चार्जिंग हुई तो वह नियुक्त कमेटी के सामने अपनी बात रख सकता है।
May 25, 2021

नकली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़

पंचकूला में सी एम फ्लाइंग स्क्वाड की बड़ी कार्रवाई, नकली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़
 पंचकूला :  पंचकूला में सी एम फ्लाइंग स्क्वाड ने नकली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड किया। स्क्वाड इंचार्ज जगबीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने इसऑपरेशन को अंजाम दिया।
 पंचकूला के बरवाला स्थित अलीपुर औद्योगिक क्षेत्र में चल रहा था नकली शराब बनाने और बेचने का यह गोरख धंधा। टीम का नेतृत्व कर रहे इंचार्ज जगबीर सिंह ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि मौके से बड़ी मात्रा में शराब बनाने का केमिकल व तैयार की गई नकली शराब बरामद की गई है।
सी एम फ्लाइंग स्क्वायड ने रेड के दौरान 70 पेटी रसीला संतरा नाम की देसी शराब (जोकि बाजार में बेचने के लिए तैयार थी), 102 पेटी बिना लेबल की शराब, 2 ड्रम जिसमें करीब 450 लीटर देसी शराब (जोकि बोतलों में भरने के लिए तैयार की गई थी), करीब 1000 लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल (जिससे शराब बनाई जाती है), 10 लीटर शीरा, 300 से ज्यादा रसीला संतरा देसी शराब के लेबल और शराब बनाने का अन्य केमिकल किया बरामद।
इसके साथ ही करीब 15,000 से ज्यादा खाली बोतलें मौके से बरामद की गई है जिनमें शराब भरकर बेची जानी थी। 100 रॉयल स्टैग शराब की खाली बोतलें, 800 से ज्यादा ब्लेंडर प्राइड व गोल्डन जुबली शराब की बोतल के रैपर, बोतल सील करने की मशीन भी बरामद की गई है। मौके से चार लोगों को राउंडअप किया गया है। पंचकूला पुलिस एसीपी राजकुमार, चंडीमंदिर थाना प्रभारी अरविंद कंबोज व आबकारी विभाग के अधिकारी बालकृष्ण भी मौके पर पहुंचे।
May 25, 2021

प्रदेश में अब ग्लैंडर्स ने दी दस्तक, झज्जर में दो घोड़े पॉजिटिव मिले

प्रदेश में अब ग्लैंडर्स ने दी दस्तक, झज्जर में दो घोड़े पॉजिटिव मिले

झज्जर : अब प्रदेश में ग्लैंडर्स रोग ने दस्तक दे दी है। कोरोना की तरह इसका भी कोई इलाज नहीं है। इसलिए पॉजिटिव मिले घोड़ों को मारना पड़ता है। क्योंकि यह बीमारी मनुष्य में भी फैल सकती है। झज्जर के दो घोड़ों में यह केस पाए जाने के बाद 143 केस जांच के लिए हिसार के राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र भेजे गए हैं।
सरकार ने झज्जर जिले को अश्व प्रजाति के पशु घोड़े, गधे और खच्चर को जिले से बाहर ले जाने या बाहर से लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए पशुपालन विभाग के एसीएस अंकुर गुप्ता ने अधिसूचना जारी कर दी है। यह बीमारी पहले से ही अधिसूचित है।
*क्या होता है बीमारी में*
ग्लैंडर्स घोड़ों की प्रजातियों में एक जानलेवा संक्रामक रोग है। इसमें घोड़े की नाक से खून बहना, सांस लेने में तकलीफ, शरीर का सूख जाना, शरीर पर गांठें आदि हो जाती हैं। यह बैक्टिरियल बीमारी है।
May 25, 2021

