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Friday, August 28, 2020

August 28, 2020

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल के स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल के स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी

चंडीगढ़ 28 अगस्त - हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल 25 अगस्त, 2020 को मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे, अब उनके स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार हो रहा है और  वह तनावमुक्त हैं।
अस्पताल द्वारा जारी एक मेडिकल बुलेटिन में चिकित्सा अधीक्षक डॉ ए.के. दुबे ने बताया कि  मनोहर लाल की रक्त और सीटी जांच करवाई गई है।
उन्होंने कहा कि एम्स, नई दिल्ली और पीजीआईएमएस, रोहतक के डॉक्टरों की एक मल्टी डिसिप्लिनरी टीम,
गुरुग्राम के सिविल सर्जन  डॉ. वीरेंद्र यादव और डॉ. सुशीला कटारिया और टीम ने मुख्यमंत्री की स्थिति व उपचार और उनके स्वास्थ्य में हो रहे सुधार की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ठीक और तनावमुक्त हैं।
August 28, 2020

इनेलो ने रामेश्वर दास, मंगतराम को बनाया महासचिव

इनेलो ने रामेश्वर दास, मंगतराम को बनाया महासचिव

चंडीगढ़। लोकदल पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी  ने इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओमप्रकाश चौटाला और चौधरी अभय सिंह चौटाला से विचार-विमर्श कर प्रदेश में अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां की है जिसमें रामेश्वर दास, एडवोकेट मंगत राम सैनी, रोहताश रंगा और वेद सिंह मुंडे को इनेलो का प्रदेश महासचिव, राजा राम, जगतार सिंह और बलबीर सिंह देहरड़ू को प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है। इनेलो नेता ने बताया कि कृष्ण कुटेल को पार्टी प्रवक्ता, समरजीत बिल्लू पेगा को व्यापार प्रकोष्ठ में महासचिव, राजकुमार रेढू को कानूनी प्रकोष्ठ में महासचिव और किरोड़ीमल वर्मा व नरेंद्र लारा को जिला भिवानी का उप-प्रधान नियुक्त किया गया है।

August 28, 2020

अब आठवीं पास भी कर सकेंगे आईटीआई

अब आठवीं पास भी कर सकेंगे आईटीआई 

कैथल : कैथल सरकार व कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने अधिक से अधिक विद्यार्थियों  को कौशल परक बनाने के लिए कमर कस ली है। इसके तहत अब विभाग ने कोर्सों की प्रवेश योग्यता में फेरबदल किया है। कई कोर्सों की प्रवेश योग्यता दसवीं से कम करते हुए आठवीं कर दी है। ऐसे में अब दसवीं पास न करने वाले विद्यार्थी भी अलग-अलग तरह के कोर्सों में दाखिला लेकर तकनीकी कोर्स कर सकेंगे। निदेशालय ने इसे लेकर प्रदेश के सभी आईटीआई के मुखियाओं को पत्र के माध्यम से अवगत भी करवा दिया है। गौरतलब है कि प्रदेश में जहां करीब 170 राजकीय आईटीआई चलाए जा रहे हैं तो वहीं करीब 250 प्राइवेट आइटीआइ चलाए जा रहे हैं। इनमें प्रतिवर्ष करीब एक लाख विद्यार्थी प्रशिक्षण लेते हैं। देश व प्रदेश में चलाए जा रहे उद्योगों  में कुशल श्रमिक की आपूर्ति आइटीआइ के विद्यार्थियों द्वारा ही की जाती है।  जहां राजकीय आइटीआइ में विद्यार्थी एक या दो वर्ष का कोर्स नाममात्र फीस पर करते हुए उद्योगों में रोजगार हासिल करने में कामयाब होेते हैं तो वहीं रेलवे, सेना आदि में भी आइटीआइ पास विद्यार्थियों की विशेष मांग रहती है। प्रतिवर्ष सरकारी विभागों में हजारों विद्यार्थियों को रोजगार हासिल होने के कारण ही आइटीआइ कोर्सों की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यदि कोर्सों की बात की जाए तो आइटीआइ में इंजीनियरिंग व नान इंजीनियरिंग दो तरह के कोर्स करवाए जाते हैं। इन कोर्सों में प्रवेश योग्यता पूर्व में आठवीं से लेकर 12वीं तक थी लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया था। प्रवेश योग्यता में बदलाव होने के कारण कम पढ़े लिखे सैकड़ो विद्यार्थी तकनीकी कोर्सों से वंचित रहे गए थे जिसे लेकर विद्यार्थियों ने सरकार को गुहार लगाई थी। अब सरकार व विभाग ने पुन: इसमें संशोधन किया है ताकि 8वीं पास विद्यार्थी भी तकनीकी कोर्स कर सकें। हालांकि आईटीआई में अधिकतर कोर्सों की प्रवेश योग्यता 10वीं या 12वीं रखी गई है लेकिन इसके बावजूद करीब 10 कोर्स 8वीं पास भी कर सकते हैं। हालांकि इन कोर्सों में प्राथमिकता 10वीं पास विद्यार्थियों को दी जाएगी लेकिन 10वीं पास विद्यार्थी न मिलने पर इनमें 8वीं पास विद्यार्थियों को भी दाखिला दिया जा सकेगा। 8वीं पास को मिल सकेगा इन कोर्सों में दाखिला 1 कारपेंटर 2 ड्रेस मेकिंग 3 फूटवियर मेकर 4 लेदर गुडस मेकर 5 पलंबर 6 सीविंग टैक्नोलाजी 7 शीट मैटल वर्कर 8 सरफेस ओरनामेंटल तकनीक- एंब्रायडरी 9 वेल्डर 10 वायरमैन वर्जन राजकीय आइटीआइ कैथल के प्रधानाचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी सतीश कुमार मच्छाल ने बताया कि विभाग ने हाल ही में आइटीआइ के कोर्सों की प्रवेश योग्यता में बदलाव किया है। इसके तहत विभिन्न इंजीनियरिंग व नान इंजीनियरिंग के 14 कोर्सों की प्रवेश योग्यता 8वीं कर दी गई है। इससे अब 8वीं पास युवा व युवतियों को भी आइटीआइ के कोर्स करने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि दाखिला प्रक्रिया आनलाइन होगी जो सितंबर माह में शुरू हो सकती है।

August 28, 2020

सेक्टरों के हालात:आधी सड़क तक फैली रहती निर्माण सामग्री, होते रहते हैं हादसेे,

सेक्टरों के हालात:आधी सड़क तक फैली रहती निर्माण सामग्री, होते रहते हैं हादसेे, इधर नगर परिषद क्षेत्र में बिना अनुमति हो रहे हैं अवैध निर्माण, अब नोटिस की तैयारी

जीन्द : ( गौतम सत्यराज )सेक्टरों में सड़कों पर निर्माण सामग्री डालने वालों ने 12 फीट की सड़कें छह फीट बना दिया है। आए दिन कहीं न कहीं वाहन सवार विशेषकर बाइक सवार हादसा ग्रस्त होते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इसपर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जबकि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण नक्शा पास करते समय ही मलबा डालने के नाम पर 5 से 50 हजार चार्ज वसूलता है। नियमानुसार मलबा केवल सड़क के साथ लगते बर्म पर डाला जा सकता है। लेकिन उसके अधिकारी कभी इसकी जांच करने नहीं जाते।

कार्रवाई करना तो दूर किसी के खिलाफ एक नोटिस तक जारी नहीं हो रही है। सेक्टर 6,7, 8 व 9 में ऐसी कोई सड़क नहीं है जिस पर निर्माण सामग्री या मलबा ना पड़ा हो। पिछले दिनों अर्बन एस्टेट में डीएवी स्कूल के पास सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री के कारण एक कार पलट गई थी। सेक्टरों में मकान बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में नक्शा व अन्य दस्तावेजों को जमा कराया जाता है, उसी समय अन्य फीस के साथ ही प्लाॅट के साइज के हिसाब से मलबा चार्ज भी वसूल लेता है।

नियम बने हैं लेकिन किताबों में हैं

हरियाणा नगरपालिका अधिनियम 1973 के तहत निर्माण कार्य करने से पहले नगर परिषद से मंजूरी लेनी होती है। बिना अनुमति निर्माण करने पर बिल्डिंग प्लान अधिनियम की धारा 208 हरियाणा नगरपालिका अधिनियम 1973 के तहत निर्माण करने बंद करवाया जा सकता है? 7 दिनों में दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाने पर निर्माण गिराया भी जा सकता है।

सर्वे कर दिए जाएंगे नोटिस

नगर परिषद में बिल्डिंग इंसपेक्टर का पद खाली था अभी नियुक्ति हुई है। बिना अनुमति निर्माण करने वालों का सर्वे कर उन्हें नोटिस दिए जाएंगे। पालिका बाजार में हो रहे निर्माण पर सामग्री रोड पर रखकर जाम लगा हुआ था। जेई को सामान जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. सुशील कुमार, जिला नगर आयुक्त, जींद

दिए जाते हैं नोटिस : सर्वेयर

जो लोग मलबा चार्ज जमा करवाते हैं, वह बिना गली अवरुद्ध किये अपने घर या दुकान के आगे समान रख सकते हैं। गली या सड़क के बीच मे सामान रखने वालों को नोटिस भी दिए जाते हैं। -सतबीर, सर्वेयर, हुडा, जींद

August 28, 2020

रोष:हड़ताल खत्म कर आशा वर्करों ने कहा- जब तक सीएम हमारी मांगों का निपटारा नहीं करेंगे, तब तक धरना जारी रहेगा

रोष:हड़ताल खत्म कर आशा वर्करों ने कहा- जब तक सीएम हमारी मांगों का निपटारा नहीं करेंगे, तब तक धरना जारी रहेगा

आशा वर्कर की हड़ताल 21वें दिन में भी जारी रही। जिला सचिव राजबाला ने कहा कि कल विधानसभा घेराव के लिए 5 जिलों की आशा वर्कर चंडीगढ़ गई थीं, वहां आशा वर्करों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार ने बातचीत के लिए आशा वर्कर यूनियन के डेलिगेशन को बुलाया। मुख्यमंत्री के ओएसडी ने बताया कि मुख्यमंत्री कोरोना वायरस से पीड़ित हैं। आप अपनी हड़ताल समाप्त कर दें, मुख्यमंत्री के ठीक होते ही आपकी बातचीत करेंगे और आपकी मांगें मानी जाएंगी।

आशा वर्कर इस बात पर अड़ी हुई हैं कि सरकार का उपमुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री भी उनकी मांगों का समाधान कर सकते हैं। सरकार जान-बुझकर हमारी मांगों को लटकाना चाहती है। आशा वर्कर्स ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री हमसे बातचीत करके हमारी मांगों का निपटारा करेंगे तब तक हमारा धरना जारी रहेगी। आज के धरने की अध्यक्षता रोशनी ने की और संचालन सुमन ने किया।

जिला सचिव राजबाला ने कहा कि हरियाणा सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगा रही है। सरकार को हरियाणा की 20000 आशा वर्कर 21 दिन से हड़ताल पर हैं, उनकी समस्या दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि आज हमने हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन धरना जारी रहेगा। आज हड़ताल खत्म करने का नोटिस जींद के सिविल सर्जन के माध्यम से मिशन डायरेक्टर के नाम भेजा गया। इस अवसर पर मंजू, रामरती, नीलम मौजूद रही।

August 28, 2020

विचार-विमर्श:शहर की समस्याओं पर नगर परिषद आयुक्त ने लिया संज्ञान, चिल्ली को झील बनाने व शहर की सफाई समस्या पर फोकस

विचार-विमर्श:शहर की समस्याओं पर नगर परिषद आयुक्त ने लिया संज्ञान, चिल्ली को झील बनाने व शहर की सफाई समस्या पर फोकस

फतेहाबाद: नवनियुक्त नगर परिषद आयुक्त समवर्तक सिंह ने शहर की प्रमुख समस्याओं व अटके प्रोजेक्ट पर संज्ञान ले हुए इस पर गणमान्य लोगों व नगर परिषद अधिकारियों के साथ चर्चा की है। नप आयुक्त की नियुक्ति के बाद से ही शहर व जिले के लोगों को अपने शहरों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। नप अधिकारियों से समस्या के समाधान न होते देख अब लोग सीधे ही आयुक्त से मिलने पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में नप आयुक्त ने फतेहाबाद शहर की सबसे पुरानी मांग चिल्ली को झील बनाए जाने पर संज्ञान लिया है। वहीं शहर की सफाई व्यवस्था व शौचालयों की सफाई को लेकर नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों को जवाबदेह बनाते हुए निर्देश दिए हैं।

