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Monday, September 21, 2020

September 21, 2020

तीन माह से नहीं मिला होम गार्ड जवानों को वेतन

तीन माह से नहीं मिला होम गार्ड जवानों को वेतन

सोनीपत : कोरोना वायरस के सक्रमंण को फैलने से रोकने के लिए चौक-चौराहों पर पुलिस कर्मचारी, अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी, चिकित्सक व चौक-चौराहों पर पुलिस कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डयूटी दे रहे होमगार्ड के जवानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा हैं। लॉकडाउन के दौरान लोगों को नियमों का पाठ पढ़ा रहे होमगार्ड तीन माह से बिना वेतन के गुजारा करने पर मजबूर हैं। मामले को लेकर संबंधित अधिकारी समय पर बिल बनाकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भेजा चुके हैं। बिल भेजने के बाद भी वेतन जारी नहीं किया जा रहा हैं।
बता दें कि जिले में यातायात नियमों की पालन व पुलिस कर्मचारी के सहयोग के लिए होमगार्ड के जवानों की तैनाती कर रखी हैं। जिले में अलग-अलग थानों के अंतगर्त करीब 700 होमगार्ड के जवान तैनात हैं। जो सड़कों पर पुलिस कर्मचारियों की हर काम में मदद कर रहे हैं। मार्च माह से कोरोना सक्रमंण को रोकने के लिए पुलिस कर्मचारियों के साथ चौक-चौराहों पर डयूटी दे रही होमगार्ड के जवानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा हैं। होमगार्ड के जवानों को तीन माह का वेतन जारी नहीं किया गया हैं। जिसके चलते उन्हें घर चलाने में परेशानी हो रही हैं।

घर चलाने में हो रही परेशानी

गीता भवन चौक, देवीलाल चौक, पुलिस लाइन के सामने तैनात होमगार्ड के जवानों से वेतन को लेकर बातचीत की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तीन-तीन माह तक वेतन जारी नहीं किया जा रहा हैं। यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए उनकी तैनाती की गई हैं। घंटों सड़कों पर डयूटी देने के बाद भी समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा। कोविड-19 संक्रमण के दौरान घर में रोटी के लाले पड़ चुके हैं। लोगों की उधारी तीन माह की हो चुकी हैं। जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो भूखे तक रहने की नौबत आ सकती हैं।
दो माह का बिल बनाकर भेजा जा चुका है
होम गार्ड के जवान अपनी समय पर डयूटी दे रहे हैं। दो माह का बिल बनाकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भेजा जा चुका हैं। इस माह का भी बिल जल्दी भेजा जाएगा। वेतन जारी होने में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की तरफ से देरी हो रही हैं। अधिकारियों से बातचीत कर जल्द वेतन खाते में डलवा दिया जायेगा।
बिजेंद्र सिंह, जिला आदेशक, गृह रक्षी विभाग सोनीपत
September 21, 2020

रणनीति:लघु सचिवालय से कृषि मंत्री के आवास तक आज जुलूस निकालेंगे बर्खास्त पीटीआई

रणनीति:लघु सचिवालय से कृषि मंत्री के आवास तक आज जुलूस निकालेंगे बर्खास्त पीटीआई

लघु सचिवालय के बाहर चल रहे हरियाणा शारीरिक शिक्षकों के धरने को समाजसेवी लक्ष्मी कादयान ने समर्थन दिया व धरने पर बैठकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व पीटीआई अध्यापक मनजीत ग्रेवाल कर रहे थे। सेवामुक्त पीटीआई अध्यापकों ने धरने पर 21 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की।

उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय से कृषि मंत्री जेपी दलाल के निवास स्थान पर जुलूस के रूप में जाएंगे व उन्हें अपनी बहाली का मांगपत्र सौंपेंगे। पब्लिक हेल्थ जिला प्रधान ओम प्रकाश, संदीप सांगवान, हेमसा के राज्य संगठन सचिव राजेश लाम्बा, सुकेश प्रधान व राकेश मलिक ने कहा कि आज भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार से प्रत्येक वर्ग दुखी है।

उन द्वारा लाए गए काले कानून से किसान, कर्मचारी, मजदूर, छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोर्ट में उचित पैरवी न करके वर्ष 2010 से लगे 1983 शारीरिक शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया, जो सरकार की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। अगर सरकार चाहे तो इन पीटीआई अध्यापकों को सेवा में ले सकती है।

अगर उनको बहाल नहीं किया तो वे बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। रविवार को अनशन पर पवन टिटाणी, सरिता देवी, कर्मदीप, पवन कुमार बड़दू रहे। इस अवसर पर राजेश ढांडा, विरेंद्र सिंह घनघस, सोमदत्त डीपीई, बंसीलाल, जरनैल सिंह पीटीआई, विनेाद पिंकू, रामचंद्र पीटीआई, होशियार सिंह, राजपाल, बलवान डीपीई आदि उपस्थित थे।

September 21, 2020

गंभीर आरोप:ट्यूशन टीचर ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म कर बनाया वीडियो, वायरल करने की धमकी देकर ऐंठता रहा पैसे

ट्यूशन टीचर ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म कर बनाया वीडियो, वायरल करने की धमकी देकर ऐंठता रहा पैसे


हिसार : हरियाणा के हिसार में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोप एक टीचर पर है, जिसके पास यह लड़की ट्यूशन पढ़ने के लिए जाती थी। लड़की के परिजनों को पता तब चला, जब वह आरोपी को देने के लिए घर से पैसे चुरा रही थी। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी टीचर के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई आगे बढ़ाई है। टीचर के साथ पुलिस ने दो और लोगों को लड़की के साथ छेड़खानी का आरोपी पाया।

गांव के ही टीचर पर पढ़ती थी ट्यूशन

पुलिस को दिए बयान में लड़की ने बताया कि वह गांव में ही एक टीचर के पास ट्यूशन पढ़ती थी। 27 अक्टूबर 2019 की शाम को ट्यूशन से लौटते वक्त एक युवक ने रास्ता रोककर उसके साथ छेड़खानी की। उसके अगले दिन 28 अक्टूबर को जब वह ट्यूशन पढ़ने गई तो वहां ट्यूटर के छोटे भाई ने उसके साथ गलत हरकत की। इस बारे में उसने टीचर से शिकायत की तो तो उसने दोनों को समझाने का भरोसा दिया।

ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करता रहा टीचर


पीड़ित ने बताया कि अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वह छेड़खानी की हरकत के बारे में घर पर नहीं बताने की बात पर मान गई। एक दिन ठीक बीता, मगर तीसरे दिन 30 अक्टूबर को ट्यूशन टाइम के बाद खुद टीचर ने ही उसके साथ गलत हरकत की। साथ ही टीचर ने इस करतूत का वीडियो भी बना लिया। इसके बाद लड़की को ब्लैकमेल कर टीचर ने कई बार और गलत काम किया। इस सारी हरकत का लड़की के घर वालों को उस वक्त पता चल गया, जब वह उसे इस्तेमाल कर रहे टीचर को देने के लिए अटैची से पैसे निकाल रही थी।

लड़की से पैसे मांगता था आरोपी टीचर


आरोप है कि ट्यूशन टीचर उसका अश्लील वीडियो वायरल करने की बजाय डिलीट करने की बात कहकर उससे पैसे मांगता था। 31 जुलाई 2020 तक उसे 50 हजार रुपए दे चुकी थी। इसके बावजूद वह वीडियो डिलीट नहीं कर रहा था। इसी बीच 6 सितंबर को उसने फिर से वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे थे। मामला खुलने के बाद पुलिस के सामने रखा गया और पुलिस ने पूरी पड़ताल के बाद आरोप सही पाए जाने के चलते टीचर, उसके भाई और एक अन्य युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, जिसकी तफ्तीश अभी जारी है।
September 21, 2020

रोष:109 रूटों पर 151 ट्रेनों के संचालन को प्राइवेट पार्टनर को देने की योजना के विरोध में उतरे रेलवे कर्मचारी

रोष:109 रूटों पर 151 ट्रेनों के संचालन को प्राइवेट पार्टनर को देने की योजना के विरोध में उतरे रेलवे कर्मचारी

सिरसा:  भारतीय रेलवे के निजीकरण के खिलाफ नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे  एम्पलाइज यूनियन शाखा सिरसा ने मुखर होकर विचार गोष्ठी की। गोष्ठी में शाखा सचिव प्रेम सैनी ने कहा कि रेलवे में 95 फीसदी गरीब मजदूर सफर करते हैं, जबकि सिर्फ पांच फीसदी ही अमीर तबका सफर करता है, लेकिन केंद्र सरकार की चिंता सिर्फ पांच फीसदी अमीरों को लेकर है, वो गरीबों के हालात से पूरी तरह बेखबर है।

शाखा सचिव ने सवाल उठाया कि जब हर तरह की ट्रेनों का संचालन करने में रेल कर्मचारी सक्षम है तो फिर प्राईवेट पार्टनर को बुलाने की आखिर जरूरत क्या है? गोष्ठी में जिला के नगर पार्षदों के अलावा विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मंच का संचालन यूनियन के उपाध्यक्ष उमेश कुमार वर्मा ने किया। गोष्ठी के अध्यक्ष ओपी बिश्नोई थे। कार्यक्रम के दौरान ही 19 सितंबर 1968 में शहीद हुए पठानकोट स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों को 2 मिनट का मौन देकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

शाखा सचिव प्रेम सैनी ने कहा कि रेल मंत्रालय जिस तरह 109 रुट पर 151 ट्रेनों का संचालन प्राईवेट पार्टनर को देने की योजना पर विचार कर रहा है, उससे सरकार की विचारधारा सामने आ गई है। सब जानते हैं कि भारतीय रेल आज भी सिर्फ देश में ही नहीं दुनिया में गरीब लोगों को सबसे सस्ती यातायात सेवा देने वाली ट्रेन है। इन ट्रेनों में 95 फीसदी मजदूर, किसान, व्यापारी वर्ग, छात्र सफर करते हैं जबकि सिर्फ पांच फीसदी ही अमीर यात्री होता है। इसके बाद भी सरकार की चिंता महज पांच फीसदी यात्रियों को लेकर है।

यूनियन नेता उमेश वर्मा ने कहा कि रेल को बचाने के लिए यूनियन पहले की तरह ही अडिग है और किसी भी कुर्बानी को तैयार है। उन्होंने कहा कि यूनियन किसी भी प्रकार से सरकार के षड्यंत्रों को कामयाब नहीं होने देगी और जो भी कुर्बानी देनी पड़े देगी। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय रेल का निजीकरण होता है तो इससे रेलकर्मियों से कहीं ज्यादा असर रेल उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। कार्यक्रम में पार्षद गोपीराम, श्याम सुंदर सैनी, लक्ष्मी प्रजापत, पम्मी, ओपी बिश्नोई, अध्यापक नेता गुरदीप सैनी ने भी भारत सरकार की निजीकरण की नीति की घोर आलोचना की।

September 21, 2020

कृषि विधेयक पर दुष्यंत चौटाला की सफाई:डिप्टी सीएम बोले- एमएसपी किसानों का अधिकार है, इस पर कोई आंच आई तो पद छोड़ दूंगा

कृषि विधेयक पर दुष्यंत चौटाला की सफाई:डिप्टी सीएम बोले- एमएसपी किसानों का अधिकार है, इस पर कोई आंच आई तो पद छोड़ दूंगा

चंडीगढ़ :उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि केंद्र सरकार के कृषि संबंधित नए अध्यादेश में कहीं भी फसलों के एमएसपी को समाप्त करने की बात नहीं कही गई है। किसानों की फसल अनाज मंडियों में बिना किसी रुकावट के निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ही खरीदी जाएंगी और ज्यादा कीमत का अवसर मिलने पर किसान चाहेंगे तो ओपन मार्केट में भी बेच सकेंगे। जिस दिन अन्नदाताओं को उनकी फसल का एमएसपी देने की व्यवस्था पर कोई आंच आएगी, उसी दिन मैं अपना पद छोड़ दूंगा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में ये बातें कही। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी का अधिकार बरकरार रहेगा और इस विषय पर आम लोग किसी के बहकावे में ना आएं।