चण्डीगढ़ मॉडल जेल से 400 कैदियों को इस वजह से दी जाएगी पैरोल

चण्डीगढ़ मॉडल जेल से 400 कैदियों को इस वजह से दी जाएगी पैरोल

चंडीगढ़ : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सेक्टर 51 मॉडल जेल से 44 विचाराधीन कैदियों को पैरोल पर रिहाई मिली है। इसमें 40 कैदी स्पेशल पैरोल और तीन जमानत सहित एक अन्य शामिल हैड्ड। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पैरोल और अंतरिम जमानत के तहत जेल से कुल 400 कैदियों को छोडऩा है ताकि जेल में लोगों की संख्या कम की जा सके। पैरोल पाने वालों की लिस्ट में शामिल नाम पर अप्रूवल के आधार पर कैदियों को छोडऩे की प्रक्रिया जारी रहेगी।
यह फैसला भी लिया गया है कि 70 प्रतिशत उन कैदियों को छोड़ा जाएगा जो सजा पा चुके हैं। हालांकि इसके लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। जिस पर खरे उतरने वाले कैदी को ही पैरोल या फिर जमानत मिलेगी। उन विचाराधीन व कैदी को इसका फ़ायदा नहीं मिल सकेगा, जो विदेश के नागरिक हैं या जघन्य अपराध में बंद हैं।
मॉडल जेल में 11 मई से कैदियों को अंतरिम जमानत देने की प्रक्रिया शुरु की गई है। जिसके तहत अब तक 68 कैदियों को अंतरिम जमानत याचिका पर छोड़ा जा चुका है। जिसके साथ स्पेशल पैरोल, साधारण पैरोल और जमानत पर भी कैदियों को छोडऩे की प्रक्रिया जारी है।
बता दें कि 22 मई को जेल में 25 कैदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद सभी का जीएमएसएच 16 में प्राथमिक जांच के बाद जेल के स्पेशल बैरक में आइसोलेट करवाया गया। संक्रमित आने वालों में विचाराधीन कैदी भी शामिल हैं। इससे पहले भी जेल में तीन महिला सहित 33 कैदी संक्रमित हो गए थे। जेल में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या तथा अन्य कैदियों के बचाव के लिए जेल के वरिष्ठ अधिकारियों व कानूनी सलाह के बाद यह पैरोल देने का निर्णय लिया गया था।
May 25, 2021

लाॅकअप में बंद होते ही फूट-फूटकर रोने लगे सुशील, कुबूला गुनाह, बोलते रहे ये बात

लाॅकअप में बंद होते ही फूट-फूटकर रोने लगे सुशील, कुबूला गुनाह, बोलते रहे ये बात

नई दिल्ली : ओलंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार पहलवान सागर हत्याकांड में रिमांड पर हैं। पूछताछ के दौरान कई खुलासे हुए। हालंकि थाने पहुँचने के बाद पहलवान सुशील कुमार काफी परेशान नजर आये। सुशील कुमार भावुक होकर रोने लगे। पुलिस स्टेशन में सिर झुकाये बैठे सुशील कुमार ने खाना भी नहीं खाया और बच्चों की तरह रोते रहे। बता दें दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कुछ दिनों पहले हुए विवाद के बाद पहलवान सागर धनखंड की मौत के मामले में ओलम्पियन सुशील कुमार कई दिनों से फरार थे। हाल ही में दिल्ली से उनकी गिरफ्तारी हुई। इसके बाद हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस ने उन्हें 6 दिन की रिमांड पर लिया। सुशील मॉडल टाउन थाने में पुलिस रिमांड में रखा गया है।
पुलिस स्टेशन में एक कुर्सी पर सुशील कुमार सिर झुकाये बैठे रहे, जब पुलिस अधिकारी ने उन्हें और उनके साथी को लॉक अप में बंद करने को कहा तो सुशील कुमार टूट गए। लॉक अप की तरफ जाते समय सुशील कुमार फूट फूट कर रोने लगे और फर्श पर बैठ गए। जानकारी के मुताबिक, सुशील आधे घंटे तक इसी तरह सुबकते रहे। जिसके बाद उन्हें जांच अधिकारी ने कमरे में बैठाया और पीने के लिए पानी दिया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस रिमांड में उनकी रात ही जगाते हुए गुजरी। न तो सुशील सोये और न ही उन्होंने भोजन खाया। इस बीच वह पूरी रात कई बार रोते दिखे। बताया जा रहा है कि रात में दो बचे के करीब सुशील को नींद आयी थीं लेकिन सुबह उन्हें कानूनी प्रक्रिया के लिए जगा दिया गया। इस दौरान सुशील के साथ गिरफ्तार हुए उनके साथ अजय भी पुलिस रिमांड में शांत बैठे रहे। 
वहीं पुलिस की पूछताछ में सुशील ने कबूल किया कि वह सिर्फ सागर को डराना चाहते थे, इसलिए उसकी पिटाई कर दी। सुशील ने माना कि विवाद वाले दिन वह हथियार लेकर गए थे और सागर व् उनके साथियों को डराने के लिए घटना का वीडियो बनवाया था। हालाँकि बाद में सागर की मौत हो गयी। जिसके बाद सुशील ये जानकारी होते ही फरार हो गए। जब वे दिल्ली लौटे तो उन्होने एक महिला साथी के घर जाकर उसकी स्कूटी ली और उसी स्कूटी से अपने एक परिचित के पास पैसे लेने के लिए निकल पड़े। इस बीच उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
सवाल उठता है कि वह लड़की कौन है और उसका सुशील से क्या नाता है? हालंकि सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जब सुशील कुमार से पूछा कि उन्हें स्कूटी कहाँ से मिली और ये स्कूटी का मालिक कौन है, तो ओलंपिक पदक विजेता ने जानकारी दी कि जिस लड़की से उन्होंने स्कूटी ली है, वह स्टूडेंट है। सुशील के मुताबिक, उस लड़की का इस मामले से कोई संबंध नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, स्कूटी वाली लड़की भी स्पोर्ट्स से संबधित है। हालंकि अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसका इस केस से कोई लेना देना तो नहीं।
ये भी पता चला कि सुशील कुमार ने स्कूटी वाली लड़की से फोन के जरिये कोई सम्पर्क नहीं किया था, वह लड़की के घर बिना बताये अचानक पहुंचे और स्कूटी मांगी। इसके अलावा ये भी जानकारी मिल रही है कि फरार होने के दौरान उन्होंने अपने करीबियों से लगातार सम्पर्क किया लेकिन इसके लिए वह फोन नहीं बल्कि डोंगल के जरिये इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे।
May 25, 2021

