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Sunday, May 9, 2021

May 09, 2021

हरियाणा में बढ़ा लॉकडाउन, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

हरियाणा में बढ़ा लॉकडाउन, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

चंडीगढ़ : हरियाणा में सरकार ने लॉकडाउन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ा दिया गया है। इससे पहले सरकार ने 3 मई से लॉकडाउन लगाया था। अब सरकार ने एक हफ्ते के लिए आगे बढ़ा दिया है।

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते केसों को लेकर लॉकडाउन को आगे बढ़ाया गया है। हरियाणा सरकार की तऱफ से लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया है।
*लक्षण दिखने पर तुरंत करवाएं टैस्टिंग :*
उपायुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण के लक्षण बुखार, खांसी व जुकाम जैसे लक्षण दिखे तो वे तुरंत अपनी टेस्टिंग करवाएं और रिपोर्ट आने तक अपने आप को होम आइसोलेट कर ले तथा घरेलू उपाय व आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करें। इसके साथ-साथ घर पर बना ताजा और सादा भोजन करें।
तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, शुण्ठी (सूखी अदरक) एवं मुनक्का से बनी हर्बल टी/काढ़ा दिन में एक से दो बार पिएं (स्वाद अनुसार इसमें नींबू का रस या गुड़ मिला सकते हैं।) गोल्डन मिल्क 150 मि.ली. गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी चूर्ण मिलाकर दिन में एक से दो बार पिएं, 10 ग्राम च्यवनप्राश प्रतिदिन लें, सुबह-शाम दो-दो बूंद तिल/नारियल/सरसों का तेल या घी नाक के दोनों छिद्रों में लगाएं, एक चम्मच ताजा अदरक का रस और 30 मि.ली. गर्म पानी में चुटकी भर नमक मिलाकर प्रतिदिन दो बार गरारा करें।
खांसी/गले में खराश के लिए नागरिक दिन में कम से कम एक बारे पुदीने के पत्ते/अजवाइन डालकर पानी की भाप लें, खांसी या गले मे खराश होने पर लौंग के चूर्ण को गुड़ या शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार लें। अधिक तकलीफ होने पर निकट के चिकित्सक से परामर्श लें।
इसके अलावा नागरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर करने के लिए पूरा दिन गर्म पानी पिएं। इसके अलावा वे प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें अच्छी नींद ले व तनाव मुक्त रहे, भोजन बनाने में हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का प्रयोग करें।
May 09, 2021

पश्चिमी बंगाल की युवती के साथ दुष्‍कर्म का केस दर्ज, 4 किसान नेताओं समेत 6 नामजद

टीकरी बॉर्डर के धरने में आई पश्चिमी बंगाल की युवती के साथ दुष्‍कर्म का केस दर्ज, 4 किसान नेताओं समेत 6 नामजद

बहादुरगढ़ : खेती कानूनों के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन बड़े विवाद में आ गया है। बवाल हरियाणा-दिल्ली के बॉर्डर पर झज्जर जिले के टीकरी में चल रहे धरने में आई पश्चिमी बंगाल की एक युवती की मौत के बाद खड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से मरी इस युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप भी उठा है। इस मामले में पुलिस ने कुल 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसमें 4 किसान नेताओं के नाम शामिल है, वहीं आदोलन से जुड़ी दो महिला वालंटियरों पर अंगुली उठी है।
बता दें कि 10 दिन पहले युवती की कोरोना से मौत होने के बावजूद किसानों ने शव यात्रा निकाली थी। हालांकि कोरोना संक्रमित का एक निश्चित गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्‍कार किया जाता है। किसान आंदोलन के बीच कोरोना से यह पहली मौत थी। इसी बीच युवती के साथ कुछ गलत होने की बातें भी सामने आई थी, लेकिन इस बात को अनदेखा कर दिया गया और कहा गया कि युवती की मौत तो कोरोना से हुई है। हालांकि युवती कोरोना संक्रमित थी, मगर किसानों का कहना था कि उन्‍हें बदनाम करने के लिए दुष्‍कर्म होने जैसी बातें की जा रही हैं। युवती का अंतिम संस्‍कार तो कर दिया गया, लेकिन दुष्‍कर्म होने का मामला गरमाया रहा। शनिवार को संयुक्त मोर्चा की मीटिंग हुई थी।
अब युवती के पिता के बयान पर अब बहादुरगढ़ शहर थाने में मामला दर्ज हुआ है। आरोपी किसान सोशल आर्मी से जुड़े हैं, जिनकी पहचान अनिल मलिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग के रूप में हुई है। दुष्‍कर्म केस दर्ज होने के बाद इस बात की चर्चा हर तरफ हो रही है। वहीं अब बड़ा सवाल ये भी है कि दुष्‍कर्म का मामला तो दर्ज हो गया है, मगर युवती के शव का अंतिम संस्‍कार किए जाने से जांच किस तरह से आगे बढ़ेगी।
May 09, 2021

जींद के निजी अस्पताल में मची है लूट, मरीज को एडमिट करने का मांगा प्रतिदिन खर्चा 50 हजार

जींद के निजी अस्पताल में मची है लूट, मरीज को एडमिट करने का मांगा प्रतिदिन खर्चा 50 हजार 

जींद : जींद के पटियाला चौक क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल द्वारा मरीज को दाखिल करने के लिए प्रतिदिन 50 हजार रुपए का खर्चा बताने की शिकायत मिली है। शिकायत पर रोडवेज जीएम एवं नोडल आफिसर बिजेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में छापामारी की गई। टीम द्वारा अस्पताल तथा उनके रिकार्ड को चैक किया गया। अस्पताल में कोईमरीज दाखिल नहीं मिला। फिलहाल टीम इस मामले में कानूनी पक्ष लेगा और उसके बाद आगामी कार्रवाई के लिए डीसी को मामला भेजा जाएगा।

पटियाला चौक क्षेत्र निवासी सुमित के पिता का आक्सीजन लेवल कम होने के चलते उसे भर्ती करने के लिए उसे निजी अस्पताल के डॉक्टर से फोन पर संपर्क किया। जब फोन पर सुमित ने डॉक्टर से प्रतिदिन चार्ज पूछा तो उसे 50 हजार रुपए बताया गया। इसके बाद उसने फोन काट दिया। यह मामला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया। डॉक्टर व मरीज के अटेंडेंट की रिकार्डिंग जीएम रोडवेज बिजेंद्र हुड्डा को भेजी गई। इसके बाद जीएम रोडवेज ने निजी अस्पताल में छापेमारी की। साथ ही में डिप्टी सीएमओ डॉ. रघुबीर पूनिया भी साथ थे। टीम ने अस्पताल तथा उनका रिकार्ड चैक किया गया, जिसमें कोई मरीज अस्पताल में दाखिल नहीं मिला। इसके बाद टीम वापस आ गई। फिलहाल डॉक्टर के वायस सेंपल की जांच करवाई जाएगी। उसके बाद ही प्रशासन की तरफ से आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जींद के जीएम एवं नोडल ऑफिसर बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि सूचना मिलने पर निजी अस्पताल में टीम गई थी लेकिन वहां कोई मरीज दाखिल नहीं मिला। डॉक्टर व मरीज की परिजन की बातचीत है, जिसमें वह ज्यादा राशि की मांग कर रहा है। यह आवाज डॉक्टर की है या नहीं, इसकी जांच करवाई जाएगी। उसके बाद कानूनी राय लेकर मामला डीसी जींद को भेजा जाएगा। उनके आदेश अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
 
May 09, 2021

हरियाणा में 10 के बाद बिगड़ेगा मौसम, 12-14 को तेज आंधी के आसार

हरियाणा में 10 के बाद बिगड़ेगा मौसम, 12-14 को तेज आंधी के आसार

हिसार : हरियाणा में मौसम 15 मई तक आमतौर पर परिवर्तनशील बने रहने की संभावना है। हरियाणा में 9 व 10 मई को मौसम गर्म परन्तु बीच- बीच में हल्के बादल व हवाएँ चलने की संभावना है। एक और पश्चिमीविक्षोभ  के आंशिक प्रभाव के कारण राज्य में 11 मई की रात्रि से मौसम में फिर से बदलाव आने की संभावना है।

पश्चिमीविक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के उपर बनने वाले एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन से 12 मई से 14 मई के बीच राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में तेज गति से धूलभरी हवाएँ चलने व गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है जिससे दिन के तापमान में गिरावट तथा रात्रि तापमान में हल्की बढोतरी दर्ज होने की संभावना है।
*मौसम पूर्वानुमान आधारित कृषि सलाह:-*

