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Monday, November 9, 2020

November 09, 2020

हुड्‌डा और स्पीकर आमने-सामने:स्पीकर ने कहा- सुर्खियां बटोरने के लिए भूपेंद्र हुड्‌डा की नकारात्मक बयानबाजी ठीक नहीं

हुड्‌डा और स्पीकर आमने-सामने:स्पीकर ने कहा- सुर्खियां बटोरने के लिए भूपेंद्र हुड्‌डा की नकारात्मक बयानबाजी ठीक नहीं

चंडीगढ़ : विधानसभा में कृषि कानूनों पर हुए हंगामे की सियासत की आंच ठंडी नहीं हुई है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा और हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता आमने-सामने हैं। हुड्‌डा ने एक दिन पहले सदन में लोकतंत्र का गला घोटने के आरोप लगाए थे, जिसे स्पीकर ने गैरजिम्मेदाराना बताया। गुप्ता ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर वरिष्ठ नेताओं से गंभीर चर्चा की अपेक्षा थी, लेकिन पता नहीं किन कारणों से चर्चा में भाग नहीं लिया।
सुर्खियों के लिए नकारात्मक बयानबाजी ठीक नहीं है। सदन की कार्रवाई का संचालन नियमाें के तहत किया गया है। कृषि कानूूनों के खिलाफ कांग्रेस को प्रस्ताव लेकर आना था तो कांग्रेस काे नियमों का पालन करना चाहिए था। कोई भी गैर सरकारी संकल्प या प्राइवेट मेंबर बिल सत्र शुरू होने से 15 दिन पहले पेश किया जा सकता है।
स्पीकर का कहना है कि कांग्रेस कृषि अधिनियमों के खिलाफ जो प्रस्ताव लेकर आ रहे थी, उसमें 'अधिनियम' की बजाय 'अध्यादेश' का जिक्र था। अध्यादेश तो अधिनियम बन चुके हैं। नियम-184 में स्पष्ट है कि संशोधन प्रस्ताव पेश होने की स्थिति में चर्चा की जाती है, उसके बाद वोटिंग। कांग्रेस पहले वोटिंग चाहती थी। इधर, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्‌डा का कहना है कि नियम-183 में स्पष्ट है कि चर्चा से पहले वोटिंग हो सकती है। हमने इसी की डिमांड की थी, लेकिन सरकार वोटिंग कराने से डर गई।

एमबीबीएस की फीस बढ़ाना, गरीब का सपना तोड़ना : सुरजेवाला

राज्य सरकार की ओर से सरकारी मेडिकल काॅलेजों में फीस बढ़ोतरी पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। इस फैसले को गरीबों के डॉक्टर बनने के सपने को तोड़ने वाला बताया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मेडिकल की पढ़ाई महंगी कर दी है। 4 साल में 40 लाख रुपए का लोन लेने पर ब्याज समेत विद्यार्थी को 55 लाख रुपए चुकाने होंगे।
पहले तो गरीब परिवार का बच्चा अब डॉक्टर नहीं बन सकेगा, जो डॉक्टर बनेगा, वह महंगा इलाज करेगा। दोनों तरफ से मार गरीब पर पड़ेगी। सरकार गरीब विद्यार्थियों को प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की ओर धकेलना चाहती है, ताकि वो वहां दाखिला लें और प्राइवेट कॉलेज कमाई कर पाएं।
November 09, 2020

वापस मांगने पर मारने की धमकी दी:धोखाधड़ी कर रिटायर्ड डीडीए से 3 बार में हड़पे 15 लाख रुपए, केेस दर्ज

वापस मांगने पर मारने की धमकी दी:धोखाधड़ी कर रिटायर्ड डीडीए से 3 बार में हड़पे 15 लाख रुपए, केेस दर्ज

कैथल : धोखाधड़ी कर 15 लाख रुपए हड़पने के आरोप में थाना सिविल लाइन पुलिस ने केस दर्ज किया है। हुडा सेक्टर-19 निवासी जगदीश पंवार ने बताया कि वह डीडीए के पद से रिटायर्ड हैं। सेक्टर-19 निवासी देवेंद्र मित्तल, राजिंद्र मित्तल उर्फ रिंकू, महिमा व हरिचरण की करनाल रोड पर तेल मिल है। उनके साथ उसके पारिवारिक संबंध थे। अगस्त 2019 में राजिंद्र मित्तल व हरिचरण ने कहा कि उन्हें मिल चलाने के लिए रुपयों की जरूरत है।
9 अगस्त को आरोपी घर आए और 3 लाख रुपए ले गए, उसके बाद 18 नवंबर 2019 को 4 लाख रुपए ले गए। 9 दिसंबर को फिर व्यापार व राजिंद्र मित्तल को दिल का मरीज होने का हवाला देते हुए 8 लाख रुपए मांगे। आरोपियों ने जल्द रुपए वापस देने की बात कही, लेकिन 4-5 महीने तक भी रुपए नहीं लौटाए।
अब 25 अगस्त को देवेंद्र मित्तल ने 15 लाख रुपए का चेक जारी किया, लेकिन खाता बंद मिला। रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने हाथापाई करते हुए उसे जातिसूचक गालियां दी, साथ ही जान से मारने की धमकी देने लगे। थाना सिविल लाइन से एसआई महाबीर ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
November 09, 2020

मर्डर:पूंडरी तीर्थ से किडनैप कर हत्या, प्योंत ड्रेन में फेंका शव, परिजनों ने नहीं किया अंतिम संस्कार

मर्डर:पूंडरी तीर्थ से किडनैप कर हत्या, प्योंत ड्रेन में फेंका शव, परिजनों ने नहीं किया अंतिम संस्कार

करनाल / निसिंग : गांव प्योंत से गुजरने वाली ड्रेन में शनिवार दोपहर को संदिग्ध हालात में मिले युवक की पहचान पूंडरी के रहने वाले 24 वर्षीय बलराज के रूप में हुई है। युवक की हत्या से पहले अपहरण करने का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के सामने आया है। फुटेज पूंडरी के पुंडरीक तीर्थ के पास की है, जिसमें बलराज स्कूटी पर आता दिखाई पड़ता है और स्विफ्ट कार में 3 से 4 लोग उसको जबरन कार में बैठाते नजर आ रहे हैं।
इस मामले में पुंडरी थाना में लापता का केस दर्ज किया गया था, लेकिन मृतक के शव की शिनाख्त होने पर कैथल पुलिस ने अपहरण व हत्या का केस दर्ज किया है। शनिवार दोपहर को जिले के गांव प्योंत के पास ड्रेन में शव पड़ा मिला था। पुलिस ने मौके पर पहुंच एफएसएल टीम को बुलाकर नमूने जुटाए गए और शव की शिनाख्त कराई गई।
परिजनों के अुनसार बलराज पुंडरी में ही एक कंप्यूटर की दुकान पर नौकरी करता था। परिजनों ने घटना को साजिशन हत्या बताया है। इसी बात को लेकर पुंडरी के रविदास मंदिर में देर शाम तक समुदाय के लोगों में आपस में बातचीत चलती रही। परिजन पुलिस से लगातार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे है। परिजन पुंडरी के रविदास मंदिर में हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर शव फ्रीज में रखकर डटे हैं। पुलिस ने परिजनों से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 2 दिन का समय मांगा है।
युवक की डेडबॉडी मिलते ही शव को पोस्टमार्टम व शिनाख्त के लिए करनाल भेजा गया था। रविवार सुबह शव की शिनाख्त हुई। जिसके बाद थाना पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। मामले में अगली कार्रवाई कैथल पुलिस करेगी।
-रामफल, एसएचओ, थाना निसिंग
November 09, 2020

6 जिलों को लाभ:हांसी ब्रांच नहर का 100 करोड़ से 18 किमी तक होगा पुनर्निर्माण, 6 से 8 हजार क्यूसिक हो जाएगी क्षमता

6 जिलों को लाभ:हांसी ब्रांच नहर का 100 करोड़ से 18 किमी तक होगा पुनर्निर्माण, 6 से 8 हजार क्यूसिक हो जाएगी क्षमता

 जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) समेत प्रदेश के कई जिलों के लोगों के लिए अच्छी खबर है। कई दशक पहले बनी हांसी ब्रांच नहर में पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए नहर का अब फिर से र्निमाण होगा। इस प्रोजेक्ट पर 100 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इसके बाद इसकी क्षमता 6 हजार क्यूसिक से बढ़कर 8 हजार क्यूसिक पानी की हो जाएगी। इससे जींद सहित प्रदेश के 6 जिलों के किसानों व लोगों को पहले से ज्यादा मात्रा में पानी की सप्लाई हो सकेगी।
इस दौरान करनाल जिला के मूणक हेड से लेकर जींद जिला के अंटा गांव तक 18 किमी लंबी नहर का पुनर्निर्माण होगा। पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए नहर को चौड़ा किया जाएगा और नए सिरे से बैड (तलहटी) तैयार की जाएगी। सिंचाई विभाग ने नहर के पुनर्निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर टेंडर जारी कर दिया गया है। नवंबर के अंत में यह टेंडर ओपन होगा। यह निर्माण दो साल में पूरा होना है।

इसलिए पड़ी पुनर्निर्माण की जरूरत

माॅनसून सीजन में पानी की मात्रा बढ़ने के कारण मूनक हेड से लेकर अंटा तक हेड तक हांसी ब्रांच नहर में ज्यादा पानी नहीं छोड़ा जा सकता था। नहर की क्षमता 6 हजार क्यूसिक होने और काफी पुरानी नहर होने के कारण ज्यादा पानी छोड़े जाने से इसके टूटने का खतरा बना रहता था। इसके चलते सिंचाई विभाग ने हांसी ब्रांच नहर के पुनर्निर्माण का फैसला लिया।
इधर, रजबाहा नंबर 4 की भी बढ़ेगी क्षमता, कई गांवों को होगा फायदा सिंचाई विभाग ने जिला के रजबाहा नंबर 4 में पानी की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए रजबाहा नंबर 4 का पुनर्निर्माण कार्य होगा और इस पर 12 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। रजबाहे के पुनर्निर्माण के बाद इसमें पानी की क्षमता 79 क्यूसिक से बढ़कर 100 क्यूसिक हो जाएगी।

इन 6 जिलों को होगा फायदा

इसके पुनर्निर्माण से जींदी, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, भिवानी और हिसार को लाभ होगा। इसके अलावा जींद के रजबाहा नंबर-4 की भी बढ़ेगी क्षमता। इसमें पानी की क्षमता 79 क्यूसिक से बढ़कर 100 क्यूसिक हो जाएगी। इससे सफीदों, जुलाना व जींद हलके के कई गांवों के किसानों को फायदा होगा।

किसानों को पहुंचेगा लाभ: गर्ग

मूनक हेड से अंटा हेड तक 18 किलोमीटर लंबी हांसी ब्रांच नहर में पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके पूरा होने के बाद नहर में पानी की क्षमता 6 हजार क्यूसिक से बढ़कर 8 हजार क्यूसिक हो जाएगी। इससे 6 जिलों काे लाभा होगा।
-मंगतराम गर्ग, एसई सिंचाई विभाग जींद।
November 09, 2020

ठगी पकड़ी, ठग गायब:213 महिलाओं के फर्जी फार्म भर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के 10.65 लाख रुपए हड़पे

ठगी पकड़ी, ठग गायब:213 महिलाओं के फर्जी फार्म भर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के 10.65 लाख रुपए हड़पे