जहां से 'शुरू' वहीं पर 'ख़त्म' हुई पहलवान सुशील की कहानी, शोहरत की बुलंदियों को पाने के लिए किए थे ये काम

जहां से 'शुरू' वहीं पर 'ख़त्म' हुई पहलवान सुशील की कहानी, शोहरत की बुलंदियों को पाने के लिए किए थे ये काम

नई दिल्ली :  सागर हत्याकांड में फंसे ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार का नाम पहले भी विवादों में रहा है। वो चाहे रियो ओलंपिक जाने का मामला हो या फिर नरसिंह का डोप टेस्ट या फिर प्रवीण राणा के साथ उनका विवाद। वे किसी ना किसी मामले की वजह से हमेशा सुर्खियों में बने रहे। बताना लाजमी है कि सुशील कुमार ने कहां और कैसे अपने करियर की शुरुआत की थी और आज उनकी कहानी का एक तरह से दी एंड हो गया। दरअसल पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में पहलवान सुशील कुमार का एक फ्लैट है, जो उसकी पत्नी सावी सेहरावत के नाम बताया जा रहा है। इसी फ्लैट को लेकर सुशील और सागर में विवाद हुआ था। 
मॉडल टाउन के डी 10/6 ब्लॉक का मकान सुशील पहलवान और सागर पहलवान के बीच विवाद का कारण बना, जिसके चलते सागर की हत्या हुई और अब पहलवान सुशील दिल्ली पुलिस की 6 दिन की रिमांड पर है। बताया जा रहा है कि महाबली सतपाल से पहलवानी के गुर सीखने वाले सुशील रोज उनके घर जाते थे। 18 फरवरी 2011 को सुशील की महाबली सतपाल की बेटी सावी सहरावत से शादी हुई है, लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि सुशील ने शादी से पहले अपने गुरु की बेटी को देखा तक नहीं था। 2010 नवंबर में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद दिल्ली में दोनों की सगाई हुई थी। इसके बाद वर्ष 2011 फरवरी में दोनों की शादी हो गई। 