सफाई करने के बाद वीडियो बना नगर परिषद अधिकारियों को भेजनी होगी


शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर नप आयुक्त ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने नगर परिषद कर्मचारियों को आदेश दिए है कि शहर में सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने को लेकर कोई लापरवाही न बरते। शहर के शौचालयों की सफाई को लेकर ईओ आदेश दिए है कि अगर सफाई न मिली तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसका ठेका कैंसिल किया जाएगा। शौचालयों की सफाई कर वीडियो व फोटो कर नप अधिकारियों को भेजनी होगी। नप आयुक्त समवर्तक सिंह ने ईओ को आदेश देते हुए कहा है कि वह ठेकेदार को कहे कि सुबह- शाम शौचालयों की नियमित रूप से सफाई करवाएं।

सड़क पर न दिखे कही गंदगी

नप आयुक्त ने मुख्य बाजार व सड़कों पर नियमित रूप से सफाई करने के आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि अगर शहर साफ सुथरा रहेगा तो शहरवासी भी खुश होंगे। सफाई को लेकर आई हुई शिकायतों को तुरंत समाधान होना चाहिए।

नगर परिषद आयुक्त करेंगे उपायुक्त से चर्चा

चिल्ली की समस्या को लेकर एडवोकेट प्रवीन जोड़ा ने नप आयुक्त से चर्चा की। जोड़ा ने उन्हें चिल्ली को झील बनाए जाने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम होना चाहिए। यदि यह नहीं हुआ तो लोग यहां पर कब्जा कर लेंगे। डीसी से बात करके दोबारा निशानदेही पर विचार किया जाएगा ताकि कब्जे न हो और झील बनाने का काम आसान हो।

चिल्ली के विकास कार्य किन कारणों के चलते अब तक नहीं हुआ इस बारे में पूरी स्थिति जानी है। आस- पास की कुछ जगह पर लोगों ने कब्जे किए हुए हैं। उनमें से कुछ केस कोर्ट से जीत भी गए है। डीसी से चिल्ली की दुबारा निशानदेही करवाने को लेकर बात की जाएगी। चिल्ली के विकास कार्य की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। चिल्ली का विकास शहर के अहम मुद्दों में शामिल है। वहीं शहर की सफाई के मुद्दे पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है। समवर्तक सिंह, नप आयुक्त।

August 28, 2020

ढह रहा किला:दिल्ली की भू-विशेषज्ञ टीम निकाल रही सैंपल, किले पर 20 फीट नीचे मिट्‌टी के साथ निकल रहे पुराने मकानाें के अवशेष

ढह रहा किला:दिल्ली की भू-विशेषज्ञ टीम निकाल रही सैंपल, किले पर 20 फीट नीचे मिट्‌टी के साथ निकल रहे पुराने मकानाें के अवशेष

पानीपत: किले पर 20 फीट गहराई से मिट्‌टी के साथ पुराने मकानाें के अवशेष निकल रहे हैं। जो ईंट व पत्थर निकल रहे हैं, उससे तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह किला प्राकृतिक नहीं था। यहां पर अन्य क्षेत्रों से मलबा लाकर जमा किया गया था। उसी मलबे के ऊपर पुराने समय में किले का निर्माण कराया होगा। ऊंचाई पर किला बनाने का उद्देश्य बाहरी आक्रमणकारियों से बचाव व प्राकृतिक आपदाओं को भी ध्यान में रखा गया था। टीम लीडर चमन सिंह ने बताया कि पार्क के नजदीक ही दूसरी जगह से मिट्‌टी के सैंपल निकालने का काम शुरू कर दिया है। टीम में शामिल जफर, गुलहसन, मुनव्वर व अरशद मिट्‌टी निकाल रहे हैं। जमीन से मिट्‌टी निकालने की जिम्मेदारी दिल्ली की एक निजी फर्म को दी हुई है। टीम जमीन में 6 मीटर यानि 20 फीट से ज्यादा गहराई से सैंपल निकाल रही है।

मुख्य बाजार एसोसिएशन प्रधान निशांत सोनी बोले-ताजे पानी वाली लाइनों की लीकेज की जांच की जाए

मुख्य बाजार के दुकानदारों में जिला प्रशासन व सरकार के प्रति लगातार रोष बढ़ रहा है। मुख्य बाजार एसोसिएशन प्रधान निशांत सोनी, दुकानदार मदन चावला व सूरज कुमार का कहना है कि जिला प्रशासन हमें भी किला के साथ जोड़कर देख रहा है। किला क्षेत्र से मिट्‌टी के सैंपल निकालना अच्छी बात है, लेकिन हमारे एरिया में दरार आने कारण पाइप लाइनों की लीकेज ही माना जा रहा है। हमारी मांग है कि दुकान ताजे पानी वाली लाइनों की लीकेज जांच की जाए। उल्लखेनीय है कि किला क्षेत्र में पहले भी मकानों में दरार आ चुकी हैं।

सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही शुरू होंगे आगे काम


नगर निगम कमिश्नर सुशील कुमार ने कहा कि किला क्षेत्र में मिट्‌टी के सैंपल निकालने का काम चल रहा है। यह काम जल्दी ही पूरा हो जाएगा। किला वासियों से अनुराेध है कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक संयम बनाकर रखें। जो भी सुधार करने के लिए फैसले लिए जाएंगे, वाे जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लेंगे

August 28, 2020

विकास:1.60 करोड़ रुपए खर्च कर जींद उपमंडल के चार गांवों में पहुंचाया स्वच्छ पेयजल

विकास:1.60 करोड़ रुपए खर्च कर जींद उपमंडल के चार गांवों में पहुंचाया स्वच्छ पेयजल


जीन्द: राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत गांवों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति करवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2016-17 में चार विकास परियोजनाओं को पूरा किया गया। वहीं वर्ष 2019-20 में भी इस कार्यक्रम के तहत चार विकास परियोजनाओं को पूरा कर चार गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करवाई गई।

बड़ौदी गांव में पाइप लाइन बिछाने के कार्य को पूरा कर लिया गया है, जिस पर लगभग 60 लाख रुपए की राशि खर्च की गई है। इसी प्रकार ढांडाखेड़ी गांव में बूस्टिंग का निर्माण कार्य व पाइप लाइन बिछाने के कार्य को पूर्ण कर लिया गया है। इस कार्य पर लगभग 57 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि वर्ष 2019-20 में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के तहत चार गांवों की विकास परियोजनाओं पर एक करोड़ 60 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।

ईक्कस में 25 लाख तो जीवनपुर में 18 लाख हुए पाइप बिछाने पर खर्च

ईक्कस गांव में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए पाईप लाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है जिस पर लगभग 25 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसी प्रकार जीवनपुर गांव में भी पाईप लाइन बिछाने के कार्य को पूरा कर लिया गया है जिस पर लगभग 18 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।

August 28, 2020

तैयारी:स्वच्छता के मास्टर प्लॉन पर शहर में चलेगा अभियान

तैयारी:स्वच्छता के मास्टर प्लॉन पर शहर में चलेगा अभियान

सिरसा: हाल ही में नगरपरिषद में म्यूनिसिपल कमिश्नर का पदभार संभालने के बाद आईएएस संगीता तेतरवाल ने दस दिन में शहर के तीन बार राउंड लगाए। जिसमें उन्होंने शहर की एक-एक गली को छानकर देखा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए क्या-क्या योजना तैयार की जाए। वहीं शहर की सबसे प्राथमिक समस्या क्या है। इस दौरान शहर के लिए सबसे जरूरी तीन बातें मानी गई। जिसे आईएएस संगीता तेतरवाल ने अपने मास्टर प्लान में शामिल किया है। सबसे पहले शहर की स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए प्लान तैयार हुआ है। उसके बाद शहर में लगे कूड़े के ढेर की समस्या को निवारण किया जाएगा। वहीं पार्किंग की समस्या से निपटने के अलावा आवारा पशुओं को लेकर स्पेशल अभियान चलाने की योजना तैयार की गई है।

जोन के हिसाब से बांटकर सोमवार शाम 6 बजे से शहर में चलेगा स्पेशल सफाई अभियान

म्यूनिसिपल कमिश्नर संगीता तेतरवाल ने बताया कि सबसे पहले स्वच्छता को लेकर सोमवार शाम 6 बजे से अभियान शुरू किया जाएगा। इसको लेकर सफाई कर्मियों और अधिकारियों को जोन के हिसाब शहर बांटकर दिया जाएगा। जिसमें शहर के सामाजिक संगठन के लोग भी शामिल होंगे। यहां तक की वे खुद भी इस अभियान में शामिल है। उसके बाद उनकी ड्यूटी फिक्स की जाएगी। वहां सफाई करवाने की मानिटरिंग करने के लिए भी जिम्मेदारी तय रहेगी। इसके लिए एक वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। जिसमें सफाई को लेकर सूचना प्रेषित की जा सकेगी। जिस इलाके की सफाई को लेकर शिकायत होगी। उससे संबंधित सफाई के जिम्मेदार कर्मचारी पर एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए कूड़े के ढेर और ग्रीन बेल्ट और पार्कों की सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा।

आवारा पशु मुक्त करने के लिए बनेगी योजना

नगरपरिषद की आयुक्त संगीता तेतरवाल के मास्टर प्लॉन में शहर को आवारा पशु मुक्त बनाने की योजना को भी प्राथमिकता से लिया गया है। मीटिंग में इस बात पर विशेष रूप से चर्चा हुई कि दुधारू पशु आवारा छोड़ने के मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई हो। इसके अलावा विशेष रूप से शहर के सभी आवारा पशु गोशाला और सांडशाला में छोड़े जाए।

मैडम के प्लान का असर शुरू, ग्रीन बेल्ट में सफाई के लिए जेसीबी लगाई

नगरपरिषद आयुक्त की ओर से सफाई व्यवस्था सुधारने के आदेश देने के बाद ही इसका असर दिखना शुरू हो गया है। शहर की बदहालत पड़ी ग्रीन बैल्ट में अब सफाई शुरू हो गई है। वार्ड नंबर 30 की ग्रीन बेल्ट में पार्षद रेनू बाला के प्रयास से वहां सफाई शुरू हो गई है।

शहर सबसे सुदंर और स्वच्छ हो इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि सफाई व्यवस्था में हमारा योगदान हो। इसलिए हम सब मिलकर विशेष अभियान चला रहे हैं। संगीता तेतरवाल, म्यूनिसिपल कमीश्नर।

August 28, 2020

सिलेंडर के साथ सांप की भी हो गई 'होम डिलीवरी', मच गया हड़कंप

सिलेंडर के साथ सांप की भी हो गई 'होम डिलीवरी', मच गया हड़कंप

फ़तेहाबाद : अगर आप इन दिनों घर पर एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी ले रहे हैं तो इस दौरान सावधान रहें। आपके घर सिलेंडर के साथ साथ सांप भी पहुंच सकता है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हरियाणा के फतेहाबाद में ऐसी एक घटना हुई है। 

दरअसल फतेहाबाद की प्रभाकर कॉलोनी में एक व्यक्ति के घर एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी की गई. घर वाले उस वक्त बेहद डर गए जब उन्होंने सिलेंडर के निचले हिस्से में सांप को बैठा पाया।
 
जब सिलेंडर को टेढ़ा करके देखा गया तो उसकी पेंदी में एक सांप फंसा हुआ था । यह देखकर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में लोग उस सिलेंडर से दूर चले गए। इसके बाद परिजनों ने वन्य जीव संरक्षक डॉ गोपी को इसकी जानकारी दी।

डॉ गोपी ने मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक उस सांप को सिलेंडर से बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया. बरसात के मौसम में खासतौर पर ऐसी समस्या देखने को मिलती है। कारों और घरों में सांप पाए जाते है ।
इसलिए घर पर सिलेंडर या ऐसी किसी भी चीज की डिलीवरी लेने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लें कि उसमें कोई जहरीला जीव या फिर कुछ और ना फंसा हो । इससे आपकी जान को भी खतरा हो सकता है।

