Breaking

Friday, February 5, 2021

February 05, 2021

10 हजार लेकर बनाते थे नकली आयुष्मान कार्ड, दो केंद्र संचालक गिरफ्तार

10 हजार लेकर बनाते थे नकली आयुष्मान कार्ड, दो केंद्र संचालक गिरफ्तार

 करनाल : मेरठ रोड स्थित अटल सेवा केंद्र पर 8 से 10 हजार रुपए लेकर नकली आयुष्मान कार्ड-नकली राशन कार्ड बनाने के आरोप में पुलिस ने केंद्र संचालक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों को गुरुवार सुबह कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा।
रिमांड के दौरान पता लगाया जाएगा कि गिरफ्तार आरोपियों के साथ-साथ इस गोरखधंधे में कौन लोग शामिल है। अब तक कितने लोगों को फर्जी आयुष्मान कार्ड-राशन कार्ड बनाकर ठगा जा चुका हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभन्नि गंंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 3 माह से फर्जी राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाने का काम कर रहे थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि ओर कौन लोग इस गोरखधंधे में जुड़े हुए है। अब तक कितने फर्जी राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके है। क्या ये खेल करनाल जिला में किस कदर से चल रहा है। 

*एक जगह से फर्जी कार्ड किए जा रहे थे अपलोड*

जांच अधिकारी जसवद्रिं तुली ने बताया कि आयुष्मान की साइट पर एक ही जगह से फर्जी आयुष्मान कार्ड अपलोड हो रहे थे। कार्ड साइट पर कैसे अपलोड हो रहे है, मामला सामने आते ही आयुष्मान भारत सरकार के विभाग ने निगरानी शुरू कर दी। निगरानी करने पर बहुत ही चौकाने वाले तथ्य सामने आए। जिसके आधार पर जांच आगे बड़ी। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जो फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए है, उनमें से कई को योजना का लाभ भी मिल चुका हैं। रिमांड में काफी जानकारी हासिल होने की संभावना है।
February 05, 2021

गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे विपक्ष के कई सांसद

गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे विपक्ष के कई सांसद

दिल्ली: कृषि कानून को लेकर चल रहा आंदोलन अब बढ़ता ही जा रहा है। देश - विदेश में भी कृषि कानून को लेकर सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी हुई है। तो वहीं दूसरी तरफ किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों में एक बार फिर से जोश भर दिया है। गौरतलब है कि कृषि कानूनों के मसले पर किसानों का आंदोलन जारी है और अब इसे अलग-अलग जगहों से समर्थन मिल रहा है। बीते दिन हरियाणा के जींद में महापंचायत हुई जिसमें तीनों कृषि कानूनों का वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया गया।
अब किसान संगठनों की ओर से 6 फरवरी को होने वाले चक्का जाम की तैयारियां की जा रही हैं। साथ ही संसद के दोनों सदनों में इस मसले पर संग्राम जारी है। एनसीपी नेता सुप्रिया सुले समेत विपक्ष के कई सांसद आज गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं, हालांकि उन्हें पुलिस ने रोक लिया है। बीते कुछ वक्त में लगातार विपक्षी नेताओं का गाजीपुर बॉर्डर पर जमावड़ा लगा है। यहां राकेश टिकैत की अगुवाई में किसानों का आंदोलन चल रहा है। और ये आंदोलन क्या मोड़ लेगा इसके बारे में अभी कुछ भी कहना गलत होगा। 
February 05, 2021

वर्ल्ड कैंसर डे:पानीपत में स्वास्थ्य विभाग नहीं, रोडवेज निगम से पता लगती है कैंसर रोगियों की संख्या

वर्ल्ड कैंसर डे:पानीपत में स्वास्थ्य विभाग नहीं, रोडवेज निगम से पता लगती है कैंसर रोगियों की संख्या


पानीपत : आज वर्ल्ड कैंसर डे है। किसी भी बीमारी और उसके मरीजों का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास होता हैं, लेकिन पानीपत के कैंसर मरीजों का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग नहीं, रोडवेज निगम के पास होता है। दरअसल पानीपत में कैंसर के मरीजों की प्रारंभिक जांच की सुविधा नहीं है। कैंसर की प्रारंभिक जांच के लिए जिले के लोगों को रोहतक PGI जाना पड़ता है। इसके साथ हरियाणा में कैंसर मरीजों को फ्री बस पास जारी किए जाते हैं। पानीपत में भी फ्री बस पास की संख्या को ही कैंसर रोगियों की संख्या का आधार माना जाता है। 2020 में पानीपत में कैंसर रोगियों को 71 फ्री बस पास जारी किए गए।

*बीते तीन साल में 400, इस बार 71 नए मामले*

2020 वैसे तो लोगों के लिए दुखदायी रहा, लेकिन कैंसर के मामले में 2020 में कमी आई है। पानीपत में 2017 से 2019 तक कैंसर के 400 मरीज सामने आए थे। 2020 में 71 लोग ही कैंसर पीड़ित मिले। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उद्योग नगरी पानीपत में दूसरे प्रदेशों के लोगों की संख्या अधिक है। प्रवासी लोग तंबाकू पदार्थों का सेवन अधिक करते हैं। जिससे मुंह के कैंसर के मामले सर्वाधिक हैं। इसके बाद महिलाओं में यूट्रस कैंसर और स्तन कैंसर के मामले आते हैं।

इस बार की थीम 'मैं हूं और मैं रहूंगा'

कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार कैंसर से लड़ने के लिए 'मैं हूं और मैं रहूंगा' थीम रखी है। इसी थीम पर आज सिविल अस्पताल, CHC और PHC में जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
*ये हैं कैंसर के प्रमुख लक्षण*

*कब्ज होना, सामान्य से अधिक दस्त*

*स्तन या शरीर में गांठ होना, जिसमें दर्द न हो*

*घाव या छाला न भरना*

*कहीं से भी असामान्य रक्त बहना*

*मसा में अचानक बढ़ोत्तरी*

*लगातार खांसी, गले में खराश के साथ खून आना*
February 05, 2021

17 बाल बंदियों के फरार होने का मामला:ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर हिसार के दो कांस्टेबल बर्खास्त

17 बाल बंदियों के फरार होने का मामला:ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर हिसार के दो कांस्टेबल बर्खास्त


हिसार : बरवाला रोड स्थित ऑब्जर्वेशन होम से 17 बाल बंदियों के फरार होने के मामले में जांच के बाद 4 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। घटना के समय गारद इंचार्ज सहित तीन कर्मचारी बिना सूचना ड्यूटी से गायब थे। एक मौजूद था, लेकिन फरार होते बंदियों को काबू करने में असफल रहा था। यही नहीं, ड्यूटी गेट के बाहर थी, लेकिन वह अंदर था। इसकी जांच डीएसपी रैंक के अधिकारियाें को सौंपी थी।
जांच के आधार पर एसपी बलवान सिंह राणा ने गारद इंचार्ज ईएएसआई जगराज सिंह के खिलाफ कंपलसरी रिटायरमेंट, कांस्टेबल विनोद और रघुविंद्र को बर्खास्त करने और कांस्टेबल विजेंद्र की छह वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की है। बता दें, ऑब्जर्वेशन होम से 12 अक्टूबर 2020 की शाम सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर 17 बंदी फरार हुए थे। 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

*एसपी ने 2 डीएसपी की जांच के आधार पर आदेश दिए*

डीएसपी नारायण चंद व डीएसपी राजबीर सिंह ने वारदात की सीसीटीवी फुटेज देखी थी। मेन गेट पर गारद इंचार्ज ईएएसआई जगराज सिंह, कांस्टेबल विनोद व कांस्टेबल रघुविंद्र तैनात नहीं थे। कांस्टेबल विजेंद्र था, लेकिन सिविल ड्रेस में था और गार्ड रूम में अपना शस्त्र भी छोड़ रखा था। अब इस पर कार्रवाई हुई है।
February 05, 2021

पुलिस अब ऐसे मनमानी करेगी...:नशे संबंधी जानकारी दी तो सोशल मीडिया अकाउंट कर दिया ब्लॉक


पुलिस अब ऐसे मनमानी करेगी...:नशे संबंधी जानकारी दी तो सोशल मीडिया अकाउंट कर दिया ब्लॉक, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को दी शिकायत


फतेहाबाद : एक शख्स ने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट डालकर पुलिस को नशे के बढ़ते मामलों संबंधी जानकारी दी तो उसका सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। इससे गुस्साए शख्स ने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और DGP को शिकायत देकर जवाब मांगा है। यह पूरी कारस्तानी फतेहाबाद पुलिस ने की है।
वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय ने शख्स की शिकायत पर संज्ञान लिया और DGP को शिकायत का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। पीड़ित की पहचान गांव चांदपुरा निवासी रामचंद्र के रूप में हुई है। उसने अपनी शिकायत मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट की है।
अपनी शिकायत में रामचंद्र ने बताया कि उसने जिला पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट डालकर गांव में मेडिकल नशा बढ़ने की बात कही थी, लेकिन फतेहाबाद पुलिस ने उसे ब्लॉक कर दिया। यही नहीं मुझे सरकारी नंबर भी ब्लॉक कर दिया गया। *आखिर क्यों मुझे ब्लॉक किया गया?*

क्या पुलिस से संबधित सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई जानकारी देने की सजा ब्लॉक करना है? मुझे इसका जवाब दिया जाए और जब मुख्यमंत्री कार्यालय में मामला पहुंचा तो पुलिस विभाग के अधिकारियों को मामले को सुलझाने के आदेश दिए गए। इन आदेशों के बाद SP कार्यालय में हड़कंप में मच गया।
February 05, 2021

कार्ड पर छपने लगे हल-ट्रैक्टर:अब शादी के कार्डों तक पहुंचा आई लव खेती और नो फार्मर-नो फूड जैसे स्टीकर्स का ट्रेंड

कार्ड पर छपने लगे हल-ट्रैक्टर:अब शादी के कार्डों तक पहुंचा आई लव खेती और नो फार्मर-नो फूड जैसे स्टीकर्स का ट्रेंड


कैथल : तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन ने 70 दिन में ट्रेंड बदल दिया है। अब लग्जरी गाड़ियाें पर आई लव खेती, नो फार्मर-नो फूड जैसे स्लोगन लिखवा रहे हैं। यह ट्रेंड गाड़ियाें व ट्रैक्टरों से शादी के कार्डों तक पहुंच गया है।
14 फरवरी को शादी का शुभ मुहूर्त है। प्रिंटिंग प्रैस वालों का कहना है कि शादी के हर दूसरे कार्ड पर किसानों के समर्थन में स्लोगन छपवाए जा रहे हैं। स्लोगन छपवाने वालों में किसानों के अलावा शहरी, पढ़े लिखे युवा व नौकरी-पेशा वाले व्यक्ति भी शामिल हैं।