सुशील कुमार की शादी के मौके पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, वर्तमान गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नाडिस, पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव, पूर्व हॉकी कप्तान जफर इकबाल, पूर्व तैराक खजान सिंह, कुश्ती जगत के कई नामी कोच और सुशील के साथी पहलवानों ने भी शिरकत की थी। सुशील को करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि सुशील काफी शर्मीले मिजाज के हैं। सुशील कुमार, शोहरत के आसमान पर एक चमकता हुआ सितारा था। दौलत, शोहरत और इज्जत उसके कदमों तले थी। विज्ञापनों से उसकी लाखों की कमाई होती थी तो वहीं उसे सरकारी नौकरी भी मिली थी। जमीन-जायदाद के साथ एक बड़ा स्कूल सब कुछ उनके पास है। 
ऐसे में सुशील कुमार के चाहने वालों को हत्याकांड में उनकी संलिप्तता के आरोपों पर हैरानी हो रही है। बेहद साधारण परिवार से सुशील आते हैं. पिता सरकारी विभाग में ड्राइवर थे। अब विवाद के बीच नार्दन रेलवे ने सुशील कुमार को सस्पेंड करने की तैयारी कर ली है। इसके साथ ही सुशील कुमार से सारे मेडल वापस लेने की मांग भी तेज होने लगी है। अब अगर उनके मेडल वापस होते हैं तो सुशील कुमार के लिए सागर मर्डर अर्श से फर्श तक लाने का सफर हो सकता है। 
May 25, 2021

राष्ट्रिय भूतपूर्व सैनिक संगठन व अन्ना टीम जींद नें जारी किए प्राण- वायु हेल्पलाइन नम्बर

राष्ट्रिय भूतपूर्व सैनिक संगठन व अन्ना टीम जींद नें जारी किए प्राण- वायु हेल्पलाइन नम्बर

जींद :  प्राण-वायु वितरण केंद्र पर राष्ट्रिय भूतपूर्व सैनिक संगठन व अन्ना टीम जींद ने बैठक कर जिले में ऑक्सीजन जरूरतमंदों की मदद करने को ऑक्सीजन हेल्पलाइन नंबर 9991001107 जारी किया व निर्णय लिया कि आम जनता से खाली सिलिंडर या अन्य जरूरत का समान लेने की मुहीम को शरू किया जाएगा।  कोरोना काल की महामारी के कारण ओक्सिजन सिलिंडर या अन्य मेडिकल समान की देशभर मे आपूर्ति नही हो पा रही  इस मुहीम के तहत कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों से खाली सिलिंडर या अन्य उपकरण ले कर अन्ना टीम साथी  प्राण वायु वितरण केंद्र के माद्यम  से उनको  सैनिटाइज करने के बाद अन्य जरूरतमंद लोगो को वितरित करेंगे , ताकि सिमित संसाधनों से अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके । वैसे भी कोरोना से ठीक होने के ओक्सिजन सिलिंडर या अन्य समान की कोई जरूरत नही होती लेकिन मार्किट मे वही समान न मिल पाने से कालाबाजारी बढ़ जाती है जिसके कारण वो आम आदमी से दूर हो जाती है।  इस अवसर पर संस्था ने निर्णय लिया कि भूतपूर्व सैनिक या उनके परिजनों के लिए ओक्सिजन भी फ्री होगी व सिलिंडर के लिए भी कोई सिक्योरिटी नही देनी होगी। ज्ञात है कि गत दिनों शहर की समस्या को देखते हुए संस्था ने आम जन को ऑक्सीजन सिलिंडर देने की मुहीम शरू की थी प्राण वायु वितरण केंद्र के सयोजक जिम्मी बिरला ने बताया कि अब तक 25 सिलिंडर जरूरतमंद लोगों को दिए जा चुके हैं ।  हर रोज 5 से 6 नए लोग सिलिंडर लेने को आ रहे हैं, इसलिए शहर की आए दिन बढती मांग को देखते हुए लोगों से अपील की जाएगी कि आप अपने खाली सिलिंडर या अन्य जरूरत का समान जो अब उनके काम का नही है।  संस्था के सफीदों रोड स्थित प्राण- वायु वितरण केंद्र पर जमा करवाए या संस्था के ऑक्सीजन हेल्पलाइन नंबर 9991001107 पर सम्पर्क करें । जिसके बाद संस्था के सदस्य आपके पास से सिलिंडर या अन्य समान को ले जाएगें। इस अवसर पर साथ हैं हितेश हिन्दुस्तानी, बलविंदर अहलवात, सुनील,   सूबेदार  रमेश कौशिक , रामकरण दलाल, जयपाल बरसोला, कपूर सिंह गिल, संजू, विनय, विश्वजीत, आदि मोजूद हैं ।
May 25, 2021

ब्लैक फंगस पर सीएम खट्टर का यह बयान, कह दी ऐसी बात…लोगों को हो सकती है टेंशन!