August 28, 2020

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय ने परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव किया

रेवाड़ी : इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय ने परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव किया

रेवाड़ी मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में चल रही अगस्त-सितम्बर माह में स्नातकोतर स्तर (रेगूलर/रि-अपीयर) की परीक्षाओं की तिथियों में कुछ फेरबदल किया। एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर मैनेजमैंट ऑफ बैंकिंग एण्ड इन्सोरंस 29 अगस्त को होना था वह अब 14 सितम्बर को,बिजनेस मार्केटिंग मैनेजमेंट (ओल्ड) 29 अगस्त को होना था वह अब 14 सितम्बर को, मल्टीनेसनेल फाइनेंसियल मैनेजमेंट, स्ट्रेटैगिक हयूमन रिसार्स मैंनेजमैंट, ग्लोबल स्ट्रेटैगिक मैंनेजमैंट (ओल्ड), 30 अगस्त को होने थे वे अब 15 सितंबर को, फाईनेंनसियल डरावटीज का पेपर 5 सितंबर को होना था वह अब 16 सितंबर को, इन्टरनेसनेल लोजिस्टिक, हयूमन कैपिटल मैनेजमेंट का पेपर 6 सितम्बर को होना था वह अब 17 सितंबर को, लीगल डाईमेंसन ऑफ इन्टरनेसनेल बिजनेस, मैनेजमेंट ऑफ टेलन्ट एण्ड परफोरमेंस का पेपर 12 सितम्बर की बजाए 18 सितम्बर को और सोसल मार्केटिंग का पेपर 13 सितंबर की बजाए 21 सितम्बर को होगा।

एमकॉम आनर्स दसवें सेमेस्टर का पेपर कॉरपोरेट टैक्स प्लानिंग, कस्टमर रिलेसनसिप मैनेजमेंट, स्ट्रटेगिक एचआरएम और रिटेल मार्केटिंग का पेपर 5 सितंबर की बजाए 7 सितम्बर हो होंगे। अर्थशास्त्र और योगा के जो पेपर पब्लिक इकोनोमिक्स मारमा थैरेपी ई और अप्लाईड योगा ई 29 अगस्त की बजाए 4 सितंबर हो होंगे। इतिहास में स्लेव, कुलिज एण्ड लेबर: ए हिस्ट्री ऑफ हयूमन सर्विच्यूड थ्रो सेच्यूरी, इंडियन नेंसनेल मूवमेंट-1885-1947 के पेपर 30 अगस्त की बजाए 7 सितंबर हो होंगे। एम.ए. एजेकेशन में स्पेशल एजुकेशन और टीचर एजुकेशन के पेपर 30 अगस्त की बजाए 7 सितम्बर हो होंगे। एमपीईस में एथलेटिक्स केयर एण्ड रिहिबिलेसन का पेपर 30 अगस्त की बजाय 7 सितंबर को, एमपीईएड में स्पोटर्स बायोमैकनिक्स ओल्ड का पेपर 30 अगस्त की बजाय 7 सितम्बर को, बोटनी में मैकनिकल प्लांटस इन हयूमन हैल्थ केयर ओल्ड और टूल्स एण्ड टैक्निक्स का पेपर 29 अगस्त की बजाय 31 अगस्त को होगाष। इन्वायरमैंटल साईंस में इन्वायरमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनएबल डवलेपमेट का पेपर 29 अगस्त की बजाए 31 अगस्त को और जूलोजी में इंटोमोलोजी ओल्ड, वाइल्डलाइफ एण्ड कंजरवेंसन के पेपर 30 अगस्त की बजाय अब 1 सितम्बर को होंगे। परीक्षा के समय तथा परीक्षा केन्द्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वाणिज्य विभाग की परीक्षाओं एम.कॉम आनर्स के छटे एवं दसवें सेमेस्टर की परीक्षाओं का समय अब सांय 1 से 4 बजे तक का कर दिया गया है। पहले यह समय सांय 2 से 5 बजे तक था।

August 28, 2020

शिक्षा:सेकंडरी-सीनियर सेकंडरी परीक्षा के प्रमाण पत्र 1 व 2 सितंबर को किए जाएंगे वितरित

शिक्षा:सेकंडरी-सीनियर सेकंडरी परीक्षा के प्रमाण पत्र 1 व 2 सितंबर को किए जाएंगे वितरित

 भिवानी :हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से मार्च में आयोजित की गई सेकंडरी, सीनियर सेकंडरी परीक्षा के विद्यालयी परीक्षार्थियों के प्रमाणपत्र, कम्पार्टमेंट,अनुत्तीर्ण कार्ड तथा माइग्रेशन प्रमाणपत्र प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों पर एक सितंबर को भेजे जा रहे हैं।

बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह एवं बोर्ड सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के सभी सेकंडरी, सीनियर सेकंडरी विद्यालयों के मुखिया उनके विद्यालय के परीक्षार्थियों के पास प्रमाणपत्र, कम्पार्टमेंट,अनुत्तीर्ण कार्ड तथा माइग्रेशन प्रमाण-पत्र एक सितम्बर को प्रात: 11 बजे से सायं 5 बजे तक तथा दाे सितम्बर को प्रात: 9 बजे से सायं 4 बजे तक संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय या उन द्वारा निर्धारित अन्य स्थान से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा नियुक्त कर्मचारी से प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जिला भिवानी के सेकंडरी, सीनियर सेकंडरी के पास प्रमाण-पत्र,कम्पार्टमेंट, अनुत्तीर्ण कार्ड तथा माइग्रेशन प्रमाणपत्र बोर्ड मुख्यालय के अध्यापक भवन में वितरित किए जाएंगे। जिला दादरी के पास प्रमाण-पत्र, कम्पार्टमेंट, अनुत्तीर्ण कार्ड तथा माइग्रेशन प्रमाणपत्र खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय दादरी में वितरित किए जाएंगे।

प्राधिकरण पत्र न होने पर नहीं दिए जाएंगे प्रमाण-पत्र

यदि विद्यालय मुखिया स्वयं ये प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं कर सकते हैं तो अपने विद्यालय के किसी भी अध्यापक, प्राध्यापक को इस कार्य के लिए प्राधिकृत करें। जिस अध्यापक, प्राध्यापक को विद्यालय के मुखिया द्वारा प्राधिकृत किया जाता है। वे अपने साथ प्राधिकरण का पत्र अवश्य लेकर आएं। प्राधिकरण पत्र न होने के कारण प्रमाण-पत्र न मिलने की जिम्मेवारी संस्था की होगी। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह एवं बोर्ड सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से सेकंडरी,सीनियर सेकंडरी कक्षा के प्रमाण-पत्र यदि किन्हीं अपरिहार्य कारणों से दस्ती प्राप्त नहीं कर पाते हैं तो ऐसी अवस्था में ये प्रमाण-पत्र उक्त वर्णित तिथियों के पश्चात बोर्ड मुख्यालय से प्राप्त करने होंगे। इसकी जिम्मेवारी संस्था के मुखिया की होगी। उन्होंने बताया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही सेकंडरी, सीनियर सेकंडरी परीक्षा मार्च-2020 के प्रमाण पत्र, कम्पार्टमेंट, अनुत्तीर्ण कार्ड तथा माइग्रेशन प्रमाण-पत्र वितरण का कार्य करवाया जाएगा।

August 28, 2020

कोरोना काल में पढ़ाई:एचएयू की पहल, अब विवि के स्टूडेंट्स काे घर बैठे याेग के गुर भी सिखाएगा एचएयू

कोरोना काल में पढ़ाई:एचएयू की पहल, अब विवि के स्टूडेंट्स काे घर बैठे याेग के गुर भी सिखाएगा एचएयू

हिसार:-अब एचएयू के स्टूडेंट्स घर बैठे ही याेग के गुर सींख सकेंगे। एचएयू के कुलपति की पहल के अनुसार स्टूडेंट्स काे स्वस्थ्य रखने के उद्देश्य से ऑनलाइन ही योगिक क्रियाएं भी सिखाई जाएगी। इसके लिए याेग के जानकार प्राेफेसराें की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा कुलपति ने ऑनलाइन पढ़ाई का जायजा लिया। प्राेफेसर काे आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दरअसल, काेराेना वायरस से बचाव के मद्देनजर एचएयू में छात्र एवं छात्राओं काे ऑनलाइन ही पढ़ाई कराई जा रही है। विवि में छात्र एवं छात्राओं काे नहीं बुलाया जा रहा है।

हालांकि स्टाफ के लाेग विवि में आकर ऑफिसियल काम कर रहे हैं। एचएयू के कुलपति प्राेफेसर समर सिंह का कहना है कि फिट रहने के लिए याेग जरूरी है। इसी उद्देश्य से छात्र एवं छात्राओं काे फिट रखने के लिए प्रतिदिन ऑनलाइन ही सुबह के समय योगिक क्रियाओं अनुलाेम, विलाेम से लेकर सूर्य नमस्कार आदि के गुर दिए जाएंगे। इसके लिए महिला और पुरुष प्राेफेसराें की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा कुलपति ने स्मार्ट क्लास और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से चल रही छात्राें की पढ़ाई का जायजा लिया। प्राेफेसराें काे निर्देश दिए कि वह अलर्ट रहकर छात्रों की समस्या काे दूर करें। छात्राें काे किसी भी तरह की परेशानी नहीं हाेने चाहिए।

5 फीट दूरी के साथ फर्स्ट ऐड ट्रेनिंग बैच में 50 से ज्यादा प्रतिभागी नहीं

रेडक्रॉस सोसायटी के फर्स्ट एड विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लगने वाली फर्स्ट एड क्लास में बैठने की व्यवस्था और शेड्यूल में परिवर्तन किए हैं। ये परिवर्तन कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामलों को देखकर किए हैं। जिसके चलते एक हॉल में जहां 150 से दो सौ परीक्षणार्थियों की क्लास एक साथ लगती थी, अब एक बार में 50 से ज्यादा परीक्षणार्थी एक क्लास में नहीं बैठ सकते।

सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के चलते सीटों में हर तरफ से 5 फीट की दूरी रखी गई है। साथ ही एक क्लास के बाद क्लास रूम का पूरी तरह से सैनिटाइजेशन किया रहा है। फर्स्ट एड विभाग के अधिकारी विपिन दलाल ने बताया कि कोरोना काल से पहले रेगुलर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मिलने वाली फर्स्ट एड ट्रेनिंग की क्लास एक दिन के लिए 4 घंटे की होती थी। उसमें बदलाव करके अब 1 घंटे के चार बैच में तब्दील कर दिया गया है।

August 28, 2020

शराब घोटाला:गृह मंत्री अनिल विज की ओर से की गईं सिफारिशें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मानी, जांच विजिलेंस ब्यूरो करेगा

शराब घोटाला:गृह मंत्री अनिल विज की ओर से की गईं सिफारिशें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मानी, जांच विजिलेंस ब्यूरो करेगा

सीएस ने आईएएस विद्यार्थी से मांगा स्पष्टीकरण, आईपीएस गोदारा के लिए गृह सचिव को लिखा पत्र डिप्टी सीएम और गृह मंत्री की अलग-अलग राय, दुष्यंत बोले- राजस्व बढ़ा है तो घोटाला कहां से हुआ


चण्डीगढ़ : लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाला की एसईटी (स्पेशल इंक्वायरी टीम) की रिपोर्ट के आधार पर गृहमंत्री अनिल विज की ओर से की गई सभी सिफारिशें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मान ली हैं। इस मामले की जांच अब स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करेगा। साथ ही आईएएस अधिकारी शेखर विद्यार्थी व आईपीएस अधिकारी प्रतीक्षा गोदारा के खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (ईटीसी) शेखर विद्यार्थी से स्पष्टीकरण मांगा है। सोनीपत की तत्कालीन एसपी एवं यूटी कॉडर की आईपीएस प्रतीक्षा गोदारा से स्पष्टीकरण के लिए होम सेक्रेट्री विजय वर्धन को पत्र लिखा गया है। गृह मंत्री विज ने बताया कि मुख्य सचिव ने आईएएस शेखर विद्यार्थी को तलब भी किया था। आईपीएस प्रतीक्षा गोदारा से भी जवाब तलबी हुई है।
गृह मंत्री ने सीएम से ये की थी सिफारिश :सोनीपत की तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा व ईटीसी शेखर विद्यार्थी के खिलाफ जांच कर एक्शन लिया जाए।