*बॉर्डर पर नहीं गए, इसलिए कार्ड से दिया संदेश*

कैथल निवासी प्रवीन ढुल ने बताया कि 14 फरवरी को उसकी शादी है। उसने एमकॉम, बीएड की है। अब शहर में रहते हैं। पिता, दादा, परदादा सब खेती से जुड़े थे। पिता दिल्ली में बॉर्डर पर बैठे हैं, लेकिन वे दिल्ली नहीं जा सकते, इसलिए कार्ड से समर्थन कर रहे हैं। जब लोग कार्ड पढ़ेंगे तो संदेश मिलेगा कि किसान कितने जरूरी हैं।
गांव धुंधरेहड़ी के संजीव गोयत ने बताया कि 14 को भाई की शादी है। खुद किसान हैं, लेकिन दिल्ली बॉर्डर पर नहीं जा पाए, लेकिन शादी के कार्ड पर नो फार्मर-नो फूड लिखवाया है। यह स्लोगन देख सामने वाले को अच्छा लगने के साथ ही संदेश भी मिलेगा।
फतेहाबाद के गांव गाजूवाला निवासी रमेश बोलान ने बताया कि 14 फरवरी को बेटी की शादी है। खुद को किसान होने पर गर्व है। शादी के कार्ड पर बैलों से खेत जोत रहे किसान के साथ नो फार्मर-नो फूड का स्लोगन छपवाया है।

*पहली बार छोटूराम, भगत सिंह के चित्र छपवा रहे*

शहर के एक प्रिंटिंग प्रैस संचालक दिनेश शर्मा ने बताया कि पहली बार लोग शादी के कार्डों पर किसानों का समर्थन करते हुए स्लोगन लिखवा रहे हैं। इसके अलावा भगत सिंह, सर छोटूराम जैसे महापुरुषों के चित्र कार्डों पर छपवाने का ट्रेंड बढ़ा है।
हर दूसरा ग्राहक शादी के कार्ड पर किसानों के समर्थन में स्लोगन लिखवा रहा है। स्टीकर लगाने वाले राज सिंह ने बताया कि पहले ग्राहक अपने वाहन पर पुलिस, प्रैस, आर्मी, खुद की जाति, गौत्र आदि लिखवाते थे, लेकिन अब ट्रेंड बदल गया।
February 05, 2021

जीएसटी क्षतिपूर्ति : प्रदेश को मिले 236.93 करोड़

जीएसटी क्षतिपूर्ति : प्रदेश को मिले 236.93 करोड़


चण्डीगढ़ : हरियाणा को जीएसटी राजस्व की क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र सरकार ने 14वीं किश्त के रूप में 236.93 करोड़ की धनराशि मिली है। हरियाणा को अब तक क्षतिपूर्ति के लिए 3646.77 करोड़ की धनराशि जारी की जा चुकी है जो जीडीपी के 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण के रूप में 4293 करोड़ की अनुमति के अलावा होगी।। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जीएसटी मुआवजे को पूरा करने के लिए राज्यों को 6000 करोड़ रुपये की 14वीं किश्त जारी की है।
जीएसटी राजस्व के राज्यों को हुए नुकसान की भारपाई करने के लिए वित्त मंत्रालय इस क्षतिपूर्ति के लिए अब तक 23 राज्यों को 84 हजार करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर चुका है। यह धनराशि राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को उधारी के रूप में 106830 करोड़ रुपये की राशि की अनुमति अलग होगी। इसमें हरियाणा राज्य को चौदहवीं किश्त में मिले 236.93 करोड रुपये के साथ ही अब तक जीएसटी राजस्व की क्षतिपूर्ति के लिए 3646.77 करोड रुपये की जारी हो चुकी यह राशि राज्य को जीएसडीपी की 0.50 प्रतिशत की अतिरिक्त ऋण की अनुमति के अलावा रहेगी।

इसी प्रकार जीएसटी राजस्व की क्षतिपूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ राज्य को इस किश्त में 169.26 करोड़ जारी किये गये जिसके साथ इस राज्य को 1523.34 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं जबकि छत्तीसगढ़ को जीडीपी के बराबर 0.50 फीसदी रकम को उधार के रूप में जुटाने के लिए 1792 करोड़ रुपये की अनुमति है।
वहीं मध्य प्रदेश को जीएसटी राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए 14वीं किश्त के रूप में जारी 247.33 करोड़ के साथ अब तक 3806.03 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। केंद्र सरकार की तरफ से मध्य प्रदेश को जीएसटी के आधार पर 4746 करोड़ रुपये की उधारी लेने की अनुमति दी जा चुकी है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार विशेष उधारी खिड़की के तहत अब तक जारी 84 हजार करोड़ रुपये की रकम पर केंद्र सरकार को औसतन 4.7395 फीसदी का ब्याज चुकाना होगा। केंद्र सरकार जीएसटी लागू करने में आई राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए यह कर्ज लेने के अलावा राज्यों को अपने सकल घरेलू उत्पाद का 0.50 फीसदी अतिरिक्त राशि के रूप में उधार लेने का भी विकल्प दे रही है। इसके लिए राज्य विकल्प-1 का चयन कर रहे हैं। इसके तहत 28 राज्यों को 106830 करोड़ (राज्यों के सकल घरेलू उत्पाद का 0.50 फीसदी) की अतिरिक्त उधारी का भी प्रावधान किया गया है।
February 05, 2021

आज से फिर शुरू होगी गंगानगर स्पेशल ट्रेन, देखिए समयसारिणी

आज से फिर शुरू होगी गंगानगर स्पेशल ट्रेन, देखिए समयसारिणी

हिसार : जो भी रेल यात्री श्रीगंगानगर-रेवाड़ी स्पेशल गाड़ी के चलने का इंतजार कर रहे थे उनका इंतजार आज खत्म हो जाएगा। यह ट्रेन आज से फिर शुरू हो रही है। हालांकि यह पूरी तरह से रिजर्वेशन आधारित होगी और लोगों को ट्रेन में सफर करने के लिए ऑनलाइन ही टिकट बुक करनी होगी । इस ट्रेन के चलने से हिसार, हांसी, भिवानी के लोगों के अलावा अन्य लोगों को भी फायदा पहुंचेगा।

*क्या होगा समय?*

ये स्पेशल ट्रेन श्रीगंगानगर से 1.45 बजे रवाना हुआ करेगी और 12 बजे तक यात्रियों को रेवाड़ी पहुंचा देगी। वहीं हर रोज चलने वाली इस ट्रेन को 12.50 बजे रेवाड़ी से रवाना किया जाएगा और रात 11.45 बजे श्रीगंगानगर में पहुंचा करेगी।
*किस स्टेशन पर रुकेगी गाड़ी ?*

श्रीगंगानगर-रेवाड़ी स्पेशल ट्रेन अपनी तय स्टेशनों पर रूकेगी। जिसमें फतोही, हिंदुमलकोट, पंचकोसी, अबोहर, पक्की, मलोट गिदड़बाहा, बल्लुआना, बठिंडा, घाड़ीबागी, शेरगढ़, मनवाला, कोटभक्तू, बानगी, निहालसिंह, रामा, रतनगढ़, कनकवाल, कानावाली, सुखचैन, बारागुडा, सिरसा, बाजेकन, सुचानकोटली, जोधका, डींग, महुवाला, भट्टू, खाबरा कलां, मंडीआदमपुर, जेखोड खेड़ा, न्यूलिकलां, हिसार, सातरोड, मयार, हांसी, औरंगनगर, जीताखेड़ी, बवानी खेड़ा, सुई, भिवानी, मानहेरू, चरखी, दादरी, पातुवास, महराणा, झाड़ली, सुधराना, कोसली, नांगल, पठानी, जाटूसाना व किशनगढ़ बालावास शामिल हैं। यात्रियों को निर्धारित समय पर स्टेशनों पर आना होगा और इसके लिए स्टेशन काउंटर पर टिकट नहीं मिलेगी।

रेल यात्रियों की लगातार चली आ रही मांग को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने हिसार से भिवानी व रेवाड़ी जाने वाले यात्रियों के लिए गंगानगर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। आपको बता दें कि यह रेल मार्च माह से बंद चल रही थी।

हिसार रेलवे स्टेशन के अधीक्षक केएल चौधरी व टिकट सुपरवाइजर पुरुषोत्तम मीणा ने बताया कि ट्रेन 5 फरवरी से प्रतिदिन सुबह 7:35 बजे हिसार रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। यहां से 8:20 बजे रवाना होगी। इसके बाद यह ट्रेन 9:50 बजे भिवानी रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। यहां से 9:55 बजे रवाना होगी। 12.10 बजे ट्रेन रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी।

इसी तरह डाउन फेरे में रेवाड़ी से ट्रेन 12:50 बजे चलेगी। यह ट्रेन 2:35 बजे भिवानी पहुंचेगी। हिसार शाम 4:05 बजे पहुंचेगी। यहां से 16:15 बजे रवाना होगी। स्टेशन अधीक्षक का कहना है कि ट्रेन को चलाने की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है।
February 05, 2021

गुरुग्राम एलिवेटेड रोड हादसा:NHAI ने कंस्ट्रक्शन कंपनी को 3 करोड़ का जुर्माना लगाया; जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई थी लापरवाही

गुरुग्राम एलिवेटेड रोड हादसा:NHAI ने कंस्ट्रक्शन कंपनी को 3 करोड़ का जुर्माना लगाया; जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई थी लापरवाही

गुरुग्राम : गुरुग्राम में करीब 5 महीने पहले हुए एलिवेटेड रोड हादसे को लेकर इसका निर्माण कर रही कंपनी की तरफ से लापरवाही की बात सामने आई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ओरियंटल स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड को तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। परियोजना निदेशक का कहना है कि पॉलिसी के मुताबिक निर्माण कंपनी पर प्रतिबंध लगाने का मामला नहीं बनता था। जुर्माना लगा दिया गया है। आगे किसी भी स्तर पर कमी न रहे, इसके लिए नजर रखी जा रही है।
बता दें कि 22 अगस्त 2020 की रात को गुरुग्राम-सोहना-अलवर हाईवे पर निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के पिलर नंबर 10 से 11 के बीच का स्लेब सीधे नीचे गिर गया था। इस हादसे में दो मजदूर घायल भी हो गए थे, वहीं अगले दिन तक यातायात बाधित रहा था। हादसे के बाद NHAI के तत्कालीन परियोजना निदेशक एके शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कंपनी द्वारा सुरक्षा के इंतजाम पूरे किए जाने तक आगे काम करने पर रोक लगा दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि कंपनी जब तक बेहतर तरीके से कार्य करने का भरोसा नहीं दिलाती, तब तक वह NHAI के दूसरे प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकती। साथ ही तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था।


कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट NHAI के मुख्यालय को सौंप दी है। इसमें कई स्तर पर लापरवाही बरतने जाने को लेकर संदेह जताया गया है। इनमें से एक आवश्यकता अनुसार कॉन्क्रीट का इस्तेमाल नहीं करना है, वहीं डिजाइन में भी गड़बड़ी की आशंका है। रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कंपनी पर तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा NHAI के अधिकारी जांच कमेटी की तरफ से चिह्नित किए गए पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।
इस बारे में परियोजना निदेशक शशिभूषण का कहना है कि पॉलिसी के मुताबिक निर्माण कंपनी पर कुछ समय तक प्रतिबंध लगाने का मामला नहीं बनता था। जुर्माना लगाने का ही मामला बनता था। जुर्माना लगा दिया गया है। आगे किसी भी स्तर पर कमी न रहे, इसके लिए विशेष रूप से पूरे प्रोजेक्ट पर नजर रखी जा रही है। प्रोजेक्ट जल्द पूरा हो, इसके लिए हर स्तर पर काम तेज कर दिया गया है।
दूसरी ओर NHAI के पूर्व तकनीकी सलाहकार JS सुहाग का कहना है कि निर्माण कंपनियों को टीम लीडर का चयन अनुभव के आधार पर करना चाहिए। कुछ समय से इस विषय पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता। IIT या NIT से डिग्री हासिल कर चुके इंजीनियर को या फिर PWD से सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता या मुख्य अभियंता को टीम लीडर बनाना चाहिए। NHAI से सेवानिवृत्त इंजीनियर को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।
February 05, 2021

अभ्यर्थियों का आरोप:आयोग ने मृतक काे भी राेल नंबर दिया; कानूनी नोटिस भेजा, जांच की मांग

अभ्यर्थियों का आरोप:आयोग ने मृतक काे भी राेल नंबर दिया; कानूनी नोटिस भेजा, जांच की मांग

अम्बाला/ नारायणगढ़ : हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की 31 जनवरी को हुई आर्ट एंड क्राफ्ट परीक्षा में गड़बड़ी काे लेकर अभ्यर्थियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं कुछ अभ्यर्थियों ने आयोग को कानूनी नोटिस दिया है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाते दावा किया है कि आयोग ने मृतक काे भी राेल नंबर जारी किए। साथ ही और भी गड़बडिय़ां गिनवाईं।
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि परीक्षा का रिजल्ट घोषित न किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। आरोप है कि आयोग ने 250 अभ्यर्थियों को आसान प्रश्नपत्र दिया। ऐसे लोगों को भी रोल नंबर जारी किए गए, जिनकी उम्र 58 साल से ज्यादा हो चुकी है।
यमुनानगर के टोपरां कलां के तेजिंद्र कुमार, छछरौली के जितेंद्र कुमार, गुंदियाना के दविंद्र सिंह, विरेंदर सिंह, कपिल देव, जागधौली के जगदीप सिंह की ओर से दिए गए नोटिस में कहा कि पूरे हरियाणा में कुल 40 परीक्षा केंद्रों में से 39 में पेपर के चार सेट 1121-ए, 1121-बी, 1121-सी और 1121-डी कोड के थे। लेकिन, एक परीक्षा केंद्र पर 0121-ए, 0121-बी, 0121-सी और 0121-डी कोड के पेपर भी दिए गए। दोनों तरह के कोड वाले प्रश्नपत्रों में अंतर था। ज्यादातर परीक्षा केंद्रों पर जो कोड वाले पेपर दिए गए वे एक-दो परीक्षा केंद्र पर दिए गए प्रश्नपत्रों के मुकाबले मुश्किल थे।
*अभ्यर्थियों ने नोटिस में आयोग को बताईं ये गड़बड़ियां*
आयोग ने एक मृतक को भी रोल नंबर जारी कर दिया। प्रश्न पत्र में थी नाम छापा।
आयोग ने 58 साल या इससे ज्यादा आयु वालों को भी रोल नंबर दिए।
वेकेंसी भरते समय 17 साल आयु वालों को भी रोल नंबर जारी।
*आरोप*: आसान प्रश्नपत्र वाले सेंटर के छात्र एक ही कोचिंग सेंटर के थे: नोटिस में कहा कि जिन एक-दो परीक्षा केंद्रों पर आसान प्रश्नपत्र दिए गए, उनमें दिल्ली के एक ही कोचिंग सेंटर के छात्र थे। वहीं, अभ्यर्थी अंकित सैनी, प्रदीप कुमार, विशाल, सुरेंद्र कुमार, संतोष सैनी, बीना रानी, ममता ने कहा कि खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए आनन फानन में परीक्षा करवाई गई। इस परीक्षा में 10,390 अभ्यर्थियों की आर्थिक व समय की हानि हुई है। सीबीआई से जांच करवाई जानी चाहिए। 2006 में भर्ती निकली थी, उस समय भी विवाद के चलते परीक्षा 11 साल बाद 2017 में हुईं, प्रश्न पत्र अंग्रेजी में होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गईं। अब दोबारा विवाद खड़ा हो गया है।
February 05, 2021

पानीपत में अधूरी नेट बहाली:25 और 26 जनवरी को किसान आंदोलन में शामिल अधिकतर लोगों की नेट सेवा बंद

पानीपत में अधूरी नेट बहाली:25 और 26 जनवरी को किसान आंदोलन में शामिल अधिकतर लोगों की नेट सेवा बंद

पानीपत : पानीपत में इंटरनेट बहाली से सभी को राहत नहीं मिली है। 25 और 26 जनवरी को सिंघु बॉर्डर पहुंचने वालों के फोन नंबर ट्रेस करके इन नंबरों का गुरुवार शाम को इंटरनेट बंद कर दिया गया है। संबंधित टेलीकॉम कंपनी के कस्टमर केयर पर बताया जा रहा है कि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार 8 फरवरी तक कुछ नंबर पर इंटरनेट की सेवा को बंद किया गया है।
26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के बाद सरकार की किसानों पर सख्ती के वीडियो वायरल हुए। इसके बाद किसान नेता राकेश टिकैत का एक भावुक वीडियो लोगों तक पहुंचा। इसके बाद टूटता किसान आंदोलन फिर से खड़ा हो गया। पहले से भी अधिक संख्या में हरियाणा के लोग बॉर्डर पर पहुंच गए। किसानों की अपील को रोकने के लिए 30 जनवरी की शाम 5 बजे प्रदेश में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। पानीपत में साढ़े 97 घंटे बाद बुधवार शाम 6:30 बजे इंटरनेट सेवा बहाल हुई।
इसके बाद गुरुवार दोपहर 12 बजे से कुछ लोगों का इंटरनेट फिर से बंद हो गया। इनमें अधिकतर वो लोग हैं, जो 25 और 26 जनवरी को किसान आंदोलन में शामिल हुए थे। संबंधित टेलीकॉम कंपनी के कस्टमर केयर पर फोन कर रहे हैं तो उनका प्रतिनिधि कह रहा है कि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार कुछ नंबर ट्रेस करके उनपर 8 फरवरी की शाम तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। नेट बहाली के बाद भी अनेक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
February 05, 2021

सिंघू बॉर्डर पर किसानों का 'बिजली-पानी-टॉयलेट' बंद, फिर...

सिंघू बॉर्डर पर किसानों का 'बिजली-पानी-टॉयलेट' बंद, फिर... 

नई दिल्ली। अदालत ने सिंघु  बॉर्डर पर पुलिस के साथ बदसलूकी करने के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को जमानत दे दी है। अदालत  ने उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर यह जमानत दी है। अब वह आज शाम या कल तक रिहा हो सकते हैं। मनदीप ने स्वयं को फर्जी मामले में फंसाने का आरोप लगाया था। बता दें पुलिस ने उस पर लोगों को भड़काने व कामकाज में बाधा पंहुचाने का आरोप लगाते हुए जमानत आवेदन पर विरोध जताया था। रोहिणी अदालत के मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतवीर सिंह लांबा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला मंगलवार को सुनने का निर्णय किया था, जिस पर फैसला सुनाते हुए उन्होंने मनदीप को जमानत दे दी।

वहीं दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी आंदोलन के दौरान बिजली कटौती, पानी, और साफ-सफाई के अभाव  जैसी समस्याओं से किसानाें को दो- चार होना पड़ रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा  का कहना है कि सुरक्षा बढ़ाना और लोगों एवं गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगाने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को खाना, पानी और बिजली, टॉयलेट जैसी बुनियादी जरूरत की चीज़ें भी न मिलें। इसी के विरोध में छह फ़रवरी को देशभर में दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक, तीन घंटे का चक्का जाम किया जाएगा। 

ऐसे में स्थानीय लोग किसानों की मदद के लिए आगे आए हैं।  स्थानीय लोगों ने किसानों को बिजली से लेकर अपने घरों के शौचालयों तक के इस्तेमाल की इजाजत दे रहे हैं। किसान सिंघू बॉर्डर के दिल्ली-हरियाणा राजमार्ग पर प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के पटिलाया जिले के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हम 27 जनवरी से रात में बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। अगर स्थानीय लोग नहीं होते तो हमें पूरी रात बिना बिजली के रहना पड़ता। वे बिजली देकर और अन्य चीजें देकर हमारी मदद कर रहे हैं और हमसे शुल्क भी नहीं ले रहे हैं।

धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि शुरुआत में तो चिंता हो रही थी कि कहीं रात के अंधेरे का फायदा शरारती तत्व न उठा लें। ईश्वर का शुक्र है कि स्थानीय लोगों की मदद और स्वयंसेवकों की एक टीम 24 घंटे निगरानी करती है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। एक अन्य किसान कहते हैं कि स्थानीय लोग "अधिकारों की लड़ाई" में उनके साथ खड़े हैं। आसपास के लोग  महिलाओं की हर संभव तरीके से मदद कर रहे हैं। वे उन्हें अपने शौचालय इस्तेमाल करने दे रहे हैं। वे जानते हैं कि सरकार हमारे आंदोलन को कुचलना चाहती है और वे हमारी दिल से मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांगे न माने जाने तक वे एक इंच नहीं हिलेंगे। 

