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Friday, October 9, 2020

October 09, 2020

हरियाणवी रागनी लेखक अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार

हरियाणवी रागनी लेखक अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार

चंडीगढ़: हरियाणा में अपराध और जुर्म का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। अब आम लोग ही नहीं बल्कि बढ़ी - बढ़ी हस्तियां भी जुर्म और अपराध के मामलो में लिप्त पाए जाते है। बताना दिलचस्प होगा कि हरियाणवी रागनी लेखक रोहित सरदाना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पिस्तौल और दो कारतूस भी बरामद किये गए हैं। फरीदाबाद क्राइम ब्रांच 30 की टीम ने आरोपी लेखक को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि आपको बता दें कि रागनी लेखक रोहित सरकार ने मोस्टवांटेड गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर का गुणगान करने वाली रागनी लिखी थी, जिसके बाद वह चर्चा में आ गया था। यह रागनी काफी वायरल हुई थी जिसके बाद पुलिस को रोहित के गैंगस्टर से लिंक होने का संदेह हुआ था।   



दअरसल महेंद्रगढ़ के खैरोली निवासी विक्रम उर्फ पपला गुर्जर पर हरियाणा व राजस्थान में कई केस दर्ज है। दोनों राज्यों की टीम ने पांच लाख रुपये का इनाम भी रखा है। राजस्थान में एक केस में पपला गुर्जर पकड़ा गया था लेकिन उस वक्त उसके साथी उसे पुलिस गिरफ्त से भगा लाए थे। जिसको लेकर क्राइम ब्रांच की टीम ने शक के आधार पर प्रह्लादपुर में छापेमारी भी की थी, लेकिन उन्हे कुछ नहीं मिला था। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने दो दिन की पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। बतादे कि पुलिस की टीम ने बताया कि उन्हे मुखबिर मिली थी कि रोहित सरदाना के पास अवैध हथियार है। उसके बाद पुलिस की टीम ने छापेमारी की थी। जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी के वक्त पिस्तौल और कारतूस बरामद किये गए।
October 09, 2020

पिता नहीं भर सका बिल तो अस्पताल ने नवजात बच्चों को देने से किया मना, सीएम विंडो पर भेजी शिकायत

पिता नहीं भर सका बिल तो अस्पताल ने नवजात बच्चों को देने से किया मना, सीएम विंडो पर भेजी शिकायत


भिवानी : शहर के निजी अस्पताल संचालक पर गांव डुडीवाला निवासी रवींद्र सिंह ने अपने दो नवजात जुड़वा बच्चों को अस्पताल में जबरन रखने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर पीडि़त ने उपायुक्त व सीएम विंडों पर शिकायत भेजी है।पीडि़त रवींंद्र ने बताया कि वह अपनी पत्नी सीमा देवी को नसिंर्ग होम में अल्ट्रासाउंड के लिए लेकर आया था। लेकिन डॉक्टर ने कहा कि उसका ऑप्रेशन करना पड़ेगा। रवींद्र ने बताया कि उसने चिकित्सक से कहा था कि वह अपनी पत्नी को सरकारी अस्पताल में ले जा रहा है। मगर चिकित्सक ने कहा कि सरकारी अस्पताल में अच्छे डॉक्टर नहीं हैं, वहां उसकी मौत हो जाएगी। रवींद्र ने कहा कि वह अपने घरवालों को बुला लेता है। लेकिन इसी दरमियान डॉक्टर उसकी पत्नी को ऑप्रेशन थियेटर में ले गया और जबरन उसके कागजात पर भी हस्ताक्षर कराए गए। उसकी पत्नी सीमा का 30 सितंबर को ऑपरेशन कर दिया, इस दौरान उसनकी पत्नी को दो जुड़वा बच्चे एक लड़का और एक लड़की पैदा हुए और 4 अक्तूबर को उसकी पत्नी सीमा को अस्पताल से छुट्टी दे दी।
रवींद्र को चिकित्सक ने डेढ़ लाख रुपये का बिल थमा दिया,यह देखकर वह बोला कि वह बहुत गरीब आदमी हैं, इतनी रकम कहां से लाएगा। उसने पहले ही अपनी पत्नी को सरकारी अस्पताल में ले जाने के लिए बोला था, मगर यहीं पर उसका जबरन ऑप्रेशन कर दिया गया। रवींद्र ने बताया कि उसने 77800 रुपये अस्पताल में जमा करा दिए, लेकिन इसके बावजूद भी उसके दोनों जुड़वां बच्चों को उसे नहीं सौंपा गया। रवींद्र का आरोप है कि चिकित्सक उसके दोनों जुड़वां बच्चों को अस्पताल में रखे हुए हैं और उस पर बकाया राशि भुगतान का नाजायज दबाव बना रहा है।
October 09, 2020

रेवाड़ी : डंपर की टक्कर से स्कूटी सवार बुआ- भतीजे की मौत, 6 वर्षीय बच्ची को खरोच तक नहीं आई

रेवाड़ी : डंपर की टक्कर से स्कूटी सवार बुआ- भतीजे की मौत, 6 वर्षीय बच्ची को खरोच तक नहीं आई


 रेवाड़ी : दिल्ली रोड पर राव अभय सिंह चौक के पास शुक्रवार दोपहर दिल्ली रोड पर राव अभय सिंह चौक के पास डंपर की टक्कर से बुआ-भतीजे की मौत हो गई। जबकि स्कूटी पर सवार महिला की 6 वर्षीय बेटी सुरक्षित बच गई। सूचना मिलने के बाद मॉडल टाउन थाना पुलिस पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में भेजकर चालक को डंपर सहित गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गांव लाखनौर निवासी 32 वर्षीय महिला निशा अपनी 6 वर्षीय बेटी व 14 वर्षीय भतीजे हितने के साथ स्कूटी पर सवार होकर शहर की तरफ आ रही थी। इसी दौरान दिल्ली रोड पर राव तुलाराम स्टेडियम के सामने डंपर ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल बुआ भतीजे को बच्ची के साथ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया। जहां चिकित्सकों ने निशा व हितेन को मृत घोषित कर दिया। जबकि प्राथमिक जांच के बाद बच्ची परिजनों को सौंप दी।
October 09, 2020

बॉक्सर अमित पंघाल समेत 16 खिलाड़ी ट्रेनिंग के लिए विदेश जाएंगे

बॉक्सर अमित पंघाल समेत 16 खिलाड़ी ट्रेनिंग के लिए विदेश जाएंगे


चंडीगढ़ : ओलंपिक की तैयारियों के लिए 16 सदस्यीय बॉक्सरों के दल को इटली और फ्रांस में तैयारियों के लिए सरकार की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। इन खिलाड़ियों में 10 पुरुष, छह महिला बॉक्सर है। खेल मंत्रालय की तरफ से एक करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से इनको 52 दिन के लिए इटली और फ्रांस भेजा जा रहा है। 
अमित पंघाल, कविंदर बिष्ट, हुसामुद्दीन, शिव थापा, आशीष कुमार, बृजेश यादव, सुमित सांगवान, संजीत, सतीश कुमार, साक्षी, मनीषा, सोनिया लाठेर, सिमरनजीत कौर, लवलीना व पूजा रानी सहित सहयोगी स्टाफ का कुल 28 सदस्यीय दल इस दौरे पर जाएगा। 
इन सभी वाॅक्सरों को 10 अक्टूबर तक एनआईएस पटियाला पहुंचने के लिए कहा गया है। जहां उनका पहला कोविड टेस्ट होगा। 15 अक्टूबर को टीम इटली रवाना होगी इन सभी की निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही अनुमति मिलेगी।
October 09, 2020

हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने 30 प्रतिशत तक सिलेबस कम किया, वेबसाइट पर डाला

हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने 30 प्रतिशत तक सिलेबस कम किया, वेबसाइट पर डाला


भिवानी : शिक्षकों और विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम  जारी होने का इंतजार था। अब यह इंतजार पूरा हो गया है। हरियाणा में कोरोना महामारी  फैलने की वजह से अभी तक स्कूल सही तरीके से नहीं लग पाये है हालांकि सरकार  ने ऑनलाइन व्यवस्था बेशक की है। इस व्यवस्था के बाद छात्रों की कक्षाएं  घर पर बैठकर आनलाइन लगाई जा रही है। बच्चाें को डाउट क्लास के लिए ही स्कूल में आने की अनुमति है।
अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड बच्चों के लिए खुश खबरी लेकर आया है बच्चों के सिलेबस अब 30 प्रतिशत तक कम कर दिया है। जिसकी जानकारी बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर भी डाल दी है। बोर्ड चैयरमेन डा. जंगबीर सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते बच्चों की शिक्षा पूर्ण रूप से नहीं हो पा रही है। इस बात को देखते हुए बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक का सिलेबस 30 प्रतिशत कम कर दिया है।
बोर्ड चैयरमेन ने बताया कि बच्चों व अध्यापकों को दिक्कत न हो इसलिए सिलबेस बोर्ड की वेबसाइट पर भी डाल दिया है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को भी बताया जा रहा है कि वे हटाए हुए सिलेबस के हिसाब से ही बच्चों को पढ़ाएं। 
October 09, 2020

सनसनी:घर में घुसी 8 फीट लंबी इंडियन पाइथन प्रजाति की मादा अजगर, वन्य जंतु संरक्षण विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा

सनसनी:घर में घुसी 8 फीट लंबी इंडियन पाइथन प्रजाति की मादा अजगर, वन्य जंतु संरक्षण विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा


यमुनानगर : यमुनानगर जिले के गांव फैजपुर में 8 फीट लंबा अजगर देखा गया। इंडियन पाइथन प्रजाति के इस अजगर के एक घर में घुस जाने की वजह से गांव में दहशत फैल गई। आनन-फानन में वन्य जीव संरक्षण विभाग को सूचित किया गया। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को काबू किया और फिर कलेसर के जंगल में छोड़ दिया। अजगर को पकड़ने वाली टीम ने बताया कि वह मादा थी और उसका वजन 18 किलो के करीब था।
घटना नेशनल पार्क से सटे इलाके में फैजपुर गांव में गुरुवार को घटी। यहां ढाबे के पास स्थित एक मकान में एक अजगर के घुस जाने की सूचना मिली तो लोगों में दहशत फैल गई। इसकी सूचना वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों को दी गई। वन्य प्राणी विभाग कलेसर की टीम ने अजगर को कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा। बाद में उसे नेशनल पार्क में छोड़ दिया गया। कलेसर के वाइल्ड लाइफ रक्षक परवेज के मुताबिक उन्हें फैजपुर के संजू ने सूचना दी थी कि जगाधरी-पौंटा नेशनल हाईवे किनारे पर पाल ढाबे के नजदीक एक मकान में अजगर देखा गया है। टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़कर साथ लगते कलेसर नेशनल पार्क मे छोड़ दिया।

अगजरों के बारे में यह भी जानना जरूरी है।

परवेज ने बताया कि सांपों की दुनियाभर में दो हजार से ज्यादा प्रजातियां हैं। सामान्यत: अजगर विषहीन होते हैं, लेकिन जो प्राणी इनके चंगुल में फंस जाए, उसे निगल जाते हैं। अजगर 10 फीट से 25 फीट तक लंबे हो सकते हैं। इनकी मोटाई प्रजातियों के हिसाब से कम ज्यादा होती है। अक्सर पानी की तलाश में ये जंगल से बाहर आ जाते हैं। वहीं, खेतों में फसल की कटाई चल रही है। इसके चलते भी जीव-जंतु विचलित होकर गांवों का रुख कर लेते हैं। एक माह पहले भी गांव कलेसर से प्रदीप चौधरी के घर से इसी प्रकार का अजगर पकड़ा गया था। वन्य प्राणी विभाग के जिला इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि नेशनल पार्क के साथ लगते 15 से 20 किलोमीटर के एरिया में रैड स्नेक और कोबरा के अलावा अजगर भी काफी मात्रा में हैं। कई बार बल्लेवाला, भूड़कलां, मांडेवाला, अराइयांवाला से अजगर पकड़ कर नेशनल पार्क मे छोड़े गए हैं।
October 09, 2020

कोरोना काल में ठगी:लोन का झांसा देकर लोगों से कई-कई हजार रुपए ऐंठे, अब दफ्तर खाली करके भागे कंपनी के संचालक


कोरोना काल में ठगी:लोन का झांसा देकर लोगों से कई-कई हजार रुपए ऐंठे, अब दफ्तर खाली करके भागे कंपनी के संचालक