एक्साइज एंड टैक्सेशन और पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराई जाए। मामले की गहन जांच स्टेट विजिलेंस ब्यूरो से कराई जाए।

सुबह दुष्यंत बोले- राजस्व बढ़ा है तो घोटाला कहां से हुआ

घोटाले में सरकार के दो सीनियर मंत्री आमने-सामने हैं। गुरुवार सुबह डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने पत्रकारवार्ता बुलाकर एक्साइज डिपार्टमेंट की जमकर तारीफ की। कहा कि जब विभाग का राजस्व बढ़ा है तो घोटाला कहां से हुआ। इसके बाद शाम को गृह मंत्री अनिल विज ने मीडिया से मुखातिब होकर एक बार फिर दोहाराया कि शराब घोटाला हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी सिफारिश मंजूरी कर ली हैं। अब इस मामले की गहनता से जांच होगी।
विजिलेंस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा जोर

स्टेट विजलेंस ब्यूरो को लिखे गए पत्र में एसईटी की रिपोर्ट में दर्ज कई बातों का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, ताकि इन बिंदुओं पर ज्यादा जोर दिया जा सके। शराब के स्टॉक में ज्यादातर जिलों में कमी देखी गई। एक्साइज विभाग ने पूरी जानकारी नहीं दी। इसके क्या कारण हो सकते हैं, वह खुद ही जानता है।

ईटीसी ने खुद माना कि कुछ जिलों में परमिट जारी हुए। लॉकडाउन में शराब की मूवमेंट हुई, इसका भी ईटीसी ठीक से जवाब नहीं दे पाए। यह साबित होता है कि लॉकडाउन में शराब की अवैध तरीके से मूवमेंट हुई है।

पुलिस ने भी जो रोल निभाया है, वह नियमों से बाहर होकर किया गया काम है। इसकी जांच की जरूरत है। क्योंकि यही वह समय था, जब हर जगह लॉकडाउन में एक आदमी की मूवमेंट नहीं होने दी जा रही थी, वहां शराब की मूवमेंट कैसे हो गई‌?

ये है मामला

सोनीपत के खरखौदा में शराब घोटाला सामने आने के बाद उसमें पुलिस व एक्साइज विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत मिली। इसके बाद कई जिलों से ऐसे मामलों का खुलासा हुआ। यह भी सामने आया कि लॉकडाउन में ठेके बंद होने पर भी शराब की मूवमेंट हुई। जिस पर गृह मंत्री विज ने पूरे राज्य में शराब से जुड़े मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने की सिफारिश सीएम से की थी। 11 मई को एसईटी का गठन कर 20 दिन में जांच करने को कहा गया। 27 मई को एसईटी ने जांच के लिए 31 जुलाई तक का वक्त मांगा। 30 जुलाई की रात एसईटी ने गृह सचिव को रिपोर्ट सौंपी। 31 जुलाई को विज ने गृह सचिव से 5 दिन में पूरी रिपोर्ट पर तथ्य मांगे। इसके बाद सीएम से कार्यवाही व स्टेट विजिलेंस जांच की सिफारिश की।

जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी

लॉकडाउन में शराब घोटाले की जानकारी मिलने पर एसईटी बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए किसी ने मुझसे नहीं कहा था। मैंने एसईटी की रिपोर्ट के आधार पर सीएम से सिफारिश की थी। वह मान ली गई हैं। अब विजिलेंस जांच में पूरे मामले का खुलासा होगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। -अनिल विज, गृह मंत्री

August 28, 2020

हत्या की वारदात:बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, आठ फायर लगने से दूधिये ने मौके पर ही तोड़ा दम

हत्या की वारदात:बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, आठ फायर लगने से दूधिये ने मौके पर ही तोड़ा दम

रोहतक जिले के गांव चांदी में हत्या की वारदात के बाद मौके पर उमड़ा सड़क से गुजरने वालों का हुजूम।

रोहतक जिले के गांव खरैंटी का था मृतक जयभगवान, पास के गांव चांदी में गुरुवार सुबह 8 बजे की गई हत्या

राहगीरों की तरफ से सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी थाना लाखन माजरा की पुलिस टीम

रोहतक: रोहतक जिले के गांव चांदी में गुरुवार सुबह गोली चलने की घटना सामने आई है। बताया जाता है कि एक दूधिये पर कुछ बदमाशों ने सुबह-सुबह गोलियों की बरसात कर दी। दूधिये ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और बदमाश वहां से फरार हो गए। सूचना के बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रोहतक मोर्चरी में भिजवा दिया है। प्राथमिक जांच में दूधिये को सात-आठ गोली लगने की पुष्टि हुई है।
मृतक की पहचान जिले के गांव खरैंटी के 35 वर्षीय जयभगवान के रूप में हुई है। सुबह करीब 8 बजे गांव से दूध लेकर बाइक पर रोहतक की तरफ आ रहा था। रास्ते में चांदी गांव के पास अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इसमें जयभगवान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बारे में राहगीरों ने तुरंत लाखन माजरा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक की पहचान कराई। इसके बाद उसके परिजनों को जानकारी दी गई तो वो मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने इस घटना के बारे में आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी खुलकर सामने नहीं आया। बहरहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाते हुए इस घटना की जांच शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि दूधिये की हमलावरों के साथ कोई पुरानी रंजिश हो सकती है।

Thursday, August 27, 2020

August 27, 2020

बंधी उम्मीद:धाेबीघाट की 1650 गज जमीन रजक समाज काे देने की तैयारी

कलेक्टर रेट के आधार पर कीमत तय करेगी कमेटी, रजक समाज मांग रहा मामूली रेट पर जमीन

धाेबीघाट की जमीन काे लेकर सालाें से संघर्ष कर रहे रजक समाज के लिए खुशी की बात है। सरकार ने रजक समाज की मांग पर 1650 वर्ग गज जमीन देने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे समाज के लोगों में जमीन मिलने की एक बार फिर से उम्मीद जगी है। इसकाे लेकर जल्द ही कमेटी कलेक्टर रेट के आधार पर इसकी कीमत निर्धारित करेगी। नगर निगम ने इसकाे लेकर यूएलबी के महानिदेशक काे लेटर लिखकर अवगत कराया है कि निदेशालय के आदेश पर ही कमेटी इस जमीन के कलेक्टर रेट के आधार पर कीमत तय करेगी।

इधर निगम की तरफ से मंडल आयुक्त काे भी लेटर लिखा है कि उनकी अध्यक्षता में बनी कमेटी कलेक्टर रेट निर्धारित करेगी। इस कमेटी में शामिल सदस्याें का भी नगर निगम ने हवाला दिया है। हालांकि इस मामले में सबसे बड़ी बात है कि रजक समाज कलेक्टर रेट पर भी जमीन लेने के लिए तैयार नहीं है। समाज के लोग इस मामले काे लेकर पिछले सप्ताह ही डिप्टी सीएम दुष्यंत चाैटाला से मिले थे। उन्हाेंने उनके सामने इस मामले काे रखा था। उन्हाेंने उनके सामने कहा है कि इस जमीन काे कम से कम रेट पर दिलवाए। क्याेंकि अन्य समाज के लाेगाें काे भी धर्मशालाओं व संस्थाओं के लिए कम से कम रेट पर जमीन दी जाती रही है।

वर्षों से यहां काम रहा है रजक समाज

धाेबीघाट के नाम से पहचानी जाने वाली इस जगह पर करीब 150 सालाें से रजक समाज काम कर रहा है। 2 एकड़ 1 कनाल कुछ मरले यानी 12 हजार 925 वर्ग गज यह सरकारी जमीन है जिस पर नगर निगम का मालिकाना हक है। रजक समाज के लाेग यहां अपना काम करते थे। वर्ष 2013 से रजक समाज इस जमीन काे लेने की मांग कर रहा है। क्याेंकि निगम ने जब इस जमीन पर प्राेजेक्ट बनाने की की प्लानिंग की ताे रजक समाज ने जमीन पर कुछ हिस्सा समाज हित में देने की मांग की थी।
August 27, 2020

शिक्षा:सीडीएलयू में डीपीईएड, बीपीईए व एमपीईएड के अंतिम सेमेस्टर की प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू

शिक्षा:सीडीएलयू में डीपीईएड, बीपीईए व एमपीईएड के अंतिम सेमेस्टर की प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा डीपीईएड, बीपीईएड व एमपीईएड के अंतिम सेमेस्टर की प्रैक्टिकल परीक्षा केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय व हरियाणा सरकार के मानकों की अनुपालना करते हुए करवाई जा रही है। शारीरिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षा प्रोफेसर मोनिका ने बताया की विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दिए गए आदेशों की अनुपालना करते हुए विद्यार्थी हित को ध्यान में रख कर प्रैक्टिकल परीक्षा ली जा रही है।

प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए विद्यार्थियों के छोटे-छोटे समूहों बनाये गए हैं। उन्होंने कहा की विद्यार्थियों को हिदायतें दे दी गई है की वे सोशल डिस्टेसिंग, मास्क का उचित प्रयोग करे। उन्होंने बताया की इस संबंध में विभाग के प्राध्यापकों की अलग-अलग समूहों पर ड्यूटी लगाई गई है। 11 विषयों की प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए 7 प्राध्यापकों द्वारा इन दिनों में करवाई जाएगी।

विद्यार्थियों ने परीक्षा आयोजित करवाने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह सोलंकी का धन्यवाद किया और कहा की समय पर प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित होने से वे 3 सितंबर से शुरू होने वाली लिखित परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से कर लें और उनकी डिग्री अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में जल्दी पूरी हो जाएगी।
August 27, 2020

बढ़ी चिंता:कोरोना से टोहाना के निजी डॉक्टर व बुजुर्ग महिला की मौत, 50 और मिले पॉजिटिव, अब तक 8 मौतें

बढ़ी चिंता:कोरोना से टोहाना के निजी डॉक्टर व बुजुर्ग महिला की मौत, 50 और मिले पॉजिटिव, अब तक 8 मौतें

टोहाना। कोरोना संक्रमित दो रोगियों की मृत्यु उपरांत उनके अंतिम संस्कार के लिए स्वर्ग आश्रम में व्यवस्था करवाते अधिकारी
डॉक्टर का गुरुग्राम में तो महिला का कोविड हॉस्पिटल अग्रोहा में चल रहा था इलाज, 782 लाेग कोरोना संक्रमित

जिले में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। इसी के चलते जिले में बुधवार को जहां दो लोगों की मौत हो गई वहीं 50 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 782 हो गई है। इनमें से 228 एक्टिव केस हैं तथा 546 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं टोहाना में एक चिकित्सक व बुजुर्ग महिला की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। जिले में अब तक कोरोना से 8 लोगों की मौत हो चुकी है।

गांव अकांवाली में बीते दिन ही एक बुजुर्ग की मौत हुई थी। बुधवार को संक्रमित मिले लोगों में फतेहाबाद की एक सफाई कर्मचारी सहित 10 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं टोहाना में 11, भट्‌टू में 4, रतिया में 11, धारसूल में 1, भूना में 9 जाखल में 5 सहित कुल 50 लोग शामिल हैं।

विधायक दुड़ाराम की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव

फतेहाबाद हलके सेे विधायक दुड़ाराम और उनकी पत्नी की दूसरी कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। वहीं उनके सम्पर्क में आए 15 अन्य लोगों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।

चिकित्सक काे बुखार और वृद्धा काे थी खासी की दिक्कत

शहर में कोरोना संक्रमित एक चिकित्सक व एक वृद्धा की मौत हो गई है जबकि 11 अन्य लोग पॉजिटिव मिले हैं। मृतकों में कक्कड़ नर्सिंग होम के संचालक 78 वर्षीय डॉ. राजेश कक्कड़ तथा भाटिया नगर की करीब 65 वर्षीय सुषमा देवी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेलवे लाइन के पास के स्वर्गाश्रम में दोनों मृतकों का एक ही समय में अंतिम संस्कार करवाया। मृतक डॉ. राजेश कक्कड़, जोकि शुगर व बीपी के रोगी थे, 16 अगस्त को खांसी बुखार होने पर हिसार जांच के लिए गए। उसके बाद वे उसी दिन गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में जाकर उपचार लेने लगे। डॉ. राजेश कक्कड़ नागरिक अस्पताल के एसएमओ के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। वहीं सुषमा देवी को कुछ दिन पूर्व खांसी होने पर जांच की गई। जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर अग्रोहा रेफर किया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। दोनों मृतकों के परिवार के 3-3 सदस्य भी संक्रमित मिले हैं।