एक अन्य किसान ने कहा कि स्थानीय लोगों ने हमेशा से काफी अच्छा बर्ताव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले प्रदर्शन स्थल पर हुआ हमला स्थानीय लोगों ने नहीं किया था, बल्कि एक राजनीतिक पार्टी द्वारा भेजे गए गुंडों ने किया था। बता दें कि तीन जनवरी को सिंघू बॉर्डर पर राजमार्ग के एक हिस्से में किसानों और कुछ लोगों के बीच संघर्ष हुआ था। इन लोगों का दावा था कि वे स्थानीय हैं। कई किसानों ने कहा कि गणतंत्र दिवस की घटना के बाद स्थिति और खराब हुई है।  प्रशासन ने उन्हे परेशान करने के लिए  बॉर्डर पर बिजली, पानी, टॉयलेट और इंटरनेट सेवाओं को बंद दी है। 

Wednesday, February 3, 2021

February 03, 2021

कंडेला महापंचायत के दौरान टूटा मंच, सभी किसान नेता थे मंच पर मौजूद

कंडेला महापंचायत के दौरान टूटा मंच, सभी किसान नेता थे मंच पर मौजूद


जींद : जींद के गांव कंडेला में चल रही महापंचायत में हादसा हो गया। जिस मंच से राकेश टिकैत किसानों को संबोधित कर रहे थे, वह गिर गया। मंच पर कई अन्य किसान नेता भी मौजूद थे। हादसे में टिकैत समेत कुछ नेताओं को मामूली चोट आई है।


हादसे से पहले महापंचायत को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा कि सरकार की किलेबंदी अभी तो एक नमूना है। आने वाले दिनों में इसी तरह से गरीब की रोटी पर किलेबंदी होगी। रोटी तिजोरी में बंद न हो, इसके लिए ही यह आंदोलन शुरू किया गया है। अभी सरकार को अक्टूबर तक का वक्त दिया गया है। आगे जैसे भी हालात रहेंगे, उसी हिसाब से अगली रणनीति पर किसान चर्चा करेंगे।

महापंचायत में शामिल हरियाणा के किसान वर्ग के लोग। इनमें महिला-पुरुष दोनों ही बढ़-चढ़कर आए हैं। महापंचायत में शामिल हरियाणा के किसान वर्ग के लोग। इनमें महिला-पुरुष दोनों ही बढ़-चढ़कर आए हैं।

खुद पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने की बात पर टिकैत ने कहा, 'जब तक आंदोलन चल रहा है चलता रहेगा। उसके बाद जेल में रहूंगा'। मीडिया ने लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाने की घटना पर सवाल किया तो टिकैत ने कहा कि यह सब सरकार की मिली-भगत थी।


टिकैत ने कहा कि पिछले 35 साल से किसानों के हित में आंदोलन करते आ रहे हैं। हमने संसद घेरने की बात भले ही कही, पर लाल किले पर जाने की न तो कभी बात कही और न ही हम गए। 26 जनवरी को लाल किले पर जाने वाले लोग किसान नहीं थे और जो थे, वे सरकार की साजिश का हिस्सा थे। उन्हें आगे जाने दिया गया तो वे गए।

*कंडेला में खापों की महापंचायत में पारित किए गए 5 प्रस्ताव-*

तीनों केंद्रीय कृषि कानून रद्द किए जाएं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून जामा पहनाया जाए। स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू किया जाए। किसानों का कर्जा माफ किया जाए। 26 जनवरी को पकड़े गए किसानों को रिहा किया जाए और जब्‍त किए गए ट्रैक्टरों को छोड़ा जाए। दर्ज केस वापस लिए जाए।
February 03, 2021

खिचड़ी पद्वति के खिलाफ आईएमए ने निकाला कैंडल मार्च

खिचड़ी पद्वति के खिलाफ आईएमए ने निकाला कैंडल मार्च

आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति देने के विरोध में उतरे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बैनर तले जिले के डॉक्टर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन , कहा कि 9 फरवरी को फिर निकालेंगे कैंडल मार्च

जींद : केंद्र सरकार द्वारा आयुर्वेदिक डॉक्टरों को 58 प्रकार की सर्जरी करने की अनुमति देने के विरोध में जींद जिलेभर के डॉक्टरों ने आईएमए के आह्वान पर मंगलवार देर शाम कैंडल मार्च निकाला। देर शाम 8 बजे यह मार्च गोहाना रोड स्थित दिल्ली अस्पताल से डीसी कैम्पस कार्यालय तक हुआ। यहां एसडीएम राजेश कुमार ने आईएमए के पदाधिकारियों से ज्ञापन लिया। इसके बाद जिले के सभी डॉक्टरों ने शहीदी स्मारक पहुंचकर शहीदों के सम्मान में दो मिनट मौन रखा। 
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एसडीएम को सौंपे ज्ञापन डॉक्टरों ने केंद्र सरकार के फैसले का विरोध जताया। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख तौर पर आईएमए के जिला प्रधान डॉ अजय गोयल, डॉ सुशील मंगला, डॉ सोनल सिंघल, डॉ अर्चना सिंघल व डॉ रीटा गुप्ता आदि मौजूद रहे।
February 03, 2021

कंडेला खाप महापंचायत में पहुंचेंगे किसान नेता राकेश टिकैत, स्वागत की हो रही तैयारियां

कंडेला खाप महापंचायत में पहुंचेंगे किसान नेता राकेश टिकैत, स्वागत की हो रही तैयारियां

जींद : भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत कल यानि 3 फरवरी को जींद के खटकड़ टोल प्लाजा पर चल रहे किसानों के धरने के बीच पहुंचेंगे, जिनका स्वागत कंडेला खाप व सर्वजातीय राष्ट्रीय खाप करेगा। यहां टिकैत के आगमन को लेकर कंडेला खाप की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जींद जिले में कंडेला गांव स्थित खेल स्टेडियम में महापंचायत होगी। इस किसान महापंचायत का आयोजन कंडेला खाप की ओर से किया जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष रतनमान सहित प्रदेश भर के किसान शामिल होंगे। टिकैत के अलावा कई खाप नेता भी इसमें शामिल होंगे। कंडेला ने कहा कि किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए यह बड़ा जमावड़ा होगा।

कंडेला में 3 फरवरी को किसान नेताओं के आगमन को लेकर कंडेला खाप ने पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश भर की खाप-पंचायतों के इस सभा मे शामिल होने संबंधी तैयारियों को लेकर खाप नेता टेकराम कंडेला ने बताया कि 3 फरवरी की सभा से राकेश टिकैत व किसान आंदोलन को और मजबूती मिलेगी। सभा के लिए 7 एकड़ का मैदान बनाया गया है। 3 एकड़ में पार्किंग की व्यस्वस्था रहेगी। कंडेला के चबूतरे पर खाप प्रतिनिधियों के लिए देसी खाना परोसा जाएगा। उन्होंने कहा कि सारी व्यवस्था खाप के 36 बिरादरी के लोगों की ओर से की गई है।

कंडेला खाप व सर्वजातीय राष्ट्रीय खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने जानकारी देते हुए बताया कि देशभर में चर्चित रहे इस गांव के नाम से जुड़ी कंडेला खाप के इतिहास गौरवशाली रहा है। खाप ने जींद के राजा को धूल चटाने का कार्य किया था। वर्ष 2002 में बिजली बिलों को लेकर हुए किसान आंदोलन में तत्कालीन ओमप्रकाश चौटाला की सरकार की गलत नीतियों व तानाशाही रवैये पर कड़ी टक्कर दी थी।


टेकराम कंडेला ने कहा कि अब दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर जब केंद्र सरकार की किसानों पर ज्यादती की सूचना 28 जनवरी शाम को जब मीडिया में आई तो सबसे पहले कंडेला के ग्रामीण सड़क पर निकल कर आ गए। पूरे गांव के लोगों ने उसी दिन शाम को जींद-चंडीगढ़ मार्ग को जाम कर दिया था। इसका असर यह हुआ कि पूरे हरियाणा में किसान आंदोलन को पुनर्जीवित कर दिया गया।

कंडेला ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर हुई दिल्ली के लालकिले की घटना से पूरे देश की स्तब्धता के साथ अन्य खापों के साथ कंडेला खाप भी सकते में थी। हरियाणा की कंडेला खाप ने न केवल किसान की स्तब्धता तोड़ी बल्कि किसानों में उत्साह का संचार भी किया। परिणाम यह हुआ कि दिल्ली में उसी दिन रात को ही किसान केंद्र की किसी भी ज्यादती से निपटने के लिए दिल्ली की और कूच करना शुरू कर गए।

उन्होंने कहा कि किसानों से बातचीत का सिलसिला केंद्र को फिर से शुरू करना चाहिए। किसानों की प्रमुख मांग तीनों कृषि कानून वापस लेने, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने व किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश के किसान के आन, बान व शान की लड़ाई है।

किसान संगठनों ने 6 फरवरी को देशभर में चक्का जाम का एलान कर दिया है। 26 जनवरी के झटके के बाद नए सिरे से आंदोलन तेज हो रहा है। किसान आंदोलन के समाधान के लिए सरकार और किसान संगठनों के बातचीत को लेकर तस्वीर धुंधली है। वहीं दिल्ली की तीन सीमाओं पर जहां किसानों का आंदोलन चल रहा है, वहां पुलिस की सख्ती बढ़ाई जा रही है।
पुलिस और आंदोलनकारी किसानों में खटास इस कदर बढ़ गई है कि सोमवार को जब पुलिस ने ड्यूटी कर रहे जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए सिंघु बॉर्डर पर देशभक्ति गानें बजाए तो गानों की ऊंची आवाज को लेकर किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई। आंदोलन वाली जगहों पर पुलिस की सख्ती में ढिलाई देने, इलाके में बंद इंटरनेट को चालू करवाने की मांग और 26 जनवरी हिंसा के आरोपों में बड़ी संख्या में गिरफ्तार किए गए किसान आंदोलन से जुड़े लोगों की रिहाई की मांग को लेकर 6 फरवरी को दोपहर 12 से 3 बजे तक चक्का जाम करने का एलान किया है।