किसानों को किया जा रहा गुमराह

डिप्टी सीएम ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने राजनीतिक स्वार्थ की खातिर भोले-भाले किसानों को गुमराह करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नए अध्यादेशों का विरोध करने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए ना केवल ओपन मार्किट की वकालत की थी बल्कि केंद्र की तात्कालिक मनमोहन सिंह सरकार द्वारा गठित समिति के चेयरमैन के तौर पर इन सिफारिशों पर दस्तख़त भी किए थे।
उन्होंने हुड्डा से सवाल किया कि वे किसानों को बताएं कि उनके इस दोगली नीति को अपनाने के पीछे क्या मजबूरी है और कांग्रेस प्रदेश के किसानों को क्यों गुमराह कर रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल में भी कांग्रेस पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट में कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग की वकालत की गई थी, लेकिन राजनीति से विवश कांग्रेसी आज व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं जबकि यह किसानों के लिए खुशहाली के नए रास्ते खोलने वाला कदम है।
September 21, 2020

हरियाणा-पंजाब के बॉर्डर पर राजनीति:पंजाब यूथ कांग्रेस के नेता कंडम ट्रैक्टर में बार-बार आग लगाते रहे, हरियाणा पुलिस बुझाती रही

हरियाणा-पंजाब के बॉर्डर पर राजनीति:पंजाब यूथ कांग्रेस के नेता कंडम ट्रैक्टर में बार-बार आग लगाते रहे, हरियाणा पुलिस बुझाती रही

अम्बाला : जीरकपुर से दिल्ली जाने के लिए निकले यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता सद्दोपुर बॉर्डर पर पहुंचे तो हरियाणा पुलिस ने उन्हें रोका। प्रदर्शनकारी दो ट्रैक्टर लेकर हरियाणा बाॅर्डर की तरफ बढ़े। इसी बीच एक पुराने ट्रैक्टर की सीट और टायराें में प्रदर्शनकारियाें ने आग लगा दी। हरियाणा पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर आग बुझाई। प्रदर्शनकारियों ने तीन बार ट्रैक्टर को आग लगाई और हर बार पुलिस ने उसे बुझा दिया।
तीन अध्यादेशाें के विराेध में पंजाब के जीरकपुर से दिल्ली जाने के लिए यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता किसान यात्रा में ट्रैक्टर लेकर दिल्ली की तरफ बढ़े। दोपहर 2:30 बजे वह प्रदर्शन करते हुए पंजाब बाॅर्डर पर पहुंचे। यहां पंजाब पुलिस ने उन्हें खानापूर्ति के लिए राेका। कुछ देर बाद ही प्रदर्शनकारी एक ट्रैक्टर लेकर हरियाणा बाॅर्डर की तरफ बढ़े और हरियाणा बाॅर्डर काे सील करने के लिए लगाए गए बेरिकेड्स काे हटाने के लिए खींचतान करने लगे।
बाॅर्डर पर पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ भी पहुंचे, लेकिन कुछ देर बाद ही चले गए, मगर यूथ कांग्रेसियाें का प्रदर्शन जारी रहा। हरियाणा पुलिस ने उग्र हाे रहे प्रदर्शनकारियाें काे राेकने के लिए वाॅटर केनन से बाैछारें की, लेकिन प्रदर्शनकारी डटे रहे। उन्होंने सराकर का पुतला फूंका। इसी बीच अपने साथ लाए एक पुराने ट्रैक्टर को आग लगा दी। पुलिस ने वाटर कैनन से आग बुझाई। इसी बीच करीब 9 से 10 प्रदर्शनकारी बेरिकेड्स काे हटाकर हरियाणा की सीमा में घुस गए और धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।

प्रदर्शनकारियों को गाड़ी में भरकर ले गए पंजाब पुलिस के जवान

बाॅर्डर पर कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली जाने के लिए अड़े रहे। एक कार्यकर्ता भागकर हरियाणा की तरफ आने लगा ताे पुलिस ने उसे राेकते हुए बाॅर्डर के उस पार कर दिया। इसी बीच पंजाब पुलिस के जवान आए और प्रदर्शनकारियाें काे गाड़ी में भरकर ले गए और बाकी के प्रदर्शनकारी पैदल वापस चले गए। यह विरोध-प्रदर्शन शाम 4:30 बजे खत्म हुआ।

यह गजनी सरकार, सुबह-शाम झूठ बाेलती है : श्रीनिवास

भारतीय युवा कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने कहा कि तीन अध्यादेश लागू हाेने पर सबसे ज्यादा पंजाब व हरियाणा में किसान आत्महत्या करेंगे। माेदी सरकार ने पहले देश के युवा काे खत्म किया। अब किसानाें की कमर ताेड़ने के लिए कार्य कर रही है। यह गजनी सरकार है और हर सुबह-शाम झूठ बाेलती है। उनके साथ पंजाब युवा कांग्रेस अध्यक्ष वरिंद्र ढिल्लों भी थे।

आईजी, डीसी और रेवाड़ी एसपी जोरवाल रहे मौके पर

पंजाब यूथ कांग्रेसियों के प्रदर्शन के दोरान अम्बाला की तरफ आईजी वाई पूर्ण कुमार, डीसी अशाेक कुमार शर्मा, अम्बाला एसपी की जगह अतिरिक्त कार्यभार देखने के लिए तैनात रेवाड़ी एसपी अभिषेक जाेरवाल, एसडीएम सचिन माैजूद रहे।

Sunday, September 20, 2020

September 20, 2020

कृषि विधेयक पर प्रदर्शन:सड़कों पर नजर आने लगे हरियाणा के किसान, रोड जाम किए, दिल्ली-चंडीगढ़ को छोड़कर सभी हाईवे हुए जाम

कृषि विधेयक पर प्रदर्शन:सड़कों पर नजर आने लगे हरियाणा के किसान, रोड जाम किए, दिल्ली-चंडीगढ़ को छोड़कर सभी हाईवे हुए जाम

हरियाणा में किसानों के रोष प्रदर्शन के चलते तैनात पुलिस बल। प्रदेशभर में कई जगह किसानों ने जाम लगा रखे गए हैं।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने रविवार को भी फेसबुक पर लाइव आकर किसानों से की रोड जाम की अपील

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर की किसानों से अपील, प्रदर्शन में हिस्सा लेकर विपक्ष के मंसूबों को सफल न करें

चंडीगढ़ : केंद्र सरकार द्वारा कृषि से जुड़े तीन विधेयक लोकसभा में पास कर देने के बाद हरियाणा के किसानों ने रविवार को हाईवे जाम करने का ऐलान किया है। 12 बजे से पहले ही किसान सड़कों पर दिखने शुरू हो गए। 12 बजते ही रोड जाम करने शुरू कर दिए। यह प्रदर्शन 3 बजे तक चलेगा। प्रदेशभर में स्टेट हाईवे जाम रखे जाएंगे। सिर्फ दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाले जीटी रोड को जाम नहीं किया जाएगा।

 *जानें कहां कैसे हैं हालात...*

सिरसा जिले के गांव पंजुआना में नेशनल हाइवे पर प्रदर्शन करते किसान।


सिरसा: सिरसा जिले के गांव पंजुआना में नेशनल हाइवे पर किसानों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। किसानों सैकड़ों की संख्या में हाइवे पर जमा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस हालांकि मौजूद है लेकिन वह किसी किसान को प्रदर्शन करने से नहीं रोक रही है।

हिसार: हिसार में हाईवे पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। किसान टोल प्लाजा पर इकट्ठा हो गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस टीम भी मौजूद है। किसान जगह-जगह केंद्र सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
जींद: जींद जिले के गांव अलेवा में किसानों व आढ़तियों ने मिलकर जींद-असंध मार्ग को जाम कर दिया। प्रशासन ने किसानों से जाम नहीं लगाने का आह्वान किया, लेकिन किसानों ने अधिकारियों की बात को नहीं सुना और मार्ग के बीच में बैठ गए।

फतेहाबाद: फतेहाबाद में टोहाना खंड के गांव कन्हेड़ी व समैन में बस स्टैंड पर किसानों ने जाम लगाया। टोहाना बस डिपो ने हिसार जाने वाली सभी बस सेवाओं को रोक दिया गया है। सुबह रोहतक के लिए निकली बस जींद से वापस आई। वहीं, भिवानी में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान मुंढाल पार्क में एकत्र हो रहे हैं।
September 20, 2020

लोहारू में 1430 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद कर एक ट्रक और क्रेटा वाहन सहित मादक पदार्थों की तस्करी के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

लोहारू में 1430 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद कर एक ट्रक और क्रेटा वाहन सहित मादक पदार्थों की तस्करी के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

भिवानी, 20 सितंबर - हरियाणा पुलिस की एसटीएफ ने भिवानी जिले के लोहारू में 1430 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद कर एक ट्रक और क्रेटा वाहन सहित मादक पदार्थों की तस्करी के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि गश्त के दौरान एसटीएफ हिसार की टीम द्वारा ड्रग पेडलर्स पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थ को झारखंड से तस्करी कर लाया जा रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने लोहारू और सतनाली के बीच ट्रक से भारी मात्रा में डोडा पोस्त बरामद किया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के जयबीर और सचिन, राजस्थान के झुंझुनू जिला निवासी कृष्ण कुमार, अनवर और जीतू तथा राजस्थान के चुरू जिले के राजेश कुमार के रूप में हुई है। यह भी खुलासा हुआ कि अभियुक्त अनवर सिरसा जिले में दर्ज एनडीपीएस मामले के संबंध में उद्घोषित अपराधी है।
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और ड्रग पेडलर्स के इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी का पता लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि डीजीपी हरियाणा  मनोज यादव के निर्देशानुसार, हरियाणा को पूरी तरह से नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है।
September 20, 2020

सोनीपत : गिरदावरी में गड़बड़, डीसी ने पटवारी को किया संस्पेंड

सोनीपत : गिरदावरी में गड़बड़, डीसी ने पटवारी को किया संस्पेंड

सोनीपत : गोहाना के बरोदा मोर की मेरी फसल-मेरा ब्यौरा की गिरदावरी में सोनीपत के डीसी  श्याम लाल पूनिया ने स्वयं मौके पर पहुंच कर गंभीर गड़बडी पकड़ी, जिसके बाद उन्होंने वहां के पटवारी नवीन कुमार को सस्पैंड कर दिया।डीसी. श्याम लाल पूनिया ने खुद जांच करने के लिए जिन 3 गांवों का चयन किया है, वे तीनों गांव गोहाना के हैं। ये गांव बरोदा मोर, महमूदपुर और जसराणा हैं। डीसी ने तीनों गांवों की गिरदावरी की जांच करने के लिए 3 टीमों का गठन किया।

जहां उन्होंने बरोदा मोर गांव की गिरदावरी की जांच स्वयं करने का निश्चय किया, वहीं महमूदपुर गांव में गोहाना के एसडीएम आशीष वशिष्ठद्द, जसराणा गांव में सोनीपत के सीटीएम उदय सिंह तथा वहां की शूगर मिल के एमडी सुरेन्द्र सिंह दूहन की टीम को भेजा।
श्याम लाल पूनिया बरोदा मोर की मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना की गिरदावरी की जांच के लिए अधिकारियों के साथ बरोदा मोर में पहुंचे। पटवारी नवीन कुमार भी उनके साथ था। डीसी. पूनिया तेज धूप में 5 किलोमीटर तक पैदल धूमे।
उन्हें ज्यादातर गिरदावरी दोषपूर्ण मिली तथा उसमें उन्होंने गंभीर अनियमितताएं पकड़ीं। उन्होंने मौके पर पटवारी को सस्पैंड करने का आदेश दे दिया। डीसी ने चेतावनी दी कि किसी भी गांव की गिरदावरी में कोई भी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
September 20, 2020

किसानों का रोड जाम आज, रूट होगा डायवर्ट:एसपी ने दो बार किसान नेताओं को बुलाकर पूछा- हथियार तो लेकर नहीं जाएंगे, नेता बोले- किसानों के हाथ में डंडे में डला झंडा होगा, हथियार न समझें