भिवानी : प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के पीएमएमवीवाई पोर्टल पर गलत तरीके से ऑनलाइन पंजीकरण कर 213 पात्रों के फार्म भरकर 5 हजार रुपए प्रति पात्र के हिसाब से 10 लाख 65 हजार की रकम हड़प ली। जब संबंधित विभाग के अधिकारियों को पता चला तो उन्होंने सूची में दर्शाए गए पात्रों के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो कोई भी पात्र महिला संबंधित खंड के किसी भी गांव से संबंधित नहीं थी, न ही सूची में दर्शाई गई महिलाओं के फार्म कार्यालय में भरे गए हैं।

महिला एंव बाल विकास परियोजना अधिकारी भिवानी ग्रामीण द्वितीय ने एसपी को शिकायत दी की उसे 29 अक्टूबर को डाटा एंट्री ऑपरेटर ने बताया कि किसी ने गलत तरीके से पीएमएमवीवाई पोर्टल पर 213 महिलाओं का ऑनलाइन पंजीकरण कर राशि हड़पी है। 30 अक्टूबर को लिपिक इशवंती देवी, विधोत्मा, डाटा इंट्री ऑपरेटर व सुपरवाइजर ने लिखित में शिकायत दी।
शिकायत में बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने पोर्टल पर 213 लाभपात्रों के ऑनलाइन फर्जी फार्म भरे और प्रति पात्र महिला 5 हजार रुपए के हिसाब से जालसाजी कर 10 लाख 65 हजार की सरकारी राशि हड़प ली। सह राशि अलग-अलग बैंक खातों में जमा की गई है।

जानिए-पूरा खेल, किस तरह दिया गया लाखों की ठगी को अंजाम

जब संपर्क किया तो गलत मिले सभी पते शिकायत में बताया कि धोखाधड़ी पता लगने पर जब सूची में दर्शाए लाभपात्रों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया तो कोई भी महिला भिवानी ग्रामीण द्वितीय खंड के किसी भी गांव से संबंधित नहीं मिली। जांच पर पता चला कि सूची में दर्शाए गए किसी भी महिला का फार्म कार्यालय में कार्यरत किसी भी कर्मचारी द्वारा नहीं भरा गया है।
किसी अज्ञात व्यक्ति ने पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए सरकारी राशि का धोखाधड़ी कर गबन किया गया है। उन्होंने पुलिस से अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी धन के दुरुपयोग व गलत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर फर्जी लाभार्थियों को सरकारी स्कीम का लाभ दिलवाने के बारे में कार्रवाई की जाए। औद्योगिक पुलिस थाना एसएचओ इंस्पेक्टर पवन कुमार ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

पोर्टल हैक कर या पासवर्ड चुराकर की गलत एंट्री

पोर्टल हैक कर या पासवर्ड चोरी कर पोर्टल पर फर्जी एंट्री की जा सकती है, लेकिन राशि फर्जी खातों में ट्रांसफार्मर बिना किसी अधिकारी के मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता है। इसके अलावा 213 महिलाओं के सभी प्रमाण पत्र भी कोई आम व्यक्ति आसानी से नहीं जुटा सकता है। जिस व्यक्ति ने धोखाधड़ी कर 213 महिलाओं के ऑनलाइन फर्जी फार्म भरे है वह किसी महिला ग्रुप या महिलाओं को पैसों का लालच देकर उनके प्रमाण पत्र से प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के नाम पर लाखों की राशि हड़प कर सकता है।

इस तरह सामने आया मामला

महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कांता यादव ने बताया कि उन्हें पता चला कि कलानौर व जींद में फर्जी तरीके से ऑनलाइन फार्म भरकर सरकारी राशि हड़पी है। उन्होंने अक्टूबर में कंप्यूटर ऑपरेटर से पुराने रिकार्ड की जांच करने को कहा। इसमें सामने आया कि 213 महिलाओं को राशि जारी हुई है, जबकि उनका रिकार्ड नहीं है और न कार्यालय से उनके कभी फार्म भरे गए हैं।

ये है मातृत्व वंदना योजना

पात्र महिलाएं महिला वर्कर्स योजना के तहत फार्म भरते हैं। इसके बाद कार्यालय में फार्म ऑनलाइन दर्ज किए जाते है। पात्र 98 प्रतिशत महिलाओं को 5 हजार की सहायता राशि तीन किस्तों में जारी की जाती है। यह राशि मिलने में तीन माह से ज्यादा समय लग जाता है। अगर किसी महिला को जागरूकता के अभाव में बच्चे की आयु में एक वर्ष का समय बेहद नजदीक है तो उसे एक साथ तीनों किस्त जारी करवा दी जाती है।

मिलीभगत संभव, क्योंकि मात्र 5 दिन में राशि जारी नहीं होती

महिला एंव बाल विकास परियोजना अधिकारी ने कांता यादव ने बताया पोर्टल हैक कर या पासवर्ड चोरी कर ही ऐसा किया जा सकता है। किसी की मिलीभगत भी हो सकती है, क्योंकि अधिकतर अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से पोर्टल पर कार्य करवाते है। इससे उन्हें पासवार्ड का पता होता है। पासवर्ड लीक होने की आशंका रहती है। जांच में सामने आया कि यह कार्य किसी गिरोह का हो सकता है, क्योंकि फार्म भरने के साथ 5 दिन में राशि जारी होना आसान नहीं होता है।
November 09, 2020

मांग को लेकर सीएम से मिले किसान:मुख्यमंत्री बाेले- मशीनें हो चुकी डैमेज, किसी भी सूरत में नहीं चलेगी शुगर मिल

मांग को लेकर सीएम से मिले किसान:मुख्यमंत्री बाेले- मशीनें हो चुकी डैमेज, किसी भी सूरत में नहीं चलेगी शुगर मिल

फतेहाबाद : सीएम मनोहर लाल रविवार को फतेहाबाद में पहुंचे। वे यहां गांव दौलतपुर में पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता बलवान दौलतपुरिया के आवास पर उनकी भतीजी के शादी समारोह में शिरकत करने आए थे। इस दौरान विभिन्न संगठनों ने सीएम से मुलाकात कर अपनी मांगे रखी। भूना के किसान शुगर मिल को शुरू करने की मांग को लेकर सीएम से मिले। हालांकि सीएम ने उन्हें जवाब दिया कि मिल पूरी तरह से डैमेज हो चुकी है, इसलिए इसे किसी भी सूरत में दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता।

मिल शुरू नहीं करने पर समिति न जताई नाराजगी

इधर, भूना में शुगर मिल शुरू कराने की मांग को लेकर शुगर मिल बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल समिति संयोजक चांदी राम कड़वासरा के नेतृत्व में सीएम से मिले। सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट कर दिया है कि मिल किसी भी कीमत पर नहीं चल सकती और वह प्राइवेट लोगों की संपत्ति है।
मगर कुछ लोग मिल के गेट पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वह कांग्रेस का सरकार के खिलाफ षड्यंत्र है। इस पर समिति ने कड़ा एतराज जताया है। समिति के संयोजक चांदी राम कड़वासरा ने कहा कि चीनी मिल फतेहाबाद की एकमात्र औद्योगिक इकाई को डैमेज करके कबाड़ के भाव बेचा जा रहा है।

8 करोड़ की लागत से सदन का निर्माण हाेगा

पंचनद सेवा ट्रस्ट का प्रतिनिधि मंडल विधायक दुड़ा राम के नेतृत्व में सीएम से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने फतेहाबाद में प्रस्तावित पंचनद सदन के शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर समय मांगा। इसके लिए ट्रस्ट ने 10 दिसंबर का समय मांगा है। जिस पर सीएम ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही इसके बारे में जानकारी दे देंगे। ट्रस्ट की ओर से जगजीवनपुरा मोहल्ला रोड पर 8 करोड़ की लागत से पंचनद सदन का निर्माण किया जाना है।

दौलतपुरिया की भतीजी की शादी में पंहुचे नेता

रविवार को पूर्व विधायक दौलतपुरिया के फार्म हाउस पर आयोजित विवाह समारोह में सीएम मनोहर लाल के अलावा हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर सिंह गंगवा, बिजली मंत्री रणजीत चौटाला, विधायक दुड़ाराम, विधायक एडवोकेट लक्ष्मण नापा, भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, सुरेश दौलतपुरिया, जिप अध्यक्ष राजेश कसवां, नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल, नरेश सरदाना आदि पहुंचे।

Sunday, November 8, 2020

November 08, 2020

राम रहीम को गुपचुप पैरोल:मुख्यमंत्री मनोहर लाल बोले- गुरमीत की मां बीमार थी, मिलवाकर वापस ले आए, बात खत्म

राम रहीम को गुपचुप पैरोल:मुख्यमंत्री मनोहर लाल बोले- गुरमीत की मां बीमार थी, मिलवाकर वापस ले आए, बात खत्म

फ़तेहाबाद : दुष्कर्म और हत्या के मामले में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को गुपचुप तरीके से एक दिन की पैरोल देने के मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- यह जेल प्रशासन का काम है। जेल मेन्युल में जेल सुपरिंटेंडेंट को विशेष अधिकार होता है। राम रहीम की मां बीमार थी तो उन्हें उनकी मां से मिलवा दिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें अस्पताल ले जाया गया और सूर्यास्त से पहले वापस ले आए। बस बात खत्म हो गई। मुख्यमंत्री फतेहाबाद के गांव दौलतपुर में पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया की भतीजी की शादी में शिरकत करने आए थे।

गुपचुप बाहर आया था राम रहीम: बाबा को खट्टर सरकार ने एक दिन की पैरोल दिलाई, 300 जवानों की सुरक्षा में गुड़गांव भेजा गया

राम रहीम को 24 अक्टूबर को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल दी गई थी। सरकार और जेल प्रशासन ने मीडिया तक को भी इसकी भनक नहीं लगने दी। पैरोल के बाद राम रहीम गुड़गांव के एक अस्पताल में भर्ती अपनी मां से मिलकर आया। उसे सुनारियां जेल से गुड़गांव के अस्पताल तक बख्तरबंद गाड़ी में ले जाया और फिर लाया गया।

राम रहीम 25 अगस्त 2017 से रोहतक जेल में बंद है। डेरे की पूर्व साध्वियों से दुष्कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में राम रहीम को दोषी करार दिया गया था। पैरोल मिलने का मामला सामने आने के बाद जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने इस पर कहा है कि बाबा को पैरोल नियमों के हिसाब से दी गई है। हालांकि, उसने पहले भी कई बार पैरोल के लिए अर्जी लगाई , लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली।

राम रहीम की सुरक्षा में पुलिस की तीन टुकड़ी

राम रहीम 24 अक्टूबर को शाम तक अपनी बीमार मां के साथ रहा। सूत्रों ने बताया कि हरियाणा पुलिस की तीन टुकड़ी तैनात थी। एक टुकड़ी में 80 से 100 जवान थे। यानी 250 से 300 जवानों की तैनाती की गई थी। डेरा चीफ को जेल से बख्तरबंद गाड़ी में लाया गया। गुड़गांव में पुलिस ने अस्पताल के बेसमेंट में गाड़ी पार्क की। जिस फ्लोर में उसकी मां का इलाज चल रहा था, उसे पूरा खाली कराया गया था।

इस मामले की पुष्टि रोहतक एसपी राहुल शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि उन्हें जेल सुपरिंटेंडेंट से राम रहीम के गुड़गांव दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था का निवेदन मिला था। 24 अक्टूबर को सुबह से लेकर शाम ढलने तक सुरक्षा उपलब्ध कराई थी। सब कुछ शांति से हुआ। दूसरी ओर शनिवार दोपहर इस मामले पर प्रदेश के जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने भी अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि राम रहीम को सारे नियम को ध्यान में रखते हुए पैरोल दी गई थी।

राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई है

2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति अपने समाचार पत्र में डेरा से जुड़ी खबरों को प्रकाशित करते थे। पत्रकार छत्रपति की हत्या के बाद परिजनों ने मामला दर्ज कराया था और बाद में इसे CBI को सौंप दिया गया था। CBI ने 2007 में चार्जशीट दाखिल कर दी थी और इसमें डेरा प्रमुख राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना था। इससे पहले 28 अगस्त 2017 में CBI की विशेष कोर्ट ने दो महिलाओं के साथ रेप के मामले में राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी।

डेरा सच्चा सौदा के अनुनायियो मे ख़ुशी की लहर

हालाकी गुरु राम राम रहीम को केवल एक दिन की पैरोल दी गई थी लेकिन इस पैरोल को दिए जाने के बाद डेरा सच्चा सौदा के अनुनायियो मे एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया | अब भगतो को उम्मीद जागने लगी है कि जल्द ही पिता जी / गुरु जी को लम्बी परोल या फरलो दी जाएगी | जबकि पहले जेल मंत्री और अब मुख्यमंत्री के शब्द भी इस ओर ईशारा कर रहे है कि आने वाले समय ,मे बाबा राम रहीम को और छुट मिल सकती है | की  भगतों का मानना है कि गुरु जी यदि जेल गये है तो ये भी एक मिशन के तहत गये है इसी बारे वो कई बार अपने सगत से सत्संग मे चर्चा कर चुके थे | बाकि आने वाले समय मे और स्पष्टीकरण जनहित मे होगा |

November 08, 2020

युवाओं को खेलों की तरफ देना चाहिए ध्यान: प्रदीप रेढू

युवाओं को खेलों की तरफ देना चाहिए ध्यान: प्रदीप रेढू 


जींद :  प्राइवेट लोको कॉलोनी में समय का सदुपयोग करते हुए क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया, जिसमें दो अकैडमियों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

क्रिकेट प्रतियोगिता में युवा विकास समिति के प्रदेशाध्यक्ष व जिला पुरस्कार विजेता प्रदीप रेड्डू ईगराह ने मुख्य रूप से शिरकत की।
प्रतियोगिता के आयोजक सौरभ कंसाला ने बताया कि यह प्रतियोगिता सामाजिक कार्यकर्ता व युवा मंडल कंडेला के अध्यक्ष  बिट्टू कंडेला कि अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई।
खिलाड़ियों को संबोधित व प्रोत्साहित करते हुए प्रदीप रेढू ने कहा कि युवाओं ने शिक्षा व खेलों की तरफ ध्यान देना चाहिए ताकि युवा नशे की ओर अपना ध्यान न भटकाएं। ऐसी प्रतियोगिताएं प्रत्येक गांव में व प्रत्येक कॉलोनियों में लगातार होनी चाहिए। और कहा कि हमारी समिति का लक्ष्य है नशे के खिलाफ हरियाणा में युवाओं को जागरूक करना व शिक्षा और खेलों को बढ़ावा देना है।

इस दौरान समाजिक कार्यकर्ता बिट्टू कंडेला ने बताया कि नशे पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार देने व राज्य में जनजागरण अभियान चलाने की जरूरत है। नशे के शिकार लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार द्वारा प्रदेश में जहां नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं वहीं युवाओं के लिए इस साल प्रत्येक गांव में व प्रत्येक कॉलोनी में व्यायामशालाएं खोली जानी चाहिए और उनके कौशल विकास के लिए हरियाणा कौशल मिशन कार्यक्रम लागू करने चाहिए।
इस बीच कोच मुकेश कुमार, राजकुमार, दीपक राय, अमर सिंह, तुषार भट्ट, नीरज भट्ट, भूपेंद्र कंसाला आदि मौजूद रहे।
November 08, 2020

हरियाणा में दिवाली पर दो घंटे पटाखे बजा सकते हैं लोग, सीएम ने किया ऐलान

हरियाणा में दिवाली पर दो घंटे पटाखे बजा सकते हैं लोग, सीएम ने किया ऐलान

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में दिवाली पर लोगों को दो घंटे पटाखे बेचने व बजाने की छूट देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए लिया गया है ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके।

  मुख्यमंत्री आज फतेहाबाद के गांव दौलतपुर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दिवाली के दिन नागरिक सिर्फ दो घंटे पटाखे बजा सकते हैं। देखा गया है कि प्रदूषण के कारण ही कोरोना के संक्रमित मरीजों में भी बढ़ोतरी हुई है। प्रदूषण कम करने और कोरोना के संक्रमण के फैलाव को रोकने के मद्देनजर पटाखे बेचने व बजाने को प्रतिबंधित किया गया है।

  मुख्यमंत्री ने एमबीबीएस की फीस की बढ़ोतरी के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि फीस में मामूली बढ़ोतरी की गई है। पिछले काफी सालों से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों की तुलना में हरियाणा में मेडिकल फीस अब भी काफी कम है। दस लाख के बान्ड भरवाए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इसलिए शामिल किया गया है ताकि विद्यार्थी एमबीबीएस करने के बाद प्रदेश में नौकरी कर सकें और अपनी सेवाएं प्रदेश के नागरिकों के लिए दें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का रूझान प्रदेश में नौकरी करने की ओर बढ़ाने के लिए बान्ड भरवाने की व्यवस्था की गई है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसान आंदोलन बेअसर है। तीनों कृषि कानून किसानों के हक में है। कांग्रेस किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही थी। कांग्रेस का चेहरा विधानसभा सत्र में बेनकाब हो चुका है। प्रदेश के लोगों ने देखा कि कांग्रेस इस पर सस्ती राजनीति कर रही थी। विधानसभा में चर्चा में भाग न लेने से कांग्रेस का दोहरा चरित्र सामने आ गया है। प्रजातांत्रिक व्यवस्था में यह जरूरी है कि पहले चर्चा हो और उसके बाद ही वोटिंग होती है।

         एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बिहार के नतीजों और एग्जिट पोल का हरियाणा के राजनीतिक परिदृश्य में कोई महत्व नहीं है। सोनीपत में जहरीली शराब पीकर मृत्यु होने की घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक और कानूनी स्तर पर सही नहीं है। प्रदेश सरकार ने इस पर संज्ञान लेते हुए एफआईआर के भी आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरने वालों के परिजनों को राहत राशि की घोषणा भी सरकार की ओर से की गई है। उन्होंने कहा कि शराब की अवैध बिक्री में शामिल पाए जाने वाले दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
November 08, 2020

कार और केंटर की टक्कर में पिता की मौत, पुत्र-पुत्री घायल

कार और केंटर की टक्कर में पिता की मौत,

 पुत्र-पुत्री घायल

हिसार : नारनौंद के हांसी चंडीगढ़ मार्ग पर शनिवार को भैणी अमीरपुर के पास कार और कैंटर की टक्कर हो गई जिसमें एक शख्स की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए हैं। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, वहीं कैंटर चालक मौके से फरार हो गया।

जानकारी के मुताबिक हांसी के वार्ड नंबर 6 रूप नगर निवासी 55 वर्षीय मदन गोपाल अपने बेटे गौरव के साथ गाड़ी में सवार होकर बेटी स्वीटी को दवाई दिलवाने के लिए हांसी से अंबाला के लिए जा रहे थे। गांव भैणी अमीरपुर के पास जींद की तरफ से तेज गति में एक कैंटर आ रहा था। कैंटर का संतुलन बिगड़ने से सीधी टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी भयानक थी कि सेंट्रों गाड़ी गड्ढों में जा गिरी और गाड़ी में सवार 55 वर्षीय मदन गोपाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गाड़ी में सवार 25 वर्षीय गौरव और 20 वर्षीय स्वीटी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीर घायलों इलाज के लिए नारनौंद के सरकारी अस्पताल में ले गए, जहां से डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उनको हिसार रेफर कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए हांसी के सामान्य अस्पताल में ले जाया गया। देर शाम उनके शव का पोस्टमार्टम करवाकर उनके परिजनों को सौंप दिया।
November 08, 2020

सोनीपत जहरीली शराब कांड:मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विवादित बयान, बोले- ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, 24 साल में 12 बार हो चुकी हैं

सोनीपत जहरीली शराब कांड:मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विवादित बयान, बोले- ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, 24 साल में 12 बार हो चुकी हैं

फ़तेहाबाद : सोनीपत में जहरीली शराब कांड मामले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विवादित बयान दिया है। वे रविवार को फतेहाबाद के गांव दौलतपुर में पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया की भतीजी की शादी में शिरकत करने पहुंचे थे। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने कई मुद्दों पर बात की। इस कड़ी में जहरीली शराब कांड मामले में इस्तीफे की मांग संबंधी सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि समाज में, किसी भी प्रदेश में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। 1980 से 2004 तक ऐसी 12 घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में पंजाब में भी ऐसा कांड हुआ था।
जानलेवा नशा :सोनीपत में जहरीली शराब से तीन दिन में 27 मौतें, कार्रवाई में देरी पर एसपी बोले- चुनाव ड्यूटी में व्यस्त थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहरीली शराब बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले में आरोपी कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। एसआईटी अपना काम कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस्तीफे जैसी मांग करना ओछी बाते हैं। गौरतलब है कि पिछले छह दिन में जहरीली शराब का सेवन करने से हरियाणा में 47 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा सोनीपत में 36, पानीपत में 8 और फरीदाबाद में 3 की मौत हुई है। यह मसला विधानसभा में भी उठा और इस दौरान गृह मंत्री अनिल विज ने सिर्फ 9 लोगों की मौत की बात कही।
नहीं थम रहा मौत का तांडव:सोनीपत में जहरीली शराब से 4 और लोगों की मौत के बाद 31 हुए मृतक; 2 थाना प्रभारी और एक बीट इंचार्ज सस्पेंड
राज्य सरकार ने शनिवार को मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही शराब को अवैध रूप से बेचने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात की जा रही है। यह अलग बात है कि मौतों के आंकड़े को लेकर प्रदेश की सरकार और हकीकत में बहुत बड़ा झोल है।
November 08, 2020

राज्य सरकार का बड़ा फैसला:मेडिकल कॉलेजों की फीस 20 गुना बढ़ाई, एमबीबीएस के लिए सालाना फीस 54 हजार से बढ़ा 10 लाख रु. की

राज्य सरकार का बड़ा फैसला:मेडिकल कॉलेजों की फीस 20 गुना बढ़ाई, एमबीबीएस के लिए सालाना फीस 54 हजार से बढ़ा 10 लाख रु. की

चंडीगढ़ : प्रदेश में एमबीबीएस के लिए सालाना 10 लाख रु. का बॉन्ड देना होगा। साढ़े 4 साल के कोर्स के लिए कुल 40 लाख बॉन्ड देना होगा। पहले सालाना 54 हजार रु. फीस थी। फीस के लिए सरकार ने लोन की व्यवस्था का प्रावधान भी किया है। एमबीबीएस में यह प्रावधान चालू शैक्षणिक सत्र से ही लागू कर दिया है। पीजी कोर्स के लिए भी फीस तय की गई है। लेकिन यह अगले सत्र यानी 2021-22 से लागू होगी।
इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह पॉलिसी एनआरआई पर लागू नहीं होगी। सूत्रों का कहना है कि फीस को लेकर किए गए नए प्रावधानों से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज खुश नहीं हैं। बताया गया है कि इस मामले में उनकी सीएम से भी चर्चा हुई थी। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 800 सीटें हैं।