Monday, February 1, 2021

February 01, 2021

ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में आरोप तय-अब विशेष अदालत में मुकदमा चलेगा, 27 फरवरी से होगा ट्रायल शुरू

 ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में आरोप तय-अब विशेष अदालत में मुकदमा चलेगा, 27 फरवरी से होगा ट्रायल शुरू

चंडीगढ़, 31 जनवरी।टीचर भर्ती घोटाले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला एक नई मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने  इंडियन नेशनल लोकदल के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में आरोप तय कर दिया है। अब विशेष अदालत में मुकदमा चलेगा। मिली जानकारी के मुताबिक, आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में अब कोर्ट में 27 फरवरी से ट्रायल शुरू हो जाएगा। तकरीबन 2 साल पहले प्रवर्तन निदेशालय आय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की दिल्ली में 1.94 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। ईडी के मुताबिक धनशोधन रोकथाम अधिनियम-2002 के तहत संपत्ति (जमीन और एक फॉर्म हाउस) को जब्त किया गया था। ईडी ने इससे पहले ओमप्रकाश चौटाला की 4.15 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इस तरह कुल मिलाकर 6 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। 

वहीं, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरों ने अपनी की जांच से खुलासा किया था कि ओमप्रकाश चौटाला ने 24 मई 1993 और 31 मई 2006 के बीच आय के ज्ञात स्रोत से छह करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति अर्जित की थी। गौरतलब है कि इनेलो प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ में सजा काट रहे हैं। इसी मामले में ओमप्रकाश चौटाला और उनके बड़े पुत्र अजय सिंह चौटाला को 7 साल पहले 16 जनवरी, 2013 को दस वर्ष की सजा सुनाई गई थी। बता दें कि तिहाड़ जेल में रहने के दौरान ओमप्रकाश चौटाला ने 5 जुलाई, 2017 को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल से 12वीं कक्षा की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। ओम प्रकाश चौटाला हरियाणा के दिग्गज नेता देवी लाल के सुपुत्र हैं।

February 01, 2021

हरियाणा में अब 6वीं से 8वीं के लिए भी खुल रहे हैं स्कूल, सरकार ने दी इजाजत

 हरियाणा में अब 6वीं से 8वीं के लिए भी खुल रहे हैं स्कूल, सरकार ने दी इजाजत

चंडीगढ़। हरियाणा में छठी से आठवीं क्लास तक के स्कूल दोबारा आज एक फरवरी से खुलेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक आदेश में इसकी जानकारी दी गयी है। इसमें यह भी कहा गया है कि छात्रों को किसी भी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से एक प्रमाण पत्र लाना होगा कि उनमें कोरोना वायरस  संक्रमण का कोई लक्षण नहीं है।

गौरतलब है कि स्कूलों में सबसे पहले कोरोना प्रोटोकॉल के साथ स्कूल शुरू करने की इजाजत दसवीं और बारहवीं क्लास के बच्चों से हुई थी। लेकिन राज्य में ये  पहला मौका है जब छठवीं से आठवीं के बच्चों के स्कूल आने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि बच्चों के स्कूल की टाइमिंग में बदलाव हुआ है। सरकारी आदेश में कहा गया है कि स्कूलों में छठी से आठवीं की पढ़ाई का समय सुबह दस बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक होगा।

वहीं प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई शुरू होने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। हरियाणा में स्कूल शिक्षा निदेशक ने शुक्रवार को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयक को इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं। 

February 01, 2021

ड्रम में मिला महिला का शव, अंग काटकर डाल रखे थे पॉलीथिनों में, पति की तलाश

 ड्रम में मिला महिला का शव, अंग काटकर डाल रखे थे पॉलीथिनों में, पति की तलाश

फरीदाबाद : बल्लभगढ़ की चावला कॉलोनी में एक मकान की छत पर महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव मकान की तीसरी मंजिल पर रखे ड्रम में पॉलीथिन में पैक टुकड़ो में मिला है। ड्रम को बंद करने के लिए पीओपी का इस्तेमाल किया हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान के शवगृह में भिजवा दिया है।

जानकारी के अनुसार चावला कॉलोनी निवासी भूपेंद्र वशष्ठि के मकान की तीसरी मंजिल पर एक खाली ड्रम रखा हुआ था। अचानक ड्रम में से खून पानी के रूप में बाहर आ रहा था और छत पर बदबू आ रही थी। भूपेंद्र ने पड़ोसियों के सहयोग से ड्रम की जांच की तो पता चला कि ड्रम में किसी का शव पड़ा है। पड़ोसियों ने पुलिस को तुरंत सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर ड्रम से पॉलीथिन में पैक शव को बाहर निकाला और लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि पिछले मकान में एक नेपाली किराये पर रहता था। वह कुछ दिन पहले मकान छोड़ कर चला गया। उसका नाम राहुल बताया जा रहा है। जहां राहुल किराये पर रहता था वह मकान परसी जैन का है। मकान मालिक के पास से मिले राहुल के आधार कार्ड से पता चला कि वह अपनी पत्नी नेहा के साथ रहता था। जैन की पत्नी ने पुलिस को बताया कि मकान छोड़ कर जाते समय राहुल से उसकी पत्नी नेहा के बारे में पूछा, तो उसने कहा था कि वह उसे गांव छोड़ आया है। थाना शहर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

आरोपी की तलाश जारी

थाना शहर के प्रभारी का कहना है कि मकान मालिक के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है, आरोपी की तलाश की जा रही है। मृतक महिला के शव को लेकर पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है, ये कौन है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

February 01, 2021

किसान आंदोलन : दिल्ली में हुई हिंसा के बाद 100 से अधिक किसान लापता

 किसान आंदोलन : दिल्ली में हुई हिंसा के बाद 100 से अधिक किसान लापता

दिल्ली :  एक तरफ किसान आंदोलन नया रूप ले रहा है। बताना लाजमी है कि दिल्ली हिंसा के बाद किसान नेता राकेश टिकैत के आसुंओ ने मानो सैलाव सा ला दिया हो। बतादें कि एक बार फिर भारी संख्या में किसानों ने जुटना शुरू कर दिया है। तो वहीं दूसरी तरफ किसानों से जुडी एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि लाल किला हिंसा के बाद 100 से अधिक किसान लापता है। बताया जा रहा है कि लाल किले पर हुई हिंसक घटना के बाद से 100 से अधिक प्रदर्शनकारी किसान गायब हैं।

अभी तक केवल 18 किसानों के बारे में पुलिस ने कंफर्म किया गया है कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है, लेकिन बाकी किसानों का कुछ भी अता-पता नहीं चल रहा है, जिससे उनके परिवार वाले भारी परेशान हो रहे हैं। कन्फर्म किए गए 18 किसानों में से सात लोग बठिंडा जिले के तलवंडी साबो उपमंडल के तहत आने वाले बंगी निहाल सिंह गांव के रहने वाले हैं। इन किसानों को दिल्ली पुलिस ने किसान रैली के दौरान लाल किले पर हिंसा के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

ये किसान 23 जनवरी के दिन दो ट्रैक्टरों पर बैठकर दिल्ली के लिए निकले थे, जहां इन्हें किसान ट्रैक्टर रैली में भाग लेना था। 26 जनवरी के दिन हुई हिंसा की घटनाओं के बाद पश्चिम विहार पुलिस स्टेशन में हुई FIR के संबंध में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। तो वहीं दूसरी तरफ पंजाब ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन नाम के एनजीओ का कहना है कि पंजाब से दिल्ली में रिपब्लिक डे की किसान परेड के लिए आए  करीब सौ किसान गायब हैं। पंजाब ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन के अलावा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, खालरा मिशन और पंथी तालमेल संगठन जैसे विभिन्न संगठनों ने गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की घोषणा की गई है।

इनमें से अधिकांश को सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम, प्राचीन स्मारकों और पुरातत्व स्थलों और अवशेष अधिनियम और महामारी रोग अधिनियम के तहत बुक किया गया है। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान संघों को गणतंत्र दिवस परेड के बाद लापता हुए लोगों की सूची प्राप्त हुई हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। 

February 01, 2021

कांग्रेस कर रही अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी:विधानसभा में दो सदस्य कम होने से संख्याबल में सरकार और मजबूत

कांग्रेस कर रही अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी:विधानसभा में दो सदस्य कम होने से संख्याबल में सरकार और मजबूत 

चंडीगढ : किसान आंदोलन के बीच विपक्ष के हमलावर होने से डिफेंसिव मोड में आई सरकार अब विधानसभा में संख्याबल के हिसाब से मजबूत हो गई है। चार दिन में ही दो विपक्षी विधायकों की सदस्यता खत्म होने पर विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 46 की बजाए अब 45 हो गया है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से बजट सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर सरकार को कोई खतरा नजर नहीं आता है।

सरकार के पास संख्याबल पहले से ही मजबूत है। परंतु अभय चौटाला के साथ कुछ निर्दलीयों और जजपा विधायकों की ओर से लगातार कृषि कानूनों को लेकर मुखर होने पर कहीं न कहीं सरकार भी विधानसभा में बहुमत के आंकड़े को लेकर असमंजस में जरूर थी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कैबिनेट मिनिस्टर एवं निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह चौटाला व कुछ अन्य निर्दलीय विधायकों के साथ किए गए लंच और दिल्ली में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला द्वारा जजपा विधायकों के साथ की गई मीटिंग को भी सियासत में इसी से जोड़ा गया। परंतु अब विपक्ष के ही दो वोट कम होने से नंबर गेम में सरकार विधानसभा में मजबूत जरूर हुई है। 90 सदस्यों वाली विधानसभा में अब 88 विधायक रह गए। इसलिए सरकार को बहुमत के आकड़े के लिए 45 वोट की ही जरूरत है।

जानिए...विधानसभा में संख्याबल का गणित

2019 के विधानसभा चुनाव में 40 सीटें लेकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। सात निर्दलीय विधायकों ने समर्थन देने की घोषणा की। तुरंत ही जजपा ने 10 विधायकों के साथ गठबंधन किया और भाजपा-जजपा की सरकार बन गई। इस हिसाब से भाजपा के पास 57 का आंकड़ा हो गया, जबकि कांग्रेस 31 और इनेलो व हलोपा एक-एक सीट पर रही। परंतु पहले पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के मामले में निर्दलीय विधायक बलराज कुंडु ने सरकार से समर्थन वापस लिया।

इसके बाद सोमवीर सांगवान ने कृषि कानूनों के विरोध में सरकार का साथ छोड़ दिया। कुछ निर्दलीय विधायकों ने जब सांगवान के साथ गुप्त मीटिंग की तो सरकार में हलचल हो गई, क्योंकि इससे पहले जजपा के विधायक जोगीराम सिहाग व रामकरण काला कृषि कानूनों का खुलकर विरोध कर चुके थे, वहीं डिप्टी सीएम के खिलाफ पूरी तरह बगावत कर चुके जजपा विधायक रामकुमार गौत्तम भी अन्य विधायकों की श्रेणी में खड़े हो गए।

*यह भी जानें...