किसानों का रोड जाम आज, रूट होगा डायवर्ट:एसपी ने दो बार किसान नेताओं को बुलाकर पूछा- हथियार तो लेकर नहीं जाएंगे,

किसानों का रोड जाम आज, रूट होगा डायवर्ट:एसपी ने दो बार किसान नेताओं को बुलाकर पूछा- हथियार तो लेकर नहीं जाएंगे, नेता बोले- किसानों के हाथ में डंडे में डला झंडा होगा, हथियार न समझें

यमुनानगर : केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए 3 कृषि अध्यादेशों के खिलाफ आज किसान अम्बाला रोड पर मिल्कमाजरा टोल प्लाजा के पास दोपहर 12 से 3 बजे तक रोड जाम करेंगे। किसान और आढ़ती 5 दिन से लघु सचिवालय में धरना दे रहे थे। एक मैसेज पुलिस गलियारों में यह है कि इस बार किसान भी पूरी तैयारी से आएंगे। एसपी कमलदीप गोयल ने दो बार किसान नेताओं के साथ मीटिंग की।
दोनों बार एक ही सवाल किया कि किसान रोड जाम करते समय हथियार तो नहीं लेकर आएंगे। किसानों ने कहा कि किसानों ने कभी आंदोलन के लिए हथियार नहीं उठाए और न ही इस बार उठाएंगे। किसान रोड जाम करने के लिए घर से डंडे में झंडा डालकर निकलेंगे। पुलिस उसे हथियार न समझे। पुलिस अधिकारी दिनभर शनिवार को रोड जाम की स्थिति संभालने को लेकर तैयारी में लगे रहे। अम्बाला रोड पर ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए कई जगह पुलिस नाके लगाए जाएंगे और वाहनों को दूसरे रास्तों से निकाला जाएगा।
एक हजार किसान जुटेंगे, हाईवे पर ही दोपहर का खाना बनेगा, कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन
रोड जाम करने के लिए एक हजार किसान जुटने की उम्मीद है। वहां किसानों के लिए दोपहर के खाने का इंतजाम भी किया गया है। खाना हाइवे पर ही बनेगा। वहीं यहां कई राजनीतिक पार्टियों के वर्कर भी पहुंचने की उम्मीद है। शनिवार को लघु सचिवालय में कांग्रेसी, जेजेपी और बसपा नेता पहुंचे थे। यहां पर प्रदर्शन किया। एसपी कमलदीप गोयल ने बताया कि रोड जाम के दौरान लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए वैकल्पिक यातायात मार्गों व उचित सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं।
शनिवार को अम्बाला-पंचकूला जाने वाले मार्गों को डायवर्ट करके वैकल्पिक मार्ग पुलिस नाका रक्षक विहार नाका जगाधरी से वाया गुलाब नगर, पाबनी रोड और बिलासपुर से साढौरा मार्ग द्वारा जा सकेंगे। अम्बाला-पंचकूला से आने वाले मार्ग को डायवर्ट करके दोसड़का चौक अम्बाला से सरावां रोड साढौरा से होते हुए वाया पाबनी रोड से गुलाब नगर होते हुए जा सकेंगे। हर मार्ग के मुख्य स्थान पर नाका और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। पुलिस ने 15 विभिन्न मार्गों के मुख्य स्थानों पर पुलिस नाके लगाए गए। अगर किसी को परेशानी है तो वह हेल्पलाइन नंबर-01732-268203, 01732-231305 और पुलिस कंट्रोल नंबर-100 पर संपर्क कर सकते हैं।
आढ़ती दूसरे दिन भी रहे हड़ताल पर, बंद रखी खरीद
अनाज मंडी के आढ़ती मांगों को लेकर दूसरे दिन शनिवार को भी हड़ताल पर रहे। इस कारण मंडी मेें दूसरे दिन भी धान की खरीद नहीं हुई। जिला प्रधान शिवकुमार संधाला के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारेबाजी की। आढ़तियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करेगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए।
जिला प्रधान शिवकुमार संधाला व रादौर अनाज मंडी के पूर्व प्रधान राजेश कांबोज ने कहा कि मंडी फीस व फार्मर प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स अध्यादेश में मंडी के बाहर फसल बेचने पर मार्केट फीस व अन्य किसी भी नाम से कोई फंड या टैक्स आदि लगाने पर पाबंदी है जबकि मंडी के अंदर ये जारी रहेंगे। ये बिल्कुल अनुचित हैं। सरकार एक देश दो विधान का विरोध करती थी, मंडी व्यवस्था के लिए भी दो विधान गलत है। मंडी के अंदर और बाहर एक जैसे टैक्स, फीस, फंड आदि का प्रावधान होना जरूरी है।
आढ़ती 2.5 प्रतिशत आढ़त लेकर मंडी में किसान की फसल ट्राली से उतारने, साफ करने, उसकी फसल की बोली करवाकर प्रतिस्पर्धा में अधिकतम रेट पर बिकवाने का काम करते हैं। उनका दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन, फसल सफाई के झरने, पीपे, पंजी आदि का इंतज़ाम भी आढ़ती करते रहे हैं। इतनी मेहनत करके 2.5 प्रतिशत कमाएगा। इससे आढ़तियों को वंचित नहीं करना चाहिए। इस अवसर पर जिला प्रधान शिवकुमार संधाला, रादौर मंडी प्रधान संजय गुप्ता, सुशील बत्रा, प्रवीण कांबोज जयपुर, संदीप टोपरा, रणधीर सिंह टोपरा, संजय टोपरा, बलबीरसिंह, पूर्णचंद कांबोज, रामकुमार व शिवकुमार उपस्थित थे।
September 20, 2020

शिक्षा विभाग का नया सर्वे:कल से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी डाउट्स क्लियर करने आ सकेंगे स्कूल, सरकारी स्कूल खाेलने के पक्ष में 1.14 लाख अभिभावक, 22 हजार नहीं

शिक्षा विभाग का नया सर्वे:कल से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी डाउट्स क्लियर करने आ सकेंगे स्कूल, सरकारी स्कूल खाेलने के पक्ष में 1.14 लाख अभिभावक, 22 हजार नहीं

ये है  जिला वाइज सर्वे की रिपोर्ट;-


चंडीगढ़ : कोरोना के कारण पिछले 6 माह से बंद राजकीय व प्राइवेट स्कूलों को खोलने के लिए शिक्षा विभाग ने सर्वे कराया है। इसमें 1.46 लाख अभिभावकों से संपर्क किया गया। इनमें से 1.36 लाख ने अपना रिस्पांस दिया है। इसमें से 1.14 लाख अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में हैं। बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं, जबकि 22 हजार अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में नहीं हैं।
वे अपने बच्चों को कोरोना जैसी महामारी को ध्यान में रखते हुए स्कूल नहीं भेजना चाहते। अबकी बार शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के अभिभावकों को भी सर्वे में शामिल किया है। इसमें 9751 अभिभावकों से बात की गई, इनमें से 7060 अपने बच्चों को स्कूल भेजने के इच्छुक हैं, जबकि 2591 ने मना कर दिया है। वहीं, कल से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चे डाउट्स क्लियर करने आ सकेंगे।

*ये है जिला वाइज सर्वे की रिपोर्ट*

प्राइवेट स्कूलों में भी अभिभावकों ने दी राय
शिक्षा विभाग के अनुसार सर्वे में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले अभिभावकों ने भी अपनी राय दी है। इसमें 7060 अभिभावकों ने कहा है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने को राजी हैं, जिनका प्रतिशत 73 है, जबकि 2591 अभिभावक स्कूल में बच्चे भेजने को राजी नहीं हैं। यानी 27 फीसदी बच्चों को स्कूल भेजना नहीं चाहते। करनाल में सबसे अधिक 2738, चरखी दादरी में 1768, झज्जर में 1071 अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को राजी हो गए हैं।

*अभिभावकों की मर्जी जरूरी*

स्कूल 21 सितंबर से नौवीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को अभिभावकों की स्वीकृति के बाद स्वेच्छा से आने की इजाजत प्रदान कर दी है। सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देश 21 सितंबर से सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में लागू होंगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलाें में आदेश जारी कर दिए हैं।
कक्षाएं लगाने पर निर्णय नहीं
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सरकार ने कक्षाएं लगाने का निर्णय नहीं लिया है। केवल डाउट्स क्लियर करने के लिए अनुमति दी है। संभावना है कि अक्टूबर में बोर्ड की कक्षाएं शुरू हो सकती हैं। शिक्षा विभाग द्वारा बनाई वीडियो सभी स्टूडेंट्स को मुहैया कराई जाएगी।
September 20, 2020

मर गईं संवेदनाए:काेराेना से जान गंवाने वालों के परिजन अंतिम दर्शन को पीजीआई व श्मशान के काटते रहते हैं चक्कर, अपनों के अंतिम दर्शन भी नहीं

मर गईं संवेदनाए:काेराेना से जान गंवाने वालों के परिजन अंतिम दर्शन को पीजीआई व श्मशान के काटते रहते हैं चक्कर, अपनों के अंतिम दर्शन भी नहीं

रोहतक : कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले मरीजों में से कई के परिजनों को तो उनके अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हो रहे। परिजन पीजीआई से लेकर श्मशान घाट तक चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी और नगर निगम कर्मचारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। पीजीआई में और न ही श्मशान घाट में परिजनों को शव का चेहरा दिखाया जाता। परिजन रोते-बिलखते पैरों में गिरते रहते हैं कि बस एक बार चेहरा दिखा दो।
उन्हें तसल्ली तो करवा दो वे जिसे मुखाग्नि दे रहे हैं वह उनका अपना ही है। निगम की टीम कहती है कि पीजीआई में अंतिम दर्शन करो। पीजीआई वाले कहते हैं कि श्मशान घाट में चेहरा देखना, लेकिन दिखाते कहीं नहीं। शवों पर लगी नाम की पर्ची देखकर ही भारी मन से परिजन मुखाग्नि देते हैं। यह कैसा सिस्टम है जो परिजनों को अंतिम दर्शन तक नहीं करवा पा रहा। क्या सिस्टम की संवेदना मर चुकी है। अधिकारियों तक शायद इनकी चीख-पुकार नहीं पहुंच रही। यदि शवों को पारदर्शी बैग में रखा जाए तो यह समस्या खत्म हो सकती है।
पारदर्शी बैग में होना चाहिए शव: देवेंद्र भारत
हरियाणा स्वर्णकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र भारत ने कहा कि कोरोना मरीज की मृत्यु होने पर परिजनों को चेहरा न दिखाना अमानवीय और असंवेदनशीलता को दर्शाता है। कोराेना से मौत होने पर शव को पारदर्शी बैग में रखना चाहिए, जिससे शव के अंतिम दर्शन हो सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष चिंरजीलाल वर्मा के अंतिम संस्कार के समय उनका चेहरा उनके परिजनों को नहीं दिखाया गया था।
पीजीआई, श्मशान घाट में भटकेे, हमें अंतिम दर्शन नहीं करवाए
14 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने के बाद हमने पापा को पीजीआई में भर्ती कराया था। 24 घंटे में एक बार रात 12 बजे से रात 2 बजे के बीच में ही पीजीआई से हमें घर पर फोन आता। कभी गले में नली डालने की कहते तो कभी दिल का दौरा आने की आशंका जताते। शुक्रवार रात डेढ़ बजे खबर दी कि दिल का दौरा पड़ने से पापा इस दुनिया में नहीं रहे। यह भी भरोसा दिया कि शव पैक करने से पहले चेहरा दिखा देंगे। रात 4 बजे मैं पीजीआई पहुंचा तो सुबह 6 बजे पापा के साथ का सामान लेने के लिए बुलाया गया, लेकिन दर्शन नहीं करवाए। कंट्रोल रूम के कहने के मुताबिक हम अंतिम दर्शन के इंतजार में पीजीआई के ट्रामा सेंटर के गेट पर शनिवार दोपहर 1:15 बजे से पौने दो घंटे तक खड़े रहे।
दिन में 3:15 बजे स्ट्रेचर पर एक शव लेकर बीयरर आया। पूछने पर बताया गया कि यह मेरे पापा का शव है। हम उम्मीद थी कि अब अंतिम दर्शन कर पाएंगे। इस बीच बीयरर और एंबुलेंस ड्राइवर का आपस में झगड़ा हो गया। बीयर अकेला था उसने एंबुलेंस में शव को रखवाने के लिए ड्राइवर से मदद मांगी। उसने इंकार कर दिया। फिर दोनों आपस में उलझ गए। करीब आधा घंटा यह हंगामा चलता रहा। बाद में दूसरे बियरर के आने पर शव एंबुलेंस में रखा। उन्होंने अंतिम दर्शन नहीं करवाए और वैश्य कॉलेज के पास श्मशान में आने को कहा। मैं ट्रामा सेंटर और एमएस ऑफिस के बीच दौड़ता रहा, लेकिन पापा के अंतिम दर्शन नहीं कर सका। श्मशान घाट भी ऐसा करने से मना कर दिया गया। जीवन भर यह दुख हमारा परिवार नहीं भूल पाएगा। शासन-प्रशासन को यह व्यवस्था बदलनी चाहिए। कम से कम परिजनों से अपनों का अंतिम दर्शन करने का अधिकार तो उनसे न छीना जाए। पापा के जाने से ज्यादा पीड़ा उनके पार्थिव शरीर की बेकद्री देखकर हुई। - अमित शर्मा, कोरोना से जान गंवाने वाले प्रीत विहार काॅलोनी निवासी श्रीकृष्ण कुमार शर्मा के बेटे