रतिया में दो सगे भाइयों समेत 10 लोग मिले संक्रमित

क्षेत्र में दंपती व दो सगे भाइयों सहित 10 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें दो सगे भाई व नहर कालोनी में एक व्यक्ति उसकी पत्नी व बेटा शामिल हैं। नहर कालोनी में 50 वर्षीय व्यक्ति उसकी पत्नी व 11 वर्षीय बेटा कोरोना पॉजिटिव आए हैं। माडल टाउन में 23 व 22 वर्षीय दो सगे भाई संक्रमित मिले है। वार्ड 17 की नहर कालोनी में 24 वर्षीय छात्रा, गांव शहनाल व वार्ड 3 में दो दुकानदार पॉजिटिव आए है। रतिया में कोरोना से पॉजिटिव आने वाले लोगों की संख्या 195 हो गई है।

भट्टूमंडी में एमपी से आए दो मजदूर मिले संक्रमित

बुधवार को भट्टूमंडी की शिव कालोनी में दो प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव आए है। मध्य प्रदेश से 15 वर्षीय और 18 वर्षीय दोनों प्रवासी मजदूर 17 अगस्त को भट्टूमंडी में आए थे। यहां आने के बाद 24 अगस्त को इन दोनों की सैंपलिंग हुई‌ जिनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। दोनों मजदूरों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें कोविड केयर सेंटर फतेहाबाद में भर्ती करवाया गया है। जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
August 27, 2020

शिक्षा:केयू के आईआईएचएस संस्थान ने दाखिले के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की

शिक्षा:केयू के आईआईएचएस संस्थान ने दाखिले के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की

शिक्षा:केयू के आईआईएचएस संस्थान ने दाखिले के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की
कुरुक्षेत्र6 घंटे पहले 29 तक मेरिट में आने वाले विद्यार्थी फीस जमा करवा दाखिले ले पाएंगे

केयू के आईआईएचएस इंस्टीट्यूट में स्नातक स्तर के कोर्सेज में खाली सीटों के लिए बुधवार को दूसरी मेरिट लिस्ट ऑनलाइन जारी की गई। पहली मेरिट लिस्ट के बाद संस्थान की 674 सीट भर गई थी। वहीं अब खाली 501 सीट के लिए मेरिट लिस्ट जारी की गई है । विद्यार्थी 29 अगस्त तक ऑनलाइन फीस जमा करवा दाखिले ले पाएंगे।

आईआईएचएस के प्राचार्य एसबी मलिक ने बताया कि दूसरी मेरिट लिस्ट ऑनलाइन जारी कर दी गई है। 29 अगस्त तक मेरिट में आने वाले विद्यार्थी फीस जमा करवा दाखिले ले पाएंगे। उन्होंने बताया कि पहली लिस्ट में से 674 विद्यार्थियों ने फीस जमा करवा दाखिले ले लिए थे ।
August 27, 2020

ऑनलाइन बैठक:एफपीओ को कार्य विस्तार के लिए दी जाएगी 15 लाख तक की इक्विटी ग्रांट, एफपीओ के माध्यम से किसानों के बढ़ेंगे आय के साधन: डीसी

ऑनलाइन बैठक:एफपीओ को कार्य विस्तार के लिए दी जाएगी 15 लाख तक की इक्विटी ग्रांट, एफपीओ के माध्यम से किसानों के बढ़ेंगे आय के साधन: डीसी

कैथल: डीसी सुजान सिंह ने बुधवार को उद्यान विभाग की जिला स्तरीय निगरानी कमेटी की ऑनलाइन बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कहा कि अधिक से अधिक किसानों को जागरूक किया जाए कि वे अपनी परंपरागत फसल को छोड़कर एफपीओ के माध्यम से फूलों, शहद व मशरूम आदि की खेती करके ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। सरकार की ओर से इस योजना से जुड़ने वाले किसानों को आर्थिक मदद दी जाएगी ताकि सभी किसान उन्नत हो और उनकी आय के साधन और अधिक बढ़ें।

डीसी ने कहा कि एफपीओ यानी किसान उत्पादक संघ से जुड़कर किसान आय के ज्यादा साधन अर्जित कर सकते हैं। सरकार की नई गाइडलाइन अनुसार एफपीओ को 15 लाख तक की इक्विटी ग्रांट देने का प्रावधान किया गया है। यानी कि एफपीओ के माध्यम से जुड़े किसान कार्य को बढ़ाने के लिए जितनी धनराशि लगाएंगे, उतनी धनराशि इक्विटी ग्रांट के रूप में किसानों को दी जाएगी, जिसे उन्हें रिफंड नहीं करना होगा। इस व्यवस्था से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और एफपीओ के माध्यम से विभिन्न किसान जुड़कर सीधा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

डीसी ने बताया कि जिले में पहले से ही 17 एफपीओ पंजीकृत हैं, उन सभी को नई गाइडलाइन अनुसार दोबारा पंजीकृत किया जाएगा। एक एफपीओ में कम से कम 300 किसान जुड़ें होंगे, जिनसे उद्यान, कृषि, मत्स्य तथा पशुपालन विभाग आपसी तालमेल से एफपीओ को जागरूक करते हुए ज्यादा से ज्यादा जोड़ने का कार्य करें ताकि जिला के अधिक से अधिक किसान एफपीओ के माध्यम से जुड़कर अपना कार्य और बढ़ा सकें। इस कार्य के सुचारू रूप से संचालन के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई है।

इसके साथ-साथ जिला परियोजना संयोजक की भी नियुक्ति की गई है, जोकि किसानों की हर तरह से मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी किसानों का पंजीकरण जल्द करें और कंपनी एक्ट के तहत एफपीओ को शामिल करें, जिससे अधिक से अधिक धनराशि उन्हें कार्य करने के लिए मुहैया हो पाएगी। उन्होंने कहा कि इक्विटी ग्रांट के तहत पहले 10 लाख रुपए प्रत्येक एफपीओ को मिलते थे, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपए किया गया है। समय-समय पर इस योजना से संबंधित समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जाएगा। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि किसानों को सीधा लाभ मिल सके। इस मौके पर जिला उद्यान अधिकारी रमेश कुमार, जिला परियोजना संयोजक रविंद्र मौजूद रहे।

ये हैं जिला स्तरीय निगरानी समिति के सदस्य| उपायुक्त सुजान सिंह की अध्यक्षता में एफपीओ यानी किसान उत्पादक संघ के सुचारू रूप से कार्यों के लिए कमेटी गठित की गई है, जिसमें जिला उद्यान अधिकारी सदस्य सचिव हैं तथा सीईओ जिला परिषद, डीडीएम नाबार्ड, एलडीएम, कृषि विज्ञान केंद्र के जिला समन्वयक, आतमा स्कीम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर तथा कृषि पशुपालन, मत्स्य, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के जिला अधिकारी सदस्य हैं।
August 27, 2020

सीबीएसई का प्रयास:स्कूलों से सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विकसित किया पोर्टल ई-हरकारा

सीबीएसई का प्रयास:स्कूलों से सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विकसित किया पोर्टल ई-हरकारा

भिवानी:  सीबीएससी अब पूरी तरह से पेपरलेस होने जा रहा है। सीबीएसई ने इसे लेकर ई-हरकारा नामक पोर्टल विकसित किया है। इसमें सभी स्कूल अपनी हर तरह की सूचनाएं, शिकायतें, आवेदन, सुझाव आदि संबंधित विभागों व क्षेत्रीय कार्यालय को भेज सकेंगे। सीबीएसई ने सभी स्कूलों से ई-हरकारा पोर्टल का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करने को कहा है।

इसके साथ ही यह जानकारी भी दी है कि एक सितंबर से सीबीएससी किसी भी तरह का ऑफलाइन या ईमेल पत्राचार स्वीकार नहीं करेगा। सभी कार्रवाई ई-हरकारा पोर्टल के जरिए ही होंगी और हर स्कूल को इसका इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार एफिलिएशन यानी मान्यता, एग्जामिनेशन यानी परीक्षा और एकेडमिक आदि से संबंधित हर तरह की कार्रवाई सीबीएसई ने पहले ही ऑनलाइन कर दी है। कुछ शेष बची व्यवस्थाओं को लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया।

इसके बाद भी हर तरह के शिकायत व आवेदनों को स्कूल पेपर और ईमेल के माध्यम से भेज रहे थे। अब इसे भी पूरी तरह से ऑनलाइन किए जाने के लिए ही ई-हरकारा पोर्टल को विकसित किया गया है। स्कूल अपने लॉगइन आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर इसी पोर्टल पर हर जानकारी मुहैया कराएंगे। इससे उनके आवेदन व शिकायतें संबंधित विभाग के जिम्मेदार पदाधिकारी के पास पहुंचेंगे।

समय की होगी बचत और बचेगा पेपर

सीबीएसई का तर्क है कि इस नई व्यवस्था से एक ओर जहां पेपर का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद हो जाएगा। वहीं ई-मेल के माध्यम से विभागों को पत्र भेजने और उसके उत्तर का इंतजार करने का समय भी बचेगा। पोर्टल के जरिए स्कूल किसी भी विभाग से संबंधित शिकायत उस विभाग तक सीधे पहुंचेगी और उन्हें जवाब भी सीधे मिलेगा। इसमें कम से कम समय लगेगा, पेपर जरा भी खर्च नहीं होगा और कार्रवाई त्वरित सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे जहां स्कूलों को भी अपनी बात संबंधित व्यक्ति तक या विभाग तक पहुंचाने में आसानी होगी। वहीं, सीबीएसई को भी स्कूलों से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं व सुझाव या आवेदनों को सीधे देखने, सुनने व निस्तारण करने का अवसर मिलेगा।

नई व्यवस्था से पेपरलेस हो जाएगा पूरा काम

डीडब्ल्यूपीएस की डाॅ.प्राचार्या अनीता शर्मा ने बताया कि आईटी के इस दौर में सीबीएसई ने भी एक सार्थक कदम उठाया है। स्कूलों से हर तरह के पत्राचार व सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सीबीएससी अब पूरी तरह से पेपरलेस होगा। इसे लेकर ई-हरकारा नामक पोर्टल विकसित किया है, जिसमें सभी स्कूल अपनी हर तरह की सूचनाएं, शिकायतें, आवेदन, सुझाव आदि संबंधित विभागों व क्षेत्रीय कार्यालय को भेज सकेंगे।
August 27, 2020

टॉयलेट बना तलाक की वजह :पत्नी बोली- सास-ससुर गंदा कर देते हैं, इसलिए मेरे लिए अलग शौचालय बनाओ

टॉयलेट बना तलाक की वजह :पत्नी बोली- सास-ससुर गंदा कर देते हैं, इसलिए मेरे लिए अलग शौचालय बनाओ तभी आऊंगी ससुराल नहीं तो तलाक, पति बोला- मकान में दूसरा बनाने की जगह नहीं

पति-पत्नी के बीच झगड़े की पिछले दिनों में कुछ इस तरह की भी पहुंची शिकायतें अनलॉक के बाद से जिले में घरेलू हिंसा केे मामलों में हुई बढ़ोतरी

जींद : ( संजय तिरँगाधारी )महिला थाने में आ रहे कई मामले अब फिल्मों को टक्कर दे रहे हैं। फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा की कहानी, एक सामाजिक सुधार की कहानी थी, लेकिन महिला थाने में यह कहानी हकीकत में है। यह एक नवविवाहिता अपने लिए अलग से शौचालय बनवाने के लिए पति को तलाक देने पर अड़ी है। ऐसे ही पत्नी द्वारा मोबाइल पर चैटिंग एक जोड़े के बीच शक का ऐसा बीज बोया कि नौैबत तलाक तक आ गए हैं। ऐसे कई मामले महिला संरक्षण अधिकारी के पास पहुंचे।