पानीपत : पानीपत में ठगी का मामला सामने आया है। महादेव फाइनांशियल कंसल्टेंट नाम की एक कंपनी ने लोगों को एक से डेढ़ लाख रुपए तक के लोन देने की बात कही। इस लोन के प्रोसेस चार्ज के नाम पर लोगों से कई हजार रुपए और डॉक्युमेंट्स लिए गए। इसके बाद कंपनी चलाने वाले लोग दफ्तर बंद कर फरार हैं। गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को कंपनी के दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा किया।तहसील चौक पर महादेव फाइनांशियल कंसल्टेंट नामक कंपनी का साइन बोर्ड लगा हुआ है।सके नीचे स्थित दफ्तर शुक्रवार को खा जिली मिला।


शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पानीपत में नेशनल हाईवे पर तहसील चौक स्थित एक कंपनी के ऑफिस के बाहर एकाएक खासी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बताया कि दो महीने पहले ही महादेव फाइनांशियल कंसल्टेंट नामक एक कंपनी ने यहां दफ्तर खोला था। इस कंपनी के संचालकों ने लोगों को एक से डेढ़ लाख रुपए तक को लोन देने की बात कही थी। हनुमान कॉलोनी, डाबर कॉलोनी और महादेव कॉलोनी समेत आसपास के इलाके के करीब 250 से 300 लोग इस कंपनी के साथ जुड़ गए।
लोगों का कहना है कि कंपनी के संचालकों ने उनसे 1-1 हजार रुपए आईटीआर के नाम पर लिए तो ढाई-ढाई हजार प्रोजेक्ट फाइल के नाम पर भी ऐंठे। लोन दिन के लिए 10 अक्टूबर का वक्त दिया गया था, लेकिन इससे ठीक पहले ही वो लोग फरार हो गए। इस बात का पता तब चला, जब जरूरी जानकारी के लिए एक व्यक्ति ने फोन किया तो कंपनी के संचालकों के सभी नंबर बंद आने लगे। उसके बाद यहां दफ्तर में आकर मिलने की कोशिश की तो दफ्तर भी खाली पड़ा मिला। इसी के चलते जैसे-जैसे लोगों को शक होता गया, वैसे ही यहां जमा होना शुरू हो गए। अब उनकी तैयारी इस मामले को पुलिस में ले जाने की है।
October 09, 2020

HBSE : 26 अक्टूबर से शुरू होंगी सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी की पूरक परीक्षाएं

HBSE : 26 अक्टूबर से शुरू होंगी सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी की पूरक परीक्षाएं


भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा सेकेण्डरी व सीनियर सेकेण्डरी-2020 की पूरक परीक्षा 26 व 27 अक्टूबर 2020 को एवं डीएलएड प्रथम व द्वितीय वर्ष (फ्रेश व री-अपीयर), सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की री अपीयर परीक्षाएं 28 अक्टूबर से शुरू होंगी।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष डा. जगबीर सिंह एवं सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि सेकेंडरी की पूरक परीक्षा कम्पार्टमेंट व आंशिक अंक सुधार व अतिरिक्त विषय 26 अक्टूबर एवं सीनियर सेकेंडरी पूरक परीक्षा कम्पार्टमेंट व आंशिक अंक सुधार व अतिरिक्त विषय, 27 अक्टूबर 2020 को आयोजित करवाई जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि डीएलएड. प्रथम और द्वितीय वर्ष (फ्रेश व री-अपीयर) एवं सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) की रि-अपीयर परीक्षाएं 28 अक्टूबर से प्रारंभ करवाई जा रही है। इन सभी परीक्षाओं के प्रवेश पत्र एक सप्ताह पहले बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे, बाकी जानकारी भी वेबसाइट पर मौजूद है। 
October 09, 2020

हरियाणा सरकार का निर्देश, प्राइवेट स्कूलों की सभी बकाया फाइलों को 20 दिन के अंदर निपटा दें

हरियाणा सरकार का निर्देश, प्राइवेट स्कूलों की सभी बकाया फाइलों को 20 दिन के अंदर निपटा दें


चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार  ने राज्य के प्राइवेट स्कूलों को मान्यता, अनुमति व अनापत्ति प्रमाण-पत्र देने के लिए दिशा-निर्देश  जारी किए हैं। सरकार ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों  को निर्देश दिए हैं कि प्राइवेट स्कूलों की सभी बकाया फाइलों को 20 दिन के अंदर निपटा दें।
हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में एक बैठक में प्राइवेट स्कूलों की मान्यता, अनुमति व अनापत्ति प्रमाण-पत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राइवेट स्कूलों के मान्यता, अनुमति व अनापत्ति प्रमाण-पत्र देने संबंधी सभी मामलों को केवल ऑनलाइन मोड से स्वीकार किया जाए, व्यक्तिगत फाइलों पर विचार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारियों को संबंधित स्कूल का निरीक्षण करके सभी दस्तावेजों को स्कूल शिक्षा निदेशालय में ई-ऑफिस अथवा ऑनलाइन माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों या मालिकों को न तो निदेशालय में और न ही जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में अटैंड किया जाएगा।
प्रवक्ता के अनुसार सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को राज्य के प्राइवेट स्कूलों के मान्यता, अनुमति व अनापत्ति प्रमाण-पत्र संबंधी जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने तथा बकाया सभी मामलों को निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
October 09, 2020

युवक की नृशंस हत्या:सरियों से पीटकर हमलावर बोले- अपनी मौत नहीं मरेगा, फिर बोलेरो से दो बार रौंदकर मार डाला

युवक की नृशंस हत्या:सरियों से पीटकर हमलावर बोले- अपनी मौत नहीं मरेगा, फिर बोलेरो से दो बार रौंदकर मार डाला

भिवानी : गांव पातवान में मामूली विवाद को लेकर बुधवार रात 10 बजे बोलेरो कैंपर गाड़ी चढ़ाकर 35 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। मृतक के चचेरे भाई दलबीर ने बताया कि वह और उसका भाई विजेंद्र खेत में पानी चलाने जा रहे थे। दोनों भाई अलग-अलग बाइक पर सवार थे। रास्ते में गांव का मनोज व उसके 14-15 साथी गाड़ी लेकर खड़े थे। उन्होंने विजेंद्र का रास्ता रोक लिया।
मनोज ने विजेंद्र पर डंडे से हमला कर बाइक से गिरा दिया। विजेंद्र पास के एक घर में घुस गया। हमलावर घसीटकर उसे गली में ले आए। मनोज, अनिल, सुनील, राजेश, सुरेंद्र, अजय, पंकज, विक्रम, जयभगवान ने उसे लाठियों व सरियों से पीटकर अधमरा कर दिया। जयभगवान ने मुकेश को कहा कि यह अपनी मौत नहीं मरेगा, इसके ऊपर गाड़ी चढ़ा दो।
मुकेश ने गाड़ी को विजेन्द्र के ऊपर से दो बार आगे-पीछे कर निकाल दिया। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, हमलावर फरार हो गए। विजेंद्र को बहल के नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। विजेंद्र अविवाहित था व परिवार में इकलौता लड़का था। 10 दिन पहले उसका मनोज से दूध कलेक्शन सेंटर पर कुछ झगड़ा हुआ था। आरोपी तब से रंजिश रखे हुए थे।
October 09, 2020

IRDA ने दी चेतावनी, बीमा बेचने के नाम पर हो रही ठगी, सिर्फ यहां से खरीदें पॉलिसी

IRDA ने दी चेतावनी, बीमा बेचने के नाम पर हो रही ठगी, सिर्फ यहां से खरीदें पॉलिसी

 बीमा बेचने के नाम पर हो रही ठगी 

नई दिल्ली : बीमा नियामक इरडा ने इलाज पर छूट की पेशकश के प्रलोभन के साथ स्वास्थ्य बीमा योजनाएं बेचने के नाम पर ठगी करने वालों से लोगों को आगाह किया है। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने कहा कि उसे पता चला है कि कुछ अनाधिकृत संस्थाएं इलाज या नैदानिक परीक्षणों के खर्च पर छूट की पेशकश के साथ स्वास्थ्य योजनाओं को बेच रही हैं। 

ऐसे गुमराह करते हैं लोग

आम लोगों/पॉलिसीधारकों को अज्ञात और गलत काम करने वाले तत्वों से कॉल आते रहते हैं। उसमें वे स्वयं को इरडा के अधिकारी या प्रतिनिधि बताते हैं तथा लुभावने पेशकश करते हैं जो बीमा पॉलिसी के दायरे से बाहर होता है। नियामक के अनुसार, बीमा लेन-देन विभाग, आरबीआई या किसी अन्य सरकारी एजेंसियों का नाम लेकर लोगों को गुमराह करते हैं। 

इरडा ने जारी किया नोटिस 

नियामक ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि केवल इरडा में पंजीकृत कंपनियां, या उनके अधिकृत एजेंट और मध्यवर्ती ही बीमा उत्पाद बेच सकते हैं। इरडा ने आगे कहा कि जो लोग अनाधिकृत व्यक्तियों या संस्थाओं से ऐसी सेवाएं ले रहे हैं, वे अपने जोखिम पर ऐसा कर रहे हैं। इरडा द्वारा मान्यता प्राप्त बीमा कंपनियों की सूची उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

यहां से खरीदें पॉलिसी

नियामक ने यह स्पष्ट किया कि वह सीधे तौर पर किसी भी बीमा या वित्तीय उत्पादों की बिक्री से जुड़ा नहीं है और न ही वह बीमा कंपनियों को प्राप्त प्रीमियम राशि का निवेश करता है। न ही वह पॉलिसीधारकों या बीमा कंपनियों के लिए बोनस की घोषणा करता है। इरडा ने कहा, 'लोगों को सीधे बीमा कंपनियों या पंजीकृत मध्यस्थों/एजेंटों से ही बीमा पॉलिसी लेनी चाहिए या वित्तीय लेन-देन करने चाहिए।' 
October 09, 2020

कार्रवाई शुरू:10 साल से बंद पटवी प्लांट राफेल की बदौलत इस महीने चालू होगा

कार्रवाई शुरू:10 साल से बंद पटवी प्लांट राफेल की बदौलत इस महीने चालू होगा

अम्बाला : राफेल विमानों के लिए खतरा बने ट्विन सिटी के सैकड़ों टन कूड़े को पटवी प्लांट में निस्तारण के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पहले चरण में पटवी प्लांट में 10 वर्षों से इकट्ठा हो रहे कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। प्लांट में कूड़े का निस्तारण करने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। प्लांट में कितने टन कूड़ा है, इसका सर्वे कर उसके हिसाब से 3 से 4 नए प्लांट लगाए जाएंगे। दूसरे चरण में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के टेंडर अलॉट किए जाएंगे जिसके लिए नगर निगम द्वारा फाइल मुख्यालय में एप्रूवल के लिए भेजी गई है।
कूड़ा निस्तारण करने के लिए ठेकेदार को नगर निगम द्वारा 793 रुपए प्रति टन के हिसाब से पेमेंट की जाएगी। नगर निगम द्वारा गत माह पटवी प्लांट में पड़े कूड़े का निस्तारण करने के लिए टेंडर निकाले थे, गत दिनों टेंडर एप्रूवल कर इसे मुख्यालय मंजूरी के लिए भेजा गया था। अब बुधवार ही ठेकेदार को वर्क आर्डर अलॉट हुआ है। कंपनी को पटवी प्लांट में अब तक इकट्ठा हुए कूड़े का निस्तारण करना है। यहां पर 10 वर्षों से कूड़ा फेंका जा रहा है। ट्विन सिटी के अलावा कैंटोनमेंट बोर्ड, नारायणगढ़ नगर पालिका व पंजाब की फैक्ट्रियां भी यहां कूड़ा फेंक रही हैं जिस कारण कूड़े के 12 फुट ऊंचे ढेर लग गए हैं। अनुमान है कि करीब 4 लाख टन से ज्यादा कूड़ा यहां पर है जिसका पहले चरणबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाना है।
नया प्लांट लगाने के लिए जल्द होगा निर्माण
पटवी प्लांट में नई मशीनें लगाने के लिए नगर निगम द्वारा जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी। मशीनों के लिए समतल फर्श, बाउंडरी व अन्य सिविल वर्क किए जाने हैं। निर्माण के बाद ही नई मशीनें प्लांट में लगाई जाएगी और इस कार्य को एक माह में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। एक नए प्लांट से औसतन 600 टन कूड़े का निस्तारण प्रतिदिन होगा। कूड़े का सटीक अंदाजा लगाने के लिए आगामी 2-3 दिनों में प्लांट में सर्वे भी कंपनी द्वारा शुरू कर दिया जाएगा। कूड़े को सेग्रिगेट (अलग-अलग) किया जाएगा जिसके बाद खाद बनाकर निगम द्वारा इसे बेचा जाएगा। पॉलीथिन को सीमेंट प्लांट या फिर इसका रीयूज किया जा सकेगा।
2008 में 10 करोड़ से बना था प्लांट
वर्ष 2008 में 10 करोड़ रुपए की लागत से 17 एकड़ जमीन पर पटवी प्लांट को चालू किया गया था, तब बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण जनरेटर के माध्यम से इसे चलाया जाता था। मगर 2 वर्ष बाद प्लांट ठप हो गया। इसके बाद प्लांट को चलाने की कई कोशिशें हुई जोकि सिरे नहीं चढ़ सकी थी। प्लांट में प्रतिदिन ट्विन सिटी का लगभग 225 टन कूड़ा फेंका जाता था। सिटी से औसतन 125 टन और कैंट से 100 टन कचरा इकट्ठा किया जाता है।
मीटिंग के 1 माह के भीतर ही प्लांट चलाने की मंजूरी
राफेल विमानों की सुरक्षा को लेकर बीती 7 सितंबर को गृह मंत्री अनिल विज ने नगर निगम, नगर परिषद, कैंटोनमेंट व अन्य विभागों की संयुक्त मीटिंग बुलाई थी। इसमें चंडीगढ़ यूएलबी के चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। बैठक में गृह मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट कर दिया था कि पटवी प्लांट को जल्द से जल्द चालू करना उनकी प्राथमिकता है और अधिकारियों को इस पर तेजी से काम करने को कहा था। यही वजह है कि बैठक के एक माह के भीतर ही प्लांट चालू करने की मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
पटवी प्लांट में पड़े पुराने कूड़े का निस्तारण किया जाना है जिसके लिए टेंडर अलॉट कर दिए हैं और जल्द कार्य शुरू कर दिया जाएगा। डोर-टू-डोर कांट्रेक्ट के टेंडर अप्रूवल के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई है। अप्रूवल मिलते ही यह कांट्रेक्ट अलॉट किया जाएगा। -पार्थ गुप्ता, आयुक्त, नगर निगम, अम्बाला सिटी।
October 09, 2020