गेहूं के भूसे/तूड़ी को सुरक्षित स्थानों पर अब तक न रखा हो या अच्छी प्रकार से नही ढका हो तो तेज हवा चलने व बारिश की संभावना को देखते हुए जल्दी से जल्दी तूड़ी को ढके या सुरक्षित जगह रखे|

मंडी में गेहूं ले जाते समय तिरपाल अपने साथ अवश्य रखे ताकि संभावित बारिश से अनाज को भीगने से बचाया जा सके।

बारिश की संभावना को देखते हुए नरमा की बिजाई के लिए तैयार खेत में नमी संचित करे व अगले दो तीन दिन बिजाई रोक ले।
May 09, 2021

सीआईए ने 115 पेटी शराब के साथ किया एक गिरफ्तार

सीआईए ने 115 पेटी शराब के साथ किया एक गिरफ्तार

-लोकडाउन के दौरान सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने व बिना लाईसैंस के रखी हुई थी शराब
जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) सीआईए इंचार्ज मनीष सहारण की टीम द्वारा गावं डाहौला से गुप्त सूचना के आधार पर 115 पेटी (1380 बोतल) शराब बरामद की है। इस संबंध में डाहौला निवासी सितार सिहं पुत्र धर्मसिहं को गिरफ्तार किया गया है। 
सीआईए इंचार्ज मनीष सहारण ने बताया कि शुक्रवार शाम को सीआईए की टीम अपराधों की रोकथाम के लिए बस अड्डा नगुरा पर मौजूद थी। इस बीच उप निरिक्षक कुलदीप सिहं को गुप्त सूचना मिली कि गावं डाहौला में अवैध तौर पर शराब बेचने वाले सितार सिहं ने काफी मात्रा में शराब की पेटियां अपने मकान में रखी हुई है। इस सूचना पर सीआईए की टीम ने सितार सिहं के मकान पर रेड की तो उसके मकान से अन्दर से 115 पेटी (1380 बोतल) शराब बरामद हुई। आरोपी सितार सिहं ने अपने मकान में शराब रखने व कोरोना महामारी के दौरान लाॅक-डाउन के सम्बन्ध में सरकार द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों की उल्लंघना करने पर उसके खिलाफ थाना अलेवा में जुर्म धारा 188 आईपीसी व 61-4-20 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। 
गिरफ्तारी के बाद शनिवार को सितार सिंह को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन न्यायिक हिरासत के लिए कोविड-19 की पालना करते हुए हिसार जेल भेजने के आदेश जारी किए गए है।
May 09, 2021

टिकैत ने कहा- सरकार कैंप लगाए, किसान वैक्सीनेशन को तैयार

टिकैत ने कहा- सरकार कैंप लगाए, किसान वैक्सीनेशन को तैयार

बहादुरगढ़ : कृषि कानूनाें काे रद्द करवाने के लिए किसान टिकरी बाॅर्डर पर धरना दे रहे हैं। किसानों की संख्या कम होने पर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंंचे। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण दिल्ली के मोर्चा पर किसान ज्यादा एक साथ बैठने की भीड़ नहीं कर रहे। यह अच्छी बात है, पर किसान जाने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि यहां पर वैक्सीनेशन शिविर लगवाए। यह बात किसान नेता ने पहली बार कही कि किसान वैक्सीन लगवाना चाहते हैं। इससे पहले वैक्सीनेशन का विरोध हो रहा था। टिकैत ने कहा कि टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन को शनिवार को 162 दिन हो गए, लेकिन सरकार ने कोई बात नहीं की। किसानों की मांग अधूरी रह गई।
इससे साफ हो गया कि सरकार कोई बात नहीं करेगी। अब 26 मई को दिल्ली के मोर्चे पर को किसानों को 6 महीने हो जाएंगे। इसके बाद एक बार फिर आंदोलन पर आगे का बड़ा फैसला लिया जाएगा। किसान गर्मी फिर बरसात व सर्दी के लिए भी तैयार हैं।
May 09, 2021

कोरोना बचाव में कुप्रबंधन पर केंद्र व राज्य सरकार जिम्मेवार-परमिंद्र ढुल

कोरोना बचाव में कुप्रबंधन पर केंद्र व राज्य सरकार जिम्मेवार-परमिंद्र ढुल

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) जुलाना के पूर्व विधायक परमिंद्र सिंह ढुल ने कोरोना से लडऩे के लिए मेडिकल व्यवस्था प्रबंधन में खामियों के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार को जिम्म्मेदार ठहराया है। मेडिकल व्यवस्था के कुप्रबंधन पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि महामारी के समय में भी सरकार कोरोना के इलाज से जुड़ी वस्तुओं पर भारी भरकम टैक्स वसूल रही है। ऐसा होने से कोरोना का इलाज बेहद महंगा सिद्ध हो रहा है। शनिवार को जींद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए परमिंद्र सिंह ढुल ने कहा कि सरकार जहां कोविड की वैक्सीन पर 5त्न कर वसूल रही है, वहीं एम्बुलेंस खरीदने पर भी 28त्न जीएसटी ले रही है। इसी प्रकार अलग-अलग कीमत के मुताबिक पीपीई किट पर भी 5त्न और 12त्न जीएसटी वसूला जा रहा है। वहीं कोरोना टेस्ट किट पर 12त्न, मास्क पर 5त्न, वेंटिलेटर पर 12त्न और सैनिटाइजर पर 18त्न टैक्स वसूल किया जा रहा है। इसी प्रकार से ग्लव्स, इंफ्रारेड थर्मामीटर, निस्संक्रामक, टिशू पेपर, फेसशिल्ड, डिस्पोजेेबल बैग, आदि पर 5त्न से 28त्न तक टैक्स लगाया जा रहा है। उन्होंने कि जहां सरकार को टैक्स सरंचना में रियायत देकर कोरोना इलाज को सस्ता बनाना चाहिए था, वहां आज सरकार कोरोना से अपने खजाने भर रही है। अपने ही देश के नागरिकों के प्रति यह सरकार के असंवेदनशील होने की एक बड़ी निशानी है।
उन्होंने कहा कि जहां कोरोना की पहली लहर में देशभर के गरीब मजदूर व दिहाड़ीदार निशाना बने थे, उसी प्रकार अब दूसरी लहर में गरीब मजदूर के साथ साथ मध्यम वर्ग निशाने पर आ गया है। सरकार के व्यवस्था कुप्रबंधन की वजह से यह सब कुछ हो रहा है। दूसरी लहर से लडऩे के लिए सरकार को व्यापक मेडिकल प्रबंधन करने चाहिए थे, मगर सरकार की दिलचस्पी चुनावी नीति बुनने में लगी रही। जिस वक्त ऑक्सीजन तथा दवाओं का प्रबंधन करना चाहिए था, उस वक्त चुनावजीवी सरकार किसानों-मजदूरों को आतंकवादी कहकर देशभर में चुनाव भ्रमण करने में लगी हुई थी। उन्होंने कहा कि जब से वैक्सीन निर्माताओं ने निजी संस्थानों, केंद्र व राज्यों के लिए अलग-अलग कीमतें सार्वजनिक की हैं, तब से टीकाकरण अभियान धीमा हो गया है।
May 09, 2021

ऑक्सीजन पर सुप्रीम कोर्ट का कदम, नेशनल टास्क फोर्स का गठन

ऑक्सीजन पर सुप्रीम कोर्ट का कदम, नेशनल टास्क फोर्स का गठन

नई दिल्ली   : देश पर कोरोना वायरस जैसी बड़ी विपदा आई हुई है और इस बीच ऑक्सीजन पर बड़ी मार दिख रही है। मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत हो रही है और ऐसे में उनकी जान भी चली जा रही है। फिलहाल, सरकार से इस बारे में खूब कहने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने ऑक्सीजन के इंतजामात अपने हाथ में ले लिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर शनिवार को सुनवाई की और एक नेशनल टास्क फोर्स का गठन करने का फैसला लिया। बताया जाता है कि इस टास्क फोर्स में 12 सदस्य होंगे। 12 सदस्यों की यह टास्क फोर्स पूरे देश में ऑक्सीजन की जरूरत और वितरण पर नजर रखेगी।
 