ऐसे समझिए फीस और बाॅन्ड का गणित

एमबीबीएस: दाखिले के वक्त 10 लाख रुपए का बाॅन्ड देना होगा। इसमें 80 हजार रु. फीस होगी। हर साल फीस में 10% की बढ़ोतरी होगी। दूसरे साल भी 10 लाख का बाॅड देना होगा। जिसमें 88 हजार रु. फीस के होंगे। इसी प्रकार अगले 2 साल भी 10-10 लाख का बाॅन्ड देना होगा। इसमें थर्ड-ईयर की फीस 96,800 रु. व लास्ट ईयर की फीस 1,06,480 रु. होगी।
पीजी कोर्स:* इस साल फर्स्ट ईयर के लिए 1.25 लाख, सेकंड ईयर के लिए 1.50 लाख व थर्ड-ईयर के लिए 1.75 लाख रु. फीस तय की है।

ऐसे चुकाया जाएगा लोन

नौकरी मिलने पर: जो स्टूडेंटस दाखिला लेगा, उसे सरकार अपनी गारंटी पर हर साल 10 लाख रु. का लोन दिलाएगी। यदि सरकारी नौकरी मिली तो उसका भुगतान सरकार खुद करेगी। यदि वह 7 साल से पहले नौकरी छोड़ता है तो उसी तारीख से आगे का बकाया लोन संबंधित को जमा कराना होगा।
*नौकरी नहीं मिलने पर:* जिन्हें नौकरी नहीं मिलेगी, उन्हें पैसा खुद किस्तो में जमा कराना होगा। पढ़ाई के बाद एक साल बाद तक लोन चुकाने से छूट रहेगी। इसके बाद 7 साल में पैसा चुकाना होगा।
November 08, 2020

हरियाणा सरकार के इस फैसले के बाद से नहीं मिलेगा लाखों लोगों को अनाज, जानें क्या है वजह

हरियाणा सरकार के इस फैसले के बाद से नहीं मिलेगा लाखों लोगों को अनाज, जानें क्या है वजह

चंडीगढ़ :  हरियाणा सरकार अपनी हर उस कोशिश को अंजाम देने में लगी रहती है, जिससे की सभी को समय पर और प्रचूर मात्रा में अनाज उपलब्ध कराया जा सके, लेकिन इस कड़ी में सरकार अपनी हर उस कोशिश को भी अंजाम देती है, जिससे कि कोई फर्जीवाड़ा उभरकर सामने न आ जाए। अब इसी बीच सरकार ने एक ऐसा ही कदम उठाया है, जिसमें अब तक 43 लाख लोगों के राशन कार्ड को फर्जी बताकर रद्द कर दिया गया है। अब यह लोग राशन लेने से वंचित रह जाएंगे।

प्राप्त सूचना के अनुसार भारत की केंद्र सरकार 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' योजना पर भी तेजी से काम कर रही है। जिसका उद्देश्य प्रवासी मजदूरों को सरकारी सब्सिडी दर पर राशन देना है। लेकिन इस योजना में बहुत बड़े फर्जीवाडे का खुलासा हुआ है जिसकी वजह से सरकार की तरफ से लाखों राशन कार्ड को रद्द कर दिया गया है। सरकार की तरफ से पब्लिक डिस्ट्रीब्युशन सिस्टम से 43 लाख 90 हजार फर्जी और अवैध राशन कार्ड को रद्द कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य योग्य लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सब्सिडी वाला अनाज वितरित करवाना था। लेकिन इस योजना में लाखों फर्जी राशन कार्ड बनवाए गए थे।

इसे पहले साल 2013 से बड़ी संख्या में फर्जी और डुप्लीकेट राशन कार्ड मिले थे। जिसके बाद 2019 में सरकार राशन कार्ड में धोखाधड़ी को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया है। इस सम्बन्ध में खाद्य मंत्रालय मानता है कि डुप्लीकेट कार्ड को चिन्हित करना जरूरी है। चर्चा है  कि राशन कार्डों के डिजिटलीकरण अभियान ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शी बनाने और दक्षता में सुधार लाने में मदद की है।

उन्होंने कहा, 'अयोग्य राशन कार्डों को हटाते समय, हम प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए परिभाषिति कवरेज के भीतर नये लाभार्थियों को जोड़ते रहते हैं। बता दें कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत करीब देश की आबादी के लगभग दो-तिहाई हिस्सा को इसका फायदा मिल रहा है है। करीब 80 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्र योजना के तहत हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज मिल रहा है। इस योजना की शुरुआत कोरोना महामारी से दौरान लगे लॉकडाउन में की गई थी। 
November 08, 2020

किसान से दिनदहाड़े लूट:कैथल में आंखों में स्प्रे मारकर व्यक्ति से 7 तोले सोना लूटा, मास्क पहनकर तीन बदमाशों ने की वारदात

किसान से दिनदहाड़े लूट:कैथल में आंखों में स्प्रे मारकर व्यक्ति से 7 तोले सोना लूटा, मास्क पहनकर तीन बदमाशों ने की वारदात

कैथल : गांव महमूदपुर के पास बाइक सवार 3 बदमाश किसान से सोना के 7 तोले सोने के जेवरात लूटकर फरार हो गए। किसान गोल्ड लोन चुकाकर पत्नी के जेवरात घर ले जा रहा था। महमूदपुर निवासी भूपिंद्र सिंह ने पुलिस शिकायत में बताया कि वह खेती करता है। एक साल पहले पत्नी के 7 तोले सोने के जेवरात गिरवी रखकर फाइनेंस कंपनी से 213973 रुपए का गोल्ड लोन लिया था।
शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे वह लोन के रुपए चुकाकर जेवरात लेकर बाइक पर घर जा रहा था। 15 मिनट बाद अजीमगढ़ से करीब 700 मीटर आगे लिंक रोड पर महमूदपुर की तरफ पहुंचा तो पीछे से बिना नंबर की एक बाइक पर तीन युवक आए। उन्होंने मुंह पर काले रंग के मास्क लगाए हुए थे। युवकों ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने बाइक रोक ली।
उसी समय एक लड़के ने हाथ में पकड़ी बोतल से उसकी आंखों में स्प्रे मारा और युवक जेवरात लूटकर फरार हो गए। एक-दो मिनट बाद उसे दिखाई दिया लेकिन तब तक युवक फरार हो चुके थे। बदमाश एक सोने का कड़ा, चेन, गले का हार, एक अंगूठी व कानों के दो झुमके लूटकर फरार हो गए। गुहला थाना से एएसआई राजबीर सिंह ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ लूट का केस दर्ज कर लिया है। जांच की जा रही है।
November 08, 2020

बड़ी कार्रवाई:पंजाब में यूरिया सप्लाई के लिए खड़े 3 ट्रक, 1 ट्राला और ट्रैक्टर-ट्राॅली पकड़ी

बड़ी कार्रवाई:पंजाब में यूरिया सप्लाई के लिए खड़े 3 ट्रक, 1 ट्राला और ट्रैक्टर-ट्राॅली पकड़ी

अम्बाला : नई अनाज मंडी में कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने शुक्रवार रात रेड कर अनाज मंडी में खड़े तीन ट्रक, एक ट्राला व एक ट्रैक्टर-ट्राॅली में लदा राष्ट्रीय कैमिकल फर्टिलाइजर केे 1675 कट्‌टे यूरिया खाद्य पकड़ा। यह यूरिया खाद्य हरियाणा के किसानों के लिए मंगाया था, लेकिन इसे अनाज मंडी में मौजूद कृषि सेवा केंद्र से पंजाब में भेजा जा रहा था। एक कैंटर यूरिया खाद्य पंजाब पहले ही भेजा जा चुका था।
टीम ने रात करीब सवा 10 बजे रेड की तो यहां मौजूद लेबर रफू-चक्कर हो गई। डॉ. गिरीश नागपाल की शिकायत पर कृषि सेवा केंद्र के मालिक, मौके पर मौजूद मिले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी केशव व खरड़ में पंजाब खेती बाड़ी सेंटर के संचालक सुरेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। कृषि उप निदेशक के मुताबिक यह खाद्य सोची समझी धोखाधड़ी से पंजाब में ब्लैक मार्केटिंग के लिए भेजा जा रहा था।
ट्रक संख्या एचआर 58 ए-6280 में 395 बैग, ट्रक संख्या एचआर 58 बी-9129 में 770 बैग मिले, एचआर 58 ए-3558 में 492 बैग मिले, पीबी65 एए-2678 में 18 बैग खाद मिला। एक फार्म ट्रैक ट्रैक्टर-ट्राॅली मिला जिस पर नंबर नहीं था। गाड़ी में लोड राष्ट्रीय केमिकल फर्टिलाइजर की 5 नवंबर को जारी बिल्टी व गेट पास कम डिलीवर चालान मिला। इनमें गाड़ी नंबर एचआर 58 ए-6280 में 750 बैग, एचआर 58 बी-9129 में 770 बैग व एचआर 58 ए-3558 में कुल 110 बैग दर्शाए गए थे। इस खाद की बिल्टी केएच स्टोर यमुनानगर से कृषि सेवा केंद्र अम्बाला शहर के नाम कटी हुई थी। जबकि गाड़ी नंबर पीबी 65 एए-2678 में 18 बैग यूरिया मिला जिसकी कोई बिल्टी नहीं मिली।
November 08, 2020

बदलाव:नए नियम के तहत अब जिले में 128 महिलाएं बनेंगी सरपंच, पंचायत समिति व जिप के वार्ड नहीं हुए फाइनल

बदलाव:नए नियम के तहत अब जिले में 128 महिलाएं बनेंगी सरपंच, पंचायत समिति व जिप के वार्ड नहीं हुए फाइनल

फतेहाबाद : राज्य सरकार द्वारा शुक्रवार को विधानसभा में लाए गए पंचायती राज संशोधन एक्ट के बाद अब जिले की पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी 33 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दी गई है। जिसके तहत अब जिले की 257 ग्राम पंचायतों में से 128 गांवों मेंं महिलाएं ही सरपंच बनेंगी। ठीक इसी प्रकार 50 फीसदी भागीदारी का यह नियम पंचायत वार्डों, ब्लॉक समिति व जिला परिषद के वार्डों पर भी लागू होगा।
जिले में अभी तक पंचायत समितियों व जिला परिषद के वार्ड फाइनल नहीं हुए हैं। क्योंकि पिछले पांच सालों में जिले में जहां एक नया ब्लॉक बनाया गया हैं वहीं जाखल ग्राम पंचायत अब नगर पालिका बन गई है। नागपुर के नया ब्लॉक बनने व जाखल के नगर पालिका बनने के बाद से जिले में पंचायत समितियों व जिला परिषद के वार्डों में वोटों की एडजस्टमेंट की जानी है। इसके बाद ही तय होगा की उक्त दोनों पंचायती संस्थाओं के कितने वार्ड होंगे।

फतेहाबाद व रतिया के 34 गांवों से बना था नागपुर ब्लॉक

जिले में नागपुर के ब्लॉक बनने के बाद अब ब्लॉकों की संख्या 7 हो गई है। रतिया व फतेहाबाद के मध्य बनाए गए नागपुर ब्लॉक में कुल 34 गांव शामिल किए हुए हैं। इसमें 17 गांव फतेहाबाद तथा 17 गांव रतिया के शामिल हैं। ऐसा होने से अब रतिया, फतेहाबाद व नागपुर तीनों खंडों की पंचायत समितियों के वार्ड दोबारा से तय होने हैं।

पिछले प्लान में 43% थी महिलाओं की भागीदारी

इससे पहले पंचायती राज एक्ट के तहत चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण था। लेकिन ओपन वार्ड या पंचायत में भी महिलाएं चुनाव लड़ सकती थी। जिसके चलते पिछले प्लान 43 फीसदी यानि 110 महिलाएं सरपंच बनी थी।

पांच हजार वोटों पर होती है पंचायत समिति

नागपुर के ब्लॉक बनने व जाखल के पंचायत रहते जिले में कुल 138 पंचायत समितियां व जिला परिषद के 18 वार्ड थे। एक पंचायत समिति वार्ड 4 से 5 हजार वोटों पर बनाया जाता है। वार्ड बनाने का यह कार्य पंचायत विभाग के मुख्यालय फाइनल होता है कि कितने वार्ड बनाए जाने हैं।

मुख्यालय को भेजी है रिपोर्ट: डीडीपीओ

नागपुर के नया ब्लॉक बनने व जाखल नगर पालिका बनने के बाद अब पंचायत समितियों व जिला परिषद के वार्डों में संशोधन किया जाना है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर अनुमति के लिए मुख्यालय को भेजी हुई है। जल्द ही नए वार्ड बन जाएंगे।- बलजीत चहल, डीडीपीओ।
November 08, 2020

गाँव में काम ना करने पर सरपंच को हटा सकेंगे लोग , जानिए क्या है राईट टू रिकॉल बिल ?