कारोबारी को जिंदा जलाने का मामला:लास्ट कॉल के 3 मिनट बाद बंद हो गया था कारोबारी का फोन संदिग्ध नंबर ट्रैस, अब तक की पुलिस जांच में मामला लूट का नहीं

कारोबारी को जिंदा जलाने का मामला:लास्ट कॉल के 3 मिनट बाद बंद हो गया था कारोबारी का फोन संदिग्ध नंबर ट्रैस, अब तक की पुलिस जांच में मामला लूट का नहीं

हांसी : कारोबारी राममेहर जागलान से 10. 90 लाख लूटकर जिंदा जलाने की वारदात की तफ्तीश में पुलिस ने सीन रिक्रिएट किया। कार में जिंदा जला राममेहर ही था, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस डीएनए जांच कराएगी। बैंक से नकदी निकलवाते समय राममेहर के साथ और कौन लोग थे, यह जानने को पुलिस ने बैंक से सीसीटीवी फुटेज मांगी है। बैंक खाते की डिटेल भी मांगी गई है। वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस की तीन टीमें पूरे दिन छानबीन में जुटी रहीं।
एसपी लोकेंद्र सिंह खुद वारदात स्थल पर गए। पुलिस की अब तक की छानबीन में मामला पूरी तरह से लूट का नजर नहीं आ रहा। पुलिस सभी एंगल से छानबीन कर रही है। छानबीन में पुलिस के हाथ कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर लगे हैं। मगर पुलिस की तरफ से इनका खुलासा नहीं किया जा रहा है। वारदात को लेकर परिवार के लोगों ने अभी तक किसी पर शक नहीं जताया है। वह पुलिस की छानबीन में ही कुछ निकलकर आने की उम्मीद में हैं। छानबीन सदर पुलिस कर रही है। सीआईए और साइबर क्राइम सेल को भी लगाया गया है। साइबर क्राइम सेल ने कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर ट्रेस किए हैं। राममेहर का फोन कहां गया, जल गया या हत्यारे साथ ले गए, छानबीन की जा रही है।
कार में जिंदा जला व्यक्ति राममेहर ही था, पुलिस की छानबीन में यह एक बड़ा सवाल है। पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच होगी। डीएनए जांच के लिए पुलिस ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के लिए परिवार के किसी सदस्य का सैंपल भी लिया जाएगा। पुलिस छानबीन के लिए राममेहर की बरवाला बाइपास पर स्थित फैक्ट्री में भी गई, लेकिन फैक्ट्री बंद मिली। कोई मौजूद नहीं था। पुलिस की अब तक की छानबीन में पूरा मामला लूटपाट का नहीं लग रहा है। पुलिस कई एंगल पर छानबीन कर रही है। एसपी लोकेंद्र सिंह खुद वारदात स्थल पर गए और सबूत जुटाने की कोशिश की। उनके साथ अन्य अधिकारी भी थे। पुलिस ने फिलहाल कुछ खुलासा करने से इनकार कर दिया।

*अभी नहीं मिला कारोबारी का फोन*

राममेहर का फोन अपने बेटे और भांजे को कॉल करने के करीब तीन मिनट बाद बंद हो गया था। बंद हो गया था या हत्यारों ने छीनकर बंद कर दिया, पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है। फोन कार में जल गया या हत्यारे अपने साथ ले गए, इसकी भी छानबीन की जा रही है।
पुलिस को पुख्ता सबूत मिले : एसपी
पुख्ता सबूत मिले हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर देंगे। केस को हर एंगल से देख रहे हैं। लोकेंद्र सिंह, एसपी, हांसी।

*बेटी के बस यही दो शब्द, पापा-फोन, फिर हो जाती है बेसुध*

कारोबारी राममेहर को लूट के बाद जिंदा जलाने को लेकर हर कोई स्तब्ध है। जघन्य वारदात का जिक्र डाटा ही नहीं, आसपास के सब गांवों में है। हर कोई यह बोला कि ऐसी घटना पहले न सुनी व न ही देखी। राममेहर जागलान की किसी के साथ कोई दुश्मनी या रंजिश नहीं थी। उम्र भी अधिक नहीं थी। लोग उनकी हत्या के आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे देखना चाहते हैं। राममेहर की बड़ी बेटी 17 वर्षीय साक्षी पिता की मौत की खबर सुनने के बाद से सदमे में है। वह बार-बार अचेत हो रही है। जैसे ही होश में आती है तो पापा-पापा पुकारती है या फिर फोन-फोन बोलती है। फोन इसलिए ताकि वह अपने पिता से बात कर सके। गांव के माहाैल की बात करें ताे दोपहर डेढ़ बजे का समय है।
बस स्टैंड पर कुछ ग्रामीण काम करते नजर आए। घर का पता पूछने के लिए मुंह से राममेहर निकाला तो झट से एक व्यक्ति ने एक घर की तरफ इशारा कर दिया। बताने की जरूरत भी नहीं पड़ी कि किस राममेहर की बात कर रहे हैं। राममेहर के घर के बाहर गाड़ियां खड़ी मिलीं। लोगों का आना-जाना था। पुरुष बाहर बने कमरे में बैठे हैं और महिलाएं अंदर। जहां पुरुष बैठे मिले, उस कमरे के पिछली तरफ चारपाई पर राममेहर की बेटी साक्षी लेटी थी। उसे ग्लुकोज़ की बोतल लगाया जा रही थी। आस-पास परिजन बैठे मिले। साक्षी भी थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर पिता को याद करने लगती थी और पापा-पापा कहती रही। परिजन मुश्किल से उसको संभाल रहे थे।शोक जताने आए लोग पिता टेकराम को ढांढस बंधा रहे थे। पुलिस की कार्रवाई पर भी ग्रामीण भरोसा जताते मिले और इंतजार कर रहे हैं कि कब पुलिस खबर देगी कि आरोपियों को पकड़ लिया है। हत्या के मामले में परिजनों द्वारा किसी पर कोई शक नहीं जताया गया। न ही किसी रंजिश की बात कही जा रही है।

*इलाके में हर जुबां पर एक सवाल- क्या कुछ पता लगा*

भाटला से महजद रोड, यह वह लिंक रोड है जहां पर ये जघन्य वारदात हुई। उस रोड की फोटो लेने के लिए गाड़ी से उतर कर बाहर गए तो वहां चौक पर खड़े लोग पूछने लगे, भाई साहब कुछ पता लगा क्या, आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया क्या। पुलिस क्या कर रही है, कब गिरफ्तारी होगी। ग्रामीण महजद के थे।

*7 बहनों का इकलौता भाई था, गांव में गमगीन माहौल*

राममेहर 7 बहनों के इकलौते भाई थे। वह सबसे छोटे थे। 7 बहनों के बाद जब वह हुए तो परिजनों के साथ आस पड़ोस के लोगों ने भी खुशियां मनाई थीं। शोक जताने पहुंचे एक बुजुर्ग बोले कि जब राममेहर पैदा हुआ तो हम सब उस समय यही कहते थे टेकराम की भगवान ने सुन ली। लेकिन अब जब मौत की खबर सुनते हैं तो दुख बहुत हुआ।

*रुपए घर पर लाने थे*

राममेहर के चाचा पूर्व सरपंच जयबीर ने बताया कि 11 लाख रुपयों को घर पर लेकर आना था। इसी के लिए पैसे उसने बैंक से निकलवाए थे। पैसे कहां देने थे इसका ज्यादा जिक्र नहीं किया। बस यह पता लगा कि हिसार में लेन-देन था।
October 09, 2020

कलियाणा में वारदात:क्रेशर जोन प्रधान से मांगी 10 करोड़ की रंगदारी, बेखौफ बदमाश दरवाजा तोड़ घुसे सरपंच के घर, किए 35 राउंड फायर

कलियाणा में वारदात:क्रेशर जोन प्रधान से मांगी 10 करोड़ की रंगदारी, बेखौफ बदमाश दरवाजा तोड़ घुसे सरपंच के घर, किए 35 राउंड फायर

चरखी दादरी : क्रेशर ठेकेदार से 10 करोड़ रंगदारी मांगने वालों के पिता को बैठक में बुलाकर समझाने से गुस्साए बदमाशों ने मिलकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर डाली। ऐसे में गांव कलियाणा सरपंच के घर पर हो रही बैठक में पहुंचे ठेकेदारों ने इधर उधर भागकर अपनी जान बचाई। फायरिंग के दौरान एक क्रेशर ठेकेदार के पेट में गोली लगी तो दूसरे ठेकेदार के पैर में गोली के छर्रे लगने से घायल हो गया।
बदमाश क्रेशर एसोसिएशन प्रधान से कलियाणा पहाड़ में काम करने की एवेज में रंगदारी मांग रहे थे। जिसको लेकर ही ठेकेदारों ने बदमाशों के गांव जाकर सरपंच के घर बैठक की हुई थी। हादसे के बाद से पुलिस लगातार गांव व पहाड़ में बदमाशों को दबोचने के लिए दबिश दे रही है।
एसपी विनोद कुमार ने तुरंत प्रभाव से दादरी सीआईए, स्पेशल स्टॉफ व झोझू कलां थाना पुलिस की अलग अलग टीम कार्य पर लगा दी हैं। तीनों टीम अलग अलग जगहों पर जाकर पूछताछ कर दबिश दे रही हैं। वहीं पुलिस को कुछ फुटेज भी मिली हैं जिनके आधार पर बदमाशों की पहचान कर उन्हें दबोचने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रमिकों को फोटो दिखाकर 10 करोड़ रकम पहुंचाने की दी थी धमकी
कलियाणा निवासी रोहित, मनीष व झज्जर के गांव माजरा निवासी फोर्ड तीनों अपने अन्य साथियों को लेकर बुधवार को कलियाणा क्रेशर जोन में पहुंचे थे। उन्होंने क्रेशर एसो. प्रधान सोमबीर घसौला को तलाश किया लेकिन नहीं मिला। ऐसे में बदमाशों ने वहां काम कर रहे श्रमिकों को सोमबीर की फोटो दिखाई और कहा कि इसको बता देना अगर इसे पहाड़ में काम करना है तो हमें 10 करोड़ रकम देनी पड़ेगी।