May 09, 2021

दीपक कौशिक ने कोविड-19 जागरूकता अभियान किया शुरू

दीपक कौशिक ने कोविड-19 जागरूकता अभियान किया शुरू

*गत वर्ष भी जन जागरण अभियान के तहत किए कई आयोजन*
जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) कोविड-19 कोरोनावायरस की दूसरी लहर और भी भयानक विकराल रूप लेकर उभरी है हम सबको सावधानियों के साथ इस लड़ाई को हर हाल में जीतना है इसके लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है संस्कार भारती के प्रांत चित्रकला प्रमुख दीपक कौशिक ने एक बार फिर कोविड-19 के खिलाफ अपनी तूलिका व रंगों के माध्यम से व्यंग चित्र बनाकर मुहिम की शुरुआत की है जिसमें कोविड-19 का कोरोना अभियान से लेकर वैक्सीन कि हर व्यक्ति को जरूरत पर बल देते हुए 2 गज दूरी मास्क है जरूरी जैसे संदेशों के साथ नए चित्रों की रचना कर सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनमानस के बीच अलख जगा रहे हैं। इससे पूर्व गत वर्ष उन्होंने अपनी कला को हथियार बनाकर जींद शहर की मुख्य सड़कों पर चित्रकारी एवं 700 फुट की लाइव पेंटिंग, हस्ताक्षर अभियान व मास्क वितरण के कई आयोजनों को आम जनमानस के बीच सफलतापूर्वक आयोजित किए एक बार फिर वह अपनी कला के माध्यम से समाजिक चेतना व कोविड-19 के फैलाव को कैसे रोका जा सकता है इस पर चित्रकारी करके आम जनमानस को समझाने के प्रयास में लगे हैं।
May 09, 2021

अस्पतालों में भर्ती होने के लिए बदला नियम, अब कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव होना जरुरी नहीं, देखिये नई गाइडलाइंस

अस्पतालों में भर्ती होने के लिए बदला नियम, अब कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव होना जरुरी नहीं, देखिये नई गाइडलाइंस

नई दिल्ली : कोरोना रोगियों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की राष्ट्रीय नीति में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बदलाव किया है। नई नीति के मुताबिक कोविड वायरस से संक्रमित किसी भी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने के लिए पॉजिटिव सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

यानी कि अब मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के लिए कोविड-19 की पॉजिटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। पहले अस्पतालों में भर्ती करवाने के लिए कोविड की पॉजिटिव रिपोर्ट या फिर सीटी-स्कैन की जरूरत होती थी।
कोविड-19 के संदिग्ध मामले वाले मरीज को केस की गंभीरता के मुताबिक संदिग्ध वॉर्ड सीसीसी, डीसीएचसी और डीएचसी में भर्ती किया जाएगा। किसी भी मरीज को किसी भी वजह से सेवाएं देने से मना नहीं किया जाएगा।
इसमें ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं जैसी दवाएं शामिल हैं, भले ही रोगी किसी अलग शहर का रहने वाला हो।

नई नीति के मुताबिक किसी भी मरीज को उस शहर में, जहां अस्पताल स्थित है वैध पहचान पत्र न उपलब्ध करा पाने में सक्षम न होने पर प्रवेश देने से मना नहीं किया जाएगा। अस्पताल में प्रवेश जरूरत के आधार पर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि देश में एक दिन में कोविड-19 से रिकॉर्ड 4,187 मरीजों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 2,38,270 पर पहुंच गई है जबकि 4,01,078 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,18,92,676 हो गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक 37,23,446 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है जो कुल मामलों का 17.01 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर घटकर 81.90 प्रतिशत हो गई है।
आंकड़ों के मुताबिक बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या 1,79,30,960 हो गई है जबकि संक्रमण से मृत्यु दर 1.09 फीसदी दर्ज की गई है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक सात मई तक 30,04,10,043 नमूनों की जांच की गई है जिनमें से 18,08,344 नमूनों की शुक्रवार को जांच की गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों की मौत अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई है।
May 09, 2021

डीएसपी बिजेंद्र सिंह का कोरोना के चलते निधन हो गया है... बिजेंद्र सिंह फिलहाल महेंद्रगढ़ में तैनात थे

डीएसपी बिजेंद्र सिंह का कोरोना के चलते निधन हो गया है... बिजेंद्र सिंह फिलहाल महेंद्रगढ़ में तैनात थे

महेंद्रगढ़ : रोहतक के रहने वाले हरियाणा पुलिस में डीएसपी बिजेंद्र सिंह का कोरोना के चलते निधन हो गया है... बिजेंद्र सिंह फिलहाल महेंद्रगढ़ में तैनात थे।

May 09, 2021

विज की नाराजगी के बाद पुलिस विभाग ने कोविड-19 अस्पताल के लिए 440 गाड़ियां की रिलीज

विज की नाराजगी के बाद पुलिस विभाग ने कोविड-19 अस्पताल के लिए 440 गाड़ियां की रिलीज

चंडीगढ़  : हरियाणा के हैल्थ, होम एंड लोकल बॉडी मंत्रालय व उनके मंत्री अनिल विज पूरी तरह क्मांडिंग मूड में चल रहे है। प्राइवेट अस्पतालों में बेड, आक्सीजन, दवाईयों के दाम ज्यादा वसूले जाने की खबरों पर विज कहते हैं कि यह वक्त नहीं है कि किसी पर सख्ती करें। दवाईयों व आक्सीजन के आभाव में किसी की मौत नही होनी चाहिए, वरना सब जानते हैं कि मेरा नाम अनिल विज है। इसके साथ ही कमांडिंग आपरेशन में अनिल विज के दवाब के चलते पुलिस विभाग को डायल 112 की 440 गाड़ियां एम्बुलेंस सेवा "कोविड-19 हस्पताल सेवा" के लिए रिलीज करनी पड़ी हैं। कुल 630 वाहनों में से अन्य वाहन भी जल्दी रिलीज हो सकते हैं। अनिल विज का कहना है कि किसी गलत काम करने वाले को कभी बख्शता नहीं। यह तो मामला इंसान के जीवन से जुड़ा हुआ है। जो कोई भी अमानवीय कार्य कॅरोना की इस दूसरी तीव्र लहर में कर रहे हैं। सबकी खबर है। यह लोग अभी भी संभल जाएं ।