सास-ससुर गंदा कर देते हैं, मैं क्यों साफ करूं

नरवाना की चमेला काॅलोनी की एक नवविवाहिता की शिकायत थी की घर में एक शौचालय है। उसको सास-ससुर उसे गंदा कर देते हैं। वह क्यों उसे साफ करे। उसने अपने पति को बार-बार अलग शौचालय बनाने की बात कही रही है लेकिन वो मान नहीं रहा। यदि घर में उसके लिए अलग शौचालय बन जाएगा तो वह ससुराल जाने के लिए तैयार। यदि शौचालय अलग नहीं बनता तो वह तलाक चाहती है। महिला संरक्षण अधिकारी ने जब विवाहिता के पति व अन्य परिजनों को बताया कि उनका 100 गज का मकान है। दूसरा शौचालय बनाने की जगह नहीं है। इस कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे। इसी कारण घर में हर समय उनके बीच झगड़ा रहता है।

चैट करने पर पति करता है मारपीट

शहर की बूढ़ाबाबा बस्ती की रहने वाली एक विवाहिता की शिकायत थी कि उसका पति हर समय उसके साथ छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा करता रहता है। इस दौरान कई बार उसने मारपीट भी की है। इसके कारण वह पिछले दो माह से अपने मायके में रह रही है। उसे उसके साथ नहीं रहना। इस पर महिला संरक्षण अधिकारी ने महिला के पति को बुलाकर झगड़े की वजह जानी तो उसने बताया कि जब देखो यह मोबाइल पर किसी के साथ चैट करती रहती है। उसने जब ऐसा करने से रोका तो उसे बताया कि वह अपनी बहन और परिजनों के साथ बात करती है। लेकिन उसे शक है कि यह किसी दूसरे व्यक्ति से बात करती है और उसके साथ इसके अवैध संबंध हो सकते हैं।

पति-पत्नी के बीच झगड़ों की आई शिकायतों में से 90% का हो जाता है समाधान

महिला पुलिस थाने और महिला संरक्षण अधिकारी के पास पहुंची शिकायतों में तो काफी बढ़ोतरी हुई है। इसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा पति-पत्नी के बीच छोटी-बातों को लेकर झगड़ों संबंधी आई हैं। हालांकि 90 फीसदी मामलों का समाधान हो गया है। महिला संरक्षण अधिकारी की मानेंं तो काफी मामलों में सामने आया कि पति-पत्नी के झगड़ों की बड़ी वजह विश्वास कम होना है। मामूली बातों पर कई महिला इससे नाराज होकर अपने मायके चली जाती हैं और वहीं से पुलिस को शिकायत करती हैं। इसके अलावा पति-पत्नी के बीच झगड़ा होने की दूसरी वजह पति का शराब पीकर घर आना है। हालांकि इस दौरान पति-पत्नी के बीच झगड़े की कई ऐसी वजह भी सामने आईं जिनकी पुलिस थाने या महिला सेल में शिकायत करने की बजाय उनका समाधान किया जा सकता था।

दंपती का विश्वास कम होना झगड़े की वजह

पिछले दिनो में घरेलू हिंसा संबंधी शिकायतें में बढ़ोतरी हुई है। इनमें ज्यादा शिकायतें पति-पत्नी के बीच झगड़े की है। इसका बड़ा कारण एक दूसरे पर गलत शक करना है। इसके अलावा पुरुष का शराब पीकर घर आना फिर पत्नी से झगड़ा करना है। हालांकि इस तरह की 90 प्रतिशत शिकायतों का दोनों पक्षों की काउंसिलिंग करने के बाद समाधान हो जाता है। - सुनीता शर्मा, महिला संरक्षण अधिकारी जींद।
August 27, 2020

आईओसी से होगा एमओयू:केडीबी बनाएगा ब्रह्मसरोवर सौंदर्यीकरण का प्रपोजल, करोड़ों के होंगे काम, पावरग्रिड से पहले से है सवा 7 करोड़ का केडीबी करार

आईओसी से होगा एमओयू:केडीबी बनाएगा ब्रह्मसरोवर सौंदर्यीकरण का प्रपोजल, करोड़ों के होंगे काम, पावरग्रिड से पहले से है सवा 7 करोड़ का केडीबी करार

कुरुक्षेत्र : ब्रह्मसरोवर की न केवल ऐतिहासिक व धार्मिक पहचान है बल्कि अब ब्रह्मसरोवर देश के 30 स्वच्छ आइकोनिक पैलेसिस में शामिल हैं। केंद्र सरकार की तरफ से जलशक्ति मंत्रालय द्वारा ब्रह्मसरोवर को तीसरे चरण में देश के 30 स्वच्छ आइकोनिक पैलेस में शामिल किया था। इसके तहत ब्रह्मसरोवर को इंटरनेशनल स्वच्छता मापदंडों के अनुसार स्वच्छ व सौंदर्यकरण किया जाएगा। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ब्रह्मसरोवर की देखरेख करता है। अब ब्रह्मसरोवर को चमकाने के लिए केडीबी को जल्द ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का भी साथ मिलने जा रहा है।
केंद्र की तरफ से आईओसी के साथ केडीबी का करार होगा। इसके बाद ब्रह्मसरोवर पर स्वच्छता व सौंदर्यकरण संबंधित विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम होंगे। केंद्र की तरफ से आईओसी ने बाकायदा इसके लिए प्रपोजल भी मांगा है। इस प्रपोजल के बाद ही एमओयू होगा। गौरतलब है कि स्वच्छ आइकोनिक पैलेस में शामिल होने के बाद केडीबी को सौंदर्यकरण के लिए पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का भी साथ पहले ही मिल चुका है। पावर ग्रिड के साथ ब्रह्मसरोवर ही नहीं, बल्कि शहर में भी सौंदर्यकरण के काम होंगे।
सन 2018 में एसआईपी
बता दें कि प्राचीन ब्रह्मसरोवर अपनी भव्यता के लिए भी प्रसिद्ध है। वहीं इसका ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व भी है। पुराणों व शास्त्रों में भी ब्रह्मसरोवर की महत्ता का वर्णन है। वर्तमान में भी ब्रह्मसरोवर करीब पौने चार किमी लंबा व चौड़ा है। प्राचीन समय में राजा महाराजा इसका जीर्णोद्धार करते थे। आधुनिक दौर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. गुलजारीलाल नंदा ने 60 के दशक इसका जीर्णोद्धार कराया था। बाकायदा सन 68 में केडीबी का गठन किया। सन 2018 में जलशक्ति मंत्रालय के तहत देश के 30 स्वच्छ आइकोनिक पैलेसिस, एसआईपी में इसे शामिल किया है।
आईओसी से होगा एमओयू
सौंदर्यकरण एवं स्वच्छता के लिए केडीबी को अब आईओसी का साथ मिलने जा रहा है। यदि तय योजना के अनुसार काम हुआ और कोरोना से हालात सुधरे तो अगले दो महीनों के अंदर केडीबी व आईओसी के बीच एमओयू हो जाएगा। बताया जाता है कि आईओसी ने ब्रह्मसरोवर पर सौंदर्यकरण व स्वच्छता संबंधित प्रोजेक्ट्स के साथ प्रपोजल मांगा है। केडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने माना कि आईओसी से सौंदर्यकरण को लेकर करार होने जा रहा है। अगले दो महीनों तक प्रपोजल तैयार कर भेजा जाएगा। इसके बाद एमओयू साइन होगा।
सीएसआर फंड से करते हैं खर्च
बता दें कि बड़े बोर्ड व कंपनियां कई सोशल काम करती हैं। खासकर वे कंपनियां, जोकि सालाना पांच करोड़ से ज्यादा मुनाफा कमाती हैं, अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाती हैं। आईओसी भी अपने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबल फंड के तहत प्रपोजल के अनुसार बजट देगी। सूत्रों के मुताबिक यह प्रपोजल एक से लेकर 14 करोड़ तक का भी हो सकता है।
पावरग्रिड से है एमओयू
गौरतलब है कि सीएसआरएफ के तहत पावरग्रिड भी ब्रह्मसरोवर व कुरुक्षेत्र के सौंदर्यकरण के लिए बजट दे रहा है। आइकोनिक पैलेस बनने के बाद पिछले साल केडीबी व पावरग्रिड और प्रशासन के बीच करार हुआ था। इसके तहत करीब 7 करोड़ 28 लाख रुपए के विभिन्न सौंदर्यकरण प्रोजेक्ट पर काम होगा। पिपली प्रवेशद्वार का सौंदर्यकरण एवं लाइटिंग भी पावरग्रिड ने कराई। अब बीआर चौक से ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी छोर पर बाजीगर धर्मशाला तक एंटीक लाइट्स लगेंगी। फिलहाल 97 पोल लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि ब्रह्मसरोवर पर श्रीकृष्णा सर्किट के तहत अलग से भी काम हो रहे हैं।
August 27, 2020

अभय चौटाला बोले, विधानसभा को हरियाणा सरकार ने मछली बाजार बना दिया है

अभय चौटाला बोले, विधानसभा को हरियाणा सरकार ने मछली बाजार बना दिया है

इनेलो नेता ने बताया कि पहले तीन दिन का विधानसभा सत्र रखा गया था फिर इसे दो दिन का कर दिया और आज एक दिन में ही समेट दिया। आज न तो कोई शून्यकाल था और न ही प्रश्नकाल पर कोई चर्चा थी। सरकार की मंशा कोरोना की आड़ में कुछ ऐसे बिल पास करने की थी जिससे वो अपनी पीठ थपथपा सके।

चंडीगढ़। लोकदल की प्रधान महासचिव एवं विधायक चौधरी अभय चौटाला  ने बुधवार को हरियाणा निवास पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा को सरकार ने मछली बाजार बना दिया है। लॉकडाउन में नौ बड़े घोटाले किए गए लेकिन आज तक सरकार द्वारा इस पर कोई जवाब नहीं आया। एक हाथ से घोटाले किए और दूसरे हाथ से क्लीन चिट दे दी गई। हमने 12 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए थे जिसमें से दो को मंजूरी दी गई और कांग्रेस की किरण चौधरी  की तरफ से एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया गया था लेकिन वह स्वयं सदन में उपस्थित नहीं थी। इससे पता चलता है कि सरकार और मुख्य विपक्षी दल प्रदेश की जनता की समस्याओं के प्रति कितना गंभीर है।

सरकार की मंशा कोरोना की आड़ में बिल पास करने की थी

इनेलो नेता ने बताया कि पहले तीन दिन का विधानसभा सत्र रखा गया था फिर इसे दो दिन का कर दिया और आज एक दिन में ही समेट दिया। आज न तो कोई शून्यकाल था और न ही प्रश्नकाल पर कोई चर्चा थी। सरकार की मंशा कोरोना की आड़ में कुछ ऐसे बिल पास करने की थी जिससे वो अपनी पीठ थपथपा सके। हमने जो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए थे वो बहुत ही महत्वपूर्ण थे, जिन पर चर्चा होनी चाहिए थी लेकिन इसलिए मंजूर नहीं किए क्योंकि सरकार को जवाब देना मुश्किल हो जाता। जो दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव मंजूर किए गए उनमें से एक लॉकडाउन के दौरान 'शिशु मृत्यु दर' में बढ़ोतरी पर था। यह बहुत बड़ा मुद्दा था जिस पर स्वास्थ्य मंत्री को जवाब देना था कि इसका जिम्मेदार कौन है? डिप्टी स्पीकर ने कहा कि जो लिख कर दिया गया है उसे ही आपका जवाब मान लिया गया है, जबकि मैं डिप्टी स्पीकर के इस जवाब से सहमत नहीं था। आज डिप्टी स्पीकर की भूमिका दयनीय व निंदनीय थी।
August 27, 2020

नाम बनते हैं रिस्क से:री-वैल्यूएशन में सीबीएसई 12वीं की छात्रा जिज्ञासा के 5 अंक बढ़े, देश में टॉप 10 में, प्रदेश में 7वें और जिले में तीसरा स्थान मिला

नाम बनते हैं रिस्क से:री-वैल्यूएशन में सीबीएसई 12वीं की छात्रा जिज्ञासा के 5 अंक बढ़े, देश में टॉप 10 में, प्रदेश में 7वें और जिले में तीसरा स्थान मिला

छात्रा को था अपने ऊपर विश्वास, इसलिए री-वैल्यूएशन का लिया रिस्क, इंग्लिश में 4 और हिंदी में एक अंक बढ़ा