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दो माह बाद ही सितंबर, 2013 में राज्य सभा के तत्कालीन कांग्रेसी सांसद राशिद मसूद की सदस्यता गई थी। इस फैसले से सदस्यता गंवाने वाले वे पहले जनप्रतिनिधि थे। इसके अगले माह ही अक्टूबर में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद लालू प्रसाद यादव को अपनी लोक सभा सदस्यता से हाथ धोना पड़ा था।

राहुल गांधी ने साढ़े सात साल पहले फाड़ा था अध्यादेश

10 जुलाई, 2013 के लीली थॉमस बना भारत सरकार केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए मनमोहन सरकार संसद में ऑर्डिनेंस लाई थी। इसमें यह था कि किसी जनप्रतिनिधि को दोषी करार दिया जाता है तो उसे 3 माह का समय मिले। यदि सजा पर स्टे हो जाए या ऊपरी कोर्ट सजा को खारिज कर देती है तो उसकी सदस्यता बनी रहेगी।

यह ऑर्डिनेंस जब संसद में पेश हुआ तो कांग्रेसी सांसद राहुल गांधी ने इसे बकवास बताते हुए फाड़ दिया था। इसके बाद यह ऑर्डिनेंस तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास हस्ताक्षर के लिए पहुंचा। परंतु वे भी इससे सहमत नहीं थे। उन्होंने उस वक्त के केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल को बुलाया और ऑब्जेक्शन बताए। इसके बाद 2 अक्टूबर, 2013 को इसे खारिज कर दिया गया।

Sunday, January 31, 2021

January 31, 2021

रोहतक में वारदात : रॉड से हमला कर मजदूर की हत्या

रोहतक में वारदात : रॉड से हमला कर मजदूर की हत्या

रोहतक : भिवानी रोड पर बीती देर रात फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर के सिर पर लोहे की रॉड मारकर हत्या कर दी गई जबकि उसके साथी को चोट मारकर घायल कर दिया गया। घायल को पीजीआइएमएस में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। शिवाजी कालोनी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मामले के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नानौता निवासी 27 वर्षीय अजीम भिवानी रोड स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। उसके साथ में गांव का ही 25 वर्षीय बंटी भी काम करता है। बीती देर रात दोनों भिवानी चुंगी नहर के पास घायल अवस्था में पड़े मिले। जिनके सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया था। राहगीरों की सूचना पर शिवाजी कालोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पता चलने पर उनके स्वजन भी पीजीआइएमएस में पहुंच गए। उपचार के दौरान अजीम ने दम तोड़ दिया, जबकि बंटी की हालत भी गंभीर बनी हुई है। एफएसएल इंचार्ज डा. सरोज दहिया मलिक ने भी मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। शिवाजी कालोनी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद भी पूरे मामले का पर्दाफाश होगा। परिजनों से भी इस बारे में बातचीत की जा रही है।
January 31, 2021

किसान आंदोलन के बीच बड़ी कार्रवाई:CBI ने 50 सरकारी गोदामों पर मारा छापा, पंजाब में 40 और हरियाणा में 10 जगह से गेहूं-चावल के सैंपल लिए

किसान आंदोलन के बीच बड़ी कार्रवाई:CBI ने 50 सरकारी गोदामों पर मारा छापा, पंजाब में 40 और हरियाणा में 10 जगह से गेहूं-चावल के सैंपल लिए

चंडीगढ़ : सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की तरफ से गुरुवार रात को पंजाब और हरियाणा के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की गई है। एजेंसी ने पंजाब में 40 और हरियाणा में 10 गोदामों से चावल और गेहूं के सैंपल लिए हैं। सूत्रों की मानें तो इस कार्रवाई को किसान आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पंजाब में इन जगह की गई रेड

CBI की टीमों ने 2019-20 और 2020-21 के दौरान खरीदी गई गेहूं और चावल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। CBI ने जिन गोदामों पर छापा मारा है, उनमें कुछ पंजाब खाद्यान्न संग्रहण निगम , कुछ पंजाब वेयर हाउसिंग और कुछ भारतीय खाद्य निगम (FCI) के हैं। यहां लुधियाना के जगराओं की अनाज मंडी स्थित वेयर हाउस में CBI की टीम सर्च कर रही है। वहीं फिरोजपुर के गांव गोखीवाला में FCI के गोदाम में छापामारी की गई है।

हरियाणा के सिरसा में पहुंची पांच टीमें

उधर, हरियाणा के सिरसा में शुक्रवार को सुबह होते ही FCI के गोदामों में CBI की टीमों का काफिला पहुंच गया। इससे हड़कंप मच गया। CBI की पांच से ज्यादा टीमों ने मंगाला, पन्नीवाला मोटा और ऐलनाबाद में गोदामों पर छापे मारे हैं। एक टीम मंगाला में बने हैफेड के गोदाम में पहुंची और रिकॉर्ड तलब कर जांच शुरू कर दी।

यह मानी जा रही है कार्रवाई की वजह

CBI की तरफ से यह छापेमारी तब की गई है जब पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर रैली के तहत हिंसा के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दूसरी ओर पिछले साल सितंबर में केंद्र सरकार ने तीन नए कृषि कानून-नए कृषि कानूनों- 'कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020', 'कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत अश्वासन और कृषि सेवा करार विधेयक, 2020' और 'आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक, 2020' पास किया था, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं।
अंदेशा जताया जा रहा है कि सीबीआई की टीमें देश में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर गेहूं का स्टॉक जांचने के लिए आई है। वहीं CBI की इस तत्परता की कार्रवाई से कुछ घोटाले की भी बू आ रही है। टीम ने आते के साथ ही सैंपल लेने भी शुरू कर दिए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार देर रात शुरू हुई छापेमारी की कार्रवाई अब भी जारी है। लेकिन CBI की तरफ से छापेमारी के संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है।
January 31, 2021

फौगाट खाप ने उप मुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला व सांसद धर्मबीर सिंह का किया हुक्का पानी बन्द

फौगाट खाप ने उप मुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला व सांसद धर्मबीर सिंह का किया हुक्का पानी बन्द

चरखी दादरी : किसान आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को फौगाट खाप ने उप मुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला व सांसद धर्मबीर सिंह का  हुक्का पानी बन्द करने व राजनीतिक बहिष्कार का किया एलान किया है। फौगाट खाप की पंचायत ने निर्णय लिया गया कि प्रतिदिन 3 गांव के किसान टिकरी बॉर्डर जाएंगे आंदोलन को समाप्ति तक खाप समर्थन देगी। 
राकेश टिकैत की अपील के बाद दिल्ली में किसान आंदोलन को लेकर एक बार फिर से किसानों में भारी जोश देखने को मिल रहा है। वहीं किसानों ने कहा जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होंगे तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
January 31, 2021

चौंकाने वाला हादसा:बेटी का पार्थिव शरीर लेकर घर जा रहे थे, ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई एंबुलेंस, हादसे में मां और मौसी की भी मौत

चौंकाने वाला हादसा:बेटी का पार्थिव शरीर लेकर घर जा रहे थे, ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई एंबुलेंस, हादसे में मां और मौसी की भी मौत

यमुनानगर : हरियाणा के यमुनानगर जिले में बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला हादसा सामने आया है। एक परिवार अपनी बेटी का शव लेकर शामली जा रहा था, लेकिन रास्ते में हादसा हो गया और मृतका की मां व मौसी की भी जान चली गई। हादसा तेज रफ्तार के कारण एंबुलेंस के ट्रैक्टर से टकराने से हुआ।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि धमाके की आवाज आई। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। राहगीरों ने बचाव अभियान चलाते हुए एंबुलेंस में फंसे लोगों को बाहर निकाला। चालक को तो एंबुलेंस काटकर बाहर निकालना पड़ा। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय सलमा और 59 वर्षीय शकीला के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, सलमा उत्‍तर प्रदेश शामली की रहने वाली थी। उसकी बेटी 35 वर्षीय अफसाना की तबीयत खराब थी। वह चंडीगढ़ में एडमिट थी, लेकिन बुधवार को उसकी मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह परिजन चंडीगढ़ से एंबुलेंस के जरिए शव को लेकर शामली ले जा रहे थे।
एंबुलेंस को चंडीगढ़ निवासी अंकित चला रहा था। एंबुलेंस में सलमा के अलावा, उसकी बहन शकीला, बेटा असलम, अफसाना का देवर दिलशाद और ससुर इशाख और दिलशाद का बेटा सलीम भी था। अंकित एंबुलेंस तेज चला रहा था। उसके सवारियों ने कई बार टोका, लेकिन वह माना नहीं।
सुबह करीब 5 बजे एंबुलेंस कलानौर के नया बाइपास पर पहुंची तो एंबुलेंस अनियंत्रित हो गई और गलत दिशा से आ रहे ट्रैक्‍टर से जा टकराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और एंबुलेंस चालकर अंकित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
January 31, 2021

नहीं थमा किसान आंदोलन:हरियाणा के पानीपत में दोनों बैरियर फिर से टोल फ्री, राज्य में दूसरी जगह भी जुट रहे आंदोलनकारी

नहीं थमा किसान आंदोलन:हरियाणा के पानीपत में दोनों बैरियर फिर से टोल फ्री, राज्य में दूसरी जगह भी जुट रहे आंदोलनकारी