पहले इलाज के लिए गिड़गिड़ाते रहे, फिर मरने के बाद अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके

आज रात मेरा बचना मुश्किल है भाई! चाहे जैसे मुझे यहां से ले चलो। मुझे ब्लीडिंग हुई है। यूरिन की नली निकल गई है। उसे लगाने वाला भी कोई नहीं है। शुक्रवार-शनिवार की रात फोन पर बातचीत में यह शब्द मेरे छोटे भाई 45 वर्षीय संजय के थे, जो 33 दिन से पीजीआईएमएस में भर्ती था। हमने डॉक्टरों को गुहार भी लगाई कि मरीज को आईसीयू में शिफ्ट कर दो या फिर उसकी छुट्‌टी कर दो। हम उसे घर पर ही क्वॉरेंटाइन कर देंगे। हमारी किसी ने नहीं सुनी। डांट-डपटकर भगा देते थे। शुक्रवार-शनिवार की रात 4:10 बजे उसकी मौत हो गई।
संजय की मौत की खबर भी हमें शनिवार सुबह 8 बजे तब हुई, जब किसी नर्स के जरिए हमने पता करवाया। पीजीआई के कंट्रोल रूप से हमें मौत की सूचना भी नहीं मिली। इसके बाद शव के अंतिम दर्शन को हम गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन पीजीआई में किसी ने भी नहीं सुना। पीजीआई में कहा गया कि श्मशान घाट पर चेहरा दिखा देंगे। श्मशान घाट पर निगम कर्मियों ने सख्ती से मना कर दिया कि उनको ऐसा करने की इजाजत नहीं है। शव पर लगी नाम की पर्ची को ही हम देख सके। पीजीआई, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम क्या इतने असंवेदनशील हो गए हैं कि परिजनों को अंतिम दर्शन भी नहीं करवा सकते। यह व्यवस्था बदलनी चाहिए। - जगत सिंह दलाल, कोरोना से मरने वाले छारा निवासी संजय के भाई

6 फीट की दूरी से दर्शन कराएगी निगम की टीम: सीएमओ

गाइडलाइंस के अनुसार कोरोना मरीज के निधन के बाद उनके परिवार के सदस्यों को 6 फीट की दूरी से अंतिम दर्शन करने की अनुमति रहेगी। श्मशान घाट पर ही निगम की टीम निर्धारित नियमों के अनुसार परिजनों को मृतक के अंतिम दर्शन कराएगी। इस बाबत चर्चा हो चुकी है। - डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन, रोहतक।

चेहरा दिखाने का नियम नहीं, हंगामे पर होगा केस: कमिश्नर

कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार गाइडलाइन के मुताबिक निगम की टीम श्मशान घाट या कब्रिस्तान पर करती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हमें शव दिया जाता है। श्मशान घाट पर चेहरा दिखाने का कायदा नहीं है। सारा कुछ कानूनन किया जाता है। फिर भी कोई हंगामा करता है, उसके खिलाफ केस दर्ज करा देंगे।- प्रदीप गोदारा, कमिश्नर, नगर निगम, रोहतक
September 20, 2020

अब गुरूजी भी बनेंगे कोरोना वारियर्स, देखें कैसे करेंगे काम

अब गुरूजी भी बनेंगे कोरोना वारियर्स, देखें कैसे करेंगे काम

अब गुरूजी भी बनेंगे कोरोना वारियर्स, देखें कैसे करेंगे काम

चंडीगढ़: कुछ लेक्चरर्स की ड्यूटी कॉल सेंटर में लगाई गई है। कॉल सेंटर में रहकर इन लेक्चरर्स को लोगों की टेलीफोन पर काउंसिलिंग करनी होगी। जो स्ट्रेस मे हैं उनकी बात को समझकर उन्हें स्ट्रेस से बाहर निकालना होगा।
कॉलेज के टीचर्स का काम मिनी कंटेनमेंट जोन के बाहर खड़े होकर कंटेनमेंट जोन के लोगों की जरूरतों को देखना यूटी कैडर एजुकेशनल एम्पलॉयज यूनियन के मुताबिक टीचर्स की ऐसी ड्यूटी लगाना बिल्कुल गलत,स्टूडेंट्स की ऑनलाइन एजुकेशन प्रभावित होगी कोरोना महामारी में जहां लोगों को अनावश्यक रूप से निकलने के लिए मना किया गया है उस समय में टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई है। स्कूल और कॉलेज दोनों स्तर के टीचर्स को इसमें शामिल किया गया है। जहां एक तरफ कॉलेज के टीचर्स दिन में कोरोना से संबंधित ड्यूटी देंगे वहीं स्कूल के टीचर्स रात को क्वारैंटाइन सेंटर के बाहर ड्यूटी पर होंगे।
पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर 46 में कुल 60 लेक्चरर हैं और उनमें से 33 लेक्चरर्स की ड्यूटी कोरोनो से संबंधित कामों में लगा दी गई है। यह ड्यूटी एसडीएम ऑफिस द्वारा लगाई गई। जब स्टूडेंट्स को टीचिंग में दिक्कत आई तो कॉलेज प्रशासन ने एसडीएम ऑफिस से गुजारिश की। इस पर 10 लेक्चरर्स की ड्यूटी को कैंसिल कर दिया गया लेकिन अभी भी 22 लेक्चरर्स यह ड्यूटी दे रहे हैं। कोरोना में ड्यूटी लगाने की शुरुआत सेक्टर 46 के गवर्नमेंट कॉलेज से हुई लेकिन अब अन्य कॉलेजों के लेक्चरर्स की ड्यूटी लगाने का काम भी शुरू हो गया है। कॉलेजों से लिस्ट मांगी गई है और उसमें सभी टीचर्स के नाम मांगे गए हैं। इसके बाद एसडीएम ऑफिस की ओर से इनकी ड्यूटी लगाई जाएगी। अगले हफ्ते अन्य कॉलेजों के लेक्चरर्स को जोडऩे का काम शुरू हो जाएगा।

मेडिकल इमरजेंसी में करनी होगी मदद


कॉलेज के टीचर्स का काम मिनी कंटेनमेंट जोन के बाहर खड़े होकर कंटेनमेंट जोन के लोगों की जरूरतों को देखना है। अगर उन लोगों को कुछ चाहिए तो लाकर देना है। अगर कोई मेडिकल एमरजेंसी आ जाए तो उसमें भी मदद करनी होगी। यह भी देखना होगा कि कोई वॉयलेशन न करे और बाहर न निकल जाए। कुछ लेक्चरर्स की ड्यूटी कॉल सेंटर में लगाई गई है। कॉल सेंटर में रहकर इन लेक्चरर्स को लोगों की टेलीफोन पर काउंसिलिंग करनी होगी। जो स्ट्रेस मे हैं उनकी बात को समझकर उन्हें स्ट्रेस से बाहर निकालना होगा। स्कूलों के टीचर्स की ड्यूटी भी कोरोना के काम में लगाई गई है। डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर की ओर से एसडीएम साउथ डिविजन को भेजी गई लिस्ट में 25 विभिन्न गवर्नमेंट स्कूलों के 25 टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई है। यह सभी जेबीटी कैटेगरी के टीचर हैं। खासबात है कि रात के समय में भी एक टीचर को पुलिस के साथ ड्यूटी देनी होगी। पुलिस और टीचर को मिलकर यह देखना है कि कोई व्यक्ति क्वारैंटाइन जोन से बाहर न निकले और न ही कोई व्यक्ति उसके अंदर जाए।
September 20, 2020

मांग:किसानों ने मांगा खराब फसलों का मुआवजा

मांग:किसानों ने मांगा खराब फसलों का मुआवजा

सिरसा :   फसलों के खराबे का उचित मुआवजा की मांग को लेकर लघु सचिवालय में किसानों का धरना शनिवार को 13वें दिन भी जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता किसान नेता जगदीश सिंवर ने की। सिंवर ने कहा कि केंद्र सरकार आपदा को अवसर बनाते हुए खेती किसानी को खत्म करने पर तुली है। अगर सरकार की नीयत वास्तव में किसान हितैषी थी, तो तीनों अध्यादेश लाए जाने से पहले किसानों की राय लेती।

सरकार ने तानाशाह रवैया से किसानों पर लाठीचार्ज करते हुए इन्हें लागू करना चाहती है। जिसको देश का किसान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। अखिल भारतीय स्वामी नाथन संषर्घ समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। लेकिन सरकार धरनारत किसानों की मांगों पर ध्यान देने को तैयार नहीं है।मांगों पर सरकार ने 29 सितंबर तक मुहर नहीं लगाई, तो 30 सितंबर को किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।

धरनारत किसानों व समिति पदाधिकारियों की ओर से जिलाभर में सभी जलघर की टंकियों पर चढ़ने के लिए किसानों की सूची बना ली गई है। इसलिए सरकार के पास 10 दिन का समय है। जिसमें किसानों की तीन मुख्य मांगों पर गौर फरमाते हुए फसलों का मुआवजा देने की घोषणा करे, ताकि किसानों को ऐसे हालात में थोड़ी राहत मिले।
September 20, 2020

परीक्षा:परीक्षा से पहले सेंटरों को किया सेनिटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद परीक्षार्थियों को एंट्री

परीक्षा:परीक्षा से पहले सेंटरों को किया सेनिटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद परीक्षार्थियों को एंट्री

सिरसा :  सीडीएलयू से संबंधित जिलाभर के कॉलेजों में परीक्षाएं शांतिपूर्ण जारी हैं। शनिवार को प्रात: कालीन व सायं:कालीन सत्र में परीक्षाएं हुई। सीडीएलयू व कॉलेजों एमए साइकोलोजी के चौथे सेमेस्टर की हैल्थ साइकोलोजी, एमए पॉलिटिकल साइंस, बीएससी कैमिस्ट्री, बीए/बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीए इतिहास, बीबीए, बीकॉम की परीक्षा हुई। परीक्षा दौरान उड़नदस्तों की टीमों ने समय-समय पर कॉलेजों में निरीक्षण भी किया।

परीक्षा से पहले सेंटरों को सेनिटाइज किया जा रहा है। काॅलेजों में बिना थर्मल स्क्रीनिंग के परीक्षार्थियों को एंट्री नहीं दी जा रही। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग होने के बाद ही सेंटर में प्रवेश करने दिया जा रहा है। जबकि कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए परीक्षा केंद्रों को दो बार सेनिटाइज किया जा रहा है।