पानीपत : तहसील कैंप के पटेल नगर की रहने वाली जिज्ञासा ने सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणाम में मिले अंकों से संतुष्ट नहीं थी। छात्रा को अपने ऊपर इतना भरोसा था कि उसने परिणाम जारी हाेने के अगले दिन ही री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन कर दिया। इंग्लिश और हिस्ट्री में कम अंक आने का दावा किया था। मंगलवार को सीबीएसई ने जारी किए गए परिणाम में इंग्लिश में 4 और औसतन हिंदी में 1 अंक और मिल गया।
इन 5 अंकों ने उसे स्कूल की टॉपर से जिले में तीसरा और स्टेट की टॉप 7 में शामिल कर दिया। इतना ही नहीं देश की टॉप 10 की लिस्ट में भी जिज्ञासा ने स्थान पा लिया है। पहले उसे 97.2% अंक मिले थे। अब 98.2% हो गए। वह आईएएस अफसर बनना चाहती है। जिज्ञासा के पिता सुखवीर सिंह पानीपत कोर्ट में नाजिर के पद पर कार्यरत हैं। मां ममता लेक्चरर हैं। छात्रा ने बताया कि उसने जीटी रोड स्थित आर्य बाल भारती स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की है। 13 जुलाई को परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था।
जिसमें उसे 486 अंक मिले थे। इन अंकों की बदौलत उसने स्कूल में टॉप स्थान प्राप्त कर लिया, लेकिन वह इन नंबरों से संतुष्ट नहीं थी। उसे इंग्लिश और हिस्ट्री में 95-95 अंक मिले थे। जबकि उसे इन दोनों विषयों में शत-प्रतिशत अंक मिलने की उम्मीद थी। परिणाम देख उसे कोई खुशी नहीं हुई। अगले ही दिन 500 रुपए खर्च कर री-वैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर दिया। 700 रुपए आंसरशीट प्राप्त करने के लिए जमा कर दिए। नई मार्कशीट उसे उम्मीद के मुताबिक इंग्लिश में 4 अंक और मिल गए। हिस्ट्री में 95 अंक ही रहे। इसके साथ ही औसतन हिंदी में एक अंक मिल गया। अंकों का योग जो पहले 486 था। अब वो बढ़कर 491 हो गया।

पिता बोले-री-वैल्यूएशन में मिले मार्क्स से बेटी का विश्वास जीत गया

पिता ने बताया कि जिज्ञासा के साथ उन्हें भी उस पर पूरा भरोसा था कि वह अंक कम नहीं ला सकती है। इसलिए री-वैल्युएशन कराने का रिस्क उठा लिया। उन्हें पता था कि री-वैल्यूएशन में जो मार्क्स आएंगे। फिर वहीं मान्य होंगे। री-वैल्यूएशन में मिले मार्क्स से बेटी का विश्वास जीत गया। जिज्ञासा ने बताया कि टैगोर स्कूल से 10वीं उसने हरियाणा बोर्ड से पास की थी। 10वीं में 500 में से 494 अंक प्राप्त कर जिले में पहला और स्टेट में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। टैगाेर स्कूल 10वीं तक ही था। इसके बाद पिता ने ही आर्य बाल भारती स्कूल में दाखिले लेने के लिए जोर दिया।
इसलिए उन्होंने आर्य बाल भारती स्कूल में दाखिला ले लिया। पिता ने बताया कि जिज्ञासा का दिन का एक ही शेड्यूल था। सिर्फ पढ़ना और सिर्फ पढ़ना। जब वह थक जाती थी तो मूड फ्रैश करने के लिए कुछ देर टीवी देख लेती थी। सोशल मीडिया और दोस्तों से उसने हमेशा दूरी बनाए रखी। जिज्ञासा जूडो खिलाड़ी भी हंै। वह जोनल लेवल पर कांस्य पदक भी जीत चुकी है। जिज्ञासा ने बताया कि वह आईएएस अफसर बनने की ठान चुकी है। इसलिए शुरू से ही इसी दिशा में स्टडी कर रही है। वह आईएएस अफसर बनकर शिक्षा, पॉल्यूशन और भ्रष्टाचार के क्षेत्र में काम करना चाहती है। इसके साथ ही वह गरीबों और असहाय जानवरों की सेवा भी करना चाहती है।
August 27, 2020

समस्या:मेरिट-साॅफ्टवेयर की समस्याएं अनसुना करने पर स्टूडेंट्स पहुंचे काेर्ट, गणित पर स्टे

समस्या:मेरिट-साॅफ्टवेयर की समस्याएं अनसुना करने पर स्टूडेंट्स पहुंचे काेर्ट, गणित पर स्टे

समस्या:मेरिट-साॅफ्टवेयर की समस्याएं अनसुना करने पर स्टूडेंट्स पहुंचे काेर्ट, गणित पर स्टे किसी स्टूडेंट्स की मेरिट लिस्ट में नाम पीछे कर दिया तो किसी की कैटेगरी दो-दो कर दी

रोहतक : कोरोना काल में पहली बार ऑनलाइन दाखिलों को लेकर लगातार समस्याएं बनी हुई है। किसी स्टूडेंट्स की मेरिट लिस्ट में नाम पीछे कर दिया गया तो किसी की कैटेगरी दो-दो कर दी गई। इसके अलावा साफ्टवेयर धीमा होने के चलते दस्तावेज अपलोडिंग की दिक्कतों को लेकर भी अनसुना करना अब एमडीयू को महंगा पड़ गया है। विवि के स्टूडेंट्स एमडीयू की इस कार्यशैली के खिलाफ कोर्ट में पहुंच गए हैं।
इस मामले में 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के लॉ विभाग, अर्थशास्त्र विभाग, लोक प्रशासन विभाग और गणित विभाग के स्टूडेंट्स कोर्ट में पहुंचे हैं और अलग-अलग केस डालकर एमडीयू की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोर्ट की ओर से एमडीयू के कुलसचिव, डायरेक्टर यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर और विभागाध्यक्षों के नाम नोटिस जारी किए गए हैं। एमडीयू के गणित विभाग और लॉ विभाग के मामले में तो कोर्ट ने तत्काल स्टे ऑर्डर भी जारी कर दिया है।

तो लेट होगी एमडीयू की दाखिला प्रक्रिया

एमडीयू के चार विभागों से इंटीग्रेटेड 5 वर्षीय कोर्स में दिक्कतों की सुनवाई जब तक पूरी नहीं होती। इसके चलते इनकी प्रक्रिया लटकी रहेगी। यदि स्टूडेंट्स के पक्ष में फैसला आता है तो स्टूडेंट्स की समस्याओं का समाधान करने के बाद दोबारा से एडमिशन का पोर्टल खोलना पड़ेगा। यदि फैसला एमडीयू के पक्ष में आता है तो स्टूडेंट्स आगे की अपील में जाने की तैयारी करेंगे। ऐसा उन्होंने दावा किया है। सीधे तौर पर एमडीयू की एक लापरवाही का खामियाजा अब विवि के अन्य स्टूडेंट्स को भी भुगतना पड़ेगा।

छात्रा का आरोप- उसकी वेटेज 99.80 फीसदी, लिस्ट में नाम पीछे होने से नहीं हुआ दाखिला

छात्रा का कहना है कि उसके दस्तावेजों के मुताबिक उसकी वेटेज 99.80 फीसदी बनती है, जबकि विवि की ओर से बनाई गई सूची में दूसरे नंबर पर आए आवेदक से भी ज्यादा थी। जबकि उसका नाम पीछे कर दिया गया। इसके कारण उसका दाखिला नहीं हो पाया और उसकी बात को भी नहीं सुना गया। ऐसे में कोर्ट ने मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए दाखिला प्रक्रिया के तहत बनी मेरिट लिस्ट पर स्टे कर दिया है। वहीं विधि विभाग के केस में स्मृति बनाम एमडीयू एवं अन्य के खिलाफ केस फाइल किया गया है। इसमें एडवोकेट एसपी धनखड़ हैं। इसी तरह से अर्थ शास्त्र में दाखिला लेने वाली झज्जर की एकता के मामले में कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। वहीं अन्य विभागों के मामले में वकील अनीश ओहल्याण, वकील तरुण बुद्धिराजा और वकील रजनीश केस लड़ रहे हैं। अब कोर्ट में 27 अगस्त को गणित, अर्थशास्त्र और लोक प्रशासन की तारीख भी लगा दी है।

इनसो का आरोप- कुलपति ने किया समस्याओं को अनसुना

छात्र नेता इनसो के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल का कहना है कि एमडीयू में दाखिलों में काफी गड़बड़ियां है, अधिकारी ना तो अपनी गलती मानने को तैयार और ना ही छात्रों की समस्याएं सुनने को तैयार है। कोविड-19 की महामारी के दौरान ऑनलाइन दाखिले की बात के दौरान छात्राें की समस्याओं व अनियमितता की शिकायतें लेकर स्टूडेंट्स एमडीयू के विभागों में चक्कर काट रहे हैं। कुलपति इन समस्याओं पर छात्रों से दूरी बनाकर आराम फरमा रहे हैं। समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है। एमडीयू में अयोग्य अधिकारियों की गलतियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। जब छात्रों को एमडीयू से न्याय नहीं मिला तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

सम्मन मिले हैं, कोर्ट में सुबह देंगे जवाब

कोर्ट की ओर से एमएससी गणित को लेकर सम्मन मिले हैं। सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख लगी है। इसमें एमडीयू की ओर से जवाब दे दिया जाएगा। जहां तक समस्याएं सुनने की बात है तो हमने 24 तारीख तक ग्रीवांस मांगी थी, जिसकी ग्रीवांस आई थी। अब किसी की टेक्निकल समस्या थी तो उसका समाधान भी किया था। अब इनकी क्या समस्या है यह तो सुबह ही पता चलेगा। - प्रो. गुलशन तनेजा, कुलसचिव, एमडीयू।
August 27, 2020

विधानसभा सत्र:परीक्षाओं पर विपक्ष का हंगामा, स्टूडेंटस को कोरोना वाली नहीं, काबलियत वाली डिग्री देंगे

विधानसभा सत्र:परीक्षाओं पर विपक्ष का हंगामा, स्टूडेंटस को कोरोना वाली नहीं, काबलियत वाली डिग्री देंगे

गीता भुक्कल व नेता प्रतिपक्ष बीएस हुड्डा की मांग, परीक्षाओं को री-शेड्यूल करे सरकार

चंडीगढ : कोविड-19 में उच्च कक्षाओं की परीक्षा को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगमा हुआ। कांग्रेस विधायक विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को री-शेडयूल करने की मांग पर अड़े रहे। वहीं, शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के हित में फैसला लेगी। कहा- डिग्री को लेकर भी छात्रों का पात्र नहीं बनने देगी। विद्यार्थियों को कोरोना वाली नहीं, काबलियत की डिग्री दी जाएगी। जरूरत हुई तो री-शेड्यूल पर विचार किया जाएगा। कांग्रेस विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने परीक्षाओं को रद्द या री-शेडयूल करने की मांग की थी।
विपक्ष के नेता एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उच्च कक्षाओं के लिए होने वाली परीक्षाओं को री-शेड्यूल करना समय की मांग है। शिक्षा मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि सदन में विधायक गीता भुक्कल ने सवाल किया कि क्या विद्यार्थियों की परीक्षा के शेड्यूल में किसी तरह का बदलाव किया जाएगा। यदि जरूरत हुई तो जरूर विचार किया जाएगा। जेजेपी विधायक रामकुमार गौतम के रजिस्ट्रियों में रिश्वत लेने के बयान पर कहा कि वे उनके विचार से सहमत नहीं हैं।

बिल्डरों में अटके 15 हजार 726 करोड़, सिर्फ 39 के लाइसेंस रद्द

सरकार के 15 हजार 726 करोड़ रुपए पर बिल्डरों पर बकाया हैं। लंबे समय से बाहरी विकास शुल्क व राज्य बुनियादी ढांचा विकास शुल्क जमा नहीं कर रहे बिल्डरों में सिर्फ 39 के लाइसेंस रद किए गए हैं, जबकि डिफाल्टर बिल्डरों से 675 करोड़ की वसूली की गई है। इस संबंध में इनेलो विधायक अभय चौटाला के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से सदन के पटल पर रखे जवाब में बताया कि बिल्डरों पर बाह्य विकास शुल्क के 14 हजार 458 करोड़ रुपए बकाया हैं। डिफाल्टर 342 लोगों को नोटिस जारी किए हैं।