चंडीगढ़ : हरियाणा में किसान आंदोलन को लेकर एक बार फिर किसान एकजुट हो गए हैं। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में फिर से किसान सड़कों पर उतर आए हैं। पानीपत में नेशनल हाईवे नंबर 1 और पानीपत-रोहतक हाईवे पर स्थित दोनों टोल प्लाजा फिर से टोल फ्री कर दिए गए हैं, वहीं राज्य के दूसरे हिस्सों में भी किसान धरनों पर वापस लौट रहे हैं।
बता दें कि गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई हिंसा के बाद लगभग हर तरफ धरने समाप्ति की ओर बढ़ने लग गए थे। गुरुवार को उत्तर प्रदेश के किसान नेता राकेश टिकैत का एक वीडियो वायरल होने के बाद आंदोलनकारी फिर से वापस धरने पर लौटने के मूड में आ गए।
पानीपत में दिल्ली-अमृतसर हाईवे पर बाबरपुर के पास स्थित टोल प्लाजा पर गुरुवार शाम साढ़े 4 बजे से वसूली शुरू हो गई थी, लेकिन शुक्रवार सुबह 11 बजकर 19 मिनट पर इसे फिर से टोल फ्री कर दिया गया। इसी तरह पानीपत-रोहतक हाईवे पर गांव डाहर में स्थित टोल प्लाजा पर कल साढ़े 10 बजे वसूली शुरू हो गई थी, पर शुक्रवार सुबह सवा 11 बजे यहां फिर से आंदोलनकारियों का कब्जा हो गया। इस बारे में सिख यूथ फेडरेशन के प्रधान मुख्तयार सिंह ने बताया कि बुधवार रात को थाना सिटी और सेक्टर-13/17 की पुलिस ने ऊपर से दबाव होने की बात कहकर धरना उठाने को कहा था। इस पर अमल भी करने की कोशिश की गई, लेकिन गुरुवार को राकेश टिकैत का वीडियो वायरल होने के बाद फिर से संगठन ने आंदोलन को मजबूत करने का फैसला लिया है।
पानीपत में किसानों के वाहनों के लिए 26 नवंबर से ही टोल फ्री था। इसके बाद किसानों ने 12 दिसंबर को एक दिन के लिए टोल फ्री कराए थे। फिर 25 दिसंबर से पानीपत के L&T और डाहर टोल प्लाजा को सभी वाहनों के लिए फ्री करा दिया गया।

इसी तरह जींद में भी किसानों ने देर रात ही आंदोलन का ऐलान कर दिया था। कंडेला गांव के किसानों ने रात के समय ही चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगा दिया था। इसके बाद शुक्रवार सुबह फिर से गांव चूहड़पुर के बस स्टैंड के पास किसान बिफर गए और जाम लगा दिया। हालांकि कुछ समय बाद जाम को खोल दिया गया। यहां किसानों ने मौन धारण कर अपना रोष प्रकट किया।

हिसार के नारनौद में किसान आंदोलन

दिल्ली में भाग लेने के लिए गांव राजथल से सैकड़ों किसान अपने साथ 6 महीने का राशन-पानी लेकर रवाना हुए है।
रोहतक में मदीना टोल पर कई गांव के किसान एकत्रित हो गए हैं। यहां पर किसानों की पंचायत शुरू हो चुकी है। इससे पहले किसान यहां पर धरना बहाल करने की तैयारी करते दिखे।

कैथल में विद्यार्थी लगा रहे नारे

कैथल में कॉलेज के स्टूडेंट्स ने किसानों के समर्थन में छोटूराम चौक को किया जाम, शहर के विभिन्न कॉलेजों से आए छात्र हाथों में नो फार्मर नो फ़ूड के स्लोगन लेकर जय जवान-जय किसान के नारे लगा रहे हैं। SDM संजय कुमार और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा हुआ है। गांव किरमारा में पंचायत में हुए फैसले के बाद 36 बिरादरी ने सहयोग देने का वादा किया है। यहां से किसान दिल्ली के लिए निकलेंगे।

फतेहाबाद के टोहाना इलाके के गाव समैण में किसानों ने रोड जाम कर दिया है। तलवाड़ा में भी जाम लगाने की तैयारी चल रही है।

पंचकूला सहित कई जगह में टोल प्‍लाजा फिर शुरू

पंचकूला में टोल फिर से शुरु हो गए हैं। पुलिस ने टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे किसानों को हटा दिया है। चंडी मंदिर टोल प्लाजा सुबह से शुरु हो गया। इस टोल प्लाजा से कल से अब तक फास्ट टैग से 12500 वाहन निकल चुके हैं, जबकि 16 हजार 300 वाहन नगद राशि देकर निकले हैं। इस प्रकार जलौली खंड बरवाला का टोल प्लाजा भी शुरु हो गया है।
January 31, 2021

12 फरवरी को सिरसा में उप मुख्यमंत्री के आवास की घेराबंदी करेंगे भट्ठा मजदूर

12 फरवरी को सिरसा में उप मुख्यमंत्री के आवास की घेराबंदी करेंगे भट्ठा मजदूर

फतेहाबाद : लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन हरियाणा के बैनर पर जिला के सैकड़ों भट्ठा मजदूरों ने उपायुक्त कार्यालय पर धरना देकर अपनी मांगों का समाधान करने की मांग की। इस धरने की अध्यक्षता यूनियन के जिला प्रधान मदन सिंह ने की व संचालन जिला सचिव गगनदीप ने किया।
लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन हरियाणा के महासचिव विनोद कुमार ने भट्ठा मजदूरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भट्ठा मजदूरों के लिए भट्ठों पर सभी श्रम कानून सख्ती से लागू करने, स्वच्छ पीने का पानी, बोनस, पीएफ व ईएसआई लागू करवाने, रहने के लिए पक्के मकान, सभी जरुरी वस्तुएं सरकारी दरों पर दिये जाने, मजदूरों के बच्चों की शिक्षा का प्रबंध किए जाने की मांग को लेकर प्रशासन को मांग पत्र सौंपा गया था लेकिन अभी तक जिला प्रशासन द्वारा इन मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे भट्ठा मजदूरों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन भी मजदूरों के साथ मजाक ही है। क्योंकि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन से मजदूरों का गुजारा नहीं होता और हर बार भट्ठा मजदूरों को अपनी मजदूरी बढ़ोतरी आन्दोलन के दम पर ही करवानी पड़ती है। इस बार भी महंगाई अनुसार पथेर का रेट 725 रुपये करने की मांग मजदूरों ने की है और जब तक मजदूरों की मजदूरी तय नहीं होती, यह आंदोलन जारी रहेगा।
इसी कड़ी में हिसार, सिरसा व फतेहाबाद के हजारों मजदूर 12 फरवरी को सिरसा में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास की घेराबंदी करेंगे। भट्ठा मजदूरों की मांगों को लेकर यूनियन द्वारा आज अतिरिक्त उपायुक्त को अपना ज्ञापन सौंपा गया और इन मांगों का जल्द समाधान करवाने की मांग की गई। धरने के बाद सभी भट्ठा मजदूरों ने जिला उपायुक्त कार्यालय पर चल रहे किसान मजदूरों के पक्का मोर्चा पर जाकर समर्थन किया और आंदोलन में हर सम्भव सहयोग करने की घोषणा की। आज के धरने को यूनियन के अनेक नेताओं ने सम्बोधित किया।

Friday, January 29, 2021

January 29, 2021

बजट सेशन आज से : किसान आंदोलन के मुद्दे पर हंगामे के आसार, वित्त मंत्री आज इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी

बजट सेशन आज से : किसान आंदोलन के मुद्दे पर हंगामे के आसार, वित्त मंत्री आज इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी

नई दिल्ली : पहली बार बजट सेशन में राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान सेंट्रल हॉल के अलावा लोकसभा और राज्यसभा में भी सांसद बैठेंगे। ऐसा सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से किया जा रहा है। 
संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज ही इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी। लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, बजट सत्र का पहला सेशन 15 फरवरी तक चलेगा। वहीं, दूसरा सेशन 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। 17वीं लोकसभा के पांचवें सत्र में 35 सिटिंग्स होंगी, जो कि पहले पार्ट में 11 और दूसरे पार्ट में 24 निर्धारित की गई हैं।

*18 विपक्षी दल राष्ट्रपति की स्पीच का बायकॉट करेगा*

परंपरा के मुताबिक, पहले दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अभिभाषण होगा। लेकिन, इस बार 18 पार्टियों ने राष्ट्रपति की स्पीच का बायकॉट करने का ऐलान किया है। इनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, अकाली दल जैसी बड़ी पार्टियां शामिल हैं। उनका कहना है कि पिछले सेशन में केंद्र सरकार ने जिस तरीके तीनों कृषि कानूनों को पास किया, वह ठीक नहीं था।
राष्ट्रपति के संबोधन का बायकॉट करने वाली पार्टियों में कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी, NCP, JKNC, DMK, TMC, RJD, CPI-M, CPI, IUML, RSP, PDP, MDMK, केरल कांग्रेस (M) और AIUDF शामिल हैं। इन पार्टियों ने साझा बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। बाद में आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने भी बायकॉट का ऐलान कर दिया।

किसानों का मुद्दा गरमाने के आसार

बजट सेशन में तीनों कृषि कानूनों और किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा का मुद्दा उठने की संभावना है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद का कहना है कि मोदी सरकार ने विपक्ष के साथ बिना बहस किए तीनों कृषि कानून सदन में जबरन पास करा लिए।

*किसानों के खिलाफ कैंपेन चलाने का आरोप*

विपक्ष के मुताबिक, सरकार किसानों पर जबरदस्ती कृषि कानून थोप रही है। इससे करोड़ों किसान बर्बाद हो जाएंगे। ठंड और बारिश के बीच वे 64 दिनों से अपना विरोध जता रहे हैं। इस दौरान 155 किसानों की जान जा चुकी है। किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन इस्तेमाल किया, उन पर लाठी चार्ज भी किया। इसके अलावा किसानों के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने के लिए कैम्पेन भी चलाया।

*एक फरवरी को पेश होगा बजट*

इस सत्र में पहली बार बजट सेशन में राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान सेंट्रल हॉल के अलावा लोकसभा और राज्यसभा में भी सांसद बैठेंगे। ऐसा सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इससे पहले शुक्रवार को वित्त मंत्री आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 पेश करेंगी। इसे मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के गाइडेंस में तैयार किया जाता है।

*सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाएगा*

इस सत्र में पहली बार बजट सेशन में राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान सेंट्रल हॉल के अलावा लोकसभा और राज्यसभा में भी सांसद बैठेंगे। ऐसा सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी।
January 29, 2021