सीडीएलयू के साथ-साथ राजकीय कॉलेजों में भी कोरोना को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कॉलेज में आइसोलेशन रूम भी बनाया गया है। परीक्षार्थी भी कोविड-19 की पालना करते हुए मास्क पहनकर परीक्षा दे रहे हैं। जबकि सेनिटाइज के बगैर परीक्षा सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। राजकीय महिला कॉलेज में मॉर्निंग व इवनिंग शिफ्ट में 338 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। काॅलेज में परीक्षार्थियों ने मॉर्निंग शिफ्ट में इतिहास का जबकि इवनिंग शिफ्ट में बीकॉम के चौथे सेमेस्टर का पेपर दिया।

यूनिवर्सिटी ने दिए प्रैक्टिकल करवाने के निर्देश

सीडीएलयू की ओर से सभी कॉलेजों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि अंडर ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट के सेकेंड व चौथे सेमेस्टर की विद्यार्थियों से प्रैक्टिकल करवाई जाए। प्रैक्टिकल ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से करवाएं। इसके बाद 30 सितंबर तक सीडीएलयू की वेबसाइट पर विद्यार्थियों के अंक अपलोड करने के बारे में कहा गया है। कॉलेज कोविड-19 की हिदायतों को ध्यान में रखते हुए प्रैक्टिकल करवाएं। प्रैक्टिकल के अंक अपलोड होने के बाद परीक्षाओं के रिजल्ट घोषित किए जाएंगे
September 20, 2020

सुविधा:फैमिली आईडी के लिए सरकार ने तीसरा चरण शुरू किया, 24 सितंबर से होगी शुरुआत

सुविधा:फैमिली आईडी के लिए सरकार ने तीसरा चरण शुरू किया, 24 सितंबर से होगी शुरुआत

प्राइवेट स्कूलों में भी बनाई जाएगी फैमिली आईडी

सिरसा : सरकारी स्कूलों के बाद अब प्राइवेट स्कूलों में विद्यार्थियों के परिवारों के परिवार पहचान पत्र बनाए जाएंगे। पहचान पत्र बनाने का कार्य पहले सरकारी स्कूलों में था। अब प्राइवेट स्कूलों को भी यह कार्य सौंपा गया है। फैमिली आईडी 21 सितंबर से लेकर 23 सितंबर तक बनाए जाएंगे, जिसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, जींद व पंचकुला शामिल है। इसके बाद 24 से 26 सितंबर तक हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, भिवानी, चरखी दादरी जिले शामिल हैं। पहले चरण में 2.37 लाख परिवारों के पहचान पत्र बनाए गए थे। अब कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से यह कार्य प्राइवेट स्कूल संचालकों को सौंपा गया है।

पहले चरण में फैमिली आईडी बनाने के लिए साइट न चलने के कारण शिक्षकों के साथ-साथ कंप्यूटर टीचरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। लेकिन दूसरे चरण में भी यही हाल रहा था। अब तीसरे चरण में फिर से विभाग ने फैमिली आईडी बनाने के लिए सरकारी स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों को यह जिम्मा सौंपा है। फैमिली आईडी बनाने के लिए सरकार की ओर से तीसरा चरण शुरू किया गया है। परिवार पहचान पत्र बनाने व उनको अपडेट करने के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं। प्रदेश सरकार ने इस कार्य को तेज गति से करवाने के लिए सभी जिलों के लिए दिन भी निर्धारित किए हैं। इसके तहत 24 से 26 सितंबर के सप्ताह में सिरसा में परिवार पहचान पत्र बनाने व अपडेशन का कार्य किया जाएगा।

50 से ज्यादा स्कूल में नहीं आएंगे अभिभावक

फैमिली आईडी बनाने के लिए कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। वहीं प्राइवेट स्कूलों में 50 से ज्यादा अभिभावक नहीं आएंगे। सोशल डिस्टेसिंग को ध्यान में रखते हुए व बिना मास्क पहने किसी भी अभिभावक की फैमिली आईडी नहीं बनाई जाएगी। शिक्षकों को हिदायत दी गई है कि फैमिली आईडी बनाने का कार्य स्टॉफ द्वारा किया जाएगा। जबकि पोर्टल पर डाटा एंट्री के लिए समूचित स्टॉफ जिला प्रशासन की ओर से दिया जाएगा। स्कूल में बैठने की व्यवस्था भी स्कूल मुखिया को अपने स्तर पर करनी होगी।

स्कूल उपलब्ध करवाएगा कंप्यूटर व इंटरनेट

परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से समूचित स्टॉफ दिया जाएगा। जबकि प्राइवेट स्कूल उन्हें कंप्यूटर व व इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। पहले व दूसरे चरण में इंटरनेट धीमा होने के चलते परिवारों के पहचान पत्र का कार्य ठीक ढंग से नहीं हो पाया था। लेकिन इस बार प्राइवेट स्कूल संचालकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। अभिभावकों को फैमिली आईडी बनाने के लिए पहले से ही समय-सारिणी बनाकर उन्हें दी जाएगी। ताकि वे उसी दिन ही अपना पहचान पत्र बनाने के लिए स्कूलों में आ सकें।
September 20, 2020

मरम्मत व नवीनीकरण कार्य:हरियाणा की 63 सड़कों के कायाकल्प से गांवों में होगा सफर सुहाना : डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला

मरम्मत व नवीनीकरण कार्य:हरियाणा की 63 सड़कों के कायाकल्प से गांवों में होगा सफर सुहाना : डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला


चंडीगढ़ : हरियाणा में जल्द सड़कों के जाल को और मजबूती मिलेगी क्योंकि प्रदेश सरकार ग्रामीण आंचल में सड़कों का कायाकल्प करने जा रही है। लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग द्वारा नाबोर्ड के सहयोग से 183 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश की 63 सड़कों का मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दी।
दुष्यंत चौटाला ने बताया कि प्रदेश के 16 जिलों में 63 सड़कों को बेहतर बनाकर मुसाफिरों का सफर सुहाना किया जाएगा। वित्त वर्ष 2020-21 में लोक निर्माण द्वारा सोनीपत में 35 करोड़ रुपए की राशि से 10 सड़कों का मरम्मत कार्य किया जाएगा तथा करीब सात करोड़ रुपए की लागत से दाे सड़काें का पुनर्निर्माण होगा।
वहीं फतेहाबाद में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से जिले की सात सड़कों का मरम्मत कार्य होगा। डिप्टी सीएम ने बताया कि रोहतक जिले में 25 करोड़ रुपए की राशि से छह सड़कों का मरम्मत कार्य होगा। झज्जर जिला में 1.41 करोड़ रुपए की लागत से एक सड़क का पुनर्निर्माण और करीब 6 करोड़ की लागत से चार सड़कों की मरम्मत कर उसे बेहतर बनाया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि करनाल जिला में 12 करोड़ रुपए, भिवानी में करीब 37 करोड़ रुपए और कैथल में 21 करोड़ रुपए की राशि से तीनों जिलों में पांच-पांच सड़कों की मरम्मत होगी। इनके अलावा हिसार जिला में करीब 7 करोड़ रुपए, पानीपत में करीब 9 करोड़ रुपए, यमुनानगर में 6 करोड़ रुपए व पंचकूला में 9 करोड़ रुपए की लागत से चारों जिलों में तीन-तीन सड़कें मरम्मत कर सुधारी जाएगी। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि सरकार सिरसा जिला में 9 करोड़ रुपए खर्च कर दो सड़कों का मरम्मत कार्य करवाएगी। वहीं यमुनानगर में 1.28 करोड़ रुपए, पलवल में 2.73 करोड़ रुपए, जींद में करीब तीन करोड़ रुपए व अम्बाला में 1.21 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और इन चारों जिलों में एक-एक सड़क का मरम्मत कार्य करवाते हुए सड़कों का सुधार किया जाएगा।
September 20, 2020

लापरवाही:अधूरी तैयारियों में कल से खोले जा रहे स्कूल, ज्यादातर शिक्षकों का विभाग ने अब तक नहीं कराया काेराेना टेस्ट

लापरवाही:अधूरी तैयारियों में कल से खोले जा रहे स्कूल, ज्यादातर शिक्षकों का विभाग ने अब तक नहीं कराया काेराेना टेस्ट


रोहतक : जिले में सोमवार से शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल खोलने की तैयारियां की जा रही है। वहीं स्कूल में उन्हीं शिक्षकों को प्रवेश दिया जाएगा जिसकी रिपोर्ट कोरोना नेगिटिव होगी। इसके लिए विभाग की ओर से 4 दिन पहले ही शिक्षकों के टेस्ट कराने के आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक ज्यादातर स्कूलों में शिक्षकों के कोरोना टेस्ट नहीं कराए गए है। वहीं टेस्ट के लिए शिक्षा विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से कोई संपर्क नहीं किया है।
दूसरी तरह स्कूल में आने वाले विद्यार्थियों व गैर-शिक्षक कर्मचारी के लिए कोरोना को देखते हुए खास इस्तेमाल नहीं किए गए हैं। अब इनके भी कोरोना टेस्ट की मांग की जा रही है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने कोरोना टेस्ट कराने का जिम्मा स्कूल मुखियाओं व शिक्षकों पर छोड़ दिया है। जिले में सरकारी व निजी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा तक करीब 4 हजार से ज्यादा शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी है।
शिक्षक भी कोरोना टेस्ट के लिए शेड्यूल का इंतजार कर रहे हैं। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचसी या सीएचसी है, वहां पर कुछ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने कोरोना टेस्ट कराया है लेकिन अभी काफी बाकी है। चार दिन पहले ही शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि एसओपी के तहत निजी व सरकारी स्कूलों के शिक्षकों-स्टाफ का कोरोना टेस्ट कराएं और मोबाइल में आरोग्य सेतू एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराएं। इसके लिए डीईओ को डीसी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी की सहायता से व्यवस्था करानी है।
शेड्यूल का है इंतजार
भिवानी रोड स्थित रावमावि की प्राचार्या ओंकार ने बताया कि अभी शिक्षकों का कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है। इस संबद्ध में दिशा-निर्देश मिले हैं, पर यह टेस्ट विभागीय रूपरेखा के तहत ही होगा। बैंसी स्कूल के प्राचार्य जय भगवान ने बताया कि अभी सभी शिक्षकों का टेस्ट नहीं हुआ है, शेड्यूल का इंतजार है। अभी स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई है। जींद और भिवानी में स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में जाकर शिक्षकों का कोरोना टेस्ट कर रही है।
होमवर्क किए बिना ही आदेश पारित किए
9वीं से 12वीं तक के करीब 120 सरकारी स्कूलों में 1000 शिक्षक और बाकी स्टाफ है। सोमवार से विद्यार्थी स्कूलों में परामर्श के लिए आएंगे। इस बीच चार दिन पहले शिक्षा निदेशालय ने आदेश दिए कि सभी शिक्षकों का कोरोना टेस्ट होना जरूरी है। सिर्फ एक दिन बाकी है और टेस्ट की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। कुछ शिक्षकों ने अपने स्तर पर कराए हैं। निदेशालय ने होमवर्क किए बिना ही यह आदेश पारित कर दिए हैं। शिक्षा अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग से बात कर स्कूल स्तर पर टीमों का गठन करना चाहिए। शिक्षक टेस्ट कराने के लिए कहां-कहां भटकेंगे। - दयानंद श्योराण, प्रदेशाध्यक्ष, हसला।
बालंद क्लस्टर में शिक्षकों ने कराए टेस्ट
शिक्षकों के कोरोना टेस्ट कराने के लिए आदेश शनिवार को ही मिले हैं, सोमवार को इसकी रूपरेखा को लेकर बात होगी। बालंद क्लस्टर में पीएचसी पर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने जाकर कोरोना टेस्ट कराया है। जिन स्कूलों में 10-15 का स्टाफ है, वहां पर टीम ने खुद आकर जांच की है। - आशा दहिया, बीईओ, रोहतक।
कोविड-19 जांच की जिम्मेदारी सरकार लें
सरकारी व निजी स्कूलों के शिक्षकों का कोरोना टेस्ट जरूरी है, लेकिन विद्यार्थियों का टेस्ट कौन कराएगा। दोनों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार को चाहिए कि वह शिक्षकों व विद्यार्थियों के कोविड-19 जांच की जिम्मेदारी लें। सरकार अपने स्तर पर टीमें गठित कर प्रत्येक स्कूल में यह जांच कराएं। एचबीएसई के करीब 400 मान्यता और गैर मान्यता प्राप्त स्कूल है, जो अभी कोरोना के हालात को देखते हुए विद्यार्थियों को परामर्श लेने के लिए स्कूल बुलाने के पक्ष में नहीं है। - रवींद्र नांदल, प्रदेशाध्यक्ष, ऑल हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ।
डीईओ से सैंपलिंग किए जाने की डिमांड नहीं मिली
दो दिन बाद स्कूल खुलने हैं। अभी तक डीईओ से लिखित में सैंपलिंग कराने के लिए कोई डिमांड नहीं भेजी गई है। डीईओ से सैंपलिंग कराने के लिए डिमांड आएगी तो निर्धारित लोकेशन पर टीम भेजकर टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ मेंबर्स के कोरोना टेस्ट करा दिए जाएंगे।-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन, रोहतक
सीधी बात (डॉ. विजय लक्ष्मी नांदल, डीईओ, रोहतक)
Q. शिक्षा विभाग 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। उसके लिए जिला स्तर पर क्या प्रबंध किए गए हैं? A. स्कूलों को सेनिटाइज कराने का बजट दे दिया है। थर्मल स्कैनर, हैंड वॉश, मास्क सभी सुविधा दी है। कोविड-19 के नियमों का पूरा पालन कराया जाएगा। Q. कोरोना टेस्ट के लिए क्या व्यवस्था की गई है। अब तक प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया है? A. कोरोना टेस्ट को लेकर बीईओ को आदेश दे दिए हैं। अगर किसी को दिक्कत आती है तो वह सीएचसी, पीएचसी या सिविल अस्पताल में जाकर कोरोना टेस्ट करा सकता है। वैसे थर्मल स्कैनर से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का पता लग ही जाता है। अगर किसी का टेस्ट नहीं हो रहा है तो हम दिशा-निर्देश दे देंगे। अभी प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं किया है। Q. सोमवार से स्कूल खुलने जा रहे हैं। विद्यार्थी परामर्श के लिए आएंगे तो क्या इससे पहले शिक्षकों का कोरोना टेस्ट जरूरी नहीं है? A. अभी स्कूल नहीं खुल रहे है। विद्यार्थी एक या दो परामर्श लेने के लिए स्कूल में आएंगे। अगर किसी स्कूल मुखिया को शिक्षक में कोई परेशानी लगती है, तो उसे दूर बिठा देंगे। Q. गाइडलाइन आई है कि डीईओ को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर शिक्षकों का कोरोना टेस्ट कराना है। A. अभी स्कूल खोले जाने यानि कक्षाएं लगाने को लेकर काफी समय है, तब तक पीएचसी, सीएचसी या सिविल अस्पताल में जाकर कोरोना टेस्ट करा लेंगे।
September 20, 2020