गाँव में काम ना करने पर सरपंच को हटा सकेंगे लोग , जानिए क्या है राईट टू रिकॉल बिल ?

चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण बिल पारित हुए और इनमें से एक शुक्रवार को ग्राम पंचायतों के लिए 'राइट टू रीकॉल' बिल भी पटल पर रखा गया जिसे माननीय सदस्यों ने पास कर दिया। इस बिल के लागू होने से काम ना करने वाले सरपंच को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटाने का अधिकार ग्रामीणों को मिल गया है।

  विधानसभा में आज पास हुए 'राइट टू रीकॉल' बिल के बारे में डिप्टी सीएम ने बताया कि सरपंच को हटाने के लिए गांव के 33 प्रतिशत मतदाता अविश्वास लिखित में शिकायत संबंधित अधिकारी को देंगे। यह प्रस्ताव खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा सीईओ के पास जाएगा। इसके बाद ग्राम सभा की बैठक बुलाकर 2 घंटे के लिए चर्चा करवाई जाएगी।

इस बैठक के तुरंत बाद गुप्त मतदान करवाया जाएगा और अगर 67 प्रतिशत ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ मतदान किया तो सरपंच पदमुक्त हो जाएगा। सरपंच चुने जाने के एक साल बाद ही इस नियम के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकेगा। श्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि अगर अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरपंच के विरोध में निर्धारित दो तिहाई मत नहीं पड़ते हैं तो आने वाले एक साल तक दोबारा अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकेगा। इस तरह 'राइट टू रीकॉल' एक साल में सिर्फ एक बार ही लाया जा सकेगा।

किन राज्यों में है राईट टू रिकॉल कानून ?

1. उत्तर प्रदेश
2. उत्तराखंड
3. बिहार
4. झारखंड
5. मध्य प्रदेश
6. छत्तीसगढ़
7. महाराष्ट्र
8. हिमाचल प्रदेश

क्या है राईट टू रिकॉल की प्रक्रिया ?

सरपंच पर रिकॉल (जनता द्वारा वापस बुलाने की प्रक्रिया) की प्रक्रिया 2 चरणों की प्रक्रिया है जिसको नागरिक स्वयं शुरू कर सकते हैं । राज्य अनुसार 1-2 वर्ष के सुरक्षित (लॉक-इन) अवधि के बाद, ग्राम सभा के सदस्यों की अमुक संख्या को अपने हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के छाप याचिका के रूप में जिला के कलेक्टर के दफ्तर में देना होता है । हस्ताक्षरों की जांच के बाद, ग्राम सभा के सदस्यों की बैठक का आयोजन किया जायेगा और यदि उस बैठक में बहुमत ग्राम सभा के सदस्य, अपने सरपंच को हटाने के लिए मांग करते हैं, तो उस सरपंच को हटाया जायेगा ।

क्या है राईट टू रिकॉल का इतिहास ?

निर्वाचित प्रतिनिधियों को वापस बुलाने के अधिकार का इतिहास काफी पुराना है । प्राचीन काल में एंथेनियन लोकतंत्र से ही यह कानून चलन में था । बाद में कई देशों ने इस रिकॉल को अपने संविधान में शामिल किया । वैसे इतिहास यह है कि इस कानून की उत्पत्ति स्विटजरलैंड से हुई पर यह अमेरिकी राज्यों में चलन में आया । 1903 में अमेरिका के लास एंजिल्स की नगर पालिका (म्यूनिसपैलिटी), 1908 में मिशिगन और ओरेगान में पहली बार राइट टू रिकाल राज्य के अधिकारियों के लिए लागू किया गया ।
आधुनिक भारत में, सचिंद्रनाथ सान्याल ने सबसे पहले जनसेवकों को बदलने के अधिकार की मांग की थी। सचिंद्रनाथ सान्याल ने दिसम्बर 1924 में `हिंदुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसियेशन` का घोषणा पत्र लिखा था। उस घोषणा पत्र में सचिंद्रनाथ सान्याल लिखा है कि "इस गणराज्य में, मतदाताओं के पास अपने जनसेवकों के ऊपर राईट टू रिकॉल (हटाने का प्रावधान) होगा, यदि मतदाता चाहें तो, नहीं तो लोकतंत्र एक मजाक बन जायेगा ।

चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर रिकॉल का भारतीय लोकतंत्र में बहस का काफी लंबा इतिहास है; इस मुद्दे पर संविधान-सभा में भी बहस हुई थी। ये बहस इस धारणा पर केंद्रित थी कि मतदआतों के पास चुनाव के अधिकार होने के साथ-साथ हाताने (राईट टू रिकॉल) का अधिकार भी होना चाहिए और यदि कुछ गडबडी हो जाये तो, मतदाताओं के पास कोई उपाय होना चाहिए, लेकिन डा. बी.आर. आंबेडकर ने संविधान के इस प्रस्तावित संशोधन को स्वीकार नहीं किया।
18 जुलाई 1947 को सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था जब वे संविधान-सभा के बहस में जनता के जनसेवकों को हटाने के अधिकार (रिकॉल) के प्रस्तावित संशोधन पर चर्चा कर रहे थे – "यदि कुछ बिरले लोग या कुछ काली भेड़े हैं जिन्होंने अपने चुनाव-क्षेत्र का विश्वास खो दिया है और फिर भी संसद में उस चुनाव-क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, तो उन कुछ बुरे लोगों के लिए हमें अपने चुनाव-क्षेत्र (की व्यवस्था) को बिगाडना नहीं चाहिए। हमें उसे वर्तमान अवस्था में ही रहने देना चाहिए और सम्बंधित सदस्यों के सही समझ पर छोड़ देना चाहिए |"

फिर भी, उसी समय कुछ सदस्यों को डर था कि बिना अविश्वास प्रस्ताव या रिकॉल के ग्राम या नगर पालिका की इकाइयां निरंकुश हो जाएँगी |
भारत में सबसे पहला रिकॉल (जनता का जनसेवक को वापस भुलाने का अधिकार) उत्तर प्रदेश में सरपंच पर ग्राम सभा के सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के रूप में आया ।

Saturday, November 7, 2020

November 07, 2020

धुम्रपान और शराब का सेवन दे सकता है कैंसर को बढ़ावा : डा. भोला

सही खान-पान व नियमित व्यायाम देता है कैंसर से बचाव : डा. संदीप

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में सीएमओ डा. मनजीत सिंह के दिशा-निर्देशन में शनिवार को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने की जबकि वरिष्ठ दंत चिकित्सक डा. रमेश पांचाल,
एनसीडी इंचार्ज डा. संदीप लोहान, चिकित्सा अधिकारी डा. अंजू अग्रवाल मौजूद रहे। 
डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि इंसान का शरीर एक मशीन की तरह होता है जो दिन-रात मशीन की तरह कार्य करता है। इसमें समय-समय पर कई तरह की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं, जिनका समय रहते समाधान होना चाहिए। इन्हीं बीमारीयों में से एक बेहद जटील बीमारी है कैंसर। दुनियाभर में लाखों लोग प्रतिवर्ष इस जटील बिमारी की वजह से दम तोड़ देते हैं। यदि इस बीमारी का सही समय पर पता चले व समय पर इलाज शरू हो तो इस बीमारी का इलाज संभव है। डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने बताया कि कैंसर शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है। इसी प्रकार महिलाओं में स्तन  का कैंसर, योनि कैंसर और पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। इसी तरीके से कैंसर शरीर के त्वचा, ब्लड, ब्रेन, पेट, हड्डियों आदि में होने की संभावना अधिक होती है। डा. भोला ने कैंसर के कारणों के बारे में बताते हुए कहा कि खान-पान की बुरी आदतें, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, गुटका, शराब का अधिक सेवन करना व कई तरह के रेडिएशन आदि से कैंसर की बीमारी होती है। कुछ  कैंसर अनुवांशिक भी हो सकते हैं। डा. भोला ने बताया की धुम्रपान में निकोटिन, कार्बन मोनोऑक्साइड व टार जैसे पदार्थ होते हैं जो कैंसर को जन्म देते हैं व इसके साथ-साथ हार्ट अटैक, लकवा, दमा, फेफड़े की बीमारी, नपुंसकता आदि बीमारियां धुम्रपान से हो सकती हैं। अगर हम अपनी जीवन शैली में थोड़ा भी परिवर्तन करते हैं तो कैंसर से बच सकते हैं। सही व देशी खान-पान का सेवन करें, जंक फूड खाने से बचें, धूम्रपान न करें, शराब का सेवन न करें, नियमित योगा व व्यायायम कैंसर बीमारी से बचाने में सहायक होते हैं। 
एनसीडी इंचार्ज डा. संदीप लोहान ने कहा कि कैंसर शरीर की आधारभूत इकाई कौशिका को प्रभावित करता है, किसी भी कैंसर पीडि़त व्यक्ति में तरह-तरह के कई लक्ष्ण हो सकते हैं। जैसे पेशाब में खून आना, खून की कमी की बीमारी, एनीमिया, खांसी के दौरान खून का आना, अचानक शरीर के किसी भाग से खून निकलना, स्तनों में गांठ, कुछ निगलने में दिक्कत होना, मीनोपॉज के बाद भी खून आना, भूख कम लगना, त्वचा में बदलाव महसूस होना, किसी अंग का अधिक उभरना या गांठ महसूस होना। इन लक्षणों वाले किसी भी व्यक्ति को अपने नजदीक के अस्पताल में अपनी जांच करवानी चाहिए ताकि समय रहते इस का इलाज हो सके। 
चिकित्सा अधिकारी डा. अंजू अग्रवाल व वरिष्ठ दंत चिकित्सक डा. रमेश पांचाल ने बताया कि बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटखे के सेवन से मुंह का कैंसर, फेफड़ों में कैंसर, गले का कैंसर, शराब का अधिक  सेवन करने वाले व्यक्ति को लीवर में कैंसर व किडनी कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए हर किसी को इन सब चीजों से दूर रहना चाहिए। इस मौके पर स्टाफ नर्स सुनीता, पूजा, फिजियोथेरेपिस्ट शीतल मौजूद रहे।
November 07, 2020

गुरमीत राम रहीम को 1 दिन की पैरोल देने के मामले पर हरियाणा के जेल मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने कही ये बात

गुरमीत राम रहीम को 1 दिन की पैरोल देने के मामले पर हरियाणा के जेल मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने कही ये बात