हरियाणा में इन दिनों एम्बुलेंस संचालकों द्वारा मनमाने दाम वसूले जाने के मामले सामने आ रहे हैं। जिस पर अब सरकार पुरी तरह सख्त हो गई है। न सिर्फ एम्बुलेंस बल्कि इस आपदा की घड़ी में हर प्रकार की कालाबाज़ारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए हरियाणा में एक कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। जिसके तहत अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव मरीजों से एम्बुलेंस चालकों द्वारा मनमाने दाम वसूलने की घटनाओं को देख अनिल विज ने ड्रीम प्रोजेक्ट हरियाणा पुलिस द्वारा डायल 112 के लिए खरीदे गए 630 वाहन तुरंत स्वास्थ्य सेवा एम्बुलेंस सेवा "कोविड-19 हस्पताल सेवा" के रूप में भेजने के आदेश दिए। पुलिस विभाग ने डायल 112 की 126 वाहन कई जिलों में भेज दिए।
अनिल विज इस घटनाक्रम से पुलिस अधिकारियों द्वारा सभी वाहन न दिए जाने पर खफा नजर आए। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने उन्हें सूचना दी कि डायल 112 के सभी वाहन देने में कोई एतराज नहीं है। वाहन चालकों की कमी है। विज ने पुलिस विभाग में ट्रेंड ड्राइवरों को लगाने व फिर भी कमी पूरी रहने पर उन्हें बताने को कहा। पुलिस विभाग ने 4-5 दिनों में डायल 112 की 440 गाड़ियां एम्बुलेंस सेवा "कोविड-19 हस्पताल सेवा" के लिए रिलीज कर दी। अभी भी पूरी गाड़ियां नहीं भेजी गई हैं। सम्भावना है कि बाकी डायल 112 के वाहन भी जल्दी रिलीज कर कोविड पेशेंटों की सेवा में लगा दी जाएगी | पुलिस विभाग के पास यह विकल्प ड्राइवरों की कमी पूरी करने के लिए खुला है। रोडवेज से ड्राइवर लिए जा सकते हैं।
संख्या बढ़कर 40 हो गई , जिनमें 19 सरकारी तथा 21 प्राइवेट    
अनिल विज के अनुसार प्रतिदिन जितने कोरोना के नए मरीज अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं, उनके 83 प्रतिशत से अधिक मरीज ठीक होकर घर भी जा रहे हैं। होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे प्रत्येक जिले के जरूरतमंद मरीजों को उनके घर द्वार पर ऑक्सीजन सिलैण्डर की सप्लाई 9 मई यानि रविवार से शुरू कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य कैंप लगाने के साथ विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहॉ है।अनिल विज के अनुसार पिछले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में कोरोना की कुल 13 टेस्टिंग लैब थी, जिनमें 8 सरकारी व 5 प्राइवेट लैब शामिल थी. आज इनकी संख्या बढ़कर 40 हो गई है, जिनमें 19 सरकारी तथा 21 प्राइवेट है। जल्द ही 8 नई लैब भी शुरू हो जाएंगी। प्रदेश में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों व प्राइवेट अस्पतालों में कुल 11.354 ऑक्सीजन बेड तथा 4,563 वेटीलेटर/आई.सी.यू. बेड की व्यवस्था है। प्रदेश में इस समय विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों व प्राइवेट अस्पतालो में 9,188 कोरोना मरीज ऑक्सीजन स्पॉट पर तथा 4033 मरीज वेंटीलेटर/आई.सी.यू.हैं।
अनिल विज के अनुसार पिछले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में मेडिकल कॉलेजों में कोरोना मरीजों के लिए 2.674 बेड की व्यवस्था थी, जो अब बढ़कर 8,777 बेड हो गई है।13 पिछले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कुल 9.444 बेड की व्यवस्था थी, जो अब बढ़कर 22.429 हो गई है।पिछले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में कोरोना के 10 लाख लोगों में से 1675 लोगों के टेस्ट किये जा रहे थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 3 लाख से भी अधिक हो गई है। पिछले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में प्रतिदिन 42 हजार टेस्ट किये जाते थे, वहीं आज प्रतिदिन 52 हजार से अधिक टेस्ट किये जा रहे हैं।पिछले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में लोगों के कोरंटाइन के लिए कुल 17,618 बेड की व्यवस्था थी, जो अब बढ़कर 55,438 बेड हो गई है।
*रेमडेसिविर के सही वितरण का प्रबंधन*
अनिल विज के अनुसार इंजेक्शन रेमडेसिविर के सही वितरण के लिए  जिला स्तरीय समिति का पुनर्गठन किया है समिति के चेयरमैन संबंधित जिला के अतिरिक्त उपायुक्त होंगे और इसमें सिविल सर्जन या उनके प्रतिनिधि, आईएमए के जिला अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि तथा मुख्य फार्मासिस्ट/फार्मासिस्ट भी शामिल होंगे। ताकि इस इंजेक्शन के अंधाधुंध उपयोग की बजाए केवल जरूरत मंद रोगी को ही यह इंजेक्शन दिया जा सके।कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए रेमडेसिविर के इंजेक्शन की आवश्यकता पडऩे पर संबंधित जिले की समिति को आवेदन करना होगा। इंजेक्शन देने के लिए अनुमोदित अस्पताल को एचएमएससीएल द्वारा बताई गई वास्तविक लागत को संबंधित सिविल सर्जन को जमा करवाना होगा।
इसके अलावा, संबंधित सिविल सर्जन अनुमोदित अस्पताल के अधिकृत व्यक्ति को दवा जारी करेगा। प्रवक्ता ने कहा कि इंजेक्शन से एकत्र की गई राशि एचएमएससीएल के खाते में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी सिविल सर्जन उसी दिन दवा जारी करना सुनिश्चित करेंगे, क्योंकि स्टोर सप्ताह में सातों दिन 24 घण्टे खुला रहेगा यदि रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी किया जाता है और रोगी की मृत्यु हो जाती है तो संबंधित अस्पताल रोगी के परिवार को राशि की प्रतिपूर्ति करेगा और उस दवा का उपयोग भविष्य में अनुमोदित केस के लिए स्टॉक में रखेगा। सिविल सर्जन को ऐसे मामले की तुरंत जानकारी दी जाएगी।
*कांग्रेस पर पलटवार* 
सोनिया गाँधी की मांग और उनके द्वारा उठाये जा रहे सवालों पर आज हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पलटवार किया है। विज ने कहा कि हौंसला बढ़ाने की बजाय कांग्रेस हर रोज़ कोरोना से लड़ रहे लोगों का मनोबल गिराना चाहती है। वहीं अनिल विज ने आज अपनी जान की परवाह किये बिना कोरोना मरीजों की जिंदगियां बचाने में जुटे डॉक्टर्स , नर्सों , पैरा मेडिकल स्टाफ और सभी बैक ऑफिस में काम कर रहे लोगों सेल्यूट किया। कि वो लोग इस लड़ाई को लड़ रहे हैं और जीत की तरफ बढ़ रहे हैं। 
May 09, 2021

रामदेव ने कोरोना मरीजों का उड़ाया मज़ाक! बोले- लोग ऑक्सीजन बिना मर रहे हैं जो भगवान ने मुफ्त में दे रखा है, ले लो बावले

रामदेव ने कोरोना मरीजों का उड़ाया मज़ाक! बोले- लोग ऑक्सीजन बिना मर रहे हैं जो भगवान ने मुफ्त में दे रखा है, ले लो बावले

हरिद्वार : योगगुरु स्वामी रामदेव अपने शिविरों में इन दिनों ऑक्सीजन से मर रहे लोगों का मजाक उड़ा रहे हैं और उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
स्वामी रामदेव को अक्सर मोदी सरकार और भाजपा का बचाव करते हुए किसी भाजपा प्रवक्ता की तरह बयान देते हुए सुना जा सकता है।
अब एक बार फिर जब पूरा देश कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर सरकार के प्रति आक्रोश में है तो वैसे में स्वामी रामदेव एक बार पुनः मोदी सरकार के बचाव में उतरते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हरिद्वार के योगग्राम में अपने योग शिविर के दौरान रामदेव कह रहे हैं कि लोग ऑक्सीजन के अभाव में मर रहे हैं जबकि भगवान ने मुफ्त में ऑक्सीजन दे रखी है। ऑक्सीजन की कमी पड़ गई है, भगवान ने सारा ब्रह्मांड भर रखा है ऑक्सीजन से. ले तो ले बावड़े !
ये भाषा है ऑक्सीजन की कमी झेल रहे मरीजों के प्रति रामदेव की। एक संन्यासी जब व्यापारी बन जाता है तो ऐसी ही असंवेदनशीलता का परिचय देता है।
रामदेव इतने पर ही नहीं रुकते। वो आगे कहते हैं कि बाहर सिलेंडर सिलेंडर करते फिर रहे हैं। दोनों नाकों को पकड़ कर वो कहते हैैं कि ये सिलेंडर देखो. हुंह, सिलेंडर कम पड़ गए !
इसके बाद रामदेव ने एक बार फिर सनसनीखेज दावा करते हुए कह दिया है जिनका ऑक्सीजन लेवल 70 80 तक आ गया था, मैंने उन्हें अनुलोम विलोम और योगाभ्यास से ठीक कर दिया।
फिल्ममेकर विनोद कापड़ी ने रामदेव की इस हरकत का ट्वीटर पर करारा जवाब दिया है। कापड़ी ने लिखा है “ऑक्सीजन कम पड़ गया, बेड कम पड़ गए, श्मशान कम पड़ गए लोगों को फूंकने के लिए और अपने आसनों की महिमा बताने के लिए रामदेव बेशर्मी से ऑक्सीजन की कमी से हजारों लोगों की मौत का मजाक उड़ाने लगे. ऐसा आदमी कोई स्वामी नहीं बस ढोंगी हो सकता है”
जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से रामदेव का दुस्साहस इतना ज्यादा बढ़ गया है कि ये कभी कोरोना की दवा लॉन्च कर देते हैं तो कभी अपने आसनों और औषधियों से कैंसर जैसी जटिल बीमारी के ठीक होने का दावा करते हैं।
इस बार ऑक्सीन सिलेंडर की कमी से मर रहे लोगों की खिल्ली उड़ाते हुए रामदेव ने बिना सिलेंडर के ही ऑक्सीजन लेवल ठीक करने का दावा ठोंक दिया है। ऐसे गलत संदेश फैलाने वाले लोगों पर सरकार भी कार्रवाई नहीं करती !
May 09, 2021

गाँवो मे कोरोना को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

गाँवो मे कोरोना को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

चंडीगढ : सीएम मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा पंचायत विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की।उन्होंने इस दौरान प्रशिक्षु डॉक्टरों के नेतृत्व में 8,000 टीमों का गठन करने का निर्देश दिया है। जिसमें आशा, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल रहेंगे।मुख्यमंत्री ने बैठक में ग्रामीण इलाकों में कोरोना टेस्टिंग के लिए हर घर तक पहुंचने के आदेश दिये हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी पत्रकारों को टीके लगाए जाने की के निर्देश दिए।इसके लिए सभी जिलों के मीडिया केन्द्रों पर टीकाकरण की तैयारी की जाएगी।
बैठक के दौरान बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता जाहिर की गई।इसे रोकने को लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए जमीनी स्तर पर काम करने को कहा गया। इसके लिए मुख्यमंत्री ने गांवों में टेस्टिंग के लिए 8 हजार टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं. इसमें आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मिलाकर टीमें बनाई जाएं। सीएम ने कहा कि प्रशिक्षु डॉक्टरों की अगवाई में टीमों का गठन किया जाए।गांव में धर्मशाला, सरकारी स्कूलों या आयुष केंद्रों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील किया जाए. गांवों में टेस्टिंग के लिए 8000 टीमें बनाने के निर्देश, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मिलाकर गठन करने के निर्देश दिए गए है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शहरों कस्बों के अलावा गांव गांव तक पहुंचकर लोगों की जांच किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर हाल में कोरोना संक्रमण की चेन का तोडऩा जरूरी है।इसके लिए अधिकारी पूरी तरह से जुट जाएं।आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गांव गांव पहुंचकर टेस्टिंग कर संक्रमित लोगोंं को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही पत्रकारों को भी प्रदेश में जरूरी रूप से टीका लगाया जाए। पत्रकारों को रिपोर्टिंग करते समय कोरोना का खतरा ज्यादा रहता है।इसलिए हर जिला मुख्यालय पर कोरोना टीकाकरण के लिए पत्रकारों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है।
May 09, 2021