ब्लैक फंगस पर सीएम खट्टर का यह बयान, कह दी ऐसी बात…लोगों को हो सकती है टेंशन!


चण्डीगढ़  : कोरोना वायरस के बीच ब्लैक फंगस भी लोगों पर अटैक कर रहा है। ब्लैक फंगस भी बेहद घातक है और यह बड़े स्तर पर लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है। यहां तक की लोगों की जान भी जा रही है। ज्यादातर, कोरोना से जंग जीतकर आये लोगों को ब्लैक फंगस खतरे में डाल रहा है। वहीं, इसकी दवाई की कमी का शोर भी हर ओर सुनाई दे रहा है। ब्लैक फंगस दवाई की कमी जान लोगों को भी टेंशन हो जा रही है कि अगर ब्लैक फंगस उन्हें अपनी चपेट में लेता है तो उनके इलाज में दिक्कत आएगी।
इधर, ब्लैक फंगस दवाई को लेकर बात अगर हरियाणा की करें तो यहां भी इसकी किल्लत है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि ब्लैक फंगस के इंजेक्शन ​नहीं मिल रहे हैं, हमें मुश्किल से 1200-1400 इंजेक्शन मिले हैं। इस दौरान कोरोना पर बात करते हुए खट्टर ने कहा कि अब संक्रमण धीरे-धीरे गांवों में फैलना शुरू हुआ है। COVID19 जब गांवों में फैलना शुरू हुआ तब विचार आया कि हमें नीचे तक घर-घर जाकर लोगों की टेस्टिंग करनी होगी, तब हमने 8,000 टीमें बनाईं। हमारे 6,500 गांवों में से 5,000 गांवों में हमारी टीमें पहुंच चुकी हैं।

*विज भी कह चुके हैं ब्लैक फंगस दवाई की कमी की बात…..*
प्रदेश गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अभी हाल ही में बताया था कि ब्लैक फंगस का इंजेक्शन नहीं मिल रहा है इसलिए इसकी वैकल्पिक दवाई का सुझाव देने के लिए हमने पीजीआई में वरिष्ठ डॉक्टरों की एक कमेटी बनाई है। यानि प्रदेश में ब्लैक फंगस से पीड़ित लोगों के उपचार के लिए वैकल्पिक दवाई का इंतजाम किया जाएगा।

*ब्लैक फंगस पर यह व्यवस्था भी की थी लेकिन जब इंजेक्शन ही नहीं हैं तो क्या….*
हरियाणा सरकार द्वारा बताया गया था कि ब्लैक फंगस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति ई-मेल amphobharyana@gmail.com पर निर्धारित प्रोफार्मा भरकर डॉक्टर के हस्ताक्षर उपरांत इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन-बी प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए http://haryanahealth.nic.in/defaultnew.html पर विजिट करें।
*बी.पी.एल. श्रेणी वालों को अनुदान राशि …..*

खट्टर ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा कोविड से जान गंवाने वाले बी.पी.एल. श्रेणी के व्यक्तियों के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुदान राशि के तहत अब तक 2 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये का अनुदान दिया जा चुका है और बाकी पहचान किए गए मृतकों के परिवारों को जल्द ही यह राशि मिल जाएगी।
के*दिल्ली में ब्लैक फंगस की दवाई की कमी…*