रुपये मांगने वाले लड़कों के पिता से मिलने गए थे प्रधान व ठेकेदार

क्रेशर एसो. के प्रधान व क्रेशर ठेकेदार सोमबीर घसौला ने कहा कि वह रंगदारी मांगने वाले लड़कों के पिता से मिलने गए थे। उन्हें सिर्फ लड़कों को ऐसा काम नहीं करने के लिए समझाने की बात करने गए थे। लेकिन उसी दौरान 10 से 15 बदमाश वहां आ गए और आते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान करीब 30 से 35 राउंड फायर किए।

बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा: एसएचओ

झोझू कलां थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने कहा कि फायरिंग में एक ठेकेदार के पेट में गोली लगी है और दूसरा चोट लगने से घायल है। दोनों को ही रोहतक पीजीआई में भर्ती करवाया गया है। पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है। बयानों के आधार पर ही केस दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
October 09, 2020

सावधानी बरतें:गैजेट को अधिक समय तक इस्तेमाल करने से बचें और आंखों को दिन में 4-5 बार पानी से धोएं

सावधानी बरतें:गैजेट को अधिक समय तक इस्तेमाल करने से बचें और आंखों को दिन में 4-5 बार पानी से धोएं

पानीपत : हर 40 में से एक इंसान आंखों से जुड़ी कोई न कोई परेशानी से जूझ रहा है। आंखों को हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए तक 20 फीट तक देखें, इसके बाद वापस काम शुरू कर सकते हैं। बता दें कि सिविल अस्पताल में 8 अक्टूबर काे वर्ल्ड साइट डे मनाया गया। नेत्र राेग डाॅक्टराें ने अस्पताल में आने वाले मरीजाें काे आंखाें काे लेकर कई जानकारी दी।
नेत्रराेग विशेषज्ञ डाॅ. केतन ने बताया कि जब से काेराेना आया है तब से बड़ाें का वर्क फ्राॅम हाेम ताे बच्चाें की फाेन पर ऑनलाइन पढ़ाई हाे गई है। यानी फाेन व लैपटाॅप सहित अन्य चीजाें का इस्तेमाल ज्यादा हाे गया है। गैजेट को अधिक समय तक इस्तेमाल करने से बचें और आंखों को दिन में 4-5 बार पानी से धोएं। आंखों में खुजली, पानी आना, सिरदर्द हो तो अलर्ट हो जाएं और डॉक्टरी सलाह लें। आंखों की 90 फीसदी बीमारियों का इलाज संभव है। आमतौर पर लोग आंखों की देखभाल को नजरअंदाज करते हैं। इससे दिक्कतें बढ़ती हैं। इस साल की थीम है 'होप इन साइट'। इसके लिए सबसे जरूरी है आंखों की देखभाल।
इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है

अगर आंखों में खिंचाव, खुजली, थकावट, लालिमा, पानी आना, धुंधला दिखने जैसी समस्या हो रही है तो अलर्ट हो जाएं। ये डिजिटल आई स्ट्रेन के लक्षण हैं। ये लक्षण गैजेट को अधिक इस्तेमाल करने पर दिखते हैं।

डिजिटल गैजेट्स से निकलने नीली रोशनी आंखों पर लगातार पड़ने से इनमें पहले रुखापन आता है फिर मांसपेशियों पर जोर पड़ता है। ऐसे में उनसे गैजेट का इस्तेमाल करने के दौरान पलकें झपकाने के लिए कहें।

मोबाइल की स्क्रीन छोटी होने के कारण आंखों पर जोर अधिक पड़ता है। इससे निकलने वाली नीली रोशनी आंखों के सबसे करीब होने के कारण ज्यादा बुरा असर छोड़ती है।

आंखों में सूखेपन से बचने के लिए बच्चों को गैजेट और आंखों के बीच दूरी रखने के लिए कहें। इसके अलावा दिन में 4 से 5 बार आंखों को सादे पानी से धोने के लिए कहें।

ज्यादातर बच्चे पेरेंट्स के डर से रात में लाइट ऑफ करके मोबाइल या दूसरे गैजेट पर वीडियो गेम खेलते हैं। ये सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति है क्योंकि कमरे में अंधेरा होने के कारण गैजेट की नीली रोशनी का बुरा असर सीधे आंखों पर पड़ता है। पेरेंट्स इन बातों का ध्यान रखें।
October 09, 2020

ट्रैक्टर-कार की भिड़ंत:सोनीपत जिले में खानपुर-ककाना रोड पर दर्दनाक हादसा, ट्रैक्टर ने सामने से मारी टक्कर, कार में ही तीन लोग जिंदा जले

ट्रैक्टर-कार की भिड़ंत:सोनीपत जिले में खानपुर-ककाना रोड पर दर्दनाक हादसा, ट्रैक्टर ने सामने से मारी टक्कर, कार में ही तीन लोग जिंदा जले

गोहाना : खानपुर कलां-ककाना संपर्क रोड पर गुरुवार शाम को दर्दनाक हादसा हुआ। टक्कर लगने के बाद कार में आग लग गई। आग की पलटें दूर से दिखाई दे रही थी। घटनास्थल के आसपास खेतों में काम कर रहे किसान भी गाड़ी की तरफ दौड़े, लेकिन जब तक आग काफी अधिक बढ़ चुकी थी। किसानों ने आग पर काबू पाने का प्रयास भी किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पा सके। तीनों ने बाहर निकलने का प्रयास भी किया, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। एक शव ड्राइवर सीट तो दूसरा आगे वाली सीट पर था।

इन दोनों के बीच में तीसरे व्यक्ति का शव पड़ा मिला। कौन कहां पर बैठा था, शव पूरी तरह से जलने के कारण इसका भी पता नहीं चल पाया। सूचना के बाद दमकन केंद्र से गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची और फायरमैन ने आग पर काबू पाया। जब तक तीनों के शव पूरी तरह से जल चुके थे। शामड़ी निवासी कप्तान और राजू आपस में पड़ोसी है। दोनों ही खेती करते हैं। जानकारी के अनुसार दोनों ही किसी काम से कुतुबगढ़ जाना था। उन्होंने टैक्सी हायर करने के लिए बजाना कलां गांव निवासी सुरेंद्र को फोन किया। सुरेंद्र गुरुग्राम में अपनी गाड़ी को टैक्सी के रूप में चलाता था।
पिछले कई दिनों से अपने घर पर आया हुआ था। काम निपटाने के बाद वे सुरेंद्र के साथ गांव आ रहे थे। खानपुर कलां-ककाना संपर्क रोड पर हादसा हो गया। जिसमें तीनों ही जिंदा जल गए। सूचना के बाद सदर थाना गोहाना के प्रभारी कर्मजीत टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। वहीं, दर्दनाक हादसे की सूचना के बाद शामड़ी और बजाना कलां गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
शादीशुदा थे कप्तान और राजू
बजाना निवासी सुरेंद्र अविवाहित था। सुरेंद्र की पांच बहने और दो भाई हैं। जबकि कप्तान और राजू शादीशुदा थे। कप्तान के पास करीब डेढ़ वर्ष का एक लड़का है। जबकि राजू के पास एक लड़का और एक लड़की हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीण और परिजन रात को ही घटनास्थल और मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में पहुंच गए।

तीन साल पहले ही सुरेंद्र ने खरीदी थी गाड़ी

बजाना निवासी सुरेंद्र ने पहले प्राइवेट गाड़ी चलाता था। करीब तीन साल पहले ही उसने नई गाड़ी खरीदी थी। इस गाड़ी को टैक्सी के रूप में ग्रुरुग्राम में चलाता था। सुरेंद्र गुरुग्राम में ही रहता था। ग्रामीणों का कहना है कि सुरेंद्र काफी मिलनसार था। हमेशा बड़ों का सम्मान करता था। दर्दनाक हादसे की सूचना के बाद शामड़ी और बजाना कलां गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

एक साल में कार में जिंदा जलने की चौथी घटना

जिला में कार में जिंदा व्यक्ति के जलने की यह चौथी घटना है। पिछले वर्ष सोनीपत के सेक्टर-सात और सेक्टर-23 में कार में आग लगने से एक व्यक्ति जिंदा जल गया था। पिछले कुछ माह पहले लड़सौली गांव के पास कार में आग लग गई थी। उसमें सवार एक व्यक्ति जिंदा जल गया था।
हादसे की मृतक के परिजनों को सूचना दे दी
सूचना मिली थी कि खानपुर कलां-ककाना रोड पर ट्रैक्टर-कार की टक्कर से कार में आग लग गई। चालक सहित 3 व्यक्ति की मौत हो गई। सूचना मिलने पर टीम के साथ पहुंचा। मृतक की पहचान करके उनके परिजनों को सूचना दे दी है। कर्मजीत सिंह, प्रभारी, सदर थाना, गोहाना।
October 09, 2020

एजुकेशन:पसंद के कॉलेज नहीं मिलने के कारण पहली कटऑफ से 50% स्टूडेंट्स ने ही कराई फीस जमा

एजुकेशन:पसंद के कॉलेज नहीं मिलने के कारण पहली कटऑफ से 50% स्टूडेंट्स ने ही कराई फीस जमा

गुरुग्राम : (विनीता )पंसदीदा कॉलेज नहीं मिलने पर सरकारी कॉलेजों में 50 फीसदी से भी कम छात्रों ने फीस जमा की। दरअसल गुरुवार को प्रदेश के कॉलेजों में पहली कटऑफ में नाम आने वाले स्टूडेंट्स का फीस भरने का आखिरी दिन रहा। एक अक्तूबर को उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा पहली मेरिट सूची जारी की गई थी। जिसमें 8 अक्तूबर तक छात्रों को फीस जमा कर सीट पक्की करनी थी। लेकिन स्टूडेंट्स ने कम संख्या में ही फीस जमा कराई।
गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज सेक्टर-14 की नोडल अधिकारी ज्ञान देवी ने बताया कि कॉलेज की करीब 50 फीसदी सीटें भर चुकी हैं। कॉलेज की 2400 सीटों में से 1200 सीटों पर गुरुवार तक एडमिशन किए जा चुके हैं। इसमें बहुत से छात्र ऐसे हैं, जिन्हें पसंदीदा कॉलेज नहीं मिल पाया तो वे फीस जमा नहीं कर रहे हैं।
ऐसे छात्रों की उलझन को खत्म करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय तक पहुंचाया जा रहा है। सेक्टर-9 गवर्नमेंट कॉलेज में 40 फीसदी व द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय कई कोर्स में 48 फीसदी तो कई कोर्स में 50 फीसदी तक ही छात्रों ने शुल्क जमा कराई है।

हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ही एडमिशन प्रक्रिया जारी है। निष्पक्षता के साथ छात्रों को उनके अंकों के आधार पर एडमिशन का मौका दिया गया है। हालांकि बहुत से छात्रों को मिलने वाले वेटेज अंकों ने मेरिट सूची को काफी आगे तक पहुंचाया है।
आरके गर्ग, प्राचार्य, राजकीय कन्या महाविद्यालय, सेक्टर-14
October 09, 2020

घोटाले का खुलासा:उर्दू अकादमी में 15 लाख का फर्जीवाड़ा, पूर्व निदेशक पर विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की

घोटाले का खुलासा:उर्दू अकादमी में 15 लाख का फर्जीवाड़ा, पूर्व निदेशक पर विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की

चंडीगढ़ : हरियाणा उर्दू अकादमी में फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह सारा खेल लेखकों के अतिथि सत्कार के नाम पर खाने-पीने का खर्चा दिखाने के साथ यात्रा भत्ता, मेडिकल बिलों में किया गया है। खर्चे के जो चेक बनाए गए, वे सेवादार व चालकों के नाम से जारी किए और पैसा तत्कालीन निदेशक की जेब में जाता रहा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के लेखा अधिकारी द्वारा किए गए ऑडिट में खुलासा हुआ कि 2018 में अकादमी में 15,07,872 रु. की गड़बड़ी की गई है।
इसकी जांच स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी शरीफ सिंह को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार एक-एक दिन में लेखकों के खाने-पीने के 3-3 बिल बनाए गए। सरकारी गाड़ी का साल में दो-दो बार बीमा कराने के नाम पर पैसा निकाला। यात्रा भत्ता बिना किसी की अनुमति के निजी खाते में जमा कर लिया। प्राथमिक जांच में ही लाखों रुपए की हेराफेरी सामने आने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने तत्कालीन निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। यह जांच 2018 में हुई गड़बड़ी की है। अब विजिलेंस के डीएसपी ओमप्रकाश इस मामले की गहराई से जांच करेंगे।

लेखकों के खाने-पीने के नाम पर ऐसे जारी होते रहे चेक, एक दिन में तीन बार दिखाया खर्च