सुप्रीम स्कूल में मनाया ऑनलाइन मातृ दिवस

सुप्रीम स्कूल में मनाया ऑनलाइन मातृ दिवस

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) सुप्रीम सीनियर सेकेंडरी स्कूल जींद में मातृ दिवस के उपलक्ष्य पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें नर्सरी क्लास से आठवीं क्लास तक के सभी बच्चों द्वारा कविता पाठ, कार्ड मेकिंग, सेल्फी विद मदर, मां के संग पौधारोपण, गीत गायन इत्यादि अनेकों प्रतियोगिताएं करवाई गई ।जिसमें सभी प्रतिभागी बच्चों को ई- सर्टिफिकेट व प्रथम, द्वितीय और तृतीय आने वाले बच्चों को विशेष पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सत्येंद्र त्रिपाठी ने ऑनलाइन अभिभावकों से रूबरू होते हुए मां की महिमा का व्याख्यान किया व बताया कि हमारी माँ हमारे लिये सुरक्षा कवच की तरह होती है क्योंकि वो हमें सभी परेशानियों से बचाती है। कभी अपनी परेशानियों का ध्यान नहीं देती और हर समय बस हमें ही सुनती है। धरती पर मौजूद प्रत्येक इंसान का अस्तित्व, मां के कारण ही है। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरत अत्री ने भी मां की महिमा के बारे में बताते हुए कहा कि मां के जन्म देने पर ही मनुष्य धरती पर आता है और मां के स्नेह दुलार और संस्कारों में मानवता का गुण सीखता है। इसीलिए मातृ दिवस को मनाना और भी आवश्यक हो जाता है। हम अपने व्यस्त जीवन में यदि हर दिन न सही तो कम से कम साल में एक बार मां के प्रति पूर्ण समर्पित होकर इस दिन को उत्सव की तरह मना सकते हैं इसके साथ ही सभी माताओं को नमन किया व कार्यक्रम की संयोजिका रेनू, मानसी व रुचिका को ऑनलाइन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष रूप से बधाई दी।
May 09, 2021

पड़ोसी संग पत्नी हुई फरार, पति ने फांसी लगाकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

पड़ोसी संग पत्नी हुई फरार, पति ने फांसी लगाकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) जींद के उचाना ब्लॉक के घोघड़ियां गांव में एक युवक ने पत्नी के पड़ोसी संग भागने से आहत होकर खुदकुशी कर ली। युवक ने सुसाईड नोट भी छोड़ा है जिसमें चार लोगों पर आरोप लगाए हैं। युवक ने पत्नी के अवैध संबंधों का भी जिक्र किया है।

युवक ने अपनी पत्नी के अवैध संबंधों से तंग आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। मृतक की पहचान घोघड़ियां गांव निवासी 27 वर्षीय दिलेर के रूप में हुई है। अत्महत्या से पहले मृतक ने सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए पत्नी के प्रेमी और दो सालों को जिम्मेदार ठहराया।


सुसाइड नोट में उसने गांव के ही रहने वाले मोना हॉल आबाद टोहाना तथा कैथल जिले के सीवन गांव निवासी रणबीर, जसबीर व टॉटी पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने चारों को नामजद कर जांच शुरू कर दी है।
उचाना थाना पुलिस को दी शिकायत में व्यक्ति ने बताया कि गांव का रहने वाला मोना हाल आबाद टोहाना ने पांच मई को बहला-फुसलाकर उसकी बहू को भगा ले गया। उसको और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान मोना के साथ रणबीर, जसबीर व टाटी ने भी उनको धमकी दी। उसकी बहू को भगाने में तीनों का हाथ है।
व्यक्ति ने बताया कि उसकी बहू के भागने से बेटे ने आहत होकर आत्महत्या कर ली। उचाना थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आत्महत्या करने वाले युवक की पत्नी को भगाकर ले जाने व युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में चार लोगों को नामजद करने के बाद जांच शुरू कर दी है।

इसमें बताया गया है कि उसकी पत्‍‌नी के गांव के ही मोना के साथ अवैध संबंध है। बार-बार मना करने पर भी मोना नहीं रहा है। इसको लेकर उसने अपने साले गांव सीवन निवासी जस्सू तथा रणबीर को भी बताया। दोनों ने उसके साथ मारपीट की।
मामला थाने तक भी पहुंचा लेकिन पंचायती तौर पर समझौता हो गया। इसके बाद भी मोना अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। उसके साले जस्सू व रणबीर ने उसे धमकी दी। उचाना थाना पुलिस ने रघबीर की शिकायत पर सुसाइड नोट को आधार मान गांव के ही मोना, गांव सीवन निवासी जस्सू तथा रणबीर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है।
May 09, 2021

किसान बोला- अगर ये ऑक्सीजन सिलेंडर हमारे खेतों में पैदा होते तो हम किसी को यूं तड़पकर मरने नहीं देते

किसान बोला- अगर ये ऑक्सीजन सिलेंडर हमारे खेतों में पैदा होते तो हम किसी को यूं तड़पकर मरने नहीं देते

नईं दिल्ली : देश में फैली कोरोना महामारी में अब तक लाखों लोगों ने अपनी जान खो दी है। कोरोना पीड़ितों के परिवार अस्पतालों में असहाय होकर अपनों को मरते हुए देख रहे हैं।
ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस देश की सरकार सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने का काम कर रही है।
विपक्षी दलों द्वारा कई बार ये आरोप लगाया जा चुका है कि मोदी सरकार सिरफ पूंजीपतियों की सरकार है। जो आज साबित हो गया है।
कोरोना महासंकट में आज गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार बेसिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अस्पतालों में तड़प रहे हैं। ऐसे में कई गैर सरकारी संगठन लोगों की मदद के लिए सामने आ रहे हैं। बड़ी तादाद में लोगों को मदद पहुंचाने के लिए दिन-रात यह संस्थाएं काम में जुटी हुई है। इसी बीच देश में आई संकट की घड़ी में देश के किसानों ने भी लोगों की मदद करने की बात कही है।
पत्रकार मनदीप पुनिया द्वारा एक ट्वीट किया गया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि आज एक किसान ने कहा, “अगर ये ऑक्सीजन सिलेंडर हमारे खेतों में पैदा होते तो किसी को यूं तड़फकर नहीं मरने देते.”
गौरतलब है कि किसान को देश का अन्नदाता कहा जाता है। जब भी देश में कोई प्राकृतिक आपदा आई है। तब तब देश के किसानों ने आगे बढ़कर लोगों की मदद की है।
किसानों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा है कि अगर उनके खेतों में वह ऑक्सीजन बना पाते तो आज ऐसे हालात ही ना होते।
इस आपदा की घड़ी में दुनिया के कई देशों ने भारत को ऑक्सीजन और अन्य मेडिकल सामान की मदद की है।
लेकिन मोदी सरकार द्वारा कई राज्यों में यह सामान वक्त पर नहीं पहुंचाया गया। जिसकी वजह से कई जाने चली गई है। पीड़ितों के परिवार इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
कहा जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर भी आने वाली है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सरकार देश को कैसे बचाएगी।
May 09, 2021