चंडीगढ़ : डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बीती 24 अक्टूबर को 1 दिन के पैरोल देने पर बिजली एवं जेल मंत्री चौधरी रणजीत सिंह  ने कहा कि बीमार मां से मिलने के लिए 1 दिन की पैरोल दी गई थी और जेल मैनुअल के अनुसार 1 दिन की पैरोल  देने का अधिकार जिला जेल के अधीक्षक के पास है। 
उन्होंने जोड़ा कि गुरमीत सिंह के केस को देखते हुए ज्यादा समय के लिए पैरोल देने का अधिकार कोर्ट और सरकार के पास है। बरोदा उपचुनाव पर बोलते हुए बिजली मंत्री ने कहा कि मुकाबला कड़ा है लेकिन बीजेपी की जीत निश्चित है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध के सवाल पर मंत्री ने कहा कि किसान कृषि कानूनों को समझ नहीं पा रहे हैं कोई किसी की जमीन बिना सहमति के कैसे ले सकता है साथ ही उन्होंने कहा कि यह विरोध आढ़तियों व कांग्रेस द्वारा प्रायोजित है। 
November 07, 2020

गुपचुप बाहर आया था राम रहीम: बाबा को खट्टर सरकार ने एक दिन की पैरोल दिलाई, 300 जवानों की सुरक्षा में गुड़गांव भेजा गया

गुपचुप बाहर आया था राम रहीम: बाबा को खट्टर सरकार ने एक दिन की पैरोल दिलाई, 300 जवानों की सुरक्षा में गुड़गांव भेजा गया

चंडीगढ़ / रोहतक : दुष्कर्म और हत्या के मामले में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक दिन की पैरोल पर बाहर आया था। राम रहीम को 24 अक्टूबर को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल दी गई थी। सरकार और जेल प्रशासन ने मीडिया तक को भी इसकी भनक नहीं लगने दी। पैरोल के बाद राम रहीम गुड़गांव के एक अस्पताल में भर्ती अपनी मां से मिलकर आया। उसे सुनारियां जेल से गुड़गांव के अस्पताल तक बख्तरबंद गाड़ी में ले जाया और फिर लाया गया।
राम रहीम 25 अगस्त 2017 से रोहतक जेल में बंद है। डेरे की पूर्व साध्वियों से दुष्कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में राम रहीम को दोषी करार दिया गया था। पैरोल मिलने का मामला सामने आने के बाद जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने इस पर कहा है कि बाबा को पैरोल नियमों के हिसाब से दी गई है। हालांकि, उसने पहले भी कई बार पैरोल के लिए अर्जी लगाई , लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली।

राम रहीम की सुरक्षा में पुलिस की तीन टुकड़ी

राम रहीम 24 अक्टूबर को शाम तक अपनी बीमार मां के साथ रहा। सूत्रों ने बताया कि हरियाणा पुलिस की तीन टुकड़ी तैनात थी। एक टुकड़ी में 80 से 100 जवान थे। यानी 250 से 300 जवानों की तैनाती की गई थी। डेरा चीफ को जेल से बख्तरबंद गाड़ी में लाया गया। गुड़गांव में पुलिस ने अस्पताल के बेसमेंट में गाड़ी पार्क की। जिस फ्लोर में उसकी मां का इलाज चल रहा था, उसे पूरा खाली कराया गया था।
इस मामले की पुष्टि रोहतक एसपी राहुल शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि उन्हें जेल सुपरिंटेंडेंट से राम रहीम के गुड़गांव दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था का निवेदन मिला था। 24 अक्टूबर को सुबह से लेकर शाम ढलने तक सुरक्षा उपलब्ध कराई थी। सब कुछ शांति से हुआ। दूसरी ओर शनिवार दोपहर इस मामले पर प्रदेश के जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने भी अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि राम रहीम को सारे नियम को ध्यान में रखते हुए पैरोल दी गई थी।

राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई है

2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति अपने समाचार पत्र में डेरा से जुड़ी खबरों को प्रकाशित करते थे। पत्रकार छत्रपति की हत्या के बाद परिजनों ने मामला दर्ज कराया था और बाद में इसे CBI को सौंप दिया गया था। CBI ने 2007 में चार्जशीट दाखिल कर दी थी और इसमें डेरा प्रमुख राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना था। इससे पहले 28 अगस्त 2017 में CBI की विशेष कोर्ट ने दो महिलाओं के साथ रेप के मामले में राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी।
November 07, 2020

हरियाणा में जहरीली शराब का मामला:मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए देगी राज्य सरकार, बेचने वालों पर भी होगी कड़ी कार्रवाई

हरियाणा में जहरीली शराब का मामला:मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए देगी राज्य सरकार, बेचने वालों पर भी होगी कड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ / सोनीपत : हरियाणा में जहरीली शराब के सेवन से पिछले 5 दिन में 47 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य सरकार ने शनिवार को मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही शराब को अवैध रूप से बेचने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात की जा रही है। यह अलग बात है कि मौतों के आंकड़े को लेकर प्रदेश की सरकार और हकीकत में बहुत बड़ा झोल है। शुक्रवार यह मसला विधानसभा सेशन में भी उठा और इस दौरान गृह मंत्री अनिल विज ने सिर्फ 9 लोगों की मौत की बात कही।
बताते चलें कि पिछले पांच दिन में जहरीली शराब के सेवन से हरियाणा में 47 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा सोनीपत में 36, पानीपत में 8 और फरीदाबाद में 3 की मौत शराब से होने की बात सामने आई है। जहरीली शराब से जान गंवाने वाले सोनीपत जिले के गांव गूमड़ निवासी जयपाल के अलावा दूसरे जिलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को गूमड़ के 40 वर्षीय जयपाल और 30 वर्षीय प्रदीप का शव पोस्टमॉर्टम के बाद मिला तो परिजनों और गूमड़ के लोगों ने गन्नौर-खुबडू़ सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। दोपहर करीब 12 बजे से देर रात तक ये लोग धरने पर डटे रहे। प्रदर्शनकारी आरोपियों पर कार्रवाई, परिजनों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। इसी प्रदर्शन के मद्देनजर सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
इस बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि सोनीपत और पानीपत जिलों में जहरीली शराब के सेवन से जिन 9 लोगों की जान गई है, उनके परिवारों को दो लाख रुपए की राहत राशि हरियाणा मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। साथ ही जहरीली शराब बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब दूसरी ओर देखा जाए तो मरने वालों की संख्या को लेकर बड़ा झोल है। बीते दिन इस मुद्दे पर विधानसभा में जब विपक्ष ने गृहमंत्री अनिल विज को घेरा तो विज ने महज नौ लोगों (पानीपत में 5 और सोनीपत में 4) की मौत जहरीली शराब से होने की बात कही।

 पड़ताल- ये हैं जान गंवा चुके 32 लोगों के नाम

पानीपत में धनसौली निवासी बलबीर सिंह, सतपाल, काला उर्फ इस्लाम, बिजेन्द्र उर्फ बीजा, शिवकुमार, इंद्रसिंह, नंगला पार निवासी मेहरसिंह, सुशील उर्फ काला
सोनीपत शहर निवासी अरुण कौशिक, राजू, मुकेश, चांदराम, सतीश, मंदीप, बलराज, महावीर, बलराज, धर्मवीर, बलजीत, रणवीर, राजेश, मनोज, रिंपा, रघुवीर, भूखड़, दिनेश
गन्नौर में गूमड़ गांव निवासी: जयपाल, सुरेंद्र, राकेश, प्रदीप, तीर्थ और विक्रम
November 07, 2020

युवा कौशल विकास योजना सैंटर

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November 07, 2020

पुलिस की गुंडागर्दी:चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी ने युवक को पीट, विरोध में दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया

पुलिस की गुंडागर्दी:चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी ने युवक को पीट, विरोध में दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया

कैथल : चेकिंग करते हुए युवक को थप्पड़ जड़ना पीसीआर पर तैनात पुलिस कर्मचारी को महंगा पड़ गया। इस घटना ने जमकर बवाल भी कराया। मामला हरियाणा में कैथल जिले का है। कबूतर चौक पर चेकिंग के दौरान पीसीआर पुलिस कर्मचारियों ने एक युवक को मास्क व हेलमेट न लगाने पर थप्पड़ जड़ दिए।
यह घटना चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें पुलिस कर्मचारी युवक को थप्पड़ मारते हुए साफ दिख रहे हैं। वहीं इस घटना के विरोध में चौक पर बनी दुकानों के मालिकों ने जमकर बवाल काटा। हंगामा बढ़ता देखकर थाना सिटी एसएचओ मौके पर पहुंचे और उन्होंने थप्पड़ मारने की घटना को सिरे से नकारा।
एसएचओ ने कहा कि आपसी कहासुनी हो गई थी, जिसको अब सुलझा लिया गया है। जबकि युवक को थप्पड़ मारने की पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि दो पुलिस कर्मी एक स्कूटी सवार युवक को रोकते हैं और फिर दोनों कर्मचारी उसे थप्पड़ मारते हैं।
बता दें कि सेवा सुरक्षा सहयोग का नारा देने वाली हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों का यह रवैया पहली बार दिखाई नहीं दिया है। इससे पहले भी हरियाणा पुलिस द्वारा लोगों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं।
November 07, 2020

जींद में चोरों ने किया कमाल , दीवारों के नीचे से ले गए जैक

जींद में चोरों ने किया कमाल , दीवारों के नीचे से ले गए जैक


जींद : जींद चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि खुद की जिंदगी दांव पर लगा पड़ोसियों की जिंदगी भी जोखिम में डालने से परेहज नहीं करते। ऐसा ही मामला पटेल नगर में सामने आया। बतादें कि बीती रात चोर मकान को ऊंचा उठाने के लिए लगाए गए जैकों में से 40 जैकों को चोरी कर ले गए। घटना का उस समय पता चला जब मजदूरों तथा मिस्त्रियों का ध्यान जैकों की तरफ गया। जब उन्होंने जैकों की गिनती की तो उनकी संख्या कम मिली और साथ ही जैकों के बीच की दूरी भी ज्यादा मिली। गनीमत यह रही कि 40 जैक चोरों द्वारा चोरी किए जाने के बाद भी दो मंजिला इमारत सुरक्षित खड़ी रही और हादसा होने से बच गया। ठेकेदार दलबीर की शिकायत पर शहर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। दरअसल पिछले एक पखवाड़े से कुलबीर मजदूरों के साथ जैकों की सहायता से मकान को ऊंचा उठा रहे हैं और लगभग अढ़ाई फीट तक सुरक्षित रूप से मकान को उठाया जा चुका है। मकान में 170 जैकों का प्रयोग किया गया है। 
गौरतलब है कि बस्ती के बीच चोरी हुए जैकों की घटना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है। मकान को ऊंचा उठाने वाले ठेकेदार की शिकायत पर शहर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव जुलानी निवासी दिलबाग ने पटेल नगर में दो हजार स्क्वायर फीट  में दो मंजिला मकान बनाया हुआ है। मकान का लेवल गली से नीचा होने के चलते उन्होंने गांव पेटवाड़ निवासी कुलबीर को मकान ऊंचा उठाने का ठेका दिया हुआ है। 

November 07, 2020

पूर्व सीएम ओपी चौटाला को हाईकोर्ट से झटका , पुश्तैनी कोठी में पोतों की शादी पर रोक

पूर्व सीएम ओपी चौटाला को हाईकोर्ट से झटका , पुश्तैनी कोठी में पोतों की शादी पर रोक