जांच में सामने आया कि 2018 में 2 फरवरी को लेखकों के खाने-पीने व किताबों के नाम पर 25417 रुपए खर्च दिखाया। यह राशि सेल्समैन कम क्लर्क ने ली। इसकी कोई स्वीकृति नहीं थी। 16 जुलाई को लेखकों के नाम पर ही 14009 रुपए का खर्च दिखाया और चालक प्रमोद कुमार के नाम चेक जारी किया। इसके 3 दिन बाद फिर इसी प्रकार 8947 रुपए का खर्च दिखाया व सेवादार कपूरचंद के नाम चेक जारी हुआ। विजिलेंस जांच में कपूरचंद ने बताया कि उसे न तो चेक मिला और न उसे विड्राॅ कराया। उसने कोई सामान भी नहीं खरीदा। यह बिल तत्कालीन निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार स्वयं लाए और उनके आदेश पर ही उसने बिलों पर हस्ताक्षर किए।
यह चेक उन्होंने खुद अपने पास रख लिए। इस खर्चे की भी अनुमति नहीं ली गई। 18 जुलाई को लेखकों के खाने-पीने के नाम पर 1605 रुपए, 27436 रुपए और 43,126 रुपए के तीन चेक जारी हुए। पहली दो राशि के चेक चालक प्रमोद कुमारी के नाम जारी हुए। यह राशि भी तत्कालीन निदेशक ने ही निकलवाई। जबकि तीसरी राशि का चेक उन्होंने अपने खाते में जमा कराया। इसके अगले दिन 47,590 रुपए का खर्चा दिखा चालक के नाम चेक जारी हुआ। यह राशि भी पूर्व निदेशक के पास गई। 26 जुलाई को फिर 40,370 रुपए लेखकों के खाने-पीने और शील्ड पर खर्च हुए। चेक प्रमोद कुमार के नाम जारी हुआ और राशि दी गई निदेशक को। 7 सितंबर को भी 2010 रुपए का इसी प्रकार चेक जारी हुआ।

एक लाख रुपए का यात्रा भत्ता दिखा निजी खाते में कराए जमा

पूर्व निदेशक ने 18 अक्टूबर 2018 को 1,02,492 रुपए का यात्रा भत्ता का चेक निजी खाते में जमा कराया। इसकी सक्षम अधिकारी से कोई मंजूरी नहीं ली गई। इस भत्ते को लेकर वे विजिलेंस के सामने ठोस प्रमाण भी पेश नहीं कर पाए।

मेडिकल बिल बिना स्वीकृति के अपने खाते में किया जमा

पूर्व निदेशक पर आरोप है कि उन्होंने बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के मेडिकल बिल की राशि ले ली। उन्होंने 39,155 रुपए अपने खाते में जमा कर लिए।

गाड़ी के बीमा के नाम पर दो बार जारी की राशि

अकादमी की सरकारी गाड़ी का एक साल में दो बार बीमा कराया। जिसकी एक बार की राशि 16,219 रुपए चालक प्रमोद कुमार ने प्राप्त की। जबकि इतनी ही दूसरी राशि लेखाकार की ओर से तत्कालीन निदेशक को भेजी गई।

दिल्ली से बिना सामान खरीदे जारी हो गए हजारों रुपए

अकादमी में 8 जनवरी को दिल्ली के ज्वैलर्स से 31,360 रुपए का सामान खरीद बताया गया। इसके बदले 31,360 रुपए दिए गए। लेकिन सामान खरीदा ही नहीं किया।
October 09, 2020

शहीद सूबेदार पंडित रामदिया की याद में 1600 मीटर दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया।

शहीद सूबेदार पंडित रामदिया की याद में 1600 मीटर दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया।

जींद : बुधवार को बोहतवाला गांव के जय दादा खेड़ा युवा क्लब ने गांव में शहीद सूबेदार पंडित रामदिया कि याद एक दिवसीय 1600 मीटर दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया। इस प्रतियोगिता में मुख्यातिथि के तौर पर महेंद्र सिंह नंबरदार, प्रकाश बोहतवाला, सरपंच जगमोहन ओर सम्मानित अतिथि के तौर पर कर्नल डीके भारद्वाज, कैप्टन अजय मलिक, मेजर इंद्र सिंह भारद्वाज, मेजर रामकरण दलाल, आदि ने शिरकत की।

इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अंकित हांसी, द्वितीय स्थान पर सुखबीर, तीसरे स्थान पर सचिन और चौथे स्थान पर राहुल घरोंडा रहे।

यह खेल प्रतियोगिता युवा मंडल कंडेला के प्रधान बिट्टू कंडेला व कोच अनूप खर्ब की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

खिलाड़ियों का मान-सम्मान करते हुए महेंद्र सिंह नंबरदार ओर प्रकाश बोहतवाला ने कहा कि शहीदो कि याद मे ऐसे-ऐसे खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन बार-बार होना चाहिए, जिससे युवा नशे से दूर रह कर के अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ेंगे ओर अपना व अपने गाँव का नाम रोशन करेगे। 

इसी दौरान कर्नल डीके. भारद्वाज, पुर्व कैप्टन अजय मलिक, मेजर इंद्र सिंह व मेजर रामकरण दलाल  ने अपने जीवन का व्यख्यान करते हुए कहा कि जो बच्चे आज दौड़ में रुचि रखते हैं उनका केवल एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि उन्होंने देश की सेवा करने के लिए फौज में भर्ती होना है और गांव की पंचायत व खिलाड़ियों को विश्वास दिलाया कि आप खिलाडियो ने कभी भी भर्ती से संबंधित कुछ भी पूछना है व सलाह लेनी है, तो आप हमसे किसी भी समय मिलकर बात कर सकते हैं।

गांव के सरपंच जगमोहन ने मुख्य अतिथियों  व मंच संचालक बिट्टू कड़ेला और  सभी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता बिल्कुल निष्पक्ष संपन्न हुई और पहले 50 बच्चों को पूरा मान-सम्मान दिया गया।

इस दौरान युवा क्लब के प्रधान विक्की रेढू उप-प्रधान मनजीत रेढू, अजय, दिपक, रितिक, रवि, प्रवीन,दिपक और दिनेश कंडेला आदि मौजूद रहे।
October 09, 2020

कृषि बिलों का विरोध:24 किसान संगठन एक मंच पर जुटे, देशभर में 3 नवंबर को रोकेंगे हाईवे, कुरुक्षेत्र में देशभर के संगठनों की बैठक में फैसला

कृषि बिलों का विरोध:24 किसान संगठन एक मंच पर जुटे, देशभर में 3 नवंबर को रोकेंगे हाईवे, कुरुक्षेत्र में देशभर के संगठनों की बैठक में फैसला

कुरुक्षेत्र : केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठन फिर लामबंद होने लगे हैं। किसान संगठनों के साथ विभिन्न व्यापारी व मजदूर संगठन भी इन बिजलों के खिलाफ साथ आ गए हैं। किसानों ने अब देशभर में आंदोलन को फैलाने की तैयारी की है। यही नहीं 3 नवंबर को देशभर में हाईवे जाम करने का ऐलान किया है। गुरुवार को कुरुक्षेत्र की कंबोज धर्मशाला में भाकियू समेत विभिन्न संगठनों की मीटिंग हुई।
वहीं शुक्रवार को पंजाब में भी मीटिंग होगी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। कुरुक्षेत्र की मीटिंग देशभर के 24 किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। गुरुवार देर शाम तक मीटिंग में सभी ने एकसुर में कृषि बिलों का विरोध किया। मीटिंग की अध्यक्षता भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने की। बताया कि इस मीटिंग में फैसला लिया कि किसान आंदोलन को देशव्यापी बनाया जाएगा, इसीलिए गुरुवार को मीटिंग में विभिन्न राज्यों से अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। न केवल किसान, बल्कि किसानों व मजदूरों से जुड़े कई संगठन आंदोलन में शामिल होंगे।
3 नवंबर को पूरे देश में चक्का जाम किया जाएगा। भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि सुबह 10 से शाम 4 बजे तक देशभर में हाईवे जाम रखे जाएंगे। साथ ही आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए शुक्रवार को पंजाब में बैठक बुलाई गई है, जिसमें तीन नवंबर के बाद आंदोलन की पूरी रूपरेखा बनाई जाएगी।
शिअद का मिला साथ
मीटिंग में शिअद प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सौथा व अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे। कृषि अध्यादेशों के खिलाफ भाकियू को पूरा समर्थन देने और हर आंदोलन में शिअद की भागीदारी का ऐलान किया। साथ ही समर्थन जताने के लिए बाकायदा भाकियू को पत्र भी सौंपा।

संत गोपालदास समेत बैठक में इन संगठनों ने दिया समर्थन

बैठक में भाकियू से गुरनाम चढ़ूनी, संत गोपालदास, ग्रामीण किसान मजदूर समिति के संयोजक रणजीत सिंह राजू, किसान यूनियन शामली के राष्ट्रीय अध्यक्ष साबित मलिक, किसान कामगार महासभा के संयोजक विरेंद्र सिंह भारत, हरियाणा किसान संघर्ष समिति फरीदाबाद के अध्यक्ष डीके शर्मा, भारतीय किसान मजदूर यूनियन पलवल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केपी सिंह, किसान अधिकार आंदोलन उत्तरप्रदेश के संयोजक नरेंद्र राणा, कानपुर से सतीश चौरसिया, भारतीय किसान हरियाणा के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी, भाकियू अमरोहा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, रमनदीप मान, दीवान सिंह, होशियार सिंह, किसान सैल प्रधान सिरसा गुरदास सिंह, जसबीर सिंह भाटी सिरसा, अशोक दनौदा, मध्यप्रदेश से राजकुमार, अखिल भारतीय किसान के राज्य अध्यक्ष गुरभजन सिंह, टोल हटाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विरेंद्र हुड्डा, किसान महापंचायत जयपुर के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट, घासीराम नैन भाकियू के प्रदेश महासचिव जियालाल, व्यवस्था परिवर्तन अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राजेश्वर मुनी, भाकियू लोकतांत्रिक के यूपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश चौहान समेत अन्य संगठनों के लोग पहुंचे।
October 09, 2020

नगर परिषद में गड़बड़झाला:बिलों पर हुए हस्ताक्षरों में हुई गड़बड़ी, पार्षद कर्मबीर को सरकारी लाभ लेने और राममेहर को कब्जे का पाया दोषी

नगर परिषद में गड़बड़झाला:बिलों पर हुए हस्ताक्षरों में हुई गड़बड़ी, पार्षद कर्मबीर को सरकारी लाभ लेने और राममेहर को कब्जे का पाया दोषी