नया कृषि कानून अटका, हाईकोर्ट ने किसान को दिया झटका

नया कृषि कानून अटका, हाईकोर्ट ने किसान को दिया झटका

चंडीगढ़ : देश के किसी भी हिस्से में फसलों की बिक्री की इजाजत देने वाले नए कृषि कानून के बावजूद उत्तर प्रदेश के एक किसान से धान न खरीदने के हरियाणा सरकार के फैसले के खिलाफ एक याचिका को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
हाई कोर्ट ने कहा कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट कानून पर अंतरिम रोक लगा चुका है, ऐसे में अब इस याचिका का हाई कोर्ट में कोई औचित्य नहीं है। हाई कोर्ट ने याचिका को आधारहीन मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
इस मामले में करनाल निवासी किसान वीरेंद्र सिंह ने करनाल के डीसी द्वारा जारी उस आदेश को रद करने की मांग की है जिसके तहत उसे उत्तर प्रदेश से अपनी धान की फसल करनाल में लाकर बेचने पर रोक दिया गया।

इस मामले में सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि मार्केट पोर्टल पर जिन किसानों ने अपना पंजीकरण किया, केवल वही मार्केट बोर्ड के अधीन मंडी में अपनी फसल बेच सकते थे।
हरियाणा से बाहर के लगभग 50 हजार किसानों ने इस पोर्टल के तहत राज्य में अपनी फसल बेची है। याचिका पर बहस के दौरान हरियाणा सरकार ने कहा कि नए किसान कानून में साफ लिखा है कि स्टेट यार्ड मार्केट में केवल राज्य का कानून लागू होगा।
कोर्ट को बताया गया कि किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम 2020 के तहत नए ट्रेड एरिया तय होंगे। मार्केट कमेटी के तहत मंडी में केवल राज्य कानून लागू होंगे। इसलिए याची को बगैर पंजीकरण के राज्य की मंडी में फसल बेचने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
January 29, 2021

जींद में सनसनीखेज वारदात:मां-बेटे की हत्या करके शव आंगन में ही गाड़े, महिला ने गुमशुदगी की शिकायत दी तो पुलिस ने निकलवाए

जींद में सनसनीखेज वारदात:मां-बेटे की हत्या करके शव आंगन में ही गाड़े, महिला ने गुमशुदगी की शिकायत दी तो पुलिस ने निकलवाए

जींद :  जिले में गुरुवार को एक महिला और उसके बेटे की हत्या का मामला सामने आया है। दोनों के शव घर के आंगन में ही दफन किए गए थे। खुलासा तब हुआ, जब मृतक महिला की पुत्रवधू ने पुलिस को उसकी सास और देवर की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाने के साथ ही अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। दूसरी ओर इस तरह घर के आंगन में मां-बेटे के शव मिलने से ग्रामीण सकते में हैं।

मामला जिले के नरवाना क्षेत्र के गांव ढाबी टेक सिंह का है, जहां रणबीर कौर (65) और उसके बेटे हरप्रीत (45) की हत्या करके शवों को घर के आंगन में ही दबा दिया गया। रणबीर कौर के बड़े बेटे की विधवा बहू इंद्रजीत कौर ने गुरुवार सुबह ही गढ़ी थाना पुलिस को सास व देवर के गायब होने की सूचना दी थी। इंद्रजीत कौर ने बताया था कि वह मायके से बुधवार को लौटी तो उसकी सास व देवर के मकान के बाहर ताला लगा हुआ मिला। इसके बाद उसने आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ कि तो बताया कि दोनों कई दिनों से गायब हैं। इस पर महिला ने पुलिस से दोनों की तलाश करने की मांग की।
पुलिस ढाबी टेक सिंह गांव पहुंची तो दोनों की हत्या होने की आशंका हुई। इसके बाद पूरे घर की तलाशी ली गई। आंगन में जहां ताजी मिट्टी खोदी हुई थी। इतना ही नहीं उसके ऊपर ईंटें लगी हुई मिली तो शक हुआ कि दोनों के शव यहां पर हो सकते हैं। इसके बाद गढ़ी थाना पुलिस ने JCB की सहायता से खुदाई करवाई तो 5 फीट की गहराई पर मां-बेटा के शव बरामद हो गए।
गुरुवार शाम को पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नरवाना अस्पताल पहुंचाया। साथ ही इंद्रजीत कौर के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। वारदात की सूचना मिलने के बाद DIG OP नरवाल, DSP ताहिर हुसैन मौके पर पहुंचे और हालात का जाएजा लिया। घर के आंगन में मां-बेटे के मिले शव से ग्रामीण सकते में हैं।
January 29, 2021

किसान आंदोलन को लेकर गांव-गांव में शुरू हुई पंचायत, जानें क्या है रणनीति ?

किसान आंदोलन को लेकर गांव-गांव में शुरू हुई पंचायत, जानें क्या है रणनीति ?

जींद : किसान आन्दोलन को लेकर जींद के गांव-गांव में पंचायतो का दौर शुरू हो गया है। गांव के सैकड़ो युवा, बजुर्ग, महिलाएं व बच्चे पंचायत में शामिल हो रहे हैं। इन पंचायतों में दिल्ली में किसान आंदोलन के लिए कूच की रणनीति बनाई जा रही है।

इसी दौर में जींद से रामकली गांव में पंचायत शुरू हो चुकी है। इसको लेकर गांव में रात को और सुबह भी मुनादी करवाई गई थी। रामकली गांव की इस पंचायत में हर वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं। गांव में सुबह से ही राशन पानी इक्कट्ठा किया जा रहा है।
आपको बता दें कि रामकली गांव से 10 ट्रेक्टर रात को ही दिल्ली के लिए निकल चुके हैं। कहा यह भी जा रहा है कि रामकली गांव में जितने ट्रक्टर हैं सभी दिल्ली बॉर्डर भेजे जाएंगे।

राकेश टिकैत के भावुक हुए उस वीडियो को लेकर लोगों का कहना है कि राकेश टिकैत के आंसू, हर किसान के आंसू हैं। जब तक तीनो कृषि कानून वापिस नही होते नही लौटेंगे। अब यह करो या मरो की लड़ाई है।
January 29, 2021

पीजीआई रोहतक के लिए नई कुलपति की तलाश शुरू

पीजीआई रोहतक के लिए नई कुलपति की तलाश शुरू

 चंडीगढ़ : रोहतक पीजीआई के लिए नए वीसी की तलाश शुरु हो गई है, इस संबंध में सूबे के गृह एवं सेहत मंत्री अनिल विज ने सर्च कमेटी गठित करने के लिए हरियाणा मेडिकल एजूकेशन विभाग के अफसरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सूबे के सेहत मंत्री विज जल्द से जल्द ही प्रक्रिया को पूरा करने के हक में हैं, वे पीजीआई रोहतक में कईं बड़े बदलावों के पक्षधर भी हैं ताकि उल्लेखनीय व पारदर्शी तरीके से कामकाज किए जा सकें।

गुरुवार को लगभग डेढ़ माह बाद में कोविड से ठीक होने के बाद आफिस आए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस संबंध में एसीएस स्वास्थ्य और मेडिकल एजूकेशन एवं रिसर्च विभाग की एमडी से बातचीत कर जल्द ही वीसी के नए नाम प्रस्तावित करने के लिए सर्च कमेटी गठित करने को कहा है। इस संबंध में जल्द ही कदम उठा लिए जाने का आश्वासन भी अफसरों ने दे दिया है।

यहां पर उल्लेखनीय है कि पीजीआई रोहतक के वीसी का इसी साल मई में कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। खास बात यह है कि वर्तमान वीसी को एक बार एक्सटेंंशन भी मिल चुका है। इस तरह से आने वाले दिनों में पीजीआई रोहतक को नया वीसी मिलने की तैयारी शुरु हो गई है।

*स्वास्थ्य विभाग में होने वाले कामों के लिए इंजीनियरिंग विंग*

हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल एजूकेशन के तहत होने वाले कामों को लेकर आने वाले वक्त में स्वास्थ्य विभाग के तहत ही एक इंजीनियरिंग विंग गठित किए जाने का प्रस्ताव हरियाणा के स्वास्थ्य और गृहमंत्री की ओर से भेजा जा रहा है। उक्त विंग का गठन इसीलिए किया जा रहा है ताकि राज्य के विभिन्न जिलों अस्पतालों, कॉलेजों, मेडिकल कालेजों के निर्माण के वक्त वहां कामकाज की क्वालिटी पर नजर रखी जा सके। बाद में भी जरूरत के मुताबिक जांच पड़ताल की जा सके साथ ही विभाग की जरूरत के हिसाब से कामकाज की क्वालिटी भी हो। इस क्रम में भी विभागीय अफसरों द्वारा इंजीनियरिंग विंग के गठन के संबंध में जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सौंपने की बात कही है। 
January 29, 2021

किसानों की ट्रैक्टर परेड पर एक्शन शुरू, अब तक 22 FIR दर्ज,CCTV फुटेज से होगी हुड़दंगियों की पहचान

किसानों की ट्रैक्टर परेड पर एक्शन शुरू, अब तक 22 FIR दर्ज,CCTV फुटेज से होगी हुड़दंगियों की पहचान

दिल्ली : गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान जमकर उपद्रव हुआ। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली में घुसे, कई जगहों पर पुलिस के साथ भिड़ंत हुई और ITO, लालकिले जैसे इलाके में बवाल भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने लालकिले पर जाकर निशान साहिब का झंडा भी फहराया। बीते दिन के बवाल के बाद दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट बंद है, पुलिस दोषियों को ढूंढने में लगी है। बतादें कि कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकर रहे किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर परेड निकालने का वादा किया था, मगर यह वादा खोखला साबित हुआ।
दिल्ली में दिनभर चारों तरफ बवाल और झड़पें होती रहीं। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में ऐसा उत्पात मचेगा, इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। मगर हकीकत तो यही है कि 26 जनवरी को दिल्ली में प्रदर्शनकारी किसानों ने ऐसा बवाल काटा, जिसकी गूंज काफी समय तक सुनाई देगी। ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा में 86 पुलिसकर्मी समेत 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। हालांकि, अब इस मामले में पुलिस ने एक्शन लिया है और अब तक 22 एफआईआर दर्ज की हैं।
माना जा रहा है कि अभी और एफआईआर दर्ज की जाएंगी। दिल्ली की सीमाओं मसलन सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर से शुरू हुआ ट्रैक्टर परेड हिंसा, झड़प और बवाल के बीच लालकिला पर पहुंचकर खत्म हुआ। तो वहीं दूसरी तरफ किसान आंदोलन के बीच हुए दिल्ली में तांडव के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की बैठक रद्द हो गई है। अब कमेटी की बैठक 29 जनवरी को होगी, इसमें कमेटी किसान संगठनों ने कृषि कानून को लेकर चर्चा करेगी।