एम्बुलेंस मालिक निर्धारित रेट से अधिक न करें वसुली, अन्यथा होगी कार्रवाई- डीसी

कोरोना प्रबंधक कमेटी ने निर्धारित किए एम्बुलेंस के रेट

-एम्बुलेंस मालिक निर्धारित रेट से अधिक न करें वसुली, अन्यथा होगी कार्रवाई- डीसी
जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) जिले में कोविड मरीजों को राहत प्रदान करते हुए जिला प्रशासन ने एम्बुलेंस गाडियों के रेट निर्धारित कर दिए है। कोई भी एम्बुलेंस गाडी का चालक या मालिक निर्धारित रेट से अधिक वसुल नहीं करेगा, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह जानकारी शनिवार को डीसी डॉ आदित्य दहिया ने दी।
उन्होंने कहा कि रोडवेज महाप्रबंधक बिजेन्द्र सिह हुडडा की अध्यक्षता में बनाई गई कोविड प्रबंधक कमेटी ने फैसलां लिया है कि कोविड मरीजों को साधारण आवागमन एम्बुलेंस गाडी का किराया जो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या घर से उच्च स्वास्थ्य केन्द्रों तक लाने व ले जाने का कार्य करेंगी। उनकी दर 10 किलोमीटर दूरी तक 350 रूपए व 10 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने पर 12 रूपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से देने होंगे। इसी प्रकार बेसिक लाइफ स्पोर्टस एम्बुलेंस गाडियां भी 10 किलोमीटर तक 350 रूपए और इससे ज्यादा दूरी तय करने पर 12 रूपए प्रति किलोमीटर दर के हिसाब से ले सकेंगे।
इसमें पैरामैडिकल स्टाफ की चार्जिंग मरीज को अलग से देनी होंगी। अत्याधुनिक सुविधाजनक एम्बुलेंस गाडियां जिसमें मरीज के लिए वैंटिलेटर संहित अन्य मैडिकल उपकरण भी होंगे, के लिए 10 किलोमीटर तक 1000 रूपए व इससे ज्यादा दूरी तय करने पर 25 रूपए प्रति किलोमीटर देने होंगे। शव वाहिनी एम्बुलेंस गाडी के लिए 10 किलोमीटर तक 800 रूपए तथा 10 किलोमीटर से उपर 12 रूपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से देने होंगे।
उन्होंने बताया कि सभी एम्बुलेंस चालक/ मालिक सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के नियमों की अनुपालना करना सुनिश्चित करेंगे। कोविड 19 के दृष्टिगत एम्बुलेंस में चालक व मरीज के बीच पार्टिशन होना अनिवार्य है। शव वाहिनी के अतिरिक्त सभी एम्बुलेंस गाडियों में पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन का होना जरूरी है और चालक की पीपीई कीट का वहन मरीज या मरीज के सहायक द्वारा करना होगा।
इस मौके पर सहायक आयुक्त दीपक कुमार, आरटीए के सहायक सचिव राजेश कुमार, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी सुहिता दुग्गर, आईएमए के प्रधान अजय गोयल, फलीट मैनेजर दिनेश कुमार भी उपस्थित रहे।
May 09, 2021

हरियाणा के सभी गांव में कोरोना की टेस्टिंग के लिए 8000 टीमों का गठन

हरियाणा के सभी गांव में कोरोना की  टेस्टिंग के लिए 8000 टीमों का गठन

चंडीगढ़ :  - गांवों में कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की उच्च स्तरीय बैठक में 8000 टीमों का किया गया गठन।
-6700 गांवों में घर-घर जाकर की जाएगी कोरोना की टैस्टिंग
-गावों में दवाइयों की उपलब्धता पर भी रखा जाएगा ध्यान
-स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी होगा हर एक टीम का प्रमुख 
-गांवों को कोरोना संक्रमण से बचाने की कोशिश
-मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंतिम व्यक्ति तक टेस्टिंग के दिये आदेश
-ग्रामीण इलाकों में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पंचायत विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक 
-मुख्यमंत्री ने बैठक में ग्रामीण इलाकों में कोरोना टेस्टिंग के लिए हर घर तक पहुंचने के दिये आदेश
-गांवों में टेस्टिंग के लिए 8 हजार टीमें बनाने के निर्देश
-आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मिलाकर बनाई जाए टीमें
-ट्रेनी डॉक्टरों की अगुवाई में बनाई जाए टीमें- मुख्यमंत्री
-गांव में धर्मशाला, सरकारी स्कूलों या आयुष केंद्रों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील किया जाए- मनोहर लाल
May 09, 2021

कार्यपालिका द्वारा बनाए गए वैक्यूम को भरने के लिए न्यायपालिका कदम। न्यायपालिका द्वारा वैक्यूम बनाने में कौन कदम रखेगा? - अशोक खेमका

कार्यपालिका द्वारा बनाए गए वैक्यूम को भरने के लिए न्यायपालिका कदम। न्यायपालिका द्वारा वैक्यूम भरने में कौन कदम रखेगा? -  अशोक खेमका

आज  शनिवार देर रात हरियाणा के चर्चित आइएएस अधिकारी अशोक खेमका जो फ़िलहाल  हरियाणा, अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के प्रधान सचिव है ने  ट्विटर कर ट्वीट कर न्याय पालिका पर बड़ा सवाल खड़ा किया है , उन्होंने अपने ट्वीट मे लिखा कि "कार्यपालिका द्वारा बनाए गए वैक्यूम को भरने के लिए न्यायपालिका कदम। न्यायपालिका द्वारा वैक्यूम भरने में कौन कदम रखेगा? -  "| 

ये तंज देश की राजनितिक व्यवस्था पर- हितेश हिन्दुस्तानी

हरियाणा बुलेटिन न्यूज़ को सामाजिक मुद्दों के जानकार हितेश हिन्दुस्तानी ने बताया की खेमका का ये ट्वीट देश की न्यायपालिका के साथ साथ राजनितिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़ाने वाला है, उनका इशारा आज के हालातो पर है जब कार्यपालिका द्वारा बनाए गए नियमों मे कमी दूर करने के लिए न्यायपालिका कदम उठा रही है लेकिन यदि न्यायपालिका के कदमो मे भी कोई कमी रह जाती है तो क्या देश मे कोई राजनितिक व्यवस्था कार्य कर रही है जो देश के हालातों की समीक्षा करके उचित कदम उठा सके |

अशोक खेमका के ट्वीट पर आपकी क्या राय है हमे ईमेल करे haryanabulletinnews@gmail.com

अशोक खेमका का परिचय 

वह 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनके द्वारा विभागों में भ्रष्टाचार उजागर किए जाने के बाद वह बार बार हरियाणा के अपने गृह कैडर में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा स्थानांतरित किये गये हैं। खेमका 27 साल में 53 बार स्थानांतरित हुये हैं।

बंसीलाल के नेतृत्व वाली हरियाणा विकास पार्टी की सरकार के दौरानडॉ॰ खेमका का कई बार तबादले हुए। ओम प्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली इनलो की सरकार के दौरान डॉ॰ खेमका का पांच साल में नौ बार तबादला हुआ और निदेशक के रूप में श्रम एवं रोजगार रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग में 15 महीनों का कार्यकाल पूरा किया जो कि सेवा के 21 वर्षों के दौरान अपने सबसे लंबा समय है। भूपेंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार के दौरान डॉ॰ खेमका का कई बार तबादले हुए | हर बार खेमका ने अपने तबादले को ले कर मिडिया में सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की।  

मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार के दौरान डॉ॰ खेमका का कई बार तबादले हुए 2017 नवम्बर में अशोक खेमका 26 वर्षों की जॉब में 51 बार तबादला हुआ है यह तबादला भाजपा सरकार के शाशन काल में 6 या 7 बार हो रहा है। अब की बार इन्हें इनके सबसे बड़े हितेषी अनिल विज के विभाग में किया गया है।

मौत की धमकी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच संदिग्ध भूमि सौदों पर राज्य सरकार कार्रवाई करने वाले श्री खेमका को मौत की धमकी तक प्राप्त हुई। यह शिकायत HSDC मुख्य प्रबंधक के.आर.शर्मा ने पंचकूला पुलिस के पास दर्ज कराई।

विवाद

खेमका हाल ही में हरियाणा के महानिदेशक भूमि और भूमि पंजीकरण के रिकार्ड व महानिरीक्षक थे। विभाग में अपने 80 दिन के कार्यकाल के दौरान, खेमका ने नव निर्मित रियल एस्टेट कंपनियों के लिए रुपयों की कई सौ करोड़ रुपये मूल्य की पंचायत भूमि के हस्तांतरण को शामिल भूमि लेनदेन में गंभीर अनियमितताओं का पता लगाया था।

पुरस्कार

'भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्मयुद्ध' के लिए - '2011 एसआर जिंदल पुरस्कार' से सम्मानित किया। उच्च पदों पर भ्रष्टाचार को उजागर करने में उनकी निडर प्रयासों के लिए श्री संजीव चतुर्वेदी के साथ 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला।

Saturday, May 8, 2021

May 08, 2021

भाजपा सरकार दुष्यंत चौटाला को मोहरा बना कर आए दिन किसानों को भडकाने को प्रयास कर रही है- होशियार सिंह

भाजपा सरकार दुष्यंत चौटाला को मोहरा बना कर आए दिन किसानों को भडकाने को प्रयास कर रही है- होशियार सिंह            