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा द्वारा नगर निकाय मंत्री अनिल विज को नगर परिषद जींद में अनियमितताओं की लगभग 400 से अधिक पेजों की शिकायत के मामले में शुरुआती जांच पूरी हो गई है। इस मामले में जिला नगर आयुक्त ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी करके निदेशालय को नियमित जांच की सिफारिश की है। जिला नगर आयुक्त कार्यालय द्वारा 12 बिंदुओं पर हुई शुरुआती जांच की रिपोर्ट निदेशक को भेजी गई है।
शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक ने 17 सितंबर 2020 को अपने यादी पत्र क्रमांक-सीटीपी-11/डीयूएलबी/2020/3336 भेजकर विधायक जींद द्वारा दी गई शिकायत की रिपोर्ट मांगी थी, जिसे डीएमसी कार्यालय ने 21 सितंबर को निदेशालय को भेजा है। विधायक द्वारा दी गई शिकायत में शहर में बनाई गई 600 से ज्यादा गली निर्माण में गबन के आरोप लगाए गए थे, जिसमें रिपोर्ट में सामने आया है कि गली निर्माण के गबन में मूल रिकाॅर्ड के साथ मिलान किया गया।
इन विकास कार्यों के निर्माण के बाद बिलों के हस्ताक्षर में अनियमितताएं मिली हैं। इसमें ईओ, सचिव, प्रधान, लेखा अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। इसके अलावा स्कीम नंबर-5 व 6 और गोहाना रोड से बाल भवन रोड निर्माण में क्वालिटी व लेवल सही नहीं मिला है, जिसकी गहनता से जांच कराए जाने की सिफारिश की गई है।
अमरुत योजना पर विधायक के आरोप खारिज
जींद के विधायक द्वारा शहर में चल रही अमरुत योजना पर कई बार सवाल उठाए हैं। इसमें करोड़ों रुपए के गबन के आरोप लगाए थे। इस मामले में जो शुरुआती जांच की गई है, उसमें किसी प्रकार की अनियमितताएं नहीं मिली है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नगर परिषद जींद में अमरुत योजना के तहत चल रहे सीवरेज निकासी की अनियमितताएं नहीं मिली। अमरुत योजना में रेस्टोरेशन का काम धीमा है।
शिकायत में लगाए गए आरोप और कार्रवाई
स्वच्छ भारत मिशन में सफाई का ठेका: फर्म द्वारा जो अनुभव प्रमाण पत्र व वर्क ऑर्डर लगाए थे, वह फर्जी निकले इस पर ईओ ने एल-1 (बालाजी मैन पावर सर्विस फरीदाबाद) की ईएमडी 5 लाख रुपए जब्त कर ली और 16 सितंबर 2019 से 30 दिसंबर 2019 तक किए गए कार्यों की अदायगी नहीं की गई। साथ ही फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया।
पीएमकेवाई के तहत पार्षद को लाभ देने के बारे में : पार्षद कर्मबीर के विरुद्ध प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गलत तरीके से राशि जारी करने के बारे में शिकायत मिली थी, जिस पर प्रार्थी को दो किस्त एक-एक लाख रुपए की गई है।
जन्म प्रमाण पत्र फर्जी जारी करना : जन्म पत्री के रजिस्टर का निरीक्षण किया गया, जिसमें 28 दिसंबर 2009 व 19 सितंबर 2012, 28 जुलाई 2010, 15 जनवरी 2001 व अन्य कई जगह जन्म-मृत्यु रजिस्टरों में कटिंग की गई है। यह आरोप सिद्ध होता है।
निदेशालय की गाइडलाइन को दरकिनार कर 18 फीट से चौड़ी गली/सड़क को ब्लाॅक से बनाना : निदेशक शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा द्वारा 18 फीट से चौड़ी गलियों का निर्माण ब्लाॅक लगाकर नियमों के विरुद्ध काम किए गए। इसमें स्कीम नंबर 5 व 6 की स्पेशल रिपेयर में चौड़ी गली का निर्माण ब्लाॅक द्वारा किया गया है, जो सीएम अनाउसमेंट से संबंधित है। विकास कार्य में हिदायत अनुसार काम नहीं किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।
4 करोड़ से ऊपर की राशि पास काॅलोनी स्कीम नंबर-5 व 6 में स्पेशल रिपेयर के नाम से गबन : यहां जो काम किया गया है, उसमें क्वालिटी व लेवल का इश्यू सामने आया है। इसकी गहनता से जांच करवाए जाने की सिफारिश की गई है। गोहाना रोड से बाल भवन रोड में भी क्वालिटी व लेवल का इश्यू है।
पार्कों के निर्माण में अनियमितताएं : नगर परिषद जींद के अटल पार्क, जींद जंक्शन पार्क, ज्योतिबा फुले पार्क, जयंती देवी आदि पार्कों के निर्माण में क्वालिटी व लेवल का ईश्यू है, जिसकी गहनता से जांच करवाई जाए।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे : ईओ नगर परिषद के यादी क्रमांक-2216/एमसीजे 18 सितंबर 2020 के द्वारा रिपोर्ट में सामने आया है कि वार्ड 30 से पार्षद राममेहर द्वारा जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है।
इधर, पार्षदों ने प्रशासन पर लगाया दबाव में काम करने का आरोप, पार्षदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की
पूर्व चेयरपर्सन एवं पार्षद विनोद आसरी, जिले सिंह जागलान व प्रवीण बैनीवाल ने कहा कि प्रशासन दबाव में काम कर रहा है। इसलिए अब तक अवैध कब्जा करने वाले और पीएमकेवाई का लाभ लेने वाले पार्षदों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। वह मांग करते हैं कि दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सदस्यता रद्द की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे मामले में नरवाना नगर परिषद में एक पार्षद की सदस्यता रद्द हो चुकी है और उस समय जींद के डीसी डॉ. आदित्य दहिया थे। अब ऐसा ही मामला जींद में है और डीसी भी वही हैं। उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। पार्षद कर्मबीर द्वारा भी संवैधानिक पद पर होते हुए सरकारी योजना का लाभ लिया है, जो गलत है। उस पर भी कार्रवाई की जाए। वह इस मामले में विधायक, डीसी, डीएमसी तक मिल चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। यह सब दबाव के कारण प्रशासन नहीं कर रहा। लोगों को एक-एक साल तक पीएमकेवाई का लाभ नहीं मिल रहा और पार्षद को अब तक 2 लाख रुपए की राशि दे दी गई है। इस मौके पर रणधीर राणा, रिंकू नागर, संदीप कटवाल, हरपाल, मुकेश के अलावा पार्षद प्रतिनिधि श्यामलाल, जितेंद्र कुंडू, हरीश अरोड़ा, संजीव मेहरा, संजय गोयल मौजूद रहे।
शिकायत की प्रारंभिक जांच पूरी
विधायक द्वारा की गई शिकायत की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है और इसमें मुख्यालय द्वारा नियमित जांच करवाई जानी है। गलियों के निर्माण मामले में मूल रिकाॅर्ड के साथ मिलान किया गया था, जिसमें संबंधित अधिकारी, प्रधान आदि के हस्ताक्षर नहीं मिले थे। डॉ. सुशील कुमार, जिला नगर आयुक्त, जींद।
October 09, 2020

ऐसी मौत किसी को न दे भगवान, ट्रेन के इंजन में फंसकर कई किलोमीटर तक घसिटा शख्स, क्षतविक्षत हुआ शरीर

ऐसी मौत किसी को न दे भगवान, ट्रेन के इंजन में फंसकर कई किलोमीटर तक घसिटा शख्स, क्षतविक्षत हुआ शरीर

नई दिल्ली: मौत का कोई कयाम नहीं है, पता नहीं कब लेने आ जाये।लेकिन महत्वपूर्ण ये हो जाता है कि वह आएगी किस रूप में, क्योंकि उसके अनगिनत रूप है।जहां उसके कुछ रूप पीड़ाहीन, भयावहहीन हैं वहीं उसके कुछ रूप अत्यंत पीड़ादायक और भयावह प्रकृति से परिपूर्ण हैं।इधर, बिहार के कटिहार में एक शख्स की ऐसी मौत हुई है जिसके बारे में जानकर रूह कांप जाती है।घोर पीड़ा देते हुए इस शख्स को मौत अपने साथ ले गई।
दरअसल, यह शख्स पता नहीं कैसे एक मालगाड़ी के इंजन में फंस गया।जिसका पता ट्रेन चलाने वालों को नहीं चल सका।शख्स इंजन के आगे लगे लोहे के हुक में फंसा हुआ था।ट्रेन चल पड़ी और शख्स लोहे के हुक में फंसा का फंसा रहा।इंजन में कोई शख्स फंसा हुआ है इस बात से अंजान ट्रेन तो अपनी स्पीड में दौड़ रही थी।और यह शख्स पल-पल पथरियों में घिसता जा रहा था।आलम यह हुआ कि शख्स के पैर कट गए।खून की धाराएं पटरियों और पथरियों को लहूलुहान करती चली आ रही थीं।आखिरकार, घसिटते हुए इस शख्स के शरीर से मौत जिंदगी को घसीट ले गई।मर गया शख्स।
वहीं, कोई शख्स इंजन में फंसा हुआ है इसकी जानकारी ट्रेन चलाने वालों को तब हुई जब ट्रेन एक स्टेशन आकर रुकी।शख्स को फौरन लोहे के हुक से हटाया गया।लेकिन अब कोई फायदा नहीं था क्योंकि वह अब जिंदा नहीं रहा था।जिसे अब लोहे के हुक से उतारा गया वह मात्र एक डेड बॉडी थी।इधर, अब ट्रेन चलाने वालों और अन्य रेल के मेम्बरों को यह समझ नहीं आ रहा था कि यह शख्स कौन है औऱ ट्रेन के इंजन के नीचे आने की बात अलग है लेकिन यह इंजन के बोनट पर लगे हुक पर कैसे फंस गया।यह वहां क्या कर रहा था।या तो ये उसपर चढ़ रहा होगा या तो बैठ रहा होगा या फिर बिल्कुल पास से निकल रहा होगा और फंस गया होगा।
फिलहाल, जांच-पड़ताल की गई तो पता चला कि शख्स का नाम 43 वर्षीय अंजार आलम है और परिजनों के मुताबिक उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।जहां इसी के चलते वह इंजन के समीप जा पहुंचा और उसमे फंस गया।अब जरा आप तस्वीरें देखें जो कि बेहद विचलित कर देने वाली हैं।बेहद दर्दनाक हैं।इसलिए दधुंधले रूप में आप इन तस्वीरों को देखिए।
October 09, 2020

विवाद:112 मॉडल संस्कृति स्कूलों में हरियाणा बोर्ड की जगह सीबीएसई से मान्यता लेने का शिक्षक संगठनों ने जताया

विवाद:112 मॉडल संस्कृति स्कूलों में हरियाणा बोर्ड की जगह सीबीएसई से मान्यता लेने का शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध, 11 अक्टूबर को जींद में शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी बनाएंगे रणनीति

रोहतक :  प्रदेश में खाेले जा रहे 112 राजकीय माॅडल संस्कृति सीनियर सेकंडरी स्कूल खाेलने पर विवाद गहराने लगा है। पहली से 12वीं कक्षा के इन सरकारी स्कूलाें में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई हाेगी। प्रदेश सरकार इन स्कूलों को हरियाणा बोर्ड की जगह सीबीएसई से मान्यता लेना चाहती है। इस पर सबसे ज्यादा विवाद है। शिक्षक संगठनों का विरोध है कि सरकार हरियाणा बोर्ड को कमजोर साबित करके स्कूलों को निजीकरण की राह पर धकेल रही है, जबकि विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि सीबीएसई बोर्ड में नंबर ज्यादा आते हैं। अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की ओर लुभाने के लिए सीबीएसई से मान्यता ली जा रही है।
हरियाणा के छात्रों को आगे आती हैं दिक्कतें (नंद किशोर, असिस्टेंट डायरेक्टर, एकेडमिक सेल, स्कूल शिक्षा निदेशालय)

सीबीएसई 10वीं-12वीं कक्षा के परीक्षार्थियों को खुलकर नंबर देता है, जबकि एचबीएसई की मार्किंग सख्त है। अभिभावकों का भी मानना है कि एचबीएसई की तुलना में सीबीएसई में नंबर अच्छे आते हैं।

एचबीएसई बोर्ड से पढ़े हुए विद्यार्थी को राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने के दौरान दिक्कत आती है, क्योंकि बमुश्किल ही 90 फीसदी अंक वह ले पाते हैं, जबकि सीबीएसई में 95 फीसदी से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा रहती है।

अभिभावक को बच्चे के लिए सीबीएसई का ही सर्टिफिकेट चाहिए तो उसे इसके लिए लाखों रुपए की फीस निजी स्कूलाें में देनी होती है, जबकि सीबीएसई से मान्यता लेने वाले राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में नाममात्र की फीस देकर यह सर्टिफिकेट ले सकता है।

फर्क सिर्फ एनसीईआरटी व हरियाणा बोर्ड लिखने का (जगबीर सिंह, हरियाणा बोर्ड चेयरमैन ने असिस्टेंट डायरेक्टर)

पेपरों की मार्किंग हरियाणा बोर्ड नहीं करता। यह शिक्षा विभाग के अध्यापक ही करते हैं। काफी बच्चों के 99 से लेकर 100 प्रतिशत तक नंबर आते हैं। ऐसा नहीं है कि हरियाणा बोर्ड में नंबर कम आते हैं।

एचबीएसई में 9वीं से 12वीं कक्षा का जो पाठ्यक्रम है, वह सीबीएसई के पाठ्यक्रम की तर्ज पर ही है। इन्हीं में से प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रश्न पत्र आता है। फर्क बस इतना है कि एनसीईआरटी की जगह हरियाणा बोर्ड लिखा होता है।

अभिभावकों को समझना होगा कि हरियाणा बोर्ड में कोई कमी नहीं है। यहां मुफ्त और अच्छी शिक्षा मिलती है। बुधवार को सुपर-100 के जिन 25 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है, वह सभी हरियाणा बोर्ड के सरकारी स्कूलों से ही पढ़े हैं।

सरकार अपने ही बोर्ड से संतुष्ट क्यों नहीं : बिजेंद्र
संस्कृति मॉडल स्कूलों से पहले भी प्रत्येक जिले में एक-एक मॉडल संस्कृति स्कूल चल रहा है, जो एचबीएसई से संबंद्ध है। इनमें हिंदी-इंग्लिश मीडियम दोनों हैं। प्रदेश के पास खुद का बोर्ड है तो सीबीएसई से मान्यता की जरूरत क्या है। इसका मतलब सरकार अपने ही बोर्ड से संतुष्ट नहीं है। - बिजेंद्र हुड्‌डा, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा स्कूल एजुकेशन ऑफिसर्स एसोसिएशन।
October 09, 2020