मिलन पोर्टल:सीएससी के माध्यम से युवाओं ने कराया पंजीकरण 384 लड़कों को बहू चाहिए, 15 लड़कियों को वर

मिलन पोर्टल:सीएससी के माध्यम से युवाओं ने कराया पंजीकरण 384 लड़कों को बहू चाहिए, 15 लड़कियों को वर

मिलन पोर्टल:सीएससी के माध्यम से युवाओं ने कराया पंजीकरण 384 लड़कों को बहू चाहिए, 15 लड़कियों को वर

हिसार: शादी के लिए अच्छे रिश्ताें की तलाश में जुटे लाेगाें काे अब बिचाैलियाें की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्राें में खुले सीएससी सेंटर यानि काॅमन सर्विस सेंटर पर मिलन पाेर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाकर मनपसंद वर या वधू की तलाश की जा सकती है। मिलन पाेर्टल की शुरुआत हाेने के बाद हरियाणा में बीते चार दिनाें में 399 लाेगाें ने मिलन याेजना के तहत रजिस्ट्रेशन किया है। जिसमें लड़कियाें की बजाए लड़काें की संख्या ज्यादा है।
बता दें कि भारत सरकार के इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से संचालित सीएससी के माध्यम से शादी के लिए मनपसंद रिश्ताें की तलाश में जुटे प्रदेश लोगों के लिए पाेर्टल की शुरूआत की गई है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि सीएससी के माध्यम से भरा गया प्राेफाइल सुरक्षित रहेगा। पाेर्टल पर पंजीकरण करने के बाद उपभाेक्ता के फाेन पर एक ओटीपी आएगा।
जिसके बाद ही वह रिश्ते के लिए भेजी गई प्राेफाइल काे देख सकेगा। हरियाणा के ग्रामीण इलाकाें से अब तक इस पाेर्टल पर 399 आवेदन आ चुके हैं। इनमें इस समय 372 लाेगाें की प्राेफाइल सक्रीय है। हरियाणा प्रदेश के अलग- अलग जिलाें के गांवाे से आए आवेदकाें में 384 लड़के व 15 लड़कियां है। सीएससी के जिला प्रबंधक राकेश नेहरा ने बताया कि जिन्हाेंने पाेर्टल पर पंजीकरण किया है। रिश्ताें की तलाश में जुटे लाेगाें के लिए पाेर्टल की शुरूआत की गई है। जिसके चलते लाेग सीएससी सेंटर पर जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं। याेजना के तहत लाेगाें काे अच्छे रिश्ते मिल सकेंगे।
पंजीकरण के लिए पाेर्टल पर यह करना पड़ेगा अप्लाेड
मिलन पाेर्टल पर पंजीकरण करते समय युवक व युवती काे अपनी फाेटाे अपलोड करनी पड़ेगी, जाे प्राेफाइल में दिखेगी। युवक व युवती काे 5 एमबी का एक वीडियाे अपलोड करना हाेगा। जिसमें पूरी जानकारी देनी हाेगी। जन्मतिथि, जन्म का समय, कद, रंग, व्यवसाय, शैक्षणिक याेग्यता, इनकम, राशि व परिवार की जानकारी देनी पड़ेगी। एक आईडी बनेगी, जाे रिश्ता तलाश करने वाले लाेगाें काे दिखेगी।
September 20, 2020

सरकार का बड़ा फैसला:डॉक्टर की पर्ची के बिना सरकारी अस्पताल में कोरोना टेस्ट कराने पर 250 से 1600 रु. तक जांच का चार्ज लिया जाएगा

डॉक्टर की पर्ची के बिना सरकारी अस्पताल में कोरोना टेस्ट कराने पर 250 से 1600 रु. तक जांच का चार्ज लिया जाएगा

सरकार का बड़ा फैसला:डॉक्टर की पर्ची के बिना सरकारी अस्पताल में कोरोना टेस्ट कराने पर 250 से 1600 रु. तक जांच का चार्ज लिया जाएगा

चंडीगढ़ : अब बिना डॉक्टर के रेफर किए सीधे सरकारी अस्पताल पहुंचकर कोरोना जांच कराने वालों से फीस वसूली जाएगी। फीस उन्हीं से ली जाएगी, जिन्हें मेडिकली जांच की जरूरत नहीं है और विदेश या दूसरे राज्यों में यात्रा के लिए, नौकरी पर जाने के लिए या शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने जैसे अन्य कार्यों के लिए जांच करा रहे हैं। ऐसे लोगों से अब 250 रु. से 1600 रु. तक जांच का चार्ज लिया जाएगा। मरीजों से फीस नहीं ली जाएगी।
मरीजों को अपने करीबी अस्पताल के डॉक्टर से जांच के लिए रेफर कराना होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने पत्र जारी किया है। नॉन मेडिकल कारणों से जांच कराने वालों के लिए अलग विंडो होगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने फैसला लिया है कि प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों में जांच, इलाज के लिए तय रेट अब हरियाणा के रहने वालों के लिए ही रहेंगे। दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों से प्राइवेट अस्पताल अपने स्तर पर चार्ज वसूल सकेंगे।
सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया है, क्योंकि पड़ोसी राज्यों के लोग हरियाणा के अस्पतालों में भर्ती होने से यहां के लोगों को बेड नहीं मिल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि काफी संख्या में सामान्य लोग जांच कराने के लिए आ रहे हैं। इसलिए यह चार्ज तय किया है। लेकिन मरीजों से किसी प्रकार का पैसा नहीं लिया जाएगा। उनकी जांच पहले की तरह नि:शुल्क होगी। राज्य में अब तक 16 लाख से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में जांच के लिए 28214 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
एक दिन में रिकॉर्ड 40 मौतें, अब तक 1208 जानें जा चुकीं
प्रदेश में शनिवार को कोरोना के 40 मरीजों की मौत हो गई। यह एक दिन में होने वाली मौतों का सर्वाधिक आंकड़ा है। सिरसा में सबसे ज्यादा 7 लोगों की मौत हुई है। यह किसी भी जिले में एक दिन में मौतों की सर्वाधिक संख्या है। पंचकूला, यमुनानगर में 5-5, गुड़गांव, अम्बाला, कुरुक्षेत्र में 3-3, फरीदाबाद, करनाल, जींद, सोनीपत, पानीपत में 2-2, रोहतक, हिसार, भिवानी, झज्जर में 1-1 मौत हुई है। अब तक 1208 लोग कोरोना से जंग हार चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 2553 नए मरीज मिले हैं। इससे संक्रमितों की संख्या 109826 हो गई है। एक दिन में 2272 मरीज ठीक हुए हैं। अब ठीक होने वालों की संख्या 86150 हो गई है। अब 22468 सक्रिय मरीज हैं।
यहां मिले नए मरीज
गुड़गांव में 360, फरीदाबाद में 290, अम्बाला में 220, सोनीपत में 164, पंचकूला में 162, हिसार में 151, रोहतक में 125, कुरुक्षेत्र मे 124, पानीपत में 123, सिरसा में 118, करनाल में 112, फतेहाबाद व कैथल में 91-91, यमुनानगर मे 81, महेंद्रगढ़ में 79, रेवाड़ी में 77, पलवल में 43, झज्जर में 42, भिवानी में 39, जींद में 33, चरखी दादरी में 15, नूंह में 13 नए मरीज मिले हैं।
9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल कल से खुलेंगे, सिर्फ गाइडेंस लेने आ सकेंगे बच्चे
करीब छह माह से बंद पड़े स्कूल 21 सितंबर से आंशिक तौर पर 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए खुलेंगे। हरियाणा समेत 9 राज्यों ने स्कूल खोले जाने की मंजूरी दी है। कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों में बच्चों को शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल जाने की अनुमति होगी। पेरेंट्स से लिखित अनुमति लेने के बाद शिक्षकों से गाइडेंस लेने के लिए स्टूडेंट्स स्कूल आ सकेंगे। पंजाब में पीएचडी स्कॉलर व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षण संस्थान खोलने की मंजूरी दी है। इससे नीचे की कक्षाओं के लिए काॅलेज व स्कूल अभी बंद ही रहेंगे।
सीरम पुणे में अगले हफ्ते शुरू करेगा वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से बनाए जा रहे कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड के तीसरे चरण का ट्रायल पुणे में अगले हफ्ते दोबारा शुरू होगा। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से तैयार वैक्सीन को बनाने के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ साझेदारी है।

Saturday, September 19, 2020

September 19, 2020

स्कूल खोलने की तैयारी:2 दिन में करवाने होंगे शिक्षकों के कोरोना टेस्ट, एक कमरे में बैठेंगे 12 बच्चे, मॉनिटरिंग के लिए कमेटी गठित

2 दिन में करवाने होंगे शिक्षकों के कोरोना टेस्ट, एक कमरे में बैठेंगे 12 बच्चे, मॉनिटरिंग के लिए कमेटी गठित