-बदोवाला टोल प्लाजा पर चल रहा 135वें दिन में प्रवेश
जींद /नरवाना : बदोवाल टोल प्लाजा पर चल रहे धरने का शनिवार को 135वां दिन था। किसान नेताओं ने धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला को सरकार ने किसानों को भड़काने के लिए तैयार कर लिया है तो सरकार भी यह जान ले कि भाजपा-जजपा का कोई भी नेता जींद जिले में कदम नहीं रख सकता और वह कोई नेता आ भी जाता है तो उसका विरोध करने के लिए लाखों की संख्या में किसान मौजूद रहेंगे। किसान नेता होशियार सिंह ने कहा कि शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला जींद में पहुंचना था लेकिन दुष्यंत चौटाला से पहले उनका विरोध करने के लिए लाखों की संख्या में किसान जींद के रेस्ट हाउस के बाहर पहुंच गए थे। जिसके बाद प्रशासन द्वारा कई बार गेट लगाकर किसानों को रास्ते में रोकने का प्रयास किया गया लेकिन किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन करते हुए जीन्द केपीडब्ल्यू रेस्टहाउस तक पहुंचे और वहां अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान भारी पुलिस बल भी सरकार द्वारा जींद में तैनात किया गया थे। जिससे सरकार के लोगों की धज्जियां खुद प्रशासन ही उड़ाता दिखा किसान नेता ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा कई बार आह्वान कर चुका है कि किसान आंदोलन के जारी रहने तक बीजेपी का कोई भी नेता किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित ना करें अन्यथा उसका अंजाम बुरा ही होगा।
होशियार सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार ने अब दुष्यंत सिंह चौटाला को अपना मोहरा बना लिया है जो आए दिन प्रदेश में कहीं ना कहीं जाकर किसानों को भड़काने का प्रयास करते हैं ताकि किसानों के आंदोलन को बदनाम करके उसे आसानी से तोड़ा जा सके। लेकिन किसान पिछले कई महीनों से जिस प्रकार शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं उसी प्रकार आंदोलन जारी रहेगा क्योंकि खेत में खेती करना हमारा धर्म है और जब हमसे हमारी खेती ही छीन ली जाएगी तो हम अपने ही खेतों में मजदूरी करने की वजह और कुछ नहीं कर सकेंगे इसलिए अपनी मां समान खेती को बचाने के लिए किसान हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं और तब तक आंदोलन में डटे रहेंगे जब तक तीनों ने किसी कानून केंद्र की सरकार वापिस नहीं कर देती क्योंकि यह तीनों कृषि कानून किसान नहीं बल्कि बड़े कारपोरेट के हितेषी हैं।
May 08, 2021

जींद रिफिल होने गए 20 ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं आए वापिस

नागरिक अस्पताल में नहीं ऑक्सीजन सिलेंडर

-जींद रिफिल होने गए 20 ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं आए वापिस
-ऑक्सीन सिलेंडर न होने के चलते सांस लेने में दिक्कत वाले मरीज परेशान
जींद / उचाना ; नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग देखने में तो चार मंजिल है, लेकिन यहां पर इन दिनों कोरोना संक्रमण होने से सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों के लिए कोई ऑक्सीन सिलेंडर उपलब्ध नहीं है। बीते रविवार को यहां से 20 ऑक्सीन सिलेंडर जींद नागरिक अस्पताल में रिफिल के लिए भेजे थे लेकिन वहां से आज तक ये ऑक्सीन सिलेंडर वापिस नहीं आए है। यहां पर आए सांस में तकलीफ वाले मरीज को अगर ऑक्सीन की जरूरत पड़ जाए तो यहां पर कोई व्यवस्था नहीं है। सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी के साथ-साथ बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों का कहना है कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के खुद के हलके के नागरिक अस्पताल में ये हालात है तो दूसरे अस्पतालों में क्या होगा।
*-5 से 7 मरीज आ रहे हैं जिनका ऑक्सीजन लेबल होता है कम-*
नागरिक अस्पताल में हर रोज 5 से 7 मरीज ऐसे आ रहे है जिनका ऑक्सीन लेबल 80 के आस-पास होता है। ऐसे मरीजों को तुरंत ऑक्सीन की जरूरत होती है लेकिन नागरिक अस्पताल में ऑक्सीन की किल्लत के चलते उन्हें जींद रेफर करना पड़ रहा है। चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि उसका छोटा बेटा कोरोना पॉजिटिव है। खांसी होने के साथ-साथ उसको सांस लेने में परेशानी है। उचाना नागरिक अस्पताल में ऑक्सीन सिलेंडर के बारे में पूछा तो यहां पर ऑक्सीन सिलेंडर ही नहीं मिले। जींद में कई प्राइवेट अस्पताल में गया वहां भी नहीं ऑक्सीन सिलेंडर मिले तो सीविल अस्पताल में भी सांस लेने में हो रही परेशानी पर इंजेक्शन लगाया गया वहां भी ऑक्सीन की व्यवस्था नहीं हुई।
सुरेंद्र, बलवान, नरेंद्र, दीपक ने कहा कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को जींद, सोनीपत जिले का कोविड-19 की स्वास्थ्य प्रबंधों का जायजा लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उचाना हलके के नागरिक अस्पताल में ऑक्सीन सिलेंडर तक नहीं है तो कैसे किसी सांस लेने में परेशानी वाली मरीज का उपचार होगा। यहां पर ऑक्सीन सिलेंडर तो सांस की दिक्कत वाले मरीज का उपचार हो जाएगा नहीं तो यहां से अगर दूसरे अस्पताल में लेकर जाते है तो ज्यादा परेशानी होने पर उसकी जान भी जा सकती है। जो सिलेंडर यहां से गए है कम से कम वो तो रिफिल होकर यहां आने चाहिए। यहां पर ऑक्सीन सिलेंडर हर समय रहने चाहिए ताकि कोरोना के मरीजों को तुरंत ऑक्सीन मुहैय्या हो कर उनका उपचार यहां पर समय पर हो सकें।  
*-जींद भेजे हैं रिफिल के लिए ऑक्सीन सिलेंडर -*
नागरिक अस्पताल एमओ डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि जींद नागरिक अस्पताल में 20 ऑक्सीन सिलेंडर जिनमें 18 छोटे, 2 बड़़े है रिफिल के लिए भेजा गया है। अब तक कोई ऑक्सीन सिलेंडर रिफिल होकर नहीं आया है। यहां पर ऑक्सीन की जरूरत वाले मरीज को जींद रेफर किया जाता है क्यों यहां पर ऑक्सीन सिलेंडर नहीं होते।
May 08, 2021

जानिये, उस डॉक्टर का नाम जिन्होंने शिखर धवन का लगाई कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक

जानिये, उस डॉक्टर का नाम जिन्होंने शिखर धवन का लगाई कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक
गुरुग्राम :  कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ जंग तेज हो गई है। कोरोना की टीका लगवाने की मुहिम में सेलिब्रिटी भी शामिल हो रहे हैं। इस कड़ी में भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने बृहस्पतिवार को कोरोना के टीके का पहला डोज ले लिया। जागरण संवाददाता से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम के पटेल नगर स्थित डिस्पेंसरी में बने कोरोना टीकाकरण केंद्र में भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज शिखर धवन को डॉ. उमंग ने टीका लगाया।  इस दौरान डॉक्टर उमंग ने क्रिकेटर शिखर को टीके के बाद पैदा होने की मामूली दिक्कतों के बारे में भी बताया। डॉक्टर उमंग ने टीका लगान के बाद शिखर धवन से कहा कि बुखार, थकान जैसी मामूली परेशानी कोरोना का टीका लगाने के बाद आती है, ऐसे में बुखार आने की स्थिति में पैरासीटा मॉल ले सकते हैं। वैसे विशेषज्ञ पहले भी कहते रहे हैं कि कोरोना का टीका लगाने के बाद पानी अधिक पीना चाहिए और आराम करना चाहिए, हालांकि यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहींं हुआ।