कैथल में हादसा:खाना बनाते वक्त गैस सिलेंडर में लगी आग, पति-पत्नी और 6 बच्चों की बाल-बाल बची जान

कैथल में हादसा:खाना बनाते वक्त गैस सिलेंडर में लगी आग, पति-पत्नी और 6 बच्चों की बाल-बाल बची जान

कैथल : कैथल जिले के गांव मटौर में गुरुवार सुबह एक घर में आग लग गई। हादसे की वजह रसोई गैस सिलेंडर की लीकेज को बताया जा रहा है, जिसके बाद कुछ ही दर में पूरे घर में आग फैल गई। घर के आठ लोगों ने बड़ी मुश्किल से भागकर अपनी जान बचाई। वहीं, आनन-फानन में फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड ने घंटेभर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में घर का सारा सामान जलकर राख हो गया।

पत्नी और बच्चों के साथ बाल-बाल बचा टेलर प्रदीप हादसे के बारे में जानकारी देते हुए।


कलायत में रेडीमेड गारमेंट्स शॉप पर टेलरिंग का काम करने वाले प्रदीप ने बताया कि रसोई में रखा सिलेंडर कब लीक हो गया, पता ही नहीं चला। सुबह जैसे ही खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाया तो इसने आग पकड़ ली। धीरे-धीरे आग पूरे घर में फैल गई। लपटें उठती देखकर पड़ोसी भी वहां पहुंचे। घर के सदस्यों को बाहर निकालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना दमकल विभाग को दी गई। लोगों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। प्रदीप ने बताया कि घर में उसके और उसकी पत्नी के अलावा 5 लड़कियां और एक लड़का यानि कुल मिलाकर आठ सदस्य हैं। इस घटना में उसका परिवार तो बाल-बाल बच गया, लेकिन इस घटना में उसे काफी नुकसान हुआ है। मकान में रखा सामान, चारपाई, बिस्तर, बर्तन सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया। बिल्डिंग भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।

Thursday, October 8, 2020

October 08, 2020

‘जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं ‘: मोदी

'जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं ': मोदी

नयी दिल्ली, 08 अक्टूम्बर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले दिनों में त्योहारों, सर्दी के मौसम और अर्थव्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर वैश्विक महामारी कोविड-19 के खिलाफ बचाव को लेकर गुरुवार एक 'जन आंदोलन 'की शुरुआत करते हुए 'जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं ' का नारा दिया।
मोदी ने आज ट्वीट कर कहा, "आइए, कोरोना से लड़ने के लिए एकजुट हों! हमेशा याद रखें: मास्क जरूर पहनें। हाथ साफ करते रहें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। दो गज की दूरी रखें।" उन्होंने लिखा ," जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं।"
प्रधानमंत्री ने एक और ट्वीट में लिखा, " देश में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लोगों के जरिए लड़ी जा रही है और हमारे कोरोना योद्धाओं को इससे बहुत ताकत मिलती है।
हमारे सामूहिक प्रयासों से कई लोगों की जान बचाने में मदद मिली है। हमें यह लड़ाई निरंतर जारी रखनी होगी और अपने नागरिकों को वायरस से बचाना होगा।"
इससे पहले केंद्रीय मंत्री सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा था कि कोरोना से बचाव का हथियार मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना और बार-बार हाथ धोना है।
इसी सिद्धांत का पालन करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर इन उपायों के बारे में जागरुकता बढ़ाने का अभियान शुरू किया जाएगा।
October 08, 2020

हरियाणा में अब 'माइनिंग मिनिस्टर फ्लाइंग स्क्वॉड' बनाया जाएगा

हरियाणा में अब 'माइनिंग मिनिस्टर फ्लाइंग स्क्वॉड' बनाया जाएगा

चण्डीगढ़ :  हरियाणा में 'होम मिनिस्टर फ्लाइंग स्क्वॉड' के बाद अब 'माइनिंग मिनिस्टर फ्लाइंग स्क्वॉड' भी बनाया जाएगा जो स्थानीय पुलिस के सहयोग से समय-समय पर निरीक्षण करके प्रदेश में अवैध माइनिंग पर शिकंजा कसने का काम करेगा।
प्रदेश के खान एवं भू-विज्ञान मंत्री मूलचंद शर्मा ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को इस फ्लाइंग स्क्वॉड के गठन की प्रक्रिया शुरू के निर्देश दिए। 'माइनिंग मिनिस्टर फ्लाइंग स्क्वाड' में खान एवं भू-विज्ञान, परिवहन विभाग के रेगुलेटरी विंग और पुलिस विभाग से एक-एक अधिकारी को शामिल किया जाएगा।
अवैध स्टॉक की पहचान करके उसे सीज किया जाए 
मूलचंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कई जगह खनन क्षेत्र से बाहर बिना अनुमति के सरकारी जमीन पर 10-10 साल से खनिज और खनिज मलबा पड़ा है। इसका स्टॉक पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। इस तरह के अवैध स्टॉक की पहचान करके उसे सीज किया जाए और उसकी नीलामी करवाई जाए। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिल्ली से हरियाणा में आने वाले पत्थर को किस तरह से क़ानूनी तौर से लाया जा सके, इसकी संभावना भी तलाशी जानी चाहिए।

लोगों ने स्टॉक किया हुआ है

उन्होंने कहा कि यमुना के साथ-साथ खनन की अनुमति न होने के बावजूद कुछ लोगों ने उस क्षेत्र में स्टॉक किया हुआ है, इसकी जांच की जानी चाहिए कि वहां रेत कहां से लाकर बेची जा रही है। इसके अलावा, बहुत-सी गाडिय़ों का ई-रवाना तो यमुनानगर व करनाल जैसे जिलों का कटा होता है लेकिन वे सप्लाई पलवल और फरीदाबाद जैसे जिलों में करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ई-रवाना जारी करते समय इस तरह की बातों को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि यह व्यावहारिक है भी या नहीं।

चरखी दादरी के पहाड़ों के ब्लॉक्स की नीलामी करवाई जा सकती 

खान एवं भू-विज्ञान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जैसे जिलों में मिट्टी खोदने की अनुमति देने की प्रक्रिया को भी सुचारू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि सभी माइनिंग ब्लॉक की पर्यावरण सम्बन्धी स्वीकृति (ईसी) लेने में समय लगेगा, इसलिए फरीदाबाद के रेत के खदानों और चरखी दादरी के पहाड़ों के ब्लॉक्स की नीलामी करवाई जा सकती है जिसकी ईसी के बोलीदाताओं या ठेकदारों को लेनी होगी। सरकार बाक़ी खानों की बोली से पहले ईसी लेने के बारे विचार कर रही है और क़ानूनी रूप से कोई अड़चन न होने पर इस प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड द्वारा एनसीजेड की परिभाषा तय करने का अधिकार राज्यों को देने के बाद पलवल में भी खनन ब्लॉक्स की नीलामी जल्द होने की उम्मीद है।

खानों बारे सूचना उपलब्ध करने के लिए हरसेक द्वारा एक एप भी शुरू किया 

बैठक में हरियाणा से खुदाई करके खनिज सामग्री उत्तर प्रदेश की सीमा में डाले जाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई और दोनों प्रदेशों के बीच सीमांकन के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा सर्वे करवाने का सुझाव दिया गया। इस दौरान बताया गया कि प्रदेश में 58 खनन ब्लॉक में से 51 की प्रारंभिक पहचान करके हरसेक द्वारा ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य किया जा रहा है। विभाग खानों बारे सूचना उपलब्ध करने के लिए हरसेक द्वारा एक एप भी शुरू किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि विभाग द्वारा सितम्बर माह के अन्त तक 2541 गाडिय़ां इम्पाउंड की गई हैं जिनमें से 1948 गाडिय़ां छोड़ी जा चुकी हैं। विभाग को इनसे पैनल्टी के रूप में 55.71 करोड़ रुपये की आय हुई है। कोविड-19 के चलते लॉकडाउन के बावजूद विभाग द्वारा पिछले वर्ष की तुलना में अभी तक 5 करोड़ रुपये का अधिक राजस्व प्राप्त किया गया है।खान एवं भू-विज्ञान विभाग के प्रधान सचिव  आनन्द मोहन शरण और महानिदेशक  अमिताभ ढिल्लों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
October 08, 2020

हाई कोर्ट का हरियाणा सरकार को निर्देश, हलफनामा दायर कर शराब पर कोविड सेस लगाने के निर्णय पर जवाब रखे

हाई कोर्ट का हरियाणा सरकार को निर्देश, हलफनामा दायर कर शराब पर कोविड सेस लगाने के निर्णय पर जवाब रखे

चंडीगढ़ : शराब पर कोविड सेस लगाने के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हरियाणा के वरिष्ठ एडीशनल एडवोकेट जनरल ने हाई कोर्ट को बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार कोविड सेस लगाने का पूरा मूल रिकार्ड कोर्ट में पेश कर दिया गया है। सरकार के इस जवाब पर हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वो एक अतिरिक्त हलफनामा दायर कर कोविड सेस लगाने के निर्णय पर जवाब रखे। हलफनामा मूल रिकार्ड पर आधारित होना चाहिये।

कोर्ट ने सरकार को यह भी आदेश दिया कि वो यह हलफनामा 12 अक्टूबर से पहले दायर करे व इसकी एक कापी याचिकाकर्ता पक्ष को अग्रिम तौर दे। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि कोर्ट इस मामले में 26 अक्टूबर को फाइनल सुनवाई करेगा।

इस मामले में मैसर्स हरियाणा वाइंस ने अपनी याचिका में कहा कि सरकार द्वारा कोविड सेस (उपकर) लगाना अनुचित है। याचिकाकर्ता कंपनी ने हाई कोर्ट को बताया कि 2020-21 की एक्साइज पॉलिसी के तहत लगाई गई बोली के बाद उन्हेंं ठेके अलॉट हुए हैं। ठेके अलॉट किए जाते समय इस सेस का कोई जिक्र तक नहीं था, लेकिन सरकार ने छह मई को अपनी इस एक्साइज पालिसी में संशोधन कर कोविड सेस लगाए जाने का निर्णय कर लिया।
याचिकाकर्ता कंपनी का आरोप है कि जब पालिसी के तहत उन्हेंं पहले ही ठेके अलॉट हो चुके हैं और उनका सरकार से समझौता हो चुका है तो बाद में सरकार सिर्फ अपने स्तर पर पालिसी में बदलाव कैसे कर सकती है। याचिकाकर्ता कंपनी का आरोप है कि वह पॉलिसी के तहत पहले ही अपनी लाइसेंस फीस जमा करवा चुके हैं, जिसमें सभी टैक्स पहले ही शामिल हैं। ऐसे में अब इस कोविड सेस का उन पर अलग से बोझ डाला जा रहा है, यह सेस लगाना ही था तो इसे फर्स्ट प्वाइंट ऑन सेल यानी होलसेलर पर लगाना चाहिए जबकि सरकार ने यह सेस रिटेलर्स पर लगा दिया है और इस सेस को लगाए जाने के बाद एमआरपी भी नहीं बढ़ाया गया है।
October 08, 2020

पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण को लेकर अहम आदेश दिया, जानें

पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण को लेकर अहम आदेश दिया, जानें

चंडीगढ़ : भूमि अधिग्रहण को लेकर बेहद अहम आदेश जारी करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट  ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार यदि चाहे तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को रद कर सकती है लेकिन भूमि मालिकों को इसके लिए मांग पत्र देने का कोई अधिकार नहीं है।
विभिन्न याचिकाएं दाखिल करते हुए हाईकोर्ट से मांग की गई थी कि उनकी अधिगृहित की गई भूमि को डिनोटिफाई किया जाए। इन याचिकाओं पर लंबी सुनवाई के दौर के बाद अर्जियां दाखिल करते हुए याचिका वापिस लेने और सरकार को रिप्रेजेंटेशन देने की छूट मांगी गई। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सरकार ने भूमि का अधिग्रहण कर लिया है तो वह उस भूमि की मालिक हो जाती है और ऐसे मेंं भूमि का पूर्व मालिक या कोई और इसमेंं प्रवेश करे तो उसे घुसपैठ माना जाएगा।