कोरोना काल में 6 महीनों के बाद 21 सितंबर से स्कूल खुलेंगे। कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थी पठन-पाठन के संदर्भ में मार्गदर्शन एवं परामर्श के तौर पर स्कूलों को खोला जा रहा है। लेकिन रेगुलर क्लास नहीं लगेगी। विद्यार्थी स्कूल में बैग लेकर नहीं आएंगे। शिक्षा विभाग ने नो पेपर एक्सचेंज पॉलोसी के तहत स्कूलों को खोलने की अनुमति दी है। जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को स्कूल में किसी भी तरह का कागजी काम नहीं करा सकेंगे। स्कूल खोलने से पहले सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के कोरोना टेस्ट करवाने अनिवार्य किए गए हैं।

शिक्षा विभाग द्वारा कोरोना टेस्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया गया है। केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से पूरे स्टॉफ के साथ सरकारी व गैर-सरकारी सभी हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोलने संबंधी गाइडलाइन भी जारी कर दी है। शिक्षा मुख्यालय द्वारा जिला शिक्षा विभाग के साथ स्कूल खोले जाने को लेकर वीडियो कान्फ्रेंसिंग की गई। स्कूल में अधिकतम 25 विद्यार्थियों को आने की अनुमति होगी। अगर स्कूल के अंदर बच्चों की भीड़ हो गई तो स्कूल संचालक जिम्मेदार होगा।

ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जो गाइडलाइन जारी की है उसे भी पालन करना होगा। 21 सितंबर से स्कूलों में कक्षाएं नहीं लगेगी, बल्कि विद्यार्थी विषय के बारे में जानकारी लेने के लिए आ सकते हैं। 21 सितंबर से पहले स्कूलों के सभी शिक्षकों समेत पूरे स्टॉफ को अनिवार्य तौर पर अपना कोरोना टेस्ट करवाना होगा। टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले शिक्षक व कर्मचारी को स्कूल में आने की अनुमति नहीं होगी। जिला में 200 सीनियर सेकेंडरी स्कूल है, जबकि 150 के करीब प्राइवेट स्कूल।

ट्रांसपोर्ट-कैंटीन की नहीं मिलेगी सुविधा

सरकार की गाइडलाइन अनुसार 21 सितंबर से स्कूल खोलने के दौरान स्कूल वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। विद्यार्थियों को अपने वाहनों से स्कूल आना होगा। विद्यार्थियों को कक्षा में बैठने के बाद उठाकर बाहर जाने का अनुमति नहीं होगी। पानी की बोतल साथ लेकर आनी होगी। जो विद्यार्थी पहले दिन जिस डेस्क पर बैठेगा, वह रोजाना उसी डेस्क पर बैठेगा। बच्चों के कक्षों को रोजाना दो बार सेनिटाइज करना होगा।

एंट्री व एक्जिट के लिए अलग-अलग होंगे गेट

21 सितंबर से स्कूल खोलने के निर्देश मिलने के बाद सरकारी व गैरसरकारी स्कूलों को सेनिटाइज करने का काम शुरू कर दिया गया है। कमरों, लैब, शौचालयों, मुख्य गेट को सेनिटाइज किया जा रहा है। विभाग द्वारा सेनेटाइजर, मास्क आदि के लिए बजट जारी किया गया है। बच्चों के एंट्री व एक्जिट के लिए अलग-अलग गेट लगाए जा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की भीड़ न हो इसके लिए एक कमरे में 12-12 स्टूडेंट्स ही बैठाए जाएंगे। ताकि सोशल डिस्टेसिंग बनी रही। स्कूल सुबह 9 से 12 बजे तक खुलेंगे।

अधिकतर स्कूलों में नहीं हुए कोरोना टेस्ट

स्कूल खुलने में 2 दिन का समय शेष है, लेकिन जिले में सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में अभी तक अधिकतर स्कूलों के शिक्षकों के कोरोना टेस्ट नहीं हुए हैं। जिलेभर में प्रतिदिन 1200 से 1500कोरोना के टेस्ट किए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को कोरोना टेस्ट करवाने का पत्र भी जारी किया जा चुका है। लेकिन कई स्कूलों के शिक्षक कोरोना टेस्ट करवाने से डर रहे हैं।

पेरेंट्स बोले: स्कूल खोलने का कोई औचित्य नहीं

स्कूल खोलने को लेकर अभिभावक सुमित्रा ने बताया कि उनकी बेटी 11वीं कक्षा में पढ़ी है। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता, तब तक बेटी को स्कूल में नहीं भेजेंगे। क्योंकि अगर स्कूल में किसी एक बच्चे को कोरोना हुआ तो उसका कौन जिम्मेवार होगा। अभिभावक मोहन लाल ने कहा कि उनका बेटा 9वीं कक्षा में स्कूल में पढ़ता है। रोजाना बढ़ते कोरोना के केस को देखकर अब डर लगने लगा है। बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं कर सकते। अभिभावक राजरानी, कौशल्या व सुरेंद्र ने कहा कि वे अपने लाडलों को अभी स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं। इस हालत में अभी बाहर रोज स्कूल भेजना तो बिल्कुल भी सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है। अभिभावक नरेंद्र, सोनू व पूनम ने बताया कि वे बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में हैं।

कोरोना काल में स्कूल खोलना संक्रमण फैलने की वजह बन सकता है

संक्रमण के दौरान सरकार स्कूल खोलने की तैयारियां कर रही है जिसके लिए 21 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सौरभ मेहता ने कहा कि कोरोना काल में स्कूल खोलने का कोई औचित्य नहीं है। अगर कोई भी बच्चा कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो उसका कौन जिम्मेवार होगा। कोरोना के लक्ष्ण पाए जाने पर स्कूल के अन्य छात्रों में तेजी से संक्रमण बढ़ने के आसार हैं। ऐसे हालत में स्कूल नहीं खुलने चाहिएं। सरकार के पास कोरोना संक्रमण रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इस घड़ी में बच्चों को स्कूल भेजना उचित नहीं है।
September 19, 2020

सूर्यनगर आरओबी प्रोजेक्ट:सेक्टर 3-5 से नहर पुलिया तक एक सप्ताह रहेगा राेड बंद, गार्डर रखे जाएंगे

सूर्यनगर आरओबी प्रोजेक्ट:सेक्टर 3-5 से नहर पुलिया तक एक सप्ताह रहेगा राेड बंद, गार्डर रखे जाएंगे

सेक्टर 1-4 फाटक से लेकर नहर पुलिया तक शनिवार काे रास्ता बंद रहेगा। आरओबी के पिलर पर गार्डर रखे जाने के चलते बीएंडआर के अधिकारियाें ने यहां एक सप्ताह तक ब्लाॅकेज लगाने के लिए जिला प्रशासन से मंजूरी ली है। इसके साथ ही उन्हाेंने ट्रैफिक पुलिस काे यहां व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिखा है। बीएंडआर के अधिकारियाें ने बताया कि इस पर दाेपहर काे काम शुरू जाएगा। दाेपहर के बाद से लेकर आगामी सात दिनाें तक यह ही स्थिति रहेगी।
ये है वैकल्पिक व्यवस्था
बीएंडआर के जेई राजकुमार ने बताया कि नहर पुलिया के साथ सेक्टर 3-5 वाले राेड के जरिए फाटक तक आया या जाया जा सकता है। मेन राेड पर ब्लाॅकेज रहेगी। बड़े वाहनाें काे दिक्कत आ सकती है। आम लाेगाें से अपील है कि वे संभव हाे सके ताे दूसरे रास्ते का यूज कर सकते हैं।
पिलरों पर रखे जाएंगे 55-55 टन वजनी 30 गार्डर
पिलराें पर 30 गार्डर रखे जाएंगे। एक गार्ड की लंबाई करीब 18 मीटर है। एक गार्डर का वजन 55 टन के करीब है। क्रेन के माध्यम से इन्हें रखवाया जाएगा। इनकाे रखने में करीब एक सप्ताह का समय लगा जाएगा।- विशाल कुमार, एक्सईएन,बीएंडआर
September 19, 2020

सख्ती:मास्क न पहनने पर तीन पर लगाया जुर्माना दुकानों के बाहर रखा सामान किया जब्त

सख्ती:मास्क न पहनने पर तीन पर लगाया जुर्माना दुकानों के बाहर रखा सामान किया जब्त

नगर परिषद टीम की ओर से पिछले कई दिनों से शहर में अतिक्रमण हटाओ, बिना मास्क लोगों और सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अभियान जारी है। जिसके तहत शुक्रवार को भी नप में सफाई निरीक्षक जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसआई जोगेंद्र सिंह फौजी, एसआई पवन कुमार पर आधारित एक टीम ने विभिन्न बाजारों में दस्तक दी।

ट्रेक्टर ट्रॉली के साथ टीम बाजारों में पहुंची, लेकिन इस दौरान गिने चुने दुकानदारों द्वारा सामान बाहर लगाया गया था। जहां से दुकानों के बाहर रखा सामान नप कर्मियों ने जब्त कर लिया।

दुकानदारों में मची हड़कंप
नप की कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। दुकानों के बाहर लगाए होर्डिंग व बैनरों को उठाकर ट्रॉली में डाला गया। जिसको जब्त कर लिया गया, वहीं बाजारों में बिना मास्क घूमने वाले 3 लोगों को जुर्माना लगाया गया है।
September 19, 2020

समस्या:एग्जाम खत्म हाेने पर आधे घंटे में जमा करनी होती है आंसर शीट, 3 दिन से परेशान छात्र भटक रहे

समस्या:एग्जाम खत्म हाेने पर आधे घंटे में जमा करनी होती है आंसर शीट, 3 दिन से परेशान छात्र भटक रहे

 

जिलेभर से स्टूडेंट्स पहुंच रहे शहर के प्रमुख कॉलेजों में, केयूके ने अब जारी की नई ईमेल आईडी

कॉलेजों में सभी कक्षाओं की परीक्षा चल रही है। ऐसे में कुछ विद्यार्थियों को अपनी आंसर शीट की कॉपी जमा करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ विद्यार्थियों ने आंसर शीट जमा तो की परंतु तीन दिन बाद उन्हें मेल सेंड न होने व मैसेज फेल का नोटिफिकेशन मिल रहा है। विद्यार्थियों को यह आंसर शीट परीक्षा खत्म होने के आधे घंटे के भीतर जमा करवानी है।

ऐसे में तीन दिन तक शीट जमा न होने से विद्यार्थियों ने परेशान होकर अपने कॉलेजों की ओर रूख किया। परंतु उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। विद्यार्थियों को एक से दूसरे स्थान पर भेजा गया। नारनौ‌ंद से जाट कॉलेज में अपनी आंसर शीट जमा करवाने पहुंचे एक छात्र ने बताया कि उसने आंसर शीट तीन दिन पहले जमा की थी। परंतु तीन दिन बाद ईमेल फेल होने व शीट जमा न होने का नोटिफिकेशन मिला। जिसके बाद नारनौ‌ंद के कॉलेज में जाकर समस्या बताई।

उन्होंने जाट कॉलेज में भेज दिया। जिसके बाद वह जाट कॉलेज गया जिससे उसने अपनी पढ़ाई पूरी की थी। जब जाट कॉलेज में गया तो उन्होंने कहा कि शहर में कुवि का एकमात्र कॉलेज इंपीरियल कॉलेज है। बाकि दो कॉलेज शहर से बाहर हैं। वह तीनों में से किसी भी कॉलेज में जाकर जमा करवाएं। इंपीरियल कॉलेज को शीट जमा करने के लिए किसी भी प्रकार का लिखित आदेश प्राप्त नहीं था।

जिसके कारण उन्होंने शीट जमा नहीं की परंतु कॉलेज द्वारा विद्यार्थी की समस्या विवि के सीओई को दी गई। जिसके बाद कुवि ने कुछ अन्य ईमेल आईडी जारी की जिसपर विद्यार्थी अपनी आंसर शीट जमा कर सकते हैं। इसी प्रकार बरवाला, हांसी व शहर से भी काफी संख्या में विद्यार्थी इस समस्या को लेकर कॉलेजों में पहुंचे। इंपीरियल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सत्य सुरेंद्र सिंगला ने बताया कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की चल रही परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिका अपलोड करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से उत्तर पुस्तिका अपलोड करने के लिए विद्यार्थियों को कई विकल्प दिए हैं।