चंडीगढ़ : हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे ओमप्रकाश चौटाला को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट ने चौटाला के तेजाखेड़ा स्थित फार्म हाउस में बनी पुश्तैनी कोठी में उनके पोतों की शादी की अनुमति पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट के जस्टिस एजी मसीह व जस्टिस राजेश भारद्वाज पर आधारित पीठ ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (इडी) द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए जारी किया।

इसी के साथ हाई कोर्ट ने ओम प्रकाश चौटाला व अन्य प्रतिवादी पक्ष को 11 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के वकील अरविंद मौदगिल ने बेंच को बताया कि पिछले साल ओमप्रकाश चौटाला की तेजाखेड़ा स्थित फार्म हाउस में बनी पुश्तैनी कोठी को प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने अटैच कर लिया था।

नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में ओमप्रकाश चौटाला के दो पौत्रों करण चौटाला व अर्जुन चौटाला के विवाह हैं। दोनों अभय सिंह चौटाला के पुत्र हैं। इसके लिए ओमप्रकाश चौटाला की तरफ से अटैच तेजाखेड़ा स्थित फार्म हाउस में बनी पुश्तैनी कोठी को विवाह के लिए प्रयोग करने की मांग की गई।

चौटाला परिवार सात दिसंबर को यह कोठी दोबारा प्रवर्तन निदेशालय को वापस कर देगा। प्रवर्तन निदेशालय ने अपीलय ट्रिब्यूनल के आदेश को रद करने की मांग करते हुए कहा कि जब प्रवर्तन निदेशालय ने किसी संपति को अटैच किया हुआ हो और ट्रायल जारी हो तो कैसे संपति को छोड़ा जा सकता है। प्रापर्टी प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 की धारा 8 (4) के तहत यह संपति प्रवर्तन निदेशालय के कब्जे में है।

भ्रष्टाचार का मामला प्रवर्तन निदेशालय ने कन्फर्म कर दिया है। ऐसे में किसी अटैच संपति आरोपित को नहीं दी जा सकती। प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि अपीलीय ट्रिब्यूनल ने छह नवंबर से पहले कोठी चौटाला को देने का आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय के वकील की दलील सुनने के बाद हाई कोर्ट अपीलीय ट्रिब्यूनल के आदेश पर रोक लगाते हुए ओम प्रकाश चौटाला से जवाब तलब किया है।
 
November 07, 2020

प्रदेश के सभी केंद्रीय सहकारी बैंक होंगे डिजीटल

प्रदेश के सभी केंद्रीय सहकारी बैंक होंगे डिजीटल

 रेवाड़ी : ( पंकज कुमार )  हरको बैंक हरियाणा की राज्य स्तरीय बैठक रविवार को शहर के लोक निर्माण विश्राम गृह में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हरको बैंक के चेयरमैन डॉ. अरविंद यादव  ने की। मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। जिसमें विशेषतौर से प्रदेश की सभी पैक्स को कंप्यूटराइजेशन करना एवं जिलों के बैंकों का स्वरूप कॉर्मिशियल बैंक में बदलने पर विशेष फोकस किया गया।
चेयरमैन अरविंद यादव ने स्पष्ट तौर से कहा कि अभी तक जिला स्तर पर सेवाएं दे रहे केंद्रीय सहकारी बैंक एवं पैक्स को पॉलीटिक्ल बैंक के नजर से देखा जाता था। इस मानसिकता को हर हालत में खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे पास युवा बैंक अधिकारियों की टीम है। सबसे बड़ी बात हरियाणा में ग्रामीण पृष्ठभूमि का हमारा सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसकी ताकत को समझना होगा।

उन्होंने कहा कि हम पैक्स की कार्यशैली को बदलने जा रहे हैं। जिस तरह देश के बड़े बैकों में उपभोक्ताओं के लिए लॉकर , एटीएम, डिजीटल लेन देन की सुविधाएं हैं। वहीं हम पैक्स स्तर पर यह सेवाएं देंगे। चेयरमैन ने कहा कि वे काम करने में यकीन करते हैं। इसलिए हमने हर कार्य के लिए समय सीमा रखी है। मीटिंग में जितने भी मुद्दों पर चर्चा हुई है उसे हम 31 मार्च 2021 तक पूरा करेंगे।
इसके लिए सभी जिला महाप्रंबधक की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास के विजन को हमें अपनी वर्क स्टाइल में लाना चाहिए। हमारा बैंक देश में एक मॉडल के तौर पर नजर आए इसके लिए हर बैंक एवं पैक्स को हर लिहाज से बेहतर बनाना होगा। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आत्मनिर्भर भारत और हरियाणा के विजन को भी हम अपनी अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से पूरा करेंगे।

Friday, November 6, 2020

November 06, 2020

रीजनल इंस्पेक्टर के पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें आवेदन

रीजनल इंस्पेक्टर के पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें आवेदन

चंडीगढ़ : युवाओं के लिए खुशखबरी है खास कर उन युवाओं के लिए जो पुलिस लाइन में जाने की तैयारी कर रहे थे। दरअसल रीजनल इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती निकली है। आप भी आवेदन कर सकते है। बतादे कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने क्षेत्रीय निरीक्षक के 28 पदों को भरने के लिए एक भर्ती अधिसूचना जारी की है। इन पदों पर पात्र उम्मीदवार 03.11.2020 से 28.11.2020 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यहां जारी क्षेत्रीय निरीक्षक (तकनीकी) के पदों की कुल संख्या 28 है। इन पदों पर आवेदन करने के लिए आवेदक की जन्म 02.07.1980 से पहले और 01.07.1999 के बाद का नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि आवेदन करने के बाद आवेदक का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर होगा। जिसके बाद चयनित उम्मीदवारों को 44900 – 142,400 वेतनमान देय है। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 03.11.2020 से 28.11.2020 तक होगी, साथ ही अंतिम प्रविष्टि की समाप्ति तिथि 03.12.2020 है। दरअसल इन पदों पर आवेदन करने के लिए योग्यता ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग / मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन साल का डिप्लोमा और एक साल का अनुभव होना चाहिए। आवेदन करने के लिए आवेदक से आवेदन शुल्क 225 रूपए जनरल / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए, 105 रूपए एससी / एसटी / ईएसएम उम्मीदवारों के लिए और 25 रूपए पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए देय है।
November 06, 2020

निकिता तोमर मर्डर केस:हत्यारों को सजा दिलाने के लिए SIT ने 600 पेज की चार्जशीट बनाई, एक्सपर्ट्स के साथ 5 घंटे सलाह-मशवरा किया

निकिता तोमर मर्डर केस:हत्यारों को सजा दिलाने के लिए SIT ने 600 पेज की चार्जशीट बनाई, एक्सपर्ट्स के साथ 5 घंटे सलाह-मशवरा किया

फरीदाबाद : फरीदाबाद के निकिता तोमर हत्याकांड में आरोपियों को सजा दिलाने की पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। SIT ने 600 पन्नों की चार्जशीट तैयार की है। इसे गुरुवार को तो फाइल नहीं किया जा सका, लेकिन शुक्रवार को फाइल किए जाने की पूरी संभावना है। चार्जशीट में 60-61 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें निकिता की सहेली के बयान को सबसे अहम माना जा रहा है।
26 अक्टूबर को फरीदाबाद के सेक्टर-23 स्थित अपना घर सोसायटी में रह रही हापुड़ मूल के परिवार की बेटी निकिता का कत्ल कर दिया गया था। 21 साल की बेटी निकिता बी-कॉम थर्ड ईयर की छात्रा थी और घटना के वक्त बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज से पेपर देकर बाहर निकली थी। इसी दौरान इकतरफा प्यार में नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के चचेरे भाई तौसीफ ने अपने एक दोस्त रेहान की मदद से कार में निकिता को अगवा करने की कोशिश की। इसी कोशिश में तौसीफ ने निकिता को गोली मार दी थी। पुलिस तौसीफ, रेहान और पिस्तौल उपलब्ध कराने वाले एक अन्य मददगार अजरुद्दीन को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में SIT जांच कर रही है। सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्टट्रैक कोर्ट में किए जाने की मंजूरी दे दी है।
गुरुवार को पुलिस प्रवक्ता आदर्शदीप सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि एसआईटी की चार्जशीट पूरी तरह से तैयार है। एक्सपर्ट से भी जांच-पड़ताल करा ली गई है। इसी प्रक्रिया के चलते गुरुवार को इसे फाइल नहीं किया जा सका, पर शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। पुलिस अधिकारी की मानें तो गुरुवार को पुलिस ने चार्जशीट पुख्ता बनाने के लिए डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी से सलाह की। इसका अध्ययन करने में 4 से 5 घंटे का वक्त लग गया, *इसीलिए गुरुवार को फाइल नहीं हो सकी।*
दूसरी ओर माना जा रहा है कि पुलिस ने चार्जशीट में हत्यारों को फांसी तक पहुंचाने के लिए सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। करीब 600 पेज की चार्जशीट में 60-61 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और इनमें सबसे अहम गवाह निकिता तोमर की वह सहेली है, जिसने हत्यारों से उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया था।
November 06, 2020

गाइडलाइन:दीपावली के दिन केवल 2 घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति, अन्य दिनों रहेगा प्रतिबंध

गाइडलाइन:दीपावली के दिन केवल 2 घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति, अन्य दिनों रहेगा प्रतिबंध

गुरुग्राम : जिला में 14 नवंबर दीवाली के दिन से पहले व बाद में पटाखे व आतिशबाजी चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दीवाली के दिन भी केवल 2 घंटे रात्रि 8 से 10 बजे तक आतिशबाजी की जा सकती है। उसमें भी कम प्रदूषण उत्सर्जन करने वाले या ग्रीन पटाखे ही चलाए जा सकते हैं।
यह आदेश गुरुवार को जिलाधीश एवं उपायुक्त अमित खत्री ने जारी किए हैं। 14 नवंबर को दिवाली के दिन पटाखे व आतिशबाजी चलाने के लिए 8 स्थान निर्धारित किए हैं, जहां पर दिवाली के दिन रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति होगी। इनके अलावा जिला में अन्य स्थानों पर पटाखे व आतिशबाजी आदि चलाना प्रतिबंधित रहेगा।
इन आदेशों के अनुसार दिवाली के दिन अतिशबाजी निर्धारित 8 स्थानों पर ही छोड़ी जा सकती हैं। इनमें सेक्टर-29 का हुडा ग्राउंड, लघु सचिवालय के निकट बेरीवाला बाग, हुडा ग्राउंड सेक्टर-5, सेक्टर-47 में बख्तावर चौक के पास सिटी सेंटर वाले खुले स्थान पर, सोहना में देवी लाल स्टेडियम, पटौदी में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का सेक्टर-1, हैलीमंडी में अग्रवाल धर्मशाला के निकट खाली जगह तथा फर्रूखनगर में पुराना रामलीला ग्राउंड शामिल हैं।
November 06, 2020

मर्डर केस:सिर में गोली लगने के 39 घंटे बाद युवती ने दम तोड़ा, दोस्त से पूछताछ कर स्कैच बनवा रही पुलिस

मर्डर केस:सिर में गोली लगने के 39 घंटे बाद युवती ने दम तोड़ा, दोस्त से पूछताछ कर स्कैच बनवा रही पुलिस