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि हमने ब्लैक फंगस के लिए अपने सेंटर बना दिए हैं लेकिन दवाई नहीं है तो इलाज कैसे करें? दिल्ली को रोज़ 2000 इंजेक्शन चाहिए लेकिन हमें 400-500 इंजेक्शन मिल रहे हैं। दिल्ली में ब्लैक फंगस के क़रीब 500 मरीज़ हैं।
बतादें कि, ब्लैक फंगस की दवाई की कमी अन्य राज्यों में भी देखी जा रही है। ब्लैक फंगस कोई नई बीमारी नहीं है लेकिन पहले इसके मामले ज्यादा सामने नहीं आते थे। इसीलिए इसकी दवाई का प्रोडक्शन कम हो रहा था। लेकिन इस कोरोना के बीच अचानक से इसके मामले बढ़कर सामने आने लगे। ऐसे में इसकी दवा की शॉर्टेज को देखा जा रहा है। हालाँकि, दवा का प्रोडक्शन बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही सबसे शर्मनाक बात यह है कि जो दवा मौजूद भी है उसकी कालाबाजारी हो रही है। फिलहाल, कालाबाजारी पर पूरी नजर रखी जा रही है । हरियाणा में तो ब्लैक फंगस दवाई के वितरण के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी का भी गठन किया गया है।
May 25, 2021

किसान बोले- इनके समर्थकों से भी नहीं करेंगे शादी-ब्याह, सब रिश्ते खत्म

BJP और JJP का अब घर-घर बहिष्कार! किसान बोले- इनके समर्थकों से भी नहीं करेंगे शादी-ब्याह, सब रिश्ते खत्म

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) कोई ये नहीं समझे कि किसान आंदोलन अब समाप्त हो चुका है। केंद्र की मोदी सरकार के तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन अब भी जारी है और मोदी सरकार के खिलाफ किसानों का गुस्सा भी अभी तक जारी है।
किसान संगठन अब भी अपने पूरे स्टैंड पर कायम हैं। जब तक मोदी सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ये अलग बात है कि कोरोना की दूसरी लहर में मीडिया के कैमरे अभी किसान आंदोलन से दूर है।
इसी आंदोलन के क्रम में हरियाणा के किसानों ने एक अनोखा फैसला ले लिया है। किसानों का स्पष्ट रुप से कहना है कि अब वो किसी भी घर में अपने बेटे या बेटी की शादी नहीं करेंगे जिनका संबंध भाजपा या जजपा से होगा।
हरियाणा के जींद के खटकड़ टोल प्लाजा पर किसानों ने यह ऐलान किया कि अब हम जब भी किसी भी घर में अपने बेटे या बेटी के रिश्ते की बात चलाएंगे, वहां सबसे पहले ये सवाल पूछेंग कि आपका परिवार कहीं भाजपा या दुष्यंत चैटाला की पार्टी जजपा का समर्थक तो नहीं!
अगर ऐसा होगा तो हम अपने बच्चों की शादी वैसे घर में नहीं करेंगे या और नहीं किसी भी प्रकार का कोई भी रिश्ता रखेंगे।
यह फैसला रविवार को हुआ। इस दौरान खटकड़ टोल प्लाजा पर खेड़ा खाप के प्रधान एवं संयुक्म किसान मोरचा के सदस्य सतबीर सिंह पहलवान ने लोगों कें बीच अपनी बात रखते हुए यह प्रस्ताव दिया और वहां मौजूद सभी लोगों से उनकी राय मांगी।
वहां लोगों ने सर्वसम्मति से सतबीर पहलवान के प्रस्ताव का समर्थन किया और किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य आजाद पालवां ने बताया कि पहले हम लोगों ने ही निर्णय लिया था कि किसी भी हाल में भाजपा और जजपा के नेताओं को अपने गांव में घुसने नहीं देंगे।
इस निर्णय पर आज भी हम सब अडिग हैं। हमारे गांवों में भाजपा और जजपा के नेता नहीं घुस सकते। इसके अलावा जहां भी भाजपा और जजपा के नेता जाएंगे, उनका विरोध होगा।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द करो और एमएसपी की गारंटी देनी होगी अन्यथा भाजपा जजपा के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा।
जिस प्रकार जिस व्यक्ति का हुक्का पानी बंद हो जाता है, उससे गांव का कोई भी व्यक्ति रिश्ता नहीं रखता, ठीक वैसे ही भाजपा और जजपा समर्थकों के साथ भी कोई भी रिश्ता नहीं रखा जाएगा।