September 19, 2020

परिवहन:22 सीटर लाे फ्लाेर पांच बसें, सितंबर के अंत या फिर अक्टूबर में दौड़ेंगी

परिवहन:22 सीटर लाे फ्लाेर पांच बसें, सितंबर के अंत या फिर अक्टूबर में दौड़ेंगी



शहर के विभिन्न रूटाें पर चलने वाली लाे फ्लाेर 22 सीटर बसें सितंबर माह के अंत तक या फिर अक्टूबर माह में चल पाएंगी। तीन ऑपरेटर ने पांच बसें लुधियाना से तैयार करवा ली है। जल्द ही बसें तैयार कर ऑपरेटराें काे डिलीवर हाे जाएंगी। शहर में वर्तमान में चार सिटी बसें दाैड़ रही हैं। जल्द ही और सिटी बसें चलाई जाएंगी। नगर निगम ने जाे टेंडर कर वर्क ऑर्डर किया था उसमें ऑपरेटराें काे 20 सितंबर तक बसें चलाने का समय दिया हुआ है।

टेंडर लेने वाले दो ऑपरेटरों की तीन बसों की रविवार को डिलिवरी होगी। इसके अगले सप्ताह पासिंग लेकर इन्हें सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में या फिर अक्टूबर में उन्हें रूट पर दौड़ाया जाएगा। करीब एक महीने पहले निगम प्रशासन द्वारा छह सिटी बसें और चलाने के लिए टेंडर जारी किया था।
वर्क ऑर्डर जारी होने के एक महीने बाद बसों का संचालन करना अनिवार्य है। सिटी बसों में पांच से 10 रुपये तक ही किराया रहेगा। बस स्टैंड से तोशाम रोड व कैंट जाने वाली बसों में फव्वारा चौक तक पांच रुपये जबकि इससे आगे 10 रुपये किराया लगेगा।

अलग-अलग रूटाें पर 6 बसें


शहर में अलग-अलग रूटाें पर छह सिटी बसें और चलाने के लिए चार ऑपरेटरों को वर्क ऑर्डर जारी किया था। 20 सितंबर तक का उन्हें समय दिया गया है। जो बसें तैयार होंगी, उन्हें रूट पर चला दिया जाएगा।'' - संदीप पूनिया, सीपीओ, नगर निगम

September 19, 2020

शर्मनाक:पितृ पक्ष अमावस्या पर तला हुआ गो ग्रास खिलाने से 10 गायों की मौत, 36 की हालत बिगड़ी

शर्मनाक:पितृ पक्ष अमावस्या पर तला हुआ गो ग्रास खिलाने से 10 गायों की मौत, 36 की हालत बिगड़ी

पितृ पक्ष अमावस्या पर गुरुवार को शहर में अत्याधिक मात्रा में गो ग्रास खिलाने से हुई दस गायाें की मौत के विरोध में शुक्रवार को गो रक्षकों ने गोशाला में धरना दिया और प्रशासन के प्रति रोष जताया। साथ ही आरोपी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। गो रक्षकों ने गायों की मौत के लिए प्रशासन को भी जिम्मेदार ठहराया है। उधर बवानीखेड़ा में भी अत्याधिक गो ग्रास से एक दर्जन गाय बीमार हो गई।

पितृ पक्ष व अमावस्या पर गुरुवार को लोगों ने अपने पितृ पक्ष को खुश करने के लिए परंपरा के अनुसार गायों को गो ग्रास खिलाया। शहर में अनेक स्थानों पर खड़ी बेसहारा गायों को लोगों ने अत्याधिक मात्रा में पूरियांं खिला दीं। इससे शहर में 46 गाय बीमार हो गईं और 10 गायों की मौत हो गई। शेष गाय अभी भी जीवन व मौत के बीच संघर्ष कर रही है। इसके विरोध में शुक्रवार को गो रक्षकों ने संजय परमार के नेतृत्व में गोशाला में ही मृतक गायों के शव रखकर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। घायल गायों का गोशाला में पशु चिकित्सक उपचार कर रहे हैं लेकिन 36 गायों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

अपील की थी फिर भी हर वर्ष की तरह की गलती


गोरक्षकों ने कहा कि पितृ पक्ष अमावस्या पर हर वर्ष अत्याधिक गो ग्रास से होने वाली गायों की मौत के लिए प्रशासन जवाबदेही तय करें। गोरक्षा दल कई सालों से पितृपक्ष अमावस्या से कई दिन पहले ही शहर में प्रचार कर नागरिकों से तली हुई वस्तुएं अधिक मात्रा में गायों को न खिलाने की अपील करता है। फिर भी लोग गाय को अत्याधिक गो ग्रास देते हैं, इससे गायों की मौत हो जाती है। इस बार डीसी अजय कुमार ने भी आदेश जारी किए थे कि रोड पर खड़ी गाय को कोई भी गो ग्रास नहीं देगा लेकिन फिर भी लोगों ने प्रशासन के आदेशों की अवहेलना की गई।

अफारे और इंफेक्शन से हुईं मौत : पशु चिकित्सक


गोशाला में अत्याधिक गो ग्रास से दर्द में तड़प रही गायों का उपचार करने वाले पशु चिकित्सक मोहनलाल ने बताया कि पेट में अफारे व खून में इंफेक्शन के कारण गायों की मौत हुई। पितृपक्ष पर जिन गायों को अत्याधिक गाे ग्रास खिलाया गया उन गायों का स्वास्थ्य खराब हुआ है। 46 गाय बीमार हो चुकी है इनमें से 10 गायों की मौत भी हाे चुकी है।

September 19, 2020

बैठक:राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ऋण केसों का दस दिन में निपटारा करने के दिए निर्देश

बैठक:राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ऋण केसों का दस दिन में निपटारा करने के दिए निर्देश


डीसी अजय कुमार ने शुक्रवार को बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक लेकर विभिन्न ऋण सहायता योजनाओं की समीक्षा की और उनके लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। लीड बैंक मैनेजर बीके धींगड़ा ने सभी बैंकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। डीसी ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 23 सितंबर तक उनसे संबंधित किसान पशुधन क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कार्ड बनाने के उनके पास पेंडिंग केसों का 50 प्रतिशत हर हाल में पूरा करें। उन्होंने कहा कि जिला का लक्ष्य इस महीने के अंत तक हर हाल में पूरा करना है।

इसी प्रकार से उन्होंने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ऋण केसों का भी दस दिन में निपटारा करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि कोविड की वजह से भले ही कुछ कार्य धीमा रहा हो, लेकिन इसे अब स्पीड देनी होगी। सभी बैंक अपने-अपने टारगेट निर्धारित समयावधि में पूरा करें। बैठक में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, मुद्रा योजना, डिजीटल ट्रांजक्शन, प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम, किसान पशु क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि बैंक में लोन लेने के लिए आने वाले नागरिक से जरूरी दस्तावेज पहले ही मांगे और ताकि उनको ऋण के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिए जरूरतमंदों को ऋण प्रदान करें ताकि वे अपना रोजगार शुरु कर सकें। डीसी ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खाते से बीमा राशि काटकर समय से बीमा कंपनी को प्रेषित करें और पोर्टल पर किसानों का डाटा समय से और सही तरह से अपलोड करें ताकि किसानों को बीमा कंपनी से उनकी खराब फसल का मुआवजा मिल सके।

एडीसी राहुल नरवाल ने कहा कि बैंक अधिकारी सरकार की ऋण संबंधी योजनाओं को सही ढंग से मूर्तरूप प्रदान करें। ये योजनाएं जरूरतमंदों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाली हैं। इस दौरान नाबार्ड से डीडीएम सोहनलाल ने भी नवीनतम योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
September 19, 2020

जाखल:हरियाणा वेयर हाउस के गोदाम से 343 गेहूं के बैग चोरी, केस

जाखल:हरियाणा वेयर हाउस के गोदाम से 343 गेहूं के बैग चोरी, केस



  • जाखल के हरियाणा वेयर हाउस के गोदाम नंबर 4 से गेहूं के 343 बैग चोरी होने का मामला सामने आया है। गेहूं चोरी होने की शिकायत वेयर हाउस मैनेजर गुरुप्रसाद ने पुलिस थाना में दी है। जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मैनेजर गुरप्रसाद ने बताया कि हरियाणा पंजाब सीमा पर बस स्टैंड के नजदीक स्थित गोदाम नंबर 4 में उन्होंने गेहूं का स्टॉक किया हुआ है।

बीते दिनों गेहूं के स्टॉक की जांच के दौरान उन्हें पता चला कि उसमें से गेहूं के थैले कम हो गए हैं। जिसकी जांच की गई तो उसमें 343 गेहूं के थैले कम मिले। शिकायत में बताया गया है कि 1 से 15 सितंबर के बीच में चोरी की वारदात हुई है। चोरी का यह मामला इसलिए भी संदिग्ध बना हुआ है क्योंकि पुलिस के पास यह भी सूचना है कि गोदाम से निकाला गया गेहूं साथ लगते पंजाब के कड़ैल में बेचा गया है।

गोदाम के अंदर हर वक्त चौकीदार भी नियुक्त रहता है। वहां पर अनेक कर्मचारी भी काम करते हैं। लेकिन इसकी जानकारी देने के लिए प्रबंधक बार-बार बचते नजर आ रहे हैं। हालांकि मामला उजागर होने के बाद प्रबंधक द्वारा इसकी शिकायत पुलिस थाना में दर्ज करवा दी गई है।

मामले की जांच कर रहे हैं

वेयरहाउस प्रबंधक जाखल की शिकायत पर चोरी का केस दर्ज किया गया है। जिसकी जांच की जा रही है। 15 दिनों के अंदर 343 गेहूं के बैग चोरी होने की बात सामने आई है। जांच के उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -राम कुमार, जांच अधिकारी एचसी, पुलिस थाना, जाखल।


September 19, 2020

केयू प्रशासन ने कदम उठाया:गूगल फोरम लिंक पर उत्तरपुस्तिकाएं अपलोड कर पाएंगे विद्यार्थी

केयू प्रशासन ने कदम उठाया:गूगल फोरम लिंक पर उत्तरपुस्तिकाएं अपलोड कर पाएंगे विद्यार्थी


कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से ली जा रही परीक्षाओं को लेकर परीक्षा स्टेंडिंग कमेटी की ऑनलाइन बैठक हुई। जिसमें सभी वार्षिक व सेमेस्टर की परीक्षाओं में विद्यार्थियों को उत्तर-पुस्तिका अपलोड करने में आ रही तकनीकी समस्याओं पर चर्चा की गई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने नोडल इवोल्यूशन सेंटर के नोडल ऑफिसर्स की ई-मेल संबंधी शिकायतों का समाधान किया।

डॉ. अनिल वोहरा ने सभी नोडल ऑफिसर्स को ई-मेल डाउनलोडिंग में सामने आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए मोजिला थंडरबर्ड सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने की सलाह दी। इसका एक डेमो भी सभी के साथ साझा किया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि प्राइवेट व दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के विद्यार्थियों के लिए गूगल फोर्म लिंक जोकि नोडल इवोल्यूशन सेंटर द्वारा अपनी कॉलेज वेबसाइट पर लगाया जाएगा, इसके जरिए भी अब विद्यार्थी अपनी 20 पेज की उत्तर-पुस्तिका की सॉफ्ट कॉपी अपलोड कर सकेंगे। गूगल फोर्म से संबंधित पीपीटी प्रेजेंटेशन व गाइडलाइन सभी नोडल ऑफिसर्स को दिखाई गई ।

सभी कॉलेजों व विभागों की बनाई वैकल्पिक ई-मेल
डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग व कॉलेजों की वैकल्पिक ई-मेल आईडी भी बनाई गई है। ताकि ई-मेल बाउंस्ड व ई-मेल फेल जैसी किसी भी तकनीकी समस्या से जूझना न पड़े। यह सभी वैकल्पिक ई-मेल विश्वविद्यालय की वेबसाइट onlinepaper.kuk.ac.in पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा नियमित विद्यार्थियों के लिए संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए कि अपने कॉलेज की ई-मेल की क्षमता बढ़ाएं।