यहां पर बता दें कि इस साल इंडियन प्रीमियर लीग बीच में ही स्थगित होने के बाद क्रिकेटर अपने-अपने घर लौटे हैं। इस कड़ी में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलने वाले 'गब्बर' शिखर धवन भी घर लौट आए हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने टूर्नामेंट से फ्री होते ही बृहस्पतिवार को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक ले ली है। उन्होंने इस मोमेंट की तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा- वैक्सीन डन। हमारे सभी फ्रंटलाइन योद्धाओं को उनके बलिदान और समर्पण के लिए धन्यवाद नहीं दिया जा सकेगा। कृपया संकोच न करें और जितनी जल्दी हो सके अपने आप को वैक्सीन लगवाएं। यह इस वायरस को हराने में हमारी मदद करेगा।
यहां पर बता दें कि कोरोना के टीके को लेकर तरह तरह की भ्रांतियां पैदा की जा रही है, जिसका कोई आधार नहीं है। ऐसे में सेलिब्रिटी के आगे आने और टीका लगवाने से आम लोगों में भी भरोसा बढ़ेगा।
जानें- डॉक्टर उमंग के बारे में
डॉ. उमंग गुरुग्राम सेक्टर-5 रहती हैं इन्हें पहली पोस्टिंग गुरुग्राम के पटेल नगर स्थित डिस्पेंसरी में पिछले साल दिसंबर महीने में मिली। डॉक्टर उमंग ने एमबीबीएस की डिग्री राजस्थान के झालावाड़ से ली है।
 
May 08, 2021

ऑक्सीजन के बाद अब रोहतक पीजीआई में खून की कमी

ऑक्सीजन के बाद अब रोहतक पीजीआई में खून की कमी

रोहतक:  कोविड महामारी में पीजीआई के सामने नया संकट पैदा हो गया है। ऑक्सीजन पहले ही कम थी, अब खून की कमी भी हो गई है। हालात ये हैं कि पीजीआईएमएस के ब्लड बैंक में 'ओ' पॉजिटिव खून की कुल 7-8 यूनिट ही बची हैं। 'बी' पॉजिटिव लगभग खत्म है। अन्य ब्लड ग्रुप की सिर्फ 10-10 यूनिट ही ब्लड बैंक में हैं। निगेटिव ब्लड ग्रुप का स्टॉक है, क्योंकि इसकी खपत कम होती है। अब भी 100 यूनिट रक्त हर रोज चाहिए, लेकिन रक्तदान करने वाले नहीं आ रहे। मरीजों के तिमारदार जो रक्तदान करते हैं, उनके बदले में उन्हें दूसरा रक्त दे दिया जाता है। जैसे-तैसे करके ब्लड बैंक काम चला रहा है। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ब्लड बैंक के विभागाध्यक्ष ने प्रशासन से इमरजेंसी में रक्तदान शिविर लगाने की मंजूरी ली है। पीजीआई का स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। रक्त की कमी को पूरा करने के लिए सामाजिक संस्थाएं आगे आ गई हैं, रक्तदाताओं ने मोर्चा नहीं संभाला तो आने वाले दिनों में हालात ज्यादा गंभीर हो जाएंगे।

रोहतक कोविड महामारी में पीजीआई के सामने नया संकट पैदा हो गया है। ऑक्सीजन पहले ही कम थी, अब खून की कमी भी हो गई है। हालात ये हैं कि पीजीआईएमएस के ब्लड बैंक में 'ओ' पॉजिटिव खून की कुल 7-8 यूनिट ही बची हैं। 'बी' पॉजिटिव लगभग खत्म है। अन्य ब्लड ग्रुप की सिर्फ 10-10 यूनिट ही ब्लड बैंक में हैं। निगेटिव ब्लड ग्रुप का स्टॉक है, क्योंकि इसकी खपत कम होती है। अब भी 100 यूनिट रक्त हर रोज चाहिए, लेकिन रक्तदान करने वाले नहीं आ रहे। मरीजों के तिमारदार जो रक्तदान करते हैं, उनके बदले में उन्हें दूसरा रक्त दे दिया जाता है। जैसे-तैसे करके ब्लड बैंक काम चला रहा है। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ब्लड बैंक के विभागाध्यक्ष ने प्रशासन से इमरजेंसी में रक्तदान शिविर लगाने की मंजूरी ली है। पीजीआई का स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। रक्त की कमी को पूरा करने के लिए सामाजिक संस्थाएं आगे आ गई हैं, रक्तदाताओं ने मोर्चा नहीं संभाला तो आने वाले दिनों में हालात ज्यादा गंभीर हो जाएंगे।
 
हर 15वें दिन 20 थैलेसीमिया रोगियों को खून चाहिए पीजीआई में थैलेसीमिया से ग्रस्त 20 रोगी ऐसे आते हैं, जिन्हें हर 15वें दिन खून चढ़ाना होता है। रोगी 20 हैं, लेकिन कई बार इनकी संख्या 25-30 भी हो जाती है। ऐसे रोगियों को खून नहीं चढ़ाया तो इनके लिए समस्या पैदा हो जाती है। वैसे अभी हर मरीज को फोन पर कहा जा रहा है कि जिसे ज्यादा जरूरत हो वो ही खून चढ़वाने आएं। पहले ही उन्हें बता दिया जाता है कि किस तारीख को उन्हें खून चढ़ाया जाएगा। इसके अलावा लेबर रूम में भी हर रोज डिलीवरी हो रही हैं और वहां भी खून की जरूरत होती है। एक्सिडेंटल केस में भी खून चढ़ाना पड़ता है। अब 100 यूनिट हर रोज जरूरत कोविड से पहले पीजीआई में हर रोज 180-200 यूनिट रक्त की खपत होती थी, यानी अलग-अलग विभागों में भर्ती मरीजों को इतना खून हर रोज दिया जाता था। कोविड के कारण इलेक्टिव सर्जरी बंद कर दी गई हैं, लेकिन अब भी लेबर रूम, एक्सीडेंट में घायलों और थैलेसीमिया के मरीजों के लिए 100 यूनिट रक्त हर रोज चाहिए।
300 यूनिट से भी काम चले वैसे तो पीजीआईएमएस के ब्लड बैंक में 1500 यूनिट रक्त स्टॉक हो सकता है। लेकिन अब स्टज्ञॅक खत्म होने लगा है। कुछ यूनिट रक्त की बचा है। अगर 250-300 यूनिट भी हर रोज स्टॉक में रहे तो किसी तरह से काम चलाया जा सकता है। 'बी'+ की सबसे ज्यादा मांग पीजीआई में सबसे ज्यादा 'बी' पॉजिटिव रक्त की खपत होती है। कारण ये है कि बड़ी संख्या में लोगों का ब्लड ग्रुप 'बी' पॉजिटिव ही होता है। इसके बाद 'ए' पॉजिटिव की खपत सबसे ज्यादा है। ए-बी पॉजिटिव ब्लड की जरूरत भी ज्यादा होती है। निगेटिव ब्लड ग्रुप वाले कम लोग होते हैं। इसलिए इन ग्रुप के खून की खपत भी कम है। फिलहाल भी निगेटिव ब्लड ग्रुप का स्टॉक तो बचा हुआ है।
ब्लड बैंक में हर रोज 15-16 तिमारदार खून देने आते हैं। उनके मरीजों को स्टॉक से दूसरा खून दे दिया जाता हैं। जो रक्त तिमारदार देते हैं, उसे स्टॉक कर लिया जाता है। खींचतान करके काम चलाया जा रहा है। यही हालात रहे तो मरीजों को गंभीर समस्या से जूझना पड़ सकता है। रक्तदान करें कोरोना महामारी के चलते हमारे सबसे बड़े दानी रोहतक जिले में मे रक्त की बहुत कमी हो गई है। जिला रेड क्रास सोसायटी रोहतक के प्रधान व जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने रोहतक में रक्तदान शिविर लगाने की अनुमति दे दी है। आप सभी रक्तवीरों से अनुरोध किया जाता है कि आप सभी ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करें।- देवेन्द्र चहल सचिव जिला रेड क्रास सोसायटी रोहतक 
 पीजीआई का ब्लड बैंक बिल्कुल सुरक्षित है। व्यक्ति यहां आकर रक्तदान कर सकता है। कोविड के कारण लोग नहीं आ रहे, लेकिन मैं विश्वास दिलाता हूं कि ब्लड बैंक में सुरक्षा के सभी इंतजाम हैं और कोई भी व्यक्ति यहां आकर रक्तदान कर सकता है। वैक्सीन लगवाने से पहले युवा रक्तदान जरूर करें। ब्लड बैंक में खून की कमी है और अब रक्तदाताओं को आगे आना होगा, नहीं तो समस्या पैदा हो सकती है। - डॉ. गजेंद्र सिंह, विभागाध्यक्ष, ब्लड बैंक, पीजीआईएमएस। रक्त दान शिविर लगाने के लिए संस्थाओं से संपर्क शुरू कर दिया गया है। उनसे पूछा गया है कि कौन-कौन सी संस्था शिविर लगाना चाहती हैं वे अपना स्थान व किस दिन लगा सकते हैं कन्फर्म करें। ताकि सभी के सहयोग से रक्त की कमी को पूरा किया जा सके।- गुलशन निझावन, प्रधान, पालिका बाजार।