अदालत ने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर एक्ट में 2018 में किए गए संशोधन में सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि यदि अधिगृहित की गई भूमि जन कार्य के लिए अनुपयोगी लगे तो सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को डीनोटिफाई कर सकती है। हालांकि इससे भूमि मालिक को यह अधिकार नहीं मिलता है कि वह भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को डिनोटिफाई करने के लिए सरकार को मांगपत्र सौंप सके।
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि भूमि मालिकों को ऐसी छूट दी गई तो बार-बार हाईकोर्ट मेंं याचिकाएं दाखिल होंगी और न्यायालय का समय बर्बाद होगा। उच्च न्यायालय ने कहा कि बहुत से मामलों में अदालत ने भूमि मालिकों को रिप्रेजेंटेशन देने की छूट देते हुए उनकी याचिका का निपटारा किया है लेकिन उनमें इसके लिए कारण स्पष्टï नहीं किया गया था। ऐसे में अब जस्टिस दया चौधरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। 
October 08, 2020

बैंक कर्मी से एक लाख 40 हजार लूटे -पिस्तौल की नोंक पर दिया घटना को अंजाम

बैंक कर्मी से एक लाख 40 हजार लूटे पिस्तौल की नोंक पर दिया घटना को अंजाम

 

जींद /जुलाना : (गौतम सत्यराज ) 
क्षेत्र के गांव ब्राह्मणवास के निकट बाइक सवार तीन बदमाशों ने पिस्तौल के बल पर निजी उज्जीवन बैंक कर्मी से एक लाख 40 हजार 901 रुपये की नकदी लूट ली। बैंक कर्मी ग्रामीण क्षेत्रों से राशि लेकर जींद बैंक में आ रहा था। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव बहबलपुर निवासी सुखबीर ने जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह उज्जीवन बैंक में रिकवरी एजेंट है। उनका बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों को लोन देता है। बुधवार को वह जुलाना एरिया के गांव मालवी, कमाचखेड़ा, ब्राह्मणवास में लोन की राशि की रिकवरी करके गांव की तरफ आ रहा था। जब वह ब्राह्मणवास से निकला तो इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक आए और उसका रास्ता रोक लिया।
-गोली मारने की धमकी दे छिन ले गए बैग-
जब तक वह कुछ समझ पाता एक युवक ने पिस्तौल निकालकर गोली मारने की धमकी दी और उसका बैग छीन लिया। बैंक में रिकवरी के आए एक लाख 40 हजार 901 रुपये की राशि थी। बदमाश राशि लेते ही बाइक पर सवार होकर ङ्क्षलक मार्ग से फरार हो गए। बाद में घटना की सूचना पुलिस को दी।
October 08, 2020

नए कानूनों को वापस लेने की मांग:सिरसा में पथराव के विरोध में जिले के किसान संगठनों ने किए प्रदर्शन, बोड़ा में भाजपा व जजपा नेताओं की एंट्री बैन

नए कानूनों को वापस लेने की मांग:सिरसा में पथराव के विरोध में जिले के किसान संगठनों ने किए प्रदर्शन, बोड़ा में भाजपा व जजपा नेताओं की एंट्री बैन

फतेहाबाद : कृषि कानूनों के विरोध में सिरसा में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले फैंकने, पथराव व अन्य घटनाक्रमों को लेकर जिले भर के विभिन्न संगठनों ने रोष जताया है। बुधवार को जिले में कई जगहों पर किसानों व अन्य संगठनों ने प्रदर्शन किया व मुख्यमंत्री व डिप्टी सीएम के पुतले फूंके। गांव बोड़ा में किसानों ने बैठक कर गांव के चारों तरफ चेतावनी होर्डिंग व पोस्टर लगाए हैं।
जिसमें लिखा है कि इस गांव में भाजपा व जजपा नेताओं का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाता है। दोनों पार्टियों का कोई नेता गांव में आता है तो वह अपने जान माल का खुद जिम्मेवार होगा। गांव बोड़ा के किसान रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह, सोनू, निर्मल सिंह, करनैल सिंह, स्वर्ण सिंह, गुरदयाल सिंह ने कहा कि गांव के लोग सरकार के कृषि कानून से नाराज है। सरकार और नेता इस किसान विरोधी कानून की तारीफ कर रहे है। किसानों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे है। इसी को लेकर उन्होंने इन दलों के नेताओं का बहिष्कार किया है।
सिरसा में गिरफ्तार किए 94 किसानों में से 25 रतिया के
सिरसा में बुधवार को गिरफ्तार किये गये 94 किसानों में 25 किसान अकेले रतिया के है। इनमें नाली मोहल्ला निवासी निर्भय सिंह, 4 निवासी काला सिंह, वार्ड 5 निवासी मीठू सिंह,वार्ड 7 निवासी कुलविंद्र सिंह, भूदड़वास निवासी हरजीत सिंह, जगजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसकरण सिंह, कमाना निवासी जग्गी, नागपुर निवासी गुरमीत, हासंगा निवासी राम किशन, कृष्ण, मांगे राम, रतिया निवासी सुखजिंद्र सिंह, बाबू सिंह, दर्शन सिंह, रोजावाली बलजीत, जसवंत अमनदीप, हैप्पी, राजबीर सिंह, गुरसर निवासी राजदीप व शहर की जाखनदादी निवासी मलकीत शामिल है।
कृषि विधेयक के खिलाफ हसंगा, दिगोह, भूना में मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम का पुतला फूंका
कृषि विधेयक के खिलाफ किसान संघर्ष समिति ने अनाज मंडी भूना गेट के सामने उकलाना रोड पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापार मंडल के प्रधान व आप के जिलाध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार के नेतृत्व में किसानों एवं मजदूरों ने नारेबाजी की। किसान नेता चांदी राम कड़वासरा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार किसान- मजदूर एवं व्यापारी विरोधी फैसले लेकर हर वर्ग की कमर तोड़ रही है। किसानों पर लाठियां भांजी जा रही है और उन्हें जेलों में ठूंसा जा रहा है। सिरसा में किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने व वाटर कैनन से खदेड़ने पर निंदा की गई। उधर, गांव हसंगा व दिगोह में भी किसानों ने डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंका और विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रघुवीर सिंह सिहाग, बलवंत कुकणा, सतवीर मुंड, रामकुमार धारणिया आदि भी मौजूद थे।
नाली माेहल्ला में पोस्टर जलाकर विरोध जताया
किसानों ने बुधवार को शहर के नाली मोहल्ला में सीएम मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का पोस्टर व पुतला फूंका। किसानों ने नाली माेहल्ला में इकट्ठे होकर सिरसा में किसानों पर पथराव आदि की निंदा की।
October 08, 2020

अवैध खनन:टांगरी नदी की हरियाणा-पंजाब सीमा का फायदा उठा रहा माफिया रात में निकाल रहा रेत, विभाग का दावा- हम रोज पकड़ रहे वाहन

अवैध खनन:टांगरी नदी की हरियाणा-पंजाब सीमा का फायदा उठा रहा माफिया रात में निकाल रहा रेत, विभाग का दावा- हम रोज पकड़ रहे वाहन

अम्बाला : हरियाणा-पंजाब की सीमा से गुजर रही टांगरी नदी में दिन ढलते ही खनन का सिलसिला शुरू हो जाता है। अगले दिन सुबह 8 बजे तक यह खेल चलता है। हंडेसरा निवासी एवं रिटायर्ड टेलीकॉम इंजीनियर सरदारा सिंह ने मामले की शिकायत डीसी अम्बाला और मोहाली को दी है। डीसी मोहाली के आदेशों पर माइनिंग ऑफिसर टांगरी नदी का मुआयना कर चुके हैं। पंजाब के मोहाली माइनिंग ऑफिसर ने शिकायतकर्ता के साथ टांगरी नदी का दौरा करने के बाद तर्क दिया है कि टांगरी नदी की निशानदेही के लिए वह लिखेंगे।
इसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि टांगरी नदी का कितना हिस्सा पंजाब में है। पंजाब के हिस्से में कितना खनन हुआ है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। डीसी अम्बाला को भेजी गई शिकायत के बाद अभी तक माइनिंग अधिकारियों ने शिकायतकर्ता के साथ कोई संपर्क नहीं किया है। यह हिस्सा नारायणगढ़ विधानसभा सीमा के अधीन आता है।

डस्ट, कोरसेंट में मिक्स होने से रेत की डिमांड

सरदारा सिंह ने बताया कि हंडेसरा के स्टोन क्रैशर है। यहां से एक नंबर में कोरसेंट, डस्ट और बजरी हरियाणा और पंजाब में सप्लाई होता है। टांगरी नदी का रेत डस्ट और कोरसेंट में मिलाकर बेचा जा रहा है। इसलिए टांगरी नदी में अवैध माइनिंग का खेल करीब 15 साल से चलता आ रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि खनन माफिया को हरियाणा और पंजाब पुलिस के नाकों से कोई दिक्कत नहीं है। रात के अंधेरे में तीन नाके क्रॉस आराम से हो जाते हैं। खनन माफिया नाके क्रॉस करने के लिए आरटीए पर नजर रखते हैं ताकि ओवरलोडिंग के दौरान पकड़े न जाएं।

टांगरी नदी से तीन रास्ते, जिनसे होता है खनन

बुधवार को टांगरी नदी में शिकायतकर्ता के साथ दैनिक भास्कर संवाददाता भी पहुंचे। शिकायतकर्ता संवाददाता को हंडेसरा से सीधे बुढाखेड़ा गांव में ले गए। शाम होते ही जिस रास्ते से चोरी छिपे ट्रैक्टर-ट्राॅली टांगरी नदी के बांध पर चढ़ते हैं, यह रास्ता मिलिट्री इंजीनियर वाटर वर्कर्स के कुएं के पास से टांगरी नदी में उतरता है। फिर टांगरी से रेत निकाला जाता है। ट्रैक्टर-ट्रॉली भर जाने के बाद आरटीए की लोकेशन मिलने के बाद रूट तय किया जाता है कि किस रास्ते से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकाली जानी है। यदि पंजोखरा-हंडेसरा रोड पर सख्ती होती है खनन माफिया टांगरी नदी से होते हुए जटवाड़ पहुंच जाते हैं। जटवाड़ से फिर नारायणगढ़ रोड और फिर गांव के रास्ते से होते हुए कैंट में आ जाते हैं। यदि टांगरी बांध पर सख्ती नहीं होती तो फिर इसी रास्ते से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निकाल ली जाती हैं।

शिकायतकर्ता के 3 सुझाव, जिससे खनन रुक सके

1. पंजाब-हरियाणा सीमा पर खनन रोकने के लिए दोनों सरकार एक कोर्डिनेट टीम तैयार करे। दोनों सरकारों को अवैध खनन से राजस्व नुकसान रुकेगा।
2. पंजाब और हरियाणा पुलिस की एरिया एसएचओ और नाके पर तैनात जवान की जिम्मेदारी फिक्स की जाए। ट्रैक्टर निकला तो कार्रवाई होगी। एक सीसीटीवी लगाकर निगरानी की जाएं।
3. कोआर्डिनेट टीम टांगरी नदी का दिन में मुआयना करे ताकि पता चल सके कि खनन रुका है या फिर हो रहा है।
जटवाड़ शराब फैक्ट्री से पहले बांध से आते हैं
नारायणगढ़ की तरफ जाने वाले रोड पर जटवाड़ की जमीन में शराब फैक्टरी लगी हुई है। फैक्टरी से पहले टांगरी नदी का एक बांध लगा हुआ है। यह बांध नारायणगढ़ रोड से बुढाखेड़ा गांव तक जाता है। यह सुनसान रास्ता है। इस रास्ते से किसी तरह का आवागमन नहीं होता। इसलिए खनन-माफिया रात के समय के कोई गाड़ी या बाइक देख कर पहले ही सतर्क हो जाते हैं। कोई अधिकारी या माइनिंग टीम टांगरी नदी में इस रास्ते से खनन रोकने के लिए पहुंचती भी नहीं है। इसलिए यह रास्ता खनन माफिया के लिए मुफीद है। यदि यहां चौकसी होती है तो फिर टांगरी बांध की बजाए जटवाड़ की तरफ से ट्रैक्टर-ट्रॉली को लाया जाता है।
टांगरी नदी के किसी भी हिस्से में माइनिंग की इजाजत नहीं है। हमारी टीम रोजाना चालान कर रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा भी जा रहा है। चार ट्रैक्टर-ट्रॉली को हमने पकड़कर पटवी चौकी के हवाले किया हुआ है और भारी जुर्माना भी लगाया गया है ताकि माइनिंग को रोका जा सके। -भूपेंद्र सिंह, माइनिंग ऑफिसर, अम्बाला।