गोंदर ने सदन में सुपरवाइजरों के तबादले की उठाई आवाज

महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर जिनका सरकार ने पॉलिसी के तहत दूर-दर तबादला कर दिया है, जिन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर ने यह आवाज उठाई। सुपरवाइजरों की फील्ड की ड्यूटी है। न तो आने-जाने के साधन हैं और परिवार से भी दूर रहेंगी। इनका तबादला जिलों में ही किया जाए।
August 27, 2020

विधानसभा में कैग की रिपोर्ट पेश:वित्तीय प्रबंधन पर उठाए सवाल, सरकारी विभागों में जालसाजी कर 75 बार निकाली राशि, आरोपियों पर नहीं हुआ एक्शन

विधानसभा में कैग की रिपोर्ट पेश:वित्तीय प्रबंधन पर उठाए सवाल, सरकारी विभागों में जालसाजी कर 75 बार निकाली राशि, आरोपियों पर नहीं हुआ एक्शन

प्रदेश पर अब 1 लाख 54 हजार 968 करोड़ रुपए हो गया कर्ज कैग ने वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कई अनियमितताएं उजागर किए

चंडीगढ़ : प्रदेश में 87 बोर्ड, निगमों और सरकारी कंपनियां स्टेट गर्वनमेंट द्वारा मिली वित्तीय सहायता का ब्योरा नहीं दे रही हैं। सरकारी कंपनियों के कुल 166 वार्षिक लेखे बकाया हैं। इसके अलावा 75 बार 1.28 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि सरकारी विभागों से जालसाजी कर निकाली गई, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कैग रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 में प्रदेश सरकार पर 58 हजार 143 करोड़ रुपए का कर्ज था जो 2018-19 में 96 हजार 825 करोड़ रुपए बढ़कर एक लाख 54 हजार 968 करोड़ रुपए हो गया। अब एक वर्ष में ब्याज के रूप में 11 हजार 988 करोड़ रुपए देने पड़े। नियंत्रक और महालेखाकार (कैग) ने वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कई अनियमितताएं उजागर की हैं।

चीनी मिलों पर 2647 करोड़ रुपए बकाया

चीनी मिलों से बकाया ऋणों की केवल 1.13 फीसद की वसूली के बावजूद आर्थिक मदद का दौर जारी रहा। ऋण इस शर्त पर दिया गया था कि यह राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ पांच साल में चुका दी जाएगी। पिछले दस सालों में चीनी मिलों पर बकाया राशि 618 करोड़ रुपए से बढ़कर 2647.86 करोड़ रुपए पहुंच गई है। प्रदेश की कुल राजकोषीय देयता एक करोड़ 84 लाख 216 करोड़ पर पहुंच गई।

37 मामलों में पूरक प्रावधान अनावश्यक

वर्ष 2014-29 के दौरान 18 अनुदानों और एक विनियोजन में सतत बचत दर्ज की गई। 37 मामलों में पूरक प्रावधान अनावश्यक सािबत हुए, क्योंकि व्यय मूल प्रावधान से कम रहा। 13 अनुदानों के तहत 17 प्रमुख शीर्षों में 52 प्रतिशत व्यय मार्च 2019 में किया गया, जो वर्ष के अंतिम माह में व्यय के अधिक्य को दर्शाता है और सामान्य वित्तीय नियमों के नियम 56 के प्रावधानों के विपरीत था। वर्ष 2018-19 के दौरान 2045.91 करोड़ के अनुमोदित अनुमान वाली 71 विकास योजनाएं कार्यान्वित नहीं की गई। वर्ष 2018-19 के दौरान 141732.90 करोड़ के कुल अनुदानों व विनियोजनों के विरुद 121362.76 करोड़ का व्यय किया गया था। 20370.14 करोड़ की समय बचें, विभिन्न अनुदानों में 20411.68 करोड़ की बचत तथा तीन अनुदानों के तहत 41.54 करोड़ के अधिक व्यय के कारण थी। जिसे वर्ष 2017-18 से संंबंधित 540.60 करोड़ के अधिक व्यय के साथ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 205 के प्रावधानों के अनुसार विनियमित कराए जाने की जरुरत थी।

8 जिलों में सब रजिस्ट्रार पर गिरेगी गाज

रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी को लेकर अब 8 जिलों में सब रजिस्ट्रार पर गाज गिरेगी, क्योंकि इन्होंने भी एनओसी नहीं ली। इनेलो विधायक अभय चौटाला के ध्यानकार्षण प्रस्ताव पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि नारनौल, करनाल, सोनीपत, रेवाड़ी, पंचकूला, भिवानी, फरीदाबाद और कैथल के सब रजिस्ट्रार ने 14 जून, 2013 से 31 मई, 2010 की अवधि में 1555 पंजीकृत बिक्र पत्र और पट्‌टेनामा की एनओसी नहीं ली।

वेतन, पेंशन, ब्याज व अनुदान पर 65% राशि खर्च

प्रदेश में कुल व्यय में से 83 प्रतिशत राजस्व व्यय था। वेतन, पेंशन, ब्याज और अनुदान पर ही 65 प्रतिशत राशि खर्च हो गई। जबकि आठ हजार 549 करोड़ रुपए के कुल अनुदान में से 87 प्रतिशत यानी कि सात हजार 415 करोड़ रुपए केवल ऊर्जा क्षेत्र को दिए गए। तीन बिजली कंपनियां इस दौरान 29453 करोड़ रुपए के घाटे में रही।
August 27, 2020

मानसून सत्र:डिप्टी सीएम ने जो बड़ा बिल लाने की बात कही थी, वो हुड्‌डा ने टलवाया, कहा- इन पर लंबी चर्चा जरूरी है

मानसून सत्र:डिप्टी सीएम ने जो बड़ा बिल लाने की बात कही थी, वो हुड्‌डा ने टलवाया, कहा- इन पर लंबी चर्चा जरूरी है

चंडीगढ़ : काेरोना के चलते एक दिन ही हुआ विधानसभा सत्र, बाकी का सत्र हालात सुधरने पर,सरपंचों के खिलाफ राइट-टू रिकॉल

रजिस्ट्रियाें में भ्रष्टाचार रोकने वाला बिल पास,निजी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण पर सदन में लाएंगे बिल

हरियाणा विधानसभा के एक दिन के मॉनसून सत्र में 12 विधेयक पेश किए गए। लेकिन जिन विधेयकों को लेकर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने एक दिन पहले ही बयान दिए थे और जिनका प्रदेश की जनता को इंतजार था, वह पेश ही नहीं हुए। इनमें पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं काे 50%, ओबीसी को 8% आरक्षण, सरपंचों को एक साल बाद हटाने के अधिकार वाला राइट-टू रिकॉल, प्राइवेट नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75% आरक्षण संबंधी विधेयक शामिल हैं।
एक दिन पहले चौटाला ने दावा किया था कि ये विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे, लेकिन बुधवार को ये सत्र में नहीं लाए गए। इन तीन विधेयकों के पेश न होने की बड़ी वजह एक दिन का सत्र होना बताया गया। सत्र के शुरू होने से पहले सुबह बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में ही इन विधेयकों को पेश न करने पर फैसला हो गया था। सत्र भी एक दिन का रखने का फैसला हुआ। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने यह बात रखी थी कि यह बड़े विधेयक हैं। इन पर चर्चा जरूरी है।

इसलिए एक दिन का सत्र

पहले दो दिन का कार्यक्रम जारी हुआ था। लेकिन सीएम, स्पीकर, समेत कई विधायक व सदन के नौ कर्मी संक्रमित मिले, इसलिए सत्र एक दिन का रखा गया। बजट सत्र 4 मार्च को खत्म हुआ था। छह माह में अगला सत्र बुलाना जरूरी होता है। यह अवधि 3 सितंबर को खत्म हो रही थी।

75% आरक्षण जल्द

75% आरक्षण जल्द देने की योजना थी, इसलिए कैबिनेट ऑर्डिनेंस लेकर आई और राज्यपाल को भेजा। राज्यपाल ने मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेज दिया जिससे प्रक्रिया में वक्त लग सकता है। अब सरकार ऑर्डिनेंस को विड्राॅ कर विधानसभा में विधेयक लाएगी ताकि इसे जल्द लागू किया जा सके।

रजिस्ट्री में भ्रष्टाचार के मामले पर नोंक-झोंक

विधानसभा में लाए गए हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास और विनियमन संशोधन विधेयक को लेकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला में तीखी नोंक-झोंक हुई। करीब तीन घंटे के सत्र में एक घंटे रजिस्ट्री घोटाले पर हंगामा हुआ। कांग्रेस इस विधेयक में संशोधन चाहती थी, जबकि सत्ता पक्ष इसे पास कराने पर अड़ गया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा कि राज्य में रजिस्ट्रियों में घोटाला हुआ है। यह बताएं कि जांच सीबीआई से कराएंगे या सीटिंग जज या फिर विधानसभा की कमेटी से। दुष्यंत चौटाला ने हुड्‌डा पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में सीबीआई इंक्वायरी तो बहुत चल रही है। आपकी कलम पहले पक्की नहीं थी। दिल्ली से चलती थी। सोनिया गांधी ने पेंसिल दी हुई थी। हमारी सरकार में यह गारंटी है कि आपकी तरह दामाद जी दामाद जी करने के बजाय सीधा कार्रवाई होगी।

अब एक एकड़़ से कम जमीन की रजिस्ट्री के लिए एनओसी जरूरी

कृषि योग्य भूमि पर अवैध कॉलोनियों के पनपने का रास्ता बंद करने के लिए हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनिमय (द्वितीय संशोधन व विधिमान्यकरण) विधेयक 2020 पारित किया गया। अब तक दो कनाल कृषि योग्य भूमि से कम की रजिस्ट्री कराने के लिए नगर आयोजना विभाग से एनओसी पत्र लेना होता था। अब एक एकड़ से कम भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिए यह एनओसी लेनी होगी। जबकि किसी भी अदालत से पारिवारिक, विरासत, उत्तराधिकार की जमीन के बंटवारे या कानूनी आदेश पर एनओसी लेने की छूट होगी। एनओसी की यह छूट उन पुराने भूखंडों पर भी होगी, जिनके मालिक अपने पूरे मालिकाना हक को बेच रहे हों। किसी भू-मालिक की भूमि से सटी एक एकड़ से कम जमीन की खरीदारी के लिए भी एनओसी की जरूरत नहीं होगी। आवेदन के 14 दिन के अंदर संबंधित विभाग से एनओसी नहीं मिलती है तो भूमि का बिना एनओसी के भी विनिमय हो सकेगा।
August 27, 2020

यमुनानगर:रादौर के विधायक को जान से मारने की धमकी, फोन पर फायरिंग की आवाज सुनाकर बोला- इसी राइफल से मारूंगा

यमुनानगर:रादौर के विधायक को जान से मारने की धमकी, फोन पर फायरिंग की आवाज सुनाकर बोला- इसी राइफल से मारूंगा

यमुनानगर : रादौर विधायक बिशन लाल सैनी को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विधायक के पीए अजय कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रादौर पुलिस को दी शिकायत में विधायक बिशन लाल सैनी के पीए अजय कुमार ने कहा कि 24 अगस्त की रात 10 बजकर 8 मिनट पर विधायक बिशनलाल सैनी के मोबाइल फोन पर गांव सढूरा निवासी दलबीर सिंह ने फोन किया। 12 सेकेंड बात होने के बाद फोन कट गया। जिसके बाद 10 बजकर 9 मिनट पर फिर से फोन आया और दलबीर सिंह फोन पर विधायक के साथ गाली गलौज करने लगा।
विधायक ने जवाब में कहा कि आप मेरे साथ बतमीज क्यों कर रहे हो। तब आरोपी ने विधायक को गोली मारने की धमकी दी और कहा कि जब भी वह उसे मिलेगा उसी वक्त वह व उसके साथी उसे जान से मार देंगे। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने अपनी राइफल से फायर कर विधायक को फायर की आवाज सुनाई और बोला कि तुमने फायर की आवाज सुन ली है।
इसी राइफल से मैं व मेरे साथी तुझे जान से मारेंगे। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं थाना प्रभारी दीपचंद का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश जारी है।