गुरुग्राम : गोली लगने से घायल हुई 26 वर्षीय महिला इंजीनियर पूजा शर्मा ने 39 घंटे वेंटीलेटर पर रहने के बाद गुरुवार दोपहर बाद करीब तीन बजे दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मामले में अब पुलिस मृतक के दोस्त सागर की मदद से स्केच बनवाने में जुटी है। पुलिस ने आसपास क्षेत्र में लगे करीब 10 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रात की फुटेज होने के कारण इनमें केवल वाहनों की हेडलाइट जलती नजर आ रही है। इससे भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
डीसीपी साउथ धीरज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान पूजा शर्मा व सागर मनचंदा के कार्यस्थल पर भी पुलिस ने दौरा किया। इस दौरान दोनों के बारे में जानकारी हासिल की गई। यहां पूछताछ के बाद ऐसा कोई सुराग हाथ नहीं लगा, जिसमें उनकी किसी से रंजिश हो। इसके अलावा परिवार वालों से बातचीत में भी ऐसा कोई क्लू हाथ नहीं लगा है। ऐसे में रंजिश में वारदात को अंजाम देने का कोण सामने नहीं आया है।
November 06, 2020

धोखाधड़ी का मामला:फर्म के फर्जी दस्तावेज के सहारे कारोबार में हिस्सेदार बन महिला से हड़पे करोड़ 7 लाख रुपए

धोखाधड़ी का मामला:फर्म के फर्जी दस्तावेज के सहारे कारोबार में हिस्सेदार बन महिला से हड़पे करोड़ 7 लाख रुपए

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) फर्म के फर्जी दस्तावेज दिखाकर एक व्यक्ति ने सोने व इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में हिस्सेदार बनकर महिला कारोबारी से 1 करोड़ 7 लाख रुपए की राशि हड़प ली। सिविल लाइन थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर कैथल निवासी हितेश गर्ग, चंदन यादव के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। महिला ने पहले एसपी को मामले की शिकायत दी थी। इसके बाद इकोनॉमिक सेल की जांच के बाद यह केस दर्ज किया गया है।
हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी निवासी सुनीता शर्मा ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी भारत कम्यूनिकेशन की नाम से फर्म है। जुलाई 2019 में उनके कार्यालय में चंदन कुमार यादव नाम का एक व्यक्ति आया और उसने बताया कि वह पंचकूला का रहने वाला है और झिरकपुर पंजाब में सोने का कारोबार करता है।
इसके बाद उसने हिस्सेदार बनने की इच्छा जताई और कहा कि अगर वह उनके हिस्सेदार बन जाए तो उसे मोटा मुनाफा होगा। इसके अलावा महिला की जो फर्म इलेक्ट्राॅनिक्स व गारमेंट्स का जो काम करती है उसको भी हिस्सेदारी में चला लेंगे। सुनीता का कहना है कि इस पर वह व्यक्ति के झांसे में आ गई। इस दौरान उसने चंदन कुमार यादव नाम के व्यक्ति के साथ 2 जुलाई 2019 कारोबार में हिस्सेदारी का इकरारनामा कर लिया।
इसके बाद वह उससे 70 लाख रुपए कीमत का इलेक्ट्राॅनिक्स व गारमेंट्स का सामान ले गया। इसके अलावा उससे 37 लाख रुपए की नकदी भी ले गया। रुपए लेने के बाद चंदन यादव गायब हो गया। इसके बाद चंदन यादव की फर्म के दस्तावेजों की जांच की तो फर्म चंदन सिंह यादव के नाम नहीं, बल्कि कैथल निवासी हितेश गोयल के नाम मिली। जब हितेश गोयल से संपर्क किया तो उसने बताया कि उसकी फर्म के कागजात गायब हो गए थे।

मामले की जांच जारी

सिविल लाइन थाना प्रभारी हरिओम का कहना है कि पुलिस ने चंदन यादव व हितेश गोयल नाम के व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है।
November 06, 2020

एसडीएम पर गिरी गाज:रेकी में पीएम व रीडर का नाम आने के तीसरे दिन एसडीएम लाडवा का तबादला, अधिकारी बोले- यह रुटीन ट्रांसफर

एसडीएम पर गिरी गाज:रेकी में पीएम व रीडर का नाम आने के तीसरे दिन एसडीएम लाडवा का तबादला, अधिकारी बोले- यह रुटीन ट्रांसफर

कुरुक्षेत्र : आरटीए व एसडीएम की रैकी कर वाट्सएप पर ट्रांसपोर्टरों को सूचनाएं देने वाले गिरोह के साथ एसडीएम कार्यालय के रीडर व पीएन का नाम सामने आने के तीन दिन बाद एसडीएम लाडवा अनिल यादव का तबादला कर दिया। अब उन्हें हरियाणा टेक्निकल एजुकेशन में डिप्टी सेक्रेटरी लगाया है। उनकी जगह फिलहाल किसी की नियुक्ति नहीं है। कोई आला अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा।
अधिकारियों का तर्क है कि उनका रूटीन में तबादला हुआ है। उधर सीएम फ्लाइंग द्वारा पकड़े गए तीनों आरोपियों को कोर्ट ने ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा है। एसडीएम अनिल यादव पिछले काफी समय से कुरुक्षेत्र में हैं। वे पहले थानेसर एसडीएम रहे थे। इसके बाद उन्हें लाडवा में एसडीएम नियुक्त किया गया। वे पहले से कोरोना पॉजिटिव होने के कारण छुट्टी पर घर में ही आइसोलेट हैं।
यादव के मुताबिक उन्हें तबादले की जानकारी मिली है । सरकार जहां भी नियुक्त करेगी, वहां काम करेंगे। काम में व्यस्त रहने के चलते कभी यह अहसास नहीं हुआ कि कोई उनकी रैकी करता है। न ही कभी रीडर व पीएन के बारे में शिकायत सामने आई थी। उन्हें तो उक्त दोनों का नाम शामिल होने बारे बाद में पता चला।

यह था मामला

बता दें कि सोमवार को सीएम फ्लाइंग ने एसडीएम व आरटीए की रैकी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। यह गिरोह ओवरलोडिंग वाले वाहनों की चेकिंग करने निकलने वाले एसडीएम व आरटीए की गुपचुप सूचना संबंधित ट्रांसपोर्टरों को देता था। लाडवा से होकर रोजाना रेत बजरी के सैकड़ों ट्रक निकलते हैं। जब भी एसडीएम या आरटीए चेकिंग या कहीं और निकलते, तो उक्त गिरोह पहले ही वाट्सएप पर इसकी सूचना सांझी करता। सदस्यों ने कबूला कि उनकी एसडीएम कार्यालय के एक रीडर मनजीत व पीएन प्रवीण से सेटिंग थी। बताया कि जब भी कोई गाड़ी फंसती तो वे रीडर मनजीत व प्रवीण की मदद से उसे छुड़वा लेते थे। उक्त गिरोह के तार पूरे हरियाणा के कई वाट्सएप ग्रुप से जुड़े मिले थे।
डीसी शरणदीप कौर बराड़ के मुताबिक उनके पास एसडीएम अनिल यादव के तबादले के आदेश हैं। उनका रूटीन में तबादला हुआ है। सरकार ही तय करती है कि किस अधिकारी को कहां नियुक्त किया जाए। जांच अधिकारी डीएसपी रविंद्र तोमर के मुताबिक आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ की गई। फिलहाल जांच चल रही है।
November 06, 2020

देश में पहली बार:हरियाणा में प्राइवेट नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75% आरक्षण मिलेगा, विधेयक में फायदे के साथ कानूनी झोल भी

देश में पहली बार:हरियाणा में प्राइवेट नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75% आरक्षण मिलेगा, विधेयक में फायदे के साथ कानूनी झोल भी

चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा ने प्राइवेट सेक्टर में 75% नौकरियां हरियाणा के मूल निवासियों के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव पास किया है। देश में पहली बार प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण देने का प्रस्ताव पास किया गया है। हरियाणा विधानसभा ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस विधेयक में सहूलियत के साथ कुछ झोल भी हैं।
इस प्रस्ताव में तमाम कानूनी अड़चन आ सकती है। हरियाणा में काम कर रहीं कंपनियां इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगी तो कोर्ट इस पर रोक लगा सकती है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बिल पास होने के बाद पत्रकारों से कहा कि हरियाणा के युवाओं के लिए आज ऐतिहासिक दिन है।
उन्होंने कहा कि अब भविष्य में हरियाणा में जो भी नई फैक्ट्रियां अथवा पहले स्थापित कंपनी में नई भर्तियां होंगी, उसमें हरियाणा के युवाओं की 75% नियुक्तियां जरूरी होंगी। बता दें, जजपा ने चुनाव घोषणा पत्र में हरियाणा के लोगों को आरक्षण का वादा किया था।

अभी बाहरियों की नौकरी नहीं जाएगी

डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। आगे होने वाली नियुक्तियां इसी नियम से होंगी।

हरियाणा के इन लोगों को मिलेगा फायदा

हरियाणा सरकार का यह विधेयक 50 हजार रुपए मासिक सैलरी तक ही लागू होगा। इससे ज्यादा वेतन वालों पर इसका असर नहीं होगा। इसका लाभ लेने के लिए हरियाणा का निवास प्रमाणपत्र होना जरूरी होगा। साथ ही जिस पद के लिए वह आवेदन कर रहे हैं, उससे संबंधित योग्यता भी पूरी करनी होगी।

ये कंपनियां आएंगी जद में

राज्य में चल रही उन कंपनियों, सोसाइटी, ट्रस्ट, फर्म पर यह नियम लागू होगा, जिनमें 10 से ज्यादा कर्मचारी हैं। सभी कंपनियों को 3 महीने में सरकार के पोर्टल पर बताना होगा कि उनके यहां 50 हजार तक की तनख्वाह वाले कितने पद हैं और इन पर काम करने वाले कितने लोग हरियाणा के निवासी हैं।
डाटा अपलोड करने तक कंपनियां नए लोगों को नौकरी पर नहीं रख सकती। प्रस्ताव में यह प्रावधान भी है कि कंपनी प्रबंधन चाहे तो एक जिले से 10% से ज्यादा कर्मचारी रखने पर रोक लगा सकते हैं। हर कंपनी को हर तीन महीने में इस कानून को लागू करने की स्टेटस रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।
*नियम तोड़ने पर जुर्माना और सब्सिडी रद्द होगी*
कानून का पालन ना करने वाली कम्पनियों पर इस बिल के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। इसमें अर्थदंड और सब्सिडी रद्द की जा सकती है। यह कानून अगले 10 साल तक लागू रहेगा।

विधेयक में यह झोल भी है

विधेयक के अनुसार- किसी पद के लिए स्किल्ड कर्मचारी ना मिलने पर आरक्षण कानून में छूट दी जा सकती है। इस बारे में निर्णय जिला उपायुक्त या उससे उच्च स्तर के अधिकारी लेंगे। SDM या इससे उच्च स्तर के अधिकारी कानून लागू कराने की जांच के लिए डाटा ले सकेंगे और कंपनी परिसर में भी जा सकेंगे। इसमें झोल यह है कि कंपनी प्रबंधन अफसरों से मिलीभगत करके स्किल्ड आवेदक न मिलने का बहाना करके गैर हरियाणवियों को जॉब दे सकती है।

गुरुग्राम-फरीदाबाद में क्या होगा

हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे दिल्ली से लगे जिलों में कई मल्टीनेशनल कंपनियों के प्लांट हैं। इनमें देश-दुनिया के लाखों लोग नौकरी करते हैं। इस विधेयक से सबसे ज्यादा फर्क इन कंपनियों पर पड़ेगा। यह इलाके हरियाणा का हिस्सा होने के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर का भी अंग हैं। ऐसे में यहां यह नियम हरियाणा सरकार कैसे लागू कराएगी, यह भी बड़ा